हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संस्था और यूनिवर्सिटी शब्दों के बीच अंतर का आरोप लगाने वाली याचिका पर जारी किया नोटिस
लखनऊ स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम 1956 के तहत संस्था और यूनिवर्सिटी शब्दों के बीच अंतर का आरोप लगाने वाली रिट याचिका पर नोटिस जारी किया।याचिकाकर्ताओं ने संस्कृति यूनिवर्सिटी से अलग-अलग वर्षों में फिजियोथेरेपी में ग्रेजुएट की डिग्री और साइंस (मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी) में ग्रेजुएट की डिग्री प्राप्त की, जो उनके अनुसार उत्तर प्रदेश अधिनियम 2016 के तहत एक वैधानिक यूनिवर्सिटी है। इसके अलावा यह प्रस्तुत किया गया कि यू.पी. प्राइवेट यूनिवर्सिटी एक्ट, 2019 के तहत...
केरल हाईकोर्ट ने कहा, राष्ट्रीय राजमार्ग ढहने की घटना 'चिंता का विषय; NHAI ने कुछ चूकें स्वीकार कीं
केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार (23 मई) ने मलप्पुरम जिले में हाल ही में एलिवेटेड नेशनल हाईवे- 66 के ढहने के मद्देनजर सड़कों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की।न्यायालय ने कहा, “श्री बिदन चंद्रन, NHAI के विद्वान स्थायी वकील ने माना कि कुछ स्थानों पर NHAI की ओर से राजमार्ग के निर्माण के संबंध में कुछ खामियां थीं...।”जस्टिस देवन रामचंद्रन ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को निर्देश दिया कि उच्च स्तरीय समिति द्वारा मामले की जांच किए जाने के बाद वह रिपोर्ट प्रस्तुत करे।विद्वान एकल न्यायाधीश ने आगे...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब यूनिवर्सिटी का लॉ एंट्रेंस रद्द करने से किया इनकार, 'पेपर कठिन' होने के आधार पर दी गई थी चुनौती
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब विश्वविद्यालय की ओर से 5 वर्षीय स्नातक विधि पाठ्यक्रम के लिए आयोजित विधि प्रवेश परीक्षा को रद्द करने से इनकार कर दिया, जिसे बहुत कठिन होने के आधार पर चुनौती दी गई थी। शेक्सपियर की उक्ति 'क्या मनुष्य कभी संतुष्ट होता है?' को उद्धृत करते हुए न्यायालय ने कहा, प्रश्न "अभी तक किसी समाधान या व्यवहार्य उत्तर तक नहीं पहुंच सका।"चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस सुमित गोयल ने कहा, "तर्क को मानते हुए, कुछ प्रश्न कठिन या कठोर थे, फिर भी चूंकि विचाराधीन प्रवेश परीक्षा एक...
जस्टिस अभय एस ओक: सर्वश्रेष्ठ जजों में से एक, न्यायिक स्वतंत्रता के दुर्लभ प्रतीक
कभी-कभी हम चाहते हैं कि कुछ न्यायाधीशों को कभी सेवानिवृत्त न होना पड़े। जस्टिस अभय एस ओक ऐसे ही न्यायाधीशों में से एक हैं। निर्भीक, स्वतंत्र, कानून के शासन के प्रति निष्ठावान, सत्ता को जवाबदेह ठहराने में संकोच न करने वाले और हमेशा संविधान को कायम रखने वाले जस्टिस ओक एक ऐसे न्यायिक सितारे हैं जिन्होंने न्यायपालिका की प्रतिष्ठा को तब भी बढ़ाया जब वह विभिन्न विश्वसनीयता चुनौतियों का सामना कर रही थी।इस लेखक ने जस्टिस ए एस ओक के बारे में पहली बार 2013 में सुना था, जब उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट के...
वैज्ञानिक साक्ष्य के बिना नैतिकता और स्वास्थ्य के आधार पर पेटेंट अस्वीकार करना अवैध: कोलकाता हाईकोर्ट
कोलकाता हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा कि किसी आविष्कार को केवल नैतिकता और स्वास्थ्य के आधार पर वह भी बिना किसी वैज्ञानिक या तकनीकी साक्ष्य के पेटेंट देने से इनकार करना कानूनन टिकाऊ नहीं है।यह टिप्पणी जस्टिस रवि किशन कपूर ने ITC लिमिटेड द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दी, जिसमें ऐसे हीटर असेंबली के पेटेंट की मांग की गई थी, जो एरोसोल उत्पन्न करने के लिए डिजाइन किया गया था।पेटेंट कंट्रोलर ने इस आविष्कार को जन स्वास्थ्य और नैतिकता के आधार पर विशेष रूप से ई-सिगरेट निषेध अधिनियम 2019 का हवाला...
कोलकाता हाईकोर्ट ने आंदोलन में पुलिस से झड़प करने वाले शिक्षकों के विरुद्ध बल प्रयोग पर लगाई रोक
कोलकाता हाईकोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि वे उन शिक्षकों के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई न करें, जो राज्य शिक्षा विभाग के बाहर प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसक झड़पों में शामिल थे। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा शिक्षकों को जारी किए गए कारण बताओ नोटिसों (Show Cause Notices) पर भी कोई कार्रवाई नहीं की जाए।यह आदेश जस्टिस तीर्थंकर घोष की एकल पीठ ने पारित किया।याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि कोर्ट के पूर्व निर्देशों के अनुसार, याचिकाकर्ताओं ने...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने CAA-NRC के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले 8 लोगों के खिलाफ दंगा और गैरकानूनी सभा का मामला खारिज किया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में CAA-NRC के कार्यान्वयन के विरोध में 2019 में दंगा करने और गैरकानूनी सभा में भाग लेने के आरोपी आठ लोगों के खिलाफ शुरू किए गए अभियोजन को खारिज कर दिया।अभियोजन पक्ष के अनुसार सभी आरोपियों ने CAA-NRC के कार्यान्वयन के खिलाफ विरोध करने की साजिश रची और प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद मौके पर गैरकानूनी सभा बनाकर इकट्ठा हुए और सार्वजनिक संपत्तियों पर पत्थर, सोडा की बोतलें आदि फेंकी।एकल जज जस्टिस मोहम्मद नवाज ने अथौला जोकाटे और अन्य द्वारा दायर याचिका को अनुमति दी और उनके...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69,000 सहायक शिक्षकों को EWS आरक्षण देने से इनकार करने का फैसला बरकरार रखा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2020 में आयोजित सहायक अध्यापकों के पद पर भर्ती के लिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग श्रेणी के तहत आरक्षण का लाभ देने से इनकार करने वाले एकल जज का आदेश बरकरार रखा है। एकल जज ने 2020 में आयोजित भर्ती के उम्मीदवारों को लाभ देने से इनकार कर दिया था, क्योंकि यह प्रक्रिया उत्तर प्रदेश लोक सेवा (EWS के लिए आरक्षण) अधिनियम, 2020 के अधिनियमन से पहले शुरू की गई।जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी ने माना था कि यद्यपि भर्ती की प्रक्रिया 103वें संविधान संशोधन के बाद शुरू हुई थी, लेकिन उत्तर प्रदेश लोक...
HPPCL इंजीनियर की 'रहस्यमयी' मौत | हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मामला CBI को सौंपा, DGP ने SIT जांच पर जताई चिंता
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPPCL) के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की 'रहस्यमयी' मौत की जांच को 'असाधारण' स्थिति मानते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दिया।जस्टिस अजय मोहन गोयल की पीठ ने नेगी की पत्नी द्वारा जांच ट्रांसफर करने की मांग वाली याचिका स्वीकार करते हुए यह आदेश पारित किया। एकल जज ने केंद्रीय एजेंसी को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि राज्य कैडर का कोई भी अधिकारी उसके द्वारा गठित SIT का हिस्सा न हो।अपने 71-पृष्ठ के आदेश में न्यायालय...
बिना सोचे-समझे एक ही तरह के आदेश पारित करने वाले DRT अधिकारी को 'ट्रेनिंग देने पर विचार करे' वित्त मंत्रालय: इलाहाबाद हाईकोर्ट
ऋण वसूली न्यायाधिकरण, (DRT) लखनऊ द्वारा बिना सोचे-समझे मामलों में पारित किए जा रहे इसी तरह के आदेशों को देखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि वित्त मंत्रालय को अधिकारियों को ट्रेनिंग देने पर विचार करना चाहिए, जिससे DRT सुचारू रूप से काम कर सके।याचिकाकर्ताओं ने अंतरिम राहत के लिए उनका आवेदन खारिज करने वाले DRT के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हालांकि आदेश के खिलाफ अपील स्वीकार्य थी, लेकिन यह तर्क दिया गया कि हालांकि अंतरिम राहत देने के समर्थन में कारण दिए गए, लेकिन उन्हें गलत तरीके से...
