हाईकोर्ट

कन्वॉय हमले मामले में सुवेंदु अधिकारी को राहत, 19 फरवरी तक कोई दमनात्मक कार्रवाई नहीं होगी: राज्य सरकार का हाईकोर्ट में आश्वासन
कन्वॉय हमले मामले में सुवेंदु अधिकारी को राहत, 19 फरवरी तक कोई दमनात्मक कार्रवाई नहीं होगी: राज्य सरकार का हाईकोर्ट में आश्वासन

पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी को कलकत्ता हाईकोर्ट से अस्थायी राहत मिली। राज्य सरकार ने बुधवार को अदालत को आश्वासन दिया कि अधिकारी के खिलाफ 19 फरवरी 2026 को होने वाली अगली सुनवाई तक कोई दमनात्मक या बलपूर्वक कार्रवाई नहीं की जाएगी।यह मामला चंद्रकोणा थाने में दर्ज एक आपराधिक केस से जुड़ा है जिसके संबंध में सुवेंदु अधिकारी ने पिछले सप्ताह हाईकोर्ट का रुख करते हुए पुलिस द्वारा संभावित दमनात्मक कार्रवाई से संरक्षण की मांग की थी।जस्टिस सुव्रत घोष की एकल पीठ के समक्ष राज्य...

नोटरी के समक्ष दिए गए हलफनामे से विवाह विच्छेद संभव नहीं: गुवाहाटी हाईकोर्ट
नोटरी के समक्ष दिए गए हलफनामे से विवाह विच्छेद संभव नहीं: गुवाहाटी हाईकोर्ट

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी भी विवाह को केवल नोटरी के समक्ष दिए गए हलफनामे के माध्यम से भंग नहीं किया जा सकता।हाईकोर्ट ने कहा कि जब तक मुस्लिम विवाह विच्छेद अधिनियम, 1939 के प्रावधानों का विधिवत पालन किए जाने का कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया जाता, तब तक केवल एक नोटरीकृत हलफनामे के आधार पर तलाक का दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता।जस्टिस प्रांजल दास ने यह टिप्पणी उस आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई करते हुए की, जिसमें बारपेटा के प्रधान जज, फैमिली कोर्ट द्वारा पारित उस आदेश को...

दिल्ली हाईकोर्ट ने रानी कपूर के प्रिया कपूर और करिश्मा कपूर के बच्चों के खिलाफ धोखाधड़ी वाले फैमिली ट्रस्ट मामले में समन जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने रानी कपूर के प्रिया कपूर और करिश्मा कपूर के बच्चों के खिलाफ धोखाधड़ी वाले फैमिली ट्रस्ट मामले में समन जारी किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की मां रानी कपूर द्वारा अपनी बहू प्रिया कपूर और एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के बच्चों के खिलाफ दायर एक मुकदमे में समन जारी किया।बता दें, रानी कपूर ने आरोप लगाया कि उन्होंने गैर-कानूनी तरीके से उनकी पूरी संपत्ति हड़पने के लिए एक धोखाधड़ी वाला फैमिली ट्रस्ट बनाया है।जस्टिस मिनी पुष्करणा ने प्रतिवादियों को तीस दिनों के भीतर मुकदमे में लिखित बयान दाखिल करने का निर्देश दिया।कोर्ट ने रानी कपूर की अंतरिम राहत मांगने वाली अर्जी पर भी नोटिस जारी...

नेटफ्लिक्स सीरीज़ Ba*ds of Bollywood को लेकर समीर वानखेड़े की मानहानि याचिका खारिज
नेटफ्लिक्स सीरीज़ Ba*ds of Bollywood को लेकर समीर वानखेड़े की मानहानि याचिका खारिज

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े द्वारा नेटफ्लिक्स सीरीज़ Ba**ds of Bollywood में कथित मानहानिकारक चित्रण को लेकर दायर वाद को खारिज कर दिया।जस्टिस पुरुषैंद्र कुमार कौरव ने क्षेत्राधिकार के आधार पर याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए वानखेड़े को सक्षम न्यायालय के समक्ष जाने की स्वतंत्रता दी।हाईकोर्ट ने कहा कि वादपत्र को सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत करने के लिए लौटाया जाता है तथा अंतरिम आवेदन भी खारिज किए जाते हैं।यह वाद आर्यन खान द्वारा निर्देशित और रेड चिलीज़ एंटरटेनमेंट...

