हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट: कानून के तहत आरक्षण खत्म होने के बाद उसी जमीन को नए डेवलपमेंट प्लान में फिर से आरक्षित नहीं किया जा सकता

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी जमीन का आरक्षण कानून के संचालन से खत्म (dereserve) हो जाने के बाद उसे बाद के संशोधित डेवलपमेंट प्लान में उद्देश्य में मामूली बदलाव करके दोबारा आरक्षित नहीं किया जा सकता।जस्टिस रंजीतसिंहा राजा भोंसले और जस्टिस एम.एस. कर्णिक की खंडपीठ ने संविधान के अनुच्छेद 226 और महाराष्ट्र क्षेत्रीय एवं नगर नियोजन अधिनियम, 1966 (MRTP Act) की धारा 127 के तहत दायर याचिका पर सुनवाई की। याचिका में नासिक महानगरपालिका के स्वीकृत डेवलपमेंट प्लान में सार्वजनिक सुविधा के लिए किए गए जमीन...

सरिस्का के 1 किमी दायरे में पब्लिक यूटिलिटी के नाम पर जमीन अधिग्रहण रद्द, राजस्थान HC का फैसला

राजस्थान हाईकोर्ट ने अलवर के शाहपुरा में सरिस्का टाइगर रिजर्व से एक किलोमीटर के भीतर आने वाली जमीन के उस हिस्से का अधिग्रहण रद्द कर दिया, जिसे NHAI ने 'पब्लिक यूटिलिटी एरिया' के तौर पर विकसित करने का प्रस्ताव रखा था।जस्टिस आनंद शर्मा की पीठ ने कहा कि 'पब्लिक यूटिलिटी' शब्द सभी वैधानिक प्रतिबंधों को खत्म नहीं कर सकता। सार्वजनिक उद्देश्य भूमि अधिग्रहण का आधार हो सकता है, लेकिन इससे वन, वन्यजीव, पर्यावरण और भूमि उपयोग से जुड़े कानूनों के पालन से छूट नहीं मिलती।क्या है मामला?NH-248A के निर्माण और...

हमीरपुर के 200 से अधिक स्कूली बच्चों के लिए सड़क का मामला: हाईकोर्ट ने वन विभाग से जल्द NOC देने को कहा

हमीरपुर में स्कूल तक सड़क नहीं होने के कारण परेशान 200 से अधिक स्कूली बच्चों के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वन विभाग को सड़क निर्माण के लिए जरूरी अनापत्ति प्रमाणपत्र जल्द जारी करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि वन विभाग को अपनी सामान्य गति से नहीं बल्कि तेजी से यह प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।चीफ जस्टिस अरुण भंसाली और जस्टिस क्षितिज शैलेंद्र की पीठ सोमवार को इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई कर रही थी। कोर्ट को बताया गया कि राज्य सरकार ने सड़क निर्माण के लिए 1.81 करोड़ रुपये मंजूर किए...

साढ़े तीन साल में सिर्फ एक गवाह की गवाही, हथियार और पैसे का भी नहीं मिला सुराग: UAPA मामले में हाईकोर्ट ने दी जमानत

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हिंदू नेताओं की कथित लक्षित हत्या की साजिश से जुड़े UAPA मामले में आरोपी निशान सिंह को नियमित जमानत दी।कोर्ट ने कहा कि आरोपी के अपने कथित खुलासे और स्वीकारोक्ति के अलावा राज्य ऐसा कोई ठोस साक्ष्य सामने नहीं रख सका जिससे उसका कथित गिरोह के सदस्यों से संबंध स्थापित हो सके। जस्टिस विनोद एस. भारद्वाज और जस्टिस सुखविंदर कौर की खंडपीठ ने यह भी ध्यान दिया कि आरोपी करीब 3.7 साल से जेल में है, जबकि अभियोजन के 16 गवाहों में से अब तक केवल एक की गवाही हुई। ऐसे में मुकदमे के...

महुआ मोइत्रा को हाईकोर्ट से राहत, कथित नफरत फैलाने वाले भाषण मामले में गिरफ्तारी वारंट पर रोक

कलकत्ता हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगाई।बता दें, यह वारंट कृष्णानगर की अदालत ने कथित आपत्तिजनक बयान और नफरत फैलाने वाले भाषण से जुड़े मामले में जारी किया। जस्टिस देबांग्शु बसाक और जस्टिस आर्यक दत्ता की खंडपीठ ने निर्देश दिया कि वारंट के आधार पर महुआ मोइत्रा के खिलाफ फिलहाल कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाए।हाईकोर्ट इस मामले में उनकी चुनौती पर 27 अगस्त को सुनवाई करेगा। कृष्णानगर की तीसरी न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने...

