हाईकोर्ट
शादी का झूठा वादा करके महिलाओं का यौन शोषण एक बढ़ती हुई प्रवृत्ति, इसे शुरुआत में ही खत्म किया जाना चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि शादी का झूठा वादा करके महिलाओं का यौन शोषण करने और बाद में शादी से इनकार करने की प्रवृत्ति समाज में बढ़ रही है, जिसे शुरुआत में ही खत्म किया जाना चाहिए।यह टिप्पणी जस्टिस नलिन कुमार श्रीवास्तव की बेंच ने की, जिन्होंने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं, जिसमें धारा 69 (धोखे से यौन संबंध बनाना आदि) भी शामिल है, उसके तहत आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की।संक्षेप में मामलाआरोपी प्रशांत पाल पर पीड़िता के साथ शादी का झूठा वादा करके शारीरिक संबंध...
कानून से टकराव वाले नाबालिग की प्राइवेसी, बरी करने के आदेश की कॉपी मांगने वाले पीड़ित के अनुरोध से ज़्यादा ज़रूरी: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि पीड़ित को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड द्वारा आरोपी को बरी करने के आदेश की सर्टिफाइड कॉपी मांगने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि ऐसे आदेशों के खिलाफ कोई अपील नहीं की जा सकती।जुवेनाइल जस्टिस (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम (JJ Act), जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (JJB) द्वारा पारित बरी करने के आदेश के खिलाफ अपील पर स्पष्ट रूप से रोक लगाता है।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा,"जहां कानून में अपील का कोई अधिकार नहीं है, वहां चुनौती देने के उद्देश्य से आदेश की सर्टिफाइड कॉपी मांगने का...
अगर कट-ऑफ तारीख तक कोई ऑप्शन नहीं चुना जाता है तो कर्मचारी को CPF से ज़्यादा फ़ायदेमंद GPF-कम-पेंशन स्कीम में बदला हुआ माना जाएगा: झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट की चीफ़ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की एक डिवीज़न बेंच ने कहा कि फ़ायदेमंद पेंशन स्कीम में बदलना बिना किसी साफ़ ऑप्शन के भी मंज़ूर है। 01.01.1986 से पहले नियुक्त कर्मचारी को CPF स्कीम से ज़्यादा फ़ायदेमंद GPF-कम-पेंशन स्कीम में बदला हुआ माना जाएगा, अगर तय कट-ऑफ तारीख तक CPF में बने रहने का कोई पॉज़िटिव ऑप्शन नहीं चुना गया।मामले के तथ्यकर्मचारी केंद्रीय विद्यालय में योग टीचर था, जिसे 1981 में नियुक्त किया गया। वह मार्च 2019 में रिटायर हुआ। उसने शुरू में...
FIR रजिस्ट्रेशन के लिए मजिस्ट्रेट का CrPC की धारा 156 (3) के तहत आदेश, संभावित आरोपी की अपील पर रिवीजन के लिए खुला नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि एक संभावित आरोपी के पास मजिस्ट्रेट द्वारा CrPC की धारा 156(3) के तहत पुलिस को FIR दर्ज करने और जांच करने का निर्देश देने वाले आदेश को रिवीजन याचिका के ज़रिए चुनौती देने का कोई अधिकार नहीं है।जस्टिस चवन प्रकाश की बेंच ने इस तरह आपराधिक रिवीजन याचिका यह देखते हुए खारिज कर दिया कि CrPC की धारा 156 (3) के तहत पारित आदेश एक इंटरलोक्यूटरी आदेश है और इसे CrPC की धारा 397(2) के तहत रिवीजन में चुनौती नहीं दी जा सकती है।इसमें कहा गया कि CrPC की धारा 156(3) के चरण में...
प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के राज्य के बाहर पढ़ने वाले बच्चों को स्टेट कोटा से बाहर रखा जा सकता है: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने बोनाफाइड हिमाचली स्टूडेंट्स द्वारा दायर रिट याचिकाओं का बैच खारिज कर दिया, जिन्हें स्टेट कोटा के तहत MBBS/BDS एडमिशन के लिए एलिजिबल नहीं माना गया।कोर्ट ने कहा कि भले ही याचिकाकर्ता हिमाचली हैं और उन्होंने NEET क्वालिफाई किया, लेकिन वे स्टेट कोटा के लिए एलिजिबल नहीं हैं, क्योंकि उन्होंने अपने माता-पिता की राज्य के बाहर प्राइवेट नौकरी के कारण अपनी स्कूली शिक्षा का कुछ हिस्सा हिमाचल प्रदेश के बाहर पूरा किया।जस्टिस अजय मोहन गोयल ने टिप्पणी की:“प्राइवेट कर्मचारियों के संबंध...
हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद यूपी पुलिस भेजेगी आपराधिक मामलों में सरकारी वकीलों को ईमेल से निर्देश, 'पैरोकार' सिस्टम होगा खत्म
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) ने एक ज़रूरी सर्कुलर जारी किया, जिसमें सभी ज़िला पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिया गया कि वे इलाहाबाद हाईकोर्ट में सरकारी वकीलों को ज़मानत और अन्य आपराधिक मामलों में निर्देश इलेक्ट्रॉनिक तरीके से भेजें।यह कदम 9 दिसंबर को हाईकोर्ट द्वारा जारी निर्देशों का सख्ती से पालन करते हुए उठाया गया।जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की बेंच ने यह निर्देश जारी किया, जिसमें कहा गया कि मौजूदा मैनुअल सिस्टम के तहत, आपराधिक मामलों में पुलिस स्टेशनों से निर्देश मिलने में काफी देरी...
असम पंचायत नियमों का नियम 47(1) सिर्फ़ बाज़ार सेटलमेंट के लिए सबसे ज़्यादा बोली की सीमा तय करता है, सबसे कम सही दर तय नहीं करता: गुवाहाटी हाईकोर्ट
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कहा कि असम पंचायत (वित्तीय) नियम, 2002 का नियम 47(1) सिर्फ़ बाज़ारों के सेटलमेंट के लिए ऊपरी सीमा तय करता है और कानूनी योजना में किसी न्यूनतम या "सबसे कम सही" बोली की शर्त को पढ़ने की अनुमति नहीं देता है।कोर्ट ने आगे कहा कि टेंडर से जुड़े आंकड़ों से निकाले गए प्रशासनिक नोटिस या अनुमानों का इस्तेमाल नियम 47(1) में ऐसी शर्तें जोड़ने के लिए नहीं किया जा सकता, जो नियम में खुद नहीं दी गईं।जस्टिस देवाशीष बरुआ ने नियम 47(1) के दायरे की जांच करते हुए कहा,"ऊपर बताए गए नियम को देखने...
HSVP प्लॉट के देरी से अलॉटमेंट के लिए विस्थापितों से 'मौजूदा कीमत' नहीं वसूल सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ₹3 लाख का जुर्माना लगाया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP, पहले HUDA) ज़मीन से विस्थापित लोगों को अलॉट किए गए प्लॉट के लिए मौजूदा रिज़र्व कीमत नहीं वसूल सकता, जब अलॉटमेंट में देरी खुद अथॉरिटी की वजह से हुई हो। कोर्ट ने यह भी फैसला सुनाया कि राजीव मनचंदा बनाम HUDA मामले में फुल बेंच के फैसले के अनुसार 11% ब्याज लगाना "उचित ब्याज" नहीं है और निर्देश दिया कि इसके बजाय 5.5% ब्याज लिया जाए।कोर्ट विस्थापितों को अलॉट किए गए प्लॉट की कीमत तय करने, ब्याज और पेमेंट के तरीके से जुड़े...
S. 11 Cattle Preservation Act | सर्कल ऑफिसर को परिसर में घुसने, जांच करने का अधिकार हो सकता है, लेकिन उसे सील करने का नहीं: गुवाहाटी हाईकोर्ट
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कहा कि असम पशु संरक्षण अधिनियम (Cattle Preservation Act) 2021 की धारा 11 के तहत सर्कल ऑफिसर को ऐसे परिसर में घुसने और जांच करने का अधिकार दिया जा सकता है, जहां कानून का उल्लंघन हुआ हो, जिसमें एक मांस की दुकान भी शामिल है। हालांकि ऑफिसर के पास परिसर को सील करने का कोई अधिकार या क्षेत्राधिकार नहीं है।कोर्ट ने कहा कि कानून ऐसे अधिकारियों को परिसर में घुसने और जांच करने और वहां मिली सामग्री को जब्त करने की अनुमति देता है, लेकिन यह परिसर को पूरी तरह से सील करने तक नहीं है, जहां...
मुकदमेबाजी में पड़ने के बजाय हार मानना सीखें: बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुकदमा लड़ रहे भाई-बहनों को दी सलाह, रिश्तों के महत्व पर भी दिया ज़ोर
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में सीनियर सिटीजन भाई-बहन की जोड़ी को अपने माता-पिता की संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने का सुझाव देते हुए कहा, "भाई-बहनों को मुकदमेबाजी में पड़ने के बजाय हार मानना सीखना चाहिए।"सिंगल-जज जस्टिस जितेंद्र जैन ने मानहानि के मुकदमे में भाई-बहन द्वारा अपनी दलीलों में 'अपमानजनक भाषा' के इस्तेमाल पर ध्यान देते हुए हमारे देश में 'रक्षा बंधन' और 'भाई दूज' के महत्व पर ज़ोर दिया।19 दिसंबर को पारित आदेश में जज ने कहा,"मौजूदा कार्यवाही के तथ्य इस कोर्ट...
