दिल्ली हाईकोर्ट

पैरोल या फर्लो पर रिहाई के दौरान दोषी को आत्मसमर्पण की तारीख का लिखित नोट दें: दिल्ली हाईकोर्ट ने जेल अधिकारियों को निर्देश दिया
पैरोल या फर्लो पर रिहाई के दौरान दोषी को आत्मसमर्पण की तारीख का लिखित नोट दें: दिल्ली हाईकोर्ट ने जेल अधिकारियों को निर्देश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी के जेल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि पैरोल या फर्लो पर रिहाई के समय दोषी की पावती लेने के बाद उसे आत्मसमर्पण की तारीख का लिखित नोट सौंप दिया जाए ताकि किसी भी तरह की अस्पष्टता न हो।जस्टिस गिरीश कठपालिया ने कहा कि कई मामलों में यह देखा गया कि अशिक्षा और अज्ञानता के कारण पैरोल या फर्लो पर रिहा किया गया दोषी समय पर आत्मसमर्पण नहीं कर पाता और देरी से आत्मसमर्पण करने पर उसे सजा हो जाती है।न्यायालय ने कहा कि ऐसे मामलों में जेल अधिकारियों को...

UAPA | दिल्ली हाईकोर्ट ने हथियार खरीदने और युवाओं को कट्टरपंथी बनाने के आरोपी ISIS सदस्य को ज़मानत देने से इनकार किया
UAPA | दिल्ली हाईकोर्ट ने हथियार खरीदने और युवाओं को कट्टरपंथी बनाने के आरोपी 'ISIS सदस्य' को ज़मानत देने से इनकार किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने कल एक ऐसे व्यक्ति को ज़मानत देने से इनकार कर दिया, जिस पर आईएसआईएस का सक्रिय सदस्य होने, इस चरमपंथी सशस्त्र समूह के लिए हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक खरीदने और संवेदनशील युवाओं को कट्टरपंथी बनाने का आरोप है। जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने मोहम्मद रिज़वान अशरफ़ की अपील खारिज कर दी, जिन्हें एक अक्टूबर, 2023 को यूएपीए मामले में गिरफ्तार किया गया था।अशरफ़ ने कई मौकों पर अपनी हिरासत बढ़ाने के निचली अदालत के आदेशों को चुनौती दी थी। 24 फ़रवरी,...

दिल्ली हाईकोर्ट ने संसद में उपस्थित होने के खर्च के खिलाफ सांसद इंजीनियर राशिद की याचिका पर NIA से जवाब मांगा
दिल्ली हाईकोर्ट ने संसद में उपस्थित होने के खर्च के खिलाफ सांसद इंजीनियर राशिद की याचिका पर NIA से जवाब मांगा

जम्मू-कश्मीर के सांसद इंजीनियर राशिद ने शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर 24 जुलाई से 4 अगस्त तक संसद में उपस्थित रहने के लिए हिरासत पैरोल देते समय निचली अदालत द्वारा उन पर लगाए गए जुर्माने को चुनौती दी।जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस शैलिंदर कौर की खंडपीठ ने राशिद की याचिका पर नोटिस जारी किया और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से जवाब मांगा।राशिद की ओर से सीनियर एडवोकेट एन हरिहरन ने दलील दी कि सांसद पर जनता का प्रतिनिधित्व करने के लिए 17 लाख रुपये का भार डाला गया।उन्होंने कहा कि राशिद को...

पति या पत्नी के ऑफिस में अफेयर की झूठी शिकायत करना क्रूरता: दिल्ली हाईकोर्ट
पति या पत्नी के ऑफिस में अफेयर की झूठी शिकायत करना 'क्रूरता': दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक पारिवारिक अदालत के उस आदेश को बरकरार रखा है, जिसमें एक दंपति की शादी इस आधार पर भंग कर दी गई थी कि पत्नी ने अपने नियोक्ता से अपमानजनक शिकायत करके पति के साथ क्रूरता की थी।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रेणु भटनागर की खंडपीठ ने कहा कि विवाह में समायोजन की आवश्यकता होती है और पक्षों को एक-दूसरे के साथ समायोजित होने में लंबा समय लग सकता है, लेकिन पति और पत्नी दोनों से एक-दूसरे के प्रति उचित सम्मान दिखाने की उम्मीद की जाती है। "एक स्वस्थ और स्वस्थ विवाह की नींव सहिष्णुता, समायोजन...

महज मामले के MACOCA जैसे स्पेशल एक्ट के तहत आने से त्वरित सुनवाई के अधिकार को कम नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
महज मामले के MACOCA जैसे स्पेशल एक्ट के तहत आने से त्वरित सुनवाई के अधिकार को कम नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

शीघ्र सुनवाई के अधिकार के सिद्धांत को पुष्ट करते हुए, दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम, 1999 के तहत एक आरोपी को आठ साल से अधिक की लंबी कैद का हवाला देते हुए ज़मानत पर रिहा कर दिया। जस्टिस संजीव नरूला ने कहा,“भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत हमारे संवैधानिक न्यायशास्त्र में अब दृढ़ता से समाहित त्वरित सुनवाई का अधिकार कोई अमूर्त या भ्रामक सुरक्षा नहीं है। यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का एक महत्वपूर्ण पहलू है और इसे केवल इसलिए कम नहीं किया जा सकता...

कमाने की क्षमता और वास्तविक कमाई अलग-अलग चीज़: दिल्ली हाईकोर्ट ने MBA पास पत्नी को भरण-पोषण देने का फैसला बरकरार रखा
कमाने की क्षमता और वास्तविक कमाई अलग-अलग चीज़: दिल्ली हाईकोर्ट ने MBA पास पत्नी को भरण-पोषण देने का फैसला बरकरार रखा

यह कहते हुए कि कमाने की क्षमता और वास्तविक कमाई दो अलग-अलग चीज़ें हैं, दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में एक MBA पास पत्नी को भरण-पोषण देने का फैसला बरकरार रखा।ऐसा करते हुए जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रेणु भटनागर की खंडपीठ ने कहा कि जब दंपति अलग हुए थे तब उनका बच्चा बहुत छोटा था और बच्चे की देखभाल के लिए पत्नी ने अपनी नौकरी छोड़ दी होगी।जजों ने कहा,"एक पत्नी पारिवारिक परिस्थितियों या बच्चे की देखभाल के लिए अपनी नौकरी छोड़ सकती है। समय बीतने के साथ अनुभव की कमी या अन्य कारणों से उसे उपयुक्त रोज़गार...

दिल्ली सरकार और पुलिस द्वारा महिला व बाल सहायता केंद्रों के संचालन पर हाईकोर्ट असंतुष्ट, दिए आवश्यक निर्देश
दिल्ली सरकार और पुलिस द्वारा महिला व बाल सहायता केंद्रों के संचालन पर हाईकोर्ट असंतुष्ट, दिए आवश्यक निर्देश

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि वह राष्ट्रीय राजधानी में हिंसा का सामना कर रही महिलाओं और बच्चों को सहायता मुहैया कराने के लिए वन स्टॉप सेंटर चलाने में दिल्ली सरकार और पुलिस द्वारा उठाए गए कदमों और उपायों से संतुष्ट नहीं है।चीफ़ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेदेला की खंडपीठ ने अधिकारियों को दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा कि इस मामले में आवश्यक कदम और कार्रवाई दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस द्वारा नहीं की गई है। केंद्रों की स्थापना महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों को दर्ज करने के...

पेटेंट अधिनियम के तहत उल्लंघन की परिभाषा में खामियों को दूर करना विधायिका के लिए उचित: दिल्ली हाईकोर्ट
पेटेंट अधिनियम के तहत 'उल्लंघन' की परिभाषा में खामियों को दूर करना विधायिका के लिए उचित: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने विधायिका को पेटेंट अधिनियम 1970 के तहत 'उल्लंघन' की परिभाषा तय करने का सुझाव दिया है। जस्टिस सी हरि शंकर और जस्टिस अजय दिगपॉल की खंडपीठ ने कहा कि जहां अन्य बौद्धिक संपदा कानून उल्लंघन की परिभाषा तय करते हैं, वहीं पेटेंट अधिनियम इस पहलू पर 'अजीब' रूप से मौन है।संदर्भ के लिए, ट्रेडमार्क अधिनियम 1999 की धारा 29 ट्रेडमार्क के उल्लंघन को परिभाषित करती है, कॉपीराइट अधिनियम, 1957 की धारा 51 कॉपीराइट के उल्लंघन को परिभाषित करती है, और डिज़ाइन अधिनियम 2000 की धारा 22 डिज़ाइन चोरी को...

दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रेडमार्क उल्लंघन मामले में Veerji मलाई चाप वाले रेस्टोरेंट को 5 लाख का मुआवजा दिलाया
दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रेडमार्क उल्लंघन मामले में Veerji मलाई चाप वाले रेस्टोरेंट को 5 लाख का मुआवजा दिलाया

दिल्ली हाईकोर्ट ने मशहूर वीरजी मलाई चाप वाले' रेस्टोरेंट के पक्ष में 5 लाख का हर्जाना और खर्च देने का आदेश दिया। यह आदेश रेस्टोरेंट द्वारा दायर ट्रेडमार्क उल्लंघन के मामले में दिया गया जो देशभर के विभिन्न भोजनालयों और फूड डिलीवरी जॉइंट्स के खिलाफ था।इनमें से एक प्रतिवादी भोजनालय के साथ मामला सुलझा लिया गया लेकिन जस्टिस अमित बंसल ने पाया कि बाकी पांच फूड जॉइंट्स कोर्ट के सामने पेश नहीं हुए। इसके चलते कोर्ट ने उनकी अनुपस्थिति को “अनुचित आचरण” मानते हुए उनके खिलाफ हर्जाना और खर्च लगाने का आदेश...

स्विस बैंक अकाउंट को लेकर विदेशी सरकार से मिली अप्रमाणित जानकारी पर आपराधिक कार्रवाई नहीं हो सकती: दिल्ली हाईकोर्ट
स्विस बैंक अकाउंट को लेकर विदेशी सरकार से मिली अप्रमाणित जानकारी पर आपराधिक कार्रवाई नहीं हो सकती: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक करदाता के खिलाफ इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की धारा 276C, 276D और 277 के तहत शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी। यह कार्यवाही केवल कुछ अप्रमाणित दस्तावेजों के आधार पर शुरू की गई थी, जिनमें स्विट्ज़रलैंड के एक अघोषित बैंक खाते के होने का आरोप लगाया गया था।जस्टिस नीना बंशल कृष्णा ने अपने फैसले में कहा,“किसी तीसरे देश से मिली अप्रमाणित जानकारी के आधार पर बिना किसी ठोस साक्ष्य के, केवल अंदाजों और संदेहों के आधार पर आपराधिक मामला नहीं बनाया जा सकता। धारा 276D के तहत आपराधिक आरोप...

वैवाहिक विवाद के बाद बच्चे को पति की कस्टडी में रखना IPC की धारा 498ए के तहत क्रूरता या उत्पीड़न नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
वैवाहिक विवाद के बाद बच्चे को पति की कस्टडी में रखना IPC की धारा 498ए के तहत क्रूरता या उत्पीड़न नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच वैवाहिक विवाद उत्पन्न होने के बाद बच्चे का पति की देखरेख में होना भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 498ए के तहत क्रूरता या उत्पीड़न नहीं है। जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा,"...सिर्फ़ इसलिए कि आपसी विवाद उत्पन्न होने के बाद बच्चा पति की देखरेख में था, इसे भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए के तहत क्रूरता या उत्पीड़न के बराबर नहीं माना जा सकता।" अदालत शिकायतकर्ता पत्नी की सास और ससुर द्वारा दायर एक याचिका पर विचार कर रही थी, जिसमें पति द्वारा दायर तलाक के...

दृष्टिबाधित उम्मीदवारों (कम दृष्टि और अंधे) के लिए एक प्रतिशत आरक्षण के भीतर पद-वार पहचान सुरक्षा कारणों से मान्य: दिल्ली हाईकोर्ट
दृष्टिबाधित उम्मीदवारों (कम दृष्टि और अंधे) के लिए एक प्रतिशत आरक्षण के भीतर पद-वार पहचान सुरक्षा कारणों से मान्य: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने कहा कि दृष्टिबाधितों के लिए 1% आरक्षण के अंतर्गत केवल अल्पदृष्टि के लिए उपयुक्त पदों की पहचान वैध है, क्योंकि आरक्षित रिक्तियों में कर्तव्यों की प्रकृति और सुरक्षा आवश्यकताओं के आधार पर पदवार पहचान स्वीकार्य है, और दृष्टिबाधित उम्मीदवार उन पदों का दावा नहीं कर सकते जो उनके लिए उपयुक्त नहीं हैं। जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस अजय दिगपॉल की खंडपीठ ने पाया कि याचिकाकर्ताओं ने केंद्रीय रोजगार सूचना (सीईएन) संख्या 01/2019 की पूरी जानकारी के साथ चयन प्रक्रिया में भाग...