NI Act की धारा 138 के तहत शिकायत केवल पेयी या होल्डर इन ड्यू कोर्स ही कर सकता है: इलाहाबाद हाइकोर्ट
NI Act की धारा 138 के तहत शिकायत केवल पेयी या होल्डर इन ड्यू कोर्स ही कर सकता है: इलाहाबाद हाइकोर्ट

इलाहाबाद हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 (NI Act) की धारा 138 के तहत चेक बाउंस से संबंधित शिकायत कोई तीसरा व्यक्ति दाखिल नहीं कर सकता, भले ही उस लेन-देन से वह अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्यों न हो।हाइकोर्ट ने कहा कि ऐसी शिकायत केवल चेक के पेयी या होल्डर इन ड्यू कोर्स द्वारा ही दायर की जा सकती है।जस्टिस समित गोपाल की पीठ ने यह टिप्पणी करते हुए कहा कि पेयी या होल्डर इन ड्यू कोर्स का अधिकृत प्रतिनिधि, जैसे पावर ऑफ अटॉर्नी धारक या कंपनी का अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता, शिकायत दाखिल...

प्रोबेशन पर कार्यरत कर्मचारी भी वर्कमैन; बर्खास्तगी वैध होने पर भी धारा 17-B का वेतन वापस नहीं लिया जा सकता: दिल्ली हाइकोर्ट
प्रोबेशन पर कार्यरत कर्मचारी भी 'वर्कमैन'; बर्खास्तगी वैध होने पर भी धारा 17-B का वेतन वापस नहीं लिया जा सकता: दिल्ली हाइकोर्ट

दिल्ली हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रोबेशन पर कार्यरत कर्मचारी भी औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 की धारा 2(स) के अंतर्गत वर्कमैन की परिभाषा में आते हैं। हाइकोर्ट ने यह भी कहा कि यदि किसी प्रोबेशनरी कर्मचारी की सेवाएं साधारण बर्खास्तगी के रूप में बिना कलंक लगाए समाप्त की जाती हैं, तो उसके लिए पूर्ण विभागीय जांच आवश्यक नहीं है और ऐसी बर्खास्तगी कानूनन वैध मानी जाएगी।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की पीठ ने एकल जज के आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए यह फैसला सुनाया।मामला सरिता तिवारी...

रिश्ता किसी की गरिमा से खिलवाड़ का लाइसेंस नहीं: झारखंड हाइकोर्ट ने आरोपी को अग्रिम जमानत देने से किया इनकार
रिश्ता किसी की गरिमा से खिलवाड़ का लाइसेंस नहीं: झारखंड हाइकोर्ट ने आरोपी को अग्रिम जमानत देने से किया इनकार

झारखंड हाइकोर्ट ने ऐसे व्यक्ति की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की, जिस पर आरोप है कि उसने एक महिला के नाम से फर्जी ई-मेल और सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर उसकी आपत्तिजनक और मानहानिकारक सामग्री उसके नियोक्ता को भेजी। आरोपी महिला के साथ कथित रूप से सहमति से बने अतिरिक्त वैवाहिक संबंध में था।जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की पीठ साइबर थाना कांड संख्या 14/2025 से संबंधित अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जो भारतीय न्याय संहिता, 2023 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की...

