हाईकोर्ट

पांचवीं तक पढ़ी लड़की हिंदी अखबार भी नहीं पढ़ सकी: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी की शिक्षा व्यवस्था पर जताई गंभीर चिंता

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई करने वाली लड़की के हिंदी अखबार न पढ़ पाने और अपने नाम के अलावा हिंदी में कुछ न लिख पाने पर उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जताई। अदालत ने सवाल उठाया कि लड़की की पढ़ाई पांचवीं कक्षा के बाद क्यों छूट गई और राज्य यह सुनिश्चित क्यों नहीं कर पाया कि वह आगे भी शिक्षा प्राप्त करती।जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अचल सचदेव की खंडपीठ ने कहा कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता गंभीर चिंता का विषय है। अदालत एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर...

शहरी भूमि सीमा कानून पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला: 1999 के निरसन से पहले जमीन पर वास्तविक कब्जा साबित करना राज्य की जिम्मेदारी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि शहरी भूमि (सीमा एवं विनियमन) अधिनियम, 1976 के तहत तय सीमा से अधिक जमीन पर राज्य सरकार को अपना कब्जा बनाए रखने के लिए यह साबित करना होगा कि 1999 में कानून निरस्त होने से पहले जमीन का वास्तविक कब्जा ले लिया गया था। यदि राज्य ऐसा साबित करने में विफल रहता है, तो जमीन के मालिक को शहरी भूमि (सीमा एवं विनियमन) निरसन अधिनियम, 1999 का लाभ मिलेगा।जस्टिस सरल श्रीवास्तव और जस्टिस सुधांशु चौहान की खंडपीठ ने कहा कि धारा 10(5) के तहत जारी ऐसा नोटिस, जिस पर तारीख दर्ज न हो और जिस पर...

निलंबन के दौरान गुजारा भत्ता नहीं मिलने से विभागीय जांच अपने आप रद्द नहीं होगी, कर्मचारी को नुकसान साबित करना होगा: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि निलंबित कर्मचारी को गुजारा भत्ता नहीं दिए जाने मात्र से उसके खिलाफ की गई विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही अपने आप अवैध नहीं हो जाती। कर्मचारी को यह साबित करना होगा कि गुजारा भत्ता नहीं मिलने के कारण उसे अपना बचाव करने में वास्तविक नुकसान हुआ है।जस्टिस गरिमा प्रसाद ने कहा कि निलंबन के दौरान गुजारा भत्ता कर्मचारी के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा है। यदि इसका भुगतान नहीं होने के कारण कर्मचारी जांच में शामिल नहीं हो पाता या प्रभावी ढंग से अपना पक्ष नहीं रख पाता, तो इससे कार्यवाही...

बच्चे से मन-मुताबिक मुलाकात न होने पर पति पत्नी के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई नहीं मांग सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि बच्चे को कोई वस्तु नहीं माना जा सकता, जिसे किसी अभिभावक से प्रभावी मुलाकात के लिए मजबूर किया जाए। बच्चे के साथ भावनात्मक जुड़ाव प्यार, देखभाल और समय देने से विकसित होता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल इस वजह से पत्नी के खिलाफ अदालत की अवमानना का मामला नहीं बनता कि पति की बच्चे से मुलाकात उसकी अपेक्षा के मुताबिक नहीं हुई।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने यह टिप्पणी पति की ओर से दायर अवमानना याचिका का निपटारा करते हुए की। पति ने आरोप लगाया था कि पत्नी ने बच्चे के जन्मदिन पर...

समय पर आवेदन भेजने के बावजूद डाक में देरी से अभ्यर्थी को चयन से बाहर नहीं कर सकते: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि यदि कोई अभ्यर्थी समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन करने के साथ विज्ञापन में निर्धारित अवधि के अंदर अनुमत माध्यम से आवेदन की हार्ड कॉपी भी भेज देता है, तो डाक से दस्तावेज पहुंचने में देरी के आधार पर उसे चयन प्रक्रिया से बाहर नहीं किया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि अभ्यर्थी की ओर से लापरवाही नहीं होने पर डाक विभाग की देरी का खामियाजा उसे नहीं भुगतना चाहिए।जस्टिस मंजू रानी चौहान ने कहा कि डाक से जुड़ी ऐसी अप्रत्याशित परिस्थिति के कारण अभ्यर्थी की उम्मीदवारी समाप्त करना एक...

स्थायी गुजारा भत्ते के लिए लिखित आवेदन सामान्य नियम, सहमति होने पर मौखिक मांग भी स्वीकार्य: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 (Hindu Marriage Act) की धारा 25 के तहत स्थायी गुजारा भत्ता पाने के लिए सामान्यतः लिखित आवेदन देना जरूरी है। यह मांग अलग आवेदन के जरिए या लिखित जवाब में की जा सकती है। हालांकि, अपवादस्वरूप उन मामलों में मौखिक मांग भी स्वीकार की जा सकती है, जहां अदालत को गुजारा भत्ता पाने के अधिकार और उसकी राशि पर विवाद का फैसला नहीं करना हो।जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने कहा कि धारा 25 के प्रावधानों को पढ़ने से स्पष्ट है कि स्थायी...

बिल्डर ने प्रोजेक्ट बंद कर फ्लैट तीसरे पक्ष को बेच दिया तो कर्जदार के खिलाफ FIR दर्ज नहीं करा सकता बैंक: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने अहम फैसले में होम लोन लेने वाले व्यक्ति के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामला रद्द किया। इस मामले में बिल्डर ने आवासीय परियोजना अधूरी छोड़ दी और संबंधित फ्लैट किसी तीसरे व्यक्ति को बेच दिया था, जबकि बैंक का कर्ज बकाया रह गया। हाईकोर्ट ने कहा कि केवल कर्ज बकाया रहने या मूल लेन-देन विफल हो जाने से अपने आप कोई आपराधिक अपराध नहीं बन जाता।जस्टिस सूरज गोविंदराज ने कहा कि वित्तीय संस्थानों, विशेषकर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को किसी ग्राहक के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने से पहले सावधानी...

FIR दर्ज नहीं कराना पत्नी के साथ हुई क्रूरता की गवाही खारिज करने का आधार नहीं: झारखंड हाईकोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि वैवाहिक विवाद में केवल इस आधार पर पत्नी की गवाही को अविश्वसनीय नहीं माना जा सकता कि उसने पति के खिलाफ मारपीट और क्रूरता के आरोपों को लेकर FIR दर्ज नहीं कराई। अदालत ने स्पष्ट किया कि वैवाहिक मामलों में क्रूरता के आरोपों का आकलन उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जाना चाहिए।जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ पत्नी की ओर से दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी। यह अपील फैमिली कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ दायर की गई, जिसमें विशेष विवाह अधिनियम, 1954 की धारा...

पति SC समुदाय से है, इसलिए पत्नी के खिलाफ जातिसूचक अपशब्द कहने पर SC/ST Act लागू नहीं होगा: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि किसी महिला के खिलाफ जातिसूचक अपशब्दों का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन वह स्वयं अनुसूचित जाति समुदाय से संबंधित नहीं है तो केवल इस आधार पर SC/ST Act लागू नहीं होगा कि उसका पति अनुसूचित जाति समुदाय से है।अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कथित रूप से अपमानित किया गया अनुसूचित जाति का व्यक्ति घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं है तो प्रथम दृष्टया अधिनियम के तहत जातिगत अपमान से संबंधित अपराध नहीं बनता। हालांकि, जांच एजेंसी को मामले की जांच कर यह निर्धारित...

CEC ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन की इजाज़त न मिलने पर IYC की याचिका पर जवाब देने के लिए दिल्ली पुलिस ने समय मांगा

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार (12 अक्टूबर) को कहा कि वह मंगलवार को इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) की उस याचिका पर सुनवाई करेगा जिसमें जंतर-मंतर पर CEC ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन की इजाज़त न मिलने को चुनौती दी गई।दिल्ली पुलिस की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा द्वारा निर्देश लेने के लिए समय मांगे जाने के बाद जस्टिस अमित महाजन ने मामले को मंगलवार के लिए सूचीबद्ध किया।IYC की ओर से सीनियर वकील सिद्धार्थ लूथरा और विवेक तन्खा पेश हुए।यह याचिका IYC अध्यक्ष उदय भानु चिब ने दायर...

आप उनके घर में कैसे घुस सकते हैं?: प्रदर्शन से पहले नदीम खान को कथित तौर पर हिरासत में लेने पर हाईकोर्ट का दिल्ली पुलिस से सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार (12 अक्टूबर) को दिल्ली पुलिस से मौखिक रूप से पूछा कि वे 'एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ़ सिविल राइट्स' (APCR) के नेशनल सेक्रेटरी नदीम खान के घर में क्यों घुसे। खान का आरोप है कि 29 सितंबर को पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था ताकि वे जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में शामिल न हो सकें।कोर्ट ने दिल्ली पुलिस द्वारा कथित तौर पर हिरासत में लिए जाने को चुनौती देने वाली खान की याचिका पर नोटिस जारी किया।सुनवाई के दौरान, एक्टिंग चीफ जस्टिस नितिन वासुदेव सांब्रे और जस्टिस...

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की रोक और प्रदर्शनकारियों से मारपीट का मामला: दिल्ली हाईकोर्ट में कल सुनवाई, निष्पक्ष जांच की भी मांग

जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने पर रोक और प्रदर्शनकारियों के साथ कथित मारपीट के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट मंगलवार को सुनवाई करेगा। सोमवार, 12 अक्टूबर को दायर याचिका में कहा गया कि जंतर-मंतर को बंद कर दिए जाने के कारण शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के लिए कोई अन्य निर्धारित स्थान उपलब्ध नहीं है। वहीं, 10 अक्टूबर को कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर के आसपास प्रदर्शनकारियों पर हुए कथित हमलों की स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए एक अन्य याचिका भी अदालत के समक्ष रखी गई।एक्टिंग चीफ जस्टिस नितिन सांब्रे की...

दिल्ली दंगा मामला: नताशा नरवाल की ब्रिटेन जाने की याचिका पर हाईकोर्ट ने पुलिस से मांगा जवाब

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश से जुड़े मामले में आरोपी नताशा नरवाल की उस याचिका पर सोमवार को नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने अकादमिक सम्मेलन में शामिल होने और शोध कार्य के लिए ब्रिटेन जाने की अनुमति मांगी।जस्टिस अमित बंसल ने दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा और मामले को गुरुवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया। नताशा नरवाल ने ट्रायल कोर्ट के 6 अक्टूबर के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी। ट्रायल कोर्ट ने उन्हें विदेश यात्रा की अनुमति देने से इनकार करते हुए कहा था कि विदेश जाने का अधिकार...

असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती में कोर्ट खुद तय नहीं कर सकता कि कौन-सा विषय संबद्ध है: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि किसी अभ्यर्थी को यह अधिकार नहीं है कि भर्ती के लिए किसी विषय को एक बार संबद्ध या प्रासंगिक मान लिए जाने के बाद भविष्य की भर्तियों में भी उसे उसी रूप में मान्यता देने की मांग करे। संबद्ध विषयों की पहचान करना शैक्षणिक विशेषज्ञता और नीतिगत निर्णय का मामला है। अदालत सक्षम प्राधिकारी के निर्णय की जगह अपना शैक्षणिक आकलन नहीं रख सकती।जस्टिस मंजू रानी चौहान ने कहा कि पहले किसी भर्ती में जैव प्रौद्योगिकी को प्राणी विज्ञान का संबद्ध या प्रासंगिक विषय मान लिया गया, अथवा दोनों...

