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कोई व्यक्ति एक से अधिक मामले/अभियुक्त के लिए प्रतिभू (Surety) हो सकता है, लेकिन प्रतिभुओं की स्वीकृति और सत्यापन ट्रायल कोर्ट का विशेषाधिकार : इलाहाबाद हाईकोर्ट
कोई व्यक्ति एक से अधिक मामले/अभियुक्त के लिए प्रतिभू (Surety) हो सकता है, लेकिन प्रतिभुओं की स्वीकृति और सत्यापन ट्रायल कोर्ट का विशेषाधिकार : इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार (31 जुलाई) को एक मामले में यह कहा कि कोई व्यक्ति एक से अधिक मामले या एक से अधिक अभियुक्त के लिए प्रतिभू (Surety) हो सकता है, लेकिन प्रतिभुओं (Sureties) की स्वीकृति और उनका सत्यापन ट्रायल कोर्ट का विशेषाधिकार है। न्यायमूर्ति मोहम्मद फैज आलम खान की पीठ ने यह टिपण्णी उस मामले में की जहाँ अदालत के समक्ष मौजूद याचिकाकर्ता ने यह प्रस्तुत किया कि उसके खिलाफ सात मामलों में वह जमानत पर रिहा हो गया है, लेकिन COVID महामारी के कारण वह प्रत्येक मामले में दो प्रतिभुओं...

Allahabad High Court expunges adverse remarks against Judicial Officer
बकरीद के मद्देनजर उत्तर-प्रदेश में COVID-19 प्रतिबंध/नियमों में छूट देने को लेकर दाखिल याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ख़ारिज की

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बुधवार (29 जुलाई) को एक जनहित याचिका का निस्तारण किया, जिसमें राज्य सरकार के दिनांक 12 जुलाई के दिशानिर्देशों में छूट देने की मांग की गयी थी। दरअसल, ये दिशानिर्देश, COVID-19 महामारी के मद्देनजर राज्य में दो दिनों के लॉकडाउन (प्रत्येक शनिवार और रविवार को) का प्रावधान करता है। याचिकाकर्ता का कहना था कि 1 अगस्त शनिवार को बकरीद या ईद-अल-अजहा का त्योहार पड़ रहा है। याचिकाकर्ता, डॉ. मोहम्मद अयूब ने यह दावा करते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया था कि प्रदेश में प्रत्येक...

डीयू की ओपन बुक परीक्षा : सिर्फ़ 8% छात्र के ही ऑनलाइन मॉक टेस्ट पूरा करने पर दिल्ली हाईकोर्ट ने असंतोष जताया
डीयू की ओपन बुक परीक्षा : सिर्फ़ 8% छात्र के ही ऑनलाइन मॉक टेस्ट पूरा करने पर दिल्ली हाईकोर्ट ने असंतोष जताया

दिल्ली हाईकोर्ट ने इस बात पर विचार करते हुए कि पंजीकरण कराने वाले छात्रों में सिर्फ़ 8% छात्र ही पहले ऑनलाइन मॉक टेस्ट की प्रक्रिया को पूरा कर सके दिल्ली विश्वविद्यालय को निर्देश दिया कि वे दोनों चरणों के मॉक टेस्ट का पूरा डाटा अदालत में पेश करे ताकि वह कोर्ट को अपनी तैयारी के बारे में बता सके। न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति सुब्रमोनियम प्रसाद की खंडपीठ ने डीयू से कहा है कि दृष्टिबाधितों को लेखक (scribe) उपलब्ध कराने को लेकर वह अपनी स्थिति को स्पष्ट करे। डीयू ने कोर्ट को उन छात्रों...

मद्रास हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों को चेताया, अगर आगामी शैक्षणिक वर्ष के लिए पूरी फीस लेने पर जोर दिया तो अवमानना के लिए तैयार रहें
मद्रास हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों को चेताया, अगर आगामी शैक्षणिक वर्ष के लिए पूरी फीस लेने पर जोर दिया तो अवमानना के लिए तैयार रहें

मद्रास हाईकोर्ट ने अपने 17 जुलाई, 2020 के आदेश के उल्लंघन को ''गंभीरता'' से लेते हुए निजी स्कूलों को चेताया है कि अगर उनके आदेश का पालन नहीं किया गया तो वह अवमानना की कार्रवाई के लिए तैयार रहें। कोर्ट ने यह आदेश गैर सहायता प्राप्त स्कूलों द्वारा ट्यूशन फीस लेने के संबंध में दिया था। न्यायमूर्ति एन आनंद वेंकटेश की पीठ ने कहा है कि''यदि इस कोर्ट को पता चला कि आदेश का उल्लंघन किया जा रहा है तो यह कोर्ट स्कूल के प्रभारी व्यक्तियों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने में कोई संकोच नहीं...

अपराधिक प्रवृत्ति वालों से नरमी बरती तो जनता का आपराधिक न्याय प्रणाली से विश्वास उठ जायेगा, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने कथित स्नैचर को जमानत देने से इनकार किया
"अपराधिक प्रवृत्ति वालों से नरमी बरती तो जनता का आपराधिक न्याय प्रणाली से विश्वास उठ जायेगा", पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने कथित स्नैचर को जमानत देने से इनकार किया

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते सुनाये एक जमानत आदेश में स्नैचिंग के आरोपी की जमानत याचिका को खारिज करते कहा कि यदि आरोपी को जमानत पर छोड़ा जाता है यह पूरी सम्भावना है कि वह अभियोजन पक्ष के सबूतों से छेड़छाड़ करने के लिए या तो गवाहों को धमकी देगा या मुकदमे में देरी करने हेतु फरार हो जायेगा। न्यायमूर्ति एच. एस. मदान की एकल पीठ ने यह भी कहा कि यदि आरोपी को जमानत दी जाती है तो उसके अपराध के मार्ग पर फिर से जाने की पूरी संभावना है, जिसके परिणामस्वरूप क्षेत्र में अपराध के ग्राफ में वृद्धि...

दिल्ली सरकार ने दिल्ली दंगों और CAA विरोध प्रदर्शन के संबंध में दर्ज 85 एफआईआर के मामलों के लिए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और 5 अन्य विशेष लोक अभियोजकों की नियुक्ति की
दिल्ली सरकार ने दिल्ली दंगों और CAA विरोध प्रदर्शन के संबंध में दर्ज 85 एफआईआर के मामलों के लिए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और 5 अन्य विशेष लोक अभियोजकों की नियुक्ति की

दिल्ली सरकार ने नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 (CAA) के विरोध और फरवरी के अंतिम सप्ताह में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के संबंध में दर्ज 85 एफआईआर से उत्पन्न होने वाली अदालती कार्यवाही के संचालन के लिए छह विशेष लोक अभियोजकों को नियुक्त किया है। विशेष लोक अभियोजक निम्न हैं: 1. तुषार मेहता, सॉलिसिटर जनरल। 2. अमन लेखी, एडीशनल सॉलिसिटर जनरल। 3. चेतन शर्मा, एडी. सॉलिसिटर जनरल। 4. एस वी राजू, एडी. सॉलिसिटर जनरल। 5. अमित महाजन, एडवोकेट 6. रजत नायर, एडवोकेट इ स संबंध में एक...

फर्लो के उल्लंघन की सिर्फ़ एक घटना हुई है, बॉम्बे हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में दोषी को 45 दिन के आपातकालीन पेरोल की अनुमति दी
फर्लो के उल्लंघन की सिर्फ़ एक घटना हुई है, बॉम्बे हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में दोषी को 45 दिन के आपातकालीन पेरोल की अनुमति दी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने यह कहते हुए हत्या के एक मामले में दोषी आशा तायडे को 45 दिनों के आकस्मिक पेरोल पर जाने की अनुमति दी है कि फर्लो छुट्टी का सिर्फ़ एक बार उल्लंघन हुआ है। तायडे को आजीवन कारावास की सज़ा हुई है और वह यरवदा जेल पुणे में अपनी सज़ा काट रही है। न्यायमूर्ति आरडी धानुका और न्यायमूर्ति वीजी बिष्ट की खंडपीठ ने आशा की बहन शोभा की याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। शोभा ने COVID 19 के कारण आशा के लिए छुट्टी की अर्ज़ी दी। उसकी याचिका में कहा गया कि वर्तमान संकट को देखते हुए उसकी बहन ने...

केरल हाईकोर्ट ने उस अमेरिकी नागरिक की वीज़ा अवधि बढ़ाने से इनकार किया जिसने कहा था कि वह केरल में अमेरिका से ज़्यादा सुरक्षित है
केरल हाईकोर्ट ने उस अमेरिकी नागरिक की वीज़ा अवधि बढ़ाने से इनकार किया जिसने कहा था कि वह केरल में अमेरिका से ज़्यादा सुरक्षित है

अमेरिकी नागरिक, 74-वर्षीय जॉनी पॉल पायर्स ने भारत में रहने के लिए यह कहते हुए वीज़ा की अवधि बढ़ाए जाने की मांग की थी कि वह केरल में खुद को अमेरिका से ज़्यादा सुरक्षित समझता है, लेकिन केरल हाईकोर्ट ने वीज़ा की अवधि बढ़ाने से इनकार कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि वीज़ा की अवधि बढ़ाने की ज़िम्मेदारी भारत सरकार की है और इस बारे में न्यायिक हस्तक्षेप का अवसर न्यूनतम है। पायर्स 26 फ़रवरी को केरल आया। उसका वीज़ा 26 जनवरी 2025 तक वैध है पर उसे एक बार में सिर्फ़ 180 दिनों तक रहने की ही अनुमति है। इसका...

अंतिम वर्ष के छात्रों और मध्यवर्ती सेमेस्टर के छात्रों के बीच अंतर करने का कोई तर्कसंगत आधार नहीं-कर्नाटक हाईकोर्ट में यूजीसी के 30 सितंबर तक अंतिम वर्ष की परीक्षा आयोजित करने के निर्देश को चुनौती
'अंतिम वर्ष के छात्रों और मध्यवर्ती सेमेस्टर के छात्रों के बीच अंतर करने का कोई तर्कसंगत आधार नहीं'-कर्नाटक हाईकोर्ट में यूजीसी के 30 सितंबर तक अंतिम वर्ष की परीक्षा आयोजित करने के निर्देश को चुनौती

बैंगलोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के छात्रों ने यूजीसी के दिशानिर्देशों को चुनौती देते हुए कर्नाटक हाईकोर्ट का रुख किया है। यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया था कि वह अपने अंतिम वर्ष की परीक्षाएं 30 सितंबर तक आयोजित करवा लें। छात्रों ने अंतिम वर्ष की परीक्षाएं रद्द करने की मांग की है। साथ ही मांग की है कि उनको भी मध्यवर्ती सेमेस्टर के छात्रों के लिए अपनाई जाने वाली वैकल्पिक मूल्यांकन योजना के अनुसार पदोन्नत किया जाए। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 6 जुलाई, 2020 को जारी अधिसूचना में...

जिला न्यायालयों के डिजिटाइजेशन में देरी के कारण वकील, वादकारी और अधीनस्थ न्यायपालिका को असुविधा हो रही है : दिल्ली हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
जिला न्यायालयों के डिजिटाइजेशन में देरी के कारण वकील, वादकारी और अधीनस्थ न्यायपालिका को असुविधा हो रही है : दिल्ली हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

दिल्ली हाईकोर्ट ने जिला न्यायालयों को डिजिटल बनाने के प्रस्ताव पर दिल्ली सरकार के वित्त सचिव से जवाब मांगा है क्योंकि यह प्रस्ताव वर्ष 2018 से लंबित है। न्यायमूर्ति हेमा कोहली और न्यायमूर्ति सुब्रमणियम प्रसाद की खंडपीठ ने यह भी निर्देश दिया है कि अगर जिला जज (मुख्यालय) और दिल्ली सरकार के बीच किसी भी प्रकार के पत्राचार का आदान-प्रदान किया जाता है तो उसे इलेक्ट्रॉनिक रूप से संचालित करने की कोशिश की जाए ताकि बहुमूल्य समय को बचाया जा सकें और लंबित मुद्दों का शीघ्र निपटान सुनिश्चित हो सकें। यह...

भारतीय रेल ट्रेन में लोअर बर्थ आवंटन के वरीयता-क्रम पर पहले गर्भवती महिलाओं को, फिर सीनियर सिटीजन को और उसके बाद VVIP को रखने पर विचार करे: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
भारतीय रेल ट्रेन में लोअर बर्थ आवंटन के वरीयता-क्रम पर पहले गर्भवती महिलाओं को, फिर सीनियर सिटीजन को और उसके बाद VVIP को रखने पर विचार करे: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सोमवार (27 जुलाई) को स्वतः संज्ञान लेकर दर्ज की गयी एक जनहित याचिका को निस्तारित करते हुए भारतीय रेल (Indian Railways) से यह कहा कि रेलगाड़ी में लोअर बर्थ को आवंटित करने के दौरान गर्भवती महिलाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दें, उसके बाद वरिष्ठ नागरिकों को और उसके बाद वीवीआईपी को प्राथमिकता देने पर विचार करें।न्यायमूर्ति संजय यादव एवं न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन की खंडपीठ ने इस जनहित याचिका (पीआईएल) को बड़े पैमाने पर जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए रेलवे यात्रा के संबंध में कुछ...

