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[ बाबरी विध्वंस केस ] ' मैं निर्दोष हूं, राजनीतिक प्रभाव और वैचारिक मतभेदों के कारण फंसाया गया ' : आडवाणी ने स्पेशल कोर्ट में कहा
वयोवृद्ध भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने शुक्रवार को 1992 के बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में विशेष सीबीआई अदालत के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया और विवादित ढांचे को गिराने की साजिश में किसी भी तरह की भागीदारी से इनकार किया।92 वर्षीय पूर्व उपप्रधानमंत्री के बयान को अदालत में मौजूद विमल कुमार श्रीवास्तव, केके मिश्रा और अभिषेक रंजन के साथ विशेष न्यायाधीश एस के यादव की अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दर्ज किया गया। सीबीआई के वकील ललित सिंह, पी चक्रवर्ती और आर के यादव भी उपस्थित थे।इस दौरान आडवाणी...
84 नर्सों को नौकरी से हटाने के ख़िलाफ़ हमदर्द अस्पताल पर कार्रवाई के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका
दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर एचएएच सेंटेनरी हॉस्पिटल ऑफ़ हमदर्द इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज़ एंड रीसर्च (एचआईएमएसआर) के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की गई है क्योंकि उसने उन 84 नर्सों को नौकरी से निकाल दिया है जिन्होंने COVID 19 के बारे में कुछ ज़रूरी मुद्दों को लेकर अपनी आवाज़ उठायी थी। याचिका वक़ील सुभाष चंद्रन केआर ने दायर की है। याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता सहित 84 नर्सों को एक ऐसे समय में मनमाने तरीक़े से नौकरी से निकाल दिया गया है जब देश में महामारी फैली हुई है। ऐसा बदले...
नाबालिग लड़के के यौन उत्पीड़न का मामला : सुलह होने पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने एफआईआर निरस्त की, अदालत ने रजिस्ट्री को पक्षकारों द्वारा की जमा करायी राशि ज़रूरतमंद वकीलों को देने के निर्देश दिए
नाबालिग लड़के के यौन उत्पीड़न का मामला : सुलह होने पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने एफआईआर निरस्त की, अदालत ने रजिस्ट्री को पक्षकारों द्वारा की जमा करायी राशि ज़रूरतमंद वकीलों को देने के निर्देश दिए बॉम्बे हाईकोर्ट ने 25 वर्षीय एक व्यक्ति के ख़िलाफ़ दायर एफआईआर निरस्त कर दी। इस व्यक्ति पर 17 साल के एक लड़के के यौन शोषण का आरोप था। पीड़ित के पिता ने आरोपी के साथ सुलह कर ली है, जिसके बाद कोर्ट ने एफआईआर को निरस्त कर दिया। नागपुर पीठ के न्यायमूर्ति ज़ेडए हक़ और न्यायमूर्ति एसएम मोदक की खंडपीठ ने...
एससी/एसटी अधिनियम के तहत 'पीड़ित' में उस व्यक्ति के मां-बाप और परिवार के सदस्य भी शामिल, जिसके ख़िलाफ़ अपराध हुआ : कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट की कलबुर्गी पीठ ने मंगलवार को कहा कि एससी/एसटी उत्पीड़न निवारण अधिनियम के तहत पीड़ित में उस व्यक्ति के मां-बाप और परिवार के लोग भी शामिल हैं जिसके ख़िलाफ़ अपराध हुआ है। अदालत ने कहा कि अधिनियम के तहत "पीड़ित" की परिभाषा काफ़ी विस्तृत है। अगर किसी व्यक्ति को किसी अपराध के कारण कोई शारीरिक, मानसिक, मनोवैज्ञानिक, भावनात्मक या आर्थिक नुक़सान हुआ है तो वह खुद, उसके मां-बाप, परिवार के सदस्य भी 'पीड़ित' की उक्त परिभाषा के तहत पीड़ित की श्रेणी में आते हैं। इसे देखते हुए...
इलाहाबाद हाईकोर्ट में 27 जुलाई से फिज़िकलऔर वर्चुअल दोनों तरह से सुनवाई होगी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सूचित किया है कि वह 27 जुलाई (सोमवार) से अदालत कक्ष में पूर्व की भांति उपस्थित होकर (फिज़िकल) सुनवाई करने के साथ-साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये भी सुनवाई करेगा। हाईकोर्ट का यह फैसला 22 जुलाई से केवल वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सुनवाई करने को लेकर किये गये निर्णय के महज कुछ दिनों बाद आया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर की ओर से 23 जुलाई को जारी एक शासकीय आदेश में कहा गया है, "27 जुलाई 2020 से मामलों की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के साथ-साथ अदालत...
