हाईकोर्ट

Punjab Police Rules| राज्य पुलिस अधिकारी को एक महीने से ज़्यादा सश्रम कारावास की सज़ा सुनाए जाने पर बर्खास्तगी के अलावा कोई और सज़ा नहीं दे सकता: पंजाब- हरियाणा हाईकोर्ट
Punjab Police Rules| राज्य पुलिस अधिकारी को एक महीने से ज़्यादा सश्रम कारावास की सज़ा सुनाए जाने पर बर्खास्तगी के अलावा कोई और सज़ा नहीं दे सकता: पंजाब- हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब पुलिस नियम (हरियाणा में लागू) (PPR) की विस्तृत व्याख्या करते हुए एक फैसले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार उन मामलों में सेवा से बर्खास्तगी के अलावा कोई और सज़ा नहीं दे सकती, जहां किसी पुलिस अधिकारी को एक महीने से ज़्यादा सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई गई हो। अदालत ने ज़ोर देकर कहा कि नियम ऐसी परिस्थितियों में अनुशासनात्मक प्राधिकारी को कोई विवेकाधिकार नहीं देते।जस्टिस जगमोहन बंसल ने उप-नियम (2) PPR 16.2 (2) का हवाला देते हुए कहा,"यदि किसी रजिस्टर्ड पुलिस अधिकारी को एक...

सिखों के खिलाफ टिप्पणी मामले में हाईकोर्ट ने राहुल गांधी को राहत देने से किया इनकार
सिखों के खिलाफ टिप्पणी मामले में हाईकोर्ट ने राहुल गांधी को राहत देने से किया इनकार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) द्वारा दायर याचिका खारिज की, जिसमें उन्होंने वाराणसी कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें अमेरिका यात्रा के दौरान सिखों पर की गई कथित टिप्पणियों को लेकर उनके खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग वाली याचिका पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया गया।जस्टिस समीर जैन की पीठ ने ट्रायल पुनर्विचार कोर्ट के आदेश में कोई अवैधता नहीं पाई और मामले को संबंधित मजिस्ट्रेट के पास वापस भेज दिया।सिंगल जज ने कहा,"...ऐसा प्रतीत होता है कि संबंधित मजिस्ट्रेट...

राम रहीम मामला: क्या 2017 पंचकूला डेरा हिंसा में हरियाणा सरकार की मिलीभगत थी? हाईकोर्ट में हुई सुनवाई
राम रहीम मामला: 'क्या 2017 पंचकूला डेरा हिंसा में हरियाणा सरकार की मिलीभगत थी?' हाईकोर्ट में हुई सुनवाई

2017 में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को बलात्कार मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद पंचकूला में हुई हिंसा (25 अगस्त 2017) में 32 लोगों की मौत हुई और लगभग ₹118 करोड़ की संपत्ति नष्ट हुई। अब हाईकोर्ट इस पर सुनवाई करेगा कि क्या हरियाणा सरकार ने भीड़ रोकने में नाकामी दिखाई या डेरे समर्थकों को राजनीतिक कारणों से मदद दी।चीफी जस्टिस शील नागू, जस्टिस स. भारद्वाज और जस्टिसि क्रम अग्रवाल की खंडपीठ अमिकस क्यूरी सीनियर एडवोकेट अनुपम गुप्ता की दलीलें सुन रही थी। उन्होंने कोर्ट से आग्रह किया कि 2017...

पति और बच्चे पत्नी/माँ का रखरखाव करने के कानूनी और नैतिक जिम्मेदार: मद्रास हाईकोर्ट
पति और बच्चे पत्नी/माँ का रखरखाव करने के कानूनी और नैतिक जिम्मेदार: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में मदुरै की फैमिली कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा है, जिसमें पति और बेटों को पत्नी/मां को ₹21,000 प्रतिमाह भरण-पोषण देने का निर्देश दिया गया था।जस्टिस शमीम अहमद ने कहा कि किसी पुरुष का अपनी पत्नी और मां का जीवनभर भरण-पोषण करना उसका कानूनी और नैतिक कर्तव्य है। यह दायित्व इसलिए है ताकि मां और पत्नी वृद्धावस्था में सम्मान और देखभाल के साथ जीवन जी सकें।अदालत ने कहा कि यह जिम्मेदारी केवल आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि मां के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक भी है, जिन्होंने...

