हाईकोर्ट

पुलिस एस्कॉर्ट के लिए पैसे दो या मत जाओ: बॉम्बे हाईकोर्ट ने भाई की मौत पर शोक मनाने के लिए इमरजेंसी पैरोल की याचिका पर अबू सलेम से कहा
"पुलिस एस्कॉर्ट के लिए पैसे दो या मत जाओ": बॉम्बे हाईकोर्ट ने भाई की मौत पर शोक मनाने के लिए इमरजेंसी पैरोल की याचिका पर अबू सलेम से कहा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को अंडरवर्ल्ड गैंगस्टर अबू सलेम से कहा कि अगर वह अपने भाई की मौत के बाद उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ इलाके में अपने पैतृक स्थान पर जाने के लिए इमरजेंसी पैरोल लेना चाहता है, तो उसे पुलिस एस्कॉर्ट पार्टी का खर्च देना होगा, जो उसके साथ जाएगी।बता दें, सलेम के भाई अबू हाकिम अंसारी की 14 नवंबर, 2025 को मौत हो गई और उनकी मौत पर शोक मनाने के लिए, 1993 मुंबई बम धमाकों के मुख्य आरोपी ने 14 दिन की इमरजेंसी पैरोल के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की।सलेम ने तर्क दिया कि चूंकि वह पिछले लगभग...

Cyber Crime Cases | बिना वजह बैंक अकाउंट फ्रीज़ नहीं कर सकते, 24 घंटे के अंदर मजिस्ट्रेट को बताएं: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जारी किए प्रोटोकॉल
Cyber Crime Cases | 'बिना वजह बैंक अकाउंट फ्रीज़ नहीं कर सकते, 24 घंटे के अंदर मजिस्ट्रेट को बताएं': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जारी किए प्रोटोकॉल

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि पुलिस द्वारा किसी खास अकाउंट को फ्रीज़ करने के लिए बैंक को दिया गया बिना वजह का नोटिस, जिसमें रकम (जिस पर रोक लगाई जा रही है) का ज़िक्र न हो, गैर-कानूनी और मनमाना होगा।जस्टिस शेखर बी सर्राफ और जस्टिस मनजीव शुक्ला की बेंच ने कहा कि इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर को 24 घंटे के अंदर इस बारे में संबंधित मजिस्ट्रेट को बताना होगा।कोर्ट ने यह भी कहा कि संबंधित IO को बैंकों को उस केस नंबर के बारे में भी बताना होगा जिसके आधार पर यह रोक/फ्रीज़िंग की जा रही है।हाईकोर्ट खालसा मेडिकल...

अलग रहने की मांग पर पति द्वारा पत्नी को जलाना अविश्वसनीय: 22 साल बाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हत्या मामले में व्यक्ति को किया बरी
'अलग रहने की मांग पर पति द्वारा पत्नी को जलाना अविश्वसनीय': 22 साल बाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हत्या मामले में व्यक्ति को किया बरी

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति को 22 वर्ष बाद बरी कर दिया, जिसे अपनी गर्भवती पत्नी को आग लगाने के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। अदालत ने कहा कि अलग रहने जैसे तुच्छ विवाद को हत्या का विश्वसनीय उद्देश्य (motive) नहीं माना जा सकता और अभियोजन द्वारा बताया गया उद्देश्य अत्यंत कमजोर है।हाईकोर्ट ने वर्ष 2004 में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश द्वारा पारित उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें तेजा सिंह को धारा 302 IPC के तहत दोषी ठहराया गया था। उनके भाई बलजीत सिंह @ गोगा को भी समान मंशा के...

