हाईकोर्ट

लखनऊ अग्निकांड पर हाईकोर्ट सख्त, कहा- प्राकृतिक आपदा के अलावा हादसों में मुआवजे की नीति नहीं

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लखनऊ के जून 2026 के भीषण अग्निकांड को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार को प्राकृतिक आपदाओं के अलावा आग और अन्य हादसों में मृत्यु या गंभीर चोट की स्थिति में मुआवजा देने के लिए स्पष्ट नीति बनाने का निर्देश दिया। सरकार ने अदालत को बताया कि फिलहाल उसकी मुआवजा नीति केवल प्राकृतिक आपदाओं तक सीमित है।जस्टिस राजन राय और जस्टिस मंजिव शुक्ला की खंडपीठ ने यह निर्देश तीन मंजिला इमारत में संचालित एनीमेशन सेंटर में लगी आग से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। हादसे में 15 युवाओं की मौत...

63 साल पुराने राजस्व मामले पर राजस्थान हाईकोर्ट सख्त, 3 महीने में निपटाने का आदेश

राजस्थान हाईकोर्ट ने 63 साल पुराने राजस्व मामले को तीन महीने के भीतर निपटाने का आदेश दिया। जस्टिस अनूप कुमार धांड की पीठ ने निर्देश दिया कि मामले में अनावश्यक स्थगन नहीं दिया जाए। यदि राजस्व अदालत के पीठासीन अधिकारी ने आदेश का पालन नहीं किया तो संबंधित उच्च अधिकारियों को उसके खिलाफ उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाएंगे। इसमें वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट में प्रतिकूल टिप्पणी दर्ज करना भी शामिल है।अदालत ने राजस्व अदालतों में मामलों के लंबे समय तक लंबित रहने को व्यवस्था की “कड़वी हकीकत” बताते हुए कहा...

बच्चों की संख्या के आधार पर मातृत्व अवकाश रोकने वाले नियम की वैधता जांचेगा दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्रीय सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 1972 के नियम 43 की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया। इस नियम के तहत दो से कम जीवित बच्चों वाली महिला सरकारी कर्मचारी को 180 दिन का मातृत्व अवकाश दिया जा सकता है।जस्टिस अवनीश झिंगन और जस्टिस शैल जैन की खंडपीठ डॉ. गीता रानी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। उन्होंने अपनी दूसरी गर्भावस्था के दौरान मातृत्व अवकाश देने से इनकार किए जाने को चुनौती दी।याचिकाकर्ता ने बताया कि 2024 में पहली गर्भावस्था के दौरान उन्होंने जुड़वां बच्चों को...

बार-बार स्थगन से जजों को क्लर्क की तरह काम करना पड़ रहा, आपराधिक अपीलों में कागजी बंडल न मिलने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट नाराज

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आपराधिक अपीलों में वकीलों द्वारा कागजी बंडल उपलब्ध न होने के आधार पर बार-बार सुनवाई टालने की मांग पर चिंता जताई है। कोर्ट ने कहा कि इससे न्यायिक समय की भारी बर्बादी हो रही है और जजों को न्यायिक निर्णय लेने के बजाय “क्लर्कों की तरह” काम करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।जस्टिस सलिल कुमार राय और जस्टिस पदम नारायण मिश्रा की खंडपीठ ने यह टिप्पणी दो आपराधिक अपीलों की सुनवाई के दौरान की। इन मामलों में अधिवक्ता ने यह कहते हुए सुनवाई टालने का अनुरोध किया कि उन्हें कागजी बंडल नहीं...