दिल्ली हाईकोर्ट ने AI डीपफेक और झूठे बयानों के खिलाफ़ BJP सांसद कंगना रनौत के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा की

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्ट्रेस और BJP सांसद कंगना रनौत के नाम, तस्वीर, आवाज़ और व्यक्तित्व से जुड़ी अन्य चीज़ों के बिना इजाज़त इस्तेमाल पर रोक लगाई। इसमें AI से बने डीपफेक, छेड़छाड़ किए गए वीडियो, मनगढ़ंत भाषण और झूठे एंडोर्समेंट शामिल हैं।जस्टिस विकास महाजन ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए मेटा प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिया कि वे रनौत द्वारा बताए गए उल्लंघनकारी कंटेंट को हटा दें और हमेशा के लिए बंद कर दें।कोर्ट ने केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और दूरसंचार विभाग को भी निर्देश...

गिरफ्तारी के नियमों की समीक्षा करे महाराष्ट्र पुलिस, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन सुनिश्चित हो: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (DGP) को मौजूदा गिरफ्तारी संबंधी निर्देशों और प्रपत्रों की समीक्षा करने तथा उनमें जरूरी सुधार के लिए नए निर्देश जारी करने का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के बाध्यकारी निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। केवल अपराध क्रमांक और संबंधित कानूनी धाराओं का उल्लेख कर देना या यह दर्ज कर देना कि आरोपी को गिरफ्तारी के आधार बता दिए गए हैं पर्याप्त नहीं है। दस्तावेज में ऐसे तथ्य होने चाहिए जो आरोपी को कथित अपराध से जोड़ते हों।जस्टिस...

पहले ही जमानत पर रिहा हो चुका आरोपी दोबारा अग्रिम जमानत नहीं मांग सकता, सरेंडर कर नियमित जमानत लेनी होगी: पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि जो आरोपी अग्रिम जमानत मिलने के बाद संबंधित अदालत में सरेंडर कर जमानत बांड जमा कर चुका है और जमानत पर रिहा हो गया, वह बाद में दोबारा अग्रिम जमानत की मांग नहीं कर सकता। ऐसे आरोपी को अदालत में सरेंडर कर नियमित जमानत के लिए आवेदन करना होगा।जस्टिस जितेंद्र कुमार की एकलपीठ गौरा थाना कांड संख्या 54/2024 से जुड़े अग्रिम जमानत आवेदन पर सुनवाई कर रही थी। यह मामला भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 384 के तहत दर्ज किया गया था।याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट ने 2 अप्रैल...

मंदिर की विवादित जमीन पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेशछ हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अधिकारियों को अवमानना की चेतावनी दी

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सोलन जिले में ठाकुर द्वारा श्री नरसिंह जी मंदिर की बताई जा रही विवादित जमीन पर यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया। कोर्ट ने राज्य के अधिकारियों को स्पष्ट किया कि इस जमीन पर किसी भी तरह की विकास गतिविधि नहीं होनी चाहिए। आदेश का पालन नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू की जाएगी।चीफ जस्टिस जी.एस. संधावालिया और जस्टिस बिपिन सी. नेगी की खंडपीठ ने सोलन के उपायुक्त, नालागढ़ के उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) और अन्य संबंधित अधिकारियों को आदेश का पालन...

थप्पड़ मारने के बाद गिरने से हुई पत्नी की मौत: कर्नाटक हाईकोर्ट ने पति की हत्या की सजा गैर-इरादतन हत्या में बदली

कर्नाटक हाईकोर्ट ने पत्नी की हत्या के मामले में पति को मिली सजा को बदलते हुए हत्या के अपराध को गैर-इरादतन हत्या माना। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर पाया कि पति के थप्पड़ मारने के बाद गिरने से पत्नी के सिर पर लगी चोट सामान्य परिस्थितियों में मौत का कारण बनने के लिए पर्याप्त है। हालांकि, पति को इस बात का ज्ञान था कि उसके कृत्य से पत्नी की मौत हो सकती है।जस्टिस मोहम्मद नवाज और जस्टिस बी. प्रमोद की खंडपीठ ने आरोपी पति की अपील आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए भारतीय दंड संहिता (IPC) की...