निजता में दखल: एमपी हाइकोर्ट ने पत्नी के वर्जिनिटी टेस्ट की मांग खारिज की
निजता में दखल: एमपी हाइकोर्ट ने पत्नी के वर्जिनिटी टेस्ट की मांग खारिज की

मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने हाल ही में एक पति की याचिका खारिज की, जिसमें उसने पत्नी द्वारा शारीरिक संबंध से इनकार किए जाने के आधार पर उसका वर्जिनिटी टेस्ट अथवा तथाकथित टू-फिंगर टेस्ट कराए जाने की मांग की थी। हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसा परीक्षण व्यक्ति की निजता का गंभीर उल्लंघन है और वैवाहिक विवाद के निपटारे के लिए न तो प्रासंगिक है और न ही निर्णायक।जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने कहा कि पत्नी को मेडिकल टेस्ट के लिए बाध्य करना केवल उसकी निजता में दखल होगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि पति के पास यह...

दिल्ली हाइकोर्ट ने जिला कोर्ट परिसरों में आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता रेखांकित की
दिल्ली हाइकोर्ट ने जिला कोर्ट परिसरों में आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता रेखांकित की

दिल्ली हाइकोर्ट ने शहर के जिला कोर्ट परिसरों में वकीलों, वादकारियों और सुरक्षा कर्मियों सहित सभी हितधारकों के लिए पर्याप्त आपातकालीन मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस संबंध में दायर जनहित याचिका का निपटारा करते हुए हाइकोर्ट ने याचिकाकर्ता को प्रशासनिक पक्ष के समक्ष अपनी मांग रखने का निर्देश दिया।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने याचिका में उठाए गए मुद्दे को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस पर प्रशासनिक स्तर पर विचार किया जाना उपयुक्त होगा। सुनवाई...

बेहद चिंताजनक: हाइकोर्ट ने ओखला औद्योगिक क्षेत्र में कथित ड्रग सिंडिकेट पर स्वतः संज्ञान लिया
बेहद चिंताजनक: हाइकोर्ट ने ओखला औद्योगिक क्षेत्र में कथित ड्रग सिंडिकेट पर स्वतः संज्ञान लिया

दिल्ली हाइकोर्ट ने शहर के ओखला औद्योगिक क्षेत्र में कथित रूप से सक्रिय ड्रग सिंडिकेट को लेकर स्वतः संज्ञान लिया। इस दौरान हाइकोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एमीक्स क्यूरी नियुक्त किया, जिन्हें क्षेत्र का दौरा कर तथ्यों की जांच करने का निर्देश दिया गया। हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि एमिक्स क्यूरी की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस कार्रवाई के संबंध में आवश्यक आदेश पारित किए जाएंगे।यह...

अप्रयुक्त भ्रूण को निसंतान दंपतियों द्वारा गोद लेने पर रोक के खिलाफ याचिका पर दिल्ली हाइकोर्ट ने जारी किया नोटिस
अप्रयुक्त भ्रूण को निसंतान दंपतियों द्वारा गोद लेने पर रोक के खिलाफ याचिका पर दिल्ली हाइकोर्ट ने जारी किया नोटिस

दिल्ली हाइकोर्ट ने निसंतान दंपतियों द्वारा किसी अन्य दंपति के अप्रयुक्त जमे हुए भ्रूण को गोद लेने पर लगाए गए पूर्ण प्रतिबंध को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया। यह याचिका सहायक प्रजनन तकनीक (विनियमन) अधिनियम, 2021 के तहत भ्रूण दान पर लगी रोक को असंवैधानिक बताते हुए दायर की गई।बुधवार को मुख्य जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता अधिनियम की धारा 28 के दायरे का विस्तार चाहता है, जो मानव गैमीट और भ्रूण के भंडारण तथा उपयोग...

