हाईकोर्ट

दिल्ली स्थित ट्रिब्यूनल के आदेश को चुनौती देने का अधिकार उसी क्षेत्र के हाईकोर्ट को: इलाहाबाद हाईकोर्ट
दिल्ली स्थित ट्रिब्यूनल के आदेश को चुनौती देने का अधिकार उसी क्षेत्र के हाईकोर्ट को: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए स्पष्ट किया कि नई दिल्ली स्थित सशस्त्र बल ट्रिब्यूनल (प्रधान पीठ) के आदेशों को चुनौती देने का अधिकार उसी क्षेत्राधिकार वाले हाईकोर्ट को है, न कि किसी अन्य हाईकोर्ट को।चीफ जस्टिस अरुण भंसाली और जस्टिस क्षितिज शैलेन्द्र की पीठ ने कहा कि जब आदेश नई दिल्ली स्थित ट्रिब्यूनल की प्रधान पीठ द्वारा पारित किया गया तो इलाहाबाद हाईकोर्ट के पास ऐसे आदेश को सुनने का क्षेत्राधिकार नहीं है।खंडपीठ ने कहा, “जब विवादित आदेश नई दिल्ली की प्रधान पीठ से पारित हुआ तो...

इलाहाबाद हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला: धोखाधड़ी और आपराधिक न्यासभंग साथ-साथ लग सकते हैं
इलाहाबाद हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला: धोखाधड़ी और आपराधिक न्यासभंग साथ-साथ लग सकते हैं

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि एक ही मामले में 'धोखाधड़ी' और 'आपराधिक न्यासभंग' जैसे अपराध एक साथ लगाए जा सकते हैं, यदि परिस्थितियों से यह स्पष्ट न हो कि वास्तव में कौन सा अपराध बना है।जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की पीठ ने यह महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए आरोपी की जमानत याचिका खारिज की, जिस पर स्वयं सहायता समूह की गरीब महिलाओं से पैसा लेकर हड़पने का आरोप था।अदालत के सामने मुख्य सवाल यह था कि क्या भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 (धोखाधड़ी) और धारा 406 (आपराधिक न्यासभंग) को एक साथ लगाने...

पत्नी के पुनर्विवाह के बाद विवाह समाप्त: पटना हाईकोर्ट ने डॉक्ट्रिन ऑफ फ्रस्ट्रेशन लागू कर दिया तलाक, फैमिली कोर्ट की व्याख्या को बताया विकृत
पत्नी के पुनर्विवाह के बाद विवाह समाप्त: पटना हाईकोर्ट ने डॉक्ट्रिन ऑफ फ्रस्ट्रेशन लागू कर दिया तलाक, फैमिली कोर्ट की व्याख्या को बताया 'विकृत'

पटना हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में फैमिली कोर्ट का आदेश विकृत करार देते हुए विशेष विवाह अधिनियम के तहत हुए विवाह को समाप्त किया। अदालत ने कहा कि जब वैवाहिक संबंध का आधार ही खत्म हो जाए तो कानून को वास्तविकता स्वीकार करनी चाहिए।जस्टिस बिबेक चौधरी और जस्टिस चंद्र शेखर झा की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया। मामला वर्ष 2007 में विशेष विवाह अधिनियम के तहत हुए विवाह से जुड़ा था जिसे फैमिली कोर्ट ने शुरू से ही अमान्य बताते हुए तलाक याचिका खारिज की थी।हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट की इस व्याख्या पर कड़ी आपत्ति...

म्यूटेशन कार्यवाही में नहीं तय होगा मालिकाना हक: इलाहाबाद हाईकोर्ट का स्पष्ट निर्देश
म्यूटेशन कार्यवाही में नहीं तय होगा मालिकाना हक: इलाहाबाद हाईकोर्ट का स्पष्ट निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि म्यूटेशन (नामांतरण) की कार्यवाही का उद्देश्य संपत्ति के मालिकाना हक का फैसला करना नहीं है। ऐसे विवादों का समाधान केवल सिविल कोर्ट में ही किया जा सकता है।जस्टिस जे.जे. मुनीर ने यह फैसला सुनाते हुए नायब तहसीलदार के उस आदेश को सही ठहराया, जिसमें 34 साल बाद दायर नामांतरण निरस्तीकरण की अर्जी को खारिज कर दिया गया।अदालत ने कहा,“याचिकाकर्ता और प्रतिवादी के बीच का विवाद जटिल मालिकाना हक से जुड़ा है, जिसे म्यूटेशन अधिकारी तय नहीं कर सकते।”मामले में...

