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पुरुष-प्रधान समाज में चंद लालची पुरुषों और महिलाओं द्वारा चरित्र हनन किया जाना आम बात है, यह व्यक्तियों को प्रभावित करता हैः मद्रास हाईकोर्ट
पुरुष-प्रधान समाज में चंद लालची पुरुषों और महिलाओं द्वारा चरित्र हनन किया जाना आम बात है, यह व्यक्तियों को प्रभावित करता हैः मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने सोमवार (09 नवंबर) को कहा कि "पुरुष-प्रधान समाज में चरित्र हनन आम है। हमारे देश में एक ही लिंग के बीच भी चरित्र हनन प्रचलित है।"जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम की खंडपीठ याचिकाकर्ता/ एकमात्र अभियुक्त की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसे आईपीसी की 306 के तहत गिरफ्तार किया गया था और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।मामलायह आरोप लगाया गया था कि याचिकाकर्ता मृतक महिला का रिश्तेदार है, जिसने आत्महत्या कर ली थी। याचिकाकर्ता के खिलाफ इस आधार पर मामला दर्ज किया गया था कि रिश्तेदार होने के...

Allahabad High Court expunges adverse remarks against Judicial Officer
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सभी बीमा पॉलिसी के लिए दावा दाखिल करने के लिए तीन साल की सीमा अवधि तय की

किसानों और समाज के अन्य सीमांत वर्गों को बड़ी राहत देते हुए, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बुधवार को कहा कि सरकारी बीमा योजनाओं, विशेष रूप से मुख्मंत्री किसान अवाम सर्वहित बीमा योजना के तहत दावा दायर करने की 75 दिनों की समय अवधि अनुचित और मनमानी है। जस्टिस शशि कांत गुप्ता और जस्टिस पंकज भाटिया की पीठ ने कहा कि इतनी कम समय अवधि इस योजना के सामाजिक-लाभकारी उद्देश्य के खिलाफ है और इसलिए इसे रद्द किया जाता है।पीठ ने आदेश दिया कि दावा याचिका दायर करने के लिए, मृतक की मृत्यु की तारीख से तीन साल की अवधि,...

नहीं कह सकते कि XXX का एपिसोड अश्लील नहीं है, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एकता कपूर के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने से किया इनकार
'नहीं कह सकते कि XXX का एपिसोड अश्लील नहीं है', मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एकता कपूर के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने से किया इनकार

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (इंदौर खंडपीठ) ने बुधवार को एएलटी बालाजी के प्रबंध निदेशक एकता कपूर के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने से इनकार कर दिया। एकता कपूर के खिलाफ वेब सीरीज़ 'XXX' में राष्ट्रीय प्रतीक का कथित अपमान करने और अश्लीलता का आरोप लगा है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि कपूर के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला बनता है।जस्टिस शैलेन्द्र शुक्ला की एकल पीठ ने कहा कि यह निर्धारित करने के लिए कि कोई विशेष मामला अश्लील है या नहीं, साक्ष्य की रिकॉर्डिंग एक महत्वपूर्ण तरीका हो सकता है। "जहां तक...

कोई घर अछूता नहीं बचा है: दिल्ली उच्च न्यायालय ने COVID-19 मामलों में वृद्धि पर चिंता व्यक्त की
"कोई घर अछूता नहीं बचा है": दिल्ली उच्च न्यायालय ने COVID-19 मामलों में वृद्धि पर चिंता व्यक्त की

दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को राजधानी शहर में COVID-19 मामलों में आए उछाल पर चिंता व्यक्त की और टिप्पणी की कि दिल्ली सरकार जमीनी हकीकत से "बेखबर" बनी हुई है और हवाओं के लिए सभी सावधानी बरती है। न्यायमूर्ति हेमा कोहली और न्यायमूर्ति सुब्रमणियम प्रसाद की खंडपीठ ने राजधानी में कोरोना की दर में तेजी से वृद्धि होने पर भी लोगों के आवागमन के लिए लगातार आसान मानदंडों के लिए भी सरकार को फटकार लगाई।"दिल्ली जैसे शहर में महाराष्ट्र और केरल जैसे राज्यों की तुलना में कहीं अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। कोई...

