हाईकोर्ट

केन-बेतवा लिंक परियोजना पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट सख्त, सुप्रीम कोर्ट की समिति की रिपोर्ट पर राज्य सरकार से मांगा जवाब

केन-बेतवा लिंक परियोजना के पर्यावरणीय प्रभावों और सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति की रिपोर्ट पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा। अदालत ने सरकार से पूछा कि समिति की रिपोर्ट के बाद अब तक क्या कार्रवाई की गई है और इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में चल रही कार्यवाही की स्थिति क्या है।मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी। चीफ जस्टिस अल्पेश वाई. कोग्जे और जस्टिस विवेक जैन की खंडपीठ जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में केन-बेतवा लिंक परियोजना से पन्ना...

केवल अपराधियों के संपर्क में आने की आशंका पर नाबालिग को जमानत से वंचित नहीं कर सकते: झारखंड हाईकोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि कानून से संघर्षरत नाबालिग को किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 (JJ Act) की धारा 12 के तहत जमानत देना सामान्य नियम है। केवल इस आशंका के आधार पर जमानत से इनकार नहीं किया जा सकता कि रिहा होने पर नाबालिग का संपर्क अपराधियों से हो सकता है। इसके लिए ठोस सामग्री और उचित आधार होना जरूरी है।जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की सिंगल बेंच नाबालिग सोनू साव की ओर से दायर आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में हजारीबाग के किशोर न्याय बोर्ड (JJB) और...

यूपी MLC चुनाव की मतदाता सूची को चुनौती देने वाली याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने कहा- चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद अधिसूचना को चुनौती नहीं

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLA) की पांच स्नातक निर्वाचन सीटों और छह शिक्षक निर्वाचन सीटों की मतदाता सूचियों को चुनौती देने वाली जनहित याचिका बुधवार को खारिज की। हाईकोर्ट ने कहा कि मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया में कोई त्रुटि नहीं है। संविधान के अनुच्छेद 329 के तहत चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद चुनाव अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार नहीं किया जा सकता।चीफ जस्टिस अरुण भंसाली और जस्टिस क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने कहा कि याचिका मतदाता सूची में संशोधन को लेकर...

दिल्ली हाईकोर्ट की रोक: सरकारी अभियोजकों के लिए आधार से बायोमेट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य नहीं

दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकारी अभियोजकों के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य करने के दिल्ली सरकार के अभियोजन निदेशालय के आदेश पर रोक लगाई। जस्टिस अमित महाजन ने दिल्ली प्रॉसिक्यूटर्स वेलफेयर एसोसिएशन की याचिका पर यह आदेश पारित किया।केंद्र ने दलील दी थी कि अभियोजन अधिकारियों की जिम्मेदारियां केवल कार्यालय तक सीमित नहीं होतीं। उन्हें अदालतों में पेश होने के साथ-साथ जेलों, पुलिस थानों और फॉरेंसिक साइंस लैब में भी जाना पड़ता है। ऐसे में तय कार्यालयी समय के अनुसार हाजिरी दर्ज करने की अनिवार्यता...

पंजाब DA मामले में चीफ सेक्रेटरी के खिलाफ अवमानना केस रोस्टर बेंच को सौंपा, हाईकोर्ट ने कहा, अदालत की गरिमा से समझौता नहीं हो सकता

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के चीफ सेक्रेटरी के.पी. सिन्हा के खिलाफ अवमानना मामले को रोस्टर के अनुसार संबंधित बेंच के समक्ष रखने का निर्देश दिया। मामला सरकारी कर्मचारियों के बकाया महंगाई भत्ते (DA) के भुगतान से जुड़े हाईकोर्ट के आदेशों का कथित रूप से पालन नहीं करने और सुप्रीम कोर्ट में दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) की खामियां दूर किए जाने के संबंध में दिए गए हलफनामे से जुड़ा है।मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को होगी। चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ को...

