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पुलिस जनता की राय बनाने के लिए मीडिया का सहारा नहीं ले सकती कि आरोपी ही दोषी है : दिल्ली हाईकोर्ट
पुलिस जनता की राय बनाने के लिए मीडिया का सहारा नहीं ले सकती कि आरोपी ही दोषी है : दिल्ली हाईकोर्ट

पिंजरा तोड़ की सदस्य देवांगना कलिता द्वारा दिल्ली दंगों के पीछे साजिश में उसकी संलिप्तता का आरोप लगाते हुए दिल्ली पुलिस द्वारा उसके खिलाफ जारी किए गए प्रेस नोट को रद्द करने की मांग करने के मामले में, दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा कि क्योंकि आरोपी से सहानुभूित रखने वाले उसके निर्दोष होने की घोषणा कर रहे हैं, पुलिस का औचित्य केवल मीडिया ट्रायल को बढ़ावा देने के लिए है, जिसका समर्थन नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति विभु बाखरू की एकल पीठ ने आगे कहा कि एक राय के गठन को प्रभावित करने के प्रयास में कि एक...

कर्नाटक हाईकोर्ट ने COVID-19 के बढ़ते मामलों के बीच राज्य सरकार को कॉमन एंट्रेंस टेस्ट आयोजित करने के निर्णय पर पुनर्विचार करने को कहा
कर्नाटक हाईकोर्ट ने COVID-19 के बढ़ते मामलों के बीच राज्य सरकार को कॉमन एंट्रेंस टेस्ट आयोजित करने के निर्णय पर पुनर्विचार करने को कहा

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने मंगलवार को राज्य सरकार को निर्देश दिया कि राज्य में COVID-19 के बढ़ते मामलों के बीच कर्नाटक कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (KCET) आयोजित करने के निर्णय पर पुनर्विचार करें। 13 मई को सरकार द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार केसीईटी को 30 और 31 जुलाई को आयोजित करने का प्रस्ताव है। मुख्य न्यायाधीश अभय श्रीनिवास ओका की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ ने सरकार के इस फैसले को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ताओं द्वारा ज़ाहिर की गई चिंताओं को ध्यान में रखते हुए देखा: "पिछले दो हफ्तों के दौरान,...

संविदा पर काम करने वाले सरकारी कर्मचारियों को बच्चे की देखभाल के लिए छुट्टी नहीं मिलना बच्चे को उसके अधिकार से वंचित करना है : उत्तराखंड हाईकोर्ट
संविदा पर काम करने वाले सरकारी कर्मचारियों को बच्चे की देखभाल के लिए छुट्टी नहीं मिलना बच्चे को उसके अधिकार से वंचित करना है : उत्तराखंड हाईकोर्ट

उत्तराखंड हाईकोर्ट की पूर्ण पीठ ने कहा है कि संविदा पर काम करने वाली महिला को भी बच्चे की देखभाल (Child Care Leave) के लिए छुट्टी (सीसीएल) लेने का अधिकारी है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन, न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ ने कहा, "सीसीएल प्रथमत: बच्चों की भलाई के लिए है। अगर किसी बच्चे की मां सरकार में संविदा के आधार पर काम कर रही है, तो उसके बच्चों की भी आवश्यकताएँ वही हैं जो दूसरे बच्चों की। अगर सरकार में संविदा की व्यवस्था के तहत काम करने...

केवल नग्नता अपने आप में अश्लीलता नहीं : अर्धनग्न शरीर पर बच्चों को पेंटिंग करते दिखाने के वीडियो के मामले में ज़मानत के लिए रेहाना फातिमा ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया
"केवल नग्नता अपने आप में अश्लीलता नहीं" : अर्धनग्न शरीर पर बच्चों को पेंटिंग करते दिखाने के वीडियो के मामले में ज़मानत के लिए रेहाना फातिमा ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया

केरल की विवादास्पद कार्यकर्ता रेहाना फ़ातिमा, जिन पर अपने अर्ध-नग्न शरीर पर अपने बच्चों को पेंटिंग दिखाते हुए एक वीडियो पर मामला दर्ज किया गया, उन्होंने केरल हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। केरल हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी से पहले जमानत देने से इनकार कर दिया था। रेहाना फ़ातिमा की इस दलील को हाईकोर्ट ने नामंज़ूर कर दिया था कि यौन शिक्षा देने के लिए उन्होंने उस वीडियो को प्रकाशित किया जिसमें उनके बच्चे को उनके नग्न शरीर पर पेंटिंग करते दिखाया गया है।...

