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[सर्विस रूल्स] सरकार एक मॉडल नियोक्ता होने के कारण ईस्ट इंडिया कंपनी के जैसे काम नहीं कर सकती है: कर्नाटक हाईकोर्ट
[सर्विस रूल्स] सरकार एक मॉडल नियोक्ता होने के कारण ईस्ट इंडिया कंपनी के जैसे काम नहीं कर सकती है: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने सोमवार (28 सितंबर) को कहा कि सरकार एक मॉडल नियोक्ता होने के कारण ईस्ट इंडिया कंपनी के जैसे काम नहीं कर सकती है, पुराने दिनों जैसे जब सेवा नियमों के जर‌िए आम तौर पर सेवा की स्‍थ‌ितियों को विनियमित किया जाता था।जस्टिस कृष्ण पी दीक्षित और जस्टिस पीएन देसाई की खंडपीठ एक सिविल सेवक की ओर से दायर रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें कर्नाटक राज्य प्रशासनिक न्यायाधिकरण ('केएसएटी') की कालबुर्गी पीठ द्वारा आवेदन संख्या 1270/2020 पर 12.08.2020 को दिए गए आदेश को चुनौती दी गई थी। आदेश...

जामिया के छात्रों ने ट्यूशन शुल्क की माफी के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया
जामिया के छात्रों ने ट्यूशन शुल्क की माफी के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया

जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के छात्रों ने ट्यूशन फीस के साथ जिन सेवाओं का लाभ छात्रों ने नहीं उठाया है, उनका शुल्क माफ करने की मांग करते हुए जामिया के छात्रों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। जामिया के फैकल्टी ऑफ लॉ के छात्रों द्वारा दायर की गई याचिका में तर्क दिया गया है कि कैंटीन, विकास शुल्क, सांस्कृतिक गतिविधियों आदि के तहत शुल्क वसूलना अनैतिक है, क्योंकि शारीरिक कक्षाओं के निलंबन के कारण छात्रों द्वारा सेवाओं का लाभ नहीं उठाया जा रहा है।याचिकाकर्ताओं ने आगे तर्क दिया है...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कंगना रनौत की बंगले में तोड़फोड़ के खिलाफ दायर याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कंगना रनौत की बंगले में तोड़फोड़ के खिलाफ दायर याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को हिंदी फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत द्वारा बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) द्वारा उनके बंगले के हिस्से को गिराने के खिलाफ दायर रिट याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया।जस्टिस एस जे कथावाला और जस्टिस आर आई छागला की एक बेंच ने कई दिनों तक हाई प्रोफाइल मामले में विस्तृत मौखिक दलीलें सुनने के बाद मामले को सुरक्षित रख लिया।सोमवार को, पक्षों के लिए वकीलों ने बेंच को बताया कि उन्होंने पहले बेंच द्वारा निर्देश के तहत लिखित तर्क प्रस्तुत किए हैं।क्रमश कंगना और मुंबई सिविल निकाय के...

गुजरात हाईकोर्ट ने जमानत आदेशों की डिजिटल हस्ताक्षरित प्रतियां जिला अदालतों को भेजने के लिए ई-रिट मॉड्यूल की शुरुआत की
गुजरात हाईकोर्ट ने जमानत आदेशों की डिजिटल हस्ताक्षरित प्रतियां जिला अदालतों को भेजने के लिए ई-रिट मॉड्यूल की शुरुआत की

गुजरात उच्च न्यायालय ने शुक्रवार (02 अक्टूबर) को उच्च न्यायालय से जमानत आदेशों की डिजिटल हस्ताक्षरित प्रतियां जिला अदालतों को भेजने के लिए ई रिट मॉड्यूल शुरू किया।उच्च न्यायालय की आईसीटी एवं ई-गवर्नेंस समिति के न्यायाधीशों की सिफारिश पर मुख्य न्यायाधीश विक्रम नाथ द्वारा महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर राज्य भर के संबंधित जिला न्यायालयों को उच्च न्यायालय के डिजिटल हस्ताक्षरित जमानत आदेश उपलब्ध कराने के लिए एक नया मॉड्यूल शुरू किया गया है ।प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है-"ई-रिट मॉड्यूल नामक इस नए...

हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह विभिन्न हाईकोर्ट के महत्वपूर्ण ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह विभिन्न हाईकोर्ट के महत्वपूर्ण ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र

28 सितंबर 2020 से 1 अक्टूबर 2020 तक देश के विभिन्न हाईकोर्ट के कुछ महत्वपूर्ण ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र.....[अस्पतालों में मोबाइल पर प्रतिबंध] ' प्रतिबंध से मरीजों के मुक्त संचार का अधिकार प्रभावित होता है', कलकत्ता हाईकोर्ट ने सरकार से प्रतिबंध में ढील देने को कहाकलकत्ता हाईकोर्ट ने बुधवार (30 सितंबर) को उम्मीद जताई कि राज्य सरकार जनता के स्वास्थ्य के मुद्दों से समझौता किए बिना, अस्पतालों में मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध को ढीला करने के लिए उचित उपाय करेगी। अदालत ने कहा कि अस्पतालों में मोबाइल...

सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र

पिछले सप्ताह (28 सितंबर 2020 से 1 अक्टूबर 2020) तक सुप्रीम कोर्ट कोर्ट के कुछ ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र.....अवमानना मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला बार और भाषण की स्वतंत्रता पर मौलिक हमला है: प्रशांत भूषण ने बीसीडी को उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं करने का आग्रह किया"मैं प्रस्तुत करता हूं कि बार काउंसिल को कानूनी पेशे के सदस्यों के अधिकारों के साथ एकजुटता में खड़ा होना चाहिए, और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का संज्ञान नहीं लेना चाहिए, जिसने बार सदस्यों और सामान्य नागरिकों की स्वतंत्रता, अधिकारों...

रिकॉर्ड पर कोई ऐसा मेडिकल साक्ष्य नहीं जो आरोपी को ड्रग एडिक्ट दर्शाता हो : दिल्ली हाईकोर्ट ने एनडीपीएस के तहत आरोपी को ज़मानत दी
रिकॉर्ड पर कोई ऐसा मेडिकल साक्ष्य नहीं जो आरोपी को ड्रग एडिक्ट दर्शाता हो : दिल्ली हाईकोर्ट ने एनडीपीएस के तहत आरोपी को ज़मानत दी

दिल्ली हाईकोर्ट ने नार्कोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट (NDPS) की धारा 20 और 29 के तहत आरोपी एक व्यक्ति को जमानत देते हुए कहा है कि अभियोजन पक्ष कोई ऐसा चिकित्सीय साक्ष्य पेश नहीं कर पाया,जिससे इस बयान को समर्थन मिल सके कि आरोपी एक ड्रग एडिक्ट है। न्यायमूर्ति विभु बाखरू की एकल पीठ ने जमानत देते समय कहा कि यह मानने के लिए उचित आधार हैं कि अभियुक्त को उन अपराधों के मामले में बरी किया जा सकता है जिनके तहत उस पर मामला बनाया गया है।वर्तमान मामले में आरोपी व्यक्ति ने...

 NLSIU एक अद्वितीय राष्ट्रीय संस्थान है न कि कोई राज्य विश्वविद्यालय : कर्नाटक हाईकोर्ट ने 25% अधिवास आरक्षण रद्द करते हुए कहा
' NLSIU एक अद्वितीय राष्ट्रीय संस्थान है न कि कोई राज्य विश्वविद्यालय ': कर्नाटक हाईकोर्ट ने 25% अधिवास आरक्षण रद्द करते हुए कहा

बेंगलुरु के नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (एनएलएसआईयू) में शुरू किए गए 25% अधिवास आरक्षण (Domicile Reservation) को रद्द करते हुए कर्नाटक उच्च न्यायालय ने कहा कि एनएलआईएसयू एक "अद्वितीय राष्ट्रीय संस्थान" है और इसे राज्य विश्वविद्यालय नहीं माना जा सकता।न्यायालय ने कहा कि एनएलएसआईयू अधिनियम, 1986 के तहत कर्नाटक राज्य की केवल सीमित भूमिका है और राज्य विधानमंडल के पास यह अधिदेश देने का कोई अधिकार या प्राधिकार नहीं है कि कर्नाटक के छात्रों को 25% क्षैतिज आरक्षण दिया जाना चाहिए।न्यायमूर्ति बी...

[तब्लीगी जमात] सभी मामलों को उत्तर प्रदेश के तीन जिलों में स्‍थानातं‌रित किया जाए, और आठ सप्ताह के भीतर ‌निस्तारण किया जाएः इलाहाबाद हाईकोर्ट
[तब्लीगी जमात] सभी मामलों को उत्तर प्रदेश के तीन जिलों में स्‍थानातं‌रित किया जाए, और आठ सप्ताह के भीतर ‌निस्तारण किया जाएः इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार (30 सितंबर) को निर्देश दिया कि कानपुर, गोरखपुर, प्रयागराज, वाराणसी और लखनऊ जोन में तब्लीगी जमात के सदस्यों के खिलाफ लंबित मामलों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, लखनऊ को हस्तांतरित कर दिया जाए।इसी प्रकार, आगरा और मेरठ जोन में लंबित मामलों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, मेरठ को स्थानांतरित किया जाना चाहिए। बरेली जोन में लंबित मामलों को मुख्य न्यायिक (10) मजिस्ट्रेट, बरेली को स्थानांतरित किया जाना चाहिए। उपरोक्त जोन के अंतर्गत आने वाले जिलों के नाम जजमेंट में दिए गए...

CLAT UG के तीन और CLAT PG का एक प्रश्न हटाया गया, UG के चार प्रश्नों के उत्तर बदले गएः कंसोर्टियम ऑफ नेशनल लॉ यूनिवसर्टीज़
CLAT UG के तीन और CLAT PG का एक प्रश्न हटाया गया, UG के चार प्रश्नों के उत्तर बदले गएः कंसोर्टियम ऑफ नेशनल लॉ यूनिवसर्टीज़

कंसोर्टियम ऑफ नेशनल लॉ यूनिवसर्टीज़ ने बताया है कि CLAT UG परीक्षा के तीन प्रश्न और CLAT PG परीक्षाओं के एक प्रश्न को विशेषज्ञ समिति की सिफारिश के बाद हटा दिया गया है।इसके अलावा यूजी परीक्षा में, चार उत्तर कुंजियां बदली जा रही हैं, जिसमें एक-एक अंग्रेजी और करंट अफेयर्स जीके सहित, और दो क्वांटिटेटिव टेक्नीक्स की हैं। विशेषज्ञ समिति ने लीगल रीजनिंग और लॉजिकल रीजनिंग में किसी भी बदलाव की सिफारिश नहीं की। इसी प्रकार, पीजी परीक्षा कुंजी में कोई बदलाव नहीं होगा।पूरी प्रेस विज्ञप्ति का पढ़ें16 सितंबर,...

खंडपीठ द्वारा वकीलों की शिकायतों को अनसुना करने के बाद बार काउंसिल ऑफ़ केरल ने CJ को लिखा पत्र, शारीरीक रूप से सुनवाई (Physical Hearing) शुरू न होने पर अदालती कार्यवाही में भाग लेने से किया इनकार
खंडपीठ द्वारा वकीलों की शिकायतों को अनसुना करने के बाद बार काउंसिल ऑफ़ केरल ने CJ को लिखा पत्र, शारीरीक रूप से सुनवाई (Physical Hearing) शुरू न होने पर अदालती कार्यवाही में भाग लेने से किया इनकार

कथित रूप से वकीलों की दुर्दशा के प्रति उच्च न्यायालय द्वारा दिखाई गए "उदासीनता" से घबराए बार काउंसिल ऑफ केरल ने बुधवार को मुख्य न्यायाधीश को एक पत्र लिखा, जिसमें उन्हें किसी भी अदालत में भाग लेने या सहयोग करने से रोकने के अपने फैसले की धमकी दी गई, जिसमें ई-अदालतें शामिल हैं, केरल राज्य में तब तक जब तक कि राज्य में अधिवक्ताओं के पेशे को प्रभावित करने वाले सभी मुद्दे निपट नहीं जाते। निर्णय केरल के अधिवक्ता समुदाय और सभी बार संघों के साथ मिलकर लिया गया था।वकीलों के समुदाय ने उनके सामने आने वाली कई...

ओबीसी के तहत ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को आरक्षण देने को तैयार: कर्नाटक सरकार ने हाई कोर्ट  को बताया
ओबीसी के तहत ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को आरक्षण देने को तैयार: कर्नाटक सरकार ने हाई कोर्ट को बताया

कर्नाटक सरकार ने कहा है कि वह कर्नाटक राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की ओपिनियन प्राप्त करने के बाद भर्ती के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग की श्रेणियों के तहत ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के आरक्षण पर विचार करने के लिए तैयार है। गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ रजनीश गोयल द्वारा कर्नाटक उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत हलफनामे में कहा गया है कि कर्नाटक राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार कर्नाटक राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया गया है। एक फंक्शन में किसी पिछड़े वर्ग को ऐसी सूची में शामिल करने...