दिल्ली हाईकोर्ट में संजय कपूर की संपत्तियों का सील्ड कवर में खुलासा, प्रिया कपूर और करिश्मा कपूर के बच्चों ने मीडिया में लीक न करने का दिया आश्वासन
दिल्ली हाईकोर्ट में संजय कपूर की संपत्तियों का सील्ड कवर में खुलासा, प्रिया कपूर और करिश्मा कपूर के बच्चों ने मीडिया में लीक न करने का दिया आश्वासन

प्रिया कपूर स्वर्गीय उद्योगपति संजय कपूर की पत्नी, और उनकी पूर्व पत्नी करिश्मा कपूर के बच्चे जिन्होंने अपने पिता की संपत्ति में हिस्सेदारी के लिए मुकदमा दायर किया, ने शुक्रवार (26 सितंबर) को दिल्ली हाईकोर्ट में कहा कि वे या उनके वकील इस मामले में कोई भी बयान मीडिया में नहीं देंगे और न ही कोई जानकारी लीक करेंगे।अदालती सुनवाई में प्रिया कपूर ने लंबित मुकदमे में यह आवेदन दायर किया कि उनके दिवंगत पति की व्यक्तिगत संपत्तियों और देनदारियों की सूची सील्ड कवर में दाखिल की जाए और सभी पक्ष गोपनीयता बनाए...

क्या AFT को मिल सकता है संविधानिक वैधता पर फैसला सुनाने का अधिकार? दिल्ली हाईकोर्ट ने फुल बेंच को सौंपी बड़ी बहस
क्या AFT को मिल सकता है संविधानिक वैधता पर फैसला सुनाने का अधिकार? दिल्ली हाईकोर्ट ने फुल बेंच को सौंपी बड़ी बहस

दिल्ली हाईकोर्ट की फुल बेंच यह तय करेगी कि आर्म्ड फोर्सेज़ ट्रिब्यूनल (AFT) को AFT Act के अलावा अन्य वैधानिक कानूनों की संवैधानिक वैधता पर निर्णय देने का अधिकार है या नहीं।जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने इस सवाल को तीन जजों वाली फुल बेंच के पास भेजा है।फुल बेंच यह भी देखेगी कि हाईकोर्ट की पूर्व की तीन जजों वाली बेंच का फैसला क्या AFT को नेवी एक्ट जैसी अन्य वैधानिक व्यवस्थाओं की संवैधानिकता पर विचार करने का अधिकार देता है। इसके साथ ही यह सवाल भी तय होगा कि यदि इस...

कैश फॉर क्वेरी मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने महुआ मोइत्रा की अर्जी पर तत्काल आदेश देने से किया इनकार
कैश फॉर क्वेरी मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने महुआ मोइत्रा की अर्जी पर तत्काल आदेश देने से किया इनकार

दिल्ली हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस नेता महुआ मोइत्रा की उस अर्जी पर कोई तत्काल आदेश पारित करने से इनकार किया, जिसमें उन्होंने मांग की कि लोकपाल में उनके खिलाफ लंबित कार्यवाही के दौरान भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को छह अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में न सुना जाए।मोइत्रा ने यह प्रार्थना इस आधार पर की कि दुबे ने लोकपाल की कार्यवाही से संबंधित गोपनीय सूचनाएं और दस्तावेज़ मीडिया में लीक किए।जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने कहा कि इस स्तर पर मोइत्रा की अर्जी पर कोई आदेश...