लंबी बीमारी के कारण अनुपस्थिति जानबूझकर किया गया कदाचार नहीं, राजस्थान हाईकोर्ट ने बर्खास्तगी रद्द की

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि लंबी बीमारी के कारण कर्मचारी का ड्यूटी से अनुपस्थित रहना जानबूझकर की गई अनुपस्थिति नहीं माना जा सकता और इसके आधार पर उसे दंडित नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने एक मृत कर्मचारी की बर्खास्तगी का आदेश रद्द करते हुए उसकी पत्नी को सभी सेवा और सेवानिवृत्ति संबंधी लाभ देने का निर्देश दिया।चीफ जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किया।मामले के अनुसार याचिकाकर्ता के पति वर्ष 1979 में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत थे और तपेदिक से पीड़ित थे।...

लिखित बयान में जालसाजी की दलील नहीं तो गवाही के चरण में हस्तलेख विशेषज्ञ की रिपोर्ट पेश नहीं कर सकते: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि यदि किसी पक्ष ने अपने लिखित बयान में दस्तावेज पर हस्ताक्षर जाली या कूटरचित होने की दलील नहीं दी तो वह गवाही के चरण में हस्तलेख विशेषज्ञ की रिपोर्ट पेश कर उस नई दलील को स्थापित नहीं कर सकता। कोर्ट ने कहा कि साक्ष्य के जरिए ऐसा नया तथ्य या बचाव पेश नहीं किया जा सकता, जिसकी बुनियाद ही मूल दलीलों में मौजूद नहीं थी।जस्टिस फरजंद अली की पीठ ने कहा कि दलीलें ही साक्ष्य की बुनियाद होती हैं और दूसरे पक्ष को यह पता होना चाहिए कि उसे किस मामले का सामना करना है। गवाही के जरिए पहली...

Cow Slaughter Act | 80 किलोग्राम गोमांस ले जा रहे वाहन का मालिक अज्ञानता की दलील देकर जब्ती से नहीं बच सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि वाहन का मालिक, जो गोमांस बरामद होने के समय स्वयं उसमें यात्रा कर रहा था, उत्तर प्रदेश गोहत्या निवारण अधिनियम, 1955 के तहत यह दलील देकर जब्ती का विरोध नहीं कर सकता कि मांस उन यात्रियों का था, जिन्होंने वाहन किराए पर लिया था।यह माना गया कि एक बार जब जब्त किए गए मांस की अधिकृत प्रयोगशाला द्वारा गोमांस होने की पुष्टि हो जाती है, तो अधिनियम की धारा 5-ए (10) के तहत उसके खिलाफ अनुमान लगाया जाता है, और यह उसके लिए है कि वह इसे ठोस साक्ष्य से हटा दे।अधिनियम की धारा 5-ए(6) के...

Noida Bus Fire Kills 9 | इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया, स्लीपर बस परमिट और सुरक्षा जांच पर जानकारी मांगी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोएडा/ग्रेटर नोएडा इलाके में यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में आग लगने से 9 यात्रियों की मौत का स्वतः संज्ञान लिया। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से राज्य में चलने वाली स्लीपर बसों के परमिट, सुरक्षा मानकों और निरीक्षण के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी।जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी की बेंच ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अन्य बातों के अलावा, पिछले 2 वर्षों में जारी स्लीपर-बस परमिट का विवरण, ऐसे परमिट देने से पहले जांचे गए मानक, यूपी में किए गए निरीक्षण और इसी तरह की...

Sultanpur Bar Election | हाईकोर्ट ने बैलेट बॉक्स लूटने के बाद ब्लैक शीप की पहचान के लिए दिया जांच का आदेश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुल्तानपुर के ज़िला जज को निर्देश दिया कि वह सुल्तानपुर बार एसोसिएशन चुनाव की गिनती के दौरान बैलेट बॉक्स लूटने में शामिल वकीलों की पहचान करने के लिए जांच करें। इस घटना ने चुनाव प्रक्रिया में बाधा डाली थी।जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस मंजीव शुक्ला की बेंच ने ज़िला जज को निर्देश दिया कि वह CCTV फुटेज और अन्य उपलब्ध सबूतों की जांच करें और उन लोगों या वकीलों की पहचान करें, जो इस घटना में शामिल हो सकते हैं।कोर्ट ने सुल्तानपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) को भी निर्देश दिया कि वह इस घटना के...

