हाईकोर्ट

भारत में तलाक-ए-हसन वैध, असम के कानून के तहत कराना होगा रजिस्ट्रेशन: गुवाहाटी हाईकोर्ट
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कहा कि तलाक-ए-हसन भारत में फिलहाल वैध तलाक का एक रूप है और प्रतिबंधित नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि असम में इस तरह के तलाक का रजिस्ट्रेशन 2024 के असम अनिवार्य मुस्लिम विवाह एवं तलाक पंजीकरण अधिनियम के तहत संबंधित विवाह एवं तलाक रजिस्ट्रार के समक्ष कराया जा सकता है।जस्टिस अरुण देव चौधरी ने यह टिप्पणी उस याचिका पर सुनवाई करते हुए की, जिसमें एक पति ने बारपेटा के उप-पंजीयक-सह-विवाह एवं तलाक रजिस्ट्रार द्वारा तलाक-ए-हसन के पंजीकरण से इनकार किए जाने को चुनौती दी थी।पति का कहना...

महाकाल मंदिर के पास से शाही मस्जिद का हिस्सा हटाने का रास्ता साफ, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सड़क चौड़ीकरण को दी मंजूरी
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने उज्जैन में महाकाल मंदिर के पास स्थित शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाकर सड़क चौड़ी करने के नगर निगम के फैसले को चुनौती देने वाली दो याचिकाएं खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि नगर निगम ने संबंधित कानूनी प्रावधानों का पालन करते हुए और मस्जिद का प्रबंधन करने वाले लोगों को सुनवाई का पर्याप्त अवसर देने के बाद कार्रवाई की।जस्टिस संदीप एन. भट्ट की पीठ ने कहा कि प्रस्तावित कार्रवाई संविधान के अनुच्छेद 14, 25, 26 और 300-ए का उल्लंघन नहीं करती। कोर्ट ने 2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ,...

Delhi SIR: 'पहली बार मतदाता' घोषणा के खिलाफ याचिका पर हाईकोर्ट का सुनवाई से इनकार, कहा- जनहित याचिका दाखिल करें
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान हटाए गए मतदाताओं से आवेदन पत्र में खुद को पहली बार मतदाता बताने वाली घोषणा लेने की व्यवस्था को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार किया।जस्टिस अमित बंसल ने कहा कि यह मामला जनहित याचिका के तौर पर दाखिल किया जाना चाहिए। इसके बाद याचिकाकर्ताओं ने याचिका वापस ले ली। याचिका दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व विधायक देवेंद्र यादव तथा डीपीसीसी बूथ प्रबंधन समिति के अध्यक्ष राजेश कुमार गर्ग ने दाखिल की।याचिका में...

इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: बुजुर्ग की जान और सुरक्षा बचाने के लिए बच्चों को घर से निकाल सकता है ट्रिब्यूनल
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007 के तहत गठित ट्रिब्यूनल, बुजुर्ग की जान और सुरक्षा की रक्षा के लिए असाधारण परिस्थितियों में उसके साथ रहने वाले बच्चों या रिश्तेदारों को संपत्ति से बाहर करने का आदेश दे सकता है। हालांकि, यह शक्ति असीमित नहीं है और इसे केवल भरण-पोषण तथा सुरक्षा के अधिकार के हिस्से के तौर पर, बहुत कम और आवश्यक मामलों में इस्तेमाल किया जा सकता है।जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने कहा कि ट्रिब्यूनल की...

Facebook India आवश्यक पक्षकार नहीं, Meta ही Facebook को नियंत्रित करती है: गुहाटी हाईकोर्ट
गौहाटी हाईकोर्ट ने कहा है कि Facebook पर कथित मानहानिकारक सामग्री से जुड़े मुकदमे में Facebook India आवश्यक पक्षकार नहीं है, क्योंकि Facebook सेवा को Meta नियंत्रित करती है और Meta पहले से ही मामले में पक्षकार है।जस्टिस सुस्मिता फुकन खौंड ने कहा कि Facebook India न तो Facebook सेवा का संचालन या नियंत्रण करती है, न किसी सर्वर की मालिक या संचालक है और न ही प्लेटफॉर्म पर मौजूद सामग्री को होस्ट करती है।अदालत ने कहा, “Meta Facebook की सभी गतिविधियों को नियंत्रित करती है। इसलिए Facebook इस मुकदमे में...

