हाईकोर्ट

उच्च शिक्षा का अधिकार मौलिक अधिकार न होने के बावजूद आसानी से नहीं छीना जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि उच्च शिक्षा हासिल करने के अधिकार को केवल इसलिए आसानी से सीमित नहीं किया जा सकता, क्योंकि इसे संविधान में मौलिक अधिकार के रूप में स्पष्ट रूप से घोषित नहीं किया गया। हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार के अधीन कार्यरत डॉक्टर को तीन साल का DNB सुपर स्पेशियलिटी कार्डियोलॉजी कोर्स करने के लिए छुट्टी देने की अनुमति देते हुए सरकार की आपत्तियों को दरकिनार किया।जस्टिस जस्मीत सिंह ने कहा कि डॉक्टर को सुपर स्पेशियलिटी कोर्स के जरिये अपने पेशेवर कौशल को बढ़ाने का अवसर मिला और इसमें बाधा डालना...

भगवा गुंडागर्दी हेडलाइन मामला: आनंदबाजार पत्रिका के पत्रकारों को हाईकोर्ट से राहत, गिरफ्तारी पर लगी रोक

कलकत्ता हाईकोर्ट ने बंगाली अखबार आनंदबाजार पत्रिका (ABP) के पत्रकारों को बड़ी राहत देते हुए 'भगवा गुंडागर्दी' हेडलाइन से जुड़े FIR के मामले में 15 दिसंबर तक उनके खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया।जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने पत्रकारों की ओर से दाखिल उस याचिका पर यह आदेश दिया, जिसमें आपराधिक कार्यवाही के संबंध में गिरफ्तारी से सुरक्षा की मांग की गई। मामला जादवपुर यूनिवर्सिटी में हुई हिंसा की रिपोर्टिंग से जुड़ा है। आरोप है कि हिंसा में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद...

शादी की अवधि कम होना स्थायी गुजारा भत्ता तय करने का अकेला आधार नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट ने 50 लाख गुजारा-भत्ते का आदेश बरकरार रखा

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि स्थायी गुजारा भत्ता तय करते समय केवल शादी की अवधि को आधार नहीं बनाया जा सकता और न ही रकम तय करने के लिए कोई गणितीय फार्मूला लागू किया जा सकता। हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट का वह आदेश बरकरार रखा, जिसमें तलाक मंजूर करते हुए पत्नी को 50 लाख रुपये स्थायी गुजारा भत्ता देने का निर्देश दिया गया था।जस्टिस डी.के. सिंह और जस्टिस एच. शांति भूषण की डिवीजन बेंच ने पति और पत्नी की ओर से दाखिल दोनों अपीलों को खारिज किया। पत्नी ने तलाक के आदेश को चुनौती देते हुए गुजारा भत्ता बढ़ाकर तीन...

महिलाओं के करियर पर फोकस करने से टूटती शादियां रोकने के लिए मद्रास हाईकोर्ट का सुझाव- पति गृहिणी की भूमिका निभाएं

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में पाया कि महिलाओं के तेजी से करियर-उन्मुख होने के कारण, कुछ करियर महिलाओं, विशेष रूप से आईटी क्षेत्र और अन्य व्यवसायों में काम करने वाली महिलाओं के लिए शादी "जीत का प्रस्ताव" साबित नहीं हो रही है।कोर्ट ने कहा कि कुछ महिलाएं शादी को अपने करियर की संभावनाओं में बाधा के रूप में देख सकती हैं और शादी न करने का विकल्प चुन सकती हैं।जस्टिस जीआर स्वामीनाथन और जस्टिस एमडी सुमति की खंडपीठ ने कहा कि परंपरागत रूप से पति से वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने की अपेक्षा की जाती थी और पत्नी...

शिकायतकर्ता से पैसों का समझौता जमानत का आधार नहीं, शर्त पूरी न होने पर भी जमानत रद्द नहीं की जा सकती: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि किसी आरोपी की स्वतंत्रता को शिकायतकर्ता के साथ हुए मौद्रिक समझौते की शर्तें पूरी करने से नहीं जोड़ा जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी वित्तीय समझौते के आधार पर हिरासत को पैसे की वसूली का जरिया नहीं बनाया जा सकता।जस्टिस संजीव नरूला ने बैंक धोखाधड़ी के मामले में यह टिप्पणी करते हुए वह आदेश रद्द किया, जिसके तहत आरोपी को जमानत दी गई थी और बाद में समझौते के तहत बैंक को रकम चुकाने में विफल रहने पर उसकी जमानत भी रद्द कर दी गई।हाईकोर्ट ने सेशन कोर्ट को आरोपी की जमानत याचिका...

ED पर शीर्ष अधिकारियों को हिरासत में लेने का आरोप: पंजाब सरकार की याचिका पर हाईकोर्ट में आधी रात WhatsApp पर की सुनवाई

पंजाब सरकार की उस याचिका पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार देर रात व्हाट्सएप के जरिए सुनवाई की, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ED) पर ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) में छापेमारी के बाद वरिष्ठ नौकरशाहों और अधिकारियों को हिरासत में लिए जाने का आरोप लगाया गया।करीब रात 10:42 बजे कैंप कार्यालय से WhatsApp वीडियो कॉल के जरिए सुनवाई हुई। इसके लिए हाईकोर्ट के एक सीनियर सहायक के मोबाइल फोन की मदद ली गई।सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट ने आरोप लगाया कि ED ने IAS...

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट: कदीमी मस्जिद को बनाए रखने की याचिका पर हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास प्रोजेक्ट के तहत कृषि भवन परिसर में स्थित कदीमी मस्जिद को बनाए रखने की मांग वाली याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार NDMC और दिल्ली वक्फ बोर्ड से जवाब मांगा।जस्टिस अनिश दयाल ने कदीमी मस्जिद की देखरेख करने वाली समिति की याचिका पर नोटिस जारी किया।याचिकाकर्ताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट सलमान खुर्शीद ने अदालत में स्पष्ट किया कि उनकी याचिका का उद्देश्य सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना को रोकना या उसमें देरी करना नहीं है। उन्होंने कहा कि याचिका केवल कदीमी मस्जिद के...

यौन उत्पीड़न के आरोप वाले गुमनाम पोस्ट हटाने की मांग: दिल्ली हाईकोर्ट ने पत्रकार उमर राशिद की याचिका पर नोटिस जारी किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने पत्रकार उमर राशिद की उस याचिका पर गुरुवार को नोटिस जारी किया, जिसमें उनके खिलाफ पिछले साल महिला वकील द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए गुमनाम पोस्ट हटाने की मांग की गई। इन पोस्ट में राशिद पर यौन उत्पीड़न समेत गंभीर आरोप लगाए गए।जस्टिस मनोज जैन ने राशिद की मानहानि याचिका में दायर अंतरिम निषेधाज्ञा आवेदन पर प्रतिवादियों से जवाब मांगा है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को तय की।सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राशिद की ओर से पेश वकील अदित पुजारी से यह भी पूछा कि क्या पक्षकारों के बीच...

ई-मित्र की कथित गलती से अभ्यर्थी को राहत नहीं, सुधार की तय अवधि में श्रेणी नहीं बदली: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने चतुर्थ श्रेणी शिक्षक भर्ती में OBC श्रेणी से सामान्य श्रेणी में बदलाव की मांग करने वाली अभ्यर्थी की याचिका खारिज की। अभ्यर्थी का कहना था कि आवेदन फॉर्म भरते समय ई-मित्र संचालक ने गलती से उसकी श्रेणी सामान्य के बजाय ओबीसी दर्ज की थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने कहा कि अभ्यर्थी को श्रेणी में सुधार के लिए पर्याप्त अवसर दिए गए लेकिन उसने निर्धारित अवधि के भीतर इसका लाभ नहीं उठाया।जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस संदीप शाह की खंडपीठ ने कहा कि प्रतियोगी चयन प्रक्रिया में अभ्यर्थी की...

इंस्टाग्राम अकाउंट बंद करने के खिलाफ SFI की अपील पर तीन हफ्ते में फैसला करे GAC: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार की शिकायत अपीलीय समिति (GAC) को स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट को स्थायी रूप से बंद किए जाने के खिलाफ दायर अपील पर तीन सप्ताह के भीतर फैसला करने को कहा।जस्टिस अमित महाजन ने कहा कि अपील पर जल्द फैसला होने की उम्मीद है।कोर्ट ने SFI की उस याचिका का निपटारा किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि GAC सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के तहत निर्धारित अवधि के भीतर उसकी अपील पर फैसला नहीं कर रही है।सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से पेश वकील ने कहा कि...

पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे विकास दिव्यकीर्ति

दृष्टि आईएएस के संस्थापक और शिक्षाविद् विकास दिव्यकीर्ति ने अपने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया। उनकी याचिका पर गुरुवार को जस्टिस पुरुषैंद्र कुमार कौरव के समक्ष सुनवाई हुई।सुनवाई के दौरान दिव्यकीर्ति की ओर से पेश वकील ने बताया कि याचिका में व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा की मांग की गई और इसमें तीन तरह के उल्लंघन का मामला उठाया गया, जिनमें फर्जी प्रोफाइल बनाया जाना भी शामिल है।कोर्ट के समक्ष यह बताया गया कि व्यक्तित्व अधिकारों से जुड़े इसी तरह के कई...

