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(एसिड अटैक) पत्नी का बार-बार पति के साथ लौटने से इनकार करना, सजा कम करने वाला एक कारक : त्रिपुरा हाईकोर्ट
(एसिड अटैक) पत्नी का बार-बार पति के साथ लौटने से इनकार करना, सजा कम करने वाला एक कारक : त्रिपुरा हाईकोर्ट

त्रिपुरा हाईकोर्ट ने सोमवार को अपनी पत्नी पर एसिड फेंकने के लिए दोषी एक व्यक्ति की सजा कम कर दी है। हाईकोर्ट ने माना है कि उसके बार-बार कहने के बाद भी उसकी पत्नी ने वैवाहिक घर में वापस आने से इनकार कर दिया था जिस कारण वह काफी हताश था और उसकी यह हताशा सजा को कम करने वाला एक कारक है। न्यायमूर्ति एस तलपात्रा और न्यायमूर्ति एस.जी. चट्टोपाध्याय की पीठ ने कहा कि- ''... उनके अलग होने के बाद, अपीलकर्ता अपनी पीड़ित पत्नी से उसके पिता के घर पर कई बार मिलने गया और उसे अपने घर वापस लाने की कोशिश की, परंतु...

कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने दिल जीता, COVID-19 से उबरने के बाद अपने काम पर लौटी कोर्ट स्टाफ का गर्मजोशी से स्वागत किया (फोटो)
कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने दिल जीता, COVID-19 से उबरने के बाद अपने काम पर लौटी कोर्ट स्टाफ का गर्मजोशी से स्वागत किया (फोटो)

दिल जीत लेने वाले एक कदम के रूप में कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अभय श्रीनिवास ओका ने हाईकोर्ट स्टाफ मैरी जोसेफिन का गर्मजोशी से स्वागत किया, जो COVID-19 से उबरने के बाद मंगलवार को अदालत में अपने काम पर लौट आईं।मुख्य न्यायाधीश के इस कदम को सोशल मीडिया पर व्यापक सराहना मिल रही है, जिसमें कई लोगों ने कहा कि यह पहल COVID -19 से ठीक हुए व्यक्तियों पर दाग को दूर करने में एक मिसाल के तौर पर होगीयह पहली बार नहीं है जब सीजे ओका ने मानवतावादी संकेतों से दिल जीते हैं। कुछ महीने पहले, चिक्काबल्लापुर...

DHCBA का दिल्‍ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र, वकीलों पर पड़ रहे मानसिक और ‌आर्थ‌िक दबाव के कारण अदालतों में प्रत्यक्ष सुनवाई जरूरी
DHCBA का दिल्‍ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र, "वकीलों पर पड़ रहे मानसिक और ‌आर्थ‌िक दबाव के कारण अदालतों में प्रत्यक्ष सुनवाई जरूरी"

दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर प्रत्यक्ष अदालतों की सुनवाई फिर से शुरू करने की मांग की है। डीएचसीबीए सचिव एडवोकेट अभिजात बल द्वारा हस्ताक्षरित पत्र में कहा गया है कि "चूंकि निजी और सरकारी कार्यालयों, बाजार और शॉपिंग मॉल समेत सभी क्षेत्र, सामाजिक दूरी के मानदंडों और अन्य मानक संचालन प्रक्रियाओं के कड़ाई से पालन के साथ, धीरे-धीरे खुल रहे हैं। इसलिए दिल्ली हाईकोर्ट में प्रत्यक्ष सुनवाई फिर से शुरू करने की तत्काल आवश्यकता है, जो कि लगभग 120 दिनों से...

नाबालिग लड़की को राजस्थान में बेचने का मामला : त्रिपुरा हाईकोर्ट ने अथॉरिटी के सकारात्मक क़दम पर केस बंद किया
नाबालिग लड़की को राजस्थान में बेचने का मामला : त्रिपुरा हाईकोर्ट ने अथॉरिटी के सकारात्मक क़दम पर केस बंद किया

त्रिपुरा हाईकोर्ट ने शुक्रवार को स्वतः संज्ञान लेते हुए उत्तरी त्रिपुरा की एक नाबालिग लड़की की दुर्दशा के बारे में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई बंद कर दी। इस लड़की को राजस्थान के एक परिवार को बेच दिया गया था। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अकील कुरेशी और न्यायमूर्ति एस तलपत्र की पीठ ने इस जनहित याचिका को उस समय बंद कर दिया जब उसे यह बताया गया कि इस लड़की को वापस त्रिपुरा ले आया गया है। पीठ को कहा गया कि अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई की और इसी तरह के अन्य मामलों पर भी वे इसी तरह की तत्परता बरत...

कोर्ट मेंं पहले ही कार्य-सूची ओवरफ्लो है : पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट  ने एक जैसी कार्रवाई के लिए कई रिट याचिकाएं दाखिल करने पर प्रतिबंध लगाया
'कोर्ट मेंं पहले ही कार्य-सूची ओवरफ्लो है' : पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक जैसी कार्रवाई के लिए कई रिट याचिकाएं दाखिल करने पर प्रतिबंध लगाया

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह कार्यवाही के समान कार्य के संबंध में कई रिट याचिकाएं दायर करने की प्रथा को प्रतिबंधित कर दिया।यह देखते हुए कि ''न्यायालयों की कार्य-सूची पहले से मामलों से भरी पड़ी है'' न्यायमूर्ति अनिल क्षेत्रपाल ने कहा कि कई याचिकाओं को दाखिल करना ''न तो न्याय के हित में है और न ही न्यायिक संस्था के हित में है।''एकल पीठ ने अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ''इससे संस्थान का मूल्यवान समय नष्ट होता है''जिसके लिए ''बार और बेंच समान रूप से सहभागी हैं।'' अदालत...

महाराष्ट्र सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट के प्रत्येक जज एवं उनके जीवनसाथी के चश्मे के लिए दी 50 हजार रुपये वार्षिक भत्ते को मंजूरी
महाराष्ट्र सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट के प्रत्येक जज एवं उनके जीवनसाथी के चश्मे के लिए दी 50 हजार रुपये वार्षिक भत्ते को मंजूरी

महाराष्ट्र सरकार ने एक आश्चर्यजनक कदम उठाते हुए, बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीशों एवं उनके परिजनों को चश्मे खरीदने के लिए 50 हजार रुपये वार्षिक भत्ते को मंजूरी दी है। इस बाबत पिछले 10 जुलाई को विधि एवं न्यायिक विभाग की ओर से सरकारी संकल्प जारी किया गया था। कानूनी सलाहकार एवं संयुक्त सचिव योगेश अमेटा के हस्ताक्षर वाले इस सरकारी संकल्प में कहा गया है कि यह राशि जजों, उनके जीवन साथियों और उनके ऊपर आश्रित सदस्यों को चश्मे खरीदने के लिए दिये जाने का निर्णय लिया गया है। इस सरकारी संकल्प में कहा...

गुजरात हाईकोर्ट ने जुड़वां शिुशओं की कस्टडी उनकी मां को दी, महिला पर लगे प्रेम प्रसंग  और समलैंगिक होने के आरोपों को अप्रासंगिक बताते हुए किया खारिज
गुजरात हाईकोर्ट ने जुड़वां शिुशओं की कस्टडी उनकी मां को दी, महिला पर लगे प्रेम प्रसंग और समलैंगिक होने के आरोपों को अप्रासंगिक बताते हुए किया खारिज

गुजरात हाईकोर्ट ने एक मां को उसके जुड़वां शिशुओं की कस्टडी देते हुए कहा कि अपने बच्चों की कस्टडी मांगने वाली एक मां पर लगाए जाने वाले आरोपों की प्रकृति की कुछ सीमा होनी चाहिए ताकि उन बच्चों का एक सभ्य वातावरण में पालन-पोषण हो सके। शिशुओं की मां के खिलाफ लगाए गए हेट्रोसेक्शुअल और समलैंगिक होने के आरोपों पर न्यायालय ने कहा कि-''ऐसा प्रतीत होता है कि सारे आरोप बहुत स्पष्ट इरादे और सावधानी से डिजाइन किए गए हैंं। ताकि वह अपने दम पर खड़ी न हो पाए और उसके अंदर से आत्मसम्मान खत्म हो जाए,...

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली दंंगोंं की सुनवाई 27 जुलाई तक स्थगित की कहा, जवाब के लिए और समय नहीं दिया जाएगा
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली दंंगोंं की सुनवाई 27 जुलाई तक स्थगित की कहा, जवाब के लिए और समय नहीं दिया जाएगा

दिल्ली हाईकोर्ट ने पक्षकारों को एक दूसरे पर दस्तावेजों की आपूर्ति को पूरा करने के निर्देश देने के बाद मंगलवार को दिल्ली दंगों में उचित जांच की मांग करने वाली याचिकाओं के एक बैच की सुनवाई स्थगित कर दी। मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की खंडपीठ को सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता ने बताया कि सभी याचिकाओं में एक कॉमन जवाब दाखिल किया गया है। याचिकाकर्ताओं में से एक जमीयत उलमा ने कहा कि उन्हें दिल्ली पुलिस द्वारा दायर जवाब नहीं मिला है। इस पर एसजी तुषार मेहता ने जमीयत...

बार के 250 से अधिक सदस्यों ने एक प्रतिनिधित्व बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को सौंपा, सुरक्षा उपायों के साथ फिजिकल हियरिंग फिर से शुरू करने की मांग
बार के 250 से अधिक सदस्यों ने एक प्रतिनिधित्व बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को सौंपा, सुरक्षा उपायों के साथ फिजिकल हियरिंग फिर से शुरू करने की मांग

बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष एक प्रतिनिधित्व दायर किया गया है,जिसे बार के 250 से अधिक सदस्यों ने अपना समर्थन दिया है, जिनमें कुछ वरिष्ठ अधिवक्ता भी शामिल हैंं। इस प्रतिनिधित्व में मांग की गई है कि फिजिकल हियरिंग फिर से शुरू की जाए या वैकल्पिक रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नियमित सुनवाई शुरू की जाए। बीए देसाई, यूसुफ मुछला, रजनी अय्यर और आरिफ बुकवाला जैसे वरिष्ठ अधिवक्ताओं के नाम उन 254 अधिवक्ताओं की सूची में शामिल हैं, जिन्होंने उक्त प्रतिनिधित्व का समर्थन किया है।...

फॉरेंसिक रिपोर्ट के बिना पेश की गई चार्जशीट को अदालत पूर्ण चार्जशीट नहीं मान सकती : मेघालय की अदालत ने NDPS मामले में ज़मानत स्वीकार की
फॉरेंसिक रिपोर्ट के बिना पेश की गई चार्जशीट को अदालत पूर्ण चार्जशीट नहीं मान सकती : मेघालय की अदालत ने NDPS मामले में ज़मानत स्वीकार की

नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सबस्टेंस एक्ट (NDPS)के तहत आरोपी व्यक्ति को ज़मानत देते हुए मेघालय के एक ट्रायल कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि फॉरेंसिक साइंस रिपोर्ट के बिना अदालत चार्जशीट को पूर्ण चार्जशीट नहीं मान सकती। रासायनिक विश्लेषण रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर नहीं रखने के लिए पुलिस की खिंचाई करते हुए पूर्वी खासी हिल्स में विशेष न्यायाधीश ने कहा कि: 'एफएसएल रिपोर्ट की अनुपस्थिति में, यह अदालत मामले में आगे नहीं बढ़ सकती, क्योंकि रासायनिक विश्लेषण रिपोर्ट जब्त वर्जित पदार्थ की गुणवत्ता और...