बिना बार काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कोई वकील के तौर पर प्रैक्टिस नहीं कर सकता, राजस्थान हाईकोर्ट ने फर्जी वकील पर लगाया 50 हजार का जुर्माना
राजस्थान हाईकोर्ट ने बिना बार काउंसिल में पंजीकरण के खुद को वकील बताकर अदालतों में पेश होने वाले एक व्यक्ति की याचिका खारिज करते हुए उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। व्यक्ति पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319(2) के तहत आरोप है। यह धारा प्रतिरूपण कर धोखाधड़ी करने से संबंधित है।जस्टिस रवि चिरानिया ने कहा कि कोई भी व्यक्ति तब तक वकील के तौर पर प्रैक्टिस नहीं कर सकता या खुद को वकील नहीं बता सकता, जब तक वह एडवोकेट अधिनियम 961 के प्रावधानों के अनुसार संबंधित राज्य की बार काउंसिल में...

काला हिरण अभी रिलीज के लिए तैयार नहीं, सेंसर बोर्ड से प्रमाणपत्र भी नहीं मिला: निर्माता ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान की 1998 के काला हिरण शिकार मामले से प्रेरित बताई जा रही फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी' फिलहाल रिलीज के लिए तैयार नहीं है। फिल्म के निर्माता ने गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि फिल्म की सामग्री को अभी सेंसर बोर्ड से प्रमाणित नहीं किया गया।जस्टिस ज्योति सिंह की पीठ सलमान खान की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की गई। सुनवाई के दौरान निर्माता की ओर से पेश वकील ने कहा कि फिल्म अभी ऐसी स्थिति में नहीं है कि उसे रिलीज किया जा...

जवाबदेही तय नहीं हुई तो पेपरलेस कोर्ट का सपना कागजों पर ही रहेगा, राजस्थान हाईकोर्ट ने दस्तावेज अपलोड में लापरवाही पर जताई नाराजगी
राजस्थान हाईकोर्ट ने मुकदमों की फाइलों को डिजिटल करने और दस्तावेजों को पेपरलेस मॉड्यूल पर अपलोड करने में बरती जा रही सुस्त और लापरवाह कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई है।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने कहा कि दस्तावेज समय पर अपलोड नहीं होने से पेपरलेस तरीके से काम कर रही अदालतों को परेशानी होती है और पेपरलेस कोर्ट की पूरी व्यवस्था का उद्देश्य ही प्रभावित होता है। पीठ ने कहा कि 2 नवंबर 2020 को रजिस्ट्रार जनरल की ओर से जारी स्थायी आदेश में अब उचित संशोधन की जरूरत है। यह आदेश फिलहाल आपराधिक...

BREAKING| पंजाब-हरियाणा हरियाणा ने Income Tax Act की धारा 147ए को असंवैधानिक करार दिया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने आयकर अधिनियम, 1961 (Income Tax) की नई सम्मिलित धारा 147ए रद्द की, जो पुनर्मूल्यांकन कार्यवाही में क्षेत्राधिकार मूल्यांकन अधिकारी (जेएओ) की भूमिका को पूर्वव्यापी रूप से स्पष्ट करती है।जस्टिस दीपक सिब्बल और जस्टिस रूपिंदरजीत चहल की बेंच ने यह फैसला सुनाया।बता दें, धारा 147ए को 1 अप्रैल, 2021 से पूर्वव्यापी प्रभाव से पेश किया गया था। यह प्रावधान करता है कि धारा 148 और 148ए के प्रयोजनों के लिए अभिव्यक्ति "आकलन अधिकारी" का अर्थ राष्ट्रीय फेसलेस मूल्यांकन केंद्र के अलावा...

बिना सत्यापन हमला करना सही नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने सौरव दास-अशुतोष रांका से गौरव भाटिया पर पोस्ट हटाने को कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और अशुतोष रांका से भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता और सीनियर वकील गौरव भाटिया के खिलाफ किए गए सोशल मीडिया पोस्ट खुद हटाने पर विचार करने को कहा।कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि बिना वेरिफिकेशन किसी पर इस तरह हमला करना सही नहीं है। हालांकि कोर्ट ने फिलहाल पोस्ट हटाने का आदेश जारी करने के बजाय दोनों नेताओं से इस बारे में निर्देश लेने को कहा। जस्टिस तुषार राव गेडेला भाटिया की मानहानि याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। याचिका में...