चीनी वीज़ा घोटाला मामला: कार्ति चिदंबरम के खिलाफ आरोप तय करने के आदेश को चुनौती पर दिल्ली हाइकोर्ट ने जारी किया नोटिस
चीनी वीज़ा घोटाला मामला: कार्ति चिदंबरम के खिलाफ आरोप तय करने के आदेश को चुनौती पर दिल्ली हाइकोर्ट ने जारी किया नोटिस

दिल्ली हाइकोर्ट ने कांग्रेस सांसद कार्ति पी. चिदंबरम द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने चीनी वीज़ा घोटाला मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा उनके खिलाफ आरोप तय किए जाने के आदेश को चुनौती दी। यह मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा जांचाधीन है।बुधवार को जस्टिस मनोज जैन ने कुछ समय तक मामले की सुनवाई के बाद आदेश सुनाते हुए कहा कि याचिकाकर्ता ने 23 दिसंबर 2025 के उस आदेश को चुनौती दी, जिसके तहत उन्हें मुकदमे का सामना करने का निर्देश दिया गया। कोर्ट ने रिकॉर्ड किया कि आरोपों को...

हर सबूत से क्रूरता टपक रही है: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 5 साल की बच्ची के रेप और मर्डर के लिए मौत की सज़ा की पुष्टि की
हर सबूत से क्रूरता टपक रही है: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 5 साल की बच्ची के रेप और मर्डर के लिए मौत की सज़ा की पुष्टि की

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्पेशल कोर्ट का आदेश बरकरार रखा, जिसमें एक आदमी को पांच साल की बच्ची के साथ रेप और मर्डर के लिए दोषी ठहराया गया और उसे मौत की सज़ा सुनाई गई।जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस रामकुमार चौबे की डिवीजन बेंच ने पाया कि आरोपी ने बच्ची के प्राइवेट पार्ट को बड़ा करने के लिए चाकू का इस्तेमाल किया ताकि एक छोटी बच्ची के साथ रेप करना आसान हो जाए। इसके अलावा आरोपी ने बच्ची का मर्डर कर दिया और उसकी लाश को 2-3 दिनों तक बाथरूम में एक प्लास्टिक की टंकी में छिपाकर रखा ताकि लाश को कहीं ठिकाने...

विदेश में भविष्य के इलाज की अनदेखी नहीं की जा सकती: मोटर दुर्घटना मुआवज़े में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने ₹9.16 करोड़ दिए
विदेश में भविष्य के इलाज की अनदेखी नहीं की जा सकती: मोटर दुर्घटना मुआवज़े में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने ₹9.16 करोड़ दिए

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक मोटर दुर्घटना पीड़ित को दी गई मुआवज़ा राशि को ₹52 लाख से बढ़ाकर ₹9.16 करोड़ कर दिया है। अदालत ने कहा कि दावा करने वाले को 100% स्थायी कार्यात्मक विकलांगता हुई है और उसके भविष्य के चिकित्सीय उपचार की अनदेखी नहीं की जा सकती।कोर्ट ने इसके अतिरिक्त अमेरिका में उन्नत चिकित्सा उपचार के लिए ₹6 करोड़ का मुआवज़ा भी मंजूर किया।जस्टिस सुदीप्ति शर्मा ने कहा:“अपीलकर्ता/दावेदार पिछले दो दशकों से इस दुर्घटना के परिणाम भुगत रहा है—लगातार दर्द, बार-बार चिकित्सा हस्तक्षेप और अपने...

यात्रियों की सुरक्षा से सीधा संबंध: पायलटों के विश्राम मानदंड लागू करने की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने DGCA से मांगा पक्ष
'यात्रियों की सुरक्षा से सीधा संबंध': पायलटों के विश्राम मानदंड लागू करने की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने DGCA से मांगा पक्ष

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार (28 जनवरी) को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से उस याचिका पर अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा, जिसमें फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों को स्थगित (abeyance) में रखने के DGCA के फैसले को चुनौती दी गई है। ये नियम पायलटों और फ्लाइट क्रू के लिए न्यूनतम विश्राम समय निर्धारित करते हैं, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।याचिका में कहा गया है कि ये नियम पायलटों की थकान (fatigue management) को नियंत्रित करने के उद्देश्य से बनाए गए हैं। हालांकि, इंडिगो से जुड़े...