न्यायपालिका पर आपत्तिजनक टिप्पणी: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने श्रीनगर SSP को लगाई फटकार
न्यायपालिका पर आपत्तिजनक टिप्पणी: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने श्रीनगर SSP को लगाई फटकार

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख हाईकोर्ट ने निरोधात्मक हिरासत आदेश रद्द करते हुए श्रीनगर के तत्कालीन SSP इम्तियाज़ हुसैन की कड़ी निंदा की। अदालत ने कहा कि SSP द्वारा तैयार किए गए डोज़ियर में न्यायपालिका के खिलाफ़ की गई टिप्पणियां अवमाननापूर्ण और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने वाली हैं।जस्टिस मोक्ष खजूरिया काज़मी की सिंगल बेंच ने पाया कि SSP ने अपने डोज़ियर में लिखा था,"जब भी विषय (हिरासत में लिए गए व्यक्ति) को गिरफ़्तार किया गया, उसने अदालत से जमानत ले ली या हिरासत आदेश को चुनौती दी, क्योंकि वह प्रभाव...

सिर्फ़ संदेह के आधार पर जनप्रतिनिधि को निलंबित करना जनता के हितों के विपरीत : राजस्थान हाईकोर्ट
सिर्फ़ संदेह के आधार पर जनप्रतिनिधि को निलंबित करना जनता के हितों के विपरीत : राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने जैतारण नगरपालिका बोर्ड के चेयरमैन का निलंबन आदेश रद्द करते हुए कहा कि निर्वाचित जनप्रतिनिधि को बिना ठोस आरोप या प्रमाण के केवल संदेह या शिकायत के आधार पर निलंबित करना न केवल उसे चुनने वाली जनता की इच्छा के खिलाफ़ है, बल्कि उसके स्वयं के हितों को भी नुकसान पहुंचाता है।जस्टिस कुलदीप माथुर की सिंगल बेंच ने कहा कि जनप्रतिनिधि से अपेक्षा की जाती है कि वे शासकीय अधिकारियों की सलाह और रिपोर्ट के आधार पर कार्य करें। यदि कोई फ़ाइल अधिकारियों द्वारा जांच-परख कर रखी जाती है तो सामान्य...

दिल्ली हाईकोर्ट ने समीर वानखेडे के Ba*ds of Bollywood पर मानहानि मामले की सुनवाई योग्यता पर उठाए सवाल
दिल्ली हाईकोर्ट ने समीर वानखेडे के Ba*ds of Bollywood पर मानहानि मामले की सुनवाई योग्यता पर उठाए सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार (26 सितंबर) को आईआरएस अधिकारी समीर वानखेडे से सवाल किया कि उनका नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज Ba**ds of Bollywood जिसे आर्यन खान ने निर्देशित किया, में कथित अपमानजनक प्रस्तुति के खिलाफ दायर मानहानि मुकदमा दिल्ली में कैसे योग्य ठहरता है।सुनवाई की शुरुआत में जस्टिस पुरुषिंद्र कुमार कौरव ने वानखेडे के सीनियर एडवोकेट संदीप सेठी से मुकदमे की वजह पूछी। सेठी ने कोर्ट को बताया कि वेब सीरीज पूरे देश में उपलब्ध है और दिल्ली में भी इसे देखा जा सकता है। साथ ही इस पर बनाए गए मेम्स विशेष...

