मुख्य सुर्खियां

बार काउंसिल ऑफ इंडिया कोई एंटरप्राइज (उद्यम) नहीं है: भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने बीसीआई के खिलाफ प्रभुत्व के दुरुपयोग की शिकायत  खारिज की
बार काउंसिल ऑफ इंडिया कोई 'एंटरप्राइज (उद्यम)' नहीं है: भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने बीसीआई के खिलाफ प्रभुत्व के दुरुपयोग की शिकायत खारिज की

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने शिकायत को खारिज कर दिया है जिसमें आरोप लगाया गया था कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया कानूनी शिक्षा में प्रवेश करने के लिए अधिकतम आयु सीमा लगाकर "अपने प्रमुख पद का दुरुपयोग कर रही है"। केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग में 52 वर्षीय कार्यकारी इंजीनियर थुपिली रवेन्द्र बाबू द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसने रिटायरमेंट के बाद कानूनी शिक्षा लेने की इच्छा जताई थी। शिकायतकर्ता का आरोप कानूनी शिक्षा नियमों 2008 के खंड 28 पर है, जिसमें सामान्य वर्ग से संबंधित उम्मीदवारों को कानूनी...

यूपी सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष सिद्दीकी कप्पन के साथ गिरफ्तार किए गए तीन लोगों को जेल में वकीलों से मिलने की मंजूरी दी
यूपी सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष सिद्दीकी कप्पन के साथ गिरफ्तार किए गए तीन लोगों को जेल में वकीलों से मिलने की मंजूरी दी

उत्तर प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट को सूचित किया है कि 3 कथित पीएफआई सदस्यों को, जिन्हें पत्रकार सिद्दीक कप्पन के साथ हाथरस के रास्ते पर गिरफ्तार किया था, उन्हें जेल में उनके वकीलों से मिलने की अनुमति दी।एएजी मनीष गोयल ने जस्टिस सूर्य प्रकाश केसरवानी और जस्टिस शमीम अहमद की डिवीजन बेंच से कहा कि वकील जेल के नियमों के अनुसार याचिकाकर्ताओं से मिल सकते हैं।यह घटनाक्रम तब प्रकाश में आया जब याचिकाकर्ताओं के वकील ने आरोप लगाया कि जेल अधीक्षक, मथुरा उन्हें अपने क्लाइंट से मिलने की अनुमति नहीं दे...

छात्र बोर्ड परीक्षा से पहले  LSAT टेस्ट देकर लॉ स्कूल में एडमिशन ले सकते हैं : जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल में वर्ष 2021-22 के लिए एडमिशन शुरू
'छात्र बोर्ड परीक्षा से पहले LSAT टेस्ट देकर लॉ स्कूल में एडमिशन ले सकते हैं ': जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल में वर्ष 2021-22 के लिए एडमिशन शुरू

जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल (JGLS) में पेश किए जाने वाले सभी अकादमिक कार्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया 1 फरवरी, 2020 से शुरू हो गई है। इस आशय के लिए जारी एक प्रेस नोट में ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के संस्थापक कुलपति और डीन, जेएलजीएस ने प्रोफेसर (डॉ) सी. राज कुमार ने कहा,"यह एक प्रारंभिक प्रवेश प्रक्रिया है। 12 वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं को लिखने वाले छात्रों और प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के पास इन प्रतियोगी आकांक्षाओं को संतुलित करने के लिए हर साल कठिन समय होता है। इस वर्ष...

Install Smart Television Screens & Make Available Recorded Education Courses In Shelter Homes For Ladies/Children
महिलाओं/बच्चों के लिए आश्रय गृहों में स्मार्ट टेलीविजन स्क्रीन स्थापित करें और रिकॉर्डेड शिक्षा पाठ्यक्रम उपलब्ध कराएं: राजस्थान उच्च न्यायालय ने राज्य को निर्देश दिया

राजस्थान उच्च न्यायालय ने पिछले हफ्ते राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सभी बालिका गृह, बाल अवलोकन गृह और नारी निकेतन में स्मार्ट टेलीविजन स्क्रीन स्थापित किए जाएं और शिक्षा विभाग के पहले से रिकार्ड किए गए पाठ्यक्रम प्रदान किए जाएँ ताकि इन संस्थानों में रखे गए महिलाओं/बच्चों को शिक्षा प्रदान की जा सके। न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति देवेंद्र कच्छवाहा की खंडपीठ ने यह निर्देश, एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए और एमिकस क्यूरी डॉ. नूपुर भाटी...

मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु में अधीनस्थ न्यायालयों को 8 फरवरी से बिना किसी प्रतिबंध के साथ पूर्ण क्षमता से काम करने की अनुमति दी
मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु में अधीनस्थ न्यायालयों को 8 फरवरी से बिना किसी प्रतिबंध के साथ पूर्ण क्षमता से काम करने की अनुमति दी

मद्रास हाईकोर्ट ने सोमवार (01 फरवरी) को जारी किए एक आधिकारिक ज्ञापन (मेमोरेंडम) में अधीनस्थ न्यायालयों (तमिलनाडु राज्य और पुडुचेरी यूटी में) को पूर्ण क्षमता (पूर्व COVID-19 महामारी से पहले) में 08.02.2021 से बिना किसी प्रतिबंध/सीमा के काम करने की अनुमति दी है।तमिलनाडु राज्य और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में COVID-19 महामारी की मौजूदा स्थिति और तमिलनाडु राज्य में अधीनस्थ न्यायालयों के वर्तमान कामकाज और पुडुचेरी के अधीनस्थ न्यायालयों के वर्तमान कामकाज का आकलन करने के बाद यह ज्ञापन जारी किया गया...

पहचान छुपाकर शादी का वादा करके यौन संबंधः पक्षों के बीच पति-पत्नी के रूप में रहने के समझौते के बावजूद दिल्ली हाईकोर्ट ने एफआईआर रद्द करने से इनकार किया
पहचान छुपाकर शादी का वादा करके यौन संबंधः पक्षों के बीच पति-पत्नी के रूप में रहने के समझौते के बावजूद दिल्ली हाईकोर्ट ने एफआईआर रद्द करने से इनकार किया

दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार (01 फरवरी) को बलात्कार के एक मामले को इस आधार पर खारिज़ करने से इनकार कर दिया कि दोनों पक्षों में समझौता हो गया है। मामले में दोनों पक्षों, याचिकाकर्ता/अभियुक्त और प्रतिवादी नंबर 2 / शिकायतकर्ता ने पति और पत्नी के रूप में रहने का फैसला किया था।जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता-अभियुक्त पर बलात्कार और जालसाजी जैसे गंभीर अपराधों के आरोप हैं, यह सामाजिक हित पर गंभी असर डालता हैं।उन्होंने कहा, "... इन अपराधों को निजी या दीवानी विवाद नहीं माना जा...

वह हमेशा वकीलों के लिए खड़े हुए हैं, पंजाब और हरियाणा बार काउंसिल ने   एजी अतुल नंदा को सदस्यता से हटाने के पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के प्रस्ताव पर रोक लगाई
"वह हमेशा वकीलों के लिए खड़े हुए हैं", पंजाब और हरियाणा बार काउंसिल ने एजी अतुल नंदा को सदस्यता से हटाने के पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के प्रस्ताव पर रोक लगाई

पंजाब और हरियाणा बार काउंसिल ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (HCBA) के एजी अतुल नंदो को सदस्यता से हटाने के एक प्रस्ताव पर रोक लगा दी है। काउंसिल ने कहा है क‌ि एजी अतुल नंदा को सदस्यता के हटाने के एचसीबीए के फैसला को मनमाने तरीके से लिया गया था।काउंस‌िल ने कहा, "... अतुल नंदा हमेशा अधिवक्ताओं के लिए खड़े हुए हैं। एचसीबीए का संकल्प तथ्यों के खिलाफ है। अतुल नंदा ने सार्वजनिक रूप से कई बार न्यायालयों के ‌‌फ‌िजिकल कामकाज को फिर से शुरू करने का समर्थन किया है।"सोमवार को, पंजाब और हरियाणा...

फिजिकल सुनवाई फिर से शुरू नहींं करने पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट  बार एसोसिएशन ने मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया
फिजिकल सुनवाई फिर से शुरू नहींं करने पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया

पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट बार एसोसिएशन, चंडीगढ़ ने चीफ जस्टिस रवि शंकर झा के ट्रांसफर के लिए एक प्रस्ताव पारित किया है। यह प्रस्ताव न्यायालय में फिजिकल सुनवाई को फिर से शुरू न करने के चलते पास किया गया है। बार एसोसिएशन ने आज प्रस्ताव पारित करते हुए कहा कि, ''माननीय पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का लगातार बंद होना, जो कि संविधान का संरक्षक और मौलिक अधिकारों का रक्षक है, समाज में एक गलत संकेत भेज रहा है। इसके अलावा कानूनी क्षेत्र से जुड़े वकीलों,स्टेनो, क्लर्कों और अन्य लोगों की आजीविका भी छीनी...

दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान पुलिस द्वारा अवैध रूप से हिरासत में लिए गए व्यक्तियों की रिहाई की मांग,  दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका
दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान पुलिस द्वारा अवैध रूप से हिरासत में लिए गए व्यक्तियों की रिहाई की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका

दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें न सिर्फ किसानों को बल्कि सभी व्यक्तियों को रिहा करने की मांग की गई है, जिन्हें कथित तौर पर 26 जनवरी को या उसके बाद राजधानी दिल्ली में आयोजित किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा अवैध रूप से हिरासत में लिया गया है। याचिकाकर्ता जो कानून के छात्र है, उसने अधिवक्ता आशिमा मंडला और एडवोकेट मंदाकिनी सिंह के माध्यम से याचिका दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि इस तरह की गिरफ्तारी भारत के संविधान के अनुच्छेद 14,...

हत्या के मामले में दोषी ठहराई गई विधवा, पारिवारिक पेंशन पाने की हकदार है क्योंकि यह मामला पति की मौत से संबंधित नहीं है: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
हत्या के मामले में दोषी ठहराई गई विधवा, पारिवारिक पेंशन पाने की हकदार है क्योंकि यह मामला पति की मौत से संबंधित नहीं है: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते फैसला सुनाया कि एक विधवा को पारिवारिक पेंशन, उसके दोष (हत्या के अपराध के लिए) वजह से देने से इनकार नहीं किया जा सकता है, जो उसके पति की मृत्यु से संबंधित नहीं है।न्यायमूर्ति जी.एस.संधवलिया की खंडपीठ बलजिंदर कौर के मामले की सुनवाई कर रही थी, जिन्होंने हरियाणा राज्य प्राधिकरणों द्वारा पारित आदेश को चुनौती दी थी। राज्य प्राधिकरण द्वारा कौर की ओर से मांग की गई (ए) मासिक वित्तीय सहायता और (बी) परिवार पेंशन के बकाया के अनुदान को खारिज कर दिया गया था।मामले के...

दिल्ली हाईकोर्ट ने आज तक, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया और केंद्र सरकार को गणतंत्र दिवस पर किसानों के विरोध प्रदर्शन को लेकर भ्रामक रिपोर्टिंग के आरोप लगाने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने आज तक, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया और केंद्र सरकार को गणतंत्र दिवस पर किसानों के विरोध प्रदर्शन को लेकर भ्रामक रिपोर्टिंग के आरोप लगाने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को यानी आज पूर्व सांसद सुखदेव सिंह ढींडसा की न्यूज चैनल आजतक, प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया और केंद्र पर भ्रामक रिपोर्टिंग के आरोप लगाने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया। याचिका में आरोप लगाया गया कि चैनल द्वारा एक वीडियो रिपोर्ट में दिखाए जा रहे हैं किसानों के विरोध प्रदर्शन को "मनगढ़ंत कहानी" के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जिसमें भ्रामक तरीके से बताया जा रहा है, "विरोध का तथ्यों से कोई लेना-देना नहीं है।" गणतंत्र दिवस, 2021 पर किसानों के विरोध प्रदर्शन पर चैनल द्वारा...

परोक्ष रूप से भी बलात्कार पीड़िता की पहचान का खुलासा करने से बचने के लिए सावधानी बरतेंः बाॅम्बे हाईकोर्ट ने मीडिया, जनता और न्यायालयों के लिए निर्देश जारी किए
परोक्ष रूप से भी बलात्कार पीड़िता की पहचान का खुलासा करने से बचने के लिए सावधानी बरतेंः बाॅम्बे हाईकोर्ट ने मीडिया, जनता और न्यायालयों के लिए निर्देश जारी किए

बाॅम्बे हाईकोर्ट (औरंगाबाद पीठ) ने हाल ही में प्रिंट/इलेक्ट्रॉनिक मीडिया व आम जनता के लिए कुछ अतिरिक्त दिशा-निर्देश जारी किए ताकि सोशल मीडिया का उपयोग करके बलात्कार पीड़िता से संबंधित ऐसी जानकारियों को प्रकाशित करने से रोका जा सके,जो ''प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से'' उसकी पहचान का खुलासा कर देती हैं। न्यायमूर्ति टी वी नलवाडे और न्यायमूर्ति एम जी सेवलीकर की खंडपीठ एक संगीता (एक बलात्कार पीड़िता की माँ) की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसने मांग की थी कि प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को निर्देश...

धारा 377 आईपीसी और पोक्सो अधिनियम के तहत बच्चों के ‌खिलाफ ‌हुए अपराधों के मामले को पक्ष आपस में समझौता करके खत्म नहीं कर सकतेःदिल्ली उच्च न्यायालय
धारा 377 आईपीसी और पोक्सो अधिनियम के तहत बच्चों के ‌खिलाफ ‌हुए अपराधों के मामले को पक्ष आपस में समझौता करके खत्म नहीं कर सकतेःदिल्ली उच्च न्यायालय

दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि अदालत केवल इस आधार पर एफआईआर को रद्द करने की अनुमति नहीं दे सकती है कि पक्षों ने आपस में समझौता कर लिया है, जबकि एफआईआर भारतीय दंड संहिता की धारा 377 और पोक्सो अधिनियम के तहत बच्चों के खिलाफ जघन्य अपराधों से संबंधित है।जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद ने पटेल नगर थाने में आईपीसी की धारा 377, पोक्सो अधिनियम की धारा 4 के तहत दर्ज एफआईआर, जिसे धारा 482 सीआरपीसी के तहत रद्द करने की प्रार्थना की गई थी, को रद्द करने से इनकार कर दिया।आईपीसी की धारा 377 के तहत...

धारा 41ए सीआरपीसी: इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 498 ए मामलों में मनमानी गिरफ्तारी से बचाव के लिए तय सुरक्षा उपायों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए
धारा 41ए सीआरपीसी: इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 498 ए मामलों में मनमानी गिरफ्तारी से बचाव के लिए तय सुरक्षा उपायों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए

एक महत्वपूर्ण फैसले में, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पुलिस अधिकारियों को, विशेषकर दहेज मामलों (498 ए आईपीसी) में स्वचालित / नियमित गिरफ्तारी को रोकने और सीआरपीसी की धारा 41 ए के तहत निर्धारित पूर्व शर्तों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। उच्च न्यायालय ने सभी मजिस्ट्रेटों को ऐसे पुलिस अधिकारियों के नामों को रिपोर्ट करने का निर्देश दिया, जिन्हें संभवतः यांत्रिक या दुर्भावनापूर्ण तरीके से गिरफ्तारी की हैं, ताकि उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके।सीआरपीसी की धारा 41 ए में यह प्रावधान है कि उन...

माता-पिता या समाज एक बालिग बच्चे को उनकी शर्तों पर जीवन जीने के लिए मजबूर नहीं कर सकतेः पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
माता-पिता या समाज एक बालिग बच्चे को उनकी शर्तों पर जीवन जीने के लिए मजबूर नहीं कर सकतेः पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार (25 जनवरी) को कहा कि माता-पिता अपनी शर्तों पर एक बच्चे को जीवन जीने के लिए मजबूर नहीं कर सकते हैं। न्यायमूर्ति अलका सरीन की खंडपीठ ने आगे कहा कि केवल इसलिए कि लड़का विवाह योग्य उम्र का नहीं है (हालांकि बालिग) याचिकाकर्ताओं के एकसाथ रहने के अधिकार को अस्वीकार नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा, यह देखते हुए कि ''माता-पिता एक बच्चे को अपनी शर्तों पर जीवन जीने के लिए मजबूर नहीं कर सकते हैं और प्रत्येक वयस्क व्यक्ति को अपने जीवन को उस तरह से जीने का अधिकार है जैसा...

आरटीआई- सीपीआईओ/ पीआईओ डाकघरों के रूप में कार्य नहीं कर सकते और न ही उचित कारण के बिना सूचना रोक सकते हैं: दिल्ली हाईकोर्ट
आरटीआई- सीपीआईओ/ पीआईओ 'डाकघरों' के रूप में कार्य नहीं कर सकते और न ही उचित कारण के बिना सूचना रोक सकते हैं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में माना है कि केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी (सीपीआईओ) या पीआईओ बिना उचित कारण के जानकारी को रोक नहीं सकते हैं और सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी से निपटने के दौरान ऐसे अधिकारी केवल ''डाकघरों'' के रूप में कार्य नहीं कर सकते हैं। यह निर्णय दिल्ली हाईकोर्ट की एकल पीठ की न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने दिया है। कोर्ट ने सीपीआईओ और अन्य सार्वजनिक सूचना अधिकारियों के विभिन्न सिद्धांतों को दोहराते हुए माना कि सरकारी विभागों को सूचना का खुलासा करने से...

NGT ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के नियमों का पालन न करने पर केरल सरकार को फटकार लगाई
NGT ने 'सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट' के नियमों का पालन न करने पर केरल सरकार को फटकार लगाई

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की प्रिंसिपल बेंच ने केरल सरकार के प्रशासन की विफलता और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स (एसडब्ल्यूएम) , 2016 का पालन न करने के लिए फटकार लगाई। दरअसल, केरल के कोच्चि के बाहरी इलाके में स्थित सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट की वजह से भारामपुरम में प्रदूषण फैल रहा है।केरल कोर्ट के पूर्व जज न्यायमूर्ति ए.वी. रामकृष्ण पिल्लई द्वारा एक रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद पता चला कि मामला पिछले दो वर्षों से एनजीटी के समक्ष लंबित है। जस्टिस रामकृष्ण ने दिनांक 23.02.2019 को कचरे के...

समझौता संस्कृति व्यापक रूप से प्रचलित, मृतक का जीवन इतना सस्ता नहीं है जिसे दो व्यक्तियों के बीच निगोशिएट किया जा सके: इलाहाबाद हाईकोर्ट
''समझौता संस्कृति व्यापक रूप से प्रचलित, मृतक का जीवन इतना सस्ता नहीं है जिसे दो व्यक्तियों के बीच निगोशिएट किया जा सके'': इलाहाबाद हाईकोर्ट

यह देखते हुए कि केस लड़ने वाले पक्षों के बीच 'समझौता संस्कृति' अब तेजी से प्रचलित हो रही है, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह कहा कि, ''मृतक का जीवन इतना सस्ता नहीं है, जिसे दो व्यक्तियों के बीच निगोशिएट किया जा सके।'' न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी की खंडपीठ ने यह टिप्पणी एक जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए की। इस मामले में आवेदक के खिलाफ आईपीसी की धारा 498ए,304बी,120बी और दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत केस दर्ज किया गया था। संक्षेप में मामला मामला एक महिला से संबंधित है, जिसने अपनी...

यदि 19 फरवरी तक फायर सेफ्टी एनओसी न ली जाए तो अस्पतालों को मरीज एडमिट करने से रोका जाएः गुजरात हाईकोर्ट ने अहमदाबाद नगर निगम को निर्देश दिया
यदि 19 फरवरी तक फायर सेफ्टी एनओसी न ली जाए तो अस्पतालों को मरीज एडमिट करने से रोका जाएः गुजरात हाईकोर्ट ने अहमदाबाद नगर निगम को निर्देश दिया

गुजरात हाईकोर्ट ने शुक्रवार (29 जनवरी) को अहमदाबाद के 151 अस्पतालों को ''एक आखिरी अवसर'' प्रदान किया है ताकि वह अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) से अग्नि सुरक्षा पर 19 फरवरी तक वैध अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त कर सकें। न्यायमूर्ति जे.बी.परदीवाला और न्यायमूर्ति इलेश जे वोरा की खंडपीठ ने एएमसी को निर्देश दिया है कि वह इन 151 अस्पतालों को नोटिस जारी करें और उनको निर्देश दें कि वह 19 फरवरी 2021 तक एनओसी प्राप्त कर लें। कोर्ट ने आगे कहा, ''ऐसा न करने पर अस्पतालों के खिलाफ कानून के अनुसार उचित कदम...

महाराष्ट्र में अधीनस्थ न्यायालय द्वारा 1 फरवरी 2021 से नियमित फिजिकल कामकाज शुरू किया जाएगा
महाराष्ट्र में अधीनस्थ न्यायालय द्वारा 1 फरवरी 2021 से "नियमित फिजिकल कामकाज" शुरू किया जाएगा

महाराष्ट्र और गोवा में अधीनस्थ न्यायालय 1 फरवरी 2021 से नियमित फिजिकल कामकाज शुरू करेगी। कोरोनोवायरस महामारी के कारण फिजिकल कामकाज पर रोक लगा दी गई थी। लगभभ 1 साल बाद फिर से फिजिकल कामकाज शुरू होना जा रहा है।बॉम्बे हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा शुक्रवार को जारी एक नोटिस में कहा गया है कि महाराष्ट्र और गोवा, केंद्रशासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव राज्यों में अधीनस्थ अदालतें नियमित रूप से फिजिकल कामकाज शुरू करेंगी। बता दें, कोर्ट के फिजिकल कामकाज को कोरोना महामारी की वजह से...