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POCSO जांचें चाइल्ड-फ्रेंडली होनी चाहिए, जांचकर्ताओं को संवेदनशील बनाएं ताकि बिना किसी शक के सच सामने आए: गुवाहाटी हाईकोर्ट
POCSO जांचें चाइल्ड-फ्रेंडली होनी चाहिए, जांचकर्ताओं को संवेदनशील बनाएं ताकि 'बिना किसी शक के सच सामने आए': गुवाहाटी हाईकोर्ट

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण एक्ट (POCSO Act) के तहत जांच संवेदनशीलता और चाइल्ड-फ्रेंडली प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन करते हुए की जानी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि काउंसलिंग सपोर्ट न देना, सपोर्ट पर्सन नियुक्त न करना और साफ़, विशिष्ट बयान रिकॉर्ड न करना न्याय के मकसद को ही खत्म कर सकता है। कोर्ट ने चेतावनी दी कि खराब या लापरवाही से की गई जांच न केवल आरोपी के साथ अन्याय करती है, बल्कि ऐसे मामलों में भी बरी होने का कारण बन सकती है जहां अपराध हुआ हो।जस्टिस...

राजनीति से प्रेरित: सोनिया गांधी ने भारतीय नागरिकता हासिल करने से पहले वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने पर FIR की याचिका का विरोध किया
'राजनीति से प्रेरित': सोनिया गांधी ने भारतीय नागरिकता हासिल करने से पहले वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने पर FIR की याचिका का विरोध किया

कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने दिल्ली कोर्ट में याचिका का विरोध किया, जिसमें मजिस्ट्रेट कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई। उक्त आदेश में 1980 की चुनावी सूची में भारतीय नागरिकता मिलने से तीन साल पहले कथित तौर पर जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके अपना नाम जुड़वाने के लिए उनके खिलाफ FIR दर्ज करने से इनकार किया गया था।गांधी ने कहा कि यह याचिका राजनीतिक रूप से प्रेरित, पूरी तरह से गलत, तुच्छ और कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है।यह आपराधिक पुनरीक्षण याचिका विकास त्रिपाठी ने गांधी के खिलाफ आपराधिक...

2021 से नियुक्त सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के तीन-चौथाई जज ऊंची जातियों के: कानून मंत्रालय ने संसद में बताया
2021 से नियुक्त सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के तीन-चौथाई जज ऊंची जातियों के: कानून मंत्रालय ने संसद में बताया

केंद्रीय कानून मंत्रालय ने बुधवार को राज्यसभा सांसद पी. विल्सन के सवाल के लिखित जवाब में संसद को बताया कि 1 जनवरी, 2021 से 30 जनवरी, 2026 के बीच सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में नियुक्त लगभग तीन-चौथाई जज ऊंची जातियों के हैं।सरकार द्वारा साझा किए गए डेटा के अनुसार, इस अवधि के दौरान विभिन्न हाईकोर्ट में नियुक्त 593 जजों में से 157 अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग या अल्पसंख्यक समुदायों से थे, जबकि बाकी नियुक्तियां सामान्य या उच्च जाति वर्ग से थीं। प्रतिशत के हिसाब से पिछले पांच सालों...

पूरी तरह से गलत: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ट्रायल जजों द्वारा आदेशों में सुप्रीम कोर्ट के जजों के नाम लिखने की प्रथा की निंदा की
'पूरी तरह से गलत': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ट्रायल जजों द्वारा आदेशों में सुप्रीम कोर्ट के जजों के नाम लिखने की प्रथा की निंदा की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ़्ते ट्रायल कोर्ट के जजों द्वारा सुप्रीम कोर्ट के किसी फैसले का हवाला देते समय अपने आदेशों में सुप्रीम कोर्ट के जजों के नाम लिखने की प्रथा की निंदा की।कोर्ट ने इस सिस्टम को "पूरी तरह से गलत" बताया और कहा कि इसकी सराहना नहीं की जा सकती। इसने न्यायिक अधिकारियों को याद दिलाया कि उनके आदेशों में केवल हवाला, केस नंबर और संबंधित टेक्स्ट ही उद्धृत किया जाना चाहिए।जस्टिस समित गोपाल की बेंच ने अपने आदेश में कहा,"यह याद दिलाया जाता है कि फैसले का हवाला देते समय केवल उसका हवाला...

