हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने फ़र्ज़ी क्लीयरेंस सर्टिफ़िकेट से इंटर्नशिप पाने के आरोपी विदेशी MBBS ग्रेजुएट की ज़मानत याचिका खारिज की
राजस्थान हाईकोर्ट ने फ़र्ज़ी क्लीयरेंस सर्टिफ़िकेट से इंटर्नशिप पाने के आरोपी विदेशी MBBS ग्रेजुएट की ज़मानत याचिका खारिज की

राजस्थान हाईकोर्ट ने कई विदेशी MBBS ग्रेजुएट को ज़मानत देने से इनकार किया। इन पर आरोप है कि इन्होंने फ़र्ज़ी 'फ़ॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन' (FMGE) क्लीयरेंस सर्टिफ़िकेट का इस्तेमाल करके सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में ज़रूरी इंटर्नशिप हासिल की थी। [2026 LiveLaw (Raj) 276]जस्टिस रवि चिरानिया की बेंच ने कहा,"हालांकि याचिकाकर्ता छात्र हैं, लेकिन FMGE के फ़र्ज़ी सर्टिफ़िकेट का इस्तेमाल करने की उनकी स्वीकार की गई हरकत साफ़ तौर पर दिखाती है कि प्रोफ़ेशनल डिग्री होने के बावजूद उन्होंने ऊपर बताई...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अधिकारियों से कहा- टाइगर रिज़र्व को कैनाइन डिस्टेंपर के प्रकोप से बचाया जाए
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अधिकारियों से कहा- टाइगर रिज़र्व को कैनाइन डिस्टेंपर के प्रकोप से बचाया जाए

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा कि वह सभी टाइगर रिज़र्व में नज़र रखे और यह पक्का करे कि ज़रूरत पड़ने पर बाघों को कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) का टीका लगाया जाए।जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बीपी सिंह की बेंच ने कहा:"दलीलों पर विचार करते हुए यह उम्मीद की जाती है कि संबंधित अधिकारी ज़िम्मेदारी से काम करेंगे और सभी टाइगर रिज़र्व पर नज़र रखेंगे। जब भी और जहाँ भी टीकाकरण की ज़रूरत होगी, यह अभियान चलाया जाएगा ताकि बिल्ली प्रजाति के इन जानवरों को ऐसी प्राकृतिक या स्वास्थ्य संबंधी आपदाओं से...

PPP मॉडल के तहत NGO से सैलरी मिलने की वजह से सरकारी अस्पतालों के अनुभव को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट
PPP मॉडल के तहत NGO से सैलरी मिलने की वजह से सरकारी अस्पतालों के अनुभव को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मेडिकल सेवाएँ देने से मिले अनुभव और उससे जुड़े फ़ायदों से संबंधित लोगों को सिर्फ़ इसलिए वंचित नहीं किया जा सकता, क्योंकि उनकी सैलरी राज्य सरकार द्वारा मंज़ूर प्रशासनिक व्यवस्था के तहत एक चैरिटेबल ट्रस्ट के ज़रिए दी जाती थी।जस्टिस नूपुर भाटी की बेंच ने कहा कि सैलरी देने का तरीका कानूनी रूप से महत्वपूर्ण नहीं है, क्योंकि यह असल में दी गई सेवा और हासिल किए गए अनुभव के निर्विवाद तथ्य को कम नहीं कर सकता।बता दें, याचिकाकर्ताओं ने नर्सिंग ऑफिसर...

झारखंड हाईकोर्ट ने ज़मीन विवाद के बीच कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जारी प्रशासनिक आदेश में दखल देने से इनकार किया
झारखंड हाईकोर्ट ने ज़मीन विवाद के बीच कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जारी प्रशासनिक आदेश में दखल देने से इनकार किया

झारखंड हाईकोर्ट ने ज़मीन विवाद के बीच कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सब-डिविजनल ऑफिसर (SDO) द्वारा जारी प्रशासनिक आदेश में दखल देने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा कि ज़मीन पर कब्ज़े और उसकी पहचान से जुड़े विवादित सवालों का निपटारा संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत कार्यवाही में नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने माना कि ऐसे विवादों के लिए सबूतों की ज़रूरत होती है और इनका सही निपटारा सिविल कोर्ट में ही हो सकता है, न कि रिट अधिकार क्षेत्र (writ jurisdiction) में।जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की सिंगल जज बेंच एक...

