हाईकोर्ट
S.156(3) CrPC | ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत पुलिस को FIR दर्ज करने का निर्देश नहीं दे सकते मजिस्ट्रेट: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट, 1940 (Drugs & Cosmetics Act) के तहत FIR रद्द की, जो पुलिस द्वारा दंड प्रक्रिया संहिता (IPC) की धारा 156(3) के तहत मजिस्ट्रेट के निर्देश पर दर्ज की गई।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत उल्लंघन केवल औषधि निरीक्षक के अधिकार क्षेत्र में आते हैं और पुलिस द्वारा उनकी जाँच नहीं की जा सकती।भारत संघ बनाम अशोक कुमार शर्मा (2020) का हवाला दिया गया, जहां ड्रग्स एक्ट की धारा 32 के अधिदेश और औषधि निरीक्षक को प्राप्त...
पीड़िता के गुप्तांगों को चोट पहुंचाना हमेशा सामूहिक बलात्कार के अपराध को स्थापित करने के लिए साक्ष्य के रूप में आवश्यक नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि बलात्कार पीड़िता के गुप्तांगों को चोट पहुंचाना हमेशा सामूहिक बलात्कार सहित बलात्कार के अपराध को स्थापित करने के लिए साक्ष्य के रूप में आवश्यक नहीं होता।हाईकोर्ट ने कहा कि पीड़िता के गुप्तांगों को चोट न पहुंचना, उन मामलों में अपराध को अंजाम देते समय बल प्रयोग न किए जाने के कारण हो सकता है, जहां उसे इस हद तक भयभीत किया गया हो कि उसने कृत्य का विरोध न किया हो।जस्टिस जे.जे. मुनीर की पीठ ने कहा कि दूसरी संभावना यह हो सकती है कि पीड़िता किसी मादक पदार्थ, जैसे...
दिल्ली हाईकोर्ट ने स्थानीय पुलिस को सूचित किए बिना दिल्ली से दो नाबालिगों को गिरफ्तार करने पर राजस्थान पुलिस की खिंचाई की
दिल्ली हाईकोर्ट ने राजस्थान पुलिस को राष्ट्रीय राजधानी से दो नाबालिगों को दिल्ली पुलिस को सूचित किए बिना गिरफ्तार करने पर फटकार लगाई।संदीप कुमार बनाम राज्य (दिल्ली सरकार) एवं अन्य, (2019) मामले में हाईकोर्ट की खंडपीठ ने दिशानिर्देश जारी किए, जिनका पालन एक राज्य की पुलिस को किसी अन्य राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में गिरफ्तारी करने के लिए जाने पर करना होगा।इसमें कहा गया कि दूसरे राज्य का दौरा करने से पहले पुलिस अधिकारी को उस स्थानीय पुलिस स्टेशन से संपर्क स्थापित करने का प्रयास करना चाहिए, जिसके...
तलाकशुदा पत्नी तलाक के आधार या तरीके की परवाह किए बिना CrPC की धारा 125 के तहत भरण-पोषण की हकदार: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि तलाकशुदा पत्नी तलाक के आधार या तरीके की परवाह किए बिना CrPC की धारा 125 के तहत भरण-पोषण पाने की हकदार है।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा,"यह ध्यान रखना उचित है कि एक बार जब पत्नी तलाक ले लेती है तो वह CrPC की धारा 125 के तहत भरण-पोषण पाने की हकदार होती है, चाहे तलाक का आधार या तरीका कुछ भी हो।"अदालत एक पति की उस याचिका पर विचार कर रही थी, जिसमें पत्नी द्वारा निचली अदालत में दायर भरण-पोषण याचिका रद्द करने की मांग की गई थी।दोनों पक्षकारों ने 2018 में इस्लामी रीति-रिवाजों...
पूर्व चीफ जस्टिस की पेंशन याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने कहा-दोहरी पेंशन का कोई कानूनी आधार नहीं
राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस फरजंद अली के नेतृत्व वाली खण्डपीठ ने झारखण्ड हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस प्रकाश टाटिया द्वारा राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष पद की पेंशन के लिए दायर याचिका खारिज की।जस्टिस फरजंद अली और जस्टिस सिंघी की खण्डपीठ ने रिपोर्टेबल जजमेंट में स्पष्ट किया कि राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष को अलग से पेंशन का अधिकार नहीं है, यदि वह पहले से उच्च संवैधानिक पद से पेंशन प्राप्त कर रहे हों।जस्टिस टाटिया ने राज्य सरकार द्वारा पेंशन लाभ से वंचित करने के आदेशों को चुनौती...