[पुलिस द्वारा सीएए विरोधी प्रदर्शनकारी का उत्पीड़न] राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने तेलंगाना डीजीपी के गैर उत्तरदायी रवैये को गंभीरता से लिया; कंडीशनल समन जारी किया
[पुलिस द्वारा सीएए विरोधी प्रदर्शनकारी का उत्पीड़न] राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने तेलंगाना डीजीपी के गैर उत्तरदायी रवैये को गंभीरता से लिया; कंडीशनल समन जारी किया

तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक के 'गैर-उत्तरदायी रवैये' को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों के कथित उत्पीड़न के मामले में उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने को कहा है। आयोग ने इस वर्ष जनवरी में आयोग द्वारा मांगी गई अपेक्षित रिपोर्ट प्रस्तुत करने में डीजीपी के विफल रहने के बाद मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के अंतर्गत सशर्त समन जारी किया हैं।आयोग ने कहा कि उसने 22 जनवरी 2020 को इस मामले का संज्ञान लिया था और...

हाथरस केसः पीड़िता के परिजनों का नार्को टेस्ट कराने के उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में य‌ाचिका
हाथरस केसः पीड़िता के परिजनों का नार्को टेस्ट कराने के उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में य‌ाचिका

एक्टिविस्ट साकेत गोखले ने हाथरस गैंगरेप मामले में पीड़िता के परिजनों का नार्को-एनालिसिस टेस्ट कराने के उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले पर रोक लगाने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में पत्र याचिका दायर की है। गोखले ने कहा है उत्तर प्रदेश सरकार का निर्णय न केवल गैरकानूनी है, बल्‍कि हाईकोर्ट द्वारा रि: सभ्य और गरिमामय अंतिम संस्कार/दाह संस्कार का अधिकार के रूप में पंजीकृत स्वतः संज्ञान मामले में 12 अक्टूबर 2020 को न्यायालय के समक्ष गवाही देने से परिवार को रोकने का प्रयास है।या‌चिका में कहा गया है, "पीड़िता के...

P&H High Court Dismisses Protection Plea Of Married Woman Residing With Another Man
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के बार काउंसिल ने CJ को 50% न्यायालयों में शारीरीक रूप से सुनवाई (Physical Hearing) शुरू करने का अनुरोध किया; नहीं होने पर शांतिपूर्ण आंदोलन की चेतावनी

पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पंजाब एंड हरियाणा की बार काउंसिल ने शुक्रवार (02 अक्टूबर) को एक पत्र लिखा, जिसमें CJ से अनुरोध किया कि वह शारीरीक रूप से सुनवाई (Physical Hearing) के साथ-साथ 50% अदालतों में शारीरिक सुनवाई शुरू करे। इस पत्र में लिखा है,"बार काउंसिल पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के सभी अधिवक्ताओं की ओर से इस प्रतिनिधित्व को इस उम्मीद के साथ भेज रही है कि माननीय मुख्य न्यायाधीश कानूनी बिरादरी के अनुरोध पर ध्यान देंगे और 12.10.2020 तक 50% अदालतों के शारीरिक कामकाज...

गुजरात हाईकोर्ट अधिवक्ता संघ ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा, मामलों को दर्ज करने और सूचीबद्ध करने की कठिनाइयों के बारे में बताया
गुजरात हाईकोर्ट अधिवक्ता संघ ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा, मामलों को दर्ज करने और सूचीबद्ध करने की कठिनाइयों के बारे में बताया

गुजरात उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ (GHCAA) की प्रबंध समिति ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा है, जिसमें बताया गया है कि वर्तमान कार्यप्रणाली में अधिवक्ताओं को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अदालत को सूचित किया कि:1) न्यायालय के समक्ष उल्लेखित मामले कई बार सूचीबद्ध नहीं होते हैं, भले ही न्यायालय द्वारा किसी विशेष दिन को सूचीबद्ध करने का आदेश दिया गया हो।अधिवक्ताओं की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर पर जवाब नहीं दिया जा रहा है। 2) मामला दर्ज होने के बाद, एक ही जैसे मामले के लिए...