अर्ध-न्यायिक प्राधिकरणों के पास समीक्षा की शक्ति नहीं होती, जब तक कि कानून द्वारा उन्हें यह शक्ति न दी गई हो: सुप्रीम कोर्ट
अर्ध-न्यायिक प्राधिकरणों के पास समीक्षा की शक्ति नहीं होती, जब तक कि कानून द्वारा उन्हें यह शक्ति न दी गई हो: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (6 फरवरी) को कहा कि अर्ध-न्यायिक प्राधिकरणों को समीक्षा क्षेत्राधिकार का प्रयोग करने का अधिकार नहीं है, जब तक कि कानून द्वारा उन्हें ऐसा करने का अधिकार न दिया गया हो।जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की बेंच ने कलकत्ता हाईकोर्ट का फैसला पलट दिया, जिसमें राजस्व अधिकारी द्वारा समीक्षा क्षेत्राधिकार के प्रयोग को सही ठहराया गया। कोर्ट ने कहा कि राज्य मंत्री के निर्देशों के अनुसार, प्रतिवादी के पक्ष में विवादित भूमि का हस्तांतरण अस्वीकार्य था, खासकर तब जब...

बिना आरोप वाले लोगों के बैंक अकाउंट मनमाने तरीके से फ्रीज करना आर्टिकल 19(1)(g), 21 का उल्लंघन: दिल्ली हाईकोर्ट
बिना आरोप वाले लोगों के बैंक अकाउंट मनमाने तरीके से फ्रीज करना आर्टिकल 19(1)(g), 21 का उल्लंघन: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि बैंक अकाउंट को पूरी तरह और गलत तरीके से फ्रीज करना, खासकर जब अकाउंट होल्डर न तो आरोपी हो और न ही संदिग्ध, तो यह "पूरी तरह से मनमाना" है और भारत के संविधान के आर्टिकल 21 और 19(1)(g) का उल्लंघन करता है।जस्टिस पुरुशैन्द्र कुमार कौरव ने कहा,“बैंक अकाउंट को पूरी तरह या गलत तरीके से फ्रीज करना, खासकर जब अकाउंट होल्डर जांच के तहत अपराध में न तो आरोपी हो और न ही संदिग्ध, तो यह पूरी तरह से मनमाना है। भारत के संविधान के आर्टिकल 19(1)(g) और 21 के तहत मौलिक अधिकारों के खिलाफ है,...

हाईकोर्ट ने टेक्नीशियन पद के लिए BMRD डिग्री को शामिल न करने पर यूपी एक्स-रे नियमों की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी की
हाईकोर्ट ने टेक्नीशियन पद के लिए BMRD डिग्री को शामिल न करने पर 'यूपी एक्स-रे नियमों' की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी की

इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने पिछले हफ्ते एडवोकेट जनरल को याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें उत्तर प्रदेश एक्स-रे टेक्नीशियन सेवा नियम, 1986 की वैधता को चुनौती दी गई, जो वर्तमान में डिग्री धारकों को एक्स-रे टेक्नीशियन के पद पर नियुक्ति से बाहर रखता है।मामले पर विचार के लिए पहली नज़र में मामला पाते हुए जस्टिस संगीता चंद्रा और जस्टिस अमिताभ कुमार राय की बेंच ने मामले को 27 फरवरी के लिए सूचीबद्ध किया।संक्षेप में मामलायह रिट याचिका 4 उम्मीदवारों द्वारा दायर की गई, जिनके पास बैचलर ऑफ मेडिकल...

सुप्रीम कोर्ट ने SEZ के लिए अडानी पोर्ट्स को अलॉट की गई 108 हेक्टेयर गौचर ज़मीन की रिकवरी का आदेश रद्द किया
सुप्रीम कोर्ट ने SEZ के लिए अडानी पोर्ट्स को अलॉट की गई 108 हेक्टेयर गौचर ज़मीन की रिकवरी का आदेश रद्द किया

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में गुजरात हाईकोर्ट का आदेश रद्द किया, जिसमें राज्य को कच्छ में 108-22-35 हेक्टेयर ज़मीन वापस लेने का निर्देश दिया गया था, जिसे स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन के विकास के लिए अडानी पोर्ट्स को अलॉट किया गया।जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अतुल चंदुरकर की बेंच ने इस मामले को नए सिरे से विचार करने के लिए गुजरात हाईकोर्ट को वापस भेज दिया।यह मामला 2011 में दायर एक PIL से शुरू हुआ, जिसमें कच्छ के गोयारसमा, नविनाल और लुनी गांवों में गौचर के लिए ग्राम पंचायतों को पहले अलॉट की गई ज़मीन को...