पति ने बेटों को बनाया नामांकित, फिर भी पत्नी का पारिवारिक पेंशन पर हक नहीं छीना जा सकता: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए कहा है कि पेंशनभोगी की कानूनी रूप से विवाहित पत्नी का पारिवारिक पेंशन पर अधिकार केवल इस आधार पर खत्म नहीं हो सकता कि पति ने अपने जीवनकाल में पत्नी के बजाय किसी अन्य व्यक्ति, यहां तक कि अपने बेटों को नामांकित किया।जस्टिस नीरल आर. मेहता ने कहा कि पारिवारिक पेंशन का अधिकार वैधानिक प्रावधानों से तय होता है। इसके लिए मुख्य सवाल यह है कि पेंशनभोगी की मृत्यु के समय दावा करने वाला व्यक्ति उसकी कानूनी रूप से विवाहित पत्नी या पति था या नहीं।अदालत राजकोट नगर निगम की...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तलाशी और ज़ब्ती के दौरान BNSS की धारा 105 के तहत वीडियो बनाने के नियम का पालन न करने पर पुलिस की आलोचना की

इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने हाल ही में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 105 के तहत कानूनी नियम का पालन न करने पर पुलिस की आलोचना की। इस नियम के तहत तलाशी और ज़ब्ती की कार्यवाही की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग करना ज़रूरी है।जस्टिस राजीव भारती की बेंच ने सुल्तानपुर के गोसाईगंज पुलिस स्टेशन में दर्ज यूपी गो-हत्या रोकथाम अधिनियम (U.P. Prevention of Cow Slaughter Act) की धारा 3/5A/8 के तहत एक मामले में चार आरोपियों को अंतरिम अग्रिम ज़मानत देते हुए यह टिप्पणी की।कोर्ट ने गौर किया कि...

हिजाब इस्लामिक आस्था का ज़रूरी हिस्सा नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्कूल यूनिफ़ॉर्म के साथ हिजाब पहनने की मुस्लिम छात्रा की याचिका खारिज की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ़्ते एक नाबालिग मुस्लिम छात्रा की याचिका खारिज की, जिसमें उसने स्कूल यूनिफ़ॉर्म के साथ हिजाब (सिर पर स्कार्फ़) पहनने की इजाज़त मांगी थी। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता यह साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत पेश करने में नाकाम रही कि सिर पर स्कार्फ़ पहनना इस्लामिक आस्था की एक ज़रूरी धार्मिक प्रथा है।जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की बेंच ने यह भी कहा कि कोई छात्रा तय ड्रेस कोड में बदलाव की ज़िद नहीं कर सकती, खासकर तब जब वह कोड "एक जैसा, सही नीयत वाला,...

राजस्थान हाईकोर्ट ने पेपर लीक से निपटने के लिए प्लान मांगा: Gen Z, Gen Alpha और Gen Beta की भलाई के लिए खुद शुरू की PIL

राजस्थान हाईकोर्ट ने Gen Z, Gen Alpha और Gen Beta की भलाई के मामले में खुद से संज्ञान लिया। कोर्ट ने राज्य और केंद्र सरकारों को निर्देश दिया कि वे पेपर लीक, शिक्षा से रोज़गार के बीच अंतर, मानसिक स्वास्थ्य और डिजिटल बर्नआउट, AI के असर जैसी बड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए सिस्टम बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों पर स्टेटस रिपोर्ट और एक्शन प्लान दाखिल करें।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की बेंच ने नई पीढ़ियों की बढ़ती शैक्षिक ज़रूरतों पर ध्यान दिया।यह देखते हुए कि ये पीढ़ियां 2047 में भारत का नेतृत्व करेंगी,...

नशे की हालत में साथी कॉन्स्टेबल पर कथित हमले के लिए नौकरी से निकालना कड़ी सज़ा: पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने बिहार पुलिस के कॉन्स्टेबल की बर्खास्तगी (नौकरी से निकालने) का आदेश रद्द किया। उस पर नशे की हालत में चाकू से दूसरे कॉन्स्टेबल पर हमला करने का आरोप था। कोर्ट ने पाया कि विभागीय कार्यवाही में न तो कथित पीड़ित का बयान था, न ही कोई चोट की रिपोर्ट या मेडिकल सबूत था जिससे नशे की पुष्टि हो सके।जस्टिस डॉ. अंशुमन की सिंगल बेंच ने कहा कि भले ही कॉन्स्टेबल की यह बात मान ली जाए कि हाथापाई हुई, फिर भी उसे नौकरी से निकालना "बहुत ज़्यादा सज़ा" थी।याचिकाकर्ता 1984 में कॉन्स्टेबल के तौर पर बिहार...

सिर्फ़ घरेलू हिंसा का केस पेंडिंग होने की वजह से पति को विदेश यात्रा के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि पति या पत्नी को सिर्फ़ इसलिए विदेश यात्रा के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता क्योंकि उनके बीच कोई विवाद पेंडिंग है।जस्टिस वी. लक्ष्मीनारायण ने एक पति को राहत दी, जिसे पत्नी द्वारा शुरू की गई घरेलू हिंसा की कार्यवाही पेंडिंग होने के कारण अपना पासपोर्ट वापस करने के लिए कहा गया। कोर्ट ने माना कि घरेलू हिंसा की कार्यवाही तब तक सिविल प्रकृति की होती है जब तक कि 'महिलाओं का घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, 2005' की धारा 31 के तहत कोई आदेश पारित न हो जाए।इस अधिनियम...

