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रायगढ़ पुलिस ने 2018 के अनवे नाइक को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में अर्नब गोस्वामी और 2 अन्य के खिलाफ 1914 पृष्ठों की चार्जशीट दायर की
रायगढ़ पुलिस ने 2018 के अनवे नाइक को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में अर्नब गोस्वामी और 2 अन्य के खिलाफ 1914 पृष्ठों की चार्जशीट दायर की

रायगढ़ पुलिस ने शुक्रवार को रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी और दो अन्य के खिलाफ 2018 के अनवे नाइक को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में चार्जशीट दाखिल की। यह चार्जशीट पड़ोसी रायगढ़ जिले के अलीबाग की एक अदालत के समक्ष दायर की गई है जहां इंटीरियर डिजाइनर अनवे नाइक और उनकी मां कुमुद के आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है ।विशेष लोक अभियोजक प्रदीप घराट ने कहा, गोस्वामी के अलावा चार्जशीट में नामजद अन्य दो आरोपी फिरोज शेख और नीतीश सारदा हैं।तीनों पर आईपीसी की...

तब्लीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल होने पर आवेदक के खिलाफ आरोप पत्र दायर करना प्रथम दृष्टया कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोगः इलाहाबाद हाईकोर्ट
तब्लीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल होने पर आवेदक के खिलाफ आरोप पत्र दायर करना प्रथम दृष्टया कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोगः इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार (02 दिसंबर) को तब्लीगी जमात के कार्यक्रम में भाग लेने के आरोप में आवेदक-अभियुक्त (मोहम्मद साद) के खिलाफ एक मामले में आगे की आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगाते हुए कहा कि धारा 307 के तहत आवेदक के खिलाफ आरोप पत्र दायर करना प्रथम दृष्टया कानून की शक्ति का दुरुपयोग है।जस्टिस अजय भनोट की खंडपीठ आवेदक-अभियुक्त की याचिका पर सुनवाई कर रही थी‌, जिसने अदालत के समक्ष दलील दी कि भले ही जांच के दौरान एकत्र साक्ष्यों और एफआईआर को जस का तस लिया जाए तो भी आवदेक के खिलाफ किसी अपराध का...

उत्तराखंड उच्च न्यायालय राज्य भर में अधिवक्ताओं के आईटी कौशल को बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगा
उत्तराखंड उच्च न्यायालय राज्य भर में अधिवक्ताओं के आईटी कौशल को बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगा

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने राज्य के तकनीकी रूप से "वंचित और अपूर्ण " वकीलों के कौशल को बढ़ाने के लिए एक आईटी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला किया है । ये कार्यक्रम राज्य के सभी तेरह जिलों में आयोजित किए जाएंगे, जो 4 दिसंबर, 2020 को शाम 5 बजे से शुरू होगा। उत्तराखंड उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवि मालीमठ ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों की संकल्पना ऐसे अधिवक्ताओं की सहायता करने के उद्देश्य से की है, जो हालांकि इच्छुक हैं, लेकिन अपने न्यायालय के कामकाज में सूचना...

जब न्यूनतम सजा का वर्णन न किया गया हो, तो 60 दिन के भीतर आरोपपत्र दाखिल न होने पर अभियुक्त डिफॉल्ट बेल का हकदार होता है : दिल्ली हाईकोर्ट ने पत्रकार राजीव शर्मा की जमानत मंजूर की
जब न्यूनतम सजा का वर्णन न किया गया हो, तो 60 दिन के भीतर आरोपपत्र दाखिल न होने पर अभियुक्त डिफॉल्ट बेल का हकदार होता है : दिल्ली हाईकोर्ट ने पत्रकार राजीव शर्मा की जमानत मंजूर की

दिल्ली हाईकोर्ट ने चीन के खुफिया विभाग को संवेदनशील सूचना लीक करने के आरोपों के तहत गिरफ्तार किए गए पत्रकार राजीव शर्मा की जमानत मंजूर कर ली है। कोर्ट ने कहा कि यदि आरोपी के खिलाफ 60 दिनों के भीतर आरोप पत्र दायर नहीं किया जाता है और जिस अपराध के तहत उसे गिरफ्तार किया गया है उसकी सजा की न्यूनतम अवधि कानून में वर्णित ना हो, तो संबंधित अभियुक्त डिफॉल्ट ज़मानत का हकदार होता है।इससे पहले राजीव शर्मा ने इस आधार पर डिफॉल्ट जमानत की अर्जी दाखिल की थी कि उनकी गिरफ्तारी के 60 दिन बीत चुके हैं और...