ART Act के तहत उम्र की सीमा व्यक्तियों पर लागू होती है, जोड़ों पर नहीं: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने शोक संतप्त माता-पिता को IVF की अनुमति दी
ART Act के तहत उम्र की सीमा व्यक्तियों पर लागू होती है, जोड़ों पर नहीं: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने शोक संतप्त माता-पिता को IVF की अनुमति दी

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक शादीशुदा जोड़े को असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (ART) सेवाएं देने से इनकार करने वाला आदेश रद्द किया, जिन्होंने 2024 में अपने इकलौते बेटे को खो दिया था। कोर्ट ने कहा कि असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी एक्ट (ART Act), 2021 किसी भी जोड़े के लिए उम्र की कोई सीमा तय नहीं करता है और स्पष्ट रूप से डोनर ओसाइट्स के इस्तेमाल की अनुमति देता है।रिट याचिका स्वीकार करते हुए कोर्ट ने राज्य अपीलीय प्राधिकरण द्वारा 06 फरवरी, 2025 को पारित आदेश रद्द कर दिया, जिसने उम्र,...

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सोशल मीडिया पर मानहानि या दुर्भावनापूर्ण अभियान चलाने का लाइसेंस नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सोशल मीडिया पर मानहानि या दुर्भावनापूर्ण अभियान चलाने का लाइसेंस नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि हालांकि बोलने की आज़ादी महत्वपूर्ण संवैधानिक अधिकार है, लेकिन यह आज़ादी की आड़ में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मानहानिकारक, अपमानजनक या दुर्भावनापूर्ण सामग्री प्रकाशित करने तक नहीं फैली हुई है।जस्टिस ज्योति सिंह ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का इस्तेमाल दूसरों के अधिकारों को कुचलने के लिए नहीं किया जा सकता, खासकर प्रतिष्ठा के अधिकार को, जो भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का एक अभिन्न अंग माना जाने वाला एक मूल्यवान अधिकार है।कोर्ट ने कहा...

रिहायशी इलाके में सीवेज प्लांट? हाईकोर्ट ने वसंत कुंज STP पर DDA से स्टेटस रिपोर्ट मांगी
रिहायशी इलाके में सीवेज प्लांट? हाईकोर्ट ने वसंत कुंज STP पर DDA से स्टेटस रिपोर्ट मांगी

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (DDA) से शहर के वसंत कुंज इलाके में "घनी" हाउसिंग कॉम्प्लेक्स के अंदर कथित तौर पर अवैध रूप से लगाए गए और चलाए जा रहे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के संबंध में एक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की डिवीजन बेंच ने अथॉरिटी से 4 हफ़्ते में जवाब देने को कहा और मामले की अगली सुनवाई 7 अगस्त को तय की।एक रिटायर्ड सरकारी इंजीनियर द्वारा दायर जनहित याचिका में कहा गया कि संबंधित हाउसिंग कॉम्प्लेक्स पहले से ही शहर के...

पुलिस एस्कॉर्ट के लिए पैसे दो या मत जाओ: बॉम्बे हाईकोर्ट ने भाई की मौत पर शोक मनाने के लिए इमरजेंसी पैरोल की याचिका पर अबू सलेम से कहा
"पुलिस एस्कॉर्ट के लिए पैसे दो या मत जाओ": बॉम्बे हाईकोर्ट ने भाई की मौत पर शोक मनाने के लिए इमरजेंसी पैरोल की याचिका पर अबू सलेम से कहा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को अंडरवर्ल्ड गैंगस्टर अबू सलेम से कहा कि अगर वह अपने भाई की मौत के बाद उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ इलाके में अपने पैतृक स्थान पर जाने के लिए इमरजेंसी पैरोल लेना चाहता है, तो उसे पुलिस एस्कॉर्ट पार्टी का खर्च देना होगा, जो उसके साथ जाएगी।बता दें, सलेम के भाई अबू हाकिम अंसारी की 14 नवंबर, 2025 को मौत हो गई और उनकी मौत पर शोक मनाने के लिए, 1993 मुंबई बम धमाकों के मुख्य आरोपी ने 14 दिन की इमरजेंसी पैरोल के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की।सलेम ने तर्क दिया कि चूंकि वह पिछले लगभग...