अवमानना की शुरुआत आलोचना का दम घोटने का प्रयास : पूर्व न्यायाधीशों/सरकारी अधिकारियों/ कार्यकर्ताओं ने प्रशांत भूषण के साथ एकजुटता दिखाई
'अवमानना की शुरुआत आलोचना का दम घोटने का प्रयास' : पूर्व न्यायाधीशों/सरकारी अधिकारियों/ कार्यकर्ताओं ने प्रशांत भूषण के साथ एकजुटता दिखाई

अधिवक्ता प्रशांत भूषण के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के मामले में पूर्व न्यायाधीशों, पूर्व वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, राजदूतों, कार्यकर्ताओं और शिक्षाविदों ने उनके पक्ष में एकजुटता दिखाते हुए एक बयान जारी किया है।बयान में कहा गया है कि ऐसा प्रतीत होता है कि सर्वोच्च न्यायालय के कामकाज को लेकर कई मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करने वाले श्री भूषण के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करना ''आलोचना का दम घोटने'' का एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि,'' प्रतिशोध या आपराधिक अवमानना की...

राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने रजिस्ट्री से कहा, अगर पीड़ित को पक्षकार नहीं बनाया गया है तो एससी/एसटी अधिनियम के तहत कोई अपील दर्ज करने पर विचार न करे

राजस्थान हाईकोर्ट ने अपनी रजिस्ट्री से कहा है कि अगर एससी/एसटी (अत्याचार उन्मूलन) अधिनियम के तहत किसी मामले में पीड़ित को प्रतिवादी-पक्षकार नहीं बनाया गया है तो ऐसी अपील दर्ज करने के लिए उस पर विचार न करे। न्यायमूर्ति संदीप मेहता ने यह आदेश अधिनियम की धारा 15(3) और 15(5) के तहत पीड़ित को आरोपी के ख़िलाफ़ ज़मानत या रिहाई जैसी किसी भी तरह की सुनवाई के दौरान मौजूद रहने के अधिकार के तहत दिया है। अदालत ने अधिनियम की धारा 14A के तहत दायर एक अपील पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया। इस अपील...

अंतिम वर्ष की परीक्षाएं स्थगित करने का राज्य सरकार का निर्णय देश में उच्च शिक्षा के मानकों को सीधे प्रभावित कर रहा है :  यूजीसी ने बाॅम्बे हाईकोर्ट मेंं बताया
अंतिम वर्ष की परीक्षाएं स्थगित करने का राज्य सरकार का निर्णय देश में उच्च शिक्षा के मानकों को सीधे प्रभावित कर रहा है : यूजीसी ने बाॅम्बे हाईकोर्ट मेंं बताया

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने बाॅम्बे हाईकोर्ट के समक्ष एक हलफनामा दायर करते हुए कहा है कि महाराष्ट्र राज्य द्वारा अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को स्थगित करने या परीक्षा करवाए बिना ही छात्रों को 'ग्रेजुएट' करने का निर्णय देश में उच्च शिक्षा के मानकों को प्रभावित कर रहा है। साथ ही यह निर्णय उच्च शिक्षा के मानकों के समन्वय और निर्धारण करने के वैधानिक क्षेत्र पर भी अतिक्रमण कर रहा है,जो विशेष रूप से संसद के लिए आरक्षित है।पूर्व में मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति अनुजा...

उड़ीसा हाईकोर्ट ने अधीनस्थ जजों से POCSO मामलों में ज़मानत की अर्ज़ी पर सुनवाई में पीड़ित की मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा
उड़ीसा हाईकोर्ट ने अधीनस्थ जजों से POCSO मामलों में ज़मानत की अर्ज़ी पर सुनवाई में पीड़ित की मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा

उड़ीसा हाईकोर्ट ने सभी अधीनस्थ जजों को निर्देश दिया है कि प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल अफेंसेस एक्ट 2012 (POCSO) मामले में आरोपी की ज़मानत की अर्ज़ी की सुनवाई में पीड़िता/सूचना देने वाले की मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा है, विशेषकर अगर जिसके साथ बलात्कार या सामूहिक बलात्कार हुआ है, उसकी आयु 12 साल से कम है या जिसके साथ सामूहिक बलात्कार हुआ है उसकी उम्र 16 साल से कम है। अदालत ने रजिस्ट्री को इस बारे में सभी जजों को यह दिशानिर्देश जारी करने को कहा है।न्यायमूर्ति पाणिग्रही ने यह आदेश...