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री का वादा, पॉलिसी के बिना कानूनी तौर पर लागू नहीं होगा: दिल्ली हाईकोर्ट
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री का वादा, पॉलिसी के बिना कानूनी तौर पर लागू नहीं होगा: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि किसी मुख्यमंत्री द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया गया कोई आश्वासन या वादा, किसी औपचारिक पॉलिसी या कानूनी आधार के बिना कानूनी तौर पर लागू होने वाला वादा नहीं माना जा सकता।जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की डिवीज़न बेंच ने कहा कि अगर कोई कानूनी ज़िम्मेदारी मौजूद नहीं है तो ऐसे वादे को 'रिट ऑफ़ मैंडमस' (आदेशिका) के ज़रिए लागू नहीं करवाया जा सकता।कोर्ट ने ये टिप्पणियां तब कीं, जब उसने एक सिंगल जज का आदेश रद्द किया, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद...

X अकाउंट ब्लॉकिंग पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त: डॉ. निमो यादव और नेहर हू अकाउंट तुरंत बहाल करने का आदेश
X अकाउंट ब्लॉकिंग पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त: 'डॉ. निमो यादव' और 'नेहर हू' अकाउंट तुरंत बहाल करने का आदेश

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ब्लॉक किए गए दो अकाउंट डॉ. निमो यादव और नेहर हू को तुरंत बहाल करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि पूरे अकाउंट को ब्लॉक करना उचित नहीं है। हालांकि विवादित पोस्ट फिलहाल ब्लॉक रहेंगे।जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने यह आदेश प्रकरण की सुनवाई के दौरान पारित किया। यह याचिका डॉ. निमो यादव नाम से संचालित पैरोडी अकाउंट के संचालक प्रतीक शर्मा की ओर से दायर की गई। इसी तरह कुमार नयन द्वारा संचालित नेहर हू अकाउंट के मामले में भी अदालत ने समान राहत दी।सुनवाई...

एपस्टीन लिंक वाले पोस्ट पर विवाद: दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई तेज करने का दिया आदेश
एपस्टीन लिंक वाले पोस्ट पर विवाद: दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई तेज करने का दिया आदेश

दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम मामले में सिंगल जज को निर्देश दिया कि वह उस आवेदन पर शीघ्र सुनवाई करें, जिसमें सोशल मीडिया पोस्ट हटाने का आदेश रद्द या स्थगित करने की मांग की गई। यह मामला रायपुर के सोशल एक्टिविस्ट कुनाल शुक्ला द्वारा दायर किया गया।विवाद उन पोस्टों से जुड़ा है जिनमें केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी की बेटी हिमानी पुरी को अमेरिकी वित्तीय अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जोड़ने का आरोप लगाया गया।जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस रेनू भटनागर की खंडपीठ ने सिंगल जज को निर्देश दिया कि दोनों पक्षों को सुनकर मामले...

नाबालिग की अश्लील तस्वीरें हटाने का आदेश: राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा- निजता पर गंभीर हमला”
नाबालिग की अश्लील तस्वीरें हटाने का आदेश: राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा- निजता पर गंभीर हमला”

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक अहम आदेश में केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह मेटा प्लेटफॉर्म के साथ समन्वय कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम से एक नाबालिग की अश्लील और निजी तस्वीरों को तुरंत हटवाए। अदालत ने कहा कि बिना सहमति इस तरह की सामग्री का प्रसार निजता और गरिमा पर गंभीर हमला है, जिसके दूरगामी और अपरिवर्तनीय परिणाम होते हैं।जस्टिस फरजंद अली ने अपने फैसले में कहा कि डिजिटल युग में ऐसी सामग्री का प्रसार डिजिटल दाग बन जाता है, जो समय के साथ खत्म नहीं होता बल्कि पीड़ित को लगातार नुकसान पहुंचाता...