कोर्ट की सहमति डिक्री के रजिस्ट्रेशन के लिए हाउसिंग सोसायटी की NOC जरूरी नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि कोर्ट के आदेश से हुई सहमति डिक्री के रजिस्ट्रेशन के लिए कलेक्टर सहकारी हाउसिंग सोसायटी से अनापत्ति प्रमाणपत्र यानी NOC लेने की शर्त नहीं लगा सकता जब कानून में ऐसी कोई अनिवार्यता निर्धारित नहीं है। हाईकोर्ट ने कहा कि किसी वैधानिक प्रावधान, नियम, विनियम या अधिसूचना के अभाव में सोसायटी की NOC मांगना कानूनी रूप से बाध्यकारी डिक्री के क्रियान्वयन में बाधा डालने वाला रवैया है।जस्टिस अद्वैत एम. सेठना और जस्टिस सुमन श्याम की खंडपीठ ने यह टिप्पणी उस याचिका पर सुनवाई करते हुए की,...

सरकारी अस्पताल में स्टेंट न मिलने पर प्राइवेट दुकान से खरीदने को मजबूर मरीज़ को पूरा पैसा वापस पाने का हक: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने सिंगल जज का वह आदेश सही ठहराया, जिसमें राज्य सरकार को निर्देश दिया गया कि वह मरीज़ को सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान लगाए गए स्टेंट का पूरा खर्च वापस करे। ये स्टेंट अस्पताल में उपलब्ध न होने के कारण प्राइवेट सप्लायर से खरीदे गए।हेल्थकेयर और किफायती इलाज का अधिकार आर्टिकल 21 का हिस्सा बताते हुए जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस विनीत कुमार माथुर की डिवीज़न बेंच ने कहा कि मेडिकल इलाज के खर्च की वापसी (रीइंबर्समेंट) से जुड़े नियमों की व्याख्या उदारतापूर्वक की जानी चाहिए।मामले...

लिखित में गिरफ्तारी कारण न बताना आर्टिकल 22(1) का उल्लंघन, लेकिन इससे अपने-आप ज़मानत का अधिकार नहीं मिल जाता: एमपी हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपी को गिरफ़्तारी के कारण लिखित में न बताना संविधान के आर्टिकल 22(1) का उल्लंघन है, लेकिन ऐसा न करने से आरोपी को ज़मानत का अधिकार अपने-आप नहीं मिल जाता। [2026 LiveLaw (MP) 386]जस्टिस अमित लाहोटी की बेंच ने कहा:"हालांकि, रिकॉर्ड से पता चलता है कि आवेदक को गिरफ़्तारी के कारण लिखित में नहीं बताए गए, जो भारत के संविधान के आर्टिकल 22(1) और माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा मिहिर राजेश शाह (ऊपर ज़िक्र किया गया) मामले में तय किए गए कानून का उल्लंघन है। फिर भी इस मामले के...

दूसरा अग्रिम ज़मानत आवेदन करने के लिए वकील बदलने से आरोपी अपने पिछले वकील के सरेंडर वाले बयान से मुकर नहीं सकता: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने NDPS मामले में ट्रक मालिक की दूसरी अग्रिम ज़मानत याचिका खारिज की। कोर्ट ने कहा कि कोई मुक़दमेबाज़ सिर्फ़ नया वकील रखकर कोर्ट में अपने पिछले वकील द्वारा दिए गए बयान से मुकर नहीं सकता, और वकील या कानूनी रणनीति बदलना हालात में बदलाव नहीं माना जा सकता।जस्टिस आलोक जैन ने कहा कि ऐसा करने की इजाज़त देने से "नई मुसीबतें खड़ी हो सकती हैं" और कोर्ट के सामने बार (वकीलों) के सदस्यों द्वारा दिए गए बयानों की "पवित्रता और विश्वसनीयता गंभीर रूप से कम हो सकती है"।आगे कहा...

दिल्ली हाईकोर्ट ने कंपनी पर लगा ₹50,000 का जुर्माना माफ किया, DHCBA कर्मचारियों को समोसे-चाय खिलाने का आदेश

दिल्ली हाईकोर्ट ने कंपनी पर लगाए गए ₹50,000 के जुर्माने को माफ किया और उसके वकील को निर्देश दिया कि वे एक हफ़्ते के अंदर दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन (DHCBA) के सभी कर्मचारियों को समोसे और चाय खिलाएं।जस्टिस सौरभ बनर्जी ने 'इंडस बिर्रा बेवरेजेज़' की अर्ज़ी को मंज़ूरी देते हुए यह निर्देश दिया। कंपनी ने 20 अगस्त को पारित आदेश में लगाए गए जुर्माने को माफ करने की मांग की थी।कोर्ट ने निर्देश दिया,"याचिकाकर्ताओं के वकील से कहा जाता है कि वे एक हफ़्ते के भीतर दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन (DHCBA) के...