Cyber Crime Cases | बिना वजह बैंक अकाउंट फ्रीज़ नहीं कर सकते, 24 घंटे के अंदर मजिस्ट्रेट को बताएं: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जारी किए प्रोटोकॉल
Cyber Crime Cases | 'बिना वजह बैंक अकाउंट फ्रीज़ नहीं कर सकते, 24 घंटे के अंदर मजिस्ट्रेट को बताएं': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जारी किए प्रोटोकॉल

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि पुलिस द्वारा किसी खास अकाउंट को फ्रीज़ करने के लिए बैंक को दिया गया बिना वजह का नोटिस, जिसमें रकम (जिस पर रोक लगाई जा रही है) का ज़िक्र न हो, गैर-कानूनी और मनमाना होगा।जस्टिस शेखर बी सर्राफ और जस्टिस मनजीव शुक्ला की बेंच ने कहा कि इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर को 24 घंटे के अंदर इस बारे में संबंधित मजिस्ट्रेट को बताना होगा।कोर्ट ने यह भी कहा कि संबंधित IO को बैंकों को उस केस नंबर के बारे में भी बताना होगा जिसके आधार पर यह रोक/फ्रीज़िंग की जा रही है।हाईकोर्ट खालसा मेडिकल...

अलग रहने की मांग पर पति द्वारा पत्नी को जलाना अविश्वसनीय: 22 साल बाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हत्या मामले में व्यक्ति को किया बरी
'अलग रहने की मांग पर पति द्वारा पत्नी को जलाना अविश्वसनीय': 22 साल बाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हत्या मामले में व्यक्ति को किया बरी

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति को 22 वर्ष बाद बरी कर दिया, जिसे अपनी गर्भवती पत्नी को आग लगाने के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। अदालत ने कहा कि अलग रहने जैसे तुच्छ विवाद को हत्या का विश्वसनीय उद्देश्य (motive) नहीं माना जा सकता और अभियोजन द्वारा बताया गया उद्देश्य अत्यंत कमजोर है।हाईकोर्ट ने वर्ष 2004 में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश द्वारा पारित उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें तेजा सिंह को धारा 302 IPC के तहत दोषी ठहराया गया था। उनके भाई बलजीत सिंह @ गोगा को भी समान मंशा के...

निजता में दखल: एमपी हाइकोर्ट ने पत्नी के वर्जिनिटी टेस्ट की मांग खारिज की
निजता में दखल: एमपी हाइकोर्ट ने पत्नी के वर्जिनिटी टेस्ट की मांग खारिज की

मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने हाल ही में एक पति की याचिका खारिज की, जिसमें उसने पत्नी द्वारा शारीरिक संबंध से इनकार किए जाने के आधार पर उसका वर्जिनिटी टेस्ट अथवा तथाकथित टू-फिंगर टेस्ट कराए जाने की मांग की थी। हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसा परीक्षण व्यक्ति की निजता का गंभीर उल्लंघन है और वैवाहिक विवाद के निपटारे के लिए न तो प्रासंगिक है और न ही निर्णायक।जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने कहा कि पत्नी को मेडिकल टेस्ट के लिए बाध्य करना केवल उसकी निजता में दखल होगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि पति के पास यह...

दिल्ली हाइकोर्ट ने जिला कोर्ट परिसरों में आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता रेखांकित की
दिल्ली हाइकोर्ट ने जिला कोर्ट परिसरों में आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता रेखांकित की

दिल्ली हाइकोर्ट ने शहर के जिला कोर्ट परिसरों में वकीलों, वादकारियों और सुरक्षा कर्मियों सहित सभी हितधारकों के लिए पर्याप्त आपातकालीन मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस संबंध में दायर जनहित याचिका का निपटारा करते हुए हाइकोर्ट ने याचिकाकर्ता को प्रशासनिक पक्ष के समक्ष अपनी मांग रखने का निर्देश दिया।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने याचिका में उठाए गए मुद्दे को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस पर प्रशासनिक स्तर पर विचार किया जाना उपयुक्त होगा। सुनवाई...