आर्टिकल 370 फिल्म को लेकर डायरेक्टर आदित्य धर के खिलाफ मानहानि की कार्यवाही पर लगी रोक
'आर्टिकल 370' फिल्म को लेकर डायरेक्टर आदित्य धर के खिलाफ मानहानि की कार्यवाही पर लगी रोक

जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने फिल्म निर्माता आदित्य धर और अन्य के खिलाफ फीचर फिल्म आर्टिकल 370 से जुड़े आपराधिक मानहानि मामले में आगे की कार्यवाही पर रोक लगाई।यह आदेश जस्टिस मोक्षा खजूरिया काज़मी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 528 के तहत दायर याचिका पर दिया, जिसमें आपराधिक शिकायत के साथ-साथ श्रीनगर के फॉरेस्ट मजिस्ट्रेट द्वारा पारित आदेश को चुनौती दी गई, जिसके तहत डायरेक्टर के खिलाफ प्री-कॉग्निजेंस समन जारी किए गए।यह कार्यवाही गुलाम मोहम्मद शाह द्वारा दायर आपराधिक...

दिल्ली कोर्ट ने सागर धनखड़ मर्डर केस में ओलंपियन पहलवान सुशील कुमार को जमानत देने से किया इनकार
दिल्ली कोर्ट ने सागर धनखड़ मर्डर केस में ओलंपियन पहलवान सुशील कुमार को जमानत देने से किया इनकार

दिल्ली कोर्ट ने शुक्रवार को 27 साल के पूर्व जूनियर नेशनल रेसलिंग चैंपियन सागर धनखड़ की मई 2021 में हुई हत्या के मामले में ओलंपिक पहलवान सुशील कुमार को जमानत देने से इनकार किया।रोहिणी कोर्ट के एडिशनल सेशंस जज सुशील कुमार ने ओलंपियन पर लगे आरोपों की गंभीरता और इस बात को देखते हुए जमानत याचिका खारिज की कि पिछले साल अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत रद्द की थी।जज ने कहा,"...यह कोर्ट आवेदक/आरोपी सुशील कुमार द्वारा दायर जमानत याचिका को मंजूर करने के पक्ष में नहीं है। इसलिए इसे खारिज किया जाता है।...

सुप्रीम कोर्ट में न्यायिक अधिकारियों को प्रॉसिक्यूशन निदेशालय का प्रमुख बनने की अनुमति देने वाले BNSS के प्रावधानों को चुनौती
सुप्रीम कोर्ट में न्यायिक अधिकारियों को प्रॉसिक्यूशन निदेशालय का प्रमुख बनने की अनुमति देने वाले BNSS के प्रावधानों को चुनौती

प्रैक्टिसिंग वकील ने सुप्रीम कोर्ट में एक रिट याचिका दायर की, जिसमें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) की धारा 20(2)(a) और 20(2)(b) की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई, जो न्यायिक अधिकारियों को प्रॉसिक्यूशन निदेशक, उप निदेशक या सहायक निदेशक के रूप में नियुक्त करने की अनुमति देती है।याचिका में कहा गया कि ये प्रावधान न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच संवैधानिक रूप से अनिवार्य अलगाव को धुंधला करते हैं, और प्रॉसिक्यूशन की स्वायत्तता को कमजोर करते हैं।याचिका में आगे कहा गया,"सेवारत या रिटायर...

क्या आरोपी के बरी होने पर न्यूज़ रिपोर्ट डिलीट कर देनी चाहिए? सुप्रीम कोर्ट करेगा राइट टू बी फॉरगॉटन के दायरे की जांच
क्या आरोपी के बरी होने पर न्यूज़ रिपोर्ट डिलीट कर देनी चाहिए? सुप्रीम कोर्ट करेगा 'राइट टू बी फॉरगॉटन' के दायरे की जांच

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि इंडियन एक्सप्रेस के डिजिटल प्लेटफॉर्म को मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूर्व बैंकर की गिरफ्तारी से जुड़ी कुछ न्यूज़ रिपोर्ट हटाने का दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश दूसरे मामलों में मिसाल के तौर पर लागू नहीं होगा।जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुयान की बेंच IE ऑनलाइन मीडिया सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई, जिसमें बैंकर के अपराध से बरी होने के बाद कुछ आर्टिकल हटाने और डी-इंडेक्स करने का...

