हाईकोर्ट

कांतारा मिमिक्री विवाद: एक्टर रणवीर सिंह माफी हलफनामे में करेंगे संशोधन, कर्नाटक हाइकोर्ट में दिया आश्वासन
कांतारा मिमिक्री विवाद: एक्टर रणवीर सिंह माफी हलफनामे में करेंगे संशोधन, कर्नाटक हाइकोर्ट में दिया आश्वासन

कर्नाटक हाइकोर्ट में चल रहे 'कांतारा' मिमिक्री विवाद मामले में एक्टर रणवीर सिंह ने अदालत को बताया कि वह अपने माफी के हलफनामे की भाषा को संशोधित करेंगे। उन्होंने कहा कि वह शिकायतकर्ता के साथ बैठकर ऐसा मसौदा तैयार करेंगे, जिससे वास्तविक खेद स्पष्ट रूप से व्यक्त हो सके।जस्टिस एम नागप्रसन्ना के समक्ष सुनवाई के दौरान एक्टर की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट साजन पूवय्या ने कहा कि माफी का हलफनामा पहले ही दाखिल किया जा चुका है और उसमें मंदिर जाकर प्रार्थना करने का भी उल्लेख है।हालांकि, शिकायतकर्ता के वकील ने...

सूचना का अधिकार मौलिक अधिकार, 15 दिन में जवाब दें: कलकत्ता हाईकोर्ट का सख्त निर्देश
सूचना का अधिकार मौलिक अधिकार, 15 दिन में जवाब दें: कलकत्ता हाईकोर्ट का सख्त निर्देश

कलकत्ता हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश में स्पष्ट किया कि सूचना का अधिकार (RTI) संविधान के अनुच्छेद 19(1)(क) से उत्पन्न मौलिक अधिकार है और इसमें देरी स्वीकार्य नहीं है। अदालत ने पश्चिम बंगाल सूचना आयोग के राज्य लोक सूचना अधिकारी को लंबित आरटीआई आवेदन का निपटारा 15 दिनों के भीतर करने का निर्देश दिया।जस्टिस राय चट्टोपाध्याय इस मामले की सुनवाई कर रहे थे, जिसमें याचिकाकर्ता ने वर्ष 2018 में मांगी गई जानकारी समय पर न मिलने और सूचना आयोग की कार्यवाही को चुनौती दी थी।अदालत ने अपने आदेश में कहा,“सूचना का...

असम सीएम की पत्नी के पासपोर्ट पर विवाद: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को मिली 1 हफ़्ते की अग्रिम जमानत, संबंधित कोर्ट में जाने की अनुमति
असम सीएम की पत्नी के पासपोर्ट पर विवाद: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को मिली 1 हफ़्ते की अग्रिम जमानत, संबंधित कोर्ट में जाने की अनुमति

तेलंगाना हाईकोर्ट ने शुक्रवार (10 अप्रैल) को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को एक हफ़्ते की अग्रिम ज़मानत दी। यह ज़मानत असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज कराई गई FIR के सिलसिले में दी गई, जिसमें उन पर कई पासपोर्ट रखने के आरोप लगाए गए।जस्टिस के. सुजाना ने फ़ैसला सुनाते हुए कहा,"याचिकाकर्ता को संबंधित कोर्ट में अर्ज़ी दाख़िल करने के लिए एक हफ़्ते का समय दिया जाता है... याचिकाकर्ता को शर्तों के साथ एक हफ़्ते की राहत दी जाती है।" अग्रिम ज़मानत की अर्ज़ी हैदराबाद...

फेनोथियाज़ीन और प्रोमेथाज़ीन NDPS Act के तहत नहीं: पटना हाईकोर्ट ने तीन दोषियों की सजा रोकी
फेनोथियाज़ीन और प्रोमेथाज़ीन NDPS Act के तहत नहीं: पटना हाईकोर्ट ने तीन दोषियों की सजा रोकी

पटना हाईकोर्ट ने अहम फैसले में कहा कि फेनोथियाज़ीन और प्रोमेथाज़ीन जैसे पदार्थ मादक या मनोप्रभावी पदार्थों की श्रेणी में नहीं आते। इनके आधार पर NDPS Act के तहत सजा देना प्रथम दृष्टया उचित नहीं प्रतीत होता। अदालत ने इसी आधार पर तीन दोषियों की सजा को निलंबित करते हुए उन्हें अपील लंबित रहने तक जमानत देने का आदेश दिया।यह मामला उन तीन आरोपियों से जुड़ा है, जिन्हें ट्रायल कोर्ट ने NDPS Act की धारा 21(ग) के तहत दोषी ठहराते हुए 15 वर्ष की सजा और डेढ़ लाख रुपये जुर्माना लगाया। आरोप है कि उनके पास से भारी...

गलत कानून के तहत की गई नियुक्तियां रद्द, प्राकृतिक न्याय का उल्लंघन बर्खास्तगी में दखल देने का आधार नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
गलत कानून के तहत की गई नियुक्तियां रद्द, प्राकृतिक न्याय का उल्लंघन बर्खास्तगी में दखल देने का आधार नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि किसी ऐसे कानून के तहत की गई नियुक्तियां, जो उस संस्थान पर लागू नहीं होता—वे रद्द मानी जाएंगी। ऐसे कर्मचारियों की बर्खास्तगी के आदेशों को केवल इस आधार पर रद्द नहीं किया जा सकता कि आदेश में बर्खास्तगी के कारणों का स्पष्ट उल्लेख नहीं है।यह देखते हुए कि नियुक्तियाँ संस्थान पर लागू होने वाले कानूनी प्रावधानों के तहत नहीं की गईं, जस्टिस मंजू रानी चौहान ने कहा:“ऐसी परिस्थितियों में भले ही अधिकार क्षेत्र की कमी और विवादित आदेश के कारणों का स्पष्ट उल्लेख न होने...

डीएम ने बंद किए अमर उजाला को सरकारी विज्ञापन, हाईकोर्ट ने कहा- तानाशाही आदेश चौथे स्तंभ की स्वायत्तता पर चोट करते हैं
डीएम ने बंद किए 'अमर उजाला' को सरकारी विज्ञापन, हाईकोर्ट ने कहा- 'तानाशाही आदेश चौथे स्तंभ की स्वायत्तता पर चोट करते हैं'

'अमर उजाला' अखबार को राहत देते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने हाल ही में संभल के ज़िलाधिकारी (DM) को निर्देश दिया कि वह इस मामले में 'व्यावहारिक' दृष्टिकोण अपनाएं, जिसमें अखबार ने आरोप लगाया था कि उन्हें सरकारी विज्ञापन नहीं दिए जा रहे हैं।'अमर उजाला' का पक्ष यह था कि संबंधित डीएम ने एक गुरुद्वारा विवाद से जुड़ी खबर के आधार पर आदेश पारित किया था। हालांकि, याचिकाकर्ता ने बाद में स्पष्टीकरण (Corrigendum) प्रकाशित करके अपना पक्ष साफ कर दिया था, फिर भी आदेश पारित कर दिया गया, जिसके बाद उन्हें सरकारी...

NEET-PG: राजस्थान हाईकोर्ट ने मैटरनिटी लीव पर मौजूद डॉक्टर को अंतरिम राहत दी, जॉइनिंग की डेडलाइन को लेकर होने वाली कार्रवाई पर लगाई रोक
NEET-PG: राजस्थान हाईकोर्ट ने मैटरनिटी लीव पर मौजूद डॉक्टर को अंतरिम राहत दी, जॉइनिंग की डेडलाइन को लेकर होने वाली कार्रवाई पर लगाई रोक

राजस्थान हाईकोर्ट ने डॉक्टर को अंतरिम राहत दी। इस डॉक्टर को NEET PG पास करने के बाद कॉलेज अलॉट किया गया था, लेकिन बच्चे के जन्म के बाद पोस्ट-पार्टम (प्रसव के बाद की स्थिति) में होने के कारण कॉलेज में जॉइन करने की तारीख बढ़ाने के लिए राज्य सरकार को दिया गया उनका आवेदन खारिज कर दिया गया।राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए दो हफ़्ते का समय देते हुए जस्टिस अनूरूप सिंघी की बेंच ने याचिकाकर्ता को उनकी आधिकारिक तौर पर अलॉट की गई मैटरनिटी लीव जारी रखने की अनुमति दी, और राज्य सरकार को उनके खिलाफ कोई भी...

एसिड हमले एक अलग ही श्रेणी के होते हैं: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने FIR रद्द करने से इनकार किया, रिपोर्ट में देरी पर पुलिस को फटकारा
'एसिड हमले एक अलग ही श्रेणी के होते हैं': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने FIR रद्द करने से इनकार किया, रिपोर्ट में देरी पर पुलिस को फटकारा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि जिन मामलों में एसिड का इस्तेमाल हमले के हथियार के तौर पर किया जाता है, वे अपराध में इस्तेमाल हथियार की प्रकृति के कारण 'एक अलग ही श्रेणी' के होते हैं।गहन जांच की ज़रूरत को देखते हुए जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस विनय कुमार द्विवेदी की बेंच ने रिट याचिका खारिज की। इस याचिका में संपत्ति विवाद को लेकर किए गए सुनियोजित एसिड हमले से जुड़ी FIR को रद्द करने की मांग की गई।मामले के खास तथ्यों से परे हाईकोर्ट ने राज्य पुलिस विभाग के प्रति अपनी "गहरी नाराज़गी" भी ज़ाहिर...

अदालतें असली और मनगढ़ंत मामलों में फ़र्क करें, जहां लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा हो: बॉम्बे हाईकोर्ट ने MCOCA आरोपी को ज़मानत देने से किया इनकार
अदालतें 'असली' और 'मनगढ़ंत' मामलों में फ़र्क करें, जहां लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा हो: बॉम्बे हाईकोर्ट ने MCOCA आरोपी को ज़मानत देने से किया इनकार

महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) 1999 के तहत आरोपी द्वारा किए गए 'सोची-समझी' कोशिश को देखते हुए, ताकि मुक़दमा शुरू ही न हो, बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में इस बात पर ज़ोर दिया कि अदालतों को 'लंबे समय तक जेल में रहने' के 'असली' मामलों और 'मनगढ़ंत' मामलों के बीच फ़र्क करना चाहिए; ऐसे मामलों में मुक़दमे में देरी का कारण आरोपी ही होता है।सिंगल जज जस्टिस रवींद्र जोशी ने रंगदारी के मामले में आरोपी द्वारा दायर ज़मानत याचिका पर फ़ैसला सुनाते हुए कहा कि उनके सामने पेश आवेदक विक्रम भुतेकर ने...

शादी की ज़िम्मेदारियों के लिए नौकरी छोड़ने वाली पत्नी भरण-पोषण की हकदार: एमपी हाईकोर्ट ने इंजीनियर पत्नी को ₹40 हज़ार भरण-पोषण देने का फ़ैसला बरकरार रखा
शादी की ज़िम्मेदारियों के लिए नौकरी छोड़ने वाली पत्नी भरण-पोषण की हकदार: एमपी हाईकोर्ट ने इंजीनियर पत्नी को ₹40 हज़ार भरण-पोषण देने का फ़ैसला बरकरार रखा

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में यह टिप्पणी की कि जो पत्नी शादी की ज़िम्मेदारियों और मजबूरियों के चलते अपनी नौकरी छोड़ देती है, वह अपने पति से तब तक भरण-पोषण पाने की हकदार है, जब तक उसे दोबारा कोई ऐसी नौकरी नहीं मिल जाती जिससे वह अपना गुज़ारा कर सके।जस्टिस गजेंद्र सिंह की बेंच ने इस तरह फ़ैमिली कोर्ट का वह आदेश बरकरार रखा, जिसमें पति को अपनी इंजीनियर पत्नी (जिसके पास बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग की डिग्री है) को भरण-पोषण के तौर पर ₹40 हज़ार देने का निर्देश दिया गया था। कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि...

पिता ने छोड़ी बच्चे की कस्टडी: दिल्ली हाईकोर्ट ने नाबालिग का पासपोर्ट पिता के नाम के बिना जारी करने का दिया निर्देश
पिता ने छोड़ी बच्चे की कस्टडी: दिल्ली हाईकोर्ट ने नाबालिग का पासपोर्ट पिता के नाम के बिना जारी करने का दिया निर्देश

दिल्ली हाईकोर्ट ने नाबालिग का पासपोर्ट बिना उसके पिता का नाम बताए दोबारा जारी करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि पिता ने कोर्ट से मंज़ूर एक समझौते के तहत कस्टडी और मिलने-जुलने के सभी अधिकार छोड़ दिए।जस्टिस पुरुशेंद्र कुमार कौरव ने यह आदेश माँ की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। माँ ने अपनी नाबालिग बेटी का पासपोर्ट बिना पिता का नाम शामिल किए दोबारा जारी करने की मांग की थी।याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि माता-पिता ने 2021 में आपसी सहमति से समझौता किया था, जिसे बाद में 2022 में तलाक़ के आदेश...

चीनी नागरिक ने धोखाधड़ी से हासिल की भारतीय नागरिकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट का केंद्र को याचिका पर फैसला करने का निर्देश
चीनी नागरिक ने धोखाधड़ी से हासिल की भारतीय नागरिकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट का केंद्र को याचिका पर फैसला करने का निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह 4 हफ़्तों के भीतर याचिका पर उचित कारणों के साथ आदेश पारित करे। इस याचिका में ऐसे पूर्व चीनी नागरिक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई, जिस पर धोखाधड़ी से भारतीय नागरिकता हासिल करने का आरोप है।जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने यह आदेश 'महाबोधि सोसाइटी ऑफ़ इंडिया' द्वारा दायर एक रिट याचिका पर दिया।याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि प्रतिवादी नंबर 6 (जो पहले चीन का नागरिक था और अब नैचुरलाइज़ेशन के ज़रिए भारत का...

जांच के अधीन सस्पेंशन ऑर्डर ब्लैकलिस्टिंग नहीं है, राज्य गुणवत्ता संबंधी चिंताओं के आधार पर बोली खारिज करने के लिए स्वतंत्र: इलाहाबाद हाईकोर्ट
जांच के अधीन सस्पेंशन ऑर्डर ब्लैकलिस्टिंग नहीं है, राज्य गुणवत्ता संबंधी चिंताओं के आधार पर बोली खारिज करने के लिए स्वतंत्र: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि सस्पेंशन ऑर्डर को यूं ही ब्लैकलिस्टिंग ऑर्डर नहीं माना जा सकता, खासकर तब जब सस्पेंशन ऑर्डर किसी जांच के अधीन हो।हालांकि, कोर्ट ने एक तकनीकी बोली खारिज किए जाने के फैसले को सही ठहराया, क्योंकि कोर्ट ने पाया कि पिछला खराब प्रदर्शन जनहित में बोली खारिज करने का एक वैध आधार है।जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस अवधेश कुमार चौधरी की बेंच ने फैसला दिया:"हमारी राय में जांच के अधीन सस्पेंशन ऑर्डर ब्लैकलिस्टिंग ऑर्डर के बराबर नहीं होता। हम उन तमाम मिसालों (Precedents) को...

