संपादकीय

अलग आस्था/ अंतर जातीय विवाह से उत्पन्न होने वाले सामाजिक रूप से संवेदनशील मामलों को संभालने के लिए पुलिस अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम हों : सुप्रीम कोर्ट
अलग आस्था/ अंतर जातीय विवाह से उत्पन्न होने वाले सामाजिक रूप से संवेदनशील मामलों को संभालने के लिए पुलिस अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम हों : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को कुछ दिशानिर्देश और प्रशिक्षण कार्यक्रम तय करने का निर्देश दिया कि कैसे अंंतर- विवाह से उत्पन्न होने वाले सामाजिक रूप से संवेदनशील मामलों को संभालना है।जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस हृषिकेश रॉय की पीठ ने उस पुलिस अधिकारी की आलोचना की जिसने एक लड़की के पिता द्वारा दर्ज की गई 'लापता लोगों' की एफआईआर को बंद करने से इनकार कर दिया, यहां तक ​​कि उसे पता चल गया था कि उसने एक व्यक्ति से शादी कर ली थी और उसके साथ रह रही है। दंपति ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया...

भारत का संविधान (Constitution of India) भाग 9: भारत के संविधान के अंतर्गत धर्म की स्वतंत्रता
भारत का संविधान (Constitution of India) भाग 9: भारत के संविधान के अंतर्गत धर्म की स्वतंत्रता

पिछले आलेख में भारत के संविधान से संबंधित बन्दीकरण विरोध से संबंधित संवैधानिक संरक्षण के संदर्भ में अनुच्छेद 22 का उल्लेख किया गया था, इस आलेख में भारत के संविधान के अनुच्छेद 25 के अंतर्गत प्राप्त धर्म की स्वतंत्रता के संबंध में उल्लेख किया जा रहा है।धर्म की स्वतंत्रता का मौलिक अधिकारभारत के संविधान के अनुच्छेद 25 से लेकर 28 तक धर्म की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार के संबंध में उल्लेख किया गया है। संविधान में पंथनिरपेक्ष राज्य शब्द को अभिव्यक्त रूप से उल्लेखित नहीं किया गया है परंतु इस बात का कोई...

कंज्यूमर फोरम के पास 45 दिनों के बाद लिखित बयान स्वीकार करने के लिए कोई शक्ति नहीं: सुप्रीम कोर्ट
कंज्यूमर फोरम के पास 45 दिनों के बाद लिखित बयान स्वीकार करने के लिए कोई शक्ति नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने (गुरुवार) अपने फैसले को दोहराते हुए कहा कि, उपभोक्ता मंच (Consumer Forum) के पास 45 दिनों के बाद लिखित बयान स्वीकार करने के लिए कोई अधिकार क्षेत्र और / या शक्ति नहीं है।इस मामले में, राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने कर्नाटक राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग द्वारा दिए गए आदेश की पुष्टि की, जिसमें उपभोक्ता शिकायत पर लिखित संस्करण / लिखित बयान दर्ज करने में देरी के लिए माफी मांगने वाले आवेदन को खारिज कर दिया गया। अस्वीकृति इस आधार पर थी कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 के...

एक वर्षीय एलएलएम पाठ्यक्रम समाप्त करने वाले बीसीआई के नियम इस वर्ष लागू नहीं होंगे : बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट में कहा
एक वर्षीय एलएलएम पाठ्यक्रम समाप्त करने वाले बीसीआई के नियम इस वर्ष लागू नहीं होंगे : बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट में कहा

बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि एक वर्षीय एलएलएम पाठ्यक्रम समाप्त करने वाले बीसीआई नियम को इस वर्ष लागू नहीं किया जाएगा। बीसीआई प्रेसिडेंट मनन कुमार मिश्रा ने अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया, "बीसीआई के नियमों में एक वर्षीय एलएलएम पाठ्यक्रम समाप्त करने का प्रस्ताव शैक्षणिक वर्ष 2022-2023 से लागू किया जाना प्रस्तावित है।"कंसोर्टियम ऑफ नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज़ की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने बताया कि बीसीआई अध्यक्ष का यह आश्वासन इस साल के...

 इस चरण में नहीं  : सुप्रीम कोर्ट ने सीएए विरोधी प्रदर्शन से संबंधित यूएपीए केस में दाखिल जमानत याचिका खारिज की
" इस चरण में नहीं " : सुप्रीम कोर्ट ने सीएए विरोधी प्रदर्शन से संबंधित यूएपीए केस में दाखिल जमानत याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को किसान अधिकार एक्टिविस्ट अखिल गोगोई की याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें गुवाहाटी उच्च न्यायालय द्वारा उनकी जमानत याचिका खारिज करने के आदेश को चुनौती दी गई थी।न्यायमूर्ति एनवी रमना, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की तीन न्यायाधीशों की पीठ ने गोगोई के खिलाफ आरोपों के आलोक में इस समय जमानत देने से इनकार कर दिया।सुनवाई के दौरान, गोगोई की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता जयदीप गुप्ता ने कहा कि सीएए के विरोध में बड़े पैमाने पर आंदोलन हुआ था। इसका आतंकवाद से कोई...

चेक डिसऑनर : हस्ताक्षर स्वीकार किए जाने पर ब्लैंंक चेक भी NI एक्ट की धारा 139 के तहत अनुमान को आकर्षित करेगा : सुप्रीम कोर्ट
चेक डिसऑनर : हस्ताक्षर स्वीकार किए जाने पर ब्लैंंक चेक भी NI एक्ट की धारा 139 के तहत अनुमान को आकर्षित करेगा : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आरोपियों द्वारा हस्ताक्षर के स्वीकार किए जाने पर एक खाली चेक लीफ भी निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 139 के तहत अनुमान को आकर्षित करेगा।जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की पीठ ने कहा कि निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 118 और धारा 139 के तहत ' उल्टा भार' चेक पर एक आरोपी के हस्ताक्षर के स्थापित होने के बाद ऑपरेटिव हो जाता है।हालांकि धारा 118 और धारा 139 के तहत उठाए गए अनुमान प्रकृति में खंडन करने योग्य हैं, एक संभावित बचाव को उठाए जाने की...

एलएलएम एक वर्षीय पाठ्यक्रम : बीसीआई को एलएलएम कोर्स को विनियमित करने का अधिकार नहीं, एनएलयू कंसोर्टियम ने सुप्रीम कोर्ट में कहा
एलएलएम एक वर्षीय पाठ्यक्रम : "बीसीआई को एलएलएम कोर्स को विनियमित करने का अधिकार नहीं", एनएलयू कंसोर्टियम ने सुप्रीम कोर्ट में कहा

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एलएलएम के एक वर्षीय पाठ्यक्रम को रद्द करने के बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के फैसले को चुनौती देने वाली दो रिट याचिकाओं की सुनवाई गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली बेंच गुरुवार को कंसोर्टियम ऑफ नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज और एक अन्य ऋषभ सोनी द्वारा दायर याचिकाओं में अंतरिम राहत के लिए याचिका पर सुनवाई करेगी।इस बीच एनएलयू कंसोर्टियम को एलएलएम प्रोग्राम के लिए राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों (National Law Universities) द्वारा...

त्वचा से त्वचा फैसला : सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के पोक्सो फैसले के खिलाफ राष्ट्रीय महिला आयोग की याचिका पर नोटिस जारी किया
"त्वचा से त्वचा" फैसला : सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के पोक्सो फैसले के खिलाफ राष्ट्रीय महिला आयोग की याचिका पर नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बॉम्बे हाई कोर्ट (नागपुर पीठ) के विवादास्पद फैसले को चुनौती देने वाली राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया जिसमें कहा गया था कि बिना कपड़े उतारे बच्चे के स्तन टटोलने से पोक्सो एक्ट की धारा 8 के अर्थ में "यौन उत्पीड़न" नहीं होता है।भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ महाराष्ट्र राज्य द्वारा दायर एक अन्य याचिका पर भी नोटिस जारी किया। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि वह भारतीय स्त्री शक्ति और यूथ बार एसोसिएशन...

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के ऑनलाइन कक्षाओं के लिए ईडब्ल्यूएस और डीजी छात्रों को गैजेट्स देने के लिए दिल्ली सरकार को स्कूलों को प्रतिपूर्ति करने के आदेश पर रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के ऑनलाइन कक्षाओं के लिए ईडब्ल्यूएस और डीजी छात्रों को गैजेट्स देने के लिए दिल्ली सरकार को स्कूलों को प्रतिपूर्ति करने के आदेश पर रोक लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय के उस फैसले पर रोक लगा दी जिसमें दिल्ली सरकार को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और अन्य वंचित समूहों (डीजी) के तहत छात्रों को पर्याप्त गैजेट और इंटरनेट पैकेज प्रदान करने के लिए स्कूलों को प्रतिपूर्ति करने का निर्देश दिया गया था ताकि उन्हें COVID-19 लॉकडाउन के प्रकाश में स्कूलों द्वारा आयोजित की जा रही वर्चुअल कक्षाओं के बराबर पहुंच में सक्षम बनाया जा सके।मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली बेंच ने दिल्ली सरकार की याचिका पर नोटिस भी...

National Uniform Public Holiday Policy
बैंकों और माइक्रो फाइनेंस संस्थानों के रिकवरी एजेंटों द्वारा वसूली के लिए बल का इस्तेमाल करने के खिलाफ दायर याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज, संबंधित मंत्रालय के समक्ष प्रतिनिधित्व करने की स्वतंत्रता

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सरकारी बैंकों और माइक्रो फाइनेंस संस्थानों के रिकवरी एजेंटों द्वारा वसूली करने के लिए बल (ताकत) का इस्तेमाल करने के खिलाफ दिशा-निर्देश की मांग करने वाली एक जनहित याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें याचिकाकर्ता को संबंधित मंत्रालय के समक्ष प्रतिनिधित्व करने की स्वतंत्रता दी गई।याचिका में याचिकाकर्ताओं विक्रम शर्मा और अन्य की ओर से प्रस्तुत किया गया कि," यह याचिका सरकारी बैंकों और माइक्रो फाइनेंस संस्थानों के रिकवरी एजेंटों द्वारा वसूली करने के लिए बल के उपयोग के बारे में...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
"बिना पूर्वनियोजित अचानक उकसावा": सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के आरोपी किसान को रिहा करने का निर्देश दिया, जिसने 18 साल जेल में बिताए

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को हत्या के आरोपी एक किसान को रिहा करने का निर्देश दिया, जिसने 18 साल जेल में बिताए थे।जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस एस रवींद्र भट की पीठ ने कहा कि उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 304 भाग I के तहत अपराध के लिए दोषी ठहराया जा सकता है, न कि आईपीसी की धारा 302 के तहत। परदेशीराम पर 30.5.2002 को घटी एक घटना में कार्तिक राम की हत्या का आरोप था। दीवार के निर्माण को लेकर उनके बीच विवाद के कारण, परदेशीराम ने कथित तौर पर मृतक पर फावड़े से हमला किया और फिर उसके सिर पर पत्थर से वार...

यूपीएससी अतिरिक्त मौका : आयु सीमा में छूट नहीं नहीं देना पूरी तरह अनुचित, श्याम दीवान ने सुप्रीम कोर्ट में अंतिम प्रयास वालों के लिए दलील दी
यूपीएससी अतिरिक्त मौका : 'आयु सीमा में छूट नहीं नहीं देना पूरी तरह अनुचित', श्याम दीवान ने सुप्रीम कोर्ट में अंतिम प्रयास वालों के लिए दलील दी

वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने अक्टूबर 2020 में आयोजित यूपीएससी परीक्षा में अपना अंतिम प्रयास देने वाले सिविल सेवा के उम्मीदवारों को ऊपरी आयु सीमा के बिना अतिरिक्त मौका दिए जाने पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में दलीलें दीं।दीवान ने न्यायमूर्ति एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष प्रस्तुत किया, "सीमा में छूट नहीं नहीं देना पूरी तरह अनुचित है। उनके पास एक शक्ति और कर्तव्य है।"यह स्वीकार करते हुए कि आयु सीमा में छूट अंततः एक नीतिगत निर्णय है, दीवान ने प्रस्तुत किया कि COVID-19 महामारी के कारण...

आप किसी ठोस मामले में हमारे सामने आएं  : सुप्रीम कोर्ट ने IPC 124 ए के तहत राजद्रोह की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली वकीलों की याचिका खारिज की
"आप किसी ठोस मामले में हमारे सामने आएं " : सुप्रीम कोर्ट ने IPC 124 ए के तहत राजद्रोह की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली वकीलों की याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को वकीलों के एक समूह द्वारा दायर जनहित याचिका (पीआईएल) को खारिज कर दिया, जिसमें धारा 124 ए आईपीसी के तहत राजद्रोह के अपराध की संवैधानिकता को चुनौती दी गई थी। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ताओं के पास कार्रवाई का कोई कारण नहीं है।सीजेआई एसए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति रामासुब्रमण्यन की तीन-न्यायाधीशों वाली पीठ ने कहा कि कुसुम इंगोटस मामले में पूर्ववर्ती फैसले के अनुसार, एक कानून को कार्रवाई के कारण के बिना चुनौती नहीं दी जा सकती।आज सुनवाई के दौरान,...

सुप्रीम कोर्ट ने शशि थरूर, राजदीप सरदेसाई, विनोद जोस, मृणाल पांडे, जफर आगा, अनंत नाथ आदि की कई FIR पर गिरफ्तारी से रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने शशि थरूर, राजदीप सरदेसाई, विनोद जोस, मृणाल पांडे, जफर आगा, अनंत नाथ आदि की कई FIR पर गिरफ्तारी से रोक लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सांसद शशि थरूर, पत्रकार राजदीप सरदेसाई, विनोद जोस, मृणाल पांडे, जफर आगा, अनंत नाथ और परेश नाथ की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। उनके खिलाफ ट्रैक्टर रैली के दौरान किसान की मौत होने पर ट्वीट/ पोस्ट करने पर कई एफआईआर दर्ज की गईं हैं।सीजेआई एस ए बोबडे के नेतृत्व वाली बेंच ने 26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान एक प्रदर्शनकारी की मौत के बारे में कथित तौर पर असत्यापित खबर साझा करने के लिए उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की याचिकाओं...

अनुशासनात्मक प्राधिकरण द्वारा सजा देने के आदेश में विस्तृत कारण दर्ज करने की आवश्यकता नहीं : सुप्रीम कोर्ट
अनुशासनात्मक प्राधिकरण द्वारा सजा देने के आदेश में विस्तृत कारण दर्ज करने की आवश्यकता नहीं : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अनुशासनात्मक प्राधिकरण द्वारा जांच अधिकारी द्वारा दर्ज किए गए निष्कर्षों को स्वीकार करके सजा देने के आदेश में विस्तृत कारणों को दर्ज करने की आवश्यकता नहीं है।न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति एमआर शाह की पीठ ने कहा कि केवल इसलिए कि प्रस्तावित सजा का संकेत देकर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, यह नहीं कहा जा सकता है कि अनुशासनात्मक प्राधिकरण ने निर्णय लिया है।इस मामले में, लखीमी गाओलिया बैंक के एक प्रबंधक को 'अनिवार्य सेवानिवृत्ति' की...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2020-2021 के लिए प्रथम वर्ष बीडीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए NEET 2020 क्वालिफाइंग कट ऑफ 10 प्रतिशत कम किया

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि वर्ष 2020-2021 के लिए बीडीएस पाठ्यक्रम में प्रथम वर्ष की रिक्त सीटों को परसेंटाइल मार्क को 10 परसेंटाइल अंक कम करने के बाद, उन अभ्यर्थियों से भरा जाएगा, जिन्होंने वर्ष 2020-2021 के लिए NEET (UG) पाठ्यक्रम में भाग लिया है।जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ ने कहा कि न्यूनतम अंक को कम करना और प्रथम वर्ष के बीडीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए परसेंटाइल को कम करना शिक्षा के मानकों को कम करने के बराबर नहीं है।बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (बीडीएस) के पहले...

नेकबैंड्स और ब्रॉडबैंड्स: नॉन-ऑफिस स्पेस से वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल हो रहे वकीलों के संबंध में
नेकबैंड्स और ब्रॉडबैंड्स: नॉन-ऑफिस स्पेस से वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल हो रहे वकीलों के संबंध में

चेतना वीमद्रास उच्च न्यायालय का 03-02-2021 को ‌‌‌दिया एक आदेश, जिसमें एक वकील द्वारा कार में बैठकर सुनवाई में शामिल होने के "अदालत के अनादर" जैसा माना गया था, देश भर की अदालतों द्वारा की गई समान टिप्पणियों में से एक है।हालांकि अदालतें, उचित ही, ऐसे वकीलों के आचरण की ओर इशारा कर चुकी हैं, जिन्होंने अदालत की कार्यवाही में अनौपचारिक कपड़ों में हिस्सा ‌लिया, सड़क पर थूकते पाए गए, धूम्रपान करते दिखे, और यह अदालतों के अनादर जैसा था, हालांकि यह आलेख उन उदाहरणों के संबंध में नहीं है।यह लेख न्यायालयों की...

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्‍थान के न‌िजी स्कूलों को छह मासिक किस्तों में ट्यूशन फी वसूलने की अनुमति दी
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्‍थान के न‌िजी स्कूलों को छह मासिक किस्तों में ट्यूशन फी वसूलने की अनुमति दी

राजस्थान उच्च न्यायालय के फैसले पर रोक लगाते हुए, जिसमें निजी सीबीएसई स्कूलों को केवल 70% ट्यूशन फी लेने की अनुमति दी गई थी, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को ऐसे स्कूलों को छात्रों से छह समान मासिक किस्तों में पूरी फीस लेने की अनुमति दी।आदेश में कहा गया कि प्रबंधन के पास छात्रों से, शैक्षणिक वर्ष 2019-2020 के लिए अधिसूचित फीस को 6 मासिक किस्तों में लेने का अधिकार होगा, पहली किस्त 5 मार्च, 2021 से शुरू होगी।हालांकि, अदालत ने शर्त रखी कि स्कूल फीस या किस्तों का भुगतान न होने आधार पर छात्रों को डीबार...

हम आपसे इतना कठोर होने की अपेक्षा नहीं रखते: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा क्या वो यूपीएससी के अंतिम प्रयास वालों को आयु सीमा छूट दे सकता है
"हम आपसे इतना कठोर होने की अपेक्षा नहीं रखते": सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा क्या वो यूपीएससी के अंतिम प्रयास वालों को आयु सीमा छूट दे सकता है

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को वर्ष 2021 की सिविल सेवा सेवा परीक्षा में एक अतिरिक्त प्रयास की याचिकाओं की सुनवाई फिर से शुरू की।हस्तक्षेपकर्ता की ओर ये पेश वरिष्ठ वकील पीएस नरसिम्हा ने आज सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत किया," केंद्र की पेशकश कमजोर वर्गों को बाहर करती है। अगर किसी पर भी विचार करने की आवश्यकता है, तो यह आयु वर्जित समूह है। उन्हें अवसर प्रदान ना करना मनमाना है।"याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सीयू सिंह ने पीठ को सूचित किया कि केंद्र सरकार द्वारा दिया गया अतिरिक्त मौका "आयु सीमा के...

बीएसएफ महानिदेशक राकेश अस्थाना पर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा चलाने की मांग : सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज की, याचिकाकर्ता को अन्य उपचार लेने की स्वतंत्रता
बीएसएफ महानिदेशक राकेश अस्थाना पर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा चलाने की मांग : सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज की, याचिकाकर्ता को अन्य उपचार लेने की स्वतंत्रता

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बीएसएफ के वर्तमान महानिदेशक राकेश अस्थाना पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 7 ए के तहत आपराधिक मुकदमा चलाने की याचिका को वापस लेने पर खारिज कर दिया।न्यायमूर्ति नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति रवींद्र भट की पीठ ने याचिकाकर्ता मोहित धवन को अन्य उपचारों को आगे बढ़ाने की अनुमति दी है। आज की सुनवाई के दौरान, एडवोकेट सुशील टेकरीवाल ने अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया कि वह उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना चाहते हैं और उन्हें ऐसा करने की अनुमति दी जानी चाहिए।केविएटर की ओर से...