हाईकोर्ट
रेल हादसे में गर्भवती महिला की मौत पर गर्भस्थ शिशु के लिए अलग मुआवजा मिलेगा: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि 9 महीने का गर्भस्थ शिशु (foetus) भी कानून की नजर में “बच्चा” माना जाएगा और यदि किसी रेल दुर्घटना में गर्भस्थ शिशु की मृत्यु हो जाती है, तो उसके माता-पिता रेलवे अधिनियम के तहत अलग से मुआवजा पाने के हकदार होंगे। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि गर्भ में बच्चे की मौत को मां की मृत्यु से अलग स्वतंत्र दुर्घटना माना जाएगा।जस्टिस जेसी दोशी की अदालत एक ऐसे मामले की सुनवाई कर रही थी, जिसमें जयप्रकाश घासितेलाल अपनी 9 महीने की गर्भवती पत्नी के साथ ट्रेन में...
अनिल अंबानी-रिपब्लिक टीवी विवाद सुलझने की उम्मीद, बॉम्बे हाईकोर्ट ने आपसी समाधान पर दिया जोर
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार (8 मई) को उद्योगपति अनिल अंबानी और रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी के बीच चल रहे मानहानि विवाद को लेकर उम्मीद जताई कि मामला आपसी सहमति से सुलझ सकता है। कोर्ट ने चैनल से यह भी कहा कि वह अंबानी द्वारा चिन्हित कथित आपत्तिजनक सामग्री पर विचार करे।जस्टिस आरिफ डॉक्टर की पीठ अनिल अंबानी द्वारा रिपब्लिक टीवी और अर्नब गोस्वामी के खिलाफ दायर मानहानि याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में चल रही जांचों को लेकर चैनल की रिपोर्टिंग को आपत्तिजनक बताया गया है।सुनवाई के...
समझौते के आधार पर साइबर क्राइम खत्म नहीं किए जा सकते, ये समाज पर व्यापक असर डालते हैं: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि साइबर अपराध केवल दो व्यक्तियों के बीच का निजी विवाद नहीं होते बल्कि ये पूरे डिजिटल सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन में लोगों के भरोसे को प्रभावित करते हैं। ऐसे मामलों को केवल समझौते के आधार पर खत्म करना साइबर अपराधों पर रोक लगाने के लिए बनाए गए कानूनों के उद्देश्य को कमजोर करेगा।जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू की पीठ ने यह टिप्पणी याचिका खारिज करते हुए की। याचिका में आरोपी ने पक्षों के बीच समझौता होने का हवाला देते हुए FIR रद्द करने की मांग की थी।मामले में आरोप था कि आरोपी ने...
बिना कारण अलग रहने की बात कहने पर आपसी सहमति से तलाक ठुकराया नहीं जा सकता : केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने कहा कि केवल इस आधार पर आपसी सहमति से तलाक की याचिका खारिज नहीं की जा सकती कि पति-पत्नी ने अलग रहने का कोई कारण नहीं बताया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि दोनों पक्ष विवाह समाप्त करने पर सहमत हैं, तो फैमिली कोर्ट को तलाक देने से इनकार नहीं करना चाहिए।जस्टिस जे. निशा बानू और जस्टिस शोभा अन्नम्मा ईपेन की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाते हुए फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द किया, जिसने आपसी सहमति से तलाक की संयुक्त याचिका खारिज की थी।मामले में दंपति का विवाह मई, 2023 में रोमन कैथोलिक रीति-रिवाज से...
धर्मांतरण मामले में आरोपी को राहत नहीं, एमपी हाईकोर्ट ने FIR रद्द करने से किया इनकार
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कथित धर्मांतरण मामले में आरोपी हेमराज टेलर के खिलाफ दर्ज आपराधिक कार्यवाही रद्द करने से इनकार किया। अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता के नाबालिग बेटे के बयान समेत रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री प्रथम दृष्टया आरोपी की भूमिका की ओर संकेत करती है।जस्टिस संदीप एन भट्टी की पीठ ने कहा कि मामले में लगाए गए आरोप गंभीर हैं और जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध सामग्री के आधार पर आरोपपत्र भी दाखिल किया जा चुका है। ऐसे में FIR के आधार पर चल रही कार्यवाही को कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग नहीं माना जा...
राजस्थान हाई कोर्ट ने NDPS मामलों में बिना सोचे-समझे की जाने वाली कानूनी कार्रवाई पर उठाए सवाल
NDPS Act के तहत आरोपी को ज़मानत देते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि आरोपी को बिना किसी बरामदगी के सिर्फ़ मुख्य आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर फंसाया गया। मुख्य आरोपी से ही नशीले पदार्थ बरामद हुए।जस्टिस अशोक कुमार जैन की बेंच ने "किसी भी व्यक्ति के ख़िलाफ़ चार्जशीट की सिफ़ारिश करने से पहले अभियोजन पक्ष की सलाह देने वाली प्रक्रिया में हुई कमी" को उजागर किया।कोर्ट ने राय दी कि किसी भी व्यक्ति को ट्रायल के लिए आगे भेजने हेतु सबूतों में कमी या अपर्याप्तता हो सकती है> इसलिए...
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा: DRI अधिकारियों की "घोर लापरवाही" के कारण कमर्शियल मात्रा में हेरोइन का मामला गिर गया
दिल्ली हाईकोर्ट ने 2012 के हेरोइन बरामदगी मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति को बरी किया। इस मामले में कमर्शियल मात्रा में नशीले पदार्थ शामिल थे। कोर्ट ने राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की कड़ी आलोचना करते हुए इसे अभियोजन पक्ष को संभालने में "घोर लापरवाही" और "लापरवाह रवैया" करार दिया।जस्टिस चंद्रशेखरन सुधा ने मई 2012 में सिंघु बॉर्डर के पास किलोग्राम हेरोइन की कथित बरामदगी के सिलसिले में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेस एक्ट (NDPS Act) की धारा 21(c) के तहत सुनील शर्मा पर लगाए गए दोषसिद्धि...
बाबा सिद्दीकी हत्याकांड : बॉम्बे हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत देने से किया इनकार, कहा- सह-आरोपी का कबूलनामा भी साक्ष्य
पूर्व महाराष्ट्र मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या से जुड़े मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज की। हाईकोर्ट ने कहा कि महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) के तहत सह-आरोपी का कबूलनामा भी साक्ष्य के रूप में स्वीकार्य है और प्रथम दृष्टया आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सामग्री मौजूद है।जस्टिस रविंद्र जोशी ने आरोपी चेतन परधी की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री से यह संकेत मिलता है कि वह उस संगठित गिरोह का सदस्य था, जिसने बाबा सिद्दीकी की हत्या की...
शशि थरूर के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा के लिए अंतरिम आदेश देगा दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि वह कांग्रेस सांसद शशि थरूर के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा के लिए अंतरिम आदेश पारित करेगा।जस्टिस मिनी पुष्कर्णा ने थरूर की ओर से दायर व्यक्तित्व अधिकार संरक्षण याचिका और अंतरिम निषेधाज्ञा आवेदन पर नोटिस जारी करते हुए कहा, “प्रार्थना पत्र की प्रार्थना 'ए', 'बी', 'सी' और 'डी' के अनुरूप आदेश पारित किए जाएंगे।”थरूर की ओर से सीनियर एडवोकेट अमित सिब्बल ने अदालत को बताया कि मामले में तीन विशेष डीपफेक वीडियो हैं, जिनके खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के तहत कार्रवाई...
बंगाल चुनाव के बाद हिंसा पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका, न्यू मार्केट में बुलडोजर कार्रवाई पर जांच की मांग
कलकत्ता हाईकोर्ट में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद कथित चुनाव बाद हिंसा को लेकर जनहित याचिका दायर की गई। याचिका में हॉग मार्केट और न्यू मार्केट इलाके में हुई कथित तोड़फोड़ तथा बुलडोजर कार्रवाई पर अदालत से हस्तक्षेप की मांग की गई।याचिका में आरोप लगाया गया कि मतगणना वाले दिन रात में हॉग मार्केट के पास फुटपाथ दुकानदारों के अस्थायी ढांचों को कुछ लोगों ने बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। दावा किया गया कि ये लोग भाजपा के झंडे लिए हुए थे और घटना के दौरान पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद...
