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पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने डीएलएसए (DLSA) को 14 साल की बलात्कार पीड़िता को अंतरिम मुआवजा देने और समय-समय पर उसकी काउंसलिंग करने के निर्देश दिए
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने बुधवार (25 नवंबर) को सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), मेवात, नूंह और साथ ही सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फरीदाबाद को 14 साल की पीड़िता को अंतरिम मुआवजा देने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति अरविंद सिंह सांगवान की खंडपीठ ने नूंह में डीएलएसए, मेवात को एक महिला काउंसलर नियुक्त करने का भी निर्देश दिया, जो समय-समय पर पुनर्वास के लिए नाबालिग पीड़िता की काउंसलिंग करेगी और उसकी स्वास्थ्य स्थिति का ध्यान रखेगी क्योंकि वह बहुत(14 वर्ष की कम आयु) ही कम उम्र में...
एमनेस्टी इंडिया के खातों को फ्रीज करने के लिए बैंकों को निर्देश देने के ईडी के कानूनी अधिकार क्या हैं? कर्नाटक हाईकोर्ट ने पूछा
कर्नाटक हाईकोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को यह बताने का निर्देश दिया है कि किस अधिकार के तहत उसने बैंकों को पत्र लिखकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंडिया के कार्यालयों (मेसर्स इंडियंस फॉर एमनेस्टी इंटरनेशनल ट्रस्ट) के बैंक खातों को फ्रीज करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति पी एस दिनेश कुमार की एकल पीठ ने ईडी के वकील से पूछा :''कानून के किस प्रावधान का इस्तेमाल करके उसने बैंकों को पत्र लिखा है? आदेश की प्रति भी याचिकाकर्ता को नहीं दी गई। आपके पास अधिकार के कुछ स्रोत तो...
सहमति से वयस्कों के बीच लिव-इन संबंध अपराध नहीं : इलाहाबाद हाईकोर्ट
यह देखते हुए कि दो सहमति वाले वयस्कों के बीच लिव-इन संबंध कोई अपराध नहीं है, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक दंपति को पुलिस सुरक्षा प्रदान की जो एक साथ रहना चाहते थे। उच्च न्यायालय ने कहा कि यह कानून है कि जहां एक लड़का और लड़की अपनी स्वतंत्र इच्छा के साथ रह रहे हैं, फिर उनके माता-पिता सहित किसी को भी उनके साथ रहने में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है।न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्रा और प्रकाश पाडिया की खंडपीठ ने कहा,"लिव इन रिलेशनशिप एक ऐसा रिश्ता है जिसे कई अन्य देशों के उलट भारत में...
मास्क न पहनने वाले लोगों को COVID केयर सेंटर में सामुदायिक सेवा करनी होगीः गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने बुधवार (02 दिसंबर) को गुजरात सरकार को निर्देश दिया है कि वह एक नीति या आदेश जारी करें, जिसमें सभी को निर्देश दिया जाए कि जो भी लोग फेस कवर/ मास्क के बिना पकड़े जाए, उनको अनिवार्य रूप से सामुदायिक सेवा के लिए COVID19 देखभाल केंद्रों में भेज दिया जाए।मुख्य न्यायाधीश विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला की खंडपीठ ने उपरोक्त निर्देश जारी किया है क्योंकि इस मामले में राज्य सरकार ने अदालत के समक्ष कहा था कि वह सामाजिक सुरक्षा मानदंडों के उल्लंघनकर्ताओं या फेस कवर/मास्क न पहनने...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने और अधीनस्थ न्यायालयोंं द्वारा पारित अंतरिम आदेशों को 5 जनवरी तक बढ़ाया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार (01 दिसंबर) को अपने द्वारा पारित और अधीनस्थ न्यायालयों / न्यायाधिकरणों द्वारा पारित अंतरिम आदेशों की कार्रवाई को मंगलवार (05 जनवरी) तक बढ़ा दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति मुनीश्वर नाथ भंडारी और न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमश्री की खंडपीठ ने पारित किया है।अदालत ने कहा कि, "आज की स्थिति 20.10.2020 के समान है, जब पिछला आदेश पारित किया गया था।" इससे पहले उच्च न्यायालय ने सभी अंतरिम आदेश मंगलवार (01 दिसंबर) तक बढ़ा दिए थे। अब इस आदेश ने मंगलवार (05 जनवरी) तक अंतरिम...