एक महिला जो पक्षकार नहीं है, उसके खिलाफ निराधार आरोप लगाए गए : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कथित सेक्स रैकेट के खिलाफ दायर याचिका खारिज की
''एक महिला जो पक्षकार नहीं है, उसके खिलाफ निराधार आरोप लगाए गए'' : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कथित सेक्स रैकेट के खिलाफ दायर याचिका खारिज की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक रिट याचिकाकर्ता को इसलिए फटकार लगाई क्योंकि उसने पुलिस और न्यायिक कार्यवाही, दोनों के समक्ष कथित तौर पर एक सेक्स रैकेट के मामले में शामिल एक महिला की पहचान को उजागर कर दिया था। मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने कहा कि, ''जिस महिला के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, वह इस कार्यवाही में एक पक्षकार भी नहीं है। फिर भी हमारा मानना है कि शालीनता का न्यूनतम मानक मांग करता है कि एक महिला की पहचान का खुलासा करने की आवश्यकता नहीं है,...

कुछ कंडोम विज्ञापन पोर्न फिल्मों जितने अश्‍लील हैं: मद्रास हाईकोर्ट ने टीवी चैनलों को अश्लील विज्ञापनों का प्रसारण करने से रोका
'कुछ कंडोम विज्ञापन पोर्न फिल्मों जितने अश्‍लील हैं': मद्रास हाईकोर्ट ने टीवी चैनलों को अश्लील विज्ञापनों का प्रसारण करने से रोका

मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने यह कहते हुए कि न्याय के हित में बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक निर्देश जारी करने की आवश्यकता है, हाल ही में टीवी चैनलों पर अश्लील और भद्दे कार्यक्रमों और विज्ञापनों के प्रसारण के खिलाफ एक अंतरिम आदेश जारी किया।जस्टिस एन किरुबाकरन और जस्टिस बी पुगलेंधी की खंडपीठ ने कहा, "यह ध्यान देना घिनौना है कि टेलीविजन में, रात लगभग 10.00 बजे, लगभग सभी टेलीविजन चैनल कुछ विज्ञापनों का प्रसारण कर रहे हैं, जो कि कंडोम की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए अश्लीलता का प्रदर्शन...

दिल्ली हाईकोर्ट ने हिंदी उपन्यासकार अनिल मोहन के उपन्यासों से ऑडियो बुक्स बनाने पर रोक लगाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने हिंदी उपन्यासकार अनिल मोहन के उपन्यासों से ऑडियो बुक्स बनाने पर रोक लगाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में प्रकाशकों (कुल 5) को वादी (अनिल मोहन भारद्वाज) के उपन्यास से ऑडियोबुक्स बनाने से रोक दिया है क्योंकि वादी ने दावा किया है कि उसके पास वैध काॅपीराइट है और उनकी लिखित सहमति के बिना ही ऐसा किया जा रहा है। न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता की खंडपीठ ने प्रतिवादियों को वादी (अनिल मोहन) की लिखित सहमति के बिना, उपन्यासों को प्रकाशित करने या फिर से प्रकाशित करने से भी रोक दिया है। न्यायालय के समक्ष मामला पीठ प्रसिद्ध हिंदी उपन्यासकार अनिल मोहन भारद्वाज के आवेदन पर सुनवाई...

प्रभाव में आकर बेटी के धार्मिक रूपांतरण का आरोप: मद्रास उच्च न्यायालय ने एक माँ द्वारा दायर की गई बंदी प्रत्यक्षीकरण की याचिका को खारिज किया
प्रभाव में आकर बेटी के धार्मिक रूपांतरण का आरोप: मद्रास उच्च न्यायालय ने एक माँ द्वारा दायर की गई बंदी प्रत्यक्षीकरण की याचिका को खारिज किया

मद्रास उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक मां द्वारा दायर एक हैबियस कॉर्पस याचिका खारिज कर जो उसने प्रतिवादी संख्या 4 (साहुल हमीद) के प्रभाव के तहत अपनी बेटी के धार्मिक रूपांतरण का आरोप लगाते हुए लगायी थी। न्यायमूर्ति के कल्याणसुंदरम और न्यायमूर्ति टी कृष्णवल्ली की खंडपीठ ने बंदी के इस कथन को ध्यान में रखते हुए माँ की याचिका को खारिज कर दिया कि "वह चौथे प्रतिवादी को नहीं जानती है और अब उसनेइस्लाम धर्म अपना लिया है और त्रिची के एक अनाथालय में रह रही है।"मामला न्यायालय के समक्षइस...