कोई महिला अपने अपमान के ख़िलाफ़ किस तरह की प्रतिक्रिया देगी, इस बारे में कोई एक निर्धारित फ़ॉर्मूला नहीं हो सकता : बॉम्बे हाईकोर्ट
कोई महिला अपने अपमान के ख़िलाफ़ किस तरह की प्रतिक्रिया देगी, इस बारे में कोई एक निर्धारित फ़ॉर्मूला नहीं हो सकता : बॉम्बे हाईकोर्ट

"कोई महिला किसी पुरुष द्वारा अपमानित किए जाने पर किस तरह प्रतिक्रिया देगी इस बारे में कोई एक निर्धारित फ़ॉर्मूला नहीं हो सकता," बॉम्बे हाईकोर्ट ने बलात्कार के आरोपी 24 साल के एक व्यक्ति को ज़मानत पर छोड़ते हुए यह बात कही। जस्टिस भारती डांगरे ने कहा, "किसी पुरुष की ओर से बेइज़्ज़त किए जाने की स्थिति में कोई महिला किस तरह की प्रतिक्रिया करेगी इस बारे में कोई एक निश्चित फ़ॉर्मूला नहीं हो सकता क्योंकि सभी महिलाओं का जन्म जीवन में अलग अलग परिस्थितियों में हुआ है, वे जीवन में अलग-अलग बातों से...

Writ Of Habeas Corpus Will Not Lie When Adoptive Mother Seeks Child
सिविल विवादों को निपटाने के लिए दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर विचार नहीं किया जा सकता, यह हाईकोर्ट के कानूनी अधिकार का दुरुपयोग: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने शुक्रवार को एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका (Habeas Corpus Petition) के मामले में यह टिप्पणी की कि पार्टियों के सिविल विवादों को निपटाने के लिए, बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर विचार अदालत द्वारा नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति जी. एस. अहलुवालिया की एकल पीठ ने यह स्पष्ट किया कि ऐसी याचिका का मनोरंजन करना स्पष्ट रूप से इस न्यायालय के कानूनी अधिकार का दुरुपयोग होगा। क्या था यह मामला? भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत यह याचिका, बंदी प्रत्यक्षीकरण की...

मां के नग्न शरीर पर बच्चों को पेंटिंग करते दिखाने के वीडियो का मामला : केरल हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया कहा, यह यौन लाभ के लिए बच्चों का इस्तेमाल करना है
मां के नग्न शरीर पर बच्चों को पेंटिंग करते दिखाने के वीडियो का मामला : केरल हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया कहा, यह यौन लाभ के लिए बच्चों का इस्तेमाल करना है

केरल की रेहाना फ़ातिमा के इस दावे को अदालत ने नामंज़ूर कर दिया कि यौन शिक्षा देने के लिए उन्होंने उस वीडियो को प्रकाशित किया जिसमें उनके बच्चे को उनके नग्न शरीर पर पेंटिंग करते दिखाया गया है। कोर्ट ने रेहाना को इस आधार पर अग्रिम ज़मानत देने से मना कर दिया। मामले की सुनवाई करने वाले जज न्यायमूर्ति पीवी कुन्हीकृष्णन ने कहा कि वह अपने 14 साल के बेटे और 8 साल की बेटी को जिस तरह से चाहें अपने घर के अंदर यौन शिक्षा देने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन इस बारे में कोई वीडियो जारी करना, जिसमें उनके बच्चे...

2000 महिला वकीलों ने केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखा, आर्थिक रूप से परेशान अधिवक्ताओं के लिए मांगी सहायता, पांच लाख रुपये तक के लोन की योजना का अनुरोध
2000 महिला वकीलों ने केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखा, 'आर्थिक रूप से परेशान अधिवक्ताओं' के लिए मांगी सहायता, पांच लाख रुपये तक के लोन की योजना का अनुरोध

अदालतों में प्रतिबंधित कामकाज के कारण वकील समुदाय इस समय वित्तीय संकट से गुजर रहा है। इसी के चलते देशभर की 2000 से अधिक महिला वकीलों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखा है, जिसमें ''वित्तीय रूप से परेशान अधिवक्ताओं'' के लिए सहायता की मांग की है। महिला वकीलों ने गृह मंत्री से आग्रह किया है कि वह आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करें और एक यूनिफाॅर्म पाॅलिसी तैयार करें ताकि प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं को पांच लाख रुपये तक का लोन दिया जा सके, जो एक वर्ष की...

आपत्तिजनक सामग्री वाले सोशल मीडिया ग्रुप के सदस्य भी सहअपराधी बनाये जा सकते हैं : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
आपत्तिजनक सामग्री वाले सोशल मीडिया ग्रुप के सदस्य भी सहअपराधी बनाये जा सकते हैं : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि यदि कोई व्यक्ति किसी सोशल मीडिया ग्रुप का सदस्य है और यदि उस ग्रुप में आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट किया जाता है तो वह व्यक्ति भी अपराध में साझेदार होगा। न्यायमूर्ति सुवीर सहगल भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराएं 354 (शील भंग करने के इरादे से महिला के खिलाफ जोर-जबर्दस्ती करने या बल प्रयोग करने), धारा 354-ए (यौन उत्पीड़न), धारा 384 (जबरन वसूली) और 120-बी (आपराधिक साजिश रचने) तथा बाल यौन अपराध संरक्षण कानून, 2012 की धारा-8 (यौन...