यह स्पष्टीकरण नहीं, महज कमजोर बहाना: दिल्ली हाईकोर्ट ने 541 दिन की देरी माफ करने से किया इनकार
दिल्ली हाईकोर्ट ने POCSO मामले में राज्य सरकार की ओर से दायर अपील में 541 दिन की देरी माफ करने से इनकार करते हुए कड़ी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा दी गई वजह “स्पष्टीकरण नहीं बल्कि एक कमजोर बहाना” है।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की खंडपीठ ने राज्य सरकार की देरी माफी याचिका और उससे जुड़ी अपील दोनों खारिज कीं।राज्य सरकार ने ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें आरोपी को POCSO Act की धारा 6 और भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 के आरोपों से बरी किया गया...
संशोधित हिंदू उत्तराधिकार कानून के तहत बेटी को बराबरी का हक: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने बदली प्रारंभिक डिक्री
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि संशोधित हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 6 के तहत बेटी को पैतृक संपत्ति में बेटे के बराबर अधिकार प्राप्त है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि विभाजन वाद में अंतिम डिक्री की कार्यवाही लंबित है और संपत्ति का वास्तविक बंटवारा नहीं हुआ है, तो प्रारंभिक डिक्री में संशोधन किया जा सकता है।जस्टिस रवि नाथ तिलहरी और जस्टिस बालाजी मेडामल्ली की खंडपीठ ने कहा कि वर्ष 2005 में संशोधित धारा 6 के अनुसार बेटी भी सहभाजक संपत्ति में बेटे के समान अधिकार...
पत्नी ने पति पर HIV/AIDS होने का आरोप लगाया - बिना सबूत के यह दावा तलाक़ के लिए काफ़ी नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने फ़ैसला सुनाया कि अगर कोई व्यक्ति यह दावा करता है कि उसके जीवनसाथी ने उस पर HIV/AIDS जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित होने का आरोप लगाया तो यह तलाक़ लेने के लिए 'मानसिक क्रूरता' नहीं मानी जाएगी, जब तक कि इस दावे के समर्थन में पर्याप्त सबूत न हों।जस्टिस सूरज गोविंदराज और डॉ. जस्टिस चिल्लाकुरे सुमालता की डिवीज़न बेंच ने तलाक़ का आदेश रद्द करते हुए कहा कि फ़ैमिली कोर्ट ने पति की उस गवाही को आँख मूँदकर मानकर गलती की, जिसमें उसने दावा किया कि उसकी पत्नी ने उस पर HIV/AIDS से पीड़ित होने...
नाबालिग पीड़िता में अपने कार्यों के परिणामों को समझने की पर्याप्त परिपक्वता है: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने POCSO मामले में जमानत दी
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने POCSO Act के तहत दर्ज आरोपी को जमानत दी। कोर्ट ने यह टिप्पणी की कि, हालांकि पीड़िता कानूनी तौर पर नाबालिग थी, लेकिन रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री से यह संकेत मिलता है कि वह स्वेच्छा से आवेदक के साथ गई और उसमें अपने कार्यों की प्रकृति और परिणामों को समझने के लिए पर्याप्त "समझ, परिपक्वता और विवेक" मौजूद था।कोर्ट ने टिप्पणी की कि, हालांकि POCSO Act के प्रावधान प्रकृति में कठोर हैं, लेकिन यह कठोरता कोर्ट को जमानत देने के लिए अपने विवेकाधीन क्षेत्राधिकार का प्रयोग करने से नहीं रोकती,...
बिना किसी टिप्पणी या उकसावे के उर्दू शायरी शेयर करने से धार्मिक समूहों के बीच दुश्मनी नहीं बढ़ती: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी स्कूल के टीचर के खिलाफ़ WhatsApp स्टेटस पर उर्दू शायरी शेयर करने के मामले में दर्ज FIR रद्द की। कोर्ट ने कहा कि बिना किसी अतिरिक्त टिप्पणी या उकसाने के इरादे के कविता शेयर करना, BNS की धारा 353(2) के तहत दुश्मनी बढ़ाने या सार्वजनिक उपद्रव फैलाने का अपराध नहीं माना जाएगा।जस्टिस BP शर्मा की बेंच ने कहा:"याचिकाकर्ता द्वारा बिना किसी अतिरिक्त टिप्पणी या उकसाने के इरादे के कविता शेयर करने को दुश्मनी बढ़ाने या सार्वजनिक उपद्रव फैलाने के तौर पर नहीं देखा जा सकता। ऐसा...