APO के जरिए अनुशासनात्मक कार्रवाई से बचना गलत: राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को लगाई फटकार
APO के जरिए अनुशासनात्मक कार्रवाई से बचना गलत: राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को लगाई फटकार

राजस्थान हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि किसी सरकारी कर्मचारी पर लगे कदाचार के आरोपों से निपटने के लिए एवेटिंग पोस्टिंग ऑर्डर (APO) का सहारा नहीं लिया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में विधिसम्मत अनुशासनात्मक प्रक्रिया ही अपनाई जानी चाहिए।जस्टिस आनंद शर्मा की पीठ ने इस मामले को कानून के दुरुपयोग का उदाहरण बताते हुए कहा कि राज्य ने प्रशासनिक अधिकारों का प्रयोग गलत उद्देश्य से किया जो विधि के विरुद्ध है।अदालत ने कहा,“नियम 25ए का उपयोग दिखावे के लिए प्रशासनिक कारणों से किया...

केजरीवाल के किराया माफी बयान को लागू कराने से इनकार: दिल्ली हाईकोर्ट ने सिंगल जज का आदेश पलटा
केजरीवाल के किराया माफी बयान को लागू कराने से इनकार: दिल्ली हाईकोर्ट ने सिंगल जज का आदेश पलटा

दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम फैसले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के उस बयान को कानूनी रूप से लागू कराने से इनकार किया, जिसमें उन्होंने कोविड लॉकडाउन के दौरान गरीब किरायेदारों का किराया सरकार द्वारा देने की बात कही थी।जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने सिंगल जज के आदेश को संशोधित करते हुए कहा कि इस तरह के बयान को लागू कराने के लिए अदालत कोई निर्देश (मैंडेमस) जारी नहीं कर सकती। कोर्ट ने याचिका को भ्रमित बताते हुए खारिज किया।अदालत ने स्पष्ट कहा,“मुख्यमंत्री द्वारा प्रेस...

मृत व्यक्ति के खिलाफ अपील दाखिल करने पर फटकार: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार की अपील खारिज की
मृत व्यक्ति के खिलाफ अपील दाखिल करने पर फटकार: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार की अपील खारिज की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गंभीर लापरवाही का मामला सामने आने पर उत्तर प्रदेश सरकार को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने उस अपील को खारिज किया, जो सरकार ने ऐसे व्यक्ति के खिलाफ दाखिल की थी, जिसकी पहले ही मृत्यु हो चुकी है और उसके कानूनी वारिसों को पक्षकार भी नहीं बनाया गया।जस्टिस संदीप जैन ने कहा कि राज्य की ओर से अपील दाखिल करने में घोर लापरवाही बरती गई और केवल यह कहकर देरी को माफ नहीं किया जा सकता कि अपील दाखिल करने की अनुमति देर से मिली।अदालत ने टिप्पणी की,“राज्य की ओर से मृत प्रतिवादी के खिलाफ अपील दाखिल...

हैबियस कॉर्पस का इस्तेमाल पति को पेश कराने के लिए नहीं किया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
हैबियस कॉर्पस का इस्तेमाल पति को पेश कराने के लिए नहीं किया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि मेंटेनेंस (भरण-पोषण) के मामले में वारंट से बच रहे पति को कोर्ट में पेश कराने के लिए हैबियस कॉर्पस याचिका का उपयोग नहीं किया जा सकता।जस्टिस सिद्धार्थ और जस्टिस विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में संबंधित फैमिली कोर्ट को ही आवश्यक कठोर (coercive) कदम उठाने का अधिकार है।मामला क्या था?आजमगढ़ की फैमिली कोर्ट ने जनवरी 2021 में पति को पत्नी और बेटी को भरण-पोषण देने का आदेश दिया था। लेकिन पति भुगतान से बच रहा था और उसके खिलाफ वारंट जारी होने के...

ग्रांट-इन-एड संस्थानों में कार्यरत कार्यवाहक प्रिंसिपल को मिलेगा समान वेतन, लेकिन पद पर बने रहने का अधिकार नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
ग्रांट-इन-एड संस्थानों में कार्यरत कार्यवाहक प्रिंसिपल को मिलेगा समान वेतन, लेकिन पद पर बने रहने का अधिकार नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए कहा है कि ग्रांट-इन-एड (अनुदानित) संस्थानों में कार्यरत कार्यवाहक (ऑफिसिएटिंग) प्रिंसिपल को नियमित प्रिंसिपल के बराबर वेतन दिया जाना चाहिए। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि लंबे समय तक इस पद पर कार्य करने से उन्हें केवल वेतन का अधिकार मिलेगा, पद पर बने रहने का नहीं।जस्टिस सुमित्रा दयाल सिंह और जस्टिस स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने कहा कि जब कोई शिक्षक प्रिंसिपल के रूप में कार्य करता है और अधिक जिम्मेदारियां निभाता है, तो उसे उसी के...

शराब नीति मामले से जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को हटाने के लिए फिर से हाईकोर्ट पहुंचे अरविंद केजरीवाल
शराब नीति मामले से जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को हटाने के लिए फिर से हाईकोर्ट पहुंचे अरविंद केजरीवाल

आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट में नई अर्जी दाखिल की। इस अर्जी में उन्होंने मांग की कि कथित शराब नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में उनकी रिहाई को चुनौती देने वाली सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) की याचिका पर सुनवाई से जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को हटा दिया जाए।इस अर्जी पर जस्टिस शर्मा द्वारा सोमवार को सुनवाई होने की संभावना है। CBI द्वारा दाखिल मुख्य याचिका भी जज के सामने आइटम नंबर 50 पर लिस्टेड है।खास बात यह है कि यह अर्जी केजरीवाल ने खुद दाखिल...

यूपी ज़मींदारी उन्मूलन अधिनियम की धारा 122-B (4-F) की शर्तें पूरी होने पर भी भूमिधर का दर्जा नहीं बदला जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
यूपी ज़मींदारी उन्मूलन अधिनियम की धारा 122-B (4-F) की शर्तें पूरी होने पर भी भूमिधर का दर्जा नहीं बदला जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फिर से दोहराया कि अगर यूपी ज़मींदारी उन्मूलन और भूमि सुधार अधिनियम की धारा 122-B (4-F) के तहत दी गई शर्तें पूरी होती हैं तो अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति (जैसा भी मामला हो) से संबंधित मज़दूर को उस ज़मीन का भूमिधर माना जाएगा, और किसी भी अधिकारी द्वारा इस भूमिधरी की समीक्षा नहीं की जा सकती।यूपी ज़मींदारी उन्मूलन और भूमि सुधार अधिनियम की धारा 122-B(4-F) में यह प्रावधान है कि जहां कोई भी कृषि मज़दूर, जो अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति से संबंधित है, 13.05.2007 से पहले से ही...

दीवानी मामलों के लिए पुलिस के पास जाने की प्रवृत्ति कानून के शासन को कमज़ोर करती है: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिखावटी FIRs की कड़ी आलोचना की
दीवानी मामलों के लिए पुलिस के पास जाने की प्रवृत्ति कानून के शासन को कमज़ोर करती है: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 'दिखावटी' FIRs की कड़ी आलोचना की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में इस बात को 'परेशान करने वाला' बताया कि जनता दीवानी मामलों के समाधान के लिए पुलिस और कलेक्टरों के पास जाती है, क्योंकि यह प्रवृत्ति कानून के शासन की बुनियाद को कमज़ोर करती है। ऐसे मामलों में समाधान के लिए उन गैर-कानूनी एजेंसियों को बढ़ावा देती है, जिनका उन मामलों पर कोई अधिकार क्षेत्र नहीं होता।जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने दलजीत सिंह और एक अन्य व्यक्ति द्वारा दायर एक आपराधिक रिट याचिका की सुनवाई करते हुए ये टिप्पणियां कीं।उनकी याचिका में...

जज की कुर्सी पर बैठकर गाना बजाते हुए दिया पोज़: राजस्थान हाईकोर्ट ने वायरल वीडियो पर भेजा अवमानना ​​का नोटिस, कहा- कोर्टरूम या क्लब?
जज की कुर्सी पर बैठकर गाना बजाते हुए दिया पोज़: राजस्थान हाईकोर्ट ने वायरल वीडियो पर भेजा अवमानना ​​का नोटिस, कहा- कोर्टरूम या क्लब?

राजस्थान हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो का कड़ा संज्ञान लिया। इस वीडियो में बीकानेर के एक ग्राम न्यायालय के अंदर दो लोग जज की कुर्सी पर बैठे हुए और गाने बजाते हुए दिखाई दे रहे हैं।जस्टिस संदीप शाह की बेंच ने तीन लोगों के खिलाफ आपराधिक अवमानना ​​की कार्यवाही शुरू करने के लिए नोटिस जारी किया।यह मामला तब सामने आया, जब बीकानेर के ग्राम न्यायालय के जज ने हाईकोर्ट को औपचारिक पत्र (10 मार्च, 2026 का) भेजा।इस पत्र में हाईकोर्ट को बताया गया कि जब स्थानीय अदालत बंद थी, तब दो लोग तीसरे...

CPF विकल्प चुनने के बाद CCS नियमों के तहत पेंशन का दावा करने के लिए इसे बदला नहीं जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
CPF विकल्प चुनने के बाद CCS नियमों के तहत पेंशन का दावा करने के लिए इसे बदला नहीं जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

जस्टिस संजीव नरूला की अध्यक्षता वाली दिल्ली हाईकोर्ट की बेंच ने फैसला सुनाया कि कोई भी कर्मचारी जिसने CPF योजना के तहत बने रहने का विकल्प चुना है, वह बाद में CCS पेंशन नियमों के तहत पेंशन लाभों का दावा नहीं कर सकता, क्योंकि 'मानित रूपांतरण' (Deemed Conversion) केवल वहीं लागू होता है जहाँ कोई विकल्प नहीं चुना गया।पृष्ठभूमि के तथ्ययाचिकाकर्ता एक्सपोर्ट इंस्पेक्शन काउंसिल (EIC) और एक्सपोर्ट इंस्पेक्शन एजेंसियों (EIAs) के पूर्व कर्मचारियों का एक समूह हैं। उन्होंने केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम,...

पदोन्नति के लिए कर्मचारियों से सीधे संवाद की जगह सार्वजनिक विज्ञापन नहीं ले सकता: झारखंड हाईकोर्ट
पदोन्नति के लिए कर्मचारियों से सीधे संवाद की जगह सार्वजनिक विज्ञापन नहीं ले सकता: झारखंड हाईकोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट की चीफ़ जस्टिस एम. एस. सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की डिवीज़न बेंच ने यह फ़ैसला दिया कि विभागीय ज़रूरतों के लिए कर्मचारियों से सीधे संवाद की जगह सार्वजनिक विज्ञापन नहीं ले सकते, और बिना उचित सूचना के योग्य कर्मचारियों को पदोन्नति से वंचित करना मनमाना है। आगे यह भी कहा गया कि प्रभावित कर्मचारी उस तारीख से पिछली तारीख से पदोन्नति के हकदार हैं, जिस तारीख को उनके जूनियर कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई।पृष्ठभूमि के तथ्यये कर्मचारी झारखंड सरकार के सड़क निर्माण विभाग में जूनियर इंजीनियर के पद पर...

BSF के कॉम्बैट पदों पर तैनात जवान 57 साल की उम्र में रिटायर होंगे, 60 साल की सिविलियन रिटायरमेंट उम्र का दावा नहीं कर सकते - दिल्ली हाईकोर्ट
BSF के कॉम्बैट पदों पर तैनात जवान 57 साल की उम्र में रिटायर होंगे, 60 साल की सिविलियन रिटायरमेंट उम्र का दावा नहीं कर सकते - दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस अनिल क्षेतर्पाल और जस्टिस अमित महाजन की डिवीज़न बेंच ने फैसला सुनाया कि सीमा सुरक्षा बल (BSF) में किसी कॉम्बैट पद पर दोबारा नियुक्त किया गया कोई पूर्व सैनिक, जो उस कॉम्बैट कैडर के लाभों का आनंद लेता है, BSF की 57 साल की वैधानिक रिटायरमेंट उम्र के अधीन होगा, न कि सिविलियन पदों पर लागू 60 साल की रिटायरमेंट उम्र के।पृष्ठभूमि के तथ्यप्रतिवादी को 31 अगस्त, 1990 को भारतीय वायु सेना से सेवामुक्त कर दिया गया। इसके बाद 13 दिसंबर, 1991 को उसे BSF की एयर विंग में सब-इंस्पेक्टर...