किसी भी शिक्षक/कर्मचारी से दंड शुल्क न लें और आवासीय परिसर से उन्हें बेदखल न करें: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इंदौर स्कूल एसोसिएशन को दिए निर्देश
किसी भी शिक्षक/कर्मचारी से दंड शुल्क न लें और आवासीय परिसर से उन्हें बेदखल न करें: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इंदौर स्कूल एसोसिएशन को दिए निर्देश

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने बुधवार (30 दिसंबर) को निजी स्कूल एसोसिएशन, इंदौर (प्रतिक्रिया संख्या 5), गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों के संघ, इंदौर (प्रतिक्रिया क्रमांक 6) और डेली कॉलेज (इंदौर) को निर्देश दिया [उत्तरदाता नंबर 7] किसी भी शिक्षक/कर्मचारी या परिवार के सदस्यों से क्षति या जुर्माना वसूलने के लिए और उन्हें उनके स्कूल/छात्रावास/आवासीय परिसर से बाहर नहीं निकाला जाएगा। न्यायमूर्ति एस.सी.शर्मा और न्यायमूर्ति शैलेन्द्र शुक्ला की खंडपीठ ने उत्तरदाता नं. 5, 6 और 7 को निर्देश दिया कि वे अपने...

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने महामारी के बीच रेस्तरां/भोजनालयों को विनियमित करने के निर्देश जारी किए
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने महामारी के बीच रेस्तरां/भोजनालयों को विनियमित करने के निर्देश जारी किए

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने गुरुवार को महामारी के बीच राज्य में होटल, रेस्तरां और छोटे आउटलेट/भोजनालयों को खोलने और काम करने के निर्देश जारी किए। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अजीत कुमार की पीठ ने आदेश दिया है कि खाद्य आउटलेट्स को तभी संचालित करने की अनुमति दी जाएगी जब वे ऐसे उपक्रम देंगे जो निम्नलिखित प्रभाव से होगा : यदि एक रेस्तरां लोगों को अपने परिसर के अंदर भोजन करने की अनुमति देता है तो यह देखना चाहिए कि सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखा है; कोई भोजनालय अपने ग्राहक को अपने परिसर के...

अदालतों का क्षेत्राधिकार सीमित है, फीस निर्धारण के मामलों में कोई विशेषज्ञता नहीं: मद्रास हाई कोर्ट
अदालतों का क्षेत्राधिकार सीमित है, फीस निर्धारण के मामलों में कोई विशेषज्ञता नहीं: मद्रास हाई कोर्ट

मद्रास उच्च न्यायालय ने बुधवार को राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह तमिलनाडु डॉ. अंबेडकर लॉ यूनिवर्सिटी द्वारा दी जाने वाली विभिन्न सुविधाओं के लिए लगाए गए अतिरिक्त शुल्क को माफ करने के लिए छात्रों के प्रतिनिधित्व पर विचार करे, जिसका उपयोग ऑनलाइन कक्षाओं के दौरान नहीं किया जा रहा है। न्यायमूर्ति एन आनंद वेंकटेश की एकल पीठ ने कहा कि विश्वविद्यालय के पास फीस तय करने/माफ करने का अधिकार नहीं है और यह राज्य सरकार द्वारा तय किया जाता है। इसके अलावा उन्होंने टिप्पणी की कि फीस तय करने के लिए कोर्ट के...

जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत भ्रष्ट आचरण करने के मामले में आपराधिक कार्रवाई नहीं बनतीः दिल्ली कोर्ट ने पीएम मोदी व अमित शाह के खिलाफ दायर आपराधिक मामला खारिज किया
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत भ्रष्ट आचरण करने के मामले में आपराधिक कार्रवाई नहीं बनतीः दिल्ली कोर्ट ने पीएम मोदी व अमित शाह के खिलाफ दायर आपराधिक मामला खारिज किया

दिल्ली की एक अदालत ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ वर्ष 2014 के आम चुनावों के दौरान कथित 'भ्रष्ट आचरण' करने व उसके बाद सार्वजनिक संपत्ति का दुरुपयोग करने के मामले में दायर एक आपराधिक शिकायत को खारिज कर दिया है। राउज एवेन्यू डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में स्थित विशेष न्यायाधीश अजय कुमार कुहार की कोर्ट ने इस मामले में एक श्रीकांत प्रसाद की तरफ से दायर शिकायत को यह कहते हुए खारिज कर दिया है कि आरोपों में कोई ऐसा तत्व नहीं है,जिसके आधार पर ''आपराधिक क्षेत्राधिकार''...