हज पर जाने से पहले परिवार से मिलने के लिए मांगी जमानत: दिल्ली हाईकोर्ट ने PFI नेता को किया इनकार
दिल्ली हाईकोर्ट ने UAPA मामले में पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (PFI) के नेता अनीस अहमद को अंतरिम ज़मानत देने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा कि उन्हें रिहा करने से भले ही वह हज यात्रा पर जा रहे परिवार के सदस्यों से मिलने के लिए ही क्यों न हो, सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है।जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मधु जैन की डिवीज़न बेंच ने अहमद की अपील खारिज की, जिसमें उन्होंने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें उनकी अंतरिम ज़मानत की अर्जी खारिज कर दी गई।अहमद ने छह दिन की अंतरिम ज़मानत इस आधार पर...
'पर्सनैलिटी राइट्स' की मांग लेकर दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे शशि थरूर, कल होगी सुनवाई
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अपने 'पर्सनैलिटी राइट्स' (व्यक्तित्व अधिकारों) की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की।थरूर की इस याचिका पर कल (शुक्रवार( जस्टिस मिनी पुष्करणा सुनवाई करेंगी।थरूर ने इस मामले में कई लोगों को प्रतिवादी बनाया, जिनमें 'जॉन डो' (अज्ञात व्यक्ति) भी शामिल हैं।Title: Shashi Tharoor v. Ashok Kumar & Ors
'मैंने इसे नहीं गाया': हनी सिंह ने दिल्ली हाईकोर्ट के सामने विवादित गाना 'वॉल्यूम 1' गाने से इनकार किया
सिंगर हनी सिंह ने गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट के सामने उस दावे का विरोध किया, जिसमें कहा गया कि उन्होंने पिछले साल 1 मार्च को इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम में एक इवेंट के दौरान “वॉल्यूम 1” नाम के विवादित गाने की कुछ लाइनें गाई थीं।सिंगर की तरफ से पेश हुए सीनियर एडवोकेट राजशेखर राव ने जस्टिस पुरुशेंद्र कुमार कौरव को बताया कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई और उन्होंने वह गाना नहीं गाया।उन्होंने कोर्ट से कहा,“मैंने नहीं गाया। अगर स्टेडियम में, जहां 50,000 से ज़्यादा लोग मौजूद थे, ऐसी कोई घटना हुई होती तो उसका...
3 महीने अवैध हिरासत में रखने का आरोप: हाईकोर्ट का निर्देश- ₹10 लाख का मुआवज़ा दे यूपी सरकार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि वह एक व्यक्ति को उसकी अवैध गिरफ्तारी और 3 महीने से ज़्यादा समय तक जेल में रखने के लिए ₹10 लाख का मुआवज़ा दे।जस्टिस अब्दुल मोइन और जस्टिस प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की बेंच ने पाया कि राज्य के अधिकारियों ने याचिकाकर्ता को गिरफ्तारी के लिखित कारण न बताकर उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता को सीमित किया था। कोर्ट ने कहा कि इससे भारत के संविधान के अनुच्छेद 22(1) के तहत उसके मौलिक अधिकार का उल्लंघन हुआ है।इस संबंध में बेंच ने मिहिर राजेश शाह...
कब्रिस्तान में दफन अधिकार को लेकर दो मुस्लिम समुदायों का विवाद जनहित याचिका के दायरे में नहीं आता: उत्तराखंड हाईकोर्ट
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कहा कि कब्रिस्तान में दफन अधिकार को लेकर दो मुस्लिम समुदायों के बीच विवाद जनहित याचिका के दायरे में नहीं आता। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे अधिकारों को उचित दीवानी कार्यवाही या कानूनन उपलब्ध अन्य माध्यमों से स्थापित किया जा सकता है।चीफ जस्टिस मनोज कुमार गुप्ता और जस्टिस सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ देहरादून के भनियावाला गांव स्थित एक कब्रिस्तान से जुड़े मामले पर सुनवाई कर रही थी।याचिका में मांग की गई कि बरेलवी समुदाय के लोगों को कब्रिस्तान में शव दफनाने और अंतिम धार्मिक रस्में...




















