मुख्य सुर्खियां
बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपीलकर्ता के गूगल सर्च रिजल्ट में प्रतिवादी के ट्रेडमार्क दिखाई देने के दावे को खारिज किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते एक अजीबोगरीब सबमिशन का सामना किया गया, जिसमें कोर्ट ने अस्थायी निषेधाज्ञा (Injunction) आवेदन को खारिज कर दिया। इसमें अपीलकर्ता ने यह राहत मांगी थी कि जब वह गूगल में अपने ट्रेड का नाम सर्च करे, तो प्रतिवादी का ट्रेडमार्क न दिखाई दे।न्यायमूर्ति पृथ्वीराज के. चव्हाण के आदेश के समय अपीलकर्ताओं के ओर से से पेश हुए एडवोकेट ने कहा कि, "जब कोई गूगल सर्च किया जाता है, तो प्रतिवादी के ट्रेड का नाम भी अपीलकर्ताओं के साथ नीचे स्क्रॉल करता है।आगे कहा कि यह...
जीवन के अधिकार का अभिन्न अंग है बिजली; वितरक का यह कर्तव्य कि आवेदन के एक महीने के भीतर कनेक्शन प्रदान करेः केरल हाईकोर्ट
केरल उच्च न्यायालय ने सोमवार को एक आदेश में केरल राज्य बिजली बोर्ड के दो कर्मचारियों को राहत देने से इनकार कर दिया, जिन्होंने एक व्यक्ति को बिजली कनेक्शन देने में देरी की थे। उस व्यक्ति ने कनेक्शन के लिए आवेदन किया था।जस्टिस मुरली पुरुषोत्तम की एकल पीठ ने घोषणा की, "बिजली जीवन में एक बुनियादी आवश्यकता है। पानी और बिजली भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का अभिन्न अंग हैं।"विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 43 का उल्लेख करते हुए, अदालत ने कहा कि इस तरह की आपूर्ति की आवश्यकता वाले...
किशोर लड़के की अप्राकृतिक मौत- "पुलिस अधिकारियों को कानून के साथ संघर्षरत बच्चे से संबंधित पुलिस की प्री-प्रोडक्शन कार्रवाई के बारे में प्रशिक्षित करें": कलकत्ता उच्च न्यायालय
पश्चिम बंगाल किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) नियम, 2017 के नियम 8 को रेखांकित करते हुए, जिसका लक्ष्य बच्चों को सहायता देना है, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने हाल ही में देखा कि जमीनी स्तर के पुलिस अधिकारियों को नियम से संबंधित ऑपरेशन की विधि और सामग्री के बारे में पर्याप्त जानकारी के साथ उचित निर्देश दिए जाने की आवश्यकता है।उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) नियम, 2017 के नियम 8 में पुलिस और अन्य एजेंसियों की प्री-प्रोडक्शन कार्रवाई से निपटता है और यह...
तमिलनाडु सरकार ने सीएए-विरोधी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज केस वापस लेने का फैसला किया, मद्रास हाईकोर्ट ने प्रदर्शनकारियों में शामिल एक वकील के खिलाफ दर्ज केस रद्द किया
मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में दिसंबर, 2019 में चेन्नई में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले एक वकील के खिलाफ शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया।भारतीय दंड संहिता की धारा 143 (विधि विरुद्ध जमाव) और धारा 188 (लोक सेवकों के आदेशों की अवज्ञा) के तहत एडवोकेट एस. देविका के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।IX मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट सैदापट, चेन्नई में चल रही कार्यवाही को रद्द करने के लिए सीआरपीसी की धारा 482 के तहत दायर याचिका को अनुमति देते हुए जस्टिस एन. आनंद वेंकटेश...
दिल्ली हाईकोर्ट ने COVID-19 वैक्सीनेशन में कोमोरबिडिटी के रूप में गंभीर मानसिक बीमारियों से जूझ रहे लोगों को शामिल करने की मांग करने वाली याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा
दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की खंडपीठ ने सोमवार को COVID-19 वैक्सीनेशन में कोमोरबिडिटी (एक साथ कई बीमारियों से पीड़ित) से जूझ रहे लोगो को शामिल करने पर निर्देश दिए जाने की मांग करने वाली याचिका पर केंद्र से जवाब दाखिल करने को कहा। इसके साथ ही कोर्ट ने केंद्रीय मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण और नेशनल एक्सपर्ट ग्रुप ऑन वैक्सीन एडमिनिस्ट्रेशन फॉर COVID-19 से जवाब मांगा है।याचिकाकर्ता गौरव बंसल द्वारा दायर याचिका में 45-59 वर्ष आयु वर्ग के नागरिकों की पात्रता...