लेह जैसे ऊंचे पहाड़ी इलाके में एक्लिमेटाइज़ेशन सैनिक की ड्यूटी का हिस्सा है, इस दौरान लगी चोट को सर्विस से जुड़ी चोट माना जाएगा: एमपी हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक सैनिक को विकलांगता पेंशन देने के आर्म्ड फोर्सेस ट्रिब्यूनल के आदेश को सही ठहराते हुए कहा कि वह ऊंचे पहाड़ी इलाके में 'एक्लिमेटाइज़ेशन' (ऊंचाई के माहौल में ढलने की प्रक्रिया) पर था, जो उसकी ड्यूटी का हिस्सा है। इस दौरान लगी कोई भी चोट उसकी सर्विस से जुड़ी मानी जाएगी। [2026 LiveLaw (MP) 342]केंद्र सरकार की अपील खारिज करते हुए एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस आनंद पाठक की डिवीजन बेंच ने कहा:"प्रतिवादी (रेस्पॉन्डेंट) यह साबित करने में नाकाम रहे कि विकलांगता किसी...

स्वतंत्र प्रैक्टिस करने वाली वकील को सिर्फ पेशे के आधार पर भरणपोषण से वंचित नहीं किया जा सकता: तेलंगाना हाईकोर्ट

तेलंगाना हाईकोर्ट ने कहा है कि सिर्फ अधिवक्ता के रूप में नामांकित होने और स्वतंत्र रूप से वकालत करने से यह साबित नहीं होता कि पत्नी की पर्याप्त स्वतंत्र आय है और उसे हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 24 के तहत भरणपोषण नहीं दिया जाना चाहिए।जस्टिस वाकिति रामकृष्ण रेड्डी ने पत्नी की रिव्यू याचिका मंजूर करते हुए हाईकोर्ट के अक्टूबर 2024 के उस आदेश को वापस ले लिया, जिसमें फैमिली कोर्ट द्वारा पत्नी को दिए गए ₹20,000 प्रतिमाह अंतरिम भरणपोषण को रद्द कर दिया गया था।मामला हैदराबाद की I Additional Family Court...

अंतरिम जमानत पर आरोपी को अतिरिक्त धाराएं जुड़ने पर सीधे गिरफ्तार नहीं कर सकती पुलिस: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि अंतरिम जमानत पर चल रहे आरोपी को जांच के दौरान अतिरिक्त धाराएं जुड़ने के आधार पर पुलिस सीधे गिरफ्तार नहीं कर सकती। पुलिस को पहले संबंधित अदालत के समक्ष रिपोर्ट पेश कर उचित आदेश प्राप्त करना होगा।जस्टिस समित गोपाल की पीठ ने अंतरिम जमानत के बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी को मनमाना करार देते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों के आचरण की जांच के भी निर्देश दिए।मामला आजमगढ़ के दुर्गेश यादव से जुड़ा है। उसके खिलाफ 27 मार्च 2026 को एक चाय की दुकान पर शिकायतकर्ता की पत्नी के साथ कथित...

NDPS मामले में दोषी दो पुलिसकर्मियों की बर्खास्तगी बरकरार, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा- कानून के रक्षक ही कानून तोड़ने वाले बन गए

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने NDPS Act के तहत दोषी ठहराए गए दो पुलिस कांस्टेबलों की सेवा से बर्खास्तगी को बरकरार रखा है। कोर्ट ने कहा कि पुलिसकर्मियों की NDPS अपराधों में संलिप्तता गंभीर मामला है और इस मामले में बर्खास्तगी न तो अत्यधिक कठोर है और न ही असंगत।जस्टिस अजय मोहन गोयल ने कहा कि दोषी पुलिस विभाग के कर्मचारी हैं और ऐसे में “कानून के रक्षक ही कानून तोड़ने वाले बन गए हैं।”मामला कांस्टेबल गौरव वर्मा और लक्ष्य चौहान से जुड़ा है। गौरव वर्मा को 2009 में कांस्टेबल नियुक्त किया गया था। उसे NDPS Act...

गैंगरेप मामले में 4 दोषियों को पटना हाईकोर्ट ने किया बरी, कहा- पांच लोगों ने बारी-बारी रेप किया होता तो शरीर पर चोटें जरूर होतीं

पटना हाईकोर्ट ने गैंगरेप मामले में दोषी ठहराए गए चार आरोपियों को बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन की कहानी मेडिकल साक्ष्यों से पुष्ट नहीं होती और मामले में कई महत्वपूर्ण विरोधाभास हैं।जस्टिस जी. अनुपमा चक्रवर्ती की एकल पीठ ने वर्ष 2004 में हुई दोषसिद्धि को रद्द करते हुए कहा कि यदि पांच आरोपियों ने पीड़िता के साथ एक के बाद एक बलात्कार किया होता, तो उसके शरीर पर कुछ चोटें मिलनी चाहिए थीं।यह मामला 1998 का है, जिसमें पांच लोगों पर महिला के साथ सामूहिक बलात्कार का आरोप लगा था। ट्रायल कोर्ट ने सभी...