धर्म के बजाय स्वास्थ्य का चुनाव आवश्यक : गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की धार्मिक तुष्टीकरण की नीति पर नाराज़गी जतायी
धर्म के बजाय स्वास्थ्य का चुनाव आवश्यक : गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की धार्मिक तुष्टीकरण की नीति पर नाराज़गी जतायी

जगन्नाथ रथ यात्रा पर रोक लगाने की मांग करने वाली जनहित याचिका का निपटारा करते हुए गुजरात हाईकोर्ट ने कहा, "धर्म के बजाय स्वास्थ्य को चुनना आवश्यक है।" मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति जेबी परदीवाला की पीठ ने धार्मिक अभिव्यक्ति पर जन स्वास्थ्य को वरीयता देने की ज़रूरत पर बल देते हुए कहा कि यह किसी भी कल्याणकारी राज्य का कर्तव्य है कि किसी व्यक्ति के जीवन की सुरक्षा और समुदाय के अच्छे स्वास्थ्य के लिए वह उसको क़ानूनी संरक्षण दे। गत माह अदालत ने आदेश दिया था कि इस वर्ष...

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कल से शुरू होने वाले कॉमन एंट्रेंस टेस्ट पर रोक लगाने से इनकार किया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कल से शुरू होने वाले कॉमन एंट्रेंस टेस्ट पर रोक लगाने से इनकार किया

कर्नाटक के हाईकोर्ट ने बुधवार को कल 30 जुलाई से शुरू होने वाले कर्नाटक कॉमन एंट्रेंस टेस्ट पर रोक लग्गाने से इनकार कर दिया। न्यायालय ने हालांकि स्पष्ट किया कि परीक्षा देने के लिए आने वाले सभी छात्रों को सीईटी लिखने की अनुमति दी जानी चाहिए और COVID-19 पॉज़िटिव स्थिति को अग्रिम रूप से सूचित न कर पाने में विफलता के आधार पर उम्मीदवार को परीक्षा में शामिल होने से वंचित नहीं किया जाना चाहिए और उससे राज्य के मानक संचालन प्रक्रिया के तहत प्रदान किए गए तरीके से निपटा जाना चाहिए। "... किसी भी आधार पर...

 जब घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 29 के तहत वैधानिक अपील का एक उपाय मौजूद हो  तो हाईकोर्ट सीआरपीसी की धारा 482 के तहत शक्ति का प्रयोग नहीं कर सकता  : दिल्ली हाईकोर्ट
'' जब घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 29 के तहत वैधानिक अपील का एक उपाय मौजूद हो तो हाईकोर्ट सीआरपीसी की धारा 482 के तहत शक्ति का प्रयोग नहीं कर सकता " : दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट की एकल न्यायाधीश खंडपीठ ने कहा कि जब प्रोटेक्टशन ऑफ वूमन अगेंस्ट डोमेस्टिक वायलंस एक्ट की धारा 29 के तहत अपील का एक स्पष्ट उपाय मौजूद है तो हाईकोर्ट सीआरपीसी की धारा 482 के तहत अपनी असाधारण शक्ति उपयोग करके किसी याचिका पर विचार नहीं कर सकता।न्यायमूर्ति ज्योति सिंह ने कहा कि,''प्रतिवादी की प्रारंभिक आपत्ति ने इस अदालत के समक्ष एक स्पष्ट कानूनी उलझन को जन्म दिया है। जब एक्ट की धारा 29 के तहत वैधानिक अपील का एक वैकल्पिक उपाय याचिकाकर्ता के पास उपलब्ध है तो क्या सीआरपीसी की...

नियमित जमानत अर्जी सुनने से पहले हाईकोर्ट में आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी को वापस लेने की निचली अदालत की मांग अनुचित, बन सकता है अवमानना का मामला : पटना हाईकोर्ट
नियमित जमानत अर्जी सुनने से पहले हाईकोर्ट में आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी को वापस लेने की निचली अदालत की मांग अनुचित, बन सकता है अवमानना का मामला : पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने एक हालिया मामले में यह टिप्पणी की कि निचली अदालत के न्यायिक अधिकारियों को न्यायालय की अवमानना के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, यदि एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसके जमानत आवेदन पर सुनवाई करने से पहले अदालत द्वारा यह कहा जाता है कि पहले वह हाईकोर्ट में अपनी अग्रिम जमानत की अर्जी को वापस ले। न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद की सिंगल बेंच द्वारा यह टिप्पणी उस मामले में की गयी जहाँ अदालत याचिकाकर्ता राहुल कुमार की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। दरअसल, याचिकाकर्ता को हत्या के प्रयास के...

वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये अदालत की कार्यवाही न्यायसंगत परिस्थितियों  में आयोजित की जा सकती है: मद्रास हाईकोर्ट ने वीडियो कांफ्रेंसिंग नियमों को अधिसूचित किया
वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये अदालत की कार्यवाही 'न्यायसंगत परिस्थितियों'  में आयोजित की जा सकती है: मद्रास हाईकोर्ट ने वीडियो कांफ्रेंसिंग नियमों को अधिसूचित किया

वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये अदालतों और न्यायाधिकरणों द्वारा अदालती कार्यवाही के संचालन के नियमन के लिए मद्रास हाईकोर्ट वीडियो कांफ्रेंसिंग कोर्ट रूल्स, 2020 को अधिसूचित किया गया है।ये नियम कहते हैं कि यदि न्यायसंगत परिस्थितियां हों तो कोई कोर्ट स्वत: संज्ञान लेकर या किसी पार्टी अथवा गवाह की अर्जी पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये न्यायिक कार्यवाही संचालित कर सकता है।न्यायसंगत परिस्थितियों को उन परिस्थितियों के तौर पर परिभाषित किया गया है, जिनके तहत कोर्ट की राय में स्टैंडर्ड प्रैक्टिस (मानक...

बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने लॉ यूनिवर्सिटी /कॉलेज से किश्तों में फीस लेने के लिए वैकल्पिक योजना तैयार करने को कहा
बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने लॉ यूनिवर्सिटी /कॉलेज से किश्तों में फीस लेने के लिए वैकल्पिक योजना तैयार करने को कहा

बार काउंसिल ऑफ इंडिया ( BCI) ने COVID-19 महामारी के मद्देनज़र में विधिक शिक्षा केंद्रों को छात्रों की कठिनाइयों पर विचार करने के लिए एक एडवाइज़री जारी की। परिषद ने कानूनी शिक्षा के सभी केंद्रों को निम्नलिखित विशिष्ट निर्देश जारी करते हुए कानूनी शैक्षणिक संस्थानों को इन मुश्किल हालातों में छात्रों की हर संभव सहायता करने की सलाह दी है।पत्र में निम्न बातेंं उठाई गई हैंं * एक बार में फीस के भुगतान के बजाय आसान किस्तों में शुल्क के भुगतान के लिए एक वैकल्पिक लचीली योजना तैयार करेंं। * बिजली और...

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों को ट्यूशन फीस लेने की अनुमति दी, ऑनलाइन कक्षाओं की सुविधा के अभाव वाले छात्रों के लिए अध्ययन सामग्री का तंत्र विकसित करने को कहा
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों को ट्यूशन फीस लेने की अनुमति दी, ऑनलाइन कक्षाओं की सुविधा के अभाव वाले छात्रों के लिए अध्ययन सामग्री का तंत्र विकसित करने को कहा

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने निजी गैर- सहायता प्राप्त स्कूलों को अपने छात्रों से ट्यूशन फीस जमा करने या बकाया राशि वसूलने से रोकने के सरकारी आदेशों को रद्द कर दिया है। न्यायमूर्ति पी सैम कोसी की पीठ ने स्पष्ट किया है कि निजी स्कूलों को फीस जमा करने से रोकने के लिए राज्य इस तरह के " सामान्य आदेश" जारी नहीं कर सकता है, क्योंकि यह भारत के संविधान अनुच्छेद 19 के तहत किसी भी व्यवसाय या व्यापार की गारंटी देने के उनके अधिकार को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करेगा। कोर्ट ने याचिकाकर्ता- सोसाइटी,...

क्वारंटीन सुविधा के लिए फ्लैटों के अधिग्रहण का मामला : तीसरे पक्ष का हित बनने के कारण बाॅम्बे हाईकोर्ट ने  डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर का आदेश रद्द किया
क्वारंटीन सुविधा के लिए फ्लैटों के अधिग्रहण का मामला : तीसरे पक्ष का हित बनने के कारण बाॅम्बे हाईकोर्ट ने डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर का आदेश रद्द किया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने ठाणे जिला कलेक्टर के उस आदेश को रद्द या खारिज कर दिया है,जिसके तहत COVID19 क्वारंटीन सुविधा के लिए अंबरनाथ शहर में स्थित दो इमारतों में 84 फ्लैटों का अधिग्रहण किया गया था। हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि इस मामले में जिला कलेक्टर दो सप्ताह में नए सिरे से फैसला लें क्योंकि फ्लैट खरीदारों को अधिकार पत्र जारी किए जा चुके हैं।जस्टिस एन एम जामदार और जस्टिस अभय आहूजा की पीठ ने कहा कि नगर परिषद, अंबरनाथ ने 13 जून को इन इमारतों के डेवलपर को एक पत्र भेजा था। जिसमें इन इमारतों के फ्लैटों...