'उमादेवी जजमेंट को सख्त कट-ऑफ तारीख के रूप में नहीं देखा जा सकता': त्रिपुरा हाईकोर्ट ने कैजुअल वर्कर के नियमितीकरण के दावे को बरकरार रखा
त्रिपुरा हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में सरकारी नौकरी में नियमितीकरण (Regularization) के लिए किए गए 13 अनियमित कर्मचारी (कैजुअल वर्कर) के दावे को बरकरार रखा।चीफ जस्टिस अकील कुरैशी और जस्टिस एसजी चट्टोपाध्याय की खंडपीठ ने त्रिपुरा सरकार को निर्देश दिया कि वह सरकारी नौकरी में नियमितीकरण के लिए याचिकाकर्ताओं के दावे पर विचार करने के लिए एक समिति का गठन करे।पीठ ने आदेश दिया कि निम्नलिखित शर्तों को पूरा करने वाले कर्मचारियों को नियमित किया जाना चाहिए।(i) वे याचिकाकर्ता जिन्होंने अपनी प्रारंभिक...
कॉपीराइट अधिनियम के तहत संरक्षण पाने के लिए कॉपीराइट का पंजीकरण अनिवार्य नहींः बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि उल्लंघन के खिलाफ निषेधाज्ञा के लिए कॉपीराइट अधिनियम, 1957 के तहत कॉपीराइट का पंजीकरण अनिवार्य नहीं है।जस्टिस जीएस पटेल की एकल पीठ ने कहा, "कॉपीराइट अधिनियम के तहत कॉपीराइट के पहले मालिक को बिना किसी पूर्व पंजीकरण की आवश्यकता के, कई अधिकार और विशेषाधिकार प्राप्त होते हैं।" उन्होंने कहा कि कॉपीराइट अधिनियम की धारा 51, जो कॉपीराइट के उल्लंघन की बात करती है, खुद को उन कार्यों तक सीमित नहीं रखती है, जो कॉपीराइट के रजिस्ट्रार के साथ पंजीकृत हैं।उन्होंने कहा, "यह धारा,...
बाटला हाउस एनकाउंटर : अदालत ने रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस मानते हुए दोषी आरिज़ खान को मौत की सज़ा सुनाई
दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को आरिज खान उर्फ जुनैद को 2008 के बटला हाउस मुठभेड़ से संबंधित मामले में दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई।मामले में पुलिस निरीक्षक मोहन चंद शर्मा और दो कथित आतंकवादी मुठभेड़ में मारे गए थे। कोर्ट ने आरिज खान धारा 186, 333, 353, 302, 307, 174A, 34 आईपीसी और शस्त्र अधिनियम की धारा 27 के तहत दोषी पाया।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप यादव ने इसे दुर्लभ में दुर्लभतम (रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस) मामले का उदाहरण मानते हुए मौत की सजा सुनाई।कोर्ट ने दोषी पर 11 लाख रुपए का जुर्माना...
तमिलनाडु न्यायिक अकादमी ने ई-फाइलिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आदि पर ऑनलाइन ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किया
तमिलनाडु राज्य न्यायिक अकादमी ने हाल ही में ई-फाइलिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आदि पर ऑनलाइन ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया।केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी समेत पूरे राज्य के 308 वकीलों को ई-कोर्ट सेवाओं, ई-फाइलिंग, ई-भुगतान, ई-समन, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के उपयोग, ई-कोर्ट मोबाइल, कोर्ट कॉम्प्लेक्स आदि में ऐप, सर्विस डिलीवरी के उपयोग के बारे में मास्टर ट्रेनर्स (न्यायिक अधिकारियों) द्वारा ट्रेनिंग दी गई।अब ये वकील अपने जिले में अपने संबंधित बार के अधिवक्ताओं को ट्रेंड करेंगे।ये ट्रेनिंग प्रोग्राम...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
08 2021 से 13 मार्च 2021 तक हाईकोर्ट के कुछ ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र'अगर रिटर्निंग आफिसर के त्रुटिपूर्ण आदेश से चुनाव में बाधा उत्पन्न नहीं होती है तो कोर्ट को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए': कलकत्ता हाईकोर्टकलकत्ता हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने कहा कि अगर रिटर्निंग ऑफिसर के त्रुटिपूर्ण कार्यवाही से संचलित चुनाव प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न होती है तो अदालतें रिट क्षेत्राधिकार के तहत जांच करने के लिए उत्तरदायी हैं। मुख्य न्यायाधीश थोथाथिल बी. राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति...
