हाईकोर्ट
उर्दू भाषा व्यापक रूप से प्रचलित नहीं, निकाहनामा को समझने योग्य बनाने के लिए उसमें हिंदी/अंग्रेजी भी होनी चाहिए: राजस्थान हाईकोर्ट
मुस्लिम विवाहों के संबंध में राजस्थान हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि विवाह जैसे पवित्र रिश्ते को ऐसे दस्तावेज द्वारा मान्यता दी जानी चाहिए, जो सुस्पष्ट स्पष्ट, सुस्पष्ट और पारदर्शी हो। इसे उर्दू जैसी भाषा में जारी नहीं किया जाना चाहिए, जो समाज में व्यापक रूप से खासकर लोक सेवकों और न्यायालय के अधिकारियों के लिए ज्ञात न हो ।जस्टिस फरजंद अली की पीठ ने कहा कि यदि निकाहनामा के मुद्रित प्रोफार्मा में हिंदी या अंग्रेजी हो तो इससे जटिलताओं को हल करने में मदद मिलेगी।इसके अलावा न्यायालय ने यह भी कहा कि...
अपीलीय प्राधिकारी को अपील में उठाए गए आधारों पर विचार करना होगा और गुण-दोष के आधार पर निर्णय लेना होगा, भले ही अपील एकपक्षीय रूप से सुनी गई हो: पटना हाईकोर्ट
पटना हाईकोर्ट ने कहा कि अपीलीय प्राधिकारी का कर्तव्य और दायित्व है कि वह अपील के ज्ञापन में करदाता द्वारा उठाए गए आधारों की जांच करे और गुण-दोष के आधार पर मामले का निर्णय करे भले ही अपील एकपक्षीय रूप से दायर की गई हो।चीफ जस्टिस के. विनोद चंद्रन और जस्टिस पार्थ सारथी की खंडपीठ ने कहा कि अपीलीय प्राधिकारी को अपील पर एकपक्षीय रूप से विचार करते समय भी अपील के ज्ञापन में उठाए गए आधारों पर विचार करना होगा और गुण-दोष के आधार पर अपील का निर्णय करना होगा।करदाता/याचिकाकर्ता ने अपीलीय प्राधिकारी द्वारा...
मजिस्ट्रेट को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि दोषी व्यक्ति को दोषी मानने से पहले पर्याप्त कानूनी सलाह मिले: मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में दो व्यक्तियों को अपना अपराध स्वीकार करने के बाद भी ट्रायल कोर्ट में अपना मामला लड़ने की अनुमति दी।जस्टिस आनंद वेंकटेश ने यह आदेश यह देखते हुए दिया कि व्यक्तियों ने बिना परिणाम जाने ट्रायल कोर्ट के समक्ष अपना अपराध स्वीकार कर लिया। न्यायालय ने कहा कि मजिस्ट्रेट को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि दोषी व्यक्ति को दोषी मानने से पहले पर्याप्त कानूनी सलाह मिले और मजिस्ट्रेट के लिए यह आवश्यक नहीं है कि वह दोषी व्यक्ति के दोषी होने पर तुरंत कार्रवाई करे खासकर तब जब प्रदान की गई...
पीपल के पेड़ को लेकर सांप्रदायिक तनाव: यूपी सरकार ने 19वीं सदी की अयोध्या मस्जिद के जीर्णोद्धार पर आपत्ति को हाईकोर्ट में उचित ठहराया
उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले सप्ताह अयोध्या में 19वीं सदी की हुसैनी मस्जिद के जीर्णोद्धार और मरम्मत कार्य पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसमें मस्जिद समिति द्वारा उचित मंजूरी के बिना मस्जिद की भूमि पर निर्माण कार्य करने के प्रयास का हवाला दिया गया।यह आपत्ति इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष उठाई गई, जहां एडिशनल मुख्य सरकारी वकील ने सरकार के रुख को उचित ठहराते हुए कहा कि मस्जिद प्रबंधन प्रस्तावित जीर्णोद्धार योजना के तहत मस्जिद की सीमा के भीतर एक पीपल के पेड़ और चबूतरे को शामिल कर रहा था जिससे क्षेत्र में सामाजिक...
क्या 2016 में कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार की शिकार हुई महिला को रेलवे अधिनियम के तहत मुआवज़ा दिया गया? इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूछा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्रीय रेल मंत्रालय से पूछा कि क्या उसने 35 वर्षीय महिला को रेलवे अधिनियम 1989 के तहत मुआवज़ा दिया, जिसे 2016 में कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार के बाद चलती ट्रेन से बाहर धकेल दिया गया जिसके परिणामस्वरूप उसका दाहिना पैर कट गया था।चीफ जस्टिस अरुण भंसाली और जस्टिस जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने चलती ट्रेन में पीड़ित महिला के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना पर 2016 में शुरू की गई एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए यह सवाल किया।इस साल फरवरी में हाईकोर्ट ने केंद्रीय रेल मंत्रालय को...
हाथरस बलात्कार पीड़िता के परिवार के पुनर्वास पर 8 जनवरी तक निर्णय लें: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को निर्देश दिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह 8 जनवरी तक निर्णय ले और हाथरस सामूहिक बलात्कार और हत्या पीड़िता के परिवार के सदस्यों के पुनर्वास (गाजियाबाद या नोएडा में) के संबंध में अदालत को अवगत कराए।जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने परिवार को इस संबंध में हाथरस के जिला मजिस्ट्रेट को औपचारिक आवेदन करने का निर्देश दिया। बदले में अदालत ने जिला मजिस्ट्रेट को मामले पर जल्द से जल्द निर्णय लेने और यदि आवश्यक हो तो अंतिम निर्णय के लिए आवेदन को राज्य सरकार को भेजने के लिए...
CBI, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पूर्व आयकर अधिकारी की याचिका खारिज कर दी, जिसमें उनके खिलाफ एजेंसी के 'ट्रैप' पर जानकारी मांगी गई थी
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक आयकर अधिकारी की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने CBI द्वारा उनके खिलाफ ट्रैप कार्यवाही के संबंध में सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI Act) के तहत जानकारी मांगी थी।आयकर अधिकारी को भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषी ठहराया गया था और दोषसिद्धि के खिलाफ उसकी अपील उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित है। कोर्ट ने कहा कि अपील में अपने बचाव को मजबूत करने के लिए मांगी गई जानकारी की आवश्यकता थी। जस्टिस महाबीर सिंह सिंधु ने कहा, "उनके द्वारा मांगी गई सूचना की प्रकृति किसी...
IT Act की धारा 153C 'अन्य व्यक्ति' पर कार्यवाही शुरू करने के लिए संतुष्टि नोट प्राप्त करने के लिए AO द्वारा विचार किए गए दस्तावेजों से परे मूल्यांकन को प्रतिबंधित करती है: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने इस प्रश्न का सकारात्मक उत्तर दिया है कि क्या आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 153C किसी कर निर्धारण अधिकारी को अन्य व्यक्ति का निर्धारण/पुन निर्धारण शुरू करने के लिए संतुष्टि नोट प्राप्त करने हेतु विचार किए गए दस्तावेजों से परे पूछताछ करने से रोकती है।धारा 153C में किसी व्यक्ति पर धारा 132 के अंतर्गत किए गए तलाशी अभियानों के दौरान पाई गई सामग्री के अनुसरण में अथवा अधिनियम की धारा 132A के अंतर्गत की गई मांग के परिणामस्वरूप अन्य व्यक्ति के मूल्यांकन से संबंधित विशेष उपबंध निहित है। ...
हाईकोर्ट ने पंजाब चुनाव आयुक्त को नगर निगम चुनाव कार्यक्रम अधिसूचित करने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मंगलवार (3 दिसंबर) को पंजाब चुनाव आयुक्त को राज्य में नगर निगम चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए 15 दिन का और समय दिया।यह घटनाक्रम चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए अदालत के निर्देश का पालन नहीं करने के लिए अधिकारी के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर आया है। 42 नगर परिषदों और नगर पंचायतों को चुनाव का इंतजार है। कुछ नगरपालिकाओं में चार साल से चुनाव नहीं हुए हैं। भोजनावकाश से पहले के सत्र में न्यायालय ने निर्वाचन आयुक्त को तलब कर पूछा था कि सुप्रीम कोर्ट...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नलीन कुमार कतील के खिलाफ इलेक्टोरल बॉन्ड मामले में दर्ज FIRरद्द की
कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार को इलेक्टोरल बॉन्ड की आड़ में कथित रूप से धन उगाही करने के लिए भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नलीन कुमार कतील के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी से संबंधित कार्यवाही रद्द की।जस्टिस एम नागप्रसन्ना ने आदेश सुनाते हुए कहा, ''याचिका को स्वीकार किया जाता है। याचिकाकर्ता के खिलाफ कार्यवाही रद्द की जाती है।हाईकोर्ट ने इलेक्टोरल बॉन्ड की आड़ में कथित रूप से धन उगाही करने के लिए दर्ज प्राथमिकी रद्द करने की मांग वाली कतील की याचिका पर 20 नवंबर को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। केंद्रीय...
