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बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2018 आत्महत्या मामले में अर्नब गोस्वामी को अंतरिम जमानत देने से इनकार किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2018 आत्महत्या मामले में अर्नब गोस्वामी को अंतरिम जमानत देने से इनकार किया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को रिपब्लिक टीवी के एंकर अर्नब गोस्वामी को अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया। गोस्वामी को मुंबई पुलिस द्वारा गिरफ्तार करने के बाद 4 नवंबर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था और 2018 में दो अन्य सह-अभियुक्तों भी हैं। न्यायालय ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालय द्वारा असाधारण क्षेत्राधिकार के प्रयोग के लिए कोई मामला नहीं बनाया गया, जबकि याचिकाकर्ताओं के पास सीआरपीसी की धारा 439 के तहत नियमित जमानत की मांगने करने का उपचार उपलब्ध है।...

[बॉलीवुड प्रोड्यूसरों का मुकदमा] टीवी चैनल नहीं चला सकते बदनाम करने का अभियान: दिल्ली हाईकोर्ट ने रिपब्लिक टीवी और टाइम्स नाउ को प्रोग्राम कोड का पालन करने को कहा
[बॉलीवुड प्रोड्यूसरों का मुकदमा] 'टीवी चैनल नहीं चला सकते बदनाम करने का अभियान': दिल्ली हाईकोर्ट ने रिपब्लिक टीवी और टाइम्स नाउ को प्रोग्राम कोड का पालन करने को कहा

रिपब्लिक टीवी और टाइम्स नाउ द्वारा की गई कथित अपमानजनक रिपोर्टिंग के खिलाफ फिल्म प्रोडक्शन हाउसों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने आज सभी पक्षों को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने उन्हें जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। साथ ही, कोर्ट ने टीवी चैनलों को प्रोग्राम कोड का पालन करने और मौजूदा मामले के समाधान पर "गंभीर विचार" करने निर्देश दिया है।ज‌स्ट‌िस राजीव शकधर की पीठ ने मुकदमे की आवश्यक पार्टियों के रूप में फेसबुक और गूगल को और हटा दिया, हालांकि, इसने कथित...

आरोग्य सेतु आरटीआई रो: सीआईसी ने जानकारी देने में विफल रहे अधिकारियों के खिलाफ सुनवाई में भाग के लिए याचिकाकर्ता को अनुमति देने से इंकार किया
आरोग्य सेतु आरटीआई रो: सीआईसी ने जानकारी देने में विफल रहे अधिकारियों के खिलाफ सुनवाई में भाग के लिए याचिकाकर्ता को अनुमति देने से इंकार किया

आरटीआई एक्टिविस्ट और स्वतंत्र पत्रकार सौरव दास द्वारा आरोग्य सेतु पर दायर एक शिकायत की सुनवाई कर रहे केंद्रीय सूचना आयोग ने उन्हें मामले पर अगली सुनवाई में भाग लेने की अनुमति से मना कर दिया है, जिसमें CIC ने 27 अक्टूबर को इलेक्ट्रानिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MEITY) और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के खिलाफ एक अपमानजनक टिप्पणी की थी, जिसने जवाब देने में विफल रहने के लिए कि किसने आरोग्य सेतु ऐप बनाया था, उसे "बेहद भद्दा" कहा था। इसके बाद दोनों सार्वजनिक प्राधिकरणों के सीपीआईओ को...

गाने की धुन पर नाचने और टिकटॉक वीडियो बनाने से जाति विशेष की भावनाएं कैसे आहत हो जाती हैंः पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने आरोपी को अग्र‌िम जमानत दी
गाने की धुन पर नाचने और टिकटॉक वीडियो बनाने से जाति विशेष की भावनाएं कैसे आहत हो जाती हैंः पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने आरोपी को अग्र‌िम जमानत दी

पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने सोमवार (02 नवंबर) को एक आरोपी मंदीप को अग्र‌िम जमानत दी, जिसने पंडित जगदीश चंदर वत्स के गीत का इस्तेमाल कर टिकटॉक वीडियो बनाया था, जिसके बाद उस अनुसूचित जाति और जनजाति की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगा था।जस्टिस फतेह दीप सिंह की खंडपीठ धारा 482, धारा 438 सीआरपीसी के सा‌थ पढ़ें, के तहत दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3 (i) (v) के तहत एफआईआर संख्या 450 दायर की गई थी।मामलायह आरोप...

एक बच्चे को दूध और संरक्षण से वंचित नहीं किया जा सकता, यह उसका जन्म सिद्ध अधिकार : गुजरात हाईकोर्ट
एक बच्चे को दूध और संरक्षण से वंचित नहीं किया जा सकता, यह उसका जन्म सिद्ध अधिकार : गुजरात हाईकोर्ट

एक 8 माह के बच्चे की कस्टडी उसकी मां को देते हुए गुजरात हाईकोर्ट ने मंगलवार (03 नवंबर) को कहा कि, ''मातृत्व की गर्मजोशी और सुरक्षा के आलिंगन में रहना एक बच्चे का जन्म सिद्ध अधिकार है। उसके स्वास्थ्य और महत्वपूर्ण पौष्टिक आहार की नींव मां का दूध है। उसे इन मूल्यवान आवश्यकताओं से वंचित नहीं किया जा सकता है।'' न्यायमूर्ति सोनिया गोकानी और न्यायमूर्ति निर्झर एस देसाई की खंडपीठ इस मामले में माँ की तरफ से दायर एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसने अदालत के समक्ष प्रार्थना की थी कि...

नागरिक ताजा हवा में सांस लेने के हकदार है: एनजीटी ने दिल्ली एनसीआर में पटाखों की बिक्री / उपयोग पर प्रतिबंध लगाया
"नागरिक ताजा हवा में सांस लेने के हकदार है": एनजीटी ने दिल्ली एनसीआर में पटाखों की बिक्री / उपयोग पर प्रतिबंध लगाया

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने सोमवार को दिल्ली एनसीआर में 9-10 नवंबर, 2020 की मध्यरात्रि से 30 नवंबर - 1 दिसंबर, 2020 की मध्यरात्रि तक सभी प्रकार के पटाखों की बिक्री / उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। ये दिशा-निर्देश देश के उन सभी शहरों / कस्बों पर भी लागू होंगे, जहाँ नवंबर के दौरान परिवेशी वायु की गुणवत्ता (पिछले वर्ष के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार) का औसत 'खराब' और इससे ऊपर की श्रेणी में आता है।इसके अलावा, ऐसे स्थान जहां AQI मध्यम या नीचे है, वहां ग्रीन पटाखे बेचने की अनुमति है और त्योहारों के...

किसी महिला को मातृत्व और पेशे के बीच चयन करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए, सीनियर एडवोकेट इंदिरा जयसिंह ने फेमिनिस्ट लॉयरिंग पर आयोजित वेबिनार में कहा
"किसी महिला को मातृत्व और पेशे के बीच चयन करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए", सीनियर एडवोकेट इंदिरा जयसिंह ने फेमिनिस्ट लॉयरिंग पर आयोजित वेबिनार में कहा

"महिलाओं को मातृत्व और पेशे के बीच चयन करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए", वरिष्ठ महिला अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने "नारीवादी कानून व्यवस्था: अदृश्य से अजेय" विषय पर दिल्ली उच्च न्यायालय महिला वकील फोरम द्वारा आयोजित एक वेबिनार में यह बात कही। जयसिंह के अलावा सेमिनार में एडवोकेट नित्या रामाकृष्णन ने भी भाग लिया। यह वेबिनार अधिवक्ता मरियम फोजिया रहमान और अभिषेक सौजन्या द्वारा संचालित किया गया था।जयसिंह ने "नारीवादी कानूनन" के गठन पर एक टिप्पणी के साथ चर्चा शुरू की।"जब हम 'नारीवादी कानूनन'...

यूपी गौ सेवा अयोग में पैसा जमा कराएं : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गोमांस बेचने के आरोपी को ज़मानत देते समय शर्त रखी
'यूपी गौ सेवा' अयोग में पैसा जमा कराएं ': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गोमांस बेचने के आरोपी को ज़मानत देते समय शर्त रखी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार (05 अक्टूबर) को गोमांस बेचने के आरोपी एक व्यक्ति को ज़मानत दे दी। ज़मानत इस शर्त पर स्वीकार की गई कि वह अपनी रिहाई की तारीख से चार सप्ताह की अवधि के भीतर उत्तर प्रदेश गौ सेवा अयोग के खाते में रू 3,5,000 / - जमा करेगा। न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की खंडपीठ सीआरपीसी की धारा 439 के तहत दायर एक ज़मानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। आईपीसी की धारा 379 आईपीसी और उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम की धारा 3/5/8 के तहत दर्ज एफआईआर नंबर -286 में ज़मानत देने की प्रार्थना की गई...

हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र...

हाईकोर्ट में कैसा रहा पिछला सप्ताह। आइए जानते हैं 2 नवंबर से 6 नवंबर तक हाईकोर्ट के कुछ ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र। अर्नब गोस्वामी को जमानत नहीं, अंतर‌िम याच‌िका पर फैसला सुरक्षित, बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा, जमानत के लिए सत्र न्यायालय में कर सकते हैं आवेदनबॉम्बे हाईकोर्ट ने रिपब्लिक टीवी प्रमुख अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी के खिलाफ दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर अपने आदेश को सुरक्ष‌ित रख लिया है। अर्नब को 2018 के आत्महत्या के मामले बुधवार को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें 14 दिनों...

अर्नब गोस्वामी मामलाः ए समरी, बी समरी और सी समरी क्या है? अमित देसाई ने बॉम्बे हाईकोर्ट में किया स्पष्ट
अर्नब गोस्वामी मामलाः ए समरी, बी समरी और सी समरी क्या है? अमित देसाई ने बॉम्बे हाईकोर्ट में किया स्पष्ट

2018 के आत्महत्या के एक मामले में हिरासत में लिए गए अर्नब गोस्वामी की जमानत याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट में हुई सुनवाई में शनिवार को महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट अमित देसाई ने पुलिस द्वारा दर्ज की गई 'ए समरी',' बी समरी 'और' सी समरी' रिपोर्ट की अवधारणाओं को समझाया।उल्लेखनीय है कि रायगढ़ पुलिस ने इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक की आत्महत्या के मामले में 2019 में 'ए समरी' रिपोर्ट दाखिल की थी। बाद में, इस मामले को दोबारा खोल दिया गया, जिसके कारण रिपब्लिक टीवी के प्रमुख अर्नब गोस्वामी की...

Allahabad High Court expunges adverse remarks against Judicial Officer
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने न्यायिक मजिस्ट्रेट को पक्षकार को क्या करने या क्या नहीं करने की सलाह देने के लिए फटकार लगाई

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक "अजीब आदेश" पारित करने के लिए एक न्यायिक मजिस्ट्रेट को फटकार लगाई , जिसने "मुवक्किल (अदालत के समक्ष मौजूद वकील) को क्या करने और क्या नहीं करने की सलाह दी थी । जस्टिस राहुल चतुर्वेदी की बेंच ने अपने आदेश में यह टिप्पणी की,"यह अदालत विद्वान मजिस्ट्रेट द्वारा दिखाए गए इस प्रकार के आदेशों के लिए अपने सबसे मजबूत अपवाद और अभेद्यता को रिकॉर्ड करती है और विश्वास करती है कि वह भविष्य में इस प्रकार के आदेश पारित नहीं करेंंगे।।"मामले की...

गुजरात हाईकोर्ट का फैसला, कानून की डिग्री रखने वाले पूर्ण/अंशकालिक नौकरीपेशा और पेशेवर दे सकते हैं बार की नामांकन परीक्षा
गुजरात हाईकोर्ट का फैसला, कानून की डिग्री रखने वाले पूर्ण/अंशकालिक नौकरीपेशा और पेशेवर दे सकते हैं बार की नामांकन परीक्षा

गुजरात हाईकोर्ट ने शुक्रवार (06 अक्टूबर) को गुजरात बार काउंसिल (नामांकन) नियमों के नियम 1 और 2 को कमजोर किया, और एलएलबी डिग्री प्राप्त अन्य पेशेवरों के लिए बार में प्रवेश करने का रास्ता बनाया।चीफ जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस जेबी पारदीवाला की खंडपीठ के निर्णय ने प्रभावी रूप से, पेशेवरों / नौकरीपेशा व्यक्तियों को वकील के रूप में नामंकित होने और वकील बनने की योग्यता प्राप्त करने के लिए ऑल इंडिया बार टेस्ट में शामिल होने का रास्ता साफ किया है।खंडपीठ ने आदेश दिया, "हम बार काउंसिल ऑफ गुजरात (एनरोलमेंट)...

नोटरी पब्लिक के आधिकारिक काम के खिलाफ दायर निजी शिकायत पर अदालत संज्ञान नहीं ले सकती : केरल हाईकोर्ट
नोटरी पब्लिक के आधिकारिक काम के खिलाफ दायर निजी शिकायत पर अदालत संज्ञान नहीं ले सकती : केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने कहा है कि कोई भी अदालत केंद्र सरकार या राज्य सरकार (उस संबंध में एक सामान्य या विशेष आदेश) द्वारा अधिकृत किसी अधिकारी द्वारा लिखित में दी गई शिकायत के अलावा अधिनियम के तहत नोटरी पब्लिक द्वारा अपने कार्यों को करते समय किए गए किसी भी अपराध पर संज्ञान नहीं ले सकती है। न्यायमूर्ति एमआर अनीथा ने नोटरी अधिवक्ता के खिलाफ दायर चार्जशीट को खारिज करते हुए इस बात पर गौर किया कि उस पर आरोप लगाया गया है कि उसने एक व्यक्ति को फर्जी पाॅवर ऑफ अटार्नी बनाने में मदद की थी ताकि वह उसे ओरिजनल की...

अर्नब गोस्वामी को जमानत नहीं, अंतर‌िम याच‌िका पर फैसला सुरक्षित, बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा, जमानत के लिए सत्र न्यायालय में कर सकते हैं आवेदन
अर्नब गोस्वामी को जमानत नहीं, अंतर‌िम याच‌िका पर फैसला सुरक्षित, बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा, जमानत के लिए सत्र न्यायालय में कर सकते हैं आवेदन

बॉम्बे हाईकोर्ट ने रिपब्लिक टीवी प्रमुख अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी के खिलाफ दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर अपने आदेश को सुरक्ष‌ित रख लिया है। अर्नब को 2018 के आत्महत्या के मामले बुधवार को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें 14 दिनों की न्याय‌िक रिमांड पर भेज दिया था। गिरफ्तार और रिमांड के खिलाफ उसने बॉम्‍बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।शनिवार को आयोजित विशेष सुनवाई में, जस्टिस एसएस शिंदे और एमएस कार्णिक की खंडपीठ ने अंतरिम राहत के लिए तत्काल आदेश पारित करने से इनकार कर दिया।छह...

तब्लीगी जमात केस: दिल्ली की अदालत ने 8 विदेशियों को उनके डिस्चार्ज के खिलाफ पुनर्विचार याचिका लंबित रहने के दौरान वापस भेजने का आदेश दिया
तब्लीगी जमात केस: दिल्ली की अदालत ने 8 विदेशियों को उनके डिस्चार्ज के खिलाफ पुनर्विचार याचिका लंबित रहने के दौरान वापस भेजने का आदेश दिया

दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को तब्लीगी जमात से संबंधित 8 कजाक नागरिकों को उनके देश वापस भेजने का आदेश दिया जबकि उनके डिस्चार्ज के खिलाफ पुनरीक्षण याचिका उसके समक्ष लंबित है दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को तब्लीगी जमात से संबंधित 8 कजाक नागरिकों को वापस भेजने का आदेश दिया जबकि उनके डिस्चार्ज के खिलाफ पुनरीक्षण याचिका उसके समक्ष लंबित है।यह आदेश अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश साकेत ने मौलाना अला हदरामी बनाम यूनियन ऑफ इंडिया में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में दिया है।इस मामले में आरोपियों ने...

[दिल्ली दंगे] : अभियुक्तों को तिहाड़ जेल में मूलभूत सुविधाओं से वंचित करने का आरोप : दिल्ली कोर्ट ने जेल का निरीक्षण करने की चेतावनी दी
[दिल्ली दंगे] : अभियुक्तों को तिहाड़ जेल में मूलभूत सुविधाओं से वंचित करने का आरोप : दिल्ली कोर्ट ने जेल का निरीक्षण करने की चेतावनी दी

दिल्ली दंगों के कई आरोपियों ने शिकायत की कि उन्हें तिहाड़ जेल प्राधिकरणों द्वारा बुनियादी सुविधाएं मुहैया नहीं कराई जा रही हैं।इसके बाद कड़कड़डूमा कोर्ट (एएसजे अमिताभ रावत की अध्यक्षता में) ने मंगलवार (03 नवंबर) को जेल अधिकारियों को चेतावनी दी कि वह आरोपियों को बुनियादी सुविधआएं मुहैया कराए। अधिकारियों को जेल का निरीक्षण करना चाहिए और यदि शिकायत या अभियुक्त की समस्याओं को अगली तारीख तक हल नहीं किया जाता है तो न्यायालय को जेल के परिसर में स्थिति का जायजा लेने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।अतिरिक्त...