जहां तक न्यायपालिका की संस्थाओं (शैक्षणिक) का सवाल, विधि के छात्रों के कल्याण का मामला भी जनहित से जुड़ा मामला : कर्नाटक हाईकोर्ट
बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने शुक्रवार को कर्नाटक हाईकोर्ट को सूचित किया कि उसने एक उप-समिति का गठन कर दिया है, जो इस मुद्दे पर विचार करेगी कि क्या पांच वर्षीय लॉ कोर्स के अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए मूट कोर्ट, इंटर्नशिप, प्री-ट्रायल तैयारी आदि करने के लिए बने अनिवार्य नियम में छूट दी जा सकती है या वैकल्पिक नियम तैयार किए जा सकते हैं? काउंसिल की तरफ से पेश अधिवक्ता श्रीधर प्रभु ने हाईकोर्ट को सूचित किया कि उप-समिति इस बात पर भी विचार कर रही है कि क्या शैक्षणिक वर्ष 2019-20 के लिए लॉ...
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने लाउडस्पीकरों के लिए अधिकतम शोर स्तर निर्धारित करने वाले अपने पूर्व के आदेश में किया संशोधन
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने अपने 2018 के फैसले में जारी उस निर्देश को संशोधित कर दिया है,जिसमें लाउडस्पीकर के लिए अधिकतम शोर की सीमा (स्तर) निर्धारित किया गया था। उक्त निर्णय में, राज्य को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया था कि लाउडस्पीकर या सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली का उपयोग किसी भी व्यक्ति (जिसमें धार्मिक संस्था मंदिर,मस्जिद और गुरूद्वारें भी शामिल हैं)द्वारा दिन के समय भी प्राधिकरण की लिखित अनुमति के बिना न किया जाए। वहीं अनुमति लेते समय यह अंडरटेकिंग भी देनी होगी कि शोर का स्तर...
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम की जेलों में COVID-19 के बढ़ते मामलों पर स्वतः संज्ञान लिया
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने गुरुवार को असम की जेलों में COVID -19 के बढ़ते मामलों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए असम सरकार को यह आदेश दिया कि वह जेल में बंद उन कैदियों के लिए सबसे अच्छा इलाज उपलब्ध कराये, जो कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अजय लांबा एवं न्यायमूर्ति मनीष चौधरी की बेंच ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए इस मामले में अधिकारियों को राज्य भर के सभी कैदियों का परीक्षण करने और उसके अनुसार परिणामों को अदालत को सूचित करने का निर्देश भी दिया। अदालत ने अपने आदेश में इस बात...
पीड़िता की डीएनए रिपोर्ट का मैच न होना, अपराध में शामिल नहींं होने का कोई आधार नहींं है : पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने गैंगरेप के आरोपी को ज़मानत देने से इनकार किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने गैंगरेप के एक आरोपी को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि, ''केवल इसलिए कि डीएनए रिपोर्ट (बलात्कार पीड़िता की) याचिकाकर्ता के साथ मेल नहीं खाती है, यह निष्कर्ष निकालने के लिए एक आधार नहीं हो सकता है कि याचिकाकर्ता अपराध में शामिल नहीं था।'' न्यायमूर्ति विवेक पुरी के समक्ष याचिकाकर्ता ने आईपीसी की धारा 342/363/366 ए /376 डी/ 506 रिड विद 34 और प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्राम सैक्सुअल आफेंस एक्ट (POCSO) की धारा 6 और 7 के तहत 4 मई 2018 को दर्ज की गई एफआईआर के संबंध में...
लोकतंत्र में यदि पुलिस एक वकील पर अत्याचार कर सकती है तो आम आदमी का क्या हाल होगा : एपी हाईकोर्ट ने पूछा
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति राकेश कुमार और न्यायमूर्ति के सुरेश रेड्डी की खंडपीठ ने सोमवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान अपनी टिप्पणी में कहा, "एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में, अगर सरकार का एक अधिकारी इस तरह का अत्याचार एक वक़ील के साथ कर सकता है जो अदालत का कर्मचारी है, तो यह अंदाज़ा लगाना भी मुश्किल है कि आम लोगों का क्या होगा।" अदालत यह एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई कर रही थी जो एक वक़ील को ग़ैरक़ानूनी तरीक़े से हिरासत में रखने के ख़िलाफ़ दायर की गई थी। पीठ ने कहा कि...