सुप्रीम कोर्ट ने कंटेम्प्ट सज़ा के खिलाफ़ इंट्रा-कोर्ट अपील की मांग वाली वकील की रिट पिटीशन खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने कंटेम्प्ट सज़ा के खिलाफ़ इंट्रा-कोर्ट अपील की मांग वाली वकील की रिट पिटीशन खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने वकील मैथ्यू जे नेदुम्परा की रिट पिटीशन पर सुनवाई करने से मना किया, जिसमें उन्होंने 2019 में एक क्रिमिनल कंटेम्प्ट केस में उनकी सज़ा के खिलाफ़ इंट्रा-कोर्ट अपील की इजाज़त देने के लिए निर्देश मांगे थे। कोर्ट ने कहा कि कोऑर्डिनेट बेंच के फैसले को चुनौती देने के लिए रिट पिटीशन मेंटेनेबल नहीं हो सकती।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच आर्टिकल 32 के तहत एक रिट पिटीशन पर सुनवाई कर रही थी।खास बात यह है कि 2019 में जस्टिस आरएफ नरीमन की अगुवाई वाली बेंच...

सिंगल जज ने स्टूडेंट को लड़कियों के साथ दुर्व्यवहार नहीं करूंगा का पोस्टर दिखाने का दिया आदेश, हाईकोर्ट ने किया रद्द
सिंगल जज ने स्टूडेंट को 'लड़कियों के साथ दुर्व्यवहार नहीं करूंगा' का पोस्टर दिखाने का दिया आदेश, हाईकोर्ट ने किया रद्द

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को एक सिंगल जज का निर्देश रद्द किया, जिसमें यूनिवर्सिटी से निकाले गए एक स्टूडेंट को 30 मिनट (30 दिनों के लिए) यूनिवर्सिटी गेट पर एक पोस्टर लेकर खड़े होने के लिए कहा गया, जिस पर लिखा था कि वह "कभी किसी लड़की के साथ दुर्व्यवहार नहीं करेगा"।इस निर्देश को अनुचित और अपमानजनक बताते हुए चीफ जस्टिस अरुण भंसाली और जस्टिस क्षितिज शैलेंद्र की बेंच ने कहा कि ऐसी सज़ा छात्र के चरित्र पर "स्थायी दाग" छोड़ देगी।संक्षेप में मामलाबेंच स्टूडेंट द्वारा दायर रिट याचिका में अक्टूबर में...

हाईकोर्ट ने दिल्ली ज्यूडिशियल सर्विसेज एग्जाम 2023 के फाइनल रिजल्ट में बदलाव करने से इनकार किया, कहा- दखल देने से आ सकती है मामलों की बाढ़
हाईकोर्ट ने दिल्ली ज्यूडिशियल सर्विसेज एग्जाम 2023 के फाइनल रिजल्ट में बदलाव करने से इनकार किया, कहा- दखल देने से आ सकती है मामलों की बाढ़

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली ज्यूडिशियल सर्विसेज एग्जामिनेशन, 2023 के फाइनल रिजल्ट में बदलाव की मांग वाली याचिका खारिज की। कोर्ट ने कहा कि न्यायिक दखल से बाढ़ आ सकती है, जिससे कई तरह के नतीजे हो सकते हैं और यह प्रक्रिया बेकार हो जाएगी।जस्टिस सी हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की डिवीजन बेंच ने कहा कि अदालतों को संयम बरतना चाहिए और शैक्षणिक और मूल्यांकन मामलों के रेगुलेशन में जांच अधिकारियों को उचित छूट देनी चाहिए।कोर्ट ने कहा कि भले ही व्यक्तिगत शिकायतें हो सकती हैं, लेकिन समाधान करते समय चयन...

