हाईकोर्ट
आरोप पत्र में दस्तावेजों की सूची दाखिल करना CrPC की धारा 294 का पर्याप्त अनुपालन नहीं: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने माना कि केवल दस्तावेजों की सूची दाखिल करना सीआरपीसी की धारा 294 का पर्याप्त अनुपालन नहीं है।न्यायालय ने माना कि प्रतिकूल पक्ष को उन दस्तावेजों की सूची प्रदान करके नोटिस देना आवश्यक है, जिन्हें BNSS की धारा 330 के अनुसार प्रतिकूल पक्ष द्वारा स्वीकार या अस्वीकार किया जाना है, जो CrPC की धारा 294 के समतुल्य है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि पक्ष को उन दस्तावेजों के बारे में पता हैस जिन्हें स्वीकार या अस्वीकार करने के लिए उक्त पक्ष को कहा गया।न्यायालय को यह निर्धारित...
केवल इसलिए कि महिला ने ससुराल में आत्महत्या नहीं की, इसका मतलब यह नहीं कि यह दहेज हत्या का मामला नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि केवल इसलिए कि मृतक महिला ने अपने मायके में आत्महत्या की और अपने ससुराल में नहीं, इसका मतलब यह नहीं है कि यह दहेज हत्या का मामला नहीं है।जस्टिस गिरीश कठपालिया ने कहा,“जिस स्थान पर पीड़ित महिला आत्महत्या करने के लिए मजबूर होती है, उसका कोई महत्व नहीं है। धारा 304बी आईपीसी के तहत प्रावधान की उद्देश्यपूर्ण व्याख्या के लिए, विवाह के अस्तित्व और निरंतरता को ध्यान में रखना होगा न कि उस स्थान को, जहां मृतक अपनी जान लेने से पहले खुद को ले जाती है।”न्यायालय ने दहेज हत्या...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुन्नी वक्फ बोर्ड चुनाव के लिए निर्देशों के अनुपालन पर यूपी अल्पसंख्यक विभाग सचिव से हलफनामा मांगा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह उत्तर प्रदेश सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वे उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड के सदस्यों के चुनाव की प्रक्रिया दो महीने के भीतर पूरी करने के लिए हाईकोर्ट के मार्च 2024 के निर्देशों का अनुपालन दर्शाने वाला हलफनामा दाखिल करें।जस्टिस राजीव सिंह की पीठ ने स्पष्ट किया कि यदि न्यायालय द्वारा मांगा गया हलफनामा अगली सूचीबद्धता तिथि 19 मई तक दाखिल नहीं किया जाता है तो संबंधित अधिकारी अवमानना के आरोप तय करने के...
संरक्षण और स्वायत्तता में संतुलन: किशोर संबंधों के प्रति POCSO के दृष्टिकोण पर पुनर्विचार
इस वर्ष 17 फरवरी को, बॉम्बे हाईकोर्ट ने पॉक्सो अधिनियम के तहत एक आरोपी को इस आधार पर जमानत दे दी कि यौन क्रिया सहमति से हुई थी और 14 वर्षीय पीड़िता सहमति देने में पूरी तरह सक्षम थी। आदेश नाबालिगों की यौन स्वायत्तता के लिए जगह बनाने के लिए पॉक्सो के वैधानिक प्रावधानों को तर्कसंगत बनाता है।इस वर्ष 17 फरवरी को, बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार करने के लिए पॉक्सो अधिनियम की धारा 4, 6, 8 के तहत आरोपित एक आरोपी को जमानत देने का आदेश पारित किया। इस तथ्य के बावजूद कि पॉक्सो की योजना...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कुणाल कामरा की FIR रद्द करने की याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार (8 अप्रैल) को राज्य सरकार से कॉमेडियन कुणाल कामरा की उस याचिका पर निर्देश प्राप्त करने को कहा, जिसमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ कथित तौर पर बनाए गए व्यंग्यात्मक वीडियो और गद्दार टिप्पणी के बाद उनके खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने की मांग की गई।सुनवाई के दौरान कामरा की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट नवरोज सीरवाई से जस्टिस सारंग कोतवाल और जस्टिस श्रीराम मोदक की खंडपीठ ने कॉमेडियन को मद्रास हाईकोर्ट द्वारा दिए गए अंतरिम संरक्षण के बारे में पूछा।इस पर सीरवाई ने...
भारत में पुलिसिंग की स्थिति पर शुरुआती रिपोर्ट 2025: पुलिस यातना और (गैर) जवाबदेही- घटना रिपोर्ट
कॉमन कॉज ने लोकनीति - सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसाइटीज (सीएसडीएस) के साथ संयुक्त प्रयासों से 26 मार्च को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर- एनेक्सी में भारत में पुलिसिंग की स्थिति रिपोर्ट 2025: पुलिस यातना और (गैर) जवाबदेही (एसपीआईआर) का छठा संस्करण जारी किया। रिपोर्ट लॉन्च के बाद "पुलिस यातना और जवाबदेही: सुरक्षा उपाय कहां हैं?" पर पैनल चर्चा हुई। उड़ीसा हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एस मुरलीधर ने मुख्य भाषण दिया। वृंदा ग्रोवर, वकील और एक्टिविस्ट, डॉ अमर जेसानी, सार्वजनिक स्वास्थ्य...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने टू-फिंगर टेस्ट के इस्तेमाल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए उठाए गए कदमों पर राज्य से जवाब मांगा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में महाराष्ट्र सरकार से यौन उत्पीड़न या बलात्कार की पीड़िताओं पर टू-फिंगर टेस्ट या 'वर्जिनिटी टेस्ट' की असंवेदनशील अमानवीय और भेदभावपूर्ण' प्रकृति के बारे में राज्य भर में मेडिकल स्वास्थ्य प्रदाताओं को संवेदनशील बनाने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बताने को कहा।जस्टिस नितिन साम्ब्रे और जस्टिस वृषाली जोशी की खंडपीठ ने राज्य से झारखंड राज्य बनाम शैलेंद्र कुमार राय के मामले में सुप्रीम कोर्ट के अनिवार्य निर्देशों के अनुपालन को रिकॉर्ड पर रखने को कहा।उक्त फैसले में...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कानून के प्रावधानों की अनदेखी करते हुए गुप्त आदेश पारित करने वाले जिला जज के कामकाज पर रिपोर्ट मांगी
भूमि अधिग्रहण पुनर्वास और पुनर्स्थापन अधिनियम 2013 में उचित मुआवज़ा और पारदर्शिता के अधिकार से संबंधित गुप्त आदेश खारिज करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने उक्त जिला जज की फाइलों का निरीक्षण करने और जिला जज के कामकाज के बारे में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकल पीठ ने कहा,"यदि चौथे जिला जज ने अधिनियम 2013 की धारा 64 के तहत प्रावधानों को पढ़ने के लिए खुद को तैयार किया होता तो ऐसा गुप्त आदेश पारित नहीं किया जाता। तदनुसार, दिनांक 03.08.2024 का विवादित आदेश गुप्त होने...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अयोध्या में राम मंदिर के आसपास के कथित 'सिख फॉर जस्टिस' सदस्यों को जमानत देने से इनकार किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते 'सिख फॉर जस्टिस' के दो कथित सदस्यों और खालिस्तानी समर्थकों को जमानत देने से इनकार कर दिया था, जिन्हें पिछले साल जनवरी में अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर के आसपास 'रेकी' करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।जस्टिस संगीता चंद्रा और जस्टिस श्रीप्रकाश सिंह की खंडपीठ ने इस तथ्य का संज्ञान लिया कि निचली अदालत ने उन्हें जमानत देने से इनकार करते हुए प्रथम दृष्टया उनके खिलाफ पर्याप्त सामग्री पाई थी कि उन्होंने 22 जनवरी को अयोध्या में कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की योजना...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नीलाम की गई संपत्ति पर जानबूझकर मुकदमे को लंबा खींचने के लिए लोन गारंटरों पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2017 में नीलाम की गई संपत्ति के संबंध में जानबूझकर मुकदमे को लंबा खींचने के लिए लोन गारंटरों पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।लोन गारंटरों (याचिकाकर्ताओं) को नीलाम की गई संपत्ति को खाली करने और नीलामी खरीदार के पक्ष में जुर्माना अवार्ड देते हुए जस्टिस संगीता चंद्रा ने कहा,“यह न्यायालय रिट क्षेत्राधिकार के न्यायसंगत क्षेत्राधिकार होने और वादी की जिम्मेदारी के संबंध में पूर्वोक्त न्यायिक मिसालों पर गौर करने के बाद तथ्यों का स्पष्ट और पूर्ण खुलासा करते हुए किसी भी सक्रिय गलत...
प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति के काफिले को धमकाने का आरोप, व्हाट्सएप मैसेज के आधार पर की गई गिरफ्तारी, अब हाईकोर्ट ने राज्य से मांगा जवाब
व्हाट्सएप मैसेज के आधार पर एक व्यक्ति को 24 घंटे तक हिरासत में रखने से संबंधित मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस विशाल धगत ने राज्य को यह दिखाने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया कि मैसेज का याचिकाकर्ता से क्या संबंध है और प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति के काफिले को धमकाने से संबंधित हिरासत के कथित आधार क्या हैं।मामले के तथ्यात्मक मैट्रिक्स के अनुसार, याचिकाकर्ता को उसके घर से उठाकर 20.06.2023 को सुबह लगभग 7.00 बजे पुलिस स्टेशन ले जाया गया और अगले दिन रिहा होने से पहले बिना किसी कारण के स्टेशन प्रभारी...
DCPCR के रिक्त पदों को भरने में दिल्ली सरकार की उदासीनता की सराहना नहीं की जा सकती, बाल अधिकार पीछे छूट गए: हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (DCPCR) में रिक्त पदों को भरने में दिल्ली सरकार की उदासीनता की सराहना नहीं की जा सकती।चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने कहा कि रिक्त पदों के कारण बाल अधिकार निकाय के कार्य नहीं हो पा रहे हैं और नाबालिग बच्चों के अधिकार पीछे छूट गए।यह देखते हुए कि DCPCR बाल अधिकारों के संरक्षण को सुनिश्चित करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण वैधानिक कार्य करता है, न्यायालय ने कहा:“हालांकि रिक्त पदों के कारण ऐसे...
'आप इसके लायक नहीं', वकील से 'सीनियर डेजिग्नेशन' छीनने पर हाईकोर्ट में हुई तीखी नोकझोंक
यह देखते हुए कि सीनियर एडवोकेट नरिंदर पाल सिंह रूपरा ने आबकारी मामले की सुनवाई के दौरान "ऊंची आवाज में चिल्लाये" और "हंगामा" किया, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सोमवार (7 अप्रैल) को रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि वह वकील का नाम फुल कोर्ट के समक्ष रखे, जिससे इस बात पर विचार किया जा सके कि वकील सीनियर एडवोकेट (Senior' Designation) के रूप में काम करना जारी रख सकते हैं या नहीं।28 मार्च को अपने अंतिम आदेश में न्यायालय ने प्रतिवादी नंबर 5 (नए लाइसेंसधारी) की ओर से जिम्मेदार व्यक्ति को सुनवाई की अगली तारीख पर...
नए पते की जानकारी दिए बिना बटालियन छोड़ने पर अनिवार्य रिटायरमेंट वैध, नियोक्ता कर्मचारी की तलाश नहीं कर सकता: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने 326 दिनों की अवधि के लिए छुट्टी के दौरान बिना अनुमति के बटालियन से लगातार अनुपस्थित रहने के कारण याचिकाकर्ता पर लगाए गए सेवा से अनिवार्य रिटायरमेंट (Compulsory Retirement) का आदेश बरकरार रखा।याचिकाकर्ता CRPF कांस्टेबल है। उसने तर्क दिया कि प्रतिवादी नंबर 3 द्वारा जारी आदेश एकपक्षीय जांच पर आधारित है और याचिकाकर्ता को सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया। प्राधिकारी द्वारा जो भी नोटिस भेजा गया, वह प्राप्त नहीं हो सका, क्योंकि उसने अपनी बीमारी के कारण अपना आवासीय पता बदल लिया...
बदलापुर फर्जी मुठभेड़: 5 पुलिसकर्मियों पर SIT जांच के आदेश, हाईकोर्ट ने राज्य की अनिच्छा पर उठाए सवाल
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बदलापुर फर्जी मुठभेड़ मामले में कथित तौर पर शामिल पांच पुलिसकर्मियों की एसआईटी जांच का आदेश दिया है।जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और जस्टिस डॉ. नीला गोखले की खंडपीठ ने आदेश सुनाते हुए कहा, "जांच रिपोर्ट के अवलोकन के बाद, हम संतुष्ट हैं कि विचाराधीन मामले यानी मुठभेड़ में गहन जांच की आवश्यकता है, क्योंकि यह निर्विवाद है कि मृतक की मौत एक पुलिस अधिकारी द्वारा दी गई गोली से हुई थी, जब वह पुलिस हिरासत में था। मृतक के माता-पिता की अनुपस्थिति में मामले को बंद करना आसान होता, लेकिन एक...
FIR दर्ज, जांच जारी: बॉम्बे हाईकोर्ट ने मिड-डे मील घोटाले का आरोप लगाने वाली जनहित याचिका का निपटारा किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मिड-डे मील योजना के तहत खाद्यान्न वितरण में कथित घोटाले से संबंधित जनहित याचिका (PIL) का निपटारा करते हुए कहा कि FIR दर्ज कर ली गई और जांच चल रही है।चीफ जस्टिस आलोक अराधे और जस्टिस एमएस कार्णिक की खंडपीठ ने याचिका में लगाए गए आरोपों को गंभीर मानते हुए लंबित FIR के मद्देनजर मामले का निपटारा करना उचित समझा।जनहित याचिका में आरोप लगाया गया कि खाद्यान्न वितरण में घोटाला हुआ। आरोप लगाया गया कि आपूर्ति किए गए अनाज को पात्र स्कूलों से गलत तरीके से लिया गया, जिससे सरकार को भारी नुकसान...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने बीएस येदियुरप्पा की जमानत की शर्त को संशोधित करने की याचिका पर नोटिस जारी किया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने सोमवार (7 अप्रैल) को पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा द्वारा दायर आवेदन पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया, जिसमें यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (POCSO Act)के प्रावधानों के तहत दर्ज मामले में अग्रिम जमानत देते समय उन पर लगाई गई जमानत की शर्तों को संशोधित करने की मांग की गई।मामले की सुनवाई ग्रीष्मावकाश के बाद पोस्ट करते हुए जस्टिस प्रदीप सिंह येरुर ने कहा,"इस मामले को आईए के विचार के लिए ग्रीष्मावकाश के तुरंत बाद सूचीबद्ध करें, प्रतिवादी यदि कोई आपत्ति दर्ज करें तो...
CLAT UG 2025 के परिणामों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर जल्द से जल्द निर्णय लिया जाएगा: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि वह विभिन्न राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों में ग्रेजुएट लॉ कोर्स में एडमिशन के लिए पिछले वर्ष दिसंबर में आयोजित कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) UG परीक्षा 2025 के परिणामों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर जल्द से जल्द सुनवाई पूरी करेगा।चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने कहा कि CLAT UG 2025 के परिणामों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर जल्द से जल्द सुनवाई की आवश्यकता है और इस पर छुट्टियों से पहले निर्णय लिया जाना चाहिए।चीफ जस्टिस...
दिल्ली हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट बिल्डिंग विस्तार परियोजना के लिए पेड़ों को ट्रांसप्लांट करने की अनुमति दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने अतिरिक्त कोर्ट रूम और चैंबर बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट बिल्डिंग विस्तार परियोजना के लिए 26 पेड़ों के प्रत्यारोपण की अनुमति दी है।जस्टिस जसमीत सिंह ने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रत्यारोपण की अनुमति मांगने के लिए दायर एक आवेदन को स्वीकार कर लिया। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने एक हलफनामा दायर किया था जिसमें कहा गया था कि गेट ए और बी के बीच बगीचे की परिधि के साथ 16 पेड़ों को प्रत्यारोपित किया जाना था और 10 पेड़ों को गेट नंबर 1 से सटे प्रशासनिक भवन परिसर के कोने के पास...
COVID-19 की इंटर्नशिप के आधार पर बोनस अंकों की मांग वाली याचिका राजस्थान हाईकोर्ट ने की खारिज
राजस्थान हाईकोर्ट ने जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (GNM) डिप्लोमा कोर्स कर रहे विभिन्न छात्रों द्वारा दायर उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान की गई इंटर्नशिप के आधार पर नर्सिंग ऑफिसर पद पर नियुक्ति के लिए कोविड हेल्थ असिस्टेंट (CHA) को दिए गए बोनस अंकों का लाभ मांगा था।जस्टिस अरुण मोंगा ने अपने निर्णय में कहा कि इंटर्नशिप, जिस बिना पर डिप्लोमा प्रदान नहीं किया जा सकता, शैक्षणिक पाठ्यक्रम का अभिन्न हिस्सा है। इसलिए इसे रोजगार नहीं माना जा सकता, बल्कि यह छात्रावस्था...



