पीड़िता और आरोपी के बीच शत्रुतापूर्ण संबंधों का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन आवश्यक: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने छेड़छाड़ मामले में बरी करने का फैसला बरकरार रखा
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने छेड़छाड़ के मामले में आरोपी को बरी करने का फैसला बरकरार रखते हुए कहा कि जब पीड़िता ने कहा कि उसके आरोपी के साथ अच्छे संबंध नहीं हैं। वह उससे बातचीत नहीं करती थी, तो उसकी गवाही में और अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है।जस्टिस राकेश कैंथला ने कहा:"सूचना देने वाली महिला ने स्वीकार किया कि उसके आरोपी के साथ शत्रुतापूर्ण संबंध थे। वह आरोपी से बातचीत नहीं करती थी। इसलिए उसकी गवाही को पूरी सावधानी और सतर्कता से देखा जाना आवश्यक है, खासकर पुलिस को मामले की सूचना देने में हुई...
नाबालिग द्वारा प्रारंभिक बयानों में यौन कृत्यों को बलपूर्वक न बताना, POCSO Act के तहत आरोपी को दोषमुक्त नहीं कर सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि नाबालिग पीड़िता द्वारा अपने प्रारंभिक बयानों में यौन कृत्यों को बलपूर्वक न कहना, POCSO Act के तहत आरोपी को दोषमुक्त नहीं कर सकता।14 वर्षीय नाबालिग लड़की से बलात्कार के एक मामले में 21 वर्षीय युवक की दोषसिद्धि बरकरार रखते हुए जस्टिस संजीव नरूला ने कहा:“भले ही पीड़िता ने अपने शुरुआती बयानों में यौन कृत्यों को बलपूर्वक न बताया हो, या अपनी MLC में उन्हें सहमति से किया गया न बताया हो, ऐसे बयान आरोपी को दोषमुक्त नहीं करते।”अदालत ने कहा कि उम्र और परिपक्वता में अंतर के कारण...
मुकदमा लंबित होने पर भी अपराधी को अपनी जमीन बेचने का अधिकार: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक मामला लंबित होना, उसकी अचल संपत्ति बेचने के अधिकार से उसे वंचित करने का आधार नहीं हो सकता। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि “अपराधी को भी अपनी जमीन बेचने का अधिकार है।”जस्टिस संजय धर की पीठ ने यह टिप्पणी उस याचिका पर सुनवाई करते हुए की जिसे अरुण देव सिंह ने दायर किया था। उन्होंने यह याचिका इसलिए दाखिल की थी क्योंकि राजस्व अधिकारियों ने उनकी ज़मीन (गांव कहनाल, तहसील बिश्नाह, जिला जम्मू) के लिए फर्द इंतिखाब (राजस्व अभिलेख)...
समझौते की राशि लेने के बाद आपसी तलाक से पीछे हटने की पत्नी की अपील खारिज
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैमिली कोर्ट के आदेश के खिलाफ पत्नी द्वारा दायर वैवाहिक अपील को खारिज कर दिया, जिसमें उसने आपसी सहमति से तलाक की याचिका से पीछे हटने की मांग की थी, जिसे उसने अपने पति के साथ मिलकर दाखिल किया था।पत्नी ने यह कहते हुए सहमति से तलाक देने से इनकार कर दिया था कि समझौते की शर्तों में उसे धोखे से फंसाया गया। लेकिन डिवीजन बेंच, जिसमें जस्टिस देवन् रामचन्द्रन और जस्टिस एम.बी. स्नेहलता शामिल थे, ने पाया कि पत्नी ने पति द्वारा समझौते के तहत जमा कराई गई राशि निकाल ली थी। ...
हाईकोर्ट ने जज के खिलाफ 'काल्पनिक' आरोप लगाने पर याचिकाकर्ताओं पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया
दिल्ली हाईकोर्ट ने दो याचिकाकर्ताओं पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया क्योंकि उन्होंने एक ट्रांसफर पिटीशन दायर करते समय “काल्पनिक कहानी बनाई और पेश की” और एक सत्र न्यायालय के सक्रिय न्यायाधीश के खिलाफ “भ्रमपूर्ण और मिथकपूर्ण” दावों के आधार पर आरोप लगाए।जस्टिस सौरभ बनर्जी ने इस याचिका के दायर होने पर गंभीर आपत्ति जताई और इसे हटाते हुए जुर्माने की राशि दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन लॉयर्स सोशल सिक्योरिटी एंड वेलफेयर फंड में जमा करने का आदेश दिया। याचिकाकर्ताओं ने जिला न्यायाधीश, तिस हज़ारी कोर्ट...
माता-पिता के अंतिम संस्कार के लिए पैरोल न देना अनुच्छेद 21 का उल्लंघन: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि माता-पिता के अंतिम संस्कार का अधिकार एक महत्वपूर्ण धार्मिक और नैतिक कर्तव्य है और ऐसे मामले में पैरोल (अल्पकालिक जेल छुट्टी) देने से इंकार करना दोषी के अनुच्छेद 21 के तहत गरिमा के अधिकार का उल्लंघन है।जस्टिस रवींदर डुडेजा ने अजमेर सिंह को चार सप्ताह की पैरोल दी। अजमेर सिंह 2018 में दर्ज बलात्कार मामले में दोषी पाए गए थे और उन्हें 14 साल की कठोर सजा और 1,70,000 रुपये का जुर्माना सुनाया गया था। वे फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद हैं। अजमेर सिंह ने अदालत से पैरोल की मांग की...
झारखंड हाईकोर्ट ने चौकीदार भर्ती पर मुहर लगाई, कहा- नियुक्ति ज़िला स्तर पर होगी, ज़रूरी कारणों पर बीट से बाहर भी पोस्टिंग संभव
झारखंड हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण चौकीदार की भर्ती बीट-वार नहीं बल्कि जिला स्तर पर होगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि चौकीदारों को सामान्यतः उनके आवासीय बीट क्षेत्र में ही पदस्थापित किया जाना चाहिए लेकिन तर्कसंगत कारण होने पर उन्हें किसी अन्य बीट क्षेत्र में भी नियुक्त या ट्रांसफर किया जा सकता है।चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने यह फैसला कोडरमा के डिप्टी कमिश्नर-सह-जिला दंडाधिकारी द्वारा कराई गई भर्ती प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनाया।कोर्ट ने कहा कि...
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट में बनेगी तीन जजों की विशेष पीठ, 25 किताबों की जब्ती के खिलाफ होगी सुनवाई
जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट 25 पुस्तकों की जब्ती के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए तीन जजों की विशेष पीठ गठित करेगी।ये किताबें कश्मीर के राजनीतिक और सामाजिक इतिहास पर आधारित हैं, जिन्हें सरकार ने अलगाववाद फैलाने के आरोप में धारा 98 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 के तहत जब्त घोषित किया है।चीफ जस्टिस अरुण पाली ने मंगलवार को कहा कि क़ानून के तहत ऐसी याचिकाओं की सुनवाई विशेष पीठ द्वारा ही की जानी चाहिए और इस संबंध में आदेश जल्द पारित किए जाएंगे।सीनियर एडवोकेट वृंदा ग्रोवर ने चीफ...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मालाबार गोल्ड को 'पाकिस्तान का हमदर्द' बताने वाली पोस्ट हटाने का आदेश दिया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार (29 सितंबर) को अंतरिम आदेश में विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को आभूषण ब्रांड 'मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स' के खिलाफ अपमानजनक पोस्ट हटाने का निर्देश दिया। मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स को लंदन में अपने ब्रांड के प्रचार के लिए पाकिस्तानी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की सेवाएं लेने पर इंटरनेट यूजर्स द्वारा पाकिस्तान का हमदर्द करार दिया जा रहा है।गौरतलब है कि वादी मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स लिमिटेड की यूनाइटेड किंगडम के बर्मिंघम में शोरूम खोलने की योजना थी। स्थानीय ग्राहकों तक...
दिल्ली हाईकोर्ट ने पड़ोसियों के बीच दर्ज FIR रद्द की, आरोपियों को नवरात्रि और दिवाली के दौरान बच्चों के लिए भंडारा आयोजित करने का निर्देश दिया
पड़ोसियों के बीच झगड़े को लेकर दर्ज FIR रद्द करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने आरोपी पक्षों को दो मौकों नवरात्रि और दिवाली पर गरीब बच्चों के लिए भंडारा आयोजित करने का निर्देश दिया।जस्टिस अनीश दयाल ने यह आदेश तब पारित किया, जब FIR में आरोपी पति-पत्नी ने इलाके के कम से कम 50 गरीब बच्चों के लिए एक बार नवरात्रि और दूसरी बार दिवाली के दौरान भंडारा आयोजित करने का बीड़ा उठाया था।अदालत ने एक महिला द्वारा अपने पड़ोसियों पति-पत्नी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता 1860 (IPC) की धारा 324, 506 और 34 के...
