संपादकीय
राजस्थान सियासी संकट: जानिए कब यह माना जाता है कि सदन सदस्य ने अपनी पार्टी की सदस्यता छोड़ दी है?
राजस्थान विधानसभा स्पीकर ने 14 जुलाई को कथित बागी विधायकों (सचिन पायलट एवं 18 अन्य विधायक) को अयोग्य ठहराए जाने के नोटिस जारी किए, जिसमें यह कहा गया कि उन्होंने 13 जुलाई और 14 जुलाई को विधायक दल की बैठक में भाग लेने के पार्टी के मुख्य व्हिप डॉक्टर महेश जोशी द्वारा जारी किए गए निर्देश का उल्लंघन किया है। यह नोटिस, संविधान की दसवीं अनुसूची के पैराग्राफ 2 (1) (ए) के तहत जारी किए गए हैं, जो प्रावधान "स्वेच्छा से एक राजनीतिक पार्टी की सदस्यता छोड़ने वाले व्यक्ति" (voluntarily giving up membership...
कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने दिल जीता, COVID-19 से उबरने के बाद अपने काम पर लौटी कोर्ट स्टाफ का गर्मजोशी से स्वागत किया (फोटो)
दिल जीत लेने वाले एक कदम के रूप में कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अभय श्रीनिवास ओका ने हाईकोर्ट स्टाफ मैरी जोसेफिन का गर्मजोशी से स्वागत किया, जो COVID-19 से उबरने के बाद मंगलवार को अदालत में अपने काम पर लौट आईं।मुख्य न्यायाधीश के इस कदम को सोशल मीडिया पर व्यापक सराहना मिल रही है, जिसमें कई लोगों ने कहा कि यह पहल COVID -19 से ठीक हुए व्यक्तियों पर दाग को दूर करने में एक मिसाल के तौर पर होगीयह पहली बार नहीं है जब सीजे ओका ने मानवतावादी संकेतों से दिल जीते हैं। कुछ महीने पहले, चिक्काबल्लापुर...
सुप्रीम कोर्ट ने एडवोकेट प्रशांत भूषण को न्यायपालिका पर ट्वीट करने के लिए अवमानना नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एडवोकेट प्रशांत भूषण को नोटिस जारी किया, जिसमें पूछा गया कि वे कारण बताएं कि न्यायपालिका पर उनके ट्वीट पर अदालत की अवमानना के लिए उनके खिलाफ कार्यवाही क्यों न की जाए। न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि न्यायालय ने 27 जून को भूषण द्वारा किए गए एक ट्वीट का संज्ञान लिया है, जिसमें कहा गया है: "जब भविष्य के इतिहासकार पिछले 6 वर्षों में वापस देखेंगे कि औपचारिक आपातकाल के बिना भी भारत में लोकतंत्र कैसे नष्ट हो गया तो वे विशेष रूप से इस...
अंतिम वर्ष की परीक्षा के अनिवार्य बनाने वाला MHA आदेश और UGC गाइडलाइन मौलिक अधिकारों का उल्लंघन : सुप्रीम कोर्ट में याचिका
महामारी की स्थिति के बीच अंतिम वर्ष की परीक्षा के अनिवार्य संचालन के लिए अधिसूचना जारी करने और संशोधित दिशानिर्देशों को रद्द करने के लिए केंद्र और यूजीसी को दिशा-निर्देश जारी करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। भोपाल स्थित बरकतुल्ला विश्वविद्यालय के लॉ स्टूडेंट यश दुबे और यूथ बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ओर से AOR राज कमल द्वारा दायर में न केवल याचिकाकर्ता के जीवन की सुरक्षा के लिए प्रभावी कार्रवाई करने के लिए उचित निर्देश जारी करने की मांग की गई है, बल्कि इसी तरह के...
धारा 154 साक्ष्य अधिनियम: पक्षद्रोही गवाह (Hostile Witness) कौन होता है और कब उसे बुलाने वाला पक्ष उसका प्रति परीक्षण कर सकता है?