माता-पिता की वास्तविक चिंता भी व्यस्क व्यक्ति के जीवनसाथी चुनने के अधिकार से ऊपर नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि माता-पिता की सच्ची चिंता भी संविधान से सुरक्षित बालिग व्यक्ति की जीवनसाथी चुनने की आज़ादी से ऊपर नहीं हो सकती।कोर्ट ने कहा कि अपना साथी चुनने का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत गारंटीकृत व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सम्मान का एक हिस्सा है।जस्टिस संदीप जैन की बेंच ने व्यस्क महिला से जुड़ी 'हेबियस कॉर्पस' (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका पर सुनवाई करते हुए यह बात कही। महिला ने दावा किया था कि उसने अपनी मर्ज़ी से अपनी पसंद के व्यक्ति से शादी की है और वह उसकी पत्नी के तौर पर...

फैमिली कोर्ट ने पत्नी को याद दिलाए 'पवित्र कर्तव्य', बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा- 'पिछड़ी सोच वाली टिप्पणी', की आलोचना
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में पुणे फैमिली कोर्ट द्वारा पत्नी के पति के प्रति तथाकथित 'पवित्र कर्तव्यों' पर उपदेश देने और नाबालिग लड़के की कस्टडी उसके पिता को सौंपने के फैसले पर नाराजगी जताई। हाईकोर्ट ने कहा कि जजों को टिप्पणियां करते समय 'सावधान' रहना चाहिए और किसी भी 'गैर-जरूरी' या 'असंगत' टिप्पणी से बचना चाहिए।बता दें, फैमिली कोर्ट के जज गणेश घुले ने 16 मई को आदेश पारित कर नाबालिग लड़के की कस्टडी उसके पिता को सौंप दी थी। उन्होंने यह टिप्पणी की थी कि अगर कोई महिला अपने पति के प्रति इन 'पवित्र...

RTI Act: किसी तीसरे पक्ष की प्राइवेसी का मामला न हो तो बचाव के लिए मांगी गई जांच की जानकारी देने से मना नहीं किया जा सकता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की बेंच ने कहा कि RTI Act की धारा 8(1)(c) और 8(1)(j) के तहत जानकारी देने से मना करना तब सही नहीं है, जब मांगी गई जानकारी याचिकाकर्ता की अपनी विभागीय जांच से जुड़ी हो और बचाव के लिए मांगी गई हो, और इसमें किसी तीसरे पक्ष की प्राइवेसी का मामला न हो।पृष्ठभूमि की जानकारीयाचिकाकर्ता जांजगीर के फैमिली कोर्ट में ड्राइवर के तौर पर काम कर रहा था। कुछ आरोपों के चलते याचिकाकर्ता के खिलाफ दो विभागीय जांच शुरू की गईं। उस पर गलत व्यवहार के सात आरोप लगाए गए।...

टेंडर डॉक्यूमेंट जमा करने की शर्त में बोली लगाने वाले द्वारा उसे सही तरीके से पूरा करना और प्रमाणित करना शामिल है: पटना हाईकोर्ट
पटना हाईकोर्ट ने कहा कि टेंडर डॉक्यूमेंट जमा करने की शर्त में यह ज़रूरी है कि डॉक्यूमेंट को बोली लगाने वाले ने सही तरीके से पूरा किया हो और प्रमाणित किया हो।कोर्ट ने कहा, "डॉक्यूमेंट जमा करने की शर्त के साथ यह भी ज़रूरी है कि डॉक्यूमेंट को बोली लगाने वाले ने सही तरीके से पूरा किया हो और प्रमाणित किया हो।" एक्टिंग चीफ जस्टिस सुधीर सिंह और जस्टिस राजेश कुमार वर्मा की खंडपीठ, M/s शुभराज कंस्ट्रक्शन द्वारा दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में नगर परिषद, मोकामा द्वारा 'नल-जल...

'NehrWho' ने X अकाउंट ब्लॉक करने के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया, केंद्र पर बार-बार निशाना बनाने का आरोप
राजनीतिक कमेंटेटर और व्यंग्यकार कुमार नयन ने इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट, 2000 की धारा 69A के तहत भारत में अपने पूरे X अकाउंट "nher_who" को ब्लॉक किए जाने को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की।याचिका में आरोप लगाया गया कि यह अकाउंट केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) की कार्रवाई के तहत ब्लॉक किया गया, जबकि इसके लिए कोई ब्लॉकिंग ऑर्डर, कारण या सहायक सामग्री नहीं दी गई।नयन का तर्क है कि यह कार्रवाई भारत के संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(a), 19(1)(g) और 21 के तहत उनके मौलिक...

पुलिस अधिकारी के बयान के आधार पर खबर छापने वाले रिपोर्टर पर मानहानि का केस नहीं चलेगा: झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि अगर कोई रिपोर्टर किसी पुलिस अधिकारी के बयान के आधार पर खबर छापता है, तो उस पर आपराधिक मामला नहीं चलाया जा सकता, क्योंकि रिपोर्टर ने बस वही बताया जो अधिकारी ने कहा था। कोर्ट ने माना कि प्रतिवादी "सिर्फ एक रिपोर्टर" है, जिसने SDPO की बात छापी और "खबर छापना रिपोर्टर के अधिकार क्षेत्र से बाहर की बात है। इसके लिए उस पर कोई आपराधिक जिम्मेदारी नहीं डाली जा सकती।"जस्टिस रोंगोन मुखोपाध्याय और जस्टिस अरुण कुमार राय की डिवीजन बेंच, देवघर के सेशन जज के 26.09.2011 के फैसले के खिलाफ...

CBFC के रीजनल ऑफिसर के पास 'चार्दीकला' फ़िल्म को सर्टिफ़िकेशन देने से मना करने का अधिकार नहीं: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि पंजाबी फ़िल्म "चार्दीकला" को सर्टिफ़िकेशन देने से मना करने वाले आदेश ऐसे अधिकारी ने दिए, जिसके पास ऐसा करने का अधिकार नहीं है। यह बात तब सामने आई, जब पता चला कि जिन तारीखों पर मनाही के आदेश जारी किए गए, उन तारीखों पर सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ फ़िल्म सर्टिफ़िकेशन (CBFC) की कानूनी शक्तियों का रीजनल ऑफिसर या चेयरपर्सन के पक्ष में कोई वैध डेलीगेशन (अधिकार सौंपना) मौजूद नहीं है। [2026 LL (PH) 321]जस्टिस हरकेश मनुजा ने कहा,"यह स्पष्ट किया जाता है कि अपीलकर्ता द्वारा दी गई...

'Right To Be Forgotten: दिल्ली हाईकोर्ट का सवाल- क्या अदालती रिकॉर्ड को पूरी तरह से छिपाना ज़रूरी है?
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को सवाल उठाया कि क्या अदालती रिकॉर्ड तक पहुंच को रोकने के लिए कोई "ब्लैंकेट" (सब पर लागू होने वाला) आदेश ज़रूरी है। कोर्ट ने कहा कि जिस व्यक्ति की प्राइवेसी किसी खास अदालती रिकॉर्ड से प्रभावित होती है, वह उचित राहत के लिए संबंधित कोर्ट में जा सकता है।जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस विनोद कुमार की बेंच उन अपीलों पर सुनवाई कर रही थी, जो कानूनी डेटाबेस वेबसाइट 'इंडियन कानून' ने दायर की थीं। ये अपीलें एक सिंगल जज के उस फैसले को चुनौती देने के लिए थीं, जिसमें वेबसाइट को अदालती...

'विध्वंस पहली नज़र में गैर-कानूनी': बिना सुनवाई के घर गिराने पर गुवाहाटी हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को फटकारा
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने सोमवार (7 सितंबर) को गोलपारा में कई निवासियों के निजी ज़मीन पर बने घरों को बिना उनकी बात सुने गिराने के लिए राज्य के अधिकारियों को फटकार लगाई। कोर्ट ने माना कि यह कार्रवाई पहली नज़र में गैर-कानूनी और बिना अधिकार के की गई।ऐसा करते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा कि याचिकाकर्ताओं के घरों को गिराने की ज़रूरत क्यों पड़ी और क्या कोई "तत्काल खतरा" है।कोर्ट उन लोगों की याचिका पर सुनवाई कर रहा है, जिन्होंने मटिया के सर्कल ऑफिस (प्रतिवादी नंबर 3) द्वारा जारी नोटिस को चुनौती...

पति का यात्रा का खर्च उठाने का प्रस्ताव पत्नी की केस ट्रांसफर की अर्ज़ी अपने-आप खारिज नहीं कर सकता: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पत्नी की अर्ज़ी पर हिसार की फैमिली कोर्ट से सोनीपत की फैमिली कोर्ट में पति द्वारा दायर तलाक की अर्ज़ी ट्रांसफर की। कोर्ट ने कहा कि सुनवाई के लिए यात्रा का खर्च उठाने का पति का प्रस्ताव कोई ऐसा सख्त नियम नहीं है, जिससे पत्नी की ट्रांसफर की मांग खारिज हो जाए और वैवाहिक मामलों में केस ट्रांसफर करते समय महिला पक्षकार की सुविधा को उचित महत्व दिया जाना चाहिए। [2026 LiveLaw (PH) 322]जस्टिस हरकेश मनुजा ने कहा,"प्रतिवादी के वकील ने जिन फैसलों का हवाला दिया, उनसे उनके मामले...