बेहद अफ़सोसनाक: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने MBBS के लिए PwBD योग्यता को लेकर बार-बार हो रहे मुकदमों पर चिंता जताई

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि 'राइट्स ऑफ़ पर्सन्स विद डिसेबिलिटीज़ एक्ट, 2016' की धारा 57 के तहत पहले से सर्टिफ़ाइड विकलांगता के प्रतिशत को, MBBS कोर्स में बेंचमार्क विकलांगता वाले लोगों के एडमिशन के लिए नेशनल मेडिकल कमीशन की गाइडलाइंस के तहत बने मेडिकल असेसमेंट बोर्ड द्वारा दोबारा तय नहीं किया जा सकता।कोर्ट ने कहा कि बोर्ड का काम सिर्फ़ कैंडिडेट की कोर्स करने की क्षमता (फ़ंक्शनल कॉम्पिटेंसी) का आकलन करना है, और विकलांगता को दोबारा मापना उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर है।इस एक्ट की धारा 56 उचित सरकार...

सत्य निकेतन PG बिल्डिंग गिरने के मामले में 5 अधिकारी सस्पेंड, ज़िम्मेदारी तय करने के लिए जांच शुरू: MCD ने हाईकोर्ट में बताया

दिल्ली नगर निगम (MCD) ने शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि सत्य निकेतन PG बिल्डिंग गिरने की घटना, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई, उसके सिलसिले में नगर निकाय के पांच अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया।यह जानकारी SGI तुषार मेहता ने चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच के सामने MCD की ओर से दाखिल स्टेटस रिपोर्ट का हवाला देते हुए दी।उन्होंने कहा कि बिल्डिंग गिरने के हालात की जांच के लिए एक इंक्वायरी शुरू की गई। इसमें बिल्डिंग की मंज़ूरी या परमिशन का स्टेटस, लागू बिल्डिंग...

अनुच्छेद 227 पत्नी के दाम्पत्य अधिकारों की बहाली का मामला रद्द करने की याचिका सुनवाई योग्य नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने माना कि संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत वैवाहिक अधिकारों की बहाली के लिए कार्यवाही रद्द करने की मांग वाली याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। [2026 लाइव लॉ (एमपी) 387]जस्टिस अमित सेठ की पीठ ने कहा:"इस न्यायालय की सुविचारित राय है कि याचिकाकर्ता द्वारा भारत के संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत दायर वर्तमान विविध याचिका, जिसमें फैमिली कोर्ट, ग्वालियर के समक्ष हिंदू विवाह अधिनियम (HMA) की धारा 9 के तहत प्रतिवादी द्वारा शुरू की गई कार्यवाही रद्द करने की मांग की गई, सुनवाई योग्य नहीं है।...

बिना सूचना के कार्रवाई न करने पर पुलिस अधिकारी को लापरवाही का दोषी नहीं ठहरा सकते: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि किसी पुलिस अधिकारी को केवल इसलिए लापरवाह नहीं ठहराया जा सकता कि उसने कार्रवाई नहीं की, जबकि उसके पास कार्रवाई की जरूरत बताने वाली कोई सूचना या खुफिया जानकारी ही उपलब्ध नहीं थी।जस्टिस अरिंदम सिन्हा और जस्टिस सत्यवीर सिंह की खंडपीठ ने कहा,“पुलिस सूचना के आधार पर कार्रवाई करती है। कार्रवाई के लिए सूचना का अभाव होने पर कार्रवाई न करना लापरवाही नहीं कहा जा सकता।” कोर्ट ने यह टिप्पणी उस पुलिस अधिकारी की याचिका मंजूर करते हुए की, जिसे बाद में विस्फोटक जमा किए जाने और उससे...

प्रधानमंत्री के साथ महिला की कथित आपत्तिजनक तस्वीर शेयर करने का आरोप, दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस सुरक्षा के आदेश दिए

दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ महिला की कथित अश्लील और आपत्तिजनक तस्वीर बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किए जाने के मामले में महिला को पुलिस सुरक्षा देने का आदेश दिया।महिला ने आरोप लगाया कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास, अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और रत्ना सिंह ने कथित रूप से उसकी तस्वीर का कृत्रिम रूप से बदलाव कर उसे प्रधानमंत्री के साथ दिखाया और उसे सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिसके बाद उसे धमकियां मिलने लगीं। जस्टिस गिरिश कथ पालिया ने चारों आरोपियों को नोटिस जारी...

PNB में नौकरी का अनुभव सरकारी कार्यालय का अनुभव नहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में हासिल किया गया कार्य अनुभव किसी भर्ती विज्ञापन में निर्धारित 'सरकारी कार्यालय' के अनुभव के बराबर नहीं माना जा सकता।कोर्ट ने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 12 के तहत किसी संस्था का 'राज्य' की परिभाषा में आना मात्र इस आधार पर उसे 'सरकारी कार्यालय' नहीं बना देता।जस्टिस दिनेश पाठक की पीठ ने यह टिप्पणी सत्य प्रकाश की याचिका खारिज करते हुए की। सत्य प्रकाश ने उच्च शिक्षा विभाग में रजिस्ट्रार के पद के लिए अपनी उम्मीदवारी खारिज किए जाने को चुनौती...

जब्त वाहन पुलिस छापेमारी के लिए थाने से निकाला, तीन दिन बाद हादसे में महिला की मौत: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने DGP को जांच के आदेश दिए

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आबकारी मामले में जब्त किए गए वाहन को पुलिस हिरासत से निकालकर छापेमारी में इस्तेमाल किए जाने और इसके कुछ दिन बाद जानलेवा हादसे में शामिल होने की परिस्थितियों की स्वतंत्र और गोपनीय जांच का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के DGP को आठ सप्ताह के भीतर जांच पूरी कर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।जस्टिस अनिल कुमार की पीठ ने कहा कि जब्त वाहन को पुलिस हिरासत से बाहर निकालने और उसके बाद हुए हादसे की परिस्थितियां गंभीर सवाल खड़े करती हैं। हालांकि अदालत ने वाहन की...

उत्तराखंड हाईकोर्ट में पुलिस ने दिखाई ऑनलाइन FIR डाउनलोड करने की सुविधा, जनहित याचिका का निपटारा

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने ऑनलाइन FIR देखने और डाउनलोड करने में आ रही दिक्कत से जुड़ी जनहित याचिका का निपटारा किया। सुनवाई के दौरान पुलिस की तकनीकी टीम ने अदालत के सामने नागरिक पोर्टल और देवभूमि मोबाइल ऐप के जरिए FIR डाउनलोड करके दिखाई।चीफ जस्टिस मनोज कुमार गुप्ता और जस्टिस सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ के सामने पुलिस ने बताया कि सिविल पोर्टल पर पंजीकरण करने के बाद लोग पोर्टल और मोबाइल ऐप दोनों के जरिए FIR देख और डाउनलोड कर सकते हैं। तकनीकी टीम ने अदालत के सामने कई FIR डाउनलोड करके भी दिखाईं।मामले में...

CJP पर पीएम के साथ महिला की कथित आपत्तिजनक तस्वीर बनाने और शेयर करने का आरोप, दिल्ली हाईकोर्ट आज करेगा सुनवाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महिला की उस याचिका को शुक्रवार को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की अनुमति दी, जिसमें उसने कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास, अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और रत्ना सिंह पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उसकी कथित रूप से छेड़छाड़ की गई तस्वीर बनाने और सोशल मीडिया पर प्रसारित करने का आरोप लगाया।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने मामले को शुक्रवार को ही सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया। याचिका का उल्लेख वकील उमेश शर्मा ने किया।...