Specific Performance | जब वादी दावा करता है कि सप्लीमेंट्री एग्रीमेंट ने टाइमलाइन बढ़ाई तो लिमिटेशन सुनवाई योग्य मुद्दा: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने हाल ही में कहा कि किसी कॉन्ट्रैक्ट के स्पेसिफिक परफॉर्मेंस के लिए दायर मुकदमे को ऑर्डर VII रूल 11 सिविल प्रोसीजर कोड (CPC) के तहत समय-बाधित होने के आधार पर शुरुआती दौर में ही खारिज नहीं किया जा सकता, अगर वादी ने साफ तौर पर यह दलील दी कि बाद में किए गए सप्लीमेंट्री एग्रीमेंट ने परफॉर्मेंस के लिए मूल टाइमलाइन को बढ़ा दिया।जस्टिस जसप्रीत सिंह की बेंच ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में यह सवाल कि क्या मुकदमा लिमिटेशन से बाधित है, कानून और तथ्य का एक मिला-जुला सवाल है,...
अनुकंपा नियुक्ति अधिकार नहीं, आवेदक की वैवाहिक स्थिति, पारिवारिक आय और निर्भरता प्रासंगिक: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने दोहराया कि अनुकंपा नियुक्ति कोई निहित अधिकार नहीं है, बल्कि एक रियायत है, जिसे नीति के अनुसार सख्ती से दिया जाना चाहिए और केवल सरकारी कर्मचारी की ड्यूटी के दौरान मृत्यु के कारण होने वाली तत्काल वित्तीय कठिनाई को कम करने के लिए दिया जाना चाहिए।एक रिट याचिका खारिज करते हुए कोर्ट ने एक विवाहित बेटी के अनुकंपा नियुक्ति का दावा खारिज करने का फैसला यह मानते हुए सही ठहराया कि अथॉरिटी उसके वैवाहिक स्थिति, पति की आय, अन्य कमाने वाले भाई-बहनों की मौजूदगी और लगातार निर्भरता की...
'बेबुनियाद दावों से सक्षम अधिकारियों के दस्तावेज़ों को अमान्य नहीं किया जा सकता': जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने धोखाधड़ी मामलों में खास दलीलों की ज़रूरत पर ज़ोर दिया
धोखाधड़ी का आरोप लगाते समय सटीक दलीलों की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने कहा कि सक्षम अधिकारियों द्वारा जारी किए गए दस्तावेज़ों की सच्चाई के बारे में बड़े और बेबुनियाद आरोप लगाने से ऐसे दस्तावेज़ अविश्वसनीय नहीं हो जाएंगे।जस्टिस संजय धर की बेंच ने इस बात पर ज़ोर दिया कि किसी मुक़दमेबाज़ के लिए यह ज़रूरी है कि वह कथित धोखाधड़ी का पूरा ब्यौरा सबूतों के साथ दे।ये टिप्पणियां एक याचिका खारिज करते हुए की गईं, जिसमें पेट्रोलियम आउटलेट की स्थापना के लिए वैधानिक अधिकारियों...
ऐसे उल्लंघन जिनके लिए पासपोर्ट की ज़रूरत नहीं: पर्सनैलिटी राइट्स के नुकसान की अंतहीन प्रकृति
एक ऐसे युग में जहां डिजिटल संचार ने भौगोलिक सीमाओं को भंग कर दिया है, व्यक्तिगत पहचान एक मुक्त-फ्लोटिंग संपत्ति बन गई है जो बिना अनुमति के विश्व स्तर पर यात्रा करने में सक्षम है। एक व्यक्ति का चेहरा, नाम, आवाज, आंदोलन और व्यवहार संबंधी लक्षण अब खतरनाक आसानी से प्रसारित होते हैं, जो अक्सर वास्तविकता से पूरी तरह से अलग संदर्भों में दिखाई देते हैं। इक्कीसवीं शताब्दी की परेशान करने वाली सच्चाई यह है कि व्यक्तित्व अधिकारों के उल्लंघन के लिए पासपोर्ट या पुष्ट यात्रा टिकट की आवश्यकता नहीं होती है। वे...
कॉलेजियम को समझदार बनना होगा: न्यायिक नियुक्तियां संयोग पर निर्भर क्यों नहीं हो सकतीं?
भारत की न्यायिक नियुक्ति प्रणाली एक विडंबना पर टिकी हुई है जिसका उसने कभी भी पूरी तरह से सामना नहीं किया है। यह एक संरचना है जिसे न्यायपालिका को कार्यकारी सनक से बचाने के लिए तैयार किया गया है, फिर भी यह आंतरिक दुर्घटना के लिए पूरी तरह से असुरक्षित बनी हुई है। जो किसी दिए गए दिन कॉलेजियम में बैठता है, जो एक सप्ताह पहले सेवानिवृत्त हो चुका है, और जो तकनीकी रूप से मौजूद है लेकिन व्यावहारिक रूप से बाहर रखा गया है, वह ऊंचाई और ग्रहण के बीच अंतर कर सकता है। यह संवैधानिक योजना नहीं है। यह संस्थागत...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने डीवाई पाटिल यूनिवर्सिटी के खिलाफ MBBS एडमिशन धोखाधड़ी मामला रद्द किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कथित MBBS एडमिशन के संबंध में धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के आरोप वाली लगभग दो दशक पुरानी आपराधिक शिकायत रद्द की। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ताओं पर सिर्फ इसलिए आपराधिक मुकदमा नहीं चलाया जा सकता, क्योंकि किसी तीसरे पक्ष ने कथित तौर पर उनके नाम और दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल करके शिकायतकर्ता के साथ धोखाधड़ी की थी।जस्टिस विनोद एस. भारद्वाज ने कहा,"शिकायतकर्ता के साथ सचिन शाह द्वारा किए गए गलत बयानी के आधार पर पैसे की धोखाधड़ी की गई। यह गलत बयानी याचिकाकर्ता नंबर...
फॉरेंसिक ऑडिट में गंभीर खामियां: बॉम्बे हाईकोर्ट ने अनिल अंबानी के खिलाफ फ्रॉड कार्यवाही पर लगाई रोक
बॉम्बे हाईकोर्ट ने रिलायंस समूह के संस्थापक और चेयरमैन अनिल अंबानी को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ भारतीय ओवरसीज बैंक, IDBI बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा शुरू की गई फ्रॉड वर्गीकरण की कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगाई।अदालत ने प्रथम दृष्टया पाया कि जिस फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर यह कार्यवाही शुरू की गई, वह कानूनी और वैधानिक मानकों पर खरी नहीं उतरती।जस्टिस मिलिंद एन. जाधव की एकल पीठ ने कहा कि 15 अक्टूबर 2020 को BDO LLP द्वारा तैयार की गई फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट RBI की फ्रॉड से संबंधित मास्टर...
लापता व्यक्तियों की तलाश में सरकार की उदासीनता पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त, गृह विभाग के प्रमुख सचिव से व्यक्तिगत हलफनामा तलब
लापता व्यक्तियों की तलाश में राज्य प्रशासन के लचर और उदासीन रवैये पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव (गृह) को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।कोर्ट ने उनसे न केवल एक याचिकाकर्ता की शिकायत पर अब तक की गई कार्रवाई का ब्यौरा मांगा है बल्कि यह भी स्पष्ट करने को कहा कि 1 जनवरी, 2024 के बाद राज्य के पोर्टल पर कितनी गुमशुदगी की शिकायतें दर्ज हुईं और उनमें से कितने मामलों में लोगों को खोज निकाला गया।यह आदेश जस्टिस अब्दुल मोइन और जस्टिस बबीता रानी की...
दिल्ली की हवा आपातकाल जैसी: हाईकोर्ट ने केंद्र से एयर प्यूरीफायर पर लगी अस्थायी GST राहत पर विचार करने को कहा
दिल्ली में गंभीर वायु प्रदूषण को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को कड़ी टिप्पणी करते हुए इसे आपातकालीन स्थिति करार दिया और केंद्र सरकार से एयर प्यूरीफायर पर वस्तु एवं सेवा कर (GST) में अस्थायी राहत देने पर विचार करने को कहा।कोर्ट ने कहा कि कम से कम अस्थायी तौर पर एक सप्ताह या एक महीने के लिए GST में छूट दी जानी चाहिए।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ एयर प्यूरीफायर को मेडिकल डिवाइस घोषित करने और उन पर लगने वाले 18 प्रतिशत GST को हटाने की मांग वाली जनहित याचिका पर...
POCSO Act की धारा 5(सी) लागू नहीं: उन्नाव रेप केस में कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद क्यों निलंबित हुई, दिल्ली हाईकोर्ट ने बताया
दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्नाव बलात्कार मामले में दोषी ठहराए गए निष्कासित भाजपा नेता कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा निलंबित करते हुए अहम कानूनी टिप्पणी की।हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया माना कि सेंगर के खिलाफ POCSO Act की धारा 5(सी) के तहत गंभीर (एग्रेवेटेड) यौन अपराध का मामला नहीं बनता, जिस आधार पर ट्रायल कोर्ट ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा दी थी।जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने कहा कि सेंगर को पॉक्सो अधिनियम की धारा 5(सी) या भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(बी)...




