एमपी हाईकोर्ट ने आयुर्वेदिक डॉक्टर के खिलाफ स्वास्थ्य अधिकारियों के पक्ष में दिया फैसला
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आयुर्वेदिक डॉक्टर द्वारा दायर की गई अपील खारिज की। डॉक्टर ने उन स्वास्थ्य अधिकारियों पर मुकदमा चलाने की अनुमति देने की मांग की थी, जिन्होंने उज्जैन में उनके क्लिनिक की तलाशी ली थी। कोर्ट ने कहा कि यह शिकायत अधिकारियों को परेशान करने का एक प्रयास मात्र है।चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस पवन कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि लोक सेवकों को उनके कर्तव्यों का निर्वहन करते समय सुरक्षा देना आवश्यक है। इसलिए सिंगल बेंच के आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं...
दहेज उत्पीड़न से निपटने और निर्दोषों के अधिकारों की रक्षा के बीच संतुलन ज़रूरी: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने समाज में दहेज उत्पीड़न और क्रूरता से निपटने और अभियुक्तों से दूर के रिश्ते के कारण ऐसे मामलों में फंसे निर्दोष व्यक्तियों के अधिकारों के बीच संतुलन बनाने का आह्वान किया।जस्टिस अजय दिगपॉल ने कहा,"दहेज उत्पीड़न और क्रूरता जैसी बुराइयां विवाह के पवित्र स्थान के लिए एक महामारी हैं। निस्संदेह, इनसे अत्यंत गंभीरता से निपटा जाना चाहिए। हालांकि, समाज को इन बुराइयों से मुक्त करने के प्रयास को उन निर्दोष व्यक्तियों के अधिकारों के साथ संतुलित किया जाना चाहिए, जो केवल अभियुक्तों से रक्त...
अनुकंपा नियुक्ति पर 5 साल तक चुप बैठने पर SBI पर 1 लगा लाख जुर्माना
मामला उस याचिका से जुड़ा था, जिसमें याचिकाकर्ता एक दिवंगत कर्मचारी का बेटा ने बैंक से करुणामूलक नियुक्ति की अपनी अर्जी पर जल्द निर्णय लेने की मांग की थी। पिता की मृत्यु 2019 में सेवा के दौरान हुई थी और याचिकाकर्ता ने 2020 में अपनी मां के जरिए आवेदन दिया। इसके बावजूद बैंक ने 2025 तक कोई फैसला नहीं किया जिसके बाद याचिकाकर्ता अदालत पहुंचा।जस्टिस अजय भानोट ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी की कि बैंक की यह देरी उसके कर्तव्यों की अनदेखी है। अदालत ने कहा कि करुणामूलक नियुक्ति के मामलों में दो तरह की देरी...
दिल्ली हाईकोर्ट ने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम के कार्यान्वयन पर केंद्र से सवाल किए
दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम 2023 (DPDP Act) के प्रवर्तन के बारे में पूछा।यह कानून डिजिटल व्यक्तिगत डेटा को इस तरह से संसाधित करने का मार्ग प्रशस्त करता है, जो व्यक्तियों के निजता के अधिकार और वैध उद्देश्यों के लिए उनके व्यक्तिगत डेटा को संसाधित करने की आवश्यकता, दोनों की रक्षा करता है।हालांकि 11 अगस्त, 2023 को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बावजूद अधिनियम को अभी तक अधिसूचित नहीं किया गया।याचिकाकर्ता कार्यरत पेशेवर हैं। उन्होंने हाईकोर्ट के रिट...
झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जेलों में बंद कैदियों की HIV जांच और इलाज के लिए दिशानिर्देश बनाने का निर्देश दिया
झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को HIV और एड्स (रोकथाम एवं नियंत्रण) अधिनियम, 2017 के वैधानिक ढांचे के अनुरूप जेलों में HIV जांच और उपचार के लिए उचित दिशानिर्देश और नियम बनाने और उन्हें लागू करने का निर्देश दिया। साथ ही छह सप्ताह के भीतर अपना प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने दोषी द्वारा दायर आपराधिक अपील पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया, जिसने जेल में प्रवेश के बाद "एचआईवी जाँच कराने से इनकार कर दिया था"।अदालत ने अपने आदेश...



