दिल्ली उच्च न्यायालय ने बड़े षडयंत्र कांड के मुकदमे के ट्रायल पर आगे के आदेश तक रोक लगाई
दिल्ली उच्च न्यायालय ने 'बड़े षडयंत्र कांड' के मुकदमे के ट्रायल पर आगे के आदेश तक रोक लगाई

दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार (10 नवंबर) को पूर्वोत्तर दिल्ली हिंसा में "बड़ी साजिश" मामले में सुनवाई पर रोक लगा दी, जो फरवरी 2020 में हुई थी। न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत की खंडपीठ ने इस मामले में अभियुक्तों को भी नोटिस जारी किया और मामले को 15 दिसंबर, 2020 तक के लिए स्थगित कर दिया।सिंगल बेंच द्वारा यह आदेश दिल्ली पुलिस द्वारा एक ट्रायल कोर्ट के आदेश (कड़कड़डूमा, दिल्ली) के खिलाफ दायर एक याचिका में पारित किया गया था, जिसमें पुलिस को निर्देश दिया गया था कि वह मामले के आरोपियों को चार्जशीट की...

बॉलीवुड प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला की वाइफ को ड्रग केस में मिली जमानत
बॉलीवुड प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला की वाइफ को ड्रग केस में मिली जमानत

बॉम्बे की एक अदालत ने मंगलवार को बॉलीवुड निर्माता फिरोज नाडियाडवाला की पत्नी शबाना सईद पर को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद उन्हें जमानत दे दी।एनसीबी द्वारा तलाशी के दौरान कथित रूप से उनके उपनगरीय जुहू स्थित आवास पर गांजा (मारिजुआना) पाया गया और सोमवार को एक अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।उन्हें अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ए एच काशिस्कर ने 15,000 रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी। जमानत के लिए तर्क देते हुए उनके वकील अयाज़ खान ने...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने दिवाली महोत्सव के लिए दो जैन मंदिरों को 5 दिनों के लिए तय समय पर खोलने की अनुमति दी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने दिवाली महोत्सव के लिए दो जैन मंदिरों को 5 दिनों के लिए तय समय पर खोलने की अनुमति दी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को मुंबई में दो जैन मंदिरों एक दादर में और दूसरा भायखला में 13 नवंबर, 2020 से 17 नवंबर, 2020 तक दिवाली पर्व के पांच दिनों के दौरान खोलने की अनुमति दी। यह अनुमति तय समय के लिए दी गई है। इस दौरान मंदिर के हॉल में 15 मिनट के लिए एक बार में 8 व्यक्ति ही जा सकते हैं।न्यायमूर्ति एसजे कथावाला और न्यायमूर्ति अभय आहूजा की खंडपीठ दो ट्रस्टों द्वारा दायर रिट याचिकाओं की सुनवाई कर रही थी जो दो अलग-अलग जैन मंदिरों के मामलों के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार हैं, एक दादर स्थित ताक ज्ञान...

केवल इस आधार पर अभियुक्त को डिफॉल्ट जमानत देने से इनकार नहीं किया जा सकता कि उसने सीआरपीसी की धारा 167 (2)  के बजाय धारा 439 के तहत आवदेन दायर किया : दिल्ली हाईकोर्ट
केवल इस आधार पर अभियुक्त को डिफॉल्ट जमानत देने से इनकार नहीं किया जा सकता कि उसने सीआरपीसी की धारा 167 (2) के बजाय धारा 439 के तहत आवदेन दायर किया : दिल्ली हाईकोर्ट

एक ऐतिहासिक फैसले में, दिल्ली हाईकोर्ट ने एक ऐसे मामले में जमानत दे दी है जिसमें अभियुक्त जमानत देेने व आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 167 (2) के तहत शर्तों का पालन करने के लिए तैयार हो गया था, परंतु उसने अपना जमानत आवेदन सीआरपीसी की धारा 439 के तहत दायर किया था। अदालत ने कहा कि वर्तमान मामले में, हालांकि अभियुक्त ने सीआरपीसी की धारा 439 के तहत जमानत के लिए अपना आवेदन प्रस्तुत किया था, परंतु उसने 'संकेत' दिया था कि वह सीआरपीसी की धारा 167 (2) के परंतुक (ए) के तहत आवश्यक जमानत...

दिल्ली उच्च न्यायालय ने 30 नवंबर तक सूचीबद्ध मामलों के शेड्यूल को संशोधित किया, इसे जारी रखने के लिए प्रतिबंधात्मक कार्य किया
दिल्ली उच्च न्यायालय ने 30 नवंबर तक सूचीबद्ध मामलों के शेड्यूल को संशोधित किया, इसे जारी रखने के लिए प्रतिबंधात्मक कार्य किया

मंगलवार (10 नवंबर) को जारी एक कार्यालय आदेश में दिल्ली उच्च न्यायालय ने मामलों की सुनवाई की वर्तमान प्रणाली (फिजिकल और वर्चुअल दोनों सुनवाई के हाइब्रिड मॉडल) के साथ जारी रखने का फैसला किया है। वास्तव में अदालत ने COVID-19 महामारी को देखते हुए 30 नवंबर तक प्रतिबंधात्मक कामकाज का विस्तार करने का निर्णय लिया है।गौरतलब है कि मंगलवार के कार्यालय आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि 30.11.2020 तक न्यायालय के समक्ष पहले से सूचीबद्ध मामले कार्यालय आदेश (संलग्नक देखें) के साथ संलग्न शेड्यूल के अनुसार...

दिल्ली दंगे के दौरान गन लहराने वाले शाहरुख पठान को दिल्ली कोर्ट ने अंतरिम जमानत देने से इनकार किया
दिल्ली दंगे के दौरान गन लहराने वाले शाहरुख पठान को दिल्ली कोर्ट ने अंतरिम जमानत देने से इनकार किया

कड़कड़डूमा कोर्ट (दिल्ली) ने सोमवार (09 नवंबर) को शाहरुख पठान को अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया, जिसकी फरवरी 2020 के दौरान दिल्ली में हुए दंगे में पुलिसकर्मी की ओर बंदूक लहराते हुई एक विवादास्पद तस्वीर सोशल मीडिया / इंटरनेट पर वायरल हुई थी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत आरोपी शाहरुख पठान खान की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। शाहरुख ने 24.02.2020 को जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास कानून व्यवस्था के लिए तैनात पुलिस अधिकारी एचसी दीपक दहिया पर फायरिंग करने का इशारा करते हुए एक पिस्टल...

यह उचित तरीका नहीं है, जिसमें किसी प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय को कार्य करना चाहिए : मद्रास हाईकोर्ट ने अन्ना यूनिवर्सिटी को नियमित नियुक्ति द्वारा शिक्षण पदों को भरने का  आदेश दिया
'यह उचित तरीका नहीं है, जिसमें किसी प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय को कार्य करना चाहिए' : मद्रास हाईकोर्ट ने अन्ना यूनिवर्सिटी को नियमित नियुक्ति द्वारा शिक्षण पदों को भरने का आदेश दिया

मद्रास हाईकोर्ट ने सोमवार को अन्ना यूनिवर्सिटी को यूजीसी और एआईसीटीई के दिशानिर्देशों का ठीक से पालन न करने और लगभग दस वर्षों से अस्थायी शिक्षण कर्मचारियों के बल पर कार्य करने के मामले में फटकार लगाई है। यूनिवर्सिटी द्वारा बनाए गए अपर्याप्त संकाय छात्र अनुपात को ध्यान में रखते हुए न्यायमूर्ति एन आनंद वेंकटेश की खंडपीठ ने कहा कि, ''यह आश्चर्यजनक है कि जो छात्र इस यूनिवर्सिटी से पढ़कर बाहर निकल रहे हैं, वे पर्याप्त शिक्षण संकाय की अनुपलब्धता के बावजूद अच्छी तरह से आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे में एक बात...

पॉवर टीवी चैनल के प्रबंध निदेशक खिलाफ जबरन वसूली का मामला: कर्नाटक हाईकोर्ट ने पुलिस जांच और एफआईआर में हस्तक्षेप करने से इनकार किया
पॉवर टीवी चैनल के प्रबंध निदेशक खिलाफ जबरन वसूली का मामला: कर्नाटक हाईकोर्ट ने पुलिस जांच और एफआईआर में हस्तक्षेप करने से इनकार किया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने गुरुवार (05 नवंबर) को कथित जबरन वसूली के आरोप में पॉवर टीवी (कन्नड़ टीवी चैनल) के प्रबंध निदेशक राकेश शेट्टी के खिलाफ पुलिस जांच में हस्तक्षेप करने और एफआईआर रद्द करने से इनकार कर दिया।ज‌स्ट‌िस सूरज गोविंदराज की खंडपीठ पॉवर टीवी के प्रबंध निदेशक राकेश शेट्टी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने शिकायत और 24.09.2020 को दर्ज की गई एफआईआर रद्द करने की मांग की थी।मामलाप्राथमिकी में यह आरोप लगाया गया था कि याचिकाकर्ता समाचार चैनल (पॉवर टीवी) भ्रष्टाचार और अवैध वित्तीय...

मैं न्याय दूर नहीं भागा जा रहा हूँ: अर्नब गोस्वामी ने अलीबाग सत्र न्यायालय को अपनी याचिका में कहा
"मैं न्याय दूर नहीं भागा जा रहा हूँ": अर्नब गोस्वामी ने अलीबाग सत्र न्यायालय को अपनी याचिका में कहा

रिपब्लिक टीवी के प्रमुख अर्नब गोस्वामी ने रायगढ़ में सत्र न्यायालय के समक्ष एक आवेदन दायर किया है। इसमें 2018 के आत्महत्या मामले में उनकी गिरफ्तारी के मामले में नियमित जमानत की मांग की गई है। गोस्वामी ने इस मामले में खुद को निर्दोष बताते है। उन्होंने कहा है कि संबंधित समय पर इस मामले की पूरी तरह से जांच की गई थी और रायगढ़ पुलिस ने एक विस्तृत क्लोजर रिपोर्ट 'ए' समरी रिपोर्ट दाखिल करने की कृपा की। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, रायगढ़ एट- अलीबाग के समक्ष उक्त क्लोजर रिपोर्ट पेश की गई थी।उन्होंने...

हो सकता है कि मैं ओल्ड स्कूल से हूँ, रिपब्लिक टीवी, टाइम्स नाउ के खिलाफ बॉलीवुड की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस राजीव शकधर ने दूरदर्शन के दिनों को याद किया
'हो सकता है कि मैं ओल्ड स्कूल से हूँ', रिपब्लिक टीवी, टाइम्स नाउ के खिलाफ बॉलीवुड की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस राजीव शकधर ने दूरदर्शन के दिनों को याद किया

रिपब्लिक टीवी और टाइम्स नाउ द्वारा कथित अपमानजनक रिपोर्टिंग के खिलाफ बॉलीवुड प्रोडक्शन हाउस द्वारा दायर मुकदमे की सुनवाई करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति राजीव शकधर ने दूरदर्शन के दिनों की याद ताजा की। न्यायमूर्ति शकधर ने कहा, 'हम दूरदर्शन पर प्रसारित उस खबर का इंतजार करते थे; जो स्पष्ट और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पर आधारित हुआ करती थी।' न्यायमूर्ति शकधर ने महत्वपूर्ण मुद्दों की रिपोर्टिंग करने के लिए मीडिया चैनलों द्वारा उपयोग की जाने वाली विजुअल टेक्निक के नए रूपों पर भी टिप्पणी...

वह और उसके परिवार के सदस्य तनाव और चिंताग्रस्त हैं, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 58 वर्षीय COVID-19 सर्वाइवर को अंतरिम जमानत दी
'वह और उसके परिवार के सदस्य तनाव और चिंताग्रस्त हैं', हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 58 वर्षीय COVID-19 सर्वाइवर को अंतरिम जमानत दी

हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने सोमवार (02 नवंबर) को एक 58 वर्षीय व्यक्ति को उसकी उम्र और इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए अंतरिम जमानत दे दी कि वह और उसके परिवार के सदस्य तनाव और चिंता में हैं। न्यायमूर्ति अनूप चितकारा की खंडपीठ ने सीआरपीसी की धारा 439 के तहत दायर एक अर्जी पर सुनवाई की, जिसमें नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 (एनडीपीएस एक्ट) की धारा 20 के तहत 1.757 किलोग्राम चरस (कैनबिस) रखने के आरोपी ने जमानत जमानत की मांगी की थी।एक 58 वर्षीय याचिकाकर्ता ने इस आधार पर जमानत...

उड़ीसा हाईकोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई के लिए दिशा-निर्देश जारी किए, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की अनाधिकृत रिकॉर्डिंग पर लगाए प्रतिबंध
उड़ीसा हाईकोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई के लिए दिशा-निर्देश जारी किए, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की अनाधिकृत रिकॉर्डिंग पर लगाए प्रतिबंध

उड़ीसा उच्च न्यायालय ने सोमवार (02 नवंबर) को उड़ीसा हाईकोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए कोर्ट रूल्स 2020 को अधिसूचित किया। अधिसूचना में कहा गया है कि नियमों का उद्देश्य "अदालतों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के उपयोग से संबंधित प्रक्रिया को समेकित, एकीकृत और सुव्यवस्थित करना है।"नियम बताते हैं कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधाओं का उपयोग न्यायिक कार्यवाही के सभी चरणों में किया जा सकता है। नियम यह भी स्पष्ट करते हैं कि "वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से न्यायालय द्वारा की गई सभी कार्यवाही...

पंजाब सरकार ने राज्य में मामलों की जांच के लिए सीबीआई को दी गई सामान्य सहमति वापस ली
पंजाब सरकार ने राज्य में मामलों की जांच के लिए सीबीआई को दी गई 'सामान्य सहमति' वापस ली

पंजाब सरकार ने सोमवार को राज्य में मामलों की जांच के लिए सीबीआई [दिल्ली विशेष पुलिस अधिनियम] को दी गई 'सामान्य सहमति' वापस ले ली। राज्य सरकार द्वारा वापस ली गई इस सामान्य सहमति के बारे में न्यूज एजेंसी एएनआई ने बताते हुए कहा कि अब सीबीआई को केस-दर-केस के आधार पर राज्य सरकार से अनुमति लेनी होगी। इससे पहले पंजाब सरकार ने दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 (1946 का केंद्रीय अधिनियम संख्या 25) की धारा 6 द्वारा प्रदान की गई शक्तियों के संदर्भ में दिल्ली विशेष पुलिस अधिनियम के सदस्यों को दी गई...

[चेक का अस्वीकरण] एक बार आदेशक का भुगतान नहीं करने इरादा स्पष्ट होने पर, शिकायत करने के लिए 15 दिनों तक इंतजार करने की आवश्यकता नहीं है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
[चेक का अस्वीकरण] एक बार आदेशक का भुगतान नहीं करने इरादा स्पष्ट होने पर, शिकायत करने के लिए 15 दिनों तक इंतजार करने की आवश्यकता नहीं है: इलाहाबाद हाईकोर्ट

निगोश‌िएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट, 1881 की धारा 138 की व्याख्या करते हुए, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना है कि एक बार पार्टी का इरादा स्पष्ट हो कि वह भुगतान करने की इच्छा नहीं रखती है तो शिकायतकर्ता को न्यूनतम 15 दिनों तक इंतजार करने की आवश्यकता नहीं है।जस्टिस डॉ कौशल जयेंद्र ठाकर की खंडपीठ ने कहा, "मामले में, याचिकाकर्ता ने यहां नोटिस का जवाब दिया, जो यह दर्शाता है कि आदेशक का इरादा स्पष्ट है कि वह भुगतान करने की इच्छा नहीं रखता है। एक बार यह स्पष्ट हो जाने के बाद, क्या शिकायतकर्ता को 15 दिन की न्यूनतम...

नाबालिग से बलात्कार और हत्या : उड़ीसा हाईकोर्ट ने बलात्कार के मामले में बरी किया, मौत की सजा को आजीवन कारावास में तब्दील किया
नाबालिग से बलात्कार और हत्या : उड़ीसा हाईकोर्ट ने बलात्कार के मामले में बरी किया, मौत की सजा को आजीवन कारावास में तब्दील किया

उड़ीसा हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह एक 9 वर्षीय लड़की की हत्या के लिए दोषी ठहराते हुए 28 वर्षीय व्यक्ति की मौत की सजा को आजीवन कारावास में तब्दील कर दिया है। हालांकि उसे बलात्कार के मामले में बरी कर दिया गया। जगतसिंहपुर जिले के गोदाहरिशपुर गांव की रहने वाली लड़की 20 मार्च 2018 को लापता हो गई थी। अगले दिन उसका शव पास के काजू के बाग में मिला था। उसी दिन, पुलिस ने एक ग्रामीण कालिया मन्ना को कथित रूप से लड़की के साथ बलात्कार करने और उसकी हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया। विशेष पाॅक्सो कोर्ट ,...

एनएलयू-दिल्ली ने 17वें एशियाई विधि संस्थान (ASLI) वर्चुअल कॉन्फ्रेंस 2020 की मेजबानी की
एनएलयू-दिल्ली ने 17वें एशियाई विधि संस्थान (ASLI) वर्चुअल कॉन्फ्रेंस 2020 की मेजबानी की

नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली ने 7 से 9 नवंबर 2020 तक पहली बार 17वें एशियाई लॉ इंस्टिट्यूट कॉन्फ्रेंस की मेजबानी कर रहा है। इस कॉन्फ्रेंस का विषय "एशिया में कानून और न्याय" है।वर्चुअल कांफ्रेंस का उद्घाटन प्रो श्रीकृष्ण देवा राव (एनएलयू-डी के कुलपति) और एसोसिएट प्रो केरी लोई (सह निदेशक, एएसएलआई), नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर के स्वागत भाषण के साथ हुआ ।मुख्य भाषण सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश और विश्वविद्यालय के आगंतुक न्यायमूर्ति एनवी रमाना ने दिया।दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, जो...