हाईकोर्ट

बरी होने या सजा पूरी होने के बावजूद कितने पाकिस्तानी नागरिक जेल में बंद: हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से पूछा
बरी होने या सजा पूरी होने के बावजूद कितने पाकिस्तानी नागरिक जेल में बंद: हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से पूछा

पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने पंजाब सरकार से पाकिस्तान के उन कैदियों की सूची उपलब्ध कराने को कहा, जो बरी होने या अपनी सजा पूरी करने के बावजूद स्वदेश वापसी का इंतजार कर रहे हैं और जेलों में बंद हैं।एक्टिंग चीफ जस्टिस जी.एस. संधावालिया और जस्टिस लपीता बनर्जी की खंडपीठ जुवेनाइल होम में बंद दो पाकिस्तानी जुवेनाइल के मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए सुनवाई कर रही थी, जिन्होंने जस्टिस एन.एस. शेखावत, फरीदकोट सेशन डिवीजन के प्रशासनिक न्यायाधीश को पत्र लिखकर कहा कि अप्रैल 2023 में बरी होने के बाद भी...

फैमिली कोर्ट सीपीसी, साक्ष्य अधिनियम में निर्धारित प्रक्रिया से सख्ती से नहीं बंधा; यदि जरूरी हो तो अपनी प्रक्रिया निर्धारित कर सकता है: तेलंगाना हाईकोर्ट
फैमिली कोर्ट सीपीसी, साक्ष्य अधिनियम में निर्धारित प्रक्रिया से सख्ती से नहीं बंधा; यदि जरूरी हो तो अपनी प्रक्रिया निर्धारित कर सकता है: तेलंगाना हाईकोर्ट

तेलंगाना हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि फैमिली कोर्ट नागरिक प्रक्रिया संहिता में निर्धारित प्रक्रिया से बंधा नहीं हुआ है और यदि आवश्यक हो तो मामले की सच्चाई तक पहुंचने के लिए अपनी प्रक्रिया निर्धारित कर सकता है।जस्टिस टी विनोद कुमार के समक्ष सवाल यह था कि क्या वाद-विवाद में कोई आधार न होने के बावजूद फैमिली कोर्ट की याचिका में ‌निस्तारण विलेख की फोटोकॉपी को द्वितीयक साक्ष्य के रूप में पेश किया जा सकता है। इसी का जवाब देने हुए उन्होंने यह टिप्पणी की।पीठ ने फैमिली कोर्ट एक्ट, 1984 की धारा 10 और 14...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विवाहित लिव-इन-कपल की सुरक्षा याचिका खारिज की, कहा: ऐसे संबंधों को समर्थन देने से समाज में अराजकता पैदा होगी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विवाहित लिव-इन-कपल की सुरक्षा याचिका खारिज की, कहा: 'ऐसे संबंधों को समर्थन देने से समाज में अराजकता पैदा होगी'

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में अपने जीवनसाथी को तलाक दिए बिना एक-दूसरे के साथ रहने वाले जोड़े द्वारा दायर सुरक्षा याचिका खारिज की और उन पर दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया।कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि अगर इस तरह के रिश्ते को कोर्ट का समर्थन मिलता है तो इससे समाज में अराजकता फैल जाएगी और हमारे देश का सामाजिक ताना-बाना नष्ट हो जाएगा।जस्टिस रेनू अग्रवाल की पीठ ने सुरक्षा याचिका खारिज करते हुए कहा,"न्यायालय इस प्रकार के रिश्ते का समर्थन नहीं कर सकता, जो कानून का उल्लंघन है। हिंदू विवाह अधिनियम के...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ASI को भोजशाला मंदिर-कमल मौला मस्जिद परिसर का सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ASI को भोजशाला मंदिर-कमल मौला मस्जिद परिसर का सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (इंदौर खंडपीठ) ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को राज्य के धार जिले में भोजशाला मंदिर सह कमल मौला मस्जिद परिसर में वैज्ञानिक जांच, सर्वेक्षण और खुदाई करने का निर्देश दिया।जस्टिस एसए धर्माधिकारी और जस्टिस देवनारायण मिश्रा की खंडपीठ ने मंदिर-मस्जिद परिसर के वैज्ञानिक सर्वेक्षण की मांग करने वाली लंबित रिट याचिका (हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस द्वारा दायर) में दायर अंतरिम आवेदन पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।हाईकोर्ट के समक्ष लंबित रिट याचिका में हिंदुओं की ओर से भोजशाला परिसर को...

कर्नाटक हाईकोर्ट का चित्रदुर्ग मठ के पुजारी के खिलाफ बलात्कार, POCSO आरोप रद्द करने से इनकार
कर्नाटक हाईकोर्ट का चित्रदुर्ग मठ के पुजारी के खिलाफ बलात्कार, POCSO आरोप रद्द करने से इनकार

कर्नाटक हाईकोर्ट ने सोमवार को चित्रदुर्ग के मुरुघा मठ के पुजारी डॉ. शिवमूर्ति मुरुगा शरणारू के खिलाफ बलात्कार के आरोपों को रद्द करने से इनकार किया। उक्त पुजारी पर मठ द्वारा संचालित छात्रावासों में रहने वाली दो नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण करने का आरोप है।हालांकि, अदालत ने आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के ट्रायल कोर्ट का आदेश रद्द कर दिया और आरोपियों के खिलाफ लगाए गए कुछ अपराधों को रद्द करने के बाद आरोपों को फिर से तैयार करने का निर्देश दिया।जस्टिस एम नागाप्रसन्ना की एकल-न्यायाधीश पीठ ने याचिका...

मजिस्ट्रेट के पास सांसदों/विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामलों पर विचार करने का कोई क्षेत्राधिकार नहीं था: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने झूठे शपथ पत्र मामले में पूर्व विधायक सुमित्रा देवी को राहत दी
मजिस्ट्रेट के पास सांसदों/विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामलों पर विचार करने का कोई क्षेत्राधिकार नहीं था: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने झूठे शपथ पत्र मामले में पूर्व विधायक सुमित्रा देवी को राहत दी

यह मानते हुए कि बुरहानपुर में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के पास नेपानगर की पूर्व विधायक सुमित्रा देवी के खिलाफ दायर आपराधिक शिकायत पर विचार करने का कोई अधिकार नहीं है, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को सीआरपीसी की धारा 156(3) के तहत शिकायत को इंदौर जिला न्यायालय के नामित विशेष न्यायाधीश को अग्रेषित करने का निर्देश दिया है। जस्टिस संजय द्विवेदी की एकल-न्यायाधीश पीठ ने कहा कि चूंकि यह अपराध कथित तौर पर तब किया गया था जब वह नेपानगर की निर्वाचित प्रतिनिधि थीं, इसलिए उक्त अपराध की सुनवाई...

अदालतों को सीआरपीसी की धारा 451 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग विवेकपूर्ण और अनावश्यक देरी के बिना करना चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट
अदालतों को सीआरपीसी की धारा 451 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग विवेकपूर्ण और अनावश्यक देरी के बिना करना चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि सीआरपीसी की धारा 451 (कुछ मामलों में मुकदमे के लंबित रहने तक संपत्ति की कस्टडी और निपटान का आदेश) के तहत प्रदत्त शक्ति का प्रयोग आपराधिक अदालतों द्वारा विवेक से और बिना किसी अनावश्यक देरी के किया जाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि धारा 451 सीआरपीसी आपराधिक अदालत की लंबित मुकदमे की संपत्ति की हिरासत और निपटान का आदेश देने की शक्ति से संबंधित है और प्रावधान में कहा गया है कि 'अदालत संपत्ति की उचित कस्टडी के लिए जैसा उचित समझे वैसा आदेश दे सकती है।'जस्टिस शमीम अहमद ने कहा,...