एक बार घरेलू हिंसा और CrPC की नई कार्यवाही शुरू हो जाए तो उन्हीं दावों के लिए लोक अदालत का अवार्ड अमल में नहीं लाया जा सकता: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि यदि किसी पक्ष ने समझौते के आधार पर लोक अदालत से अवार्ड प्राप्त कर लिया तो वह फिर से उसी विषय पर मुकदमा शुरू कर और साथ ही उस अवार्ड को लागू करने की कोशिश नहीं कर सकता।जस्टिस संजय धर ने कहा,“एक बार जब घरेलू हिंसा अधिनियम (DV Act) और धारा 125 CrPC के तहत नई कार्यवाहियां शुरू कर दी जाती हैं और उसमें अंतरिम भरण-पोषण स्वीकृत हो जाता है तो पहले वाला अवार्ड उन्हीं दावों के लिए अमल योग्य नहीं रहता। उपाय या तो अवार्ड को लागू कराना है या पहले की...
सार्वजनिक स्थल पर महिला की मर्यादा भंग करना गंभीर अपराध, चाहे IPC की धारा 354 के तहत सजा का प्रावधान कुछ भी हो: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी महिला की सार्वजनिक स्थल पर मर्यादा भंग करने का अपराध समझौते के आधार पर समाप्त नहीं किया जा सकता। यह एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है, भले ही भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354 के तहत दी जाने वाली सजा एक वर्ष से पांच वर्ष तक की हो।जस्टिस जसगुरप्रीत सिंह पुरी ने कहा,"इस तरह के मामलों में जैसे कि वर्तमान मामला है, जहां आरोप है कि दशहरा कार्यक्रम में सार्वजनिक स्थल पर 8-10 युवकों के समूह जिनमें तीन याचिकाकर्ता भी शामिल थे, ने शिकायतकर्ता...
ऑनलाइन जुए को नियंत्रित करने के लिए कड़े कानून की मांग वाली याचिका पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा
ऑनलाइन जुए के मुद्दे और युवाओं पर इसके प्रभाव से संबंधित जनहित याचिका में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया और उन्हें चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।निवर्तमान चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की खंडपीठ ने कहा,"नोटिस जारी किया गया। अमित सेठ, एडिशनल एडवोकेट जनरल प्रतिवादी/राज्य की ओर से नोटिस स्वीकार करते हैं। जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगते हैं। जवाब चार सप्ताह के भीतर दाखिल किया जाए।"अदालत ऑनलाइन जुए को नियंत्रित करने के लिए सख्त कानून...
वैधानिक बंदरगाह बकाया को सुरक्षित लेनदारों सहित अन्य दावों पर वितरण में प्राथमिकता मिलनी चाहिए: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि प्रमुख बंदरगाह ट्रस्ट अधिनियम, 1963 की धारा 64 के तहत बनाए गए सर्वोच्च ग्रहणाधिकार के आधार पर वैधानिक बंदरगाह शुल्क सुरक्षित लेनदारों सहित अन्य सभी दावों पर वरीयता प्राप्त करते हैं और ऐसे दावों को सुरक्षित दावों के रूप में माना जाना चाहिए, क्योंकि उन्हें सुरक्षित लेनदारों से पहले भी प्राथमिकता के आधार पर भुगतान किया जाना चाहिए। जस्टिस अभय आहूजा की पीठ ने मुंबई बंदरगाह प्राधिकरण द्वारा दायर कई आवेदनों को स्वीकार कर लिया, जिसमें कहा गया कि जीओएल ऑफशोर लिमिटेड (परिसमापन...
मासिक धर्म के कारण होने वाली एनीमिया जैसी स्वास्थ्य समस्याओं के आधार पर लड़कियों को शिक्षा से वंचित करना अस्वीकार्य: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने उस याचिकाकर्ता को राहत दी, जिसे सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा (AFMS) के तहत बीएससी (नर्सिंग) में एडमिशन नहीं दिया गया जबकि वह योग्य थी। उसे उस समय भारी मासिक धर्म के कारण हीमोग्लोबिन कम पाए जाने पर अनफिट घोषित किया गया।जस्टिस अनुप कुमार ढांड ने कहा,“याचिकाकर्ता जैसी किसी भी लड़की की स्वास्थ्य स्थिति विशेषकर जब हीमोग्लोबिन स्तर मासिक धर्म के भारी रक्तस्राव के कारण कम पाया गया हो, उसकी शिक्षा प्राप्ति में बाधा नहीं बननी चाहिए। मासिक धर्म को किसी भी लड़की की शिक्षा के लिए बाधा के...
भ्रम का सुधार: BNS में 'आतंकवाद' के अपराध की उपयोगिता पर एक विश्लेषण
भारतीय न्याय संहिता, 2023 (बीएनएस) का अधिनियमन भारत के कानूनी ढांचे के लिए एक निर्णायक क्षण की शुरुआत करता है, जिसमें धारा 113 के तहत आतंकवादी कृत्यों के अपराध को शामिल किया गया है। आश्चर्यजनक रूप से, यह प्रावधान गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम, 1967 (यूएपीए) के अध्याय IV में निहित धाराओं की एक प्रतिरूप है, जो इसके उद्देश्य और उपयोगिता के बारे में जिज्ञासा जगाता है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के लिए इस प्रतिकृति का क्या मतलब है, और यह कानूनी अभ्यास को कैसे आकार देगा? यह लेख बीएनएस की धारा 113 की...
दिल्ली हाईकोर्ट ने मृतक के पिता द्वारा चाकू से हमला करने के बाद हत्या के आरोप में गिरफ्तार व्यक्ति को जमानत दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने मृतक के पिता द्वारा चाकू से हमला करने के आरोप में गिरफ्तार व्यक्ति को जमानत दी। यह घटना तीनों के बीच हुए झगड़े के दौरान हुई थी।जस्टिस अमित शर्मा ने कहा कि आवेदक को प्रथम दृष्टया यह पता नहीं था कि उसके पिता के पास चाकू है। वह पहले ही 18 महीने से अधिक समय जेल में बिता चुका है।न्यायालय ने आदेश दिया,आवेदक 24.10.2022 से हिरासत में है और 02.05.2024 तक 1 वर्ष 6 महीने और 9 दिन हिरासत में बिता चुका है। आवेदक को 50,000/- रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत देने पर जमानत पर...
महिला और उसके वकील द्वारा इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुरक्षा के लिए रिट दायर करने से इनकार करने के बाद जांच के आदेश, तलाक के मामले में पति द्वारा गड़बड़ी का आरोप
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में ऐसे मामले में जांच के निर्देश दिए, जिसमें याचिकाकर्ता नंबर 1 महिला ने रिट याचिका दायर करने से इनकार किया और संदेह जताया कि उसके पति ने तलाक की कार्यवाही में मदद के लिए किसी और से उसकी शादी का आरोप लगाते हुए रिट याचिका दायर की होगी।चूंकि याचिका में याचिकाकर्ता के वकील के रूप में जिस वकील का नाम उल्लेखित किया गया, उसने भी उक्त रिट याचिका दायर करने से इनकार कर दिया। इसलिए जस्टिस विनोद दिवाकर ने प्रयागराज के पुलिस आयुक्त को प्रारंभिक जांच करने का निर्देश...
Narsinghanand Case | 'जुबैर के ट्वीट नहीं करते अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन, जांच से पता चलेगा कि अपराध हुआ या नहीं': इलाहाबाद हाईकोर्ट
यति नरसिंहानंद के 'विवादास्पद' भाषणों पर उनके ट्वीट ('X' पोस्ट) को लेकर ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने से इनकार करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को कहा कि जुबैर के पोस्ट अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन नहीं करते हैं, लेकिन केवल जांच के माध्यम से ही यह निर्धारित किया जा सकता है कि उनके खिलाफ कोई अपराध, जैसा कि आरोप लगाया गया, बनता है या नहीं।जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस डॉ. योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने कहा,न्यायालय ने पाया कि "भीड़ भरे...
दिल्ली हाईकोर्ट ने DJS Mains 2023 के लिए संशोधित मेरिट लिस्ट पब्लिश करने की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली न्यायिक सेवा मुख्य परीक्षा (लिखित), 2023 (DJS Mains) में उपस्थित होने वाले उम्मीदवारों की संशोधित (Revised) मेरिट सह प्रतीक्षा लिस्ट पब्लिश करने की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया।जस्टिस सी हरि शंकर और जस्टिस अजय दिगपॉल की खंडपीठ ने उम्मीदवार मीनाक्षी मीना द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया, जिन्होंने आरोप लगाया कि ओवर-राइटिंग की स्पष्ट त्रुटि थी और सिविल लॉ-I परीक्षा के एक प्रश्न और उत्तर पुस्तिका में मूल रूप से उन्हें दिए गए अंकों में परिवर्तन किया गया।उन्होंने...




