समान साक्ष्य पर सह-आरोपियों के बरी होने पर NDPS Act की धारा 37 की बाधा हटेगी: गुवाहाटी हाइकोर्ट
समान साक्ष्य पर सह-आरोपियों के बरी होने पर NDPS Act की धारा 37 की बाधा हटेगी: गुवाहाटी हाइकोर्ट

गुवाहाटी हाइकोर्ट ने NDPS Act के एक मामले में आरोपी को जमानत देते हुए महत्वपूर्ण टिप्पणी की कि यदि उसी मामले में समान साक्ष्य के आधार पर सह-आरोपी बरी हो चुके हों और उन बरी होने के निष्कर्षों को अपील में चुनौती नहीं दी गई हो तो जमानत पर विचार करते समय अदालत को उन निष्कर्षों को वैध मानकर चलना होगा। ऐसे में NDPS Act की धारा 37 के तहत लगाई गई सख्त शर्तें भी संतुष्ट मानी जाएंगी।जस्टिस संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि जब तक सह-आरोपियों के बरी होने के निष्कर्ष अपील में पलटे नहीं जाते तब तक जमानत याचिका पर...

भर्ती विज्ञापन में शर्त न होने पर पीजी अतिरिक्त पंजीयन के आधार पर डॉक्टरों को नहीं कर सकता खारिज: मध्यप्रदेश हाइकोर्ट
भर्ती विज्ञापन में शर्त न होने पर पीजी अतिरिक्त पंजीयन के आधार पर डॉक्टरों को नहीं कर सकता खारिज: मध्यप्रदेश हाइकोर्ट

मध्यप्रदेश हाइकोर्ट ने मेडिकल ऑफिसर (ग्रेड-I) और विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी खारिज किए जाने को असंवैधानिक करार देते हुए स्पष्ट किया कि भर्ती विज्ञापन में उल्लेख न की गई किसी अतिरिक्त योग्यता के आधार पर उम्मीदवारों को बाहर नहीं किया जा सकता।जस्टिस जय कुमार पिल्लई की एकल पीठ ने मंगलवार को डॉक्टरों द्वारा दायर याचिकाओं के समूह को स्वीकार करते हुए कहा कि दस्तावेज़ सत्यापन या अस्थायी परिणाम घोषित होने के बाद किसी नई योग्यता की...

पूर्वक्रय का अधिकार अत्यंत कमजोर बिना दावा किए निषेधाज्ञा वाद दायर करना अधिकार का परित्याग माना जाएगा: जम्मू-कश्मीर हाइकोर्ट
पूर्वक्रय का अधिकार अत्यंत कमजोर बिना दावा किए निषेधाज्ञा वाद दायर करना अधिकार का परित्याग माना जाएगा: जम्मू-कश्मीर हाइकोर्ट

जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पूर्वक्रय (प्री-एम्पशन) का अधिकार एक अत्यंत कमजोर अधिकार है, जिसे खरीदार विधिसम्मत तरीकों से विफल कर सकता है और जिसे पूर्वक्रेता अपने आचरण के माध्यम से भी त्याग सकता है।हाइकोर्ट ने वर्ष 2001 में जिला जज, पुंछ द्वारा पारित उस निर्णय और डिक्री को निरस्त कर दिया, जिसमें वादी के पक्ष में पूर्वक्रय अधिकार लागू करते हुए संपत्ति का कब्जा 40,000 के भुगतान पर सौंपने का आदेश दिया गया।जस्टिस संजय धर ने कहा कि यदि कोई पूर्वक्रेता बिक्री की जानकारी होने के...