P&H High Court Dismisses Protection Plea Of Married Woman Residing With Another Man
किशोर/नाबालिग भी है अग्रिम जमानत का हकदार, जघन्य अपराध करने वालों को अग्रिम जमानत मिल सकती है तो किशोर को क्यों नहीं?: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने शुक्रवार (24 जुलाई) को सुनाये एक आदेश/मामले में, जिसमे एक किशोर युवक की माता द्वारा हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर करते हुए अपने पुत्र के लिए अग्रिम जमानत की मांग की गयी थी, अग्रिम जमानत के उस आवेदन पर विचार करते हुए उसे अनुमति दे दी। दरअसल इस मामले में सिरसा की ऐलनाबाद तहसील के एक गांव में दो परिवारों के बीच हुए विवाद के बाद एफआइआर दर्ज की गई थी जिसमे मौजूदा किशोर का नाम भी शामिल था। न्यायमूर्ति एच. एस. मदान की एकल पीठ ने साथ ही यह टिप्पणी भी की कि, ...

ऑनलाइन गैंबलिंग युवाओं को जाल में फंसा रहा है: मद्रास हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पोकर, रमी जैसे वर्चुअल गेम को नियंत्रित करने को कहा
"ऑनलाइन गैंबलिंग युवाओं को जाल में फंसा रहा है": मद्रास हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पोकर, रमी जैसे वर्चुअल गेम को नियंत्रित करने को कहा

मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने शुक्रवार को "ऑनलाइन गेम" जैसे कि रमी, पुल, नैप, पोकर, आदि को नियंत्रित करने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया, जो बेरोजगार युवाओं को अपने पैसे दांव पर लगाने के लिए लालच दे रहे हैं। पीठ में शामिल न्यायमूर्ति बी.पुगलेंधी ने कहा, "केवल तमिलनाडु राज्य में ही नहीं, बल्कि पूरे देश में, इस तरह के ऑनलाइन गेम ... कुकुरमुत्ता की तरह आ रहे हैं और लगभग सभी सोशल मीडिया और वेबसाइटों में बहुत सारे विज्ञापन दिखाई दे रहे हैं। ऐसा लगता है कि ये विज्ञापन ज्यादातर बेरोजगार...

अभियुक्त को केवल इस धारणा के आधार पर कस्टडी में नहीं रखा जा सकता कि वह  ट्रायल में अड़चन डालेगा या समाज को संदेश देना है : दिल्ली हाईकोर्ट
अभियुक्त को केवल इस 'धारणा' के आधार पर कस्टडी में नहीं रखा जा सकता कि वह ट्रायल में अड़चन डालेगा या समाज को संदेश देना है : दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि जांच एजेंसी की इस धारणा के आधार पर कि अभियुक्त न्याय के प्रशासन में हस्तक्षेप करेगा, किसी अभियुक्त को जमानत देने से इनकार करते हुए उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता को कम नहीं आंका जा सकता।न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी की एकल पीठ ने कहा कि- ''कहीं भी यह कानून नहीं है कि एक अभियुक्त, जिसके मुकदमे की अभी सुनवाई होनी हैै, उसे केवल इस धारणाया अनुमान के आधार पर हिरासत में रखा जाना चाहिए कि वह मुकदमे में अड़चन डालेगा या समाज को कोई संदेश देना है। कुछ भी हो, किसी ...

सांप्रदायिक हैशटैग : सिर्फ कंटेंट हटाना पर्याप्त नहींं,  तेलंंगाना हाईकोर्ट ने ट्विटर से जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा
सांप्रदायिक हैशटैग : सिर्फ कंटेंट हटाना पर्याप्त नहींं, तेलंंगाना हाईकोर्ट ने ट्विटर से जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा

तेलंगाना हाईकोर्ट ने शुक्रवार को जून 2020 में ट्विटर को जारी नोटिस पर जवाब देने को कहा, जिसमें यह पूछा गया था कि इसने अपनी वेबसाइट से "सांप्रदायिक हैशटैग" को हटाने के लिए त्वरित कार्रवाई क्यों नहीं की। यह नोटिस मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली पीठ ने जारी किया था। चीफ जस्टिस राघवेंद्र सिंह चौहान और जस्टिस बी विजयसेन रेड्डी की खंडपीठ ने 20 अगस्त, 2020 तक इस मामले में अमेरिका की कंपनी को अपना हलफनामा दाखिल करने को कहा है। इस याचिका में कहा गया है कि ट्विटर पर ट्रेंड करनेवाले "सांप्रदायिक...