CLAT अक्षम परीक्षार्थियों को वंचित समूह के स्थान पर रखता है, प्रतिभाशाली उम्मीदवारों का  बहिष्करण करता है : जस्टिस चंद्रचूड़
CLAT अक्षम परीक्षार्थियों को वंचित समूह के स्थान पर रखता है, प्रतिभाशाली उम्मीदवारों का बहिष्करण करता है : जस्टिस चंद्रचूड़

कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट, या सीएलएटी, जो कि कानूनी पेशे में प्रवेश बिंदु है, इनके बारे में बोलते हुए न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ ने बताया कि कैसे परीक्षा एक वंचित समूह में रखकर अक्षम परीक्षार्थियों की अनूठी चुनौतियों का ध्यान नहीं रखता है। उन्होंने कहा कि कैसे परीक्षा के लिए नेत्रहीन उम्मीदवारों को दृश्य और स्थानिक समझ के प्रश्न लेने की आवश्यकता होती है, बिना किसी उपयुक्त प्रशिक्षण या उपयुक्त विकल्प के। न्यायमूर्ति दिव्यांग कानूनी पेशेवरों पर 3-दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन के विदाई सत्र...

जो लोग जल निकायों को प्रदूषित कर रहे हैं, क्यों न उनके खिलाफ गुंडा कानून लगाया जाए: मद्रास उच्च न्यायालय
जो लोग जल निकायों को प्रदूषित कर रहे हैं, क्यों न उनके खिलाफ गुंडा कानून लगाया जाए: मद्रास उच्च न्यायालय

मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए मद्रास उच्च न्यायालय (मदुरै बेंच) ने बुधवार (02 दिसंबर) को अमरावती नदी के प्रदूषण के बारे में एक समाचार रिपोर्ट का संज्ञान लिया और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), करूर को नदी का निरीक्षण करने और रिपोर्ट दर्ज करने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति एन. किरुबाकरण और न्यायमूर्ति बी. पुगलेंधी की खंडपीठ ने देखा,"भारत में अधिकांश जल निकायों, जिनमें बारहमासी नदियाँ शामिल हैं, प्रदूषित हैं। जल निकायों का प्रदूषण संपूर्ण भूमि का प्रदूषण है क्योंकि यह मानव, पशु, पक्षी, पौधों...

वर्दीधारी अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करना महत्वपूर्ण हैः कलकत्ता हाईकोर्ट ने सीआरपीसी की धारा 41ए का दुरुपयोग करने वाले पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया
वर्दीधारी अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करना महत्वपूर्ण हैः कलकत्ता हाईकोर्ट ने सीआरपीसी की धारा 41ए का दुरुपयोग करने वाले पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया

आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 41ए का दुरुपयोग करके एक नागरिक को परेशान करने का प्रयास करने के मामले में पुलिस को कड़ी फटकार लगाते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट ने पुलिस महानिदेशक को संबंधित जांच अधिकारी के खिलाफ जांच शुरू करने का निर्देश दिया है।हाईकोर्ट एक रंजीत डे की तरफ से दायर अग्रिम जमानत याचिका पर विचार कर रही थी, जिसे एक अपराध के संबंध में अधिकारी के समक्ष उपस्थित होने के लिए धारा 41 ए के तहत नोटिस दिया गया था। यह मामला तीन व्यक्तियों द्वारा साजिश रचने से संबंधित है,जिसमें नकदीकरण के...

क्या नामित वरिष्ठ अधिवक्ता की अनुपलब्धता किसी मामले पर स्थगन देने का आधार है? इलाहाबाद हाईकोर्ट करेगा जांच
क्या नामित वरिष्ठ अधिवक्ता की अनुपलब्धता किसी मामले पर स्थगन देने का आधार है? इलाहाबाद हाईकोर्ट करेगा जांच

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को नामित (Designated) वरिष्ठ अधिवक्ता की अनुपलब्धता के कारण स्थगन की मांग करने वाले वकील के अधिकार पर संदेह जताया।न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की एकल पीठ की राय थी कि वरिष्ठ अधिवक्ता, निर्देश देने वाले वकील के कहने पर उपस्थित होते हैं, इसलिए नामित वरिष्ठ वकील के उपस्थिति न होने पर स्थगन देने का कोई आधार नहीं हो सकता ।इस स्थिति की विस्तार से जांच करने के लिए कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता शशि प्रकाश सिंह की सहायता से चंद्र प्रकाश यादव को वरिष्ठ अधिवक्ता विजय गौतम के साथ एमिकस...