राजस्थान संकट : पार्टी में आंतरिक असंतोष का अर्थ सदस्यता छोड़ना नहीं : सीनियर एडवोकेट हरीश साल्वे ने सचिन पायलट खेमे के लिए तर्क पेश किए
राजस्थान संकट : पार्टी में आंतरिक असंतोष का अर्थ सदस्यता छोड़ना नहीं : सीनियर एडवोकेट हरीश साल्वे ने सचिन पायलट खेमे के लिए तर्क पेश किए

राजस्थान हाईकोर्ट के सामने सोमवार को सचिन पायलट के नेतृत्व में 19 असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों के लिए पेश होते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने प्रस्तुत किया कि किसी अन्य पार्टी में जाए बिना, पार्टी नेतृत्व के खिलाफ असंतोष व्यक्त करना, पार्टी की सदस्यता छोड़ने की श्रेणी में नहीं आएगा। मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत महंती और न्यायमूर्ति प्रकाश गुप्ता की पीठ के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता साल्वे ने पेश किया कि "यदि विधायकों का एक समूह मुख्यमंत्री की कार्यशैली के खिलाफ अपनी आवाज उठाता है तो यह दलबदल नहीं...

अनुच्छेद 25 के तहत अपना धर्म मानने के अधिकार का प्रयोग किसी ग़ैरक़ानूनी संरचना के संरक्षण के लिए नहीं हो सकता : कर्नाटक हाईकोर्ट
अनुच्छेद 25 के तहत अपना धर्म मानने के अधिकार का प्रयोग किसी ग़ैरक़ानूनी संरचना के संरक्षण के लिए नहीं हो सकता : कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत नागरिक को हर जगह पूजा करने और ग़ैरक़ानूनी रूप से बने पूजा स्थलों के संरक्षण का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि ग़ैरक़ानूनी मंदिर बनाने का अधिकार आवश्यक धार्मिक प्रैक्टिस नहीं कहा जा सकता और इसे संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत कोई संरक्षण नहीं मिला हुआ है। कोर्ट ने कहा, "…ग़ैरक़ानूनी मंदिर और वह भी फूटपाथ पर, इसे बनाने के अधिकार के बारे में ऐसा नहीं कहा जा सकता कि यह किसी धर्म या धार्मिक प्रैक्टिस का हिस्सा है और...

सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान दर्ज करने के लिए मजिस्ट्रेट को COVID19 के मद्देनज़र नाबालिगों की भौतिक उपस्थिति की मांग नहीं करनी चाहिए : दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका पर नोटिस जारी किया
"सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान दर्ज करने के लिए मजिस्ट्रेट को COVID19 के मद्देनज़र नाबालिगों की भौतिक उपस्थिति की मांग नहीं करनी चाहिए" : दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका पर नोटिस जारी किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने उस याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें अदालत से यह निर्देश देने की मांग की गई है कि दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 164 के तहत 'देखभाल और सुरक्षा की आवश्यकता वाले बच्चों' के बयान मजिस्ट्रेट द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दर्ज किए जाएं और इसके लिए बच्चों की भौतिक उपस्थिति को समाप्त कर दिया जाए। मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की डिवीजन बेंच ने दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस आयुक्त सहित अन्य को नोटिस जारी किया है और उनसे एक सप्ताह में जवाब दाखिल...

याचिकाकर्ता ने वैवाहिक और लंबित सिविल विवादों में अपनी लड़ाई मजबूत करने के लिए यूएसए में रहने का झूठा दावा किया : तेलंगाना हाईकोर्ट ने लगाया जुर्माना
''याचिकाकर्ता ने वैवाहिक और लंबित सिविल विवादों में अपनी लड़ाई ''मजबूत'' करने के लिए यूएसए में रहने का झूठा दावा किया'' : तेलंगाना हाईकोर्ट ने लगाया जुर्माना

तेलंगाना हाईकोर्ट ने हाल ही में एक याचिकाकर्ता पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है क्योंकि उसने वैवाहिक और लंबित सिविल विवादों में अपनी लड़ाई को ''मजबूत'' करने के इरादे से अपनी पूर्व पत्नी के खिलाफ गलत शिकायत दर्ज कराई थी। जस्टिस टी विनोद कुमार की पीठ ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया है कि वह जुर्माने की राशि तेलंगाना राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के पास जमा करा दे। पीठ ने यह निर्देश देते हुए कहा कि- ''ऐसा प्रतीत होता है कि याचिकाकर्ता का पूरा प्रयास था कि किसी भी तरह से वह अपनी पूर्व-पत्नी के...