पूर्व जज सीएस कर्णन को अपमानजनक वीडियो के कारण चेन्नई पुलिस ने गिरफ्तार किया
चेन्नई पुलिस ने बुधवार को मद्रास और कलकत्ता उच्च न्यायालयों के पूर्व जज सीएस कर्णन को गिरफ्तार कर लिया।चेन्नई पुलिस की केंद्रीय अपराध शाखा ने पूर्व जज को , एक ऑनलाइन वीडियो के कारण गिरफ्तार किया है, जिसमें उन्होंने जजों को गाली दी थी और जजों की पत्नियों को रेप की धमकियां दी थी।मद्रास उच्च न्यायालय ने कल पुलिस महानिदेशक और चेन्नई पुलिस आयुक्त को 7 दिसंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर कर्णन के खिलाफ जांच की प्रगति से पीठ को अवगत कराने का निर्देश दिया था।इससे पहले, अदालत ने पुलिस आयुक्त,...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने राहत वितरण कार्य में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों के बीच अम्फान राहत फंड के कैग ऑडिट का आदेश दिया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार (01 दिसंबर) को भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) को निर्देश दिया कि वे अम्फान साइक्लोन से संबंधित राहत वितरण कार्यों में अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोपों का ऑडिट करें। मुख्य न्यायाधीश थोट्टाथिल बी. राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी की खंडपीठ जनहित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है, जिनमें पश्चिम बंगाल राज्य में अम्फान से प्रभावित होने वाले लोगों को राहत प्रदान करने के विभिन्न तरीकों के बारे में भ्रष्टाचार की शिकायतें की जा रही है।न्यायालय ने महत्वपूर्ण रूप...
सांसदों/विधायकों के खिलाफ मामलाः कर्नाटक हाईकोर्ट ने गवाह संरक्षण योजना के क्रियान्वयन का निर्देश दिया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार को राज्य सरकार को दो सप्ताह के भीतर एक सक्षम प्राधिकारी का गठन करने के लिए एक आदेश जारी करने का निर्देश दिया, जिसे गवाह संरक्षण योजना, 2018 में निर्धारित किया गया है और सुप्रीम कोर्ट ने जिसका अनुमोदन किया है।सुप्रीम कोर्ट ने 5 दिसंबर, 2018 को महेंद्र चावला बनाम यूनियन ऑफ इंडिया के मामले में, गवाह संरक्षण योजना, 2018 को मंजूरी दी थी, जिसे भारत सरकार ने तैयार किया था। सुप्रीम कोर्ट ने भारत सरकार, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उक्त योजना को लागू करने का...
प्रेम का समर्थनः इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महीने में अंतर-धार्मिक या अंतर-जातीय विवाह के 125 जोड़ों को सुरक्षा दी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नवंबर महीने में अंतर-विश्वास या अंतर-जातीय विवाह के सौ से अधिक जोड़ों को राहत दी है। हाईकोर्ट के फैसलों के सर्वेक्षण से यह जानकारी सामने आई है।पिछले महीने 117 मामलों में पारित आदेशों में, हाईकोर्ट ने संबंधित जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से उन जोड़ों की शिकायतों पर कार्रवाई करने के लिए कहा, जो जाति / धर्म के बाहर शादी करने पर रिश्तेदारों से जीवन और स्वतंत्रता के लिए खतरे का सामना कर रहे थे। रिट याचिकाओं का निस्तारण एसएसपी से संपर्क करने की अनुमति देकर और एसएसपी को वयस्कता,...
इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक पत्र याचिका दायर कर राज्य के बलरामपुर में एक पत्रकार और उसके दोस्त की जलकर हुई मौत पर मुकदमा चलाने की मांग
इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक पत्र याचिका दाखिल कर राज्य के बलरामपुर में शुक्रवार की आधी रात को एक पत्रकार और उसके दोस्त को कुछ अज्ञात लोगों द्वारा कथित रूप से जलाकर मारने की घटना के खिलाफ स्वत: संंज्ञान लेकर मुकदमा चलाए जाने की मांग की गई है।याचिका में यह आरोप लगाया गया है कि 37 वर्षीय पत्रकार राकेश सिंह और उनके 35 वर्षीय मित्र पिंटू साहू को एक घर में जिंदा जलाया गया, जिससे बाद में उनका मौत हो गई। इस घटना में पत्रकार मित्र की तो घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी कि जबकि पत्रकार ने इलाज के दौरान...
