हाईकोर्ट
मप्र हाईकोर्ट ने ग्वालियरवासियों से स्वर्ण रेखा नदी परियोजना के सोशल ऑडिट में भाग लेने को कहा, सुझाव देने के लिए किया प्रोत्साहित
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ग्वालियर के निवासियों को स्वर्ण रेखा नदी पुनरुद्धार परियोजना के सामाजिक ऑडिट में भाग लेने के लिए कहा है, क्योंकि वे शहर की शहरी नियोजन और विकास गतिविधियों में महत्वपूर्ण हितधारक हैं।न्यायालय ने कहा कि निवासियों की दृष्टि और सुझाव एक वास्तविक मूल्यवर्धन हो सकते हैं क्योंकि वे शहर के लोकाचार से अच्छी तरह वाकिफ हैं जिसे नगर निगम के अधिकारियों द्वारा याद किया जा सकता है। जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस हृदयेश की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा: "यदि अधिनियम, 1956 की धारा 5 (54-a)...
पंजाब नगर निगम चुनाव: हाईकोर्ट ने EVM को नष्ट करने के मामले में DSP के हलफनामे को 'अधूरा' पाया, वरिष्ठ अधिकारी से जांच रिपोर्ट मांगी
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के खन्ना जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से हलफनामा दायर कर मतगणना के दौरान सीसीटीवी कैमरे के साथ ईवीएम मशीन को कथित तौर पर नष्ट करने की जांच की प्रगति के बारे में बताया है।जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने उपाधीक्षक द्वारा दायर एक हलफनामे पर संज्ञान लिया, जिसमें माना गया कि प्राथमिकी दर्ज की गई है और जांच के दौरान यह पाया गया कि वोटिंग मशीन और सीसीटीवी कैमरे को क्षतिग्रस्त कर दिया गया और हटा दिया गया। यह कहते हुए कि हलफनामा 'अधूरा' है और सतनाम सिंह द्वारा दायर...
दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रैविस हेड वाले 'आपत्तिजनक' ऊबर विज्ञापन पर RCB की अंतरिम राहत याचिका खारिज की
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को आईपीएल टीम RCB द्वारा उबर मोटो के खिलाफ अपने मुकदमे में दायर अंतरिम निषेधाज्ञा याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें कथित तौर पर सनराइजर्स हैदराबाद के क्रिकेटर ट्रेविस हेड की विशेषता वाले यूट्यूब विज्ञापन को अपमानजनक किया गया था।जस्टिस सौरभ बनर्जी ने RCB द्वारा दायर अंतरिम निषेधाज्ञा आवेदन को खारिज कर दिया, यह देखते हुए कि इस स्तर पर किसी भी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। अदालत ने कहा, 'यह विज्ञापन खेल के संदर्भ में है- क्रिकेट, खेल भावना का खेल जो इस न्यायालय की राय में...
फिलहाल अरविंद केजरीवाल की जमानत रद्द करने पर जोर नहीं, लेकिन ट्रायल कोर्ट का आदेश त्रुटिपूर्ण: ED ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट में बताया कि वह फिलहाल आम आदमी पार्टी (AAP) प्रमुख अरविंद केजरीवाल को आबकारी नीति मामले में दी गई जमानत रद्द करने पर जोर नहीं दे रहा है लेकिन ट्रायल कोर्ट का आदेश कानूनी रूप से गलत, पक्षपाती और हटाए जाने योग्य है।ASG एस.वी. राजू ने जस्टिस रवींद्र दुडेजा की पीठ के समक्ष कहा कि भले ही एजेंसी फिलहाल केजरीवाल की जमानत रद्द करने की मांग नहीं कर रही लेकिन राउज एवेन्यू कोर्ट की अवकाशकालीन जज न्याय बिंदु द्वारा 20 जून 2024 को दिया गया नियमित जमानत आदेश...