कानून के छात्रों ने की अंतिम वर्ष की परीक्षाएं  रद्द करने की मांग : बॉम्बे हाईकोर्ट ने  राज्य, यूजीसी और बीसीआई से जवाब मांगा
कानून के छात्रों ने की अंतिम वर्ष की परीक्षाएं रद्द करने की मांग : बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य, यूजीसी और बीसीआई से जवाब मांगा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कानून के एक छात्र की तरफ से दायर जनहित याचिका पर महाराष्ट्र राज्य, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और बार काउंसिल ऑफ इंडिया से जवाब मांगा है। इस जनहित याचिका में COVID19 महामारी के चलते अंतिम वर्ष की परीक्षाएं रद्द करने की मांग की गई है।मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति अनुजा प्रभुदेसाई की खंडपीठ ने राज्य, बीसीआई और यूजीसी को निर्देश दिया है कि वेे 24 जुलाई तक अपना जवाबी हलफनाम दाखिल करेंं। मामले में अगली सुनवाई 31 जुलाई 2020 को होगी।याचिकाकर्ता समरवीर सिंह,...

मेरे माता पिता दोनोंं ने मेरी शिक्षा में समान रूप से योगदान दिया : लॉ स्टूडेंट ने अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री पर पिता के साथ माता का नाम भी दर्ज करने का अनुरोध किया
"मेरे माता पिता दोनोंं ने मेरी शिक्षा में समान रूप से योगदान दिया" : लॉ स्टूडेंट ने अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री पर पिता के साथ माता का नाम भी दर्ज करने का अनुरोध किया

जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के स्नातक बैच की बीबीए एलएलबी की छात्रा सम्रिता शंकर ने अपने अल्मा मेटर सफलतापूर्वक पूरा कर लिया, जिसमें उनके उत्तीर्ण होने पर केवल उनके पिता के नाम का उल्लेख है। इसके बाद छात्रा ने अपनी डिग्री में अपने पिता के साथ साथ अपनी माता का नाम भी दर्ज करने का अनुरोध किया। सम्रिता शंकर द्वारा विश्वविद्यालय के कुलपति को एक ईमेल लिखकर उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता ने उनकी शिक्षा में "समान रूप से योगदान" दिया है लेकिन उन्हें जारी की गई प्रोविज़नल डिग्री पर केवल अपने पिता का...

अपने आरोपी मुवक्किल के बारे में साक्षात्कार देने वाले वक़ील के खिलाफ केरल बार काउंसिल ने कारण बताओ नोटिस जारी किया
अपने आरोपी मुवक्किल के बारे में साक्षात्कार देने वाले वक़ील के खिलाफ केरल बार काउंसिल ने कारण बताओ नोटिस जारी किया

वक़ील-मुवक्किल के बीच विशेषाधिकार का उल्लंघन कर एक टीवी चैनल को अपने मुवक्किल के बारे में साक्षात्कार देने वाले वक़ील के ख़िलाफ़ केरल बार काउंसिल ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह नोटिस तिरुवनंतपुरम के वक़ील केसरी कृष्णन नायर को जारी किया गया है जिन्होंने 16 जुलाई को एशिया नेट न्यूज़ चैनल को अपने एक मुवक्किल के बारे में साक्षात्कार दिया जो विवादास्पद सोना तस्करी मामले में एक आरोपी है। इस नोटिस में कहा गया है कि साक्षात्कार देकर वक़ील ने अपने मुवक्किल का नुक़सान किया है जिसने उस पर विश्वास...