हाईकोर्ट
मेंटल होम में प्रवेश के लिए 20 लाख रुपये: P&H हाईकोर्ट ने प्रशासन से अत्यधिक शुल्क संरचना पर विचार करने को कहा
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ संघ शासित प्रदेश (यूटी) प्रशासन के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत मानसिक स्वास्थ्य सुविधा में प्रवेश के लिए ली जा रही 20 लाख रुपये की अत्यधिक सुरक्षा राशि पर गंभीर चिंता जताई है। न्यायालय ने अधिकारियों से कहा है कि वे भारी शुल्क ढांचे पर "अपने विचार" रखें, क्योंकि यह "केवल धन की कमी के कारण योग्य मानसिक स्वास्थ्य रोगियों को भी उक्त मानसिक रोग गृह में प्रवेश से वंचित करता है।"चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस सुमित गोयल ने कहा,"इसलिए, यूटी प्रशासन को 20 लाख रुपये की...
NEET-PG 2025: MP हाईकोर्ट ने नौ विदेशी मेडिकल स्नातकों को इंटर्नशिप अवधि बढ़ाने पर निर्णय लंबित रहने तक परीक्षा में बैठने की अनुमति दी
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सोमवार (19 मई) को विदेशी विश्वविद्यालयों से से MBBS कर चुके उम्मीदवारों की याचिकाओं पर सुनवाई की, जिनमें उन्होंने इंटर्नशिप अवधि को दो से तीन साल करने के आदेश का विरोध किया था। हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश में नौ याचिकाकर्ता विदेशी स्नातकों को 15 जून को होने वाली 2025 की NEET -PG परीक्षा में बैठने की अनुमति प्रदान की।जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा,राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की ओर से पेश विद्वान वकील ने प्रस्तुत किया कि प्रतिवादी संख्या 3...
स्मरणोत्सव या व्यावसायीकरण? "ऑपरेशन सिंदूर" पर जंग
जबकि भारत युद्ध के लिए खुद को तैयार कर रहा है, भारतीय ट्रेडमार्क उद्योग को एक अजीबोगरीब पंजीकरण मिला है जिसने पूरे देश में विवाद खड़ा कर दिया है। 7 मई, 2025 को, भारतीय सशस्त्र बलों ने रात के अंधेरे में एक सैन्य अभियान चलाया, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में स्थित नौ आतंकवादी ढांचों को निशाना बनाया गया। इस ऑपरेशन को "ऑपरेशन सिंदूर" कहा गया, जो पहलगाम हमले का जवाब था जिसमें 25 भारतीय नागरिक और एक नेपाली नागरिक की जान चली गई थी।इस ऑपरेशन को "ऑपरेशन सिंदूर" नाम देने के...
बिजली अधिनियम के तहत की गई कार्यवाही में सिविल कोर्ट नहीं कर सकता हस्तक्षेप: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिजली अधिनियम 2003 के तहत उत्पन्न मामलों में सिविल कोर्ट का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं होता।जस्टिस सुरेश्वर ठाकुर और जस्टिस विकास सूरी की खंडपीठ ने कहा कि यदि कोई विशेष अधिनियम कुछ विशिष्ट विषयों पर निर्णय का अधिकार केवल किसी विशेष प्राधिकरण को देता है तो उन विषयों पर सिविल अदालतों का अधिकार स्वतः ही समाप्त हो जाता है जब तक कि वह विशेष रूप से अधिनियम द्वारा अपवाद के रूप में वर्णित न हो।कोर्ट ने यह निर्णय संदर्भ याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया, जिसमें यह...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ में स्लॉटर हाउस को नियंत्रित करने की याचिका पर मांगा जवाब
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार 19 मई को चंडीगढ़ प्रशासन से उस जनहित याचिका (PIL) पर जवाब मांगा जिसमें शहर में स्लॉटर हाउस (कसाईखानों) को नियमित करने के लिए समिति गठित करने की मांग की गई।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस सुमीत गोयल की खंडपीठ ने चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों को नोटिस जारी किया।यह जनहित याचिका चंडीगढ़ निवासी जैरूप रियार द्वारा दायर की गई, जिसमें मांग की गई कि स्लॉटर हाउस और मांस की दुकानों से जुड़ी समस्याओं की निगरानी और पर्यवेक्षण हेतु समिति का गठन कर उसकी नियमित बैठकें...