कस्टडी में मारपीट का मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा- पुलिस अधिकारियों पर केस चलाने के लिए पहले से मंज़ूरी की ज़रूरत नहीं
कस्टडी में मारपीट का मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा- पुलिस अधिकारियों पर केस चलाने के लिए पहले से मंज़ूरी की ज़रूरत नहीं

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि कबूलनामा लेने के लिए किसी संदिग्ध के साथ मारपीट करना किसी भी पुलिस अधिकारी की सरकारी ड्यूटी का हिस्सा नहीं हो सकता। कोर्ट ने तीन पुलिसकर्मियों को बरी करने से इनकार किया, जिन पर एक व्यक्ति के साथ मारपीट करने का आरोप है—उसे हत्या का अपराध कबूल करने के लिए मजबूर किया गया। [2026 LiveLaw (Bom) 319]कोल्हापुर बेंच में सुनवाई करते हुए जस्टिस संदेश पाटिल ने कहा कि इस मामले में शिकायतकर्ता को 26 नवंबर 2008 को दोपहर 12 बजे इचलकरंजी शहर के शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन में तैनात...

जेल में ड्रग्स बेचने का मामला: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ़ ट्रायल पर लगाई रोक
जेल में ड्रग्स बेचने का मामला: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ़ ट्रायल पर लगाई रोक

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बठिंडा सेंट्रल जेल में सिक्योरिटी ड्यूटी पर तैनात एक कॉन्स्टेबल के खिलाफ़ ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाई। उस पर जेल में ड्रग्स बेचने के आरोप में NDPS Act, 1985 और प्रिज़न्स एक्ट, 1894 की धारा 52 के तहत चार्जशीट दाखिल की गई।जस्टिस रमेश चंद्र डिमरी ने पुलिसकर्मी की उस याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें FIR, फाइनल रिपोर्ट और उससे जुड़े आदेशों को रद्द करने की मांग की गई।कोर्ट ने आदेश दिया,"नोटिस का जवाब 09.09.2026 तक आना चाहिए। इस बीच ट्रायल कोर्ट के सामने आगे की...

माँ के साथ रहने से बिगड़ जाएगी बच्ची: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिता को सौंपी 5 साल की बच्ची की अस्थायी कस्टडी
माँ के साथ रहने से 'बिगड़' जाएगी बच्ची: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिता को सौंपी 5 साल की बच्ची की अस्थायी कस्टडी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को 5 साल की बच्ची की कस्टडी अस्थायी रूप से उसके पिता को सौंप दी। कोर्ट ने माना कि अगर बच्ची अपनी माँ की कस्टडी में रहती है तो निश्चित रूप से वह 'बिगड़' जाएगी।कोर्ट ने पाया कि बच्ची का इस्तेमाल वैवाहिक विवाद में एक 'मोहरे' की तरह किया जा रहा था और माँ ने उसे पिता पर यौन शोषण के आरोप लगाने के लिए "पूरी तरह से सिखा-पढ़ा" दिया था।जस्टिस संदीप जैन की बेंच ने कहा,"बच्ची से बातचीत करने के बाद इस कोर्ट की राय है कि उसे बहुत-सी नकारात्मक बातें सिखाई गईं और अगर वह रेस्पॉन्डेंट...

डिविज़न बेंच के फ़ैसले के ख़िलाफ़: हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से ग्राम प्रधानों को 5 साल के कार्यकाल के बाद एडमिनिस्ट्रेटर बनाने पर सवाल पूछा
'डिविज़न बेंच के फ़ैसले के ख़िलाफ़': हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से ग्राम प्रधानों को 5 साल के कार्यकाल के बाद एडमिनिस्ट्रेटर बनाने पर सवाल पूछा

इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने उत्तर प्रदेश सरकार से ग्राम प्रधानों को उनके संवैधानिक 5 साल के कार्यकाल के बाद पंचायतों का 'एडमिनिस्ट्रेटर' नियुक्त करने के फ़ैसले पर कड़ा सवाल किया।यूपी पंचायत राज एक्ट, 1947 की धारा 12(3-A) के तहत राज्य के कामों पर गंभीरता से ध्यान देते हुए जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस मंजीव शुक्ला की बेंच ने कहा कि सरकार के आदेश डिविज़न बेंच के पहले के फ़ैसले (प्रेम लाल पटेल बनाम यूपी राज्य 2000) का सीधे तौर पर उल्लंघन करते हुए जारी किए गए लगते हैं, जिसमें ऐसे प्रावधानों को...

ग्रामीण विकास बैंक धोखाधड़ी मामला: दिल्ली हाई कोर्ट ने अयोग्य घोषित Congress MLA की सज़ा पर रोक लगाने किया इनकार
ग्रामीण विकास बैंक धोखाधड़ी मामला: दिल्ली हाई कोर्ट ने अयोग्य घोषित Congress MLA की सज़ा पर रोक लगाने किया इनकार

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश के अयोग्य घोषित कांग्रेस विधायक (Congress MLA) राजेंद्र भारती की याचिका खारिज की। उन्होंने 1998 और 2011 के बीच बैंक रिकॉर्ड में हेराफेरी करके अवैध रूप से ब्याज भुगतान हासिल करने के धोखाधड़ी मामले में अपनी दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग की थी। [2026 LiveLaw (Del) 643]जस्टिस मनोज जैन ने याचिका खारिज की।कोर्ट ने 28 अप्रैल को भारती को सुनाई गई तीन साल की सजा पर रोक लगाई थी।भारती के वकील ने कहा था कि एक बार उनकी दोषसिद्धि पर रोक लग जाने के बाद उनकी अयोग्यता...

नाबालिग लड़की की उम्र छिपाने के आरोप पर पुलिस अधिकारी और स्कूल प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई पर फैसला लें: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने DGP को दिए निर्देश
नाबालिग लड़की की उम्र छिपाने के आरोप पर पुलिस अधिकारी और स्कूल प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई पर फैसला लें: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने DGP को दिए निर्देश

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिस महानिदेशक (DGP) को निर्देश दिया कि वह एक पुलिस अधिकारी और एक स्कूल प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई की आवश्यकता पर एक महीने के भीतर निर्णय लें। अदालत ने प्रथम दृष्टया पाया कि दोनों ने नाबालिग लड़की की वास्तविक जन्मतिथि से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज दबाकर उसकी उम्र को लेकर संदेह पैदा किया जिससे आरोपी को आपराधिक मामले में बरी होने में मदद मिली।जस्टिस जी.एस. अहलूवालिया और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की खंडपीठ ने कहा कि उपलब्ध सभी आधिकारिक अभिलेखों में लड़की की जन्मतिथि 10 फरवरी...

सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद दूसरी याचिका सुनवाई योग्य नहीं: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद दूसरी याचिका सुनवाई योग्य नहीं: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब किसी आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक खारिज हो चुकी हो, तब उसी मामले में दोबारा अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल नहीं की जा सकती। अदालत ने यह भी कहा कि बाद में हुआ समझौता भी अग्रिम जमानत पर दोबारा विचार करने का आधार नहीं बन सकता।जस्टिस सुमीत गोयल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) की धारा 482 के तहत दायर दूसरी अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।मामला पंजाब के कपूरथला में दर्ज धोखाधड़ी और विदेश भेजने...

गरीबी, अशिक्षा और कानून की जानकारी न होना चार साल की देरी माफ करने का आधार नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
गरीबी, अशिक्षा और कानून की जानकारी न होना चार साल की देरी माफ करने का आधार नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कर्मचारी प्रतिकर अधिनियम के तहत दायर एक दावे में चार वर्ष की देरी को माफ करने से इनकार करते हुए कहा है कि गरीबी, अशिक्षा और कानून की जानकारी का अभाव अपने-आप में देरी माफ करने के लिए 'पर्याप्त कारण' नहीं हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब तक पूरी देरी का संतोषजनक कारण नहीं बताया जाता, तब तक केवल इन आधारों पर विलंब को स्वीकार नहीं किया जा सकता।जस्टिस रत्नेश चंद्र सिंह बिसेन ने कर्मचारी प्रतिकर आयुक्त-सह-श्रम न्यायालय, सागर के आदेश को बरकरार रखते हुए मृतक कर्मचारी के परिजनों की...

संबंधित, प्रासंगिक या संबद्ध विषय में मास्टर डिग्री रखने वाला असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति के लिए पात्र: उत्तराखंड हाईकोर्ट
संबंधित, प्रासंगिक या संबद्ध विषय में मास्टर डिग्री रखने वाला असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति के लिए पात्र: उत्तराखंड हाईकोर्ट

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कहा है कि यूजीसी (UGC) विनियमों के अनुसार, यदि किसी अभ्यर्थी के पास किसी भारतीय विश्वविद्यालय से संबंधित (Concerned), प्रासंगिक (Relevant) या संबद्ध (Allied) विषय में कम से कम 55% अंकों के साथ मास्टर डिग्री है, तो वह असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर नियुक्ति के लिए पात्र होगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यूजीसी विनियम इन तीनों श्रेणियों के विषयों को समान दर्जा देते हैं और केवल संबंधित विषय में डिग्री रखने वाले अभ्यर्थी को कोई अतिरिक्त प्राथमिकता नहीं देते।जस्टिस मनोज कुमार तिवारी और...

आरोपी को चार्जशीट के खिलाफ विरोध याचिका दायर करने का वैधानिक अधिकार नहीं, आरोपमुक्ति की दलील ही उपलब्ध उपाय: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
आरोपी को चार्जशीट के खिलाफ विरोध याचिका दायर करने का वैधानिक अधिकार नहीं, आरोपमुक्ति की दलील ही उपलब्ध उपाय: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि जांच एजेंसी किसी मामले में आरोपपत्र दाखिल करती है तो आरोपी को उसके खिलाफ विरोध याचिका दायर कर आरोप तय होने से पहले लघु सुनवाई कराने का कोई वैधानिक अधिकार नहीं है। अदालत ने कहा कि ऐसी स्थिति में आरोपी के पास उपलब्ध कानूनी उपाय केवल आरोपमुक्ति की मांग करना है।जस्टिस जय कुमार पिल्लई ने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने और अश्लीलता के आरोपों में आरोप तय करने के आदेश को चुनौती देने वाली पुनरीक्षण याचिका खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।अदालत ने कहा,"जब जांच...

बेअंत सिंह हत्या मामले के दोषी जगतार सिंह हवारा की पैरोल अर्जी पर जल्द फैसला लिया जाए: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का आदेश
बेअंत सिंह हत्या मामले के दोषी जगतार सिंह हवारा की पैरोल अर्जी पर जल्द फैसला लिया जाए: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का आदेश

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे जगतार सिंह हवारा की पैरोल अर्जी पर शीघ्र निर्णय लेने के निर्देश दिए। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध प्रक्रिया अपनाकर पैरोल आवेदन का निस्तारण करने को कहा है।जस्टिस विनोद एस. भारद्वाज और जस्टिस सुखविंदर कौर की खंडपीठ ने आदेश दिया कि दिल्ली की मंडोली स्थित केंद्रीय जेल संख्या-15 के अधीक्षक एक सप्ताह के भीतर हवारा की पैरोल अर्जी चंडीगढ़ के गृह सचिव को भेजें।अदालत ने आगे निर्देश...

राम मंदिर चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की जांच की मांग पर दो और याचिकाओं पर सुनवाई से हाईकोर्ट का इनकार, कहा- मामला पहले से सुप्रीम कोर्ट में लंबित
राम मंदिर चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की जांच की मांग पर दो और याचिकाओं पर सुनवाई से हाईकोर्ट का इनकार, कहा- मामला पहले से सुप्रीम कोर्ट में लंबित

राम मंदिर चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की जांच की मांग पर दो और याचिकाओं पर सुनवाई से हाईकोर्ट का इनकार, कहा- मामला पहले से सुप्रीम कोर्ट में लंबित इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और धन के दुरुपयोग के आरोपों की जांच की मांग वाली दो और जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करने से इनकार किया। अदालत ने कहा कि यही मामला पहले से सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए समान विषय पर समानांतर कार्यवाही शुरू करने का कोई औचित्य नहीं है।जस्टिस राजन राय और...

लोक सूचना अधिकारी पर जुर्माना लगाने से पहले अलग नोटिस देना अनिवार्य, अपील का नोटिस पर्याप्त नहीं: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
लोक सूचना अधिकारी पर जुर्माना लगाने से पहले अलग नोटिस देना अनिवार्य, अपील का नोटिस पर्याप्त नहीं: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (RTI Act) के तहत किसी लोक सूचना अधिकारी पर जुर्माना लगाने से पहले राज्य सूचना आयोग के लिए धारा 20(1) के तहत अलग से नोटिस जारी करना और सुनवाई का उचित अवसर देना अनिवार्य है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अपील की कार्यवाही के दौरान जारी नोटिस को अंतिम नोटिस मानकर सीधे जुर्माना नहीं लगाया जा सकता।जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद एक लोक सूचना अधिकारी की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। याचिका में छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के उस...

अली ख़ामेनेई के पोस्टर हटाने के आरोपों पर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- आरोप सामान्य और अस्पष्ट
अली ख़ामेनेई के पोस्टर हटाने के आरोपों पर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- आरोप सामान्य और अस्पष्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश पुलिस पर ईरान के धार्मिक नेताओं के चित्र मनमाने ढंग से हटाने का आरोप लगाते हुए दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार किया। अदालत ने कहा कि याचिका में पुलिस के खिलाफ लगाए गए आरोप सामान्य और अस्पष्ट हैं तथा किसी विशेष घटना का उल्लेख नहीं किया गया।जस्टिस राजन राय और जस्टिस मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने मजलिस उलेमा-ए-हिंद की ओर से उसके महासचिव मौलाना सैयद कल्बे जवाद नकवी द्वारा दायर जनहित याचिका का निस्तारण करते हुए राहत देने से इनकार किया।याचिका में...

डीजे टिप्पणी मामले में अभिषेक बनर्जी को कलकत्ता हाईकोर्ट की फटकार, कहा- जांच में सहयोग नहीं किया तो अंतरिम संरक्षण वापस ले लेंगे
डीजे टिप्पणी मामले में अभिषेक बनर्जी को कलकत्ता हाईकोर्ट की फटकार, कहा- जांच में सहयोग नहीं किया तो अंतरिम संरक्षण वापस ले लेंगे

कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी की उस याचिका पर सुनवाई के दौरान कड़ी नाराज़गी जताई, जिसमें उन्होंने डीजे टिप्पणी (DJ Remark) मामले में अपनी आवाज का नमूना (Voice Sample) देने से छूट मांगी थी। अदालत ने कहा कि पहले दिया गया अंतरिम संरक्षण इस शर्त पर था कि वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे।जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की पीठ ने सवाल किया कि जब अदालत ने जांच में सहयोग की शर्त पर संरक्षण दिया था, तब तक अभिषेक बनर्जी ने अपना वॉयस सैंपल क्यों नहीं दिया। कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि...