हाईकोर्ट

बीजेपी में शामिल होने के बाद राजिंदर गुप्ता की फैक्ट्री पर छापा, राजनीतिक बदले की आशंका से इनकार नहीं: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
बीजेपी में शामिल होने के बाद राजिंदर गुप्ता की फैक्ट्री पर छापा, राजनीतिक बदले की आशंका से इनकार नहीं: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ट्राइडेंट लिमिटेड की फैक्ट्री पर पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PCB) की ओर से की गई छापेमारी को लेकर कहा है कि राजनीतिक प्रतिशोध की आशंका प्रथम दृष्टया उचित प्रतीत होती है।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने कहा कि छापेमारी का समय विशेष रूप से सुनवाई योग्य है, क्योंकि कंपनी के चेयरमैन एमेरिटस राजिंदर गुप्ता ने 24 अप्रैल 2026 को आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामा था और उसके कुछ ही दिनों बाद 30 अप्रैल को छापा मारा...

दो लोगों को कुचलने के बाद जरूरत का बचाव नहीं ले सकता बस चालक: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
दो लोगों को कुचलने के बाद जरूरत का बचाव नहीं ले सकता बस चालक: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 81 के तहत जरूरत का बचाव उस स्थिति में नहीं लिया जा सकता, जब एक व्यक्ति को बचाने की कोशिश में आरोपी दूसरों को अधिक नुकसान पहुंचा दे।जस्टिस राकेश कैन्थला ने कहा कि धारा 81 का सिद्धांत केवल कम नुकसान पहुंचाकर बड़े नुकसान को रोकने की अनुमति देता है। हालांकि, यदि किसी कार्रवाई से अधिक गंभीर परिणाम सामने आते हैं तो आरोपी इस प्रावधान का लाभ नहीं ले सकता।अदालत ने कहा,“यदि आरोपी की यह दलील भी मान ली जाए कि वह साइकिल सवार को बचाने की कोशिश...

सिर्फ़ आरक्षित श्रेणी से होने से फ़ायदा नहीं मिलता, कट-ऑफ़ तारीख़ से पहले जाति प्रमाण पत्र जमा करना ज़रूरी है: झारखंड हाईकोर्ट
सिर्फ़ आरक्षित श्रेणी से होने से फ़ायदा नहीं मिलता, कट-ऑफ़ तारीख़ से पहले जाति प्रमाण पत्र जमा करना ज़रूरी है: झारखंड हाईकोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने फ़ैसला दिया कि आरक्षण चाहने वाले उम्मीदवारों को भर्ती विज्ञापनों में बताई गई शर्तों का सख़्ती से पालन करना होगा, जिसमें कट-ऑफ़ तारीख़ के अंदर तय फ़ॉर्मेट में जाति प्रमाण पत्र जमा करना भी शामिल है। सिर्फ़ आरक्षित श्रेणी से होने से ही कोई उम्मीदवार ऐसे फ़ायदे का दावा करने का हक़दार नहीं हो जाता।चीफ़ जस्टिस एम.एस. सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की एक डिवीज़न बेंच अपीलों के एक समूह की सुनवाई कर रही थी, जिसमें 20.12.2019 को सिंगल जज द्वारा दिए गए साझा फ़ैसले को चुनौती दी गई। उस फ़ैसले...

सचमुच औरतों का दिल बहुत बड़ा होता है: पत्नी के पति और ससुराल वालों को माफ़ करने पर हाईकोर्ट ने कम की सज़ा
'सचमुच औरतों का दिल बहुत बड़ा होता है': पत्नी के पति और ससुराल वालों को माफ़ करने पर हाईकोर्ट ने कम की सज़ा

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक पति, उसकी माँ और भाई की सज़ा बरक़रार रखी। इन पर दहेज की मांग को लेकर एक गर्भवती महिला को आग लगाने की कोशिश करने का आरोप था। हालांकि, कोर्ट ने उनकी सज़ा को उस समय तक सीमित किया, जितना समय वे पहले ही जेल में बिता चुके थे। कोर्ट ने यह फ़ैसला इसलिए लिया, क्योंकि पीड़ित महिला ने अपने पति से सुलह की थी और उसके साथ फिर से अपना पारिवारिक जीवन शुरू किया था।जस्टिस विमल कुमार यादव ने टिप्पणी करते हुए कहा,“सचमुच औरतों का दिल बहुत बड़ा होता है।” कोर्ट भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा...

कृषि जोत पर सीमा अधिनियम | मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अथॉरिटी को 14 साल पुराने मामले पर फैसला करने का निर्देश दिया
कृषि जोत पर सीमा अधिनियम | मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अथॉरिटी को 14 साल पुराने मामले पर फैसला करने का निर्देश दिया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सेटलमेंट कमिश्नर को निर्देश दिया कि वे एमपी कृषि जोत पर सीमा अधिनियम, 1960 के तहत कृषि सीमा तय करने से जुड़े 14 साल पुराने मामले का निपटारा तेज़ी से करें।ऐसा करते हुए कोर्ट ने टिप्पणी की कि इस तरह की कार्यवाही का लंबे समय तक लंबित रहना रिमांड के मूल मकसद को ही खत्म कर देता है और संबंधित पक्षों को बेवजह की परेशानियां झेलनी पड़ती हैं।जस्टिस मिलिंद रमेश फड़के की बेंच ने टिप्पणी की:"दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड की जांच करने के बाद इस कोर्ट ने पाया कि...

दोषसिद्धि से बचने की चाल: दिल्ली हाईकोर्ट ने आरोपी और पीड़िता की शादी के बावजूद POCSO केस रद्द करने से इनकार किया
'दोषसिद्धि से बचने की चाल': दिल्ली हाईकोर्ट ने आरोपी और पीड़िता की शादी के बावजूद POCSO केस रद्द करने से इनकार किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने POCSO Act के तहत चल रही आपराधिक कार्यवाही रद्द करने से इनकार किया, भले ही आरोपी और पीड़िता ने आपस में शादी की हो और उनका एक बच्चा भी हो। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में "सावधानीपूर्वक और संवेदनशीलता से विचार" करने की ज़रूरत होती है और शादी अपने आप में केस बंद करने का आधार नहीं बन सकती।जस्टिस प्रतीक जालान ने 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' (BNSS) की धारा 528 के तहत दायर याचिका खारिज की। इस याचिका में 2022 में IPC की धारा 363, 376 और 506, तथा 'यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण...

सर्विस बॉन्ड का उल्लंघन करके इस्तीफ़ा देने वाला कर्मचारी, एम्प्लॉयर को रिलीविंग लेटर या अनुभव प्रमाण पत्र जारी करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट
सर्विस बॉन्ड का उल्लंघन करके इस्तीफ़ा देने वाला कर्मचारी, एम्प्लॉयर को रिलीविंग लेटर या अनुभव प्रमाण पत्र जारी करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने यह फ़ैसला दिया कि जो कर्मचारी सर्विस बॉन्ड का उल्लंघन करके इस्तीफ़ा देता है, वह इस बात पर ज़ोर नहीं दे सकता कि एम्प्लॉयर उसे रिलीविंग लेटर या अनुभव प्रमाण पत्र जारी करे। कोर्ट ने यह टिप्पणी की कि जब कोई इस्तीफ़ा किसी वैध सर्विस बॉन्ड के तहत अनुबंध संबंधी दायित्वों के विपरीत दिया जाता है तो एम्प्लॉयर के लिए इस्तीफ़ा स्वीकार न करना उचित है। परिणामस्वरूप, उसे रिलीविंग या सेवा प्रमाण पत्र जारी करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।जस्टिस संदीप वी. मार्ने एक एविएशन कंपनी द्वारा दायर...

रिमिशन बोर्ड के सामने समय से पहले रिहाई की 143 अर्ज़ियां लंबित; देरी से सुधार का मकसद ही खत्म हो जाता है: पटना हाईकोर्ट
'रिमिशन बोर्ड के सामने समय से पहले रिहाई की 143 अर्ज़ियां लंबित; देरी से सुधार का मकसद ही खत्म हो जाता है': पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने बिहार राज्य सज़ा माफ़ी बोर्ड के सामने समय से पहले रिहाई के लिए 143 अर्ज़ियों के लंबित होने पर चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों को निपटाने में होने वाली देरी से सुधार और पुनर्वास का मूल मकसद ही खत्म हो जाता है।चीफ़ जस्टिस संगम कुमार साहू और जस्टिस हरीश कुमार की एक डिवीज़न बेंच आपराधिक अपील की सुनवाई कर रही थी, जिसमें समय से पहले रिहाई पर विचार करने से जुड़े मुद्दे सामने आए थे।कोर्ट ने गौर किया कि पहले दी गई जानकारी के मुताबिक, अपीलकर्ता ने हिरासत में 15 साल से ज़्यादा का...

“प्रशासनिक सुस्ती कभी भी पर्याप्त कारण नहीं हो सकती”: हाईकोर्ट ने DDA की 1600 दिनों की देरी को माफ़ करने से इनकार किया
“प्रशासनिक सुस्ती कभी भी पर्याप्त कारण नहीं हो सकती”: हाईकोर्ट ने DDA की 1600 दिनों की देरी को माफ़ करने से इनकार किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) द्वारा ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील दायर करने में हुई 1600 दिनों की देरी को माफ़ करने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा कि “प्रशासनिक सुस्ती और लापरवाही” देरी को माफ़ करने के लिए पर्याप्त कारण नहीं हो सकती।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने DDA की अर्जी खारिज की, जिसमें फ्लैट के आवंटन से जुड़े विवाद में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज द्वारा 8 जून, 2018 को दिए गए फैसले के खिलाफ 'रेगुलर फर्स्ट अपील' दायर करने में हुई देरी को माफ़ करने की मांग की गई थी।DDA ने दलील दी...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ग्वालियर की पहाड़ियों को अतिक्रमण और भू-माफिया द्वारा अवैध खुदाई से बचाने के लिए समिति बनाई
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ग्वालियर की पहाड़ियों को अतिक्रमण और भू-माफिया द्वारा अवैध खुदाई से बचाने के लिए समिति बनाई

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ग्वालियर की पहाड़ियों को पर्यावरण के नुकसान और भू-माफिया द्वारा अवैध अतिक्रमण से बचाने के लिए ग्वालियर के ज़िला कलेक्टर की अध्यक्षता में एक विशेष समिति बनाने का निर्देश दिया।जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस पुष्पेंद्र यादव की डिवीज़न बेंच द्वारा दिया गया यह निर्देश, मध्य प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1956 की धारा 5(54-a) और 130B के तहत बताए गए 'सोशल ऑडिट' (सामाजिक लेखा-परीक्षा) के सिद्धांत पर आधारित था।यह याचिका जंडेल सिंह यादव ने दायर की थी, जिसमें ग्वालियर में पहाड़ियों की बड़े...

बदले की भावना: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जुए के आरोपों पर IAS अधिकारी के फार्महाउस पर छापा मारने वाले पुलिसकर्मी का सस्पेंशन रद्द किया
"बदले की भावना": मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जुए के आरोपों पर IAS अधिकारी के फार्महाउस पर छापा मारने वाले पुलिसकर्मी का सस्पेंशन रद्द किया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिस अधिकारी का सस्पेंशन रद्द किया। इस अधिकारी ने एक ऐसे फार्महाउस पर छापा मारा, जिसके बारे में आरोप है कि वह एक अवैध जुआ रैकेट में शामिल है। बाद में पता चला कि वह फार्महाउस एक सेवारत IAS अधिकारी का है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि यह सस्पेंशन प्रशासनिक ज़रूरत के बजाय मनमाना और बदले की भावना से प्रेरित था।जस्टिस जय कुमार पिल्लई की बेंच ने टिप्पणी की:"सस्पेंशन का आदेश अगली ही सुबह तुरंत जारी करना, साथ ही बिना सोचे-समझे लिया गया यह स्पष्ट फैसला... और वैसी ही परिस्थितियों में...

सोहराबुद्दीन मुठभेड़ मामले में अमित शाह को मिली राहत बरकरार, बॉम्बे हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
सोहराबुद्दीन मुठभेड़ मामले में अमित शाह को मिली राहत बरकरार, बॉम्बे हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोहराबुद्दीन शेख कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को मिली राहत को चुनौती देने वाली अंतरिम याचिका खारिज की।अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह याचिका संभवतः किसी “राजनीतिक विरोधी” के इशारे पर दायर की गई हो सकती है। चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंखाड की खंडपीठ ने 22 पुलिसकर्मियों को बरी किए जाने के फैसले को भी बरकरार रखा।यह मामला सोहराबुद्दीन शेख, उनकी पत्नी कौसर बी और सहयोगी तुलसीराम प्रजापति की कथित फर्जी मुठभेड़ से जुड़ा है।अदालत ने अपने...

सोहराबुद्दीन फर्जी मुठभेड़ मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने 22 पुलिसकर्मियों की बरी बरकरार रखी, कहा- साजिश साबित नहीं
सोहराबुद्दीन फर्जी मुठभेड़ मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने 22 पुलिसकर्मियों की बरी बरकरार रखी, कहा- साजिश साबित नहीं

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोहराबुद्दीन शेख, उनकी पत्नी कौसर बी और सहयोगी तुलसीराम प्रजापति के कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में 22 पुलिसकर्मियों को बरी किए जाने के फैसले को बरकरार रखा है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष कथित साजिश और अपहरण की कहानी साबित करने में विफल रहा तथा पूरा मामला केवल परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित था, जिसकी कड़ियां पूरी तरह साबित नहीं हो सकीं।चीफ़ जस्टिस शील नागू चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंखाड की खंडपीठ ने कहा कि 90 से अधिक गवाह hostile हो गए, जिससे अभियोजन के मामले की विश्वसनीयता...

आधार डीएक्टिवेशन, बायोमेट्रिक मिसमैच के कारण असली निवासियों को बिना किसी उपाय के नहीं छोड़ा जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट ने जारी कीं गाइडलाइंस
आधार डीएक्टिवेशन, बायोमेट्रिक मिसमैच के कारण असली निवासियों को बिना किसी उपाय के नहीं छोड़ा जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट ने जारी कीं गाइडलाइंस

बॉम्बे हाईकोर्ट ने उन बढ़ते मामलों पर संज्ञान लेते हुए, जिनमें नागरिकों को बायोमेट्रिक मिसमैच, आधार कार्ड के डीएक्टिवेशन या सस्पेंशन के कारण अदालतों का दरवाज़ा खटखटाने पर मजबूर होना पड़ रहा है, विस्तृत गाइडलाइंस जारी कीं। कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे ऐसे मामलों से निपटने में 'नागरिक-केंद्रित' (citizen-centric) दृष्टिकोण अपनाएं और यह भी सुनिश्चित करें कि शिकायतों का निवारण चार हफ़्तों के भीतर हो जाए।जस्टिस रविंद्र घुगे और जस्टिस हितेन वेनेगांवकर की डिवीज़न बेंच ने पाया कि ऐसे कई...

ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट: वन अधिकार कानून उल्लंघन के आरोपों वाली PIL सुनवाई योग्य, आदिवासी बेहद संवेदनशील समुदाय — कलकत्ता हाईकोर्ट
ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट: वन अधिकार कानून उल्लंघन के आरोपों वाली PIL सुनवाई योग्य, आदिवासी 'बेहद संवेदनशील' समुदाय — कलकत्ता हाईकोर्ट

कलकत्ता हाईकोर्ट ने ग्रेट निकोबार इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट से जुड़े वन अधिकार कानून के कथित उल्लंघनों को चुनौती देने वाली जनहित याचिका (PIL) को सुनवाई योग्य माना है। कोर्ट ने केंद्र सरकार की उस आपत्ति को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि याचिकाकर्ता हैदराबाद की निवासी हैं और उनका अंडमान-निकोबार द्वीप समूह से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।चीफ़ जस्टिस सुजॉय पॉल और जस्टिस पार्थ सारथी सेन की खंडपीठ ने कहा कि PIL में लोकस स्टैंडी (locus standi) को लेकर कोई “सख्त नियम” नहीं हो सकता। अदालत ने कहा कि...

मातृ देवो भव: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बुज़ुर्ग माँ को ₹30,000 का अंतरिम गुज़ारा-भत्ता सही ठहराया, बेटे की सैलरी से कटाने का निर्देश
'मातृ देवो भव': पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बुज़ुर्ग माँ को ₹30,000 का अंतरिम गुज़ारा-भत्ता सही ठहराया, बेटे की सैलरी से कटाने का निर्देश

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक आदेश को सही ठहराया, जिसमें दो बेटों को अपनी बुज़ुर्ग विधवा माँ को अंतरिम गुज़ारा भत्ते के तौर पर हर महीने ₹30,000 देने का निर्देश दिया गया था। साथ ही कोर्ट ने भुगतान के तरीके में बदलाव किया ताकि सैलरी से कटौती और बेटों के अकाउंट से माँ के अकाउंट में ऑटो-डेबिट के ज़रिए इस आदेश का असरदार तरीके से पालन सुनिश्चित किया जा सके।जस्टिस नीरजा के. कालसन ने कहा,"यह याद दिलाना ज़रूरी हो जाता है कि अपने माता-पिता का भरण-पोषण करने का बच्चे का फ़र्ज़ सिर्फ़ कानूनी नहीं है,...

भोजशाला मंदिर-कमल मौला मस्जिद विवाद | ASI के रिकॉर्ड और शिलालेखों से पता चलता है कि वहां मंदिर था: हिंदू याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में कहा
भोजशाला मंदिर-कमल मौला मस्जिद विवाद | ASI के रिकॉर्ड और शिलालेखों से पता चलता है कि वहां मंदिर था: हिंदू याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में कहा

भोजशाला मंदिर-कमल मौला मस्जिद विवाद पर चल रही सुनवाई मे याचिकाकर्ताओं में से एक कुलदीप तिवारी ने दलील दी कि उस जगह पर मिले शिलालेखों से साफ तौर पर मंदिर के अवशेष होने की बात साबित होती है।यह विवाद भोजशाला से जुड़ा है, जो 11वीं सदी का एक स्मारक है और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षण में है। हिंदू इस जगह को वाग्देवी, यानी देवी सरस्वती को समर्पित मंदिर मानते हैं, जबकि मुसलमान इसे कमल मौला मस्जिद मानते हैं। ASI द्वारा 2003 में किए गए एक समझौते के तहत, हिंदू इस परिसर में मंगलवार को पूजा...

2026 CLAT-UG | इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फ़ाइनल आंसर-की बहाल की, मेरिट लिस्ट में बदलाव के सिंगल जज का निर्देश रद्द किया
2026 CLAT-UG | इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फ़ाइनल आंसर-की बहाल की, मेरिट लिस्ट में बदलाव के सिंगल जज का निर्देश रद्द किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस साल फ़रवरी में सिंगल जज द्वारा दिए गए आदेश को रद्द किया। इस आदेश में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज़ के कंसोर्टियम को कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) यूजी 2026 के लिए मेरिट लिस्ट में बदलाव करने का निर्देश दिया गया था।ऐसा करके जस्टिस सौमित्र दयाल सिंह और जस्टिस स्वरूपमा चतुर्वेदी की डिवीज़न बेंच ने वास्तव में 16 दिसंबर, 2025 को कंसोर्टियम द्वारा जारी की गई फ़ाइनल आंसर-की को बहाल किया। यह आंसर-की एक्सपर्ट कमेटियों द्वारा उठाई गई आपत्तियों की समीक्षा करने के बाद जारी की गई थी।इस तरह बेंच...