अरविंद केजरीवाल मामले में 'विश्वास करने का कारण' नियम पूर्वव्यापी रूप से लागू नहीं होगा: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि ED द्वारा PMLA के तहत गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को अरविंद केजरीवाल मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार एक अलग दस्तावेज के रूप में 'विश्वास करने के कारणों' की आपूर्ति की शर्त को भविष्यलक्षी रूप से लागू किया जाना चाहिए।जस्टिस अनीश दयाल ने कहा कि ED से अतिरिक्त शर्त का पालन करने की उम्मीद नहीं की जा सकती है, अगर गिरफ्तारी अरविंद केजरीवाल के फैसले से पहले की अवधि में की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 12 जुलाई को शराब नीति मामले में केजरीवाल को जमानत देते हुए कहा था कि...
महिला की शील का हनन तब होता है जब अपराधी की हरकत को उसकी शालीनता को आघात पहुंचाने वाला माना जाता है: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने माना कि आईपीसी की धारा 354 के तहत महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने का अपराध तब माना जाता है जब अपराधी की हरकत ऐसी हो कि उसे महिला की शालीनता को ठेस पहुंचाने वाला माना जाए। इस मामले में, एक उच्च प्राथमिक विद्यालय के अभिभावक शिक्षक संघ (पीटीए) के अध्यक्ष पर अश्लील भाषा का इस्तेमाल करने और स्कूल की प्रधानाध्यापिका की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया गया था। आरोप है कि पीटीए की बैठक के दौरान उन्होंने उसके दोनों हाथ पकड़ लिए और उसे अपनी ओर खींचा।जस्टिस मुरली कृष्ण एस ने आईपीसी की...
Krishna Janmabhumi Row | अदालती कार्यवाही की गलत रिपोर्टिंग अवमानना के बराबर होगी: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मीडिया को संयम बरतने का निर्देश दिया
मथुरा में चल रहे कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अदालती कार्यवाही की गैर-जिम्मेदाराना या गलत रिपोर्टिंग के बारे में मीडिया को कड़ी चेतावनी दी। न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसी कोई भी रिपोर्टिंग, जो मामले में कार्यवाही या आदेशों को गलत तरीके से प्रस्तुत करती है, प्रथम दृष्टया न्यायालय की अवमानना के बराबर हो सकती है।जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्रा की पीठ ने अपने आदेश में कहा,"यह न्यायालय उम्मीद करता है कि मीडियाकर्मी इस मामले की कार्यवाही की रिपोर्टिंग करते...
स्वर्णरेखा नदी पुनरुद्धार परियोजना: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा, राज्य और ग्वालियर नगर निगम के बीच तालमेल 'समय की मांग'
स्वर्णरेखा नदी के पुनरुद्धार से संबंधित मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर पीठ ने शहर के नगर निगम को निर्देश दिया है कि वह सीवर लाइन बिछाने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट एक महीने के भीतर मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान को जांच के लिए भेजे, ताकि अदालत इसकी जांच कर सके। अदालत ने इस बात पर भी जोर दिया कि नगर निगम अधिनियम में निहित सामाजिक लेखा परीक्षा की अवधारणा को सावधानीपूर्वक लागू किया जाना चाहिए और कहा कि यह शहर की आवश्यकता के अनुसार योजनाओं को विकसित करने में सहायक हो...
बेंचमार्क स्तर से कम विकलांगता का प्रतिशत मेधावी विकलांग उम्मीदवार को नौकरी के लिए अयोग्य नहीं ठहराएगा: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ ने एक विकलांग व्यक्ति की उम्मीदवारी को खारिज करने के लिए तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम लिमिटेड (ओएनजीसी) पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया है, जिसे चयन प्रक्रिया में अन्यथा योग्य घोषित किया गया था, तथा उसे 30% दृष्टि दोष से पीड़ित होने के कारण चिकित्सकीय रूप से अयोग्य प्रमाणित किया गया था। ऐसा करते हुए न्यायालय ने पाया कि उम्मीदवार को केवल इसलिए खारिज करना कि वह न्यूनतम विकलांगता 40% से कम है, अर्थात बेंचमार्क विकलांगता ओएनजीसी द्वारा की गई एक अवैध कार्रवाई थी।चीफ...
बलात्कार पीड़िता तक पहुंच न होने का दावा करने वाला अभियुक्त अपने दावे को साबित करने के लिए पैटरनिटी टेस्ट की मांग कर सकता है: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने बलात्कार के एक मामले में अभियुक्त को पैटरनिटी टेस्ट से गुजरने की अनुमति दी, जिससे वह अपने इस दावे को साबित कर सके कि कथित पीड़िता तक उसकी पहुंच नहीं है, जिसने दावा किया कि उसके द्वारा बलात्कार किया गया और बाद में वह गर्भवती हो गई।जस्टिस शम्पा (दत्त) पॉल ने दीपनविता रॉय बनाम रोनोब्रोटो रॉय के सुप्रीम कोर्ट के मामले पर भरोसा किया और कहा,"वर्तमान मामले में दोनों पक्षों के बीच कोई विवाह नहीं है। पीड़ित लड़की का दावा है कि बच्चा याचिकाकर्ता का है। दूसरी ओर, याचिकाकर्ता ने बच्चे के...
ज्ञानवापी, मथुरा और संभल से परे: मस्जिदों/दरगाहों के खिलाफ लंबित मामलों पर एक नज़र
धार्मिक पूजा स्थलों पर कानूनी विवादों ने सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को और गहरा कर दिया है, जैसा कि संभल में 16वीं सदी की एक मस्जिद के खिलाफ हाल ही में सर्वेक्षण आदेश से पता चलता है, जिसके कारण हिंसा भड़क उठी और चार लोगों की मौत हो गई।फिर भी, भारत में विभिन्न न्यायालयों में लगभग एक दर्जन ऐसे मामले लंबित हैं, जो धार्मिक स्थलों के चरित्र को विवादित करते हैं, जबकि पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 1991 द्वारा सुरक्षा प्रदान की गई है।आइए इन मामलों पर विस्तार से नज़र डालें।(1) टीले वाली मस्जिद, लखनऊ,...
मुंबई में पुनर्विकास का लीगर इंट्रो
भारत की वित्तीय राजधानी और सबसे अधिक आबादी वाला शहर मुंबई, अपने सीमित भौगोलिक क्षेत्र में अपनी लगातार बढ़ती आबादी को समायोजित करने में एक बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है। भूमि की कमी और उच्च जनसंख्या घनत्व ने पुनर्विकास को शहरी नियोजन और विकास प्रबंधन के लिए एक आवश्यक उपकरण बना दिया है। पुनर्विकास में भूमि उपयोग को अनुकूलित करने, रहने की स्थिति में सुधार करने और अतिरिक्त आवास स्टॉक बनाने के लिए पुरानी, जीर्ण-शीर्ण इमारतों का पुनर्निर्माण शामिल है।हालांकि, मुंबई में पुनर्विकास प्रक्रिया अपनी...
यदि आयकर अधिनियम की धारा 147 के तहत पुनर्मूल्यांकन शुरू किए जाने के 'कारणों' पर कोई जोड़ नहीं किया गया है तो एओ 'अन्य आय' का आकलन नहीं कर सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि एक मूल्यांकन अधिकारी (एओ) ऐसे मामले में करदाता की अन्य आय का आकलन नहीं कर सकता है, जहां आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 147 के तहत पुनर्मूल्यांकन शुरू किए गए "कारणों" के आधार पर कोई जोड़ नहीं किया गया है। धारा 147 एओ को आय और किसी अन्य आय का भी आकलन या पुनर्मूल्यांकन करने का अधिकार देती है, यदि उसके पास "विश्वास करने का कारण" है कि कर योग्य कोई आय किसी भी आकलन वर्ष के लिए मूल्यांकन से बच गई है। इस मामले में विवाद "किसी अन्य आय" का आकलन करने की शक्ति के संबंध में...
बॉम्बे हाईकोर्ट में एमबीबीएस सीट आवंटन के खिलाफ याचिका, कहा- राज्य ने निर्दिष्ट और संवैधानिक आरक्षण के लिए अलग-अलग नियम लागू किए हैं
बॉम्बे हाईकोर्ट में राज्य सीईटी सेल द्वारा एमबीबीएस कोर्स के लिए सीट आवंटन प्रक्रिया को चुनौती देते हुए एक याचिका दायर की गई है, जिसमें तर्क दिया गया है कि राज्य ने निर्दिष्ट आरक्षण और संवैधानिक आरक्षण के लिए अलग-अलग नियम लागू किए हैं। आज, याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि राज्य ने निर्दिष्ट आरक्षणों के लिए अलग-अलग नियम बनाए हैं, जिसमें पहाड़ी क्षेत्र, विकलांग, रक्षा श्रेणियां और संवैधानिक आरक्षण शामिल हैं।जस्टिस एएस चंदुरकर और जस्टिस राजेश एस पाटिल की खंडपीठ ने कहा कि वे कल मामले की सुनवाई...




