बेहद चिंताजनक: हाइकोर्ट ने ओखला औद्योगिक क्षेत्र में कथित ड्रग सिंडिकेट पर स्वतः संज्ञान लिया
बेहद चिंताजनक: हाइकोर्ट ने ओखला औद्योगिक क्षेत्र में कथित ड्रग सिंडिकेट पर स्वतः संज्ञान लिया

दिल्ली हाइकोर्ट ने शहर के ओखला औद्योगिक क्षेत्र में कथित रूप से सक्रिय ड्रग सिंडिकेट को लेकर स्वतः संज्ञान लिया। इस दौरान हाइकोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एमीक्स क्यूरी नियुक्त किया, जिन्हें क्षेत्र का दौरा कर तथ्यों की जांच करने का निर्देश दिया गया। हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि एमिक्स क्यूरी की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस कार्रवाई के संबंध में आवश्यक आदेश पारित किए जाएंगे।यह...

अप्रयुक्त भ्रूण को निसंतान दंपतियों द्वारा गोद लेने पर रोक के खिलाफ याचिका पर दिल्ली हाइकोर्ट ने जारी किया नोटिस
अप्रयुक्त भ्रूण को निसंतान दंपतियों द्वारा गोद लेने पर रोक के खिलाफ याचिका पर दिल्ली हाइकोर्ट ने जारी किया नोटिस

दिल्ली हाइकोर्ट ने निसंतान दंपतियों द्वारा किसी अन्य दंपति के अप्रयुक्त जमे हुए भ्रूण को गोद लेने पर लगाए गए पूर्ण प्रतिबंध को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया। यह याचिका सहायक प्रजनन तकनीक (विनियमन) अधिनियम, 2021 के तहत भ्रूण दान पर लगी रोक को असंवैधानिक बताते हुए दायर की गई।बुधवार को मुख्य जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता अधिनियम की धारा 28 के दायरे का विस्तार चाहता है, जो मानव गैमीट और भ्रूण के भंडारण तथा उपयोग...

चीनी वीज़ा घोटाला मामला: कार्ति चिदंबरम के खिलाफ आरोप तय करने के आदेश को चुनौती पर दिल्ली हाइकोर्ट ने जारी किया नोटिस
चीनी वीज़ा घोटाला मामला: कार्ति चिदंबरम के खिलाफ आरोप तय करने के आदेश को चुनौती पर दिल्ली हाइकोर्ट ने जारी किया नोटिस

दिल्ली हाइकोर्ट ने कांग्रेस सांसद कार्ति पी. चिदंबरम द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने चीनी वीज़ा घोटाला मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा उनके खिलाफ आरोप तय किए जाने के आदेश को चुनौती दी। यह मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा जांचाधीन है।बुधवार को जस्टिस मनोज जैन ने कुछ समय तक मामले की सुनवाई के बाद आदेश सुनाते हुए कहा कि याचिकाकर्ता ने 23 दिसंबर 2025 के उस आदेश को चुनौती दी, जिसके तहत उन्हें मुकदमे का सामना करने का निर्देश दिया गया। कोर्ट ने रिकॉर्ड किया कि आरोपों को...

हर सबूत से क्रूरता टपक रही है: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 5 साल की बच्ची के रेप और मर्डर के लिए मौत की सज़ा की पुष्टि की
हर सबूत से क्रूरता टपक रही है: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 5 साल की बच्ची के रेप और मर्डर के लिए मौत की सज़ा की पुष्टि की

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्पेशल कोर्ट का आदेश बरकरार रखा, जिसमें एक आदमी को पांच साल की बच्ची के साथ रेप और मर्डर के लिए दोषी ठहराया गया और उसे मौत की सज़ा सुनाई गई।जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस रामकुमार चौबे की डिवीजन बेंच ने पाया कि आरोपी ने बच्ची के प्राइवेट पार्ट को बड़ा करने के लिए चाकू का इस्तेमाल किया ताकि एक छोटी बच्ची के साथ रेप करना आसान हो जाए। इसके अलावा आरोपी ने बच्ची का मर्डर कर दिया और उसकी लाश को 2-3 दिनों तक बाथरूम में एक प्लास्टिक की टंकी में छिपाकर रखा ताकि लाश को कहीं ठिकाने...