राहुल गांधी की नागरिकता को चुनौती देने वाली याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट में खारिज
इलाहाबाद हाीकोर्ट की लखनऊ पीठ ने उस जनहित याचिका (PIL) को खारिज कर दिया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि कांग्रेस (Congress) सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के पास भारत और यूनाइटेड किंगडम की दोहरी नागरिकता है।यह जनहित याचिका कर्नाटक के भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर ने दायर की थी। इस याचिका में दावा किया गया था कि राहुल गांधी भारत के साथ-साथ ब्रिटेन के भी नागरिक हैं, जिससे वे संविधान के अनुच्छेद 84 (ए) के तहत चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हैं।जस्टिस...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने वीजा धोखाधड़ी मामले में 74 वर्षीय महिला की दोषसिद्धि बरकरार रखी
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 24 वर्ष पुराने आव्रजन धोखाधड़ी मामले में 74 वर्षीय महिला की दोषसिद्धि बरकरार रखी। साथ ही कहा कि "अदालतों को इस बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए यथासंभव प्रयास करना चाहिए तथा अनावश्यक सहानुभूति नहीं दिखानी चाहिए।"जस्टिस जसजीत सिंह बेदी ने कहा,"अवैध आव्रजन के प्रयास के ऐसे अपराध बढ़ रहे हैं। विदेश में बेहतर भविष्य की चाहत को पूरा करने के लिए जीवन भर की बचत खर्च कर दी जाती है या एजेंटों को भुगतान करने के लिए ऋण लिया जाता है, चाहे वे कानूनी हों या अवैध। व्यक्ति को आमतौर...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने भारत में बच्चों को गोद लेने के लिए लंबी प्रतीक्षा अवधि का स्वतः संज्ञान लिया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को भारत में बच्चों को गोद लेने के लिए संभावित दत्तक माता-पिता के लिए प्रतीक्षा अवधि से संबंधित मुद्दे का स्वतः संज्ञान लिया जो बढ़कर 3.5 वर्ष हो गई।चीफ जस्टिस आलोक अराधे और जस्टिस मकरंद कार्णिक की खंडपीठ ने मीडिया रिपोर्ट के आधार पर स्वतः संज्ञान जनहित याचिका शुरू की जिसमें कहा गया कि आज की तारीख में कई संभावित दत्तक माता-पिता (PAP) के लिए भारत में बच्चे को गोद लेने की प्रक्रिया एक चुनौती बनी हुई है।रिपोर्ट में आगे केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) द्वारा...
FIR रद्द करने की याचिका खारिज होने के बाद आरोपी के लिए अग्रिम जमानत मांगने पर कोई रोक नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि FIR रद्द करने की मांग करने वाली आरोपी की रिट याचिका खारिज होने से अग्रिम जमानत के लिए आवेदन दाखिल करने पर कोई रोक नहीं लगेगीजस्टिस सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने कहा कि FIR रद्द करने की रिट याचिका और अग्रिम जमानत के लिए आवेदन पूरी तरह से अलग-अलग उपाय हैं, जिन पर अलग-अलग विचारों और आधारों पर फैसला किया जाना है।पीठ एक 21 वर्षीय याचिकाकर्ता द्वारा दायर याचिका पर विचार कर रही थी, जिस पर कथित दहेज हत्या के मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और दहेज संरक्षण अधिनियम के तहत...
2020 दिल्ली दंगे: अंकित शर्मा की हत्या के मामले में ताहिर हुसैन की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया
पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) पार्षद ताहिर हुसैन ने सोमवार (5 मई) को 2020 उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में नियमित जमानत के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने ताहिर हुसैन की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट तलब करते हुए नोटिस जारी किया।अब यह मामला जुलाई में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया।हुसैन ने इसी मामले में दिसंबर 2023 में भी जमानत याचिका दायर की थी, जिसे फरवरी 2024 में परिस्थितियों में बदलाव के कारण वापस ले...
सुरक्षा कारणों से शाहदरा बार एसोसिएशन के चुनाव ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से कराने के लिए याचिका, हाईकोर्ट में सुनवाई आज
दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई, जिसमें अपेक्षित सुरक्षा व्यवस्था की कमी का हवाला देते हुए शाहदरा बार एसोसिएशन के चुनाव ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से कराने के निर्देश देने की मांग की गई।यह याचिका शाहदरा बार एसोसिएशन चुनाव समिति के अध्यक्ष जस्टिस तलवंत सिंह (सेवानिवृत्त) द्वारा दायर की गई है। शाहदरा बार एसोसिएशन के चुनाव 09 मई को कड़कड़डूमा कोर्ट में होने वाले हैं।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह, जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस सी हरि शंकर की पूर्ण पीठ ने 03 मई को इस आवेदन पर सुनवाई की।आवेदन के...
Rajasthan Service Rules | हाईकोर्ट ने 'प्रतिक्षारत पोस्टिंग आदेश' जारी करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए, कहा- कर्मचारियों को कारण बताना होगा
राजस्थान हाईकोर्ट में जस्टिस अरुण मोंगा की पीठ ने बिना कोई कारण बताए या बताए “पोस्टिंग आदेशों की प्रतीक्षा” की श्रेणी में रखे गए सरकारी कर्मचारियों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए: 1) एपीओ का उद्देश्य और औचित्यa. प्रशासनिक आवश्यकता या सार्वजनिक हित के आधार पर जारी किया जाना चाहिए, न कि दंडात्मक उपाय के रूप में।b. किसी कर्मचारी को एपीओ के तहत रखने का कारण लिखित रूप में स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए।c. एपीओ को अनुशासनात्मक कार्रवाई के विकल्प या बहाने के रूप में...
पत्नी के भरण-पोषण के अधिकार को अनुबंध के माध्यम से नहीं छोड़ा जा सकता: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने माना कि पति और पत्नी के बीच निजी अनुबंध, जिसमें पत्नी ने भरण-पोषण के अपने अधिकार को त्याग दिया है, का कोई कानूनी आधार नहीं है। जस्टिस ए. बदरुद्दीन ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के विभिन्न निर्णयों पर भरोसा किया और इस प्रकार टिप्पणी की,"...इस बिंदु पर कानूनी स्थिति बहुत स्पष्ट है कि जब पत्नी और पति के बीच न्यायालय में दायर किए गए समझौते के भाग के रूप में या अन्यथा कोई समझौता होता है, जिसके तहत पत्नी भविष्य में पति से भरण-पोषण का दावा करने के अधिकार को त्याग देती है या त्याग देती...
एडवोकेट प्रोटेक्शन बिल लागू करने के लिए शीघ्र कदम उठाएं सरकार: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में दिल्ली सरकार को एडवोकेट प्रोटेक्शन बिल, 2024 (Advocates Protection Bill) को लागू करने के लिए शीघ्र कदम उठाने का निर्देश दिया।जस्टिस सचिन दत्ता ने दिल्ली सरकार को याचिका में ताजा स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया, जिसमें दावा किया गया कि दिल्ली में विभिन्न जिला कोर्ट के कोर्ट कैंपस के अंदर हिंसा की घटनाओं में "खतरनाक वृद्धि" हुई है।हाल ही में दिल्ली के सभी जिला कोर्ट बार संघों की समन्वय समिति द्वारा आवेदन दायर किया गया। इस आवेदन में मांग की गई कि Advocates...
डिमांड नोटिस को पूरे संदर्भ में पढ़ना जरूरी, एक मात्र गलती के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
परक्राम्य लिखत अधिनियम के तहत वैधानिक जनादेश को मजबूत करते हुए, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है कि परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 के तहत एक वैधानिक नोटिस में एक अकेली टंकण त्रुटि, नोटिस की समग्र सामग्री और इरादे को ओवरराइड नहीं कर सकती है, इस प्रकार 21 लाख रुपये से जुड़े चेक अस्वीकृति कार्यवाही को रद्द करने से इनकार कर दिया गया है।चेक के अनादरण की प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज करते हुए जस्टिस रजनीश ओसवाल ने कहा, "यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि नोटिस को एक...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने गुरुद्वारे और मंदिर से अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सार्वजनिक प्रवेश और कामर्शियल बाजार के लिए बाहरी सड़क पर निर्मित अनधिकृत मंदिर और गुरुद्वारे को हटाने का आदेश दिया है, और सभी धार्मिक अनुष्ठानों के उचित पालन के बाद संरचनाओं से पवित्र ग्रंथों/पुस्तकों/मूर्तियों को हटाने के लिए छह सप्ताह का समय दिया है।जस्टिस हर्ष बंगर ने दस्तावेजों का अवलोकन करते हुए पाया कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि मंदिर के साथ-साथ गुरुद्वारे का निर्माण बिना किसी स्वीकृत भवन योजना/लेआउट योजना के किया गया है। यह भी नहीं दिखाया गया है कि इस तरह के...