शर्मनाक, बेबुनियाद और खोखले: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पत्नी और बेटियों पर सेक्स रैकेट चलाने का झूठा आरोप लगाने वाले व्यक्ति को फटकारा
'शर्मनाक, बेबुनियाद और खोखले': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पत्नी और बेटियों पर सेक्स रैकेट चलाने का झूठा आरोप लगाने वाले व्यक्ति को फटकारा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को व्यक्ति की क्रिमिनल रिट याचिका खारिज की। इस व्यक्ति ने कानपुर नगर में चल रहे कथित सेक्स रैकेट में शामिल लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग की।हालांकि, याचिकाकर्ता ने शुरू में अपनी पत्नी और बेटी के अश्लील वीडियो ऑनलाइन अपलोड किए जाने पर चिंता जताई, लेकिन बाद की सुनवाई में उसने अपने परिवार के सदस्यों पर अनैतिकता का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ अपमानजनक और झूठे आरोप लगाए।इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस विनय कुमार द्विवेदी की बेंच ने याचिकाकर्ता...

आरोप तय करने के चरण में केवल प्रथम दृष्टया मामला देखा जाता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कुरान का अपमान करने के आरोपी एडिटर को राहत देने से किया इनकार
'आरोप तय करने के चरण में केवल प्रथम दृष्टया मामला देखा जाता है': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 'कुरान का अपमान' करने के आरोपी एडिटर को राहत देने से किया इनकार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ़्ते किताब के संपादक द्वारा दायर आपराधिक पुनरीक्षण याचिका (Criminal Revision Petition) खारिज की। इस याचिका में संपादक ने इस्लाम और कुरान के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक शब्द प्रकाशित करने के एक मामले में खुद को आरोपमुक्त करने की मांग की थी।यह देखते हुए कि आरोप तय करने के चरण में केवल प्रथम दृष्टया मामला ही देखा जाता है, जस्टिस सुभाष चंद्र शर्मा की पीठ ने ट्रायल कोर्ट का उस आदेश बरकरार रखा, जिसमें याचिकाकर्ता-डॉ. मदन गोपाल सिन्हा (जो विचाराधीन किताब के नामित संपादक हैं)...

भारतीय जब विदेश में सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कर सकते हैं तो भारत में क्यों नहीं? सड़क दुर्घटना मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट का सवाल
भारतीय जब विदेश में सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कर सकते हैं तो भारत में क्यों नहीं? सड़क दुर्घटना मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट का सवाल

जब विदेश यात्रा पर जाने वाले भारतीय वहाँ के ट्रैफिक से जुड़े नियमों और कानूनों का पालन कर सकते हैं तो वे यहां भारत में सड़क नियमों का पालन क्यों नहीं कर सकते? बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में एक सड़क दुर्घटना मुआवज़ा मामले का निपटारा करते हुए यह सवाल उठाया। इस मामले में पार्किंसन बीमारी से पीड़ित एक पुजारी की मौत ठाणे म्युनिसिपल ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (TMTC) की बस की टक्कर लगने से हो गई।सिंगल बेंच जज जितेंद्र जैन ने इस बात पर नाराज़गी ज़ाहिर की कि भारतीय लोग सड़क पार करते समय सुरक्षा नियमों का पालन...

बॉम्बे हाईकोर्ट में PIL: गॉडमैन अशोक खरात केस के बाद अंधविश्वास विरोधी कानून के तहत नियमों की मांग
बॉम्बे हाईकोर्ट में PIL: 'गॉडमैन' अशोक खरात केस के बाद अंधविश्वास विरोधी कानून के तहत नियमों की मांग

महिलाओं का यौन शोषण करने के आरोपी खुद को 'गॉडमैन' कहने वाले अशोक खरात के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट की कोल्हापुर बेंच में PIL दायर की गई। इस PIL में दावा किया गया कि 'महाराष्ट्र मानव बलि और अन्य अमानवीय, बुराई और अघोरी प्रथाओं और काला जादू रोकथाम और उन्मूलन अधिनियम, 2013' का क्रियान्वयन 'असरदार नहीं' है।इस अधिनियम को 'अंधविश्वास विरोधी कानून' के नाम से भी जाना जाता है।यह याचिका 'महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति' के 11 सदस्यों द्वारा वकील असीम सरोदे के माध्यम से दायर की...