परंजय गुहा ठाकुरता पर अडानी ग्रुप की रिपोर्टिंग रोकने वाला गैग ऑर्डर लागू नहीं होगा: दिल्ली कोर्ट
परंजय गुहा ठाकुरता पर अडानी ग्रुप की रिपोर्टिंग रोकने वाला गैग ऑर्डर लागू नहीं होगा: दिल्ली कोर्ट

दिल्ली की रोहिणी कोर्ट ने गुरुवार (25 सितम्बर) को कहा कि सीनियर जर्नालिस्ट परंजय गुहा ठाकुरता पर अडानी एंटरप्राइजेज से जुड़ी रिपोर्टिंग को रोकने वाला एकपक्षीय गैग ऑर्डर तब तक लागू नहीं होगा, जब तक सीनियर सिविल जज इस मामले में नए आदेश पारित नहीं कर देते।डिस्ट्रिक्ट जज सुनील चौधरी ने स्पष्ट किया,"ठाकुरता फिलहाल इस आदेश का पालन करने के लिए बाध्य नहीं हैं। उन्हें भी अन्य पत्रकारों के साथ 26 सितम्बर को दोपहर 2 बजे सीनियर सिविल जज के समक्ष सुनवाई में शामिल किया जाएगा। अदालत ने कहा कि सीनियर सिविल जज...

सोशल मीडिया की टिप्पणियां हमें चुटकी भर नमक की तरह स्वीकार: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट
सोशल मीडिया की टिप्पणियां हमें चुटकी भर नमक की तरह स्वीकार: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि अदालतों की कार्यवाही के लाइव-स्ट्रीम से बनाए गए रील्स और मीम्स के जरिए न्यायपालिका पर की जाने वाली सोशल मीडिया टिप्पणियों को नियंत्रित करना संभव नहीं है। अदालत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे कमेंट्स को वह चुटकी भर नमक के साथ लेती है और इनके साथ जीना सीख लिया है।चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सारफ की खंडपीठ जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता एडवोकेट अरिहंत तिवारी ने दलील दी कि लाइव-स्ट्रीम कार्यवाही से बने वीडियो और मीम्स लोगों को न्यायपालिका...

COVID के दौरान सीमा अवधि बढ़ाने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश PMLA के तहत कुर्की की कार्यवाही पर भी लागू: दिल्ली हाईकोर्ट
COVID के दौरान सीमा अवधि बढ़ाने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश PMLA के तहत कुर्की की कार्यवाही पर भी लागू: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि COVID-19 महामारी के मद्देनजर सीमा अवधि बढ़ाने के सुप्रीम कोर्ट के स्वतःसंज्ञान से दिए गए निर्देश PMLA की धारा 8 के तहत न्यायिक प्रक्रिया और संपत्तियों की कुर्की की पुष्टि पर भी लागू होते हैं।जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने कहा:“यह स्पष्ट है कि सीमा अवधि विस्तार के लिए संज्ञान (सुप्रा) के संबंध में माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उद्देश्य न्यायिक और अर्ध-न्यायिक कार्यवाहियों के संबंध में सभी सामान्य और विशेष कानूनों के तहत...

क्या अब UCC लागू करने का समय नहीं आ गया?: दिल्ली हाईकोर्ट ने बाल विवाह की आपराधिकता पर इस्लामी और भारतीय कानूनों में मतभेदों की ओर इशारा किया
'क्या अब UCC लागू करने का समय नहीं आ गया?': दिल्ली हाईकोर्ट ने बाल विवाह की आपराधिकता पर इस्लामी और भारतीय कानूनों में मतभेदों की ओर इशारा किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने बाल विवाह की वैधता और आपराधिकता पर इस्लामी और भारतीय कानूनों में मतभेदों की ओर इशारा करते हुए कहा, "क्या अब समान नागरिक संहिता (UCC) की ओर बढ़ने का समय नहीं आ गया?"जस्टिस अरुण मोंगा ने इसे "बार-बार होने वाला विवाद" बताते हुए कहा कि इस्लामी कानून के तहत यौवन प्राप्त करने वाली नाबालिग लड़की कानूनी रूप से विवाह कर सकती है। हालांकि, भारतीय आपराधिक कानून के तहत ऐसा विवाह पति को भारतीय न्याय संहिता (BNS) और POCSO Act, या दोनों के तहत अपराधी बनाता है।अदालत ने कहा,"इससे एक गंभीर...