तेलंगाना उच्च न्यायालय ने अंतिम बार सभी अंतरिम आदेश आगे बढ़ाए
तेलंगाना उच्च न्यायालय ने बुधवार (25 नवंबर) को इस अदालत द्वारा पारित अंतरिम आदेशों के साथ-साथ जिला और अन्य अधीनस्थ न्यायालयों द्वारा पारित सभी अंतरिम आदेशों पर कार्रवाई 11 दिसंबर तक आगे बढ़ा दी। मौजूदा असाधारण परिस्थितियों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए तेलंगाना उच्च न्यायालय की पूर्ण पीठ ने 25 नवंबर के उक्त आदेश जारी करते हुए 11 दिसंबर 2020 तक हाईकोर्ट द्वारा पारित अंतरिम आदेशों को आगे बढ़ाया।इससे पहले पीठ ने अपने अंतरिम आदेशों को 30 नवंबर तक के लिए बढ़ा दिया था।चीफ जस्टिस राघवेंद्र सिंह चौहान,...
एससी/एसटी आयोग के लिए अध्यक्ष नियुक्त करने में आपको कितना समय लगेगा? कर्नाटक उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से पूछा
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने सोमवार को राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह 2018 से खाली चल रहे कर्नाटक राज्य अनुसूची जाति/अनुसूचित जनजाति आयोग में अध्यक्ष पद की नियुक्ति करने के बारे में 8 दिसंबर तक जवाब दें। मुख्य न्यायाधीश अभय ओका और न्यायमूर्ति एस विश्वामित्र शेट्टी की खंडपीठ ने कहा:"राज्य को उक्त नियुक्ति पर अधिकतम समय सीमा के बारे में अगली तारीख पर जवाब देना चाहिए जिसके भीतर अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति की जाएगी।यदि सदस्यों की रिक्तियां हैं तो उन रिक्तियों को भरने का...
जाति या धर्म का ध्यान किए बिना अपनी पंसद के व्यक्ति से शादी करना,एक मौलिक अधिकार : कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने माना है कि किसी भी बालिग व्यक्ति द्वारा अपनी पसंद के व्यक्ति से विवाह करने का अधिकार भारत के संविधान के तहत मिला एक मौलिक अधिकार है। न्यायमूर्ति एस सुजाता और न्यायमूर्ति सचिन शंकर मगदुम की खंडपीठ के समक्ष एक वजीद खान की तरफ से बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर उसकी प्रेमिका राम्या को मुक्त कराने की मांग की गई थी। खंडपीठ ने इस याचिका का निपटारा करते हुए कहा किः ''यह अच्छी तरह से तय है कि किसी भी बालिग व्यक्ति का अपनी पसंद के व्यक्ति से विवाह करने का अधिकार भारत के संविधान...
पुलिस के खिलाफ खबरें प्रकाशित करने भर से पुलिस में असंतोष नहीं पैदा होगा, ना ही उन्हें सरकार के खिलाफ उकसाएगा: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने सोमवार (23 नवंबर) को फैसला सुनाया कि एक पुलिस अधिकारी पर लगा आरोप कि वह आपराधिक गतिविधियों में शामिल था और इस संबंध में समाचार रिपोर्ट प्रकाशित करवाना, सरकार के खिलाफ कार्रवाई के लिए उकसाती नहीं है। पुलिस (इन्साइटमन्ट टू डिसफेक्शन) एक्ट, 1922 की धारा तीन के अर्थों में)। जस्टिस टीवी नलवाडे और जस्टिस श्रीकांत डी कुलकर्णी की खंडपीठ ने आवेदक की याचिका को अनुमति देते हुए उसके खिलाफ पुलिस (इन्साइटमन्ट टू डिसफेक्शन) एक्ट, 1922 की धारा तीन के तहत दर्ज मामले को...
"COVID 19 केस लगातार बढ़ रहे हैं ऐसे में कैदियों को आत्मसमपर्ण करवाना जोखिम भरा प्रस्ताव हो सकता है" : दिल्ली हाई पावर्ड कमेटी ने जमानत की अवधि 45 के लिए बढ़ाई
दिल्ली की हाई पावर्ड कमेटी ने जेलों के अंदर COVID-19 महामारी के प्रसार को रोकने के लिए कैदियों को दी गई अंतरिम जमानत को 45 और दिनों के लिए बढ़ाने का फैसला किया है। दिल्ली उच्च न्यायालय के उप न्यायाधीश जस्टिस हेमा कोहली की अध्यक्षता वाली समिति ने दिल्ली में COVID-19 के बढ़ते मामले को देखते हुए इस कहा कि यदि इस समय COVID-19 बेल को विस्तारित नहीं किया जाता है और UTP/Convicts (विचाराधीन कैदी) को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा जाता है, तो यह एक खतरनाक प्रस्ताव होगा, क्योंकि वे संक्रमण को अपने साथ ला...
COVID-19: 'राज्य ने प्रभावी कदम उठाए हैं, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है', हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 4 मुद्दों पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मंगलवार (24 नवंबर) को राज्य सरकार को सभी COVID-19 से संबंधित 4 मुद्दों पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। इनमें पहला है सभी COVID-19 अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलेंडर की उपलब्धता के संबंध में उठाए गए कदमों को निर्दिष्ट करने के लिए एक हलफनामा दायर करना; दूसरा COVID-19 परीक्षणों की अवधि में कमी के संबंध में और तीसरा अतिरिक्त बेड और अन्य सुविधाओं के निर्माण के संबंध में है। यह ध्यान दिया जा सकता है कि शिमला के IGMC में COVID-19 वार्डों के बारे में दैनिक समाचार पत्र 'द...
चेक बाउंस का मामलाः विशेष आरोपों का उल्लेख किया जाए, यह आरोप पर्याप्त नहीं कि अभियुक्त कंपनी का सीईओ या निदेशक थाः दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने चेक बाउंस के एक मामले में एक कंपनी की पूर्व सीईओ के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने माना कि पूर्व सीईओ के खिलाफ न तो लेनदेन के मामले में और न ही कंपनी के बिजनेस में उसकी कथित भूमिका के बारे में कोई विशेष आरोप लगाए गए है। ऐसे में उसके खिलाफ चेक बाउंस के मामले में दायर शिकायत खारिज करने योग्य है।न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की एकल पीठ ने कहा कि यह कानून है कि किसी कंपनी में एक अधिकारी का पदनाम ही केवल उस अधिकारी को निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट...
यह नहीं माना जा सकता कि कोई पुलिस अधिकारी सिर्फ इसलिए पक्षपाती हो जाएगा क्योंकि वह शिकायतकर्ता का फेसबुक फ्रेंड है: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि केवल पुलिस अधिकारी के शिकायतकर्ता का फेसबुक फ्रेंड होने के कारण यह नहीं माना जा सकता कि वह (पुलिस अधिकारी) शिकायतकर्ता को गैर-कानूनी तरीके से मदद करेगा। कोर्ट ने चंडीगढ़ के एक पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले की जांच चंडीगढ़ से बाहर स्थानांतरित करने संबंधी याचिका खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। याचिका को स्थानांतरित करने के लिए जो आधार दिये गये थे उनमें से एक आधार यह था कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और उनकी पत्नी की शिकायतकर्ता से घनिष्ठता थी। यह भी आरोप लगाया गया था...
दिल्ली दंगे: पीड़ितों के लिए मुआवजे की मांग वाली याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली के पूर्वोत्तर जिलों में भड़के दंगों के पीड़ितों के लिए अंतरिम और पूर्ण मुआवजे की मांग करते हुए दाखिल की गई एक याचिका पर नोटिस जारी किया है।न्यायमूर्ति नवीन चावला की एकल पीठ ने नोटिस जारी करते हुए दिल्ली सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दायर करने का भी निर्देश दिया है।मो. शाहबाज और दंगों के अन्य पीड़ितों द्वारा दायर याचिका उन लोगों के लिए मुआवजे की मांग करती है, जो भीड़ द्वारा हमले के शिकार हुए थे और उनके घरों को जला दिया गया था और जिन्होंने अपना सब कुछ खो दिया...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : आइए जानते हैं हाईकोर्ट में कैसा रहा पिछला सप्ताह
23 नवंबर से 27 नवंबर 2020 तक विभिन्न हाईकोर्ट के कुछ ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र। शादी के कथित झूठे वादे पर सेक्स करने का मामलाः ''दोनों बालिग हैं, लड़के पर सारा दोष ड़ालना उचित नहीं होगा'' हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत दीहिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने बुधवार (25 नवंबर) को एक ऐसे शख्स को जमानत दे दी है, जिसने मुस्लिम होने के बावजूद कथित तौर पर अपने आप को हिंदू बताते हुए एक महिला से ''शादी का वादा करके उससे संबंध स्थापित किए और बाद में वह अपने वादे से मुकर गया।'' न्यायमूर्ति अनूप चितकारा की...


















