हाईकोर्ट

RJS सिविल जज 2024 प्रारंभिक परीक्षा की आंसर की को चुनौती देने वाली याचिका खारिज: राजस्थान हाईकोर्ट
RJS सिविल जज 2024 प्रारंभिक परीक्षा की आंसर की को चुनौती देने वाली याचिका खारिज: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान न्यायिक सेवा (RJS) परीक्षा 2024 की आंसर की को रद्द कर संशोधित परिणाम जारी करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि शैक्षणिक मूल्यांकन या प्रतियोगी परीक्षा में सही उत्तर निर्धारित करने के मामलों में न्यायालय, विशेषज्ञ समिति के निर्णय पर अपीलीय प्राधिकरण के रूप में कार्य नहीं कर सकता।जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस सुनील बेनीवाल की खंडपीठ ने कहा कि विशेषज्ञ समिति संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों से बनी होती है और उसकी शैक्षणिक राय को उचित सम्मान दिया जाना...

UK हत्या मामले में वांछित व्यक्ति के प्रत्यर्पण पर दिल्ली हाईकोर्ट की रोक, चाकू मारने का प्रथम दृष्टया साक्ष्य नहीं
UK हत्या मामले में वांछित व्यक्ति के प्रत्यर्पण पर दिल्ली हाईकोर्ट की रोक, चाकू मारने का प्रथम दृष्टया साक्ष्य नहीं

दिल्ली हाईकोर्ट ने पंजाब के एक व्यक्ति को हत्या के मामले में यूनाइटेड किंगडम प्रत्यर्पित (extradite) करने की सिफारिश करने वाले आदेश को रद्द कर दिया। अदालत ने कहा कि यह साबित करने के लिए कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं है कि आरोपी ने ही चाकू से वार किया था और यह “महत्वपूर्ण कड़ी” केवल अनुमान और अटकलों पर आधारित है।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कंवरजीत सिंह बठ की याचिका स्वीकार करते हुए 2019 में एसीएमएम द्वारा दी गई उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया, जिसमें उसे हत्या के मुकदमे का सामना करने के लिए यूके भेजने की...

दिल्ली हाईकोर्ट ने NDTV के संस्थापकों प्रणय रॉय और राधिका रॉय के खिलाफ CBI के लुक आउट सर्कुलर रद्द किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने NDTV के संस्थापकों प्रणय रॉय और राधिका रॉय के खिलाफ CBI के लुक आउट सर्कुलर रद्द किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) द्वारा 2019 में NDTV के पूर्व निदेशकों और प्रमोटरों प्रणय रॉय और राधिका रॉय के खिलाफ जारी किए गए लुक आउट सर्कुलर (LOC) रद्द किया।जस्टिस सचिन दत्ता ने आदेश सुनाते हुए कहा,"विवादित LOC रद्द किया जाता है, बशर्ते याचिकाकर्ता जांच में सहयोग करें।" बता दें, पिछले साल मई में कोर्ट ने मौखिक रूप से टिप्पणी की थी कि लुक आउट सर्कुलर को जारी रखना बेकार होगा।यह टिप्पणी CBI द्वारा LOC का बचाव करने के बाद की गई थी, जिसमें यह तर्क दिया गया कि इसे रॉय...

पत्नी का कमाना ही पति से गुज़ारा भत्ता न देने का एकमात्र आधार नहीं हो सकता: गुजरात हाईकोर्ट
पत्नी का कमाना ही पति से गुज़ारा भत्ता न देने का एकमात्र आधार नहीं हो सकता: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि सिर्फ़ इसलिए कि कोई महिला कमा रही है, यह उसके पति से गुज़ारा भत्ता मांगने का दावा खारिज करने का एकमात्र आधार नहीं हो सकता।जस्टिस हसमुख डी. सुथार ने अपने आदेश में कहा,"दोनों पक्षकारों के वकीलों की दलीलें सुनने और अर्ज़ी की बातों के साथ-साथ फ़ैमिली कोर्ट के निष्कर्षों पर विचार करने के बाद यह साफ़ है कि पत्नी अपना गुज़ारा करने में असमर्थ है और उसके पति ने उसे नज़रअंदाज़ किया। इसके अलावा, यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि सिर्फ़ इसलिए कि पत्नी कमा रही है, यह उसके...

11 साल बाद भी चार्जशीट नहीं चौंकाने वाला: त्वरित जांच के लिए पुलिस के जांच और कानून-व्यवस्था विंग अलग करने के निर्देश—राजस्थान हाईकोर्ट
11 साल बाद भी चार्जशीट नहीं 'चौंकाने वाला': त्वरित जांच के लिए पुलिस के जांच और कानून-व्यवस्था विंग अलग करने के निर्देश—राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक मामले में गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि एफआईआर दर्ज होने के 11 वर्ष बाद भी चार्जशीट दाखिल न होना अत्यंत चिंताजनक है। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि कई मामलों में जांच लंबित रहने का एक प्रमुख कारण यह है कि एक ही जांच अधिकारी को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और जांच—दोनों जिम्मेदारियां सौंप दी जाती हैं।जस्टिस अनूप कुमार धंध की पीठ ने सुप्रीम कोर्ट के प्रकाश सिंह बनाम यूनियन ऑफ इंडिया (2006) मामले का हवाला देते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों को पुलिस के जांच विंग और...

दिल्ली हाईकोर्ट ने गौतम गंभीर से पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए दायर केस में पक्षकारों का सही मेमो फाइल करने को कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने गौतम गंभीर से पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए दायर केस में पक्षकारों का सही मेमो फाइल करने को कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार (20 मार्च) को भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर से उनके पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए दायर केस में प्रतिवादी पार्टियों का ब्योरा देने वाले मेमो में मौजूद गलतियों को सुधारने को कहा।गंभीर की तरफ से पेश होते हुए वकील जय अनंत देहाद्रई ने जस्टिस ज्योति सिंह के सामने दलील दी कि वादी के "बहुत परेशान करने वाले" डीपफेक वीडियो मौजूद हैं।देहाद्रई ने कहा,"मान लीजिए किसी मैच में खराब परफॉर्मेंस होती है, तो वे कहेंगे कि मैंने इस्तीफा दे दिया। ऐसे वीडियो हैं, जिनमें...

एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा के पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए अंतरिम आदेश पारित करेगा दिल्ली हाईकोर्ट
एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा के पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए अंतरिम आदेश पारित करेगा दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि वह बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा के पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए एक अंतरिम आदेश देगा।जस्टिस ज्योति सिंह एक्ट्रेस द्वारा दायर अंतरिम रोक की याचिका पर सुनवाई कर रही थीं, जिसमें उन्होंने अपने पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा की मांग की थी।कोर्ट के यह पूछने पर कि उल्लंघन करने वाले लिंक्स कौन से हैं, एक्ट्रेस की ओर से पेश वकील ने उन AI चैटबॉट्स का ज़िक्र किया जो सिन्हा के पर्सनैलिटी ट्रेड्स का बिना इजाज़त इस्तेमाल कर रहे थे।कोर्ट ने टिप्पणी की,"बस एक सॉफ्ट...

पैसे लेकर नौकरी का भरोसा देना धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
पैसे लेकर नौकरी का भरोसा देना धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बुधवार (18 मार्च) को एक व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी (IPC की धारा 420) के आरोप में दी गई सज़ा बरकरार रखी। इस व्यक्ति ने नीमच के पूर्व कलेक्टर होने का ढोंग किया और नौकरी के इच्छुक लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने का झूठा भरोसा देकर उनसे धोखे से 2 लाख रुपये प्रति व्यक्ति ऐंठ लिए। कोर्ट ने टिप्पणी की कि उसका यह कृत्य धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है, न कि आपराधिक विश्वासघात की।जस्टिस गजेंद्र सिंह की बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा,"सरकारी दफ्तरों में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर स्टूडेंट्स...

राजस्थान हाईकोर्ट ने 37 साल बाद आपराधिक मामले में अमान्य समझौते के बावजूद दोबारा सुनवाई से इनकार किया, कार्यवाही रद्द की
राजस्थान हाईकोर्ट ने 37 साल बाद आपराधिक मामले में अमान्य समझौते के बावजूद दोबारा सुनवाई से इनकार किया, कार्यवाही रद्द की

राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में ट्रायल कोर्ट द्वारा एक व्यक्ति को बरी किए जाने के फैसले को सही ठहराया। यह फैसला एक समझौते के आधार पर दिया गया, भले ही वह समझौता अमान्य था।ऐसा करते हुए कोर्ट ने दोबारा सुनवाई का आदेश देने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा कि 37 साल बीत जाने के बाद मामले को दोबारा सुनवाई के लिए वापस भेजना न्याय के हित में नहीं होगा।भले ही बरी किए जाने का फैसला कानून के पूरी तरह से अनुरूप नहीं था। फिर भी कोर्ट ने अपनी अंतर्निहित शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए आरोपी के खिलाफ चल रही कार्यवाही...

विदेशी कोर्ट के आदेश के बावजूद पिता द्वारा बच्चे को माँ से दूर ले जाना गैर-कानूनी कस्टडी माना जाएगा: गुजरात हाईकोर्ट
विदेशी कोर्ट के आदेश के बावजूद पिता द्वारा बच्चे को माँ से दूर ले जाना गैर-कानूनी कस्टडी माना जाएगा: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने एक पिता को निर्देश दिया कि वह अपने बच्चे की कस्टडी माँ को सौंप दे। कोर्ट ने पाया कि पिता ने बच्चे को गैर-कानूनी तरीके से भारत लाया था, जबकि बच्चे की कस्टडी एक कनाडाई कोर्ट ने माँ को सौंपी थी (जिस कार्यवाही में पिता ने भी हिस्सा लिया था)।ऐसा करते हुए कोर्ट ने टिप्पणी की कि बच्चे को उसकी माँ से दूर रहने के लिए मजबूर करना (जो कनाडा में रहती है) बच्चे के लिए मानसिक रूप से बहुत कष्टदायक होगा।माँ ने 'हैबियस कॉर्पस' (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका के ज़रिए हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था।...

ब्रिटिश नागरिकता विवाद | इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गृह मंत्रालय के 2019 के राहुल गांधी को दिए नोटिस के रिकॉर्ड की जांच की, केंद्र को पक्षकार बनाने की अनुमति दी
ब्रिटिश नागरिकता विवाद | इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गृह मंत्रालय के 2019 के राहुल गांधी को दिए नोटिस के रिकॉर्ड की जांच की, केंद्र को पक्षकार बनाने की अनुमति दी

इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने गुरुवार को गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा पेश किए गए उन आधिकारिक रिकॉर्ड की जांच की, जो 2019 में कांग्रेस (Congress) नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी को जारी किए गए एक नोटिस से संबंधित थे। इस नोटिस में उनकी नागरिकता के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया।ये रिकॉर्ड जस्टिस राजीव सिंह की बेंच के सामने 9 मार्च, 2026 के पिछले आदेश के पालन में रखे गए।पिछला आदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर द्वारा दायर एक याचिका पर पारित किया गया।...

उत्तम नगर होली झड़प: हाईकोर्ट ने सांप्रदायिक हिंसा रोकने के लिए पुलिस को ईद के दौरान जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आदेश दिया
उत्तम नगर होली झड़प: हाईकोर्ट ने सांप्रदायिक हिंसा रोकने के लिए पुलिस को ईद के दौरान जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आदेश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार (19 मार्च) को दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि वह सभी ज़रूरी कदम उठाए ताकि ईद के त्योहार के दौरान आम जनजीवन में कोई रुकावट न आए। यह निर्देश उत्तम नगर में हुई एक घटना के संदर्भ में दिया गया, जहां होली के दौरान हुई एक झड़प में 26 साल के एक युवक की हत्या कर दी गई थी।कोर्ट ने पुलिस को आगे यह भी निर्देश दिया कि वे ऐसी व्यवस्था करें जिससे "सभी लोगों में सुरक्षा और बचाव का एहसास पैदा हो" और अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि समाज के किसी भी तबके के "किसी भी व्यक्ति"...

शराब नीति मामला: केजरीवाल समेत सभी आरोपियों को जवाब दाखिल करने के लिए समय, 2 अप्रैल को अगली सुनवाई
शराब नीति मामला: केजरीवाल समेत सभी आरोपियों को जवाब दाखिल करने के लिए समय, 2 अप्रैल को अगली सुनवाई

दिल्ली शराब नीति मामले में दिल्ली हाइकोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया।बता दें, यह याचिका विशेष अदालत द्वारा दिए गए कुछ प्रतिकूल टिप्पणियों को हटाने (एक्सपंज) की मांग से जुड़ी है।जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा की पीठ ने आरोपियों के वकीलों के अनुरोध पर उन्हें अतिरिक्त समय दिया और मामले को 2 अप्रैल के लिए सूचीबद्ध कर दिया।सुनवाई के दौरान ED की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस. वी. राजू और विशेष वकील...

पीड़ित और दोषी एक ही गांव के हों, यह अकेले पैरोल से इनकार का आधार नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट
पीड़ित और दोषी एक ही गांव के हों, यह अकेले पैरोल से इनकार का आधार नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा है कि केवल इस आधार पर कि दोषी और पीड़ित एक ही गांव में रहते हैं, पैरोल से इनकार नहीं किया जा सकता। अदालत ने माना कि ऐसी आशंका सिर्फ अनुमान (conjecture) पर आधारित है और इससे पैरोल के सुधारात्मक उद्देश्य पर असर पड़ता है।जस्टिस फरजंद अली और जस्टिस संदीप शाह की खंडपीठ ने यह टिप्पणी करते हुए कहा कि पैरोल का उद्देश्य कैदी को परिवार से जोड़कर उसमें आत्ममंथन और सुधार की भावना विकसित करना है।मामला क्या था?याचिकाकर्ता की पैरोल अर्जी इस आधार पर खारिज कर दी गई थी कि वह और पीड़ित एक...

ईशा फाउंडेशन के खिलाफ कथित मानहानि सामग्री हटाने का आदेश: दिल्ली हाइकोर्ट सख्त, मीडिया आउटलेट की याचिका खारिज
ईशा फाउंडेशन के खिलाफ कथित मानहानि सामग्री हटाने का आदेश: दिल्ली हाइकोर्ट सख्त, मीडिया आउटलेट की याचिका खारिज

दिल्ली हाइकोर्ट ने तमिल मीडिया संस्थान नक्कीरन पब्लिकेशंस को सद्गुरु की ईशा फाउंडेशन के खिलाफ प्रकाशित कथित मानहानिकारक सामग्री हटाने का निर्देश दिया।अदालत ने साथ ही नक्कीरन द्वारा दायर वह आवेदन भी खारिज किया, जिसमें मुकदमे को प्रारंभिक स्तर पर ही खत्म करने की मांग की गई।जस्टिस सुब्रमोनियम प्रसाद ने साफ शब्दों में कहा, आदेश 7 नियम 11 की याचिका खारिज की जाती है। सभी आपत्तिजनक सामग्री हटाई जाए।यह मामला वर्ष 2024 में दायर उस मानहानि वाद से जुड़ा है, जिसमें ईशा फाउंडेशन ने आरोप लगाया था कि नक्कीरन...

दिल्ली हाईकोर्ट ने तीन दशक पुराने मामले में क्लर्क को बरी किया, कहा- CBI केस साबित करने में नाकाम रही
दिल्ली हाईकोर्ट ने तीन दशक पुराने मामले में क्लर्क को बरी किया, कहा- CBI केस साबित करने में नाकाम रही

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली इलेक्ट्रिक सप्लाई अंडरटेकिंग (DESU) के पूर्व क्लर्क को 1994 के भ्रष्टाचार के मामले में बरी किया। कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में नाकाम रहा कि आरोपी ने रिश्वत की मांग की थी या उसे स्वीकार किया था।जस्टिस चंद्रशेखरन सुधा ने स्पेशल जज के 2003 का फैसला रद्द किया, जिसमें अपीलकर्ता को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 13 के तहत दोषी ठहराया गया था।यह मामला एक उपभोक्ता की शिकायत से शुरू हुआ था, जिसमें आरोप लगाया गया कि आरोपी, जो उस समय DESU कार्यालय में...

अगर पुलिस दबाव डाले तो अवमानना ​​का मामला भेजें: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मजिस्ट्रेटों को दी सलाह
अगर पुलिस 'दबाव डाले' तो अवमानना ​​का मामला भेजें: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मजिस्ट्रेटों को दी सलाह

हाल ही में दिए गए एक अहम आदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि जब मजिस्ट्रेट कुछ खास 'असुविधाजनक' मामलों की जांच के आदेश देते हैं तो कभी-कभी बड़े पुलिस अधिकारी उन पर 'दबाव डालने' की कोशिश करते हैं।जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस विनय कुमार द्विवेदी की बेंच ने मजिस्ट्रेटों को साफ तौर पर सलाह दी कि अगर उन्हें किसी पुलिस अधिकारी की तरफ से ऐसी कोई शर्मिंदगी या दबाव महसूस हो, तो वे कभी भी हाईकोर्ट में अवमानना ​​का मामला भेज सकते हैं।बेंच ने अपने आदेश में कहा,"मजिस्ट्रेट को ज़रूरी आदेश देने में हिचकिचाना...

आत्महत्या सभ्य दुनिया की समस्या, जो तनाव और सामाजिक दबाव से पैदा होती है: दिल्ली हाईकोर्ट ने पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में व्यक्ति को दोषी ठहराया
आत्महत्या सभ्य दुनिया की समस्या, जो तनाव और सामाजिक दबाव से पैदा होती है: दिल्ली हाईकोर्ट ने पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में व्यक्ति को दोषी ठहराया

दिल्ली हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि आत्महत्या तेज़ी से "सभ्य दुनिया की एक समस्या" बनती जा रही है, जो अक्सर तनाव, सामाजिक दबाव और सहयोग प्रणालियों के टूटने के कारण होती है। कोर्ट ने यह टिप्पणी अपनी पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में एक व्यक्ति को दोषी ठहराते हुए की।जस्टिस विमल कुमार यादव ने ये टिप्पणियां पति द्वारा दायर अपील आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए कीं। उन्होंने पति की सज़ा को IPC की धारा 304B (दहेज मृत्यु) से बदलकर IPC की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत कर दिया, जबकि IPC...