किसी मामले में जब किसी पक्ष द्वारा एक गवाह अदालत के समक्ष पेश किया जाता, तो ऐसा माना जाता है कि जिस पक्ष ने उस गवाह को बुलाया है, वह गवाह उस पक्ष के हित में अदालत के समक्ष गवाही/साक्ष्य देगा। आम तौर पर वह ऐसा कुछ भी अदालत के समक्ष नहीं कहेगा, जोकि विरोधी पक्ष (Adverse Party) के हित में हो या उसे फायदा पहुंचाए। यह बात तार्किक भी मालूम होती है कि जो पक्ष अपनी तरफ से किसी गवाह को अदालत के समक्ष गवाही देने के लिए बुला रहा है वह उसके पक्ष में ही बोलेगा, इसलिए धारा 145 r/w धारा 146 के अंतर्गत,...
सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए अधिवक्ता प्रशांत भूषण और ट्विटर इंडिया के खिलाफ अदालत की अवमानना का मुकदमा दर्ज किया
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को स्वत: संज्ञान लेते हुए अधिवक्ता प्रशांत भूषण और ट्विटर इंडिया के खिलाफ अदालत की अवमानना का मुकदमा दर्ज किया। जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस कृष्ण मुरारी की खंडपीठ के समक्ष यह मामला 22 जुलाई बुधवार को सूचीबद्ध किया गया है। सुप्रीम कोर्ट रिकॉर्ड के अनुसार, सू मोटो केस नंबर - SMC(Crl) 1/2020 के रूप में मंगवार दोपहर 3.48 बजे पंजीकृत किया गया है। इस सू मोटो कार्यवाही का कार्रवाई का कारण अभी तक ज्ञात नहीं हो पाया है। इसके अलावा, तहलका पत्रिका के...
राजस्थान हाईकोर्ट सचिन पायलट की याचिका पर 24 जुलाई को फैसला सुनाएगा, स्पीकर को तब तक अयोग्यता पर निर्णय लेने से रोका
राजस्थान हाईकोर्ट ने मंगलवार को सचिन पायलट की अगुवाई में कांग्रेस के बागी विधायकों द्वारा दायर याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया। इस याचिका में पायलट खेमे ने विधायकों को अयोग्य ठहराने की कार्यवाही शुरू करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष द्वारा जारी नोटिस को चुनौती दी है। मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत महंती और न्यायमूर्ति प्रकाश गुप्ता की पीठ 24 जुलाई को फैसला सुनाएगी। तब तक स्पीकर को उनके द्वारा नोटिस पर कोई निर्णय नहीं लेने को कहा है। जारी नोटिस के अनुसार विधायकों को नोटिस का जवाब देने का समय आज शाम...
विकास दुबे एनकाउंटर : याचिकाकर्ता ने न्यायिक आयोग में शामिल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत जजों की सूची दी
विकास दुबे और उसके पांच साथियों की कथित मुठभेड़ की जांच के लिए न्यायिक आयोग में नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट से हाल ही में सेवानिवृत्त हुए जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस आर भानुमति के नामों का सुझाव देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक अर्जी दायर की गई है।यह आवेदन सुप्रीम कोर्ट की पीठ द्वारा दिए गए आदेश के मद्देनजर दायर किया गया है , जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस ए एस बोपन्ना ने उत्तर प्रदेश राज्य को विकास दुबे और उनके सहयोगियों की कथित मुठभेड़ की जांच...
इस बात की क्या गारंटी है कि आप भागेंगे नहीं' : सुप्रीम कोर्ट ने टेलीकॉम कंपनियों को AGR भुगतान के लिए समय सीमा देनी अर्जी पर फैसला सुरक्षित रखा
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दूरसंचार विभाग (DoT) की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया जिसमें दूरसंचार कंपनियों को 20 साल की समय सीमा में AGR बकाया का भुगतान करने की अनुमति देने की मांग की गई थी।जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की पीठ ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वह अक्टूबर 2019 में शीर्ष अदालत द्वारा पारित निर्णय के आलोक में AGR के पुनर्मूल्यांकन / पुनः गणना के लिए किसी भी आपत्ति पर विचार नहीं करेंगे। साथ ही आर कॉम, सिस्तेमा, श्याम टेलीसर्विसेज और वीडियोकॉन को 7...
30 सितंबर तक अंतिम वर्ष की परीक्षाएं आयोजित कराने के यूजीसी के दिशा निर्देशों के खिलाफ छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका
देश भर के एक दर्जन से अधिक छात्रों ने 6 जुलाई को जारी किए गए यूजीसी दिशानिर्देशों को रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। यूजीसी के दिशानिर्देशों में, सभी विश्वविद्यालयों / कॉलेजों को 30 सितंबर, 2020 तक अंतिम वर्ष की परीक्षाएं आयोजित करने का निर्देश दिया गया था। याचिकाकर्ताओं, जिनमें एक COVID पॉजिटिव छात्र भी शामिल है, ने कहा है कि ऐसे कई अंतिम वर्ष के छात्र हैं, जो या तो खुद या उनके परिवार के सदस्य COVID पॉजिटिव हैं। उनकी दलील है, "ऐसे छात्रों को 30 सितंबर, 2020 तक अंतिम...
हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम से पहले और बाद में हिंदू का वसीयत करने का अधिकार
अशोक किनीएलआरएस द्वारा वी कल्याणस्वामी (डी) बनाम एलआरएस द्वारा एल भक्तवत्सलम (डी) मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला वसीयत के निष्पादन से जुड़े कानूनी सिद्धांतों की विस्तृत चर्चा करता है। यह माना जाता है कि, ऐसी स्थिति में, जब वसीयत के दोनों उपस्थित गवाह मर चुके हों , तब यह साबित करने के लिए पर्याप्त है कि कम से कम एक उपस्थित गवाह का सत्यापन उसका लिखावट में हो। जब दोनों उपस्थित गवाहों की मृत्यु हो चुकी हो, तो यह माना जाता है कि भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 63 के तहत आवश्यक रूप से सत्यापन की...
हाईकोर्ट पार्टियों के बीच समझौते में वर्णित प्रक्रिया को नजरंदाज करके स्वत: मध्यस्थ नियुक्त नहीं कर सकता : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हाईकोर्ट पार्टियों के बीच समझौते में मध्यस्थकार नियुक्त करने को लेकर वर्णित प्रक्रिया को नजरंदाज करके खुद से मध्यस्थ नियुक्त नहीं कर सकता।इस मामले में, स्टेट ट्रेडिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एसटीसी) और जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड (जेएसपीएल) के बीच समझौते के उपबंध 19 के माध्यम से इंडियन काउंसिल ऑफ आर्बिट्रेशन (आईसीए) के मध्यस्थता नियमों के तहत दोनों पक्षों के बीच विवाद के निपटारे के लिए प्रक्रिया निर्धारित की गयी थी।दोनों पक्षों के बीच विवाद पैदा हुआ और जेएसपीएल ने...
''याचिकाकर्ता ने वैवाहिक और लंबित सिविल विवादों में अपनी लड़ाई ''मजबूत'' करने के लिए यूएसए में रहने का झूठा दावा किया'' : तेलंगाना हाईकोर्ट ने लगाया जुर्माना
तेलंगाना हाईकोर्ट ने हाल ही में एक याचिकाकर्ता पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है क्योंकि उसने वैवाहिक और लंबित सिविल विवादों में अपनी लड़ाई को ''मजबूत'' करने के इरादे से अपनी पूर्व पत्नी के खिलाफ गलत शिकायत दर्ज कराई थी। जस्टिस टी विनोद कुमार की पीठ ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया है कि वह जुर्माने की राशि तेलंगाना राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के पास जमा करा दे। पीठ ने यह निर्देश देते हुए कहा कि- ''ऐसा प्रतीत होता है कि याचिकाकर्ता का पूरा प्रयास था कि किसी भी तरह से वह अपनी पूर्व-पत्नी के...
सीनियर एडवोकेट दुष्यंत दवे ने कहा, मजिस्ट्रेट के सामने आरोपियों को पेश करने के लिए 24 घंटे के समय को कम किया जाए
हिरासत में हिंसा से बचाव के लिए वरिष्ठ वकील और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दुष्यंत दवे ने मजिस्ट्रेट के समक्ष आरोपियों को पेश करने के लिए 24 घंटे के समय को कम करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा, "तकनीकी विकास के इन दिनों में मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के लिए 24 घंटे का समय कम किया जा सकता है। अभियुक्त अब कुछ ही मिनटों में पेश किया जा सकता है।" दवे मद्रास उच्च न्यायालय के अधिवक्ता जे रविंद्रन द्वारा आयोजित "लॉ ऑन कस्टोडियल वायलेंस" विषय पर एक वेबिनार में बोल रहे थे। ...
जस्टिस यू यू ललित 20 जुलाई से सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के सदस्य होंगे
सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश जस्टिस आर बानुमति की सेवानिवृत्ति के साथ जस्टिस यूयू ललित 20 जुलाई से पांचवें वरिष्ठ न्यायाधीश के रूप में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम का हिस्सा बन जाएंगे।मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, जस्टिस एन वी रमना, जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस आर एफ नरीमन कॉलेजियम के अन्य सदस्य हैं।सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति और हाईकोर्ट न्यायाधीशों का स्थानांतरण सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिशों पर किया जाता है। कॉलेजियम में तीसरे वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस अरुण मिश्रा 5...
पूर्व आईएएस/आईपीएस अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र, दिल्ली दंगों की जांच के लिए जांच आयोग गठित करने की मांग
सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट प्रशांत भूषण समेत पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों, राजदूतों, पुलिस अधिकारियों, कार्यकर्ताओं और शिक्षाविदों ने राष्ट्रपति को एक पत्र भेजा है, जिसमें उत्तर-पूर्व दिल्ली में फरवरी, 2020 में हुई सांप्रदायिक हिंसा की जांच के लिए "जांच आयोग" गठित करने की मांग की गई है। पत्र पर 72 व्यक्तियों ने हस्ताक्षर किया है, और उसमें दिल्ली में हुई हिंसा में पुलिस की मिलीभगत के आरोपों को उजागर किया गया है और कमीशन ऑफ इंक्वायरी एक्ट, 1952 के तहत घटना की उच्च न्यायपालिका के...
जब सत्यापित करने वाले दोनों गवाहों की मौत हो गई हो तो वसीयत के निष्पादन को कैसे साबित किया जाए ? सुप्रीम कोर्ट ने व्याख्या की
"Section 68 of the Evidence Act, as interpreted by this Court, contemplates attestation of both attesting witnesses to be proved. But that is not the requirement in Section 69 of the Evidence Act."
महिलाओं का पीछा करना, उनके चित्र उतारना, उन्हें अश्लील तस्वीरें भेजना गंभीर अपराध, जानिए क्या हैं प्रावधान
अक्सर हम समाज में महिलाओं के प्रति अपराधों को देखते हैं तथा स्कूल कॉलेज से लेकर कार्यस्थल तक महिलाओं से संबंधित ऐसे अपराध जिन्हें बहुत छोटा मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, वह घटित होते रहते हैं। कानून की जानकारी के अभाव में महिलाएं भी ऐसे अपराधों को नजरअंदाज करती रहती हैं तथा अपराधियों को महिलाओं द्वारा इस तरह नजरअंदाज किए जाने पर अपराध को पुनः कारित करने के लिए उत्प्रेरणा मिलती है। इस तरह के अपराधों पर महिलाओं को सतर्क रहना चाहिए तथा इस प्रकार के अपराधियों के विरुद्ध खुलकर दांडिक कार्यवाही...
राजस्थान हाईकोर्ट ने सचिन पायलट खेमे की याचिका पर सुनवाई 20 जुलाई तक स्थगित की, स्पीकर को 21 जुलाई तक नोटिस पर कोई भी फैसला न लेने के लिए कहा
राजस्थान हाईकोर्ट ने शुक्रवार को विधानसभा के अध्यक्ष द्वारा जारी अयोग्यता नोटिस के खिलाफ सचिन पायलट के नेतृत्व में 19 असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई 20 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी। मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत महंती और न्यायमूर्ति प्रकाश गुप्ता की पीठ ने स्पीकर को निर्देश दिया है कि वे नोटिस पर 21 जुलाई, शाम 5 बजे तक कोई फैसला नहीं लें।विधायकों को अध्यक्ष द्वारा शुक्रवार तक कारण बताओ नोटिस पर अपनी प्रतिक्रियाएं देने के लिए कहा गया था। पायलट और 18 अन्य...



