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने COVID-19 प्रभाव के कारण अतिरिक्त UPSC प्रयास की याचिका खारिज की
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में अतिरिक्त प्रयास की मांग करने वाली रिट याचिका को इस आधार पर खारिज कर दिया कि याचिकाकर्ता का अंतिम प्रयास COVID-19 महामारी से प्रतिकूल रूप से प्रभावित हुआ था।जस्टिस अजय मोहन गोयल ने कहा:"यह कोई बहाना नहीं है कि चूंकि वह COVID-19 महामारी के कारण कुशलता से तैयारी नहीं कर सका, इसलिए उसे एक और मौका मिलना चाहिए।"मामले की पृष्ठभूमियाचिकाकर्ता ने सिविल सेवा परीक्षा 2020 में अपना अंतिम प्रयास दिया था, उसने COVID-19 महामारी और राष्ट्रीय लॉकडाउन के कारण...
बलात्कार पीड़िता पर शारीरिक चोट लगने की उम्मीद करना हास्यास्पद: इलाहाबाद हाईकोर्ट
2016 में 18 वर्षीय लड़की के साथ बलात्कार करने वाले आरोपी को बरी करने का आदेश रद्द करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि भले ही एक महिला संभोग करने की आदी हो, फिर भी उसके साथ बलात्कार नहीं किया जा सकता।खंडपीठ ने यह भी कहा कि यह स्वीकार करना 'हास्यास्पद' होगा कि बलात्कार पीड़िता, जिसे मानसिक, मनोवैज्ञानिक और शारीरिक रूप से 'दबाया' गया, उसको उसके बयान को विश्वसनीय बनाने के लिए आंतरिक और बाहरी चोटों का सामना करना पड़ा।इन महत्वपूर्ण टिप्पणियों के साथ जस्टिस सौमित्र दयाल सिंह और जस्टिस संदीप...
अधिकारियों की गलती के कारण नियुक्ति में देरी होने पर “काम नहीं तो वेतन नहीं” नियम लागू नहीं होता: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट की जस्टिस हरीश टंडन और जस्टिस प्रसेनजीत बिस्वास की खंडपीठ ने माना कि नियुक्ति में देरी अधिकारियों की गलती के कारण होने पर “काम नहीं तो वेतन नहीं” का सिद्धांत लागू नहीं होता। इस प्रकार प्रभावित व्यक्ति को मौद्रिक लाभ का हकदार माना जाता है।पृष्ठभूमि तथ्यअपीलकर्ता ने राज्य के विभिन्न सरकारी प्रायोजित विद्यालयों में सहायक शिक्षक के पद के लिए 12वीं क्षेत्रीय स्तरीय चयन परीक्षा (RLST) दी थी। उसने कुछ प्रश्नों के उत्तरों की सत्यता पर सवाल उठाने के लिए रिट याचिका दायर की। न्यायालय ने...
दिल्ली हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य कारणों से ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले CAPF कांस्टेबल की बर्खास्तगी बरकरार रखी, कहा- सर्जरी के बाद छुट्टी मांगना उसका कर्तव्य था
दिल्ली हाईकोर्ट ने CAPF के कर्मी की बर्खास्तगी बरकरार रखी, क्योंकि वह अपनी स्वास्थ्य स्थिति के कारण ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के बारे में बल को सूचित करने में विफल रहा था।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस शालिंदर कौर की खंडपीठ का मानना था कि अनुशासनात्मक बल में होने के कारण कर्मी से उच्च स्तर की जवाबदेही की अपेक्षा की जाती है। "सर्जरी के बाद प्रतिवादियों को अपनी चिकित्सा स्थिति से अवगत कराना और उनसे छुट्टी मांगना उसका कर्तव्य था।"खंडपीठ ने कहा कि यह एक अनुशासित बल का कर्मचारी होने के नाते उस पर लगाए...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने प्रशासनिक कानून की कक्षाएं IAS प्रशिक्षुओं के लिए अनिवार्य करने हेतु केंद्र को निर्देश दिए
प्रशासनिक जवाबदेही को मज़बूत करने की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने प्रशासनिक अधिकारियों में क़ानूनी शिक्षा और प्रशिक्षण की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया, जिससे यह प्रवृत्ति कम हो सके कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बचकर न्यायालय पर निर्भर हो जाते हैं।जस्टिस जसगुरप्रीत सिंह पुरी ने टिप्पणी की कि जब प्रशासनिक अधिकारी अपने कर्तव्यों से बचते हैं। निर्णय का बोझ न्यायालय पर डाल देते हैं तो यह कोर्ट तय करे प्रवृत्ति को जन्म देता है। इसे रोकने के लिए क़ानूनी शिक्षा, प्रशिक्षण और...



