लव जिहाद के नाम पर यूपी और उत्तराखंड में लागू धर्म परिवर्तन कानूनों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
"लव जिहाद" के नाम पर यूपी और उत्तराखंड में लागू "धर्म परिवर्तन कानूनों" को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

"लव जिहाद" के नाम पर धर्म परिवर्तन पर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश राज्य द्वारा पारित कानूनों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। जनहित याचिका दिल्ली के वकील टविशाल ठाकरे, अभय सिंह यादव और प्रणवेश ने दायर की है जिन्होंने हाल ही में घोषित उत्तर प्रदेश गैर कानूनी धर्म परिवर्तन निषेध अध्यादेश 2020 और उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2018 की संवैधानिकता को चुनौती दी है।जनहित याचिका में कहा गया है कि "लव जिहाद" के नाम पर बने इन कानूनों को निरर्थक और शून्य घोषित...

एचआईवी पॉजिटिव मरीज़ को सहमति के बिना संभोग करने के कारण हत्या के प्रयास का दोषी नहीं ठहराया जा सकताः दिल्ली हाईकोर्ट
एचआईवी पॉजिटिव मरीज़ को सहमति के बिना संभोग करने के कारण हत्या के प्रयास का दोषी नहीं ठहराया जा सकताः दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार (26 नवंबर) को फैसला सुनाया कि एक एचआईवी पॉजिटिव मरीज, य‌दि किसी महिला के साथ सहमति के बिना संभोग करता है, तो उसे आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत अपराध का दोषी नहीं ठहराया जा सकता है।ज‌स्टिस विभू बाखरू की खंडपीठ ने आगे कहा कि एचआईवी पॉजिटिव व्यक्ति द्वारा असुरक्षित यौन संबंध बनाने पर, जब ऐसे व्यक्ति को अपनी बीमारी की प्रकृति के बारे में पता चलता है; वह आईपीसी की धारा 270 के तहत दंडित किया जा सकता है।तथ्यात्मक पृष्ठभूमिअभियुक्त/अपीलार्थी के खिलाफ वर्ष 2011...

CAA के विरोध में व्हाट्सएप स्टेटस: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अभियुक्त को अपनी काउन्सलिंग हेतु सामाजिक कार्यकर्ता के समक्ष उपस्थित होने की शर्त पर जमानत दी
CAA के विरोध में व्हाट्सएप स्टेटस: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अभियुक्त को अपनी काउन्सलिंग हेतु सामाजिक कार्यकर्ता के समक्ष उपस्थित होने की शर्त पर जमानत दी

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने गुरूवार (26 नवंबर) को एक याचिकाकर्ता (अनवर) को जमानत दे दी जिसके खिलाफ यह आरोप है कि उसने अपने व्हाट्सएप पर कथित रूप से एक धार्मिक सौहार्द्रता और लोक शांति को विपरीत रूप से प्रभावित करने वाला स्टेटस लगाया था। न्यायमूर्ति वीरेंदर सिंह की पीठ ने याचिकाकर्ता (अनवर) को इस शर्त पर जनमत दी की वह माह फरवरी, मार्च व् अप्रैल 2021 के प्रथम सप्ताह में अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती रश्मि पाण्डेय के समक्ष काउन्सलिंग के लिए उपस्थित रहेगा और उनके दिए निर्देशों का पालन करेगा। ...

गुजरात हाईकोर्ट ने बिना मास्क के पकड़े गए लोगों को COVID-19 केंद्रों में सामुदाय‌िक सेवा करने का निर्देश दिया था, सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई
गुजरात हाईकोर्ट ने बिना मास्क के पकड़े गए लोगों को COVID-19 केंद्रों में सामुदाय‌िक सेवा करने का निर्देश दिया था, सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को गुजरात हाईकोर्ट के एक आदेश पर रोक लगा दी, जिसके तहत बिना फेस कवर/मास्क के पकड़े गए लोगों को COVID-19 देखभाल केंद्रों में अनिवार्य रूप से सामुदाय‌िक सेवा के लिए भेजने की नीति बनाने या आदेश देने का गुजरात सरकार को निर्देश दिया गया था।आदेश पर रोक लगाते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गुजरात हाईकोर्ट का निर्देश असंगत है, और इससे स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि कहा कि मास्क अनिवार्य हैं और उल्लंघन करने वालों को कानून के अनुसार दंडित किया जाना...