अंतरधार्मिक जोड़े को बड़ी राहत, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विवाह नोटिस के प्रकाशन से दी छूट; पुलिस सुरक्षा का निर्देश

परिवार के सदस्यों से जान और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को खतरा झेल रहे अंतरधार्मिक जोड़े को राहत देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विशेष विवाह अधिनियम, 1954 के तहत विवाह की सूचना प्रकाशित करने और उस पर आपत्तियां आमंत्रित करने की प्रक्रिया से छूट दी।अदालत ने लखनऊ के विवाह अधिकारी को निर्देश दिया कि वह जोड़े के विवाह की सूचना प्रकाशित न करें और प्रस्तावित विवाह पर आपत्तियां भी स्वीकार न करें। साथ ही, लखनऊ के पुलिस आयुक्त को कानून के अनुसार खतरे का आकलन कर जोड़े को सुरक्षा और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का...

दिल्ली हाईकोर्ट ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन की इजाज़त न मिलने पर IYC की अर्ज़ी पर तुरंत सुनवाई से किया इनकार

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) की उस अर्ज़ी पर तुरंत सुनवाई करने से इनकार किया, जिसमें जंतर-मंतर पर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की इजाज़त न मिलने को चुनौती दी गई थी।IYC की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट संजय घोष ने कहा कि याचिका में मौजूद सभी कमियां दूर कर ली गई हैं और कोर्ट ने उनसे कहा था कि अगर मामला लिस्ट नहीं होता है तो वे आज फिर से इस मामले का ज़िक्र करें।हालांकि, शुक्रवार को तुरंत सुनवाई की मांग को खारिज करते हुए एक्टिंग चीफ जस्टिस नितिन वासुदेव सांब्रे की...

चेक बाउंस मामले में अपील के दौरान 20% मुआवजा जमा करना होगा, संशोधन कानून रद्द होने से नहीं बदलेगा नियम: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि परक्राम्य लिखत अधिनियम (NI Act) में धारा 148 जोड़ने वाले वर्ष 2018 के संशोधन कानून को वर्ष 2025 में निरस्त किए जाने से यह प्रावधान समाप्त नहीं हुआ है। चेक बाउंस मामले में दोषसिद्ध व्यक्ति को अपील लंबित रहने के दौरान निचली अदालत द्वारा निर्धारित मुआवजे की कम से कम 20 प्रतिशत राशि जमा करने का आदेश दिया जा सकता है।जस्टिस अनिल कुमार उपमन की पीठ ने कहा कि जब किसी संशोधन को मूल कानून में शामिल कर दिया जाता है तो वह मूल कानून का अभिन्न हिस्सा बन जाता है। इसके बाद...

दो नावों की सवारी नहीं कर सकते सरकारी डॉक्टर, राजस्थान हाईकोर्ट ने दो सरकारी पदों पर सेवा का अधिकार बनाए रखने की याचिका खारिज की

राजस्थान हाईकोर्ट ने MCH की पढ़ाई पूरी करने के लिए दो साल तक सहायक आचार्य के पद पर कार्यभार ग्रहण करने की अवधि बढ़ाने की मांग करने वाले एक डॉक्टर की याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस अनूप कुमार ढांड ने कहा कि कोई सरकारी कर्मचारी एक ही समय में दो स्थायी सरकारी पदों पर अपना अधिकार बनाए नहीं रख सकता।अदालत ने स्पष्ट किया कि कार्यभार ग्रहण करने के लिए समय बढ़ाने की सुविधा प्रशासनिक जरूरतों या व्यक्तिगत कठिनाइयों के समाधान के लिए है। इसका इस्तेमाल नई नियुक्ति पर कार्यभार संभालने में जानबूझकर देरी करने या...

हाईकोर्ट का केंद्र को निर्देश: बेदखली के बाद सेंट्रल सेक्रेटेरिएट क्लब के अधिकारियों को परिसर में जाने की अनुमति

दिल्ली हाईकोर्ट ने सेंट्रल सेक्रेटेरिएट क्लब के दो अधिकारियों को क्लब परिसर में जाकर अपना सामान और अन्य वस्तुएं ले जाने की अनुमति देने का केंद्र सरकार को निर्देश दिया। क्लब के पदाधिकारियों को परिसर से बेदखल किए जाने के बाद अदालत ने यह आदेश दिया। मामले की सुनवाई जस्टिस अमित महाजन ने की।हाईकोर्ट क्लब की उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा क्लब की मान्यता वापस लेने और परिसर से बेदखल करने के फैसले को चुनौती दी गई।अदालत ने कहा कि क्लब वर्ष 1926 से काम कर रहा था। विवादित आदेश के...