BNSS के तहत मानसिक अस्वस्थता की याचिका पर फैसला किए बिना ट्रायल आगे नहीं बढ़ सकता: राजस्थान हाईकोर्ट
BNSS के तहत मानसिक अस्वस्थता की याचिका पर फैसला किए बिना ट्रायल आगे नहीं बढ़ सकता: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक ट्रायल कोर्ट का आदेश रद्द किया, जिसमें BNSS की धारा 368 के तहत दायर आवेदन पर बिना किसी तर्कपूर्ण फैसले के सिर्फ मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ट्रायल जारी रखने का निर्देश दिया गया, जिसमें याचिकाकर्ता को स्वस्थ दिमाग का बताया गया।BNSS की धारा 368 मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति के ट्रायल की प्रक्रिया बताता है।जस्टिस अनिल कुमार उपमन की बेंच ने कहा कि ट्रायल शुरू करने से पहले, ट्रायल कोर्ट को BNSS की धारा 368 के तहत आवेदन पर फैसला करना अनिवार्य है। इसलिए चुनौती दिए गए आदेश को रद्द...

अनुच्छेद 226 के तहत रिट कोर्ट निर्णय की प्रक्रिया देखता है, गुण-दोष नहीं: गुवाहाटी हाइकोर्ट
अनुच्छेद 226 के तहत रिट कोर्ट निर्णय की प्रक्रिया देखता है, गुण-दोष नहीं: गुवाहाटी हाइकोर्ट

गुवाहाटी हाइकोर्ट ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की उचित मूल्य दुकान का लाइसेंस रद्द किए जाने के मामले में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत रिट अधिकार क्षेत्र में अदालत केवल निर्णय लेने की प्रक्रिया की जांच करती है, न कि निर्णय के गुण-दोष का मूल्यांकन।जस्टिस संजय कुमार मेधी ने कहा कि अनुच्छेद 226 के तहत सर्टियोरारी अधिकार का प्रयोग केवल यह देखने तक सीमित है कि क्या निर्णय लेते समय प्रासंगिक तथ्यों पर विचार किया गया या नहीं, अथवा क्या निर्णय किसी...

वर्किंग सेटर्डे के विरोध में वकीलों की हड़ताल पर राजस्थान हाइकोर्ट सख्त, कहा- अदालतों का बहिष्कार अनुच्छेद 21 के तहत वादकारियों के अधिकारों का उल्लंघन
वर्किंग सेटर्डे के विरोध में वकीलों की हड़ताल पर राजस्थान हाइकोर्ट सख्त, कहा- अदालतों का बहिष्कार अनुच्छेद 21 के तहत वादकारियों के अधिकारों का उल्लंघन

राजस्थान हाइकोर्ट ने प्रत्येक माह दो शनिवार कार्यदिवस घोषित किए जाने के फैसले के विरोध में वकीलों द्वारा की जा रही हड़ताल पर कड़ी नाराज़गी जताई। हाइकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि वकीलों को हड़ताल का कोई अधिकार नहीं है, विशेष रूप से तब, जब मामला नागरिकों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़ा हो।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की एकलपीठ ने कहा कि जब वकील अदालतों का बहिष्कार करते हैं तो इससे संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत वादकारियों को प्राप्त त्वरित न्याय के अधिकार का सीधा उल्लंघन होता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि विरोध का...

इंदौर जल प्रदूषण मामला: हाइकोर्ट ने गठित किया रिटायर जज की अध्यक्षता में जांच आयोग
इंदौर जल प्रदूषण मामला: हाइकोर्ट ने गठित किया रिटायर जज की अध्यक्षता में जांच आयोग

इंदौर में हाल ही में सामने आए गंभीर जल संकट और दूषित पेयजल आपूर्ति के मामले में मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्वतंत्र जांच के आदेश दिए। हाइकोर्ट ने भागीरथपुरा क्षेत्र में जल प्रदूषण और उसके इंदौर शहर के अन्य इलाकों पर पड़े प्रभाव की जांच के लिए रिटायर जज जस्टिस सुशील कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में एक सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया।जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की खंडपीठ ने कहा कि लगाए गए आरोप अत्यंत गंभीर हैं। यह मामला संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार...