हाईकोर्ट

सिर्फ मैरिज रजिस्ट्रेशन से हिंदू विवाह वैध नहीं होता, सप्तपदी समेत आवश्यक रस्में अनिवार्य: गुजरात हाईकोर्ट
सिर्फ मैरिज रजिस्ट्रेशन से हिंदू विवाह वैध नहीं होता, सप्तपदी समेत आवश्यक रस्में अनिवार्य: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने कहा है कि हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के तहत केवल विवाह का रजिस्ट्रेशन हो जाने से शादी वैध नहीं हो जाती। अदालत ने स्पष्ट किया कि हिंदू विवाह तभी कानूनी रूप से मान्य होगा, जब कानून के अनुसार आवश्यक वैवाहिक रस्में, विशेष रूप से जहां लागू हो वहां सप्तपदी (सात फेरे/सात कदम), विधिवत संपन्न की गई हों।जस्टिस इलेश जे. वोरा और जस्टिस आर.टी. वच्छानी की खंडपीठ ने फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द करते हुए कथित विवाह को शुरुआत से ही शून्य (Null and Void Ab Initio) घोषित कर दिया।मामले में पति ने...

धार्मिक पहचान छिपाकर शादी करने वाले पति की पत्नी को मिलेगा भरण-पोषण, अवैध विवाह बताकर दावा खारिज करना पीड़िता का दोबारा उत्पीड़न: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
धार्मिक पहचान छिपाकर शादी करने वाले पति की पत्नी को मिलेगा भरण-पोषण, अवैध विवाह बताकर दावा खारिज करना 'पीड़िता का दोबारा उत्पीड़न': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि यदि किसी महिला ने पुरुष द्वारा धार्मिक पहचान छिपाकर की गई शादी के आधार पर वैवाहिक जीवन बिताया हो, तो केवल इस आधार पर कि विवाह कानूनी रूप से वैध नहीं था, उसे भरण-पोषण (मेंटेनेंस) से वंचित नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि ऐसा करना महिला का "दोबारा उत्पीड़न" (Further Victimisation) होगा।जस्टिस गजेंद्र सिंह की एकलपीठ ने फैमिली कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें महिला के भरण-पोषण के दावे को यह कहते हुए खारिज कर दिया गया था कि वह पति की...

दिल्ली हाईकोर्ट ने असाधारण मेडिकल आधार पर 17 वर्षीय बच्चे को पिता को लीवर का हिस्सा दान करने की अनुमति दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने असाधारण मेडिकल आधार पर 17 वर्षीय बच्चे को पिता को लीवर का हिस्सा दान करने की अनुमति दी

दिल्ली हाईकोर्ट ने 17 वर्षीय लड़के को अपने बीमार पिता को यह मानते हुए अपने जिगर का एक हिस्सा दान करने की अनुमति दी कि प्रस्तावित प्रत्यारोपण मानव अंगों और ऊतकों के प्रत्यारोपण अधिनियम, 1994 (THO Act) और उसके तहत बनाए गए नियमों के तहत असाधारण परिस्थितियों में आता है।जस्टिस मिनी पुष्करणा ने कहा कि THO नियमों के नियम 5(3)(जी) के अनुसार, असाधारण मेडिकल आधारों को छोड़कर नाबालिगों द्वारा जीवित अंगों या ऊतकों के दान की अनुमति नहीं दी जाएगी।पीठ ने कहा,"चूंकि याचिकाकर्ता, यानी, प्राप्तकर्ता का नाबालिग...

जनहित के नाम पर नदी की ज़मीन का स्वरूप नहीं बदला जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट ने मौसमी नदी के तल पर सड़क बनाने की योजना पर राज्य सरकार से सवाल किया
'जनहित के नाम पर नदी की ज़मीन का स्वरूप नहीं बदला जा सकता': राजस्थान हाईकोर्ट ने मौसमी नदी के तल पर सड़क बनाने की योजना पर राज्य सरकार से सवाल किया

राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से एक मौसमी नदी के तल पर सड़क बनाने के प्रस्ताव पर सवाल किया।कोर्ट ने कहा कि ऐसे प्रस्ताव को मंज़ूरी देने से एक ऐसी मिसाल कायम होगी, जिससे राज्य सरकार नदी की ज़मीन का इस्तेमाल सिर्फ़ इसलिए कर सकेगी, क्योंकि यह प्रशासनिक रूप से सुविधाजनक है और इसके लिए ज़मीन अधिग्रहण की प्रक्रिया की ज़रूरत नहीं है।डॉ. जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी और डॉ. जस्टिस नूपुर भाटी की डिवीज़न बेंच ने कहा कि नदी की ज़मीन एक अलग पर्यावरणीय और पारिस्थितिक संसाधन है। इसका स्वरूप सिर्फ़ इसलिए नहीं...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नशे की हालत में मस्जिद में शराब की बोतल फेंककर धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोपी व्यक्ति की गिरफ्तारी पर रोक लगाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नशे की हालत में मस्जिद में शराब की बोतल फेंककर धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोपी व्यक्ति की गिरफ्तारी पर रोक लगाई

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को एक व्यक्ति को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दी। उस पर आरोप है कि उसने नशे की हालत में मस्जिद में शराब की बोतल फेंकी, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।सुरक्षा देते हुए जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस अचल सचदेव की बेंच ने कहा कि पहली नज़र में ऐसा लगता है कि चूंकि याचिकाकर्ता नशे की हालत में था, इसलिए उसका धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं रहा होगा।संक्षेप में मामलाआज़मगढ़ पुलिस ने याचिकाकर्ता-आवेदक के खिलाफ BNS की धारा 298 [किसी वर्ग के धर्म का अपमान करने के...

बंटवारे के आदेश को लागू करने की समय-सीमा, उसे स्टाम्प पेपर पर तैयार करने से अलग: इलाहाबाद हाई कोर्ट
बंटवारे के आदेश को लागू करने की समय-सीमा, उसे स्टाम्प पेपर पर तैयार करने से अलग: इलाहाबाद हाई कोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि बंटवारे के आदेश को लागू करने की समय-सीमा, उसे स्टाम्प पेपर पर तैयार करने की प्रक्रिया से स्वतंत्र है। कोर्ट ने यह भी कहा कि बंटवारे के आदेश को स्टाम्प पेपर पर तैयार करने पर लगने वाली स्टाम्प ड्यूटी अलग है और यह आदेश को लागू करने या अपील की कार्यवाही पर लगने वाली कोर्ट फीस से अलग दायरे में काम करती है।जस्टिस क्षितिज शैलेंद्र ने कहा,"स्टाम्प पेपर पर अंतिम आदेश (final decree) तैयार करने के लिए आवेदन करने का अधिकार कब पैदा होगा, इस पर कोर्ट का मानना ​​है कि चूंकि बंटवारे...

राजस्थान हाईकोर्ट ने संपत्ति की जानकारी देने में कथित कमियों के आधार पर MLA का चुनाव रद्द करने से इनकार किया
राजस्थान हाईकोर्ट ने संपत्ति की जानकारी देने में कथित कमियों के आधार पर MLA का चुनाव रद्द करने से इनकार किया

राजस्थान हाईकोर्ट ने बयाना की MLA रितु बनावत का 2023 विधानसभा चुनाव रद्द करने से इनकार किया। उन पर आरोप था कि उन्होंने नॉमिनेशन पेपर के साथ जमा किए गए संपत्ति के ब्योरे वाले हलफनामे में कमियां छोड़ी थीं। कोर्ट ने कहा कि चुनाव जनादेश को रद्द करने के लिए केवल ऐसी कमियां ही आधार बन सकती हैं, जो महत्वपूर्ण हों और चुनाव पर असर डालती हों।हालांकि, जस्टिस सुदेश बंसल ने समन लेने से बचने और कार्यवाही में देरी करने के लिए MLA पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया।बेंच ने कहा,"प्रतिवादी नंबर 1 (Respondent No.1) 2023...

पति का अपनी भाभी से बातचीत करना और अपने हाथ पर उनके बेटे का नाम गुदवाना, बिना किसी गलत इरादे के क्रूरता नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
पति का अपनी भाभी से बातचीत करना और अपने हाथ पर उनके बेटे का नाम गुदवाना, बिना किसी गलत इरादे के 'क्रूरता' नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि पति का अपनी भाभी से बातचीत करना और अपने हाथ पर उनके बेटे का नाम गुदवाना IPC की धारा 498A के दायरे में नहीं आता है, जो जीवनसाथी के प्रति क्रूरता के लिए सज़ा का प्रावधान करती है।कोर्ट ने एक व्यक्ति की भाभी के खिलाफ दर्ज FIR रद्द की; पत्नी का आरोप था कि पति का भाभी के साथ 'एक्स्ट्रा-मैरिटल' अफेयर था।सिंगल-जज जस्टिस रंजीतसिंह भोंसले ने 10 जून को सुनाए गए आदेश में कहा कि शिकायतकर्ता को 'शक' था कि उसके पति के संबंध याचिकाकर्ता (जो उसके चचेरे भाई की पत्नी थी) के साथ थे।FIR में...