जयपुर की विरासत पर संकट: यूनेस्को दर्जा बचाने के लिए हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान जनहित याचिका की शुरू

जयपुर के ऐतिहासिक परकोटे की विरासत को हो रहे नुकसान और शहर का यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल का दर्जा खतरे में पड़ने की आशंका को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका शुरू की। हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक परकोटे की स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि इसकी विश्व धरोहर पहचान को बचाने के लिए तत्काल और ठोस कदम उठाने की गंभीर आवश्यकता है।मामले की अगली सुनवाई 26 अक्टूबर से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी।चीफ जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस समीर जैन की खंडपीठ ने मामले को जनहित याचिका के...

मेरिट-बेस्ड सेलेक्शन से लेकर महिलाओं की भागीदारी तक: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी स्टेट लॉ ऑफिसर्स की नियुक्ति पर गाइडलाइंस जारी कीं

इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने सोमवार को उत्तर प्रदेश में स्टेट लॉ ऑफिसर्स की नियुक्ति के लिए 8-पॉइंट वाली सख्त गाइडलाइंस जारी कीं।कोर्ट ने राज्य सरकार को सख्ती से निर्देश दिया कि वह यह सुनिश्चित करे कि सिलेक्शन प्रोसेस पारदर्शी और मेरिट-बेस्ड हो और महिला वकीलों को भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिले (अगर वे उपलब्ध हों)।कोर्ट ने यूपी सरकार को निर्देश दिया कि नियुक्ति करने से पहले अधिकारियों की ज़रूरत का आकलन करे और चुने जाने वाले लोगों की प्रोफेशनल ईमानदारी और आपराधिक बैकग्राउंड की जांच करे।कोर्ट ने...

SIR मामले में ECI ने ग़लत तथ्य पेश करके सुप्रीम कोर्ट के साथ की धोखाधड़ी, फैसला वापस लिया जाना चाहिए: पूर्व एससी जज गोपाला गौड़ा

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस वी. गोपाला गौड़ा ने कहा कि वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) को कराने के चुनाव आयोग (ECI) के फ़ैसले को सही ठहराने वाले सुप्रीम कोर्ट के मई 2026 के फ़ैसले को वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह फ़ैसला चुनाव आयोग द्वारा कोर्ट को गुमराह करने और तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने का नतीजा है।'लाइव लॉ' (LiveLaw) से बातचीत में जस्टिस गौड़ा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को खुद से (suo motu) इस फ़ैसले को वापस लेना चाहिए और चुनाव आयोग से सभी रिकॉर्ड मंगाने चाहिए।...

चार्जशीट दाखिल करने में बहुत ज़्यादा देरी से आरोपी के तेज़ी से जांच और ट्रायल के अधिकार का उल्लंघन होता है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि चार्जशीट दाखिल करने में बहुत ज़्यादा देरी से भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत आरोपी के तेज़ी से जांच और ट्रायल के मौलिक अधिकार का उल्लंघन हो सकता है।जस्टिस अरुण भारद्वाज ने आबकारी (Excise) मामले में एक व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द किया, जिसमें FIR दर्ज होने के लगभग आठ साल बाद चार्जशीट दाखिल की गई।कोर्ट ने कहा कि हालांकि जांच पूरी करने के लिए समय-सीमा तय करना मुश्किल हो सकता है, लेकिन उन्हें अनिश्चित काल तक जारी नहीं रहने दिया जा सकता।कोर्ट ने...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने टीवी एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी सुसाइड केस में राहुल राज सिंह को एक दशक बाद किया बरी

लोकप्रिय टीवी एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी के सुसाइड केस में आरोपी बनाए जाने के लगभग एक दशक बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में उनके बॉयफ्रेंड और इवेंट प्लानर राहुल राज सिंह को बरी किया। कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई सबूत नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि 'बालिका वधू' फेम एक्ट्रेस ने राहुल द्वारा कथित तौर पर परेशान किए जाने के कारण यह कठोर कदम उठाया।सिंगल-जज जस्टिस शिवकुमार दिगे ने 30 सितंबर के अपने आदेश में - जिसे गुरुवार (8 अक्टूबर) को अपलोड किया गया - बनर्जी के माता-पिता के आरोपों का ज़िक्र...