हाईकोर्ट ने TMC नेता और 7 अन्य के खिलाफ वकीलों को परेशान करने के मामले में अवमानना नियम जारी किया
कलकत्ता हाईकोर्ट की तीन जजों जस्टिस अरिजीत बनर्जी, जस्टिस सब्यसाची भट्टाचार्य और जस्टिस राजर्षि भारद्वाज की पीठ ने भर्ती घोटाले के मामले में घटनाक्रम के बारे में असंतोष को लेकर न्यायालय के बाहर वकीलों को कथित रूप से परेशान करने के लिए तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता कुणाल घोष सहित आठ व्यक्तियों के खिलाफ अवमानना का आदेश जारी किया।इससे पहले, चीफ जस्टिस ने इस घटना के संबंध में स्वत: संज्ञान लेते हुए तीन जजों की पीठ गठित की थी, जिसके कारण न्यायालय के समय के दौरान हाईकोर्ट परिसर में न्यायालय के बाहर...
संभल मस्जिद संरक्षित स्मारक; हिंदू वादी केवल प्रवेश की मांग कर रहे हैं, धार्मिक चरित्र में कोई बदलाव नहीं किया जा रहा: इलाहाबाद हाईकोर्ट
संभल की शाही जामा मस्जिद का सर्वेक्षण करने के लिए एडवोकेट कमिश्नर को निर्देश देने वाले ट्रायल कोर्ट के नवंबर 2024 के आदेश के खिलाफ मस्जिद समिति की याचिका खारिज करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का आदेश बरकरार रखा।इसके साथ ही जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की पीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया हिंदू वादियों द्वारा दायर मुकदमा - जिसमें दावा किया गया कि मस्जिद का निर्माण 1526 में वहां मौजूद हिंदू मंदिर को ध्वस्त करने के बाद किया गया था - पूजा स्थल अधिनियम 1991 के तहत प्रतिबंधित नहीं है, क्योंकि वे...
तुर्की की Çelebi कंपनी की याचिका का केंद्र ने किया विरोध, कहा– कारण बताना राष्ट्रीय सुरक्षा को पहुंचा सकता है नुकसान
केंद्र सरकार ने सोमवार को तुर्की स्थित कंपनी सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर याचिका का दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष विरोध किया, जिसमें नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) के फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसमें "राष्ट्रीय सुरक्षा के हित" में अपनी सुरक्षा मंजूरी रद्द कर दी गई थी।केंद्र का प्रतिनिधित्व करते हुए, एसजीआई तुषार मेहता ने जस्टिस सचिन दत्ता के समक्ष प्रस्तुत किया कि सुरक्षा मंजूरी रद्द करने के कारणों का खुलासा न केवल प्रतिकूल हो सकता है, बल्कि राष्ट्रीय हित और देश की...
स्कूल फीस वृद्धि विवाद: DPS द्वारका मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), द्वारका द्वारा फीस का भुगतान नहीं करने पर निष्कासित 32 छात्रों के माता-पिता की याचिका पर सोमवार को फैसला सुरक्षित रख लिया।जस्टिस सचिन दत्ता ने स्कूल और अभिभावकों की ओर से पेश हुए वकीलों को सुना और आदेश सुरक्षित रख लिया। डीपीएस, द्वारका द्वारा दायर एक लंबित याचिका में दायर एक आवेदन में फैसला सुरक्षित रखा गया है। अभिभावकों ने बच्चों की शिक्षा को निर्बाध रूप से जारी रखने की मांग की है। आज सुनवाई के दौरान स्कूल की ओर से पेश वकील ने कहा कि 32 छात्रों...
रोजगार रिकॉर्ड में आकस्मिक/दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी को न दर्शाना आम बात: राजस्थान हाईकोर्ट ने ऐसे कर्मचारी को अवॉर्ड देने को बरकरार रखा
राजस्थान हाईकोर्ट ने कर्मचारी प्रतिकर अधिनियम के तहत न्यायाधिकरण के उस आदेश को बरकरार रखा है, जिसमें एक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी (प्रतिवादी) को प्रतिकर प्रदान किया गया था, जो अपने रोजगार के दौरान घायल हो गया था, लेकिन कर्मचारी राज्य बीमा रजिस्टर या नियोक्ता-अपीलकर्ता के उपस्थिति रजिस्टर में दिखाई नहीं दे रहा था। न्यायाधिकरण के इस तर्क से सहमत होते हुए कि कर्मचारी एक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी हो सकता है, न्यायमूर्ति अरुण मोंगा की पीठ ने कहा कि औपचारिक रोजगार रिकॉर्ड में आकस्मिक या दैनिक वेतनभोगी...
सिंधु जल संधि का भारत द्वारा एकतरफा निलंबन अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन नहीं करता
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद, भारत सरकार (जीओआई) ने पाकिस्तान के खिलाफ विभिन्न जवाबी उपाय लागू किए, जिसमें सिंधु जल संधि 1960 (आईडब्ल्यूटी) के संचालन को तब तक के लिए निलंबित कर दिया गया जब तक कि “पाकिस्तान विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय रूप से सीमा पार आतंकवाद के लिए अपने समर्थन को त्याग नहीं देता।" यह उपाय प्रासंगिक अंतर्राष्ट्रीय कानून के मुद्दों को उठाता है, खासकर तब जब पाकिस्तान ने अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय और स्थायी मध्यस्थता न्यायालय सहित विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर जाने की...
हाईकोर्ट का केंद्र सरकार को OTT प्लेटफॉर्म्स पर दिव्यांगजनों के लिए एक्सेसिबिलिटी स्टैंडर्ड्स संबंधी दिशानिर्देशों को जल्द जारी करने का निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार 19 मई को केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह दिव्यांगजनों (PwDs) के लिए ओवर-द-टॉप (OTT) प्लेटफॉर्म्स पर एक्सेसिबिलिटी फीचर्स को शामिल करने के संबंध में दिशा-निर्देशों को जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाए।जस्टिस सचिन दत्ता ने यह आदेश उस याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया, जिसमें दृष्टिबाधित और श्रवणबाधित व्यक्तियों के लिए ऑडियो डिस्क्रिप्शन, समान भाषा में कैप्शनिंग और भारतीय सांकेतिक भाषा जैसी एक्सेसिबिलिटी सुविधाएं OTT कंटेंट में शामिल करने की मांग की गई...
पुराने और खारिज तर्कों का दोहराव मध्यस्थता आदेश के खिलाफ रिव्यू पीटिशन में निष्कर्षित निर्णयों को दोबारा खोलने के लिए पर्याप्त नहीं: MP हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस मिलिंद रमेश फड़के की पीठ ने माना है कि पुराने और खारिज किए गए तर्कों को दोहराना समाप्त किए गए निर्णयों को फिर से खोलने के लिए पर्याप्त नहीं है क्योंकि मध्यस्थता आदेश को चुनौती देने वाली सीपीसी की धारा 114 के साथ आदेश 47 नियम 1 के तहत रिव्यू कार्यवाही को मामले की मूल सुनवाई के बराबर नहीं माना जा सकता है। रिव्यू का दायरा बहुत सीमित है। याचिकाकर्ता ने मध्यस्थता मामले में पारित आदेश को चुनौती देते हुए सीपीसी के आदेश 47 नियम 1 के तहत रिव्यू याचिका दायर की है, जिसमें इस...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने जजों पर अशोभनीय टिप्पणियां करने वाले याचिकाकर्ता को दी सख्त चेतावनी
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक याचिकाकर्ता को उस समय सख्त चेतावनी दी, जब उसने तीन हाईकोर्ट के जजों और गुरुग्राम के जिला जज के खिलाफ अशोभनीय और अवमाननापूर्ण भाषा का इस्तेमाल किया।जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने कहा,"याचिकाकर्ता की कानूनी जानकारी की कमी को देखते हुए यह अदालत मानती है कि उसके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि उसे उसकी भाषा और व्यवहार के लिए कड़ी चेतावनी दी जाती है और स्पष्ट रूप से आगाह किया जाता है कि भविष्य में इस प्रकार का आचरण बर्दाश्त नहीं किया...
टोर्ट से ट्रायल तक: मेडिकल लापरवाही, उपभोक्ता संरक्षण, और रक्षात्मक मेडिकल का उदय
मेडिकल पितृत्ववाद का युग: विश्वास द्वारा लागू की गई चुप्पी20वीं सदी के अंतिम वर्षों तक, भारत में डॉक्टरों और रोगियों के बीच संबंध गहन सम्मान की संस्कृति में लिपटे हुए थे। चिकित्सा पितृत्ववाद, एक ऐसा सिद्धांत जो चिकित्सक की बुद्धि पर सर्वोच्च भरोसा रखता था, ने डॉक्टरों को कानूनी जांच से प्रभावी रूप से अलग रखा। न्यायालय हस्तक्षेप करने में हिचकिचाते थे, और मरीज़ शायद ही कभी उन लोगों के खिलाफ़ सहारा लेने की कल्पना करते थे जो स्केलपेल या स्टेथोस्कोप चलाते थे। चिकित्सा त्रुटियां, चाहे कितनी भी गंभीर...
BREAKING | संभल मस्जिद विवाद: हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का सर्वे ऑर्डर रखा बरकरार, कहा- हिंदू वादियों का मुकदमा 'वर्जित नहीं'
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मस्जिद समिति की याचिका खारिज कर दी, जिसमें 19 नवंबर को पारित ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ याचिका दायर की गई थी। इस आदेश में एडवोकेट आयुक्त को मस्जिद का सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया गया था, जिसमें दावा किया गया था कि मस्जिद का निर्माण मंदिर को नष्ट करने के बाद किया गया।इसके साथ ही जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की पीठ ने ट्रायल कोर्ट का सर्वेक्षण आदेश बरकरार रखा। इसने यह भी कहा कि हिंदू वादियों पर प्रथम दृष्टया कोई प्रतिबंध नहीं है।ट्रायल कोर्ट का आदेश महंत ऋषिराज गिरि सहित आठ...
कोचिंग सेंटर्स में 14 आत्महत्याएं, फिर भी नहीं बना कानून: राजस्थान हाईकोर्ट ने जताई कड़ी नाराज़गी
राजस्थान हाईकोर्ट ने कोटा सहित अन्य कोचिंग संस्थानों में बढ़ती स्टूडेंट आत्महत्याओं पर गंभीर चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि साल 2025 में अब तक 14 स्टूडेंट आत्महत्या कर चुके हैं लेकिन राज्य सरकार ने 2016 से लंबित जनहित याचिका के बावजूद कोई कानून नहीं बनाया।चीफ जस्टिस मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और जस्टिस मुकेश राजपुरोहित की खंडपीठ ने टिप्पणी की कि कोर्ट ने बार-बार दिशा-निर्देश जारी कर स्थिति सुधारने का प्रयास किया, फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।प्रतिवादी कोचिंग संस्थान की ओर से यह दलील दी गई कि...
कर्मचारी को नया नियुक्ति पत्र जारी होने के बाद राज्य पहले की नियुक्ति में बांड की शर्त लागू नहीं कर सकता: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय में कहा कि यदि किसी कर्मचारी को नई नियुक्ति पत्र जारी किया गया तो वह अब पुरानी नौकरी के बॉन्ड की शर्तों से बंधा नहीं रह सकता।जस्टिस रेखा बोरणा याचिका पर सुनवाई कर रही थीं, जिसमें राज्य सरकार द्वारा महिला कर्मचारी से 5 लाख रुपये की वसूली के आदेश को चुनौती दी गई थी। राज्य सरकार का कहना था कि याचिकाकर्ता ने कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर पद पर रहते हुए 5 साल की सेवा पूरी किए बिना इस्तीफा दिया और नर्सिंग ऑफिसर के पद पर नियुक्त हो गई> इसलिए उसे बॉन्ड की रकम चुकानी...
पति ने हाईकोर्ट में अपनी पत्नी से उसके पैतृक स्थान पर रीति-रिवाजों के अनुसार 'पुनर्विवाह' करने पर सहमति जताई
गुजरात हाईकोर्ट के समक्ष अजीबोगरीब मामले में व्यक्ति ने अपनी पत्नी को पेश करने की मांग की, जिसके बारे में कहा गया कि उसे उसके माता-पिता ने हिरासत में लिया है, वह उसके पैतृक स्थान पर जाकर वहां के रीति-रिवाजों के अनुसार उससे पुनर्विवाह करने के लिए सहमत हो गया।दंपति ने अपने परिवारों की अनुपस्थिति में विवाह किया और महिला का परिवार- जो राजस्थान से संबंधित है, पति और उसके परिवार की उपस्थिति में अपने पैतृक स्थान पर कुछ विवाह अनुष्ठान करने के इच्छुक थे।जब पति के परिवार ने राजस्थान में उनकी सुरक्षा को...
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने NEET UG परिणामों की घोषणा से इंदौर के 11 केंद्रों को रखा बाहर
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने देशभर के सभी परीक्षा केंद्रों के लिए NEET UG 2025 रिजल्ट घोषित करने की अनुमति दे दी। हालांकि, हाईकोर्ट ने इंदौर के 11 केंद्रों के रिजल्ट जारी करने पर रोक लगा दी, जहां बिजली बाधित होने के कारण परीक्षा प्रभावित हुई थी।जस्टिस सुभोध अभ्यंकर ने 15 मई को पारित आदेश में कहा,“सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल मेहता द्वारा रखे गए तर्कों में न्यायालय को बल प्रतीत होता है। इस आधार पर 15.05.2025 को पारित अस्थायी स्थगन आदेश में आंशिक संशोधन किया जाता है। इसके अनुसार देश के अन्य सभी...



