चाइल्ड कस्टडी दिशानिर्देश | दिल्ली हाईकोर्ट ने पेरेंटिंग प्लान के लिए PIL को प्रशासनिक पक्ष को भेजा, समिति नीति पर फैसला करेगी
चाइल्ड कस्टडी दिशानिर्देश | दिल्ली हाईकोर्ट ने 'पेरेंटिंग प्लान' के लिए PIL को प्रशासनिक पक्ष को भेजा, समिति नीति पर फैसला करेगी

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को एक PIL याचिकाकर्ता से, जिसने संरचित 'बाल पहुंच और कस्टडी दिशानिर्देश' और 'पेरेंटिंग प्लान' बनाने की मांग की, इस मुद्दे पर नीति बनाने के लिए हाईकोर्ट के प्रशासनिक पक्ष से संपर्क करने को कहा।चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने इस तरह आयुष्मान इनिशिएटिव फॉर चाइल्ड राइट्स और एकम न्याय फाउंडेशन द्वारा दायर PIL याचिका का निपटारा यह देखते हुए किया कि इस मामले पर हाई कोर्ट की उचित समिति द्वारा विचार किया जाना था।कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को दो...

दिल्ली हाईकोर्ट ने NCRB पोर्टल पर नॉन-FIR शिकायत डेटा, पेंडिंग और तय कोर्ट केस के इंटीग्रेशन की मांग की
दिल्ली हाईकोर्ट ने NCRB पोर्टल पर नॉन-FIR शिकायत डेटा, पेंडिंग और तय कोर्ट केस के इंटीग्रेशन की मांग की

दिल्ली हाईकोर्ट ने नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) पोर्टल पर उन शिकायत मामलों के डेटा को इंटीग्रेट करने की मांग की, जिनमें FIR दर्ज नहीं होती, साथ ही उन मामलों को भी जो सक्षम अदालतों में पेंडिंग हैं या तय हो चुके हैं।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस मधु जैन की डिवीजन बेंच ने NCRB के डायरेक्टर और नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) के DDG से स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा कि क्या NCRB पोर्टल पर उक्त डेटा को इंटीग्रेट करने के लिए कोई कदम उठाए गए।इस डेटा में जेल में बंद कैदियों के खिलाफ पेंडिंग...

नोएडा टेक्नीशियन की मौत का मामले में विज़टाउन प्लानर्स के निदेशक की तत्काल रिहाई का आदेश
नोएडा टेक्नीशियन की मौत का मामले में विज़टाउन प्लानर्स के निदेशक की तत्काल रिहाई का आदेश

इलाहाबाद हाइकोर्ट ने गुरुवार को नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत से जुड़े मामले में बड़ा आदेश देते हुए एमज़ेड विज़टाउन प्लानर्स के निदेशक अभय कुमार को तत्काल रिहा करने का निर्देश दिया।कोर्ट ने कहा कि अभय कुमार की गिरफ्तारी हाईकोर्ट के हालिया फैसले और निर्धारित प्रक्रिया का उल्लंघन करते हुए की गई।जस्टिस सिद्धार्थ और जस्टिस जय कृष्ण उपाध्याय की खंडपीठ ने पाया कि अभय कुमार की गिरफ्तारी उमंग रस्तोगी एवं अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले में दिए गए निर्णय के विपरीत की गई। विशेष रूप...

S.53A CrPC | पटना हाईकोर्ट ने यौन अपराध के मामलों में आरोपी का मेडिकल जांच करने के लिए पुलिस को संवेदनशील बनाने को कहा
S.53A CrPC | पटना हाईकोर्ट ने यौन अपराध के मामलों में आरोपी का मेडिकल जांच करने के लिए पुलिस को संवेदनशील बनाने को कहा

पटना हाइकोर्ट ने दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 53ए को भूला हुआ प्रावधान बताते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि पुलिस को संवेदनशील बनाया जाए ताकि यौन अपराध के मामलों में आरोपी की गिरफ्तारी के तुरंत बाद उसका मेडिकल टेस्ट कराया जाए। कोर्ट ने चेतावनी दी कि ऐसा न होने पर जांच में गंभीर और अपूरणीय खामियां रह जाती हैं।जस्टिस बिबेक चौधरी और जस्टिस अंसुल की खंडपीठ IPC की धारा 376 और POCSO Act की धारा 6 के तहत आजीवन कारावास से दंडित आरोपी की आपराधिक अपील पर सुनवाई कर रही थी।अभियोजन के अनुसार वर्ष 2016...