RTI के तहत कर्मचारी की LTC और CGHS रीइम्बर्समेंट के लिए सरकारी पैसे का इस्तेमाल होने से उनकी निजी जानकारी का खुलासा करना ज़रूरी नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि सिर्फ़ इसलिए कि किसी सरकारी कर्मचारी को मिलने वाले कुछ फ़ायदों में सरकारी पैसे का खर्च शामिल है, इसका मतलब यह नहीं है कि उनसे जुड़ी निजी जानकारी को 'सूचना का अधिकार' (RTI) कानून के तहत सार्वजनिक किया जाना चाहिए।जस्टिस अमित महाजन ने यह बात याचिका खारिज करते हुए कही। यह याचिका 'केंद्रीय सूचना आयोग' (CIC) के उस आदेश को चुनौती देने के लिए दायर की गई, जिसमें 'नागरिक उड्डयन महानिदेशालय' (DGCA) के एक कर्मचारी से जुड़ी निजी जानकारी का खुलासा करने से इनकार किया गया।याचिकाकर्ता...

साइबर-धोखाधड़ी मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने 10 महीने जेल में रहने के बाद व्यक्ति को ज़मानत दी, पुलिस अधिकारी को फटकार लगाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस के जांच अधिकारी को साइबर-धोखाधड़ी की जांच "दिखावटी कागजी कार्रवाई" के ज़रिए करने के लिए फटकार लगाई। साथ ही कोर्ट ने 27 साल के उस व्यक्ति को ज़मानत दे दी जो लगभग 10 महीने से हिरासत में था।जस्टिस गिरीश कथपालिया ने कहा कि अपडेटेड स्टेटस रिपोर्ट से पता चलता है कि जांच रुकी हुई है और ऐसा लगता है कि कोर्ट की पिछली टिप्पणियों के बावजूद इसे ईमानदारी से नहीं किया जा रहा है।कोर्ट विशाल शर्मा की ज़मानत याचिका पर सुनवाई कर रहा था। शर्मा पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा...

दिल्ली हाईकोर्ट ने कॉपीराइट टाइटल के दावे पर दिल्ली लॉ हाउस को 47 लॉ बुक्स बेचने से रोकने से इनकार किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने 'दिल्ली लॉ हाउस' और उससे जुड़ी संस्थाओं या लोगों को 47 लॉ बुक्स पब्लिश करने और बेचने से रोकने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा कि केस करने वाली शक्ति सागर इन कामों पर अपना शुरुआती (Prima Facie) कॉपीराइट अधिकार साबित करने में नाकाम रहीं।जस्टिस पुरषेंद्र कुमार कौरव, सागर द्वारा दायर केस की सुनवाई कर रहे थे। सागर ने 47 टाइटल्स पर एक्सक्लूसिव कॉपीराइट का दावा किया था और आरोप लगाया कि 'दिल्ली लॉ हाउस' समेत प्रतिवादी (Defendants) उनकी इजाज़त के बिना किताबें पब्लिश और बेच रहे थे।वादी...

निष्पक्ष सुनवाई के लिए ज़रूरी: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने POCSO मामले में अंधे आरोपी के लिए गवाह की गवाही ब्रेल में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने देहरादून की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (POCSO) का वह आदेश रद्द किया, जिसमें पूरी तरह से अंधे आरोपी से गवाह से जिरह (Cross-Examination) करने का मौका छीन लिया गया।कोर्ट ने कहा, “आसानी से समझ में आने वाले या इस्तेमाल करने लायक रूप (Accessible Form) में सामग्री उपलब्ध कराना आरोपी के निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार से सीधे तौर पर जुड़ा है।” जस्टिस आलोक महरा क्रिमिनल रिवीजन याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें ट्रायल कोर्ट के 9 सितंबर, 2026 के उस आदेश को चुनौती दी गई, जिसके तहत आरोपी से...