छात्रों को 15 अगस्त तक न तो ऑनलाइन क्लास की सुविधा लेने से रोका जाएगा और न ही उन्हें ऑनलाइन परीक्षा में बैठने से मना किया जाएगा : कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर मांग की गई है कि निजी और अन एडेड स्कूलों में पंजीकृत छात्रों को ऑनलाइन क्लास की सुविधा उठाने से नहीं रोका जाए और न ही उन्हें ऑनलाइन परीक्षा में भाग लेने से रोका जाए। कलकत्ता हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति संजीब बनर्जी और मौशमी भट्टाचार्या की खंडपीठ ने मंगलवार को इस याचिका पर निर्देश जारी किये : a. इसमें शामिल 112 स्कूलों में से सभी स्कूल ऑनलाइन क्लासेज़ बिना किसी शर्त के 15 अगस्त 2020 तक चलाते रहेंगे। b. इन 112 स्कूलों में से कोई भी स्कूल 15...
अगर कोर्ट के स्टाफ़, महाधिवक्ता के कार्यालय के स्टाफ़, या जीपी ऑफ़िस के स्टाफ़ को लोकल ट्रेनों में आने की अनुमति दी गई तो इससे वकीलों के साथ भेदभाव नहीं होता, सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट मेंं कहा
राज्य सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट में हलफ़नामा दायर कर कहा है कि अगर कोर्ट के स्टाफ़, महाधिवक्ता के कार्यालय के स्टाफ़, या जीपी ऑफ़िस के स्टाफ़ को लोकल ट्रेनों या बसों में आने-जाने की अनुमति दी गई तो इससे वकीलों के साथ भेदभाव नहीं होता है। चिराग़ चनानी, विनय कुमार और सुमित खन्ना की जनहित याचिका पर राज्य की ओर से यह हलफ़नामा किशोर राजे निम्बालकर, सचिव, आपदा प्रबंधन, राहत और पुनर्वास ने दायर की है। याचिकाकर्ताओं ने वकीलों की सेवाओं को आवश्यक सेवाओं में शामिल किए जाने की मांग की है ताकि उन्हें...
महामारी में अंतरिम जमानत का लाभ लेते हुए अभियुक्त को सीआरपीसी की धारा 167 (2) के तहत डिफॉल्ट जमानत का 'दोहरा लाभ' नहीं मिल सकता : पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने मंगलवार को एक आरोपी को डिफॉल्ट जमानत देने से इनकार कर दिया, क्योंकि उसको हिरासत में लेने के दो सप्ताह बाद ही कोरोना महामारी के कारण अंतरिम जमानत दे दी गई थी, जिसे समय-समय पर बढ़ा दिया गया था और उसे अब चार सितम्बर को आत्मसमर्पण करने की आवश्यकता है। न्यायमूर्ति एच एस मदान इस मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ दायर एक रिविजन याचिका पर विचार कर रहे थे। निचली अदालत ने सीआरपीसी की धारा 167 (2) के तहत वैधानिक जमानत देने से इनकार कर दिया था। न्यायमूर्ति...
आईसीएमआर ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा, ऐसे लोगों की जांच के आदेश दिए गए हैं जिन्हें डॉक्टरों ने टेस्ट कराने को कहा
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया है कि उसने सिर्फ़ उन्हीं लोगों की जांच करने का आदेश दिया है, जिन्हें डॉक्टरों ने जांच कराने की अनुशंसा की है। न्यायमूर्ति नवीन चावला की एकल पीठ को परिषद ने यह बात बताई। COVID19 टेस्ट के लिए डॉक्टर की आवश्यक अनुशंसा के आदेश को कोर्ट में चुनौती दी गई है। आईसीएमआर ने 20 जुलाई को अपने एक आदेश में कहा था कि जिन लोगों में रोग़ का कोई लक्षण नहीं है उन सभी लोगों की जांच कराने से लैब पर अनावश्यक दबाव पड़ेगा और फिर इस...
पिछले तीन सालों में कितने क़ैदियों को ज़मानत मिलने के 24 घंटे के भीतर नहीं छोड़ा गया, दिल्ली हाईकोर्ट ने डीजी (जेल) से जांच रिपोर्ट देने को कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने महानिदेशक (जेल) से यह जांच करने को कहा है कि कितने क़ैदियों को अदालत से ज़मानत मिलने के 24 घंटे के भीतर जेल से नहीं छोड़ा गया और क़ैदी इसकी वजह नहीं थे। न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति सुब्रमोनियम प्रसाद की खंडपीठ ने जेल निदेशक को इस बारे में स्थिति रिपोर्ट पेश करने को कहा और यह भी कहा कि इसमें आदेश की तारीख़, केस नंबर, छोड़े जाने की तारीख़ और ग़ैरक़ानूनी रूप से जेल में कितने दिनों तक रखा गया। एक क़ैदी की याचिका पर अदालत ने यह आदेश दिया है जिसे अदालत से ज़मानत...
Google Pay थर्ड पार्टी ऐप है जो शासन के दायरे मेंं और NPCI के दिशानिर्देशों के अनुसार काम करता है : Google ने दिल्ली हाईकोर्ट में बताया
Google इंडिया ने दिल्ली हाईकोर्ट को सूचित किया है कि Google Pay विभिन्न बैंकों को यूनाइटेड पेमेंट इंटरफ़ेस ( UPI) सेवा प्रदान करने के लिए एक थर्ड पार्टी एप्लिकेशन है और यह शासन के भीतर और राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) के दिशानिर्देशों के अनुसार काम करता है। Google Pay पर कथित तौर पर भुगतान करने के कानून का उल्लंघन करने के लिए प्रतिबंध लगाने के की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की डिवीजन बेंच को Google ने उक्त जानकारी दी। शुरू...
क्या डिजिटल हस्ताक्षर के साथ छात्रों को ऑनलाइन डिग्री दी जा सकती है? दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा दिल्ली विश्वविद्यालय इस पर विचार करे
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय को निर्देश दिया है कि वह छात्रों को डिजिटल हस्ताक्षर के साथ ऑनलाइन मोड के माध्यम से डिग्री प्रदान करने के लिए एक विशेष इंटरफेस बनाने की व्यवहार्यता पर विचार करे। न्यायमूर्ति प्रथिबा एम सिंह की एकल पीठ ने कंप्यूटर सेल के साथ-साथ दिल्ली विश्वविद्यालय के परीक्षा के डीन को निर्देश दिया है कि वे डिग्री प्रमाणपत्र, मार्कशीट और छात्रों की शिकायतों के समाधान के लिए एक विशेष सेल/ ऑनलाइन पोर्टल बनाने के मुद्दे पर गौर करें। पीठ ने कहा कि- 'जिन पेशेवरों की सेवाओं...
सुरक्षात्मक उपायों को शामिल करने के लिए केंद्र ने मोटर वाहन नियमों को संशोधित किया
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन (सातवां संशोधन) नियम, 2020 को अधिसूचित कर दिया है। केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 100 और 125 को संशोधित किया गया है और इनमें कुछ प्रावधानों को जोड़ा गया है। ये बदलाव इस तरह से हैं : सेफ़्टी ग्लास · अब कृषि कार्य के लिए ट्रैक्टर सहित सभी वाहनों के केबिन के विंडस्क्रीन सेफ़्टी ग्लास या सेफ़्टी ग्लेज़िंग मटीरीयल के बने होंगे। एल-5 श्रेणी के वाहन ( तिपहिया) और हुड और साइड कवर वाले वाहनों में विंडो के ग्लास एक्रिलिक या पारदर्शी...
पासपोर्ट में सौतेली मां के बजाय जैविक माता का नाम दर्ज करना किसी तरह का पक्षपात नहीं कहा जा सकता : पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय को निर्देश दिया कि वह एक आवेदक को अपनी सौतेली मां के नाम के बजाय, उसकी जैविक मां का नाम अपने पासपोर्ट में शामिल करने के अनुरोध को अनुमति दे। न्यायमूर्ति बीएस वालिया की पीठ ने एक दिव्या नागपाल द्वारा दायर रिट याचिका को यह कहते हुए अनुमति दी कि " यदि याचिकाकर्ता की जैविक मां का नाम उसके पासपोर्ट में उल्लेखित किया जाए तो इससे किसी भी पक्षकार के साथ पक्षपात नहीं होगा।" याचिकाकर्ता ने यह कहते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था कि उसकी...

![[ बाबरी विध्वंस केस ] मैं निर्दोष हूं, राजनीतिक प्रभाव और वैचारिक मतभेदों के कारण फंसाया गया : आडवाणी ने स्पेशल कोर्ट में कहा [ बाबरी विध्वंस केस ] मैं निर्दोष हूं, राजनीतिक प्रभाव और वैचारिक मतभेदों के कारण फंसाया गया : आडवाणी ने स्पेशल कोर्ट में कहा](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2020/07/25/500x300_378826-785i1uubfqto7mnpv71zpnwhusink3qidkk9356268.jpg)
