'सफुरा जरगर की असहमति को दबाने के लिए उसे गिरफ्तार और नजरबंद किया गया': संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के कार्यकारी समूह ने मनमाने ढंग से की गई नजरबंदी के खिलाफ कहा
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के कार्यकारी समूह ने आर्बिटरी डिटेंशन यानी मनमाने ढंग से की गई नजरबंदी (WGAD) के तहत अप्रैल 2020 में दिल्ली में सीएए के विरोध प्रदर्शनों के दौरान छात्र कार्यकर्ता सफुरा जरगर की मनमानी गिरफ्तारी और नज़रबंदी की आलोचना की है।संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के कार्यकारी समूह ने कहा कि,"नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों में भाषण देने के लिए कथित रूप से शामिल होने पर सफुरा की नजरबंदी करके उसे स्वतंत्रता से वंचित किया गया और इसके साथ ही...
"एक महीने तक गुरुद्वारा बांगला साहिब में सामुदायिक सेवा करो": दिल्ली हाईकोर्ट ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर रद्द करते हुए कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को 21 साल के एक युवा आरोपी को गुरुद्वारा बांगला साहिब में एक महीने की सामुदायिक सेवा करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के आधार पर उसके खिलाफ एफआईआर को रद्द कर दिया। कोर्ट ने सामुदायिक सेवा को 16 मार्च से 16 अप्रैल, 2021 तक जारी रखने का निर्देश दिया।न्यायमूर्ति सुब्रमणियम प्रसाद की एकल पीठ ने जुर्माने लगाते हुए निर्देश पारित किया। यह देखने के बाद कि युवा को अपने गुस्से को नियंत्रित करना सीखना चाहिए और यह नहीं भूलना चाहिए कि वह कानून अपने...
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने जीएसटी अधिकारियों द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार किया
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स एक्ट, 2017 के सक्षम अधिकारियों द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट पर रोक लगाते हुए अंतरिम आदेश पारित करने से मना कर दिया है।इस खंडपीठ में न्यायमूर्ति राजन गुप्ता और न्यायमूर्ति करमजीत सिंह शामिल हैं।भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 और 227 के तहत उनकी रिट याचिका में याचिकाकर्ता ने सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स एक्ट, 2017 की धारा 69 और 132 (बाद में 2017 अधिनियम के रूप में संदर्भित) को चुनौती दी है। याचिकाकर्ता का मामला है कि...
विवाह के लिए धर्मांतरण- "न्यायिक शक्ति का प्रयोग सिर्फ इसलिए नहीं हो सकता क्योंकि कोई कानून मौजूद नहीं है, लेकिन यदि कानून लागू होता है तो उसकी वैधता की जांच हो सकती है": कलकत्ता उच्च न्यायालय
एक याचिका की सुनवाई में, यह कहते हुए कि कुछ धार्मिक संप्रदाय विवाह संस्था की आड़ में धर्मांतरण को प्रभावित कर रहे हैं, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पिछले सप्ताह कहा कि ऐसे मामलों में, नीति-निर्माण साधन न्यायपालिका नहीं होंगे।चीफ जस्टिस थोट्टाथिल बी राधाकृष्णन और जस्टिस अरिजीत बनर्जी की खंडपीठ ने कहा, "व्यक्तिगत कानूनों या नगरपालिका कानूनों के संदर्भ में विवाह के धर्मांतरण और विवाह की स्वीकार्यता से संबंधित सभी मुद्दों का सार है कि यह ऐसे मामले हैं, जिनमें नीति-निर्माण साधन न्यायपालिका नहीं...
दिल्ली हाईकोर्ट ने टाटा ईवी को इलेक्ट्रिक व्हीकल सब्सिडी देने की सूची से बाहर करने के GNCTD के आदेश पर रोक लगाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को जीएनसीटीडी (GNCTD) के उपायुक्त द्वारा पारित 1 मार्च, 2021 के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें टाटा नेक्सॉन ईवी मॉडल को इलेक्ट्रिक वाहन सब्सिडी की सूची से बाहर कर दिया गया था। न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने टाटा मोटर्स लिमिटेड द्वारा दायर एक रिट याचिका पर अंतरिम राहत देते हुए उपर्युक्त आदेश दिया।दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हिकल नीति 2020 को दिल्ली सरकार के एनसीटी द्वारा अधिसूचित किया गया है। नीति के क्लॉज 4.6 के अनुसार, यह प्रावधान किया गया है कि पात्रता और परीक्षण की शर्तों को...
जेल सुधार- "जिला मजिस्ट्रेट अपने जिले के जेलों का दौरा करके रिपोर्ट जमा करें": उड़ीसा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कई मुद्दों पर जवाब मांगा
उड़ीