संपादकीय
सीपीसी का आदेश VII नियम 11 - यदि लिमिटेशन कानून और तथ्य का मिश्रित प्रश्न है तो वाद खारिज नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने व्यवस्था दी है कि यदि लिमिटेशन का मुद्दा कानून और तथ्य का मिश्रित प्रश्न है तो नागरिक प्रक्रिया संहिता के आदेश VII नियम 11 (डी) के तहत एक वाद को खारिज नहीं किया जा सकता है।न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता और न्यायमूर्ति वी रमासुब्रमण्यम की पीठ ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले को पलटते हुए यह व्यवस्था दी, जिसमें एक वाद को खारिज करने के दीवानी अदालत के आदेश को बरकरार रखा गया था।महाराष्ट्र काश्तकारी और कृषि भूमि अधिनियम, 1948 के तहत एक किरायेदारी के संबंध में बिक्री प्रमाण पत्र जारी करने के...
"अभियोजन पक्ष के गवाहों की इच्छा और मनमानी पर किसी को सलाखों के पीछे नहीं रख सकते" : एमपी हाईकोर्ट ने एनडीपीएस एक्ट के आरोपी को 50 हज़ार रुपए का मुआवज़ा देने का निर्देश दिया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में राज्य सरकार को एनडीपीएस अधिनियम के एक आरोपी को उसके "मौलिक अधिकार के उल्लंघन" के लिए 15 दिनों के भीतर 50,000 / - का भुगतान करने का निर्देश दिया। यह आरोपी जनवरी 2018 से सलाखों के पीछे है और अभियोजन पक्ष अपने गवाहों को ट्रायल के दौरान अदालत के सामने पेश करने में विफल रहा है।न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया की पीठ सुनवाई में देरी के आधार पर जयपाल सिंह की 10वीं जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जब उसने कहा कि राज्य सरकार लगातार तेजी से सुनवाई के आवेदक के मौलिक अधिकार का...
'बेटियां हमेशा बेटियां होती हैं, बेटे तब तक बेटे होते हैं जब तक उनकी शादी नहीं हो जाती': बॉम्बे हाईकोर्ट ने वरिष्ठ नागरिक अधिनियम के तहत बेटे को बुजुर्ग माता-पिता का फ्लैट खाली करने का निर्देश बरकरार रखा
बाॅम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई निवासी और उसकी पत्नी को बुजुर्ग माता-पिता का घर एक महीने के भीतर खाली करने का निर्देश देते हुए कहा है कि वरिष्ठ नागरिक अधिनियम यह कहता है कि बच्चे या रिश्तेदार वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए बाध्य हैं ताकि वे बिना किसी उत्पीड़न के 'सामान्य जीवन जी सकें'। अदालत ने कहा कि यह व्यक्ति और उसका परिवार उसके माता-पिता की इच्छा के खिलाफ 'जबरन संपत्ति हड़पने' के लिए अपने 90 वर्षीय पिता की संपत्ति (जो कि उसने अपनी बेटी को उपहार में दी है) में रह रहे हैं,जो उत्पीड़न...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देशभर के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (13 सितंबर 2021 से 17 सितंबर 2021 तक) क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।लिव इन रिलेशनशिप के दौरान पीड़िता द्वारा वहन किए गए खर्च को आपराधिक अपराध नहीं माना जाएगा: दिल्ली हाईकोर्टदिल्ली हाईकोर्ट ने पाया कि लिव-इन रिलेशनशिप में जहां दोनों साथी एक साथ रह रहे हैं, यह एक आपराधिक अपराध नहीं होगा कि यदि खर्च अभियोक्ता या दोनों भागीदारों द्वारा वहन किया जाता है।न्यायमूर्ति...
हमारी कानूनी प्रणाली का भारतीयकरण समय की आवश्यकता है: चीफ जस्टिस एनवी रमाना
भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमाना ने शनिवार को भारतीय न्यायिक प्रणाली के बारे में बोलते हुए स्वीकार किया कि अक्सर हमारी न्याय व्यवस्था आम लोगों के लिए न्याय तक पहुंच में कई बाधाएं खड़ी करती है और अदालतों की कार्यप्रणाली और शैली भारत की जटिलताओं के साथ अच्छी तरह से नहीं बैठती है।इसके साथ ही हमारी प्रणाली, प्रथाओं, मूल रूप से औपनिवेशिक होने के कारण भारतीय आबादी की जरूरतों के लिए सबसे उपयुक्त नहीं हो सकते हैं। सीजेआई कर्नाटक राज्य बार काउंसिल द्वारा स्वर्गीय न्यायमूर्ति मोहन एम शांतनगौदर को...
जिस कर्मचारी ने झूठी घोषणा की है/ आपराधिक मामले में भागीदारी को दबाया है, वह नियुक्ति का हकदार नहीं है/अधिकार के रूप में सेवा मे जारी नहीं रह सकता हैः सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक कर्मचारी जिसने झूठी घोषणा की थी और/या एक आपराधिक मामले में अपनी संलिप्तता के भौतिक तथ्य को छुपाया था, वह नियुक्ति के लिए या अधिकार के रूप में सेवा में बने रहने का हकदार नहीं होगा।जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस एएस बोपन्ना की खंडपीठ ने कहा, "जहां नियोक्ता को लगता है कि एक कर्मचारी जिसने प्रारंभिक चरण में ही गलत बयान दिया है और/या भौतिक तथ्यों का खुलासा नहीं किया है और/या भौतिक तथ्यों को छुपाया है और इसलिए उसे सेवा में जारी नहीं रखा जा सकता है क्योंकि ऐसे कर्मचारी पर भविष्य...
सीआरपीसी की धारा 319 : समन जारी करने की शक्ति का प्रयोग तभी करना चाहिए जब किसी व्यक्ति के खिलाफ ठोस और पुख्ता सबूत हों: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 319 के तहत समन जारी करने की शक्ति का प्रयोग तभी किया जाना चाहिए, जब साक्ष्य से किसी व्यक्ति के खिलाफ ठोस और पुख्ता सबूत हों।जस्टिस केएम जोसेफ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ ने दोहराया कि धारा 319 सीआरपीसी के तहत शक्ति का इस्तेमाल आकस्मिक और लापरवाह तरीके से नहीं किया जा सकता है। पीठ ने कहा लागू किया जाने वाला परीक्षण प्रथम दृष्टया मामले से अधिक है, जिसे आरोप तय करने के समय लागू किया जाता है।मामले के तहत निचली अदालत ने हत्या के...
टीबी अस्पताल से 82 साल के कोरोना संक्रमित मरीज के लापता होने का मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट के पुराने आदेश में स्पष्टीकरण के बाद यूपी सरकार ने याचिका वापस ली
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस आदेश पर रोक लगाने की मांग करते हुए उत्तर प्रदेश राज्य द्वारा दायर एक विशेष अनुमति याचिका को वापस लेने के रूप में खारिज कर दिया, जिसमें उच्च न्यायालय ने अतिरिक्त मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण से अस्पतालों के सभी स्तरों अर्थात जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और अस्पतालों के लिए एसओपी/योजना का विवरण मांगा था और राज्य सरकार द्वारा एसओपी/योजना के कार्यान्वयन के बारे में स्थिति पूछी थी।मुख्य...
"कोई सकारात्मक कार्य नहीं" : सुप्रीम कोर्ट ने लड़की के खिलाफ शादी से इनकार करने पर व्यक्ति को आत्महत्या करने के लिए उकसाने के केस को रद्द किया
सुप्रीम कोर्ट ने एक व्यक्ति से शादी से इनकार कर आत्महत्या के लिए उकसाने वाली एक लड़की के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी।न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय की पीठ ने दोहराया कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 306 को आकर्षित नहीं किया जाएगा यदि अभियुक्त की ओर से आत्महत्या करने के लिए उकसाने या सहायता करने के लिए कोई सकारात्मक कार्य नहीं किया गया था। अदालत ने कहा कि किसी भी विश्वसनीय सामग्री के बिना आरोपी को आपराधिक मुकदमे का सामना करने के लिए मजबूर करना न्याय का मखौल...
रेंट कंट्रोल एक्ट नगर निगम कानून के तहत भवन गिराने पर रोक नहीं लगाएगा : सुप्रीम कोर्ट
कोर्ट ने कहा कि रेंट कंट्रोल एक्ट म्यूनिसिपल एक्ट पर हावी नहीं होगा।सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किराया नियंत्रण कानून उस एक्ट पर लागू नहीं होगा जो नगरपालिका के कार्यों से संबंधित है।जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस एएस बोपन्ना की बेंच ने कहा कि वे अलग-अलग क्षेत्रों में काम करते हैं क्योंकि दोनों के अलग-अलग उद्देश्य हैं।पीठ ने कहा कि म्यूनिसिपल एक्ट नगरपालिका के कार्यों से संबंधित है जो निगम क्षेत्र के निवासियों के लिए व्यापक और कल्याणोन्मुख हैं, जबकि किराया अधिनियम भूमालिक और किरायेदार के अधिकारों...
वैधानिक किरायेदार टीपी अधिनियम की धारा 108 (बी) (ई) के तहत इमारत को ढहाने के बाद पुनः कब्जा नहीं मांग सकता : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एक वैधानिक किरायेदार के अधिकारों और देनदारियों को केवल किराया अधिनियम के तहत पाया जाना चाहिए, न कि संपत्ति के हस्तांतरण अधिनियम के तहत।जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस एएस बोपन्ना की बेंच ने कहा कि एक वैधानिक किरायेदार टीपी अधिनियम की धारा 108 (बी) (ई) के तहत इमारत को ढहाने के बाद पुनः कब्जा नहीं मांग सकता है।इस मामले में, किरायेदार ने एक वाद दायर किया जिसमें उसने कर्नाटक नगर निगम अधिनियम की धारा 322 के तहत कार्यवाही के अनुसार अपने कब्जे वाले भवन को ध्वस्त करने के बाद...
सुप्रीम कोर्ट ने केरल सरकार को प्लस वन परीक्षा ऑफलाइन आयोजित करने की अनुमति दी, फैसले के खिलाफ दायर याचिका खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को प्लस वन (ग्यारहवीं कक्षा) की परीक्षा ऑफलाइन मोड में आयोजित करने के केरल सरकार के फैसले के खिलाफ दायर एक याचिका को खारिज कर दिया। जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस सीटी रविकुमार की पीठ ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने हलफनामे में जो कारण बताए हैं, वे ठोस हैं और इसलिए याचिका खारिज किए जाने योग्य है।पीठ ने आदेश में कहा, "हमें उम्मीद और विश्वास है कि अधिकारी आवश्यक सावधानी बरतेंगे।"पीठ ने कहा कि एपीजे अब्दुल कलाम विश्वविद्यालय की परीक्षाएं, जिसमें एक लाख...
नीट ऑल इंडिया कोटा: सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी, ईडब्ल्यूएस आरक्षण को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें केंद्र की 29 जुलाई, 2021 की अधिसूचना को चुनौती दी गई है। अधिसूचना के मुताबिक केंद्र सरकार ने मेडिकल कोर्स के लिए NEET दाखिले की अखिल भारतीय कोटा श्रेणी में 27% ओबीसी और 10% ईडब्ल्यूएस आरक्षण को लागू करने का फैसला किया है।न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना की पीठ ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान से कहा कि वर्तमान याचिका को इसी तरह की याचिका के साथ टैग किया जाएगा जो पहले इसी मुद्दे को...
श्री पद्मनाभ स्वामी मंदिर का कितना पैसा ट्रस्ट के पास, यह देखने के लिए ट्रस्ट को ऑडिट करने की आवश्यकता, प्रशासनिक समिति ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को श्री पद्मनाभ स्वामी मंदिर ट्रस्ट (जिसे तत्कालीन त्रावणकोर शाही परिवार ने बनाया था) के एक आवेदन पर आदेश सुरक्षित रख लिया है। आवेदन में पिछले साल श्री पद्मनाभ स्वामी मंदिर के 25 साल के ऑडिट के कोर्ट के आदेश से छूट की मांग की गई है।जस्टिस यूयू ललित, जस्टिस एस रवींद्र भट और जस्टिस बेला त्रिवेदी की पीठ ने ट्रस्ट की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद पी दातार और मंदिर की प्रशासनिक समिति की ओ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता आर बसंत की दलीलें सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया ।पिछले...
"कार्यभार ग्रहण करने के समय के विस्तार " का दावा अधिकार के रूप में नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने पीठासीन अधिकारी, श्रम न्यायालय के पद पर कार्यभार ग्रहण करने के लिए समय विस्तार नहीं देने के छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के आदेश को बरकरार रखते हुए कहा कि कार्यभार ग्रहण करने के समय के विस्तार का दावा अधिकार के रूप में नहीं किया जा सकता है।न्यायमूर्ति विनीत सरन और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की पीठ ने अपने आदेश में कहा कि,"नियुक्ति पत्र इस आशय के लिए स्पष्ट था कि याचिकाकर्ता को 30 दिनों के भीतर शामिल होना था। निश्चित रूप से, चयन सूची का समय 5 जनवरी, 2011 को समाप्त हो गया और याचिकाकर्ता...
टीबी अस्पताल से 82 वर्षीय वृद्ध लापता- यूपी सरकार ने हेबियस कॉर्पस याचिका में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया
उत्तर प्रदेश राज्य सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है जिसमें उच्च न्यायालय ने अतिरिक्त मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण से राज्य सरकार द्वारा अस्पतालों के सभी स्तरों के लिए तैयार की गई एसओपी/योजना का विवरण मांगा अर्थात जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और अस्पतालों द्वारा एसओपी / योजना के कार्यान्वयन के बारे में स्टेटस रिपोर्ट की मांग की है।कोर्ट एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई कर...
आईबीसी की धारा 14 के तहत आदेशित मोहलत कॉरपोरेट देनदार के निदेशकों / प्रबंधन के संबंध में लागू नहीं होती : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि दिवाला और दिवालियापन संहिता की धारा 14 के तहत आदेशित मोहलत कॉरपोरेट देनदार के निदेशकों / प्रबंधन के संबंध में लागू नहीं होती है।जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ ने कहा,यह केवल कॉरपोरेट देनदार के संबंध में लागू होता है और इसके निदेशकों / प्रबंधन के खिलाफ कार्यवाही जारी रह सकती है।इस मामले में, याचिकाकर्ताओं, जो एक समूह आवास परियोजना में घर खरीदार थे, ने टुडे होम्स एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ राष्ट्रीय उपभोक्ता...
सुप्रीम कोर्ट ने गणेश चतुर्थी के दौरान हैदराबाद की हुसैन सागर झील में पीओपी की मूर्तियों के विसर्जन की अनुमति दी
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को तेलंगाना सरकार को केवल इस साल के गणेश चतुर्थी समारोह के दौरान हुसैन सागर झील में प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) की मूर्तियों के विसर्जन को 'आखिरी मौका' के रूप में अनुमति दी।खंडपीठ ने राज्य को दिन के दौरान एक हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है कि झील में प्रदूषण को कम करने के लिए कदम उठाए जाएंगे और अगले साल से विसर्जन के लिए उच्च न्यायालय के निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाएगा।तेलंगाना राज्य की ओर से पेश सॉलिसिटर जेनेरा मेहता ने अदालत को आश्वासन दिया कि यह सुनिश्चित...
"अटॉर्नी जनरल ने समस्या हल कर दी है, केंद्र के जस्टिस चीमा को एनसीएलएटी का चेयरपर्सन बहाल करने के केंद्र के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा
अटॉर्नी जनरल ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि केंद्र सरकार ने न्यायमूर्ति अशोक इकबाल सिंह चीमा को 20 सितंबर तक राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण के कार्यवाहक चेयरपर्सन के रूप में बहाल करने पर सहमति व्यक्त की है ताकि वह लंबित निर्णय सुना सकें।न्यायमूर्ति चीमा ने 10 सितंबर से उनकी सेवाएं समाप्त करने के केंद्र द्वारा जारी आदेश से व्यथित होकर उच्चतम न्यायालय में एक रिट याचिका दायर की थी, हालांकि वह अपने मूल नियुक्ति आदेश के अनुसार 20 सितंबर तक के कार्यकाल की उम्मीद कर रहे थे। वह...
घरेलू हिंसा- इसके खिलाफ क्या उपाय हैं, शिकायत कैसे दर्ज कराएं? देखिए वीडियो
घरों में होने वाली हिंसा को घरेलू हिंसा (Domestic Violence) कहते हैं। हमारे समाज में घरेलू हिंसा के मामले दिन- प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। दहेज प्रथा घरेलू हिंसा को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण कारक है। शादी के बाद दहेज के नाम पर ससुराल वाले महिलाओं पर अत्याचार करते हैं। कभी-कभी यह अत्याचार इतना बढ़ जाता है कि महिला को आत्महत्या तक करनी पड़ जाती है।घरेलू हिंसा के मामलों में पीड़ित के खिलाफ हमलावर द्वारा अपनाई जाने वाली विभिन्न प्रकार की गतिविधियों में शारीरिक शोषण, भावनात्मक शोषण, मनोवैज्ञानिक...

