टेंडरिंग कमेटी ठीक से काम करने में विफल रही, टेंडर दस्तावेजों की जांच नहीं की: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सबसे ऊंची बोली लगाने वाले को टेंडर दिया
टेंडरिंग कमेटी ठीक से काम करने में विफल रही, टेंडर दस्तावेजों की जांच नहीं की: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सबसे ऊंची बोली लगाने वाले को टेंडर दिया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में सबसे ऊंची बोली लगाने वाले को निविदा सौंपी है, जो आरक्षित मूल्य से अधिक थी क्योंकि निविदा समिति निविदा दस्तावेजों की जांच करने में विफल रही थी और ढीले तरीके से काम किया था।याचिकाकर्ता ने गाटा संख्या 62 व 63/1 रकबा 42.00 एकड़, ग्राम खपटिहा कला, तहसील पैलानी, जिला बांदा के संबंध में अल्पकालिक परमिट हेतु ई-निविदा-सह-ई-नीलामी में भाग लिया। याचिकाकर्ता की बोली दूसरी सबसे ऊंची थी। याचिकाकर्ता ने तब एक आवेदन दायर किया जिसमें कहा गया कि उच्चतम बोली लगाने वाले ने आधार...

लोन गारंटी विवाद में हस्ताक्षरों की तुलना करते समय सेल्स डीड की प्रमाणित कॉपी मूल डीड के स्थान पर स्वीकार्य नहीं: तेलंगाना हाइकोर्ट
लोन गारंटी विवाद में हस्ताक्षरों की तुलना करते समय सेल्स डीड की प्रमाणित कॉपी मूल डीड के स्थान पर स्वीकार्य नहीं: तेलंगाना हाइकोर्ट

तेलंगाना हाइकोर्ट ने माना कि लोन गारंटी विवाद में हस्ताक्षरों की तुलना करने का प्रयास करते समय रजिस्टर्ड सेल्स डीड की प्रमाणित कॉपी मूल दस्तावेजों के लिए स्वीकार्य विकल्प नहीं है।यह निर्णय ऐसे मामले से संबंधित है, जिसमें याचिकाकर्ता (ट्रायल कोर्ट के समक्ष प्रतिवादी) ने लोन गारंटी समझौते पर हस्ताक्षर करने से इनकार किया और विवादित समझौते के साथ तुलना के लिए अपने हस्ताक्षर वाली सेल्स डीड की प्रमाणित कॉपी भेजने की मांग की।वादी ने ट्रायल कोर्ट के समक्ष कथित तौर पर प्रतिवादी/याचिकाकर्ता द्वारा...

उड़ीसा कोर्ट ने राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण हत्या करने, शरीर के अंगों को काटने और उसे खाने का प्रयास करने के आरोप में पांच लोगों को मौत की सजा सुनाई
उड़ीसा कोर्ट ने राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण हत्या करने, शरीर के अंगों को काटने और उसे खाने का प्रयास करने के आरोप में पांच लोगों को मौत की सजा सुनाई

ओडिशा के क्योंझर में सेशन कोर्ट ने पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष और कांग्रेस नेता की हत्या करने उनके हाथ और पैर काटने और शरीर के अंगों को खाने का प्रयास करने के आरोप में पांच लोगों को दोषी ठहराया और मृत्युदंड की सजा सुनाई।जिस दुष्टता के साथ अपराध सामने आया, उसका वर्णन करते हुए आनंदपुर की अतिरिक्त जिला एवं सेशन जज प्रज्योति राउत ने कहा,“दोषियों ने मृतक के साथ बेरहमी से मारपीट की और उसके हाथ और पैर काट दिए। इसके बाद वे समाज में अशांति फैलाने के लिए मृतक के कटे हाथ लेकर गांव में घूम रहे थे। इसके बाद अपने...

यूपी स्टाम्प (संपत्ति का मूल्यांकन) नियमावली | भूमि की प्रकृति और संभावित उपयोग का‌ उचित निर्वहन नहीं किया गया, यह साबित करने का बोझ राजस्व पर: इलाहाबाद हाईकोर्ट
यूपी स्टाम्प (संपत्ति का मूल्यांकन) नियमावली | भूमि की प्रकृति और संभावित उपयोग का‌ उचित निर्वहन नहीं किया गया, यह साबित करने का बोझ राजस्व पर: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज कुमार बनाम यूपी राज्य और अन्य में अपने पुराने निर्णय पर भरोसा करते हुए माना कि बिक्री विलेख के निष्पादन के समय स्टांप शुल्क में कमी थी, यह साबित करने का भार विभाग पर है। जस्टिस शेखर बी सराफ की पीठ ने कहा कि उत्तर प्रदेश स्टाम्प (संपत्ति का मूल्यांकन) नियम, 1997 के नियम 7(3)(सी) के तहत अनिवार्य स्पॉट निरीक्षण के अभाव में, यह साबित करने का बोझ विभाग पर था कि भूमि का उपयोग विक्रय पत्र में बताए गए उद्देश्य के लिए नहीं किया जा रहा था। कोर्ट ने कहा, “ऐसा मामला होने पर, भूमि...

स्टांप पेपर पर दी गई एकतरफा घोषणा से हिंदू विवाह को खत्म नहीं किया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
स्टांप पेपर पर दी गई एकतरफा घोषणा से हिंदू विवाह को खत्म नहीं किया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि दो हिंदुओं के बीच विवाह को केवल हिंदू विवाह अधिनियम द्वारा मान्यता प्राप्त तरीकों से ही भंग किया जा सकता है और इसे स्टांप पेपर पर निष्पादित एकतरफा घोषणा द्वारा भंग नहीं किया जा सकता है। जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने एक पति द्वारा दायर आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की।याचिका में फैमिली कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें उसे सीआरपीसी की धारा 125 के तहत दायर याचिका में प्रतिवादी पत्नी को भरण-पोषण के रूप में 2200 रुपये प्रति माह का...

केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश हाइकोर्ट के सरकारी जज के रूप में जस्टिस दुप्पला वेंकट रमण की नियुक्ति को अधिसूचित किया
केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश हाइकोर्ट के सरकारी जज के रूप में जस्टिस दुप्पला वेंकट रमण की नियुक्ति को अधिसूचित किया

केंद्र सरकार ने रविवार को मध्यप्रदेश हाइकोर्ट के सरकारी जज के रूप में जस्टिस दुप्पला वेंकट रमण की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की।कानून और न्याय मंत्रालय द्वारा इस संबंध में जारी अधिसूचना इस प्रकार है,"भारत के संविधान के अनुच्छेद 217 के खंड (1) द्वारा प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए राष्ट्रपति मध्य प्रदेश हाइकोर्ट (पीएचसी: आंध्र प्रदेश) के एडिशनल जज जस्टिस दुप्पला वेंकट रमण को न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करते हुए प्रसन्न हैं। मध्यप्रदेश हाइकोर्ट के न्यायाधीश आंध्र प्रदेश हाइकोर्ट में सरकारी जज...

आधिकारिक निष्कासन पर विवाद के बीच पटना हाइकोर्ट ने अनुसूचित जाति पैनल प्रमुख, सदस्यों की नई नियुक्तियों पर रोक लगाई
आधिकारिक निष्कासन पर विवाद के बीच पटना हाइकोर्ट ने अनुसूचित जाति पैनल प्रमुख, सदस्यों की नई नियुक्तियों पर रोक लगाई

अनुसूचित जाति (SC) आयोग के तीन अधिकारियों द्वारा उन्हें हटाए जाने के खिलाफ दायर याचिका के जवाब में पटना हाइकोर्ट ने राज्य सरकार को अध्यक्ष और सदस्यों के पदों पर कोई भी नई नियुक्ति करने से परहेज करने का निर्देश दिया।जस्टिस संदीप कुमार ने पिछले सप्ताह राजेंद्र कुमार सहित अधिकारियों की ओर से दायर रिट याचिका की सुनवाई के दौरान यह निर्देश जारी किया।याचिका में कई राहतों की मांग की गई, जिसमें 2 फरवरी 2024 की अधिसूचना रद्द करना भी शामिल है, जिसने प्रस्ताव के खंड 4 (जीए) मेमो नंबर- 5614 दिनांक 18 नवंबर...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के खिलाफ मानहानि की शिकायत खारिज करने के खिलाफ दायर याचिका खारिज की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के खिलाफ मानहानि की शिकायत खारिज करने के खिलाफ दायर याचिका खारिज की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते अंतर्राष्ट्रीय निशानेबाज वर्तिका सिंह की याचिका खारिज कर दी, जिसमें सुल्तानपुर विशेष एमपी/एमएलए अदालत के अक्टूबर 2022 के आदेश को चुनौती दी गई थी। उक्त आदेश में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी के खिलाफ उनकी मानहानि की शिकायत को खारिज कर दिया गया था।जस्टिस मोहम्मद फैज़ आलम की पीठ ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 499/500 के तहत मुकदमे का सामना करने के लिए ईरानी को नहीं बुलाने के लिए ठोस कारण दिए, क्योंकि ट्रायल...

PMLA Act की धारा 50 के तहत सह-आरोपी का इकबालिया बयान ठोस सबूत नहीं, इसका इस्तेमाल केवल पुष्टि के लिए किया जा सकता है: हाईकोर्ट
PMLA Act की धारा 50 के तहत सह-आरोपी का इकबालिया बयान ठोस सबूत नहीं, इसका इस्तेमाल केवल पुष्टि के लिए किया जा सकता है: हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि धन-शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (PMLA Act) की धारा 50 के तहत सह-अभियुक्त का इकबालिया बयान कोई ठोस सबूत नहीं। इसका उपयोग केवल अपराध के निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए न्यायालय को आश्वासन देने के लिए अन्य सबूतों के समर्थन में पुष्टि के लिए किया जा सकता है।जस्टिस विकास महाजन ने दोहराया कि PMLA Act की धारा 50 के तहत दर्ज किए गए गवाहों के बयानों की सुनवाई के दौरान केवल ट्रायल कोर्ट द्वारा सावधानीपूर्वक सराहना की जानी चाहिए और जमानत के चरण में लघु सुनवाई नहीं हो सकती।हालांकि, अदालत...

सशस्त्र बलों के अधिकारियों के लिए जेंडर न्यूट्रल शर्तें जल्द ही अधिसूचित की जाएंगी: केंद्र ने पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट से कहा
सशस्त्र बलों के अधिकारियों के लिए जेंडर न्यूट्रल शर्तें जल्द ही अधिसूचित की जाएंगी: केंद्र ने पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट से कहा

केंद्र सरकार ने पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया है कि सशस्त्र बलों के अधिकारियों के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले नामकरण को जेंडर न्यूट्रल शब्दावली में बदलने के प्रयास चल रहे हैं।इसमें कहा गया,"सरकार ऐसे शब्द को शीघ्रता से और निकट भविष्य में विधिवत अधिसूचित और कार्यान्वित करेगी यह सुनिश्चित करते हुए कि यह न केवल भारतीय उपमहाद्वीप के लोकाचार को प्रतिबिंबित करता है बल्कि वैश्विक समावेशिता मानकों के साथ सहजता से संरेखित भी होता है।"आगे यह भी कहा गया है कि सरकार उभरते सामाजिक परिदृश्य...