दिल्ली हाईकोर्ट ने यूट्यूबर मोहक मंगल की ANI के कॉपीराइट मुकदमे को आईपी डिवीजन के समक्ष ट्रांसफर करने की याचिका को सूचीबद्ध किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने यूट्यूबर मोहक मंगल की ANI के कॉपीराइट मुकदमे को आईपी डिवीजन के समक्ष ट्रांसफर करने की याचिका को सूचीबद्ध किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने यूट्यूबर मोहक मंगल की याचिका को सोमवार को बौद्धिक संपदा प्रभाग (Intellectual Property Division) की एक समन्वय पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया। मोहक मंगल ने एशियन न्यूज़ इंटरनेशनल (ANI) की ओर से पटियाला हाउस कोर्ट्स में उनके खिलाफ दायर कॉपीराइट और ट्रेडमार्क उल्लंघन के मुकदमे को हाईकोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग की थी। जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने दिल्ली हाईकोर्ट बौद्धिक संपदा अधिकार प्रभाग नियम, 2022 के नियम 26 का संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को मामले को एक समन्वय पीठ के समक्ष...

Insurance Act | सर्वेक्षक निष्पक्ष और स्वतंत्र रूप से काम करते हैं, उन्हें बीमा कंपनी की कठपुतली नहीं कहा जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
Insurance Act | सर्वेक्षक निष्पक्ष और स्वतंत्र रूप से काम करते हैं, उन्हें बीमा कंपनी की 'कठपुतली' नहीं कहा जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि किसी दुर्घटना में हुए नुकसान का आकलन करके बीमा कंपनी द्वारा पॉलिसीधारक को देय राशि निर्धारित करने वाले व्यक्तियों को कंपनी की "कठपुतली" नहीं कहा जा सकता। जस्टिस मनोज जैन ने कहा, "वे निष्पक्ष और स्वतंत्र रूप से काम करते हैं और ऐसे सर्वेक्षकों और हानि-निर्धारकों को बीमा अधिनियम, 1938 के तहत बनाए गए नियमों में निर्दिष्ट अपने कर्तव्यों, जिम्मेदारियों और अन्य पेशेवर आवश्यकताओं के संबंध में आचार संहिता का पालन करना अनिवार्य है।"यह टिप्पणी जिला उपभोक्ता फोरम द्वारा एक बीमा...

दिल्ली हाईकोर्ट ने ज़ाइडस को निवोलुमैब कैंसर की दवा जैसी जैविक दवा बनाने से रोका, बताया- पेटेंट उल्लंघन
दिल्ली हाईकोर्ट ने ज़ाइडस को 'निवोलुमैब' कैंसर की दवा जैसी जैविक दवा बनाने से रोका, बताया- पेटेंट उल्लंघन

दिल्ली हाईकोर्ट ने ज़ाइडस लाइफसाइंसेज लिमिटेड को "ओपडिवो" ब्रांड नाम से बेची जाने वाली कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा निवोलुमैब जैसी किसी भी जैविक दवा के निर्माण, बिक्री, आयात, निर्यात या कारोबार पर रोक लगा दी।जस्टिस मिनी पुष्करणा ने ज़ाइडस के खिलाफ पेटेंट उल्लंघन के मुकदमे में निवोलुमैब की निर्माता कंपनी ई.आर. स्क्विब एंड संस एलएलसी के पक्ष में अंतरिम आदेश पारित किया।स्कविब एंड संस ने ज़ाइडस द्वारा अपने पेटेंट "कैंसर के इलाज में उपयोग के लिए प्रोग्राम्ड डेथ 1 (पीडी-1) के लिए मानव...