वैवाहिक मामले की सुनवाई के दौरान बेटा बालिग हो जाए तो माँ उसके DNA टेस्ट के लिए सहमति नहीं दे सकती: झारखंड हाईकोर्ट
वैवाहिक मामले की सुनवाई के दौरान बेटा बालिग हो जाए तो माँ उसके DNA टेस्ट के लिए सहमति नहीं दे सकती: झारखंड हाईकोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि अगर वैवाहिक मामले की सुनवाई के दौरान बच्चा बालिग हो जाता है तो माँ के पास बच्चे की ओर से DNA टेस्ट के लिए सहमति देने का अधिकार नहीं रहता। कोर्ट ने कहा कि एक बालिग बच्चा, जो मामले का पक्षकार नहीं है, उसे DNA टेस्ट कराने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता और अगर बच्चा ऐसा टेस्ट कराने से इनकार करता है तो माँ के खिलाफ कोई प्रतिकूल निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की सिंगल जज बेंच एक रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी। यह याचिका गिरिडीह के प्रिंसिपल जज के उस आदेश...

आम तौर पर 32 साल का व्यक्ति वसीयत नहीं बनाता: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने संदिग्ध हालात में 4 साल के बच्चे के नाम प्रॉपर्टी करने वाली वसीयत खारिज की
'आम तौर पर 32 साल का व्यक्ति वसीयत नहीं बनाता': पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने संदिग्ध हालात में 4 साल के बच्चे के नाम प्रॉपर्टी करने वाली वसीयत खारिज की

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने प्रतिवादी (डिफेंडेंट) की रेगुलर दूसरी अपील खारिज की। प्रतिवादी ने दो अदालतों के उन फैसलों को चुनौती दी थी, जिनमें एक वसीयत को जाली करार दिया गया था और डिक्लेरेशन, कब्ज़े और स्थायी रोक (परमानेंट इंजंक्शन) के मुकदमे को वादी के पक्ष में सुनाया गया था। इन फैसलों में 32 साल के व्यक्ति द्वारा वसीयत बनाने पर संदेह जताया गया था। [2026 LiveLaw (PH) 211]जस्टिस विक्रम अग्रवाल ने कहा,"वसीयत बनाते समय गुरसेवक सिंह की उम्र लगभग 32 साल थी। यह अपने आप में एक संदिग्ध बात है, क्योंकि...

कथित उत्पीड़न के कारण दिया गया इस्तीफ़ा स्वेच्छा से नहीं था: हाईकोर्ट ने IIT रोपड़ की PhD स्कॉलर को पढ़ाई जारी रखने की अनुमति दी
कथित उत्पीड़न के कारण दिया गया इस्तीफ़ा 'स्वेच्छा से' नहीं था: हाईकोर्ट ने IIT रोपड़ की PhD स्कॉलर को पढ़ाई जारी रखने की अनुमति दी

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (IIT), रोपड़ को निर्देश दिया कि वह एक PhD स्कॉलर को अपनी पढ़ाई फिर से शुरू करने की अनुमति दे। कोर्ट ने माना कि उसका इस्तीफ़ा स्वेच्छा से नहीं दिया गया, बल्कि फैकल्टी सदस्यों द्वारा कथित उत्पीड़न के कारण पैदा हुए मजबूर करने वाले हालात में दिया गया। [2026 LiveLaw (PH) 211]जस्टिस कुलदीप तिवारी ने कहा,"इस कोर्ट को यह घोषित करने में कोई हिचकिचाहट नहीं है कि इस्तीफ़ा स्वेच्छा से नहीं दिया गया, बल्कि जैसा कि ऊपर बताया गया, यह मजबूर करने...

“17 साल की नौकरी के बाद चाय और बिस्किट घर ले जाने पर नौकरी से निकालना सही नहीं”: झारखंड हाईकोर्ट ने चपरासी को बहाल करने का आदेश दिया
“17 साल की नौकरी के बाद चाय और बिस्किट घर ले जाने पर नौकरी से निकालना सही नहीं”: झारखंड हाईकोर्ट ने चपरासी को बहाल करने का आदेश दिया

झारखंड हाईकोर्ट ने कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले चपरासी को बहाल करने का आदेश दिया, जिसे ऑफिस से चाय और बिस्किट लेने के आरोप में नौकरी से निकाल दिया गया था। कोर्ट ने माना कि कथित गलत काम के लिए यह सज़ा बहुत ज़्यादा है। कोर्ट ने यह भी पाया कि अनुशासनात्मक कार्रवाई भी गलत तरीके से की गई, क्योंकि कर्मचारी को एक अस्पष्ट 'शो-कॉज़ नोटिस' (कारण बताओ नोटिस) दिया गया और बिना कोई कारण बताए उसका जवाब खारिज कर दिया गया।चीफ जस्टिस एम.एस. सोनाक और जस्टिस राजेश शंकर की डिवीजन बेंच उस अपील पर सुनवाई कर रही थी,...

एसिड हमले की शिकार 4 वर्षीय बच्ची के इलाज का हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, निजी अस्पताल में मुफ्त उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश
एसिड हमले की शिकार 4 वर्षीय बच्ची के इलाज का हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, निजी अस्पताल में मुफ्त उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एसिड हमले में गंभीर रूप से झुलसी चार वर्षीय बच्ची को तत्काल इंदौर के निजी बॉम्बे अस्पताल में भर्ती कर विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इलाज का खर्च बच्ची के परिवार से नहीं लिया जाएगा और इसका भुगतान आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य 'निरामयम' योजना के तहत किया जाएगा।जस्टिस दीपक खोत की पीठ ने 24 जून को अंतरिम आदेश पारित करते हुए बच्ची की गंभीर स्थिति और सरकारी अस्पताल में उपलब्ध सीमित उपचार सुविधाओं को देखते हुए यह निर्देश जारी...

तृणमूल कांग्रेस के बैंक अकाउंट फ्रीज करने के मामले में तत्काल सुनवाई से कलकत्ता हाईकोर्ट का इनकार
तृणमूल कांग्रेस के बैंक अकाउंट फ्रीज करने के मामले में तत्काल सुनवाई से कलकत्ता हाईकोर्ट का इनकार

कलकत्ता हाईकोर्ट ने अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बैंक अकाउंट फ्रीज किए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार किया। सीनियर एडवोकेट किशोर दत्ता ने मामले की तात्कालिक सुनवाई का अनुरोध किया, लेकिन अदालत ने कहा कि मामले की सुनवाई नियमानुसार होगी क्योंकि यह पहले से ही वाद सूची में शामिल है।मामले का उल्लेख करते हुए सीनियर एडवोकेट किशोर दत्ता ने अदालत से कहा,"यदि इस मामले को प्राथमिकता दी जा सके तो यह एक राजनीतिक दल के बैंक अकाउंट फ्रीज किए जाने का मामला है। यह अत्यंत...

गाय हिंदू-जैन समाज के लिए पूजनीय, बार-बार ऐसा अपराध जनभावनाएं आहत कर सकता है: गुजरात हाईकोर्ट ने जमानत से किया इनकार
गाय हिंदू-जैन समाज के लिए पूजनीय, बार-बार ऐसा अपराध जनभावनाएं आहत कर सकता है: गुजरात हाईकोर्ट ने जमानत से किया इनकार

गुजरात हाईकोर्ट ने गोहत्या मामले में आरोपी मोहम्मद आरिफ अब्दुल रज्जाक समोल की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि गाय हिंदू और जैन समुदाय के बड़े वर्ग के लिए पूजनीय है। ऐसे मामलों में बार-बार संलिप्तता जनभावनाओं को आहत कर सकती है और क्षेत्र में सामाजिक तनाव तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है।जस्टिस हसमुख डी. सुथार की पीठ आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। आरोपी के खिलाफ गुजरात पशु संरक्षण अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता और गुजरात पुलिस अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला...

अवमानना मामले में केवल पेश होकर जवाब देने के आदेश के खिलाफ Contempt Act की धारा 19 के तहत अपील नहीं होगी: इलाहाबाद हाईकोर्ट
अवमानना मामले में केवल पेश होकर जवाब देने के आदेश के खिलाफ Contempt Act की धारा 19 के तहत अपील नहीं होगी: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अवमानना न्यायालय द्वारा किसी कथित अवमाननाकर्ता को केवल उपस्थित होकर यह बताने का निर्देश देना कि उसके खिलाफ अवमानना के आरोप क्यों न तय किए जाएं, ऐसा आदेश नहीं है जिसके खिलाफ Contempt of Courts Act, 1971 की धारा 19(1)(a) के तहत अपील की जा सके।हालांकि, न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में प्रभावित पक्ष के पास कोई उपाय नहीं होने की स्थिति नहीं है और वह लेटर्स पेटेंट अपील (Letters Patent Appeal - LPA) दाखिल कर सकता है।मामला एक अवमानना याचिका से जुड़ा...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गाँव के एकमात्र स्कूल को बंद करने से इनकार किया, कमियों को दूर करने के लिए रचनात्मक उपाय करने को कहा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गाँव के एकमात्र स्कूल को बंद करने से इनकार किया, कमियों को दूर करने के लिए रचनात्मक उपाय करने को कहा

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने उमरिया की ग्राम पंचायत को निर्देश दिया कि वह उस इलाके में चल रहे एकमात्र स्कूल में बुनियादी सुविधाओं की कमी को दूर करने के लिए सक्रिय कदम उठाए, जिसमें एक प्रस्ताव पारित करना भी शामिल है। [2026 LiveLaw (MP) 241]एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की खंडपीठ जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें निजी स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग की गई। याचिका में कहा गया कि स्कूल में बैठने की व्यवस्था, शौचालय, पीने के पानी की सुविधा, ब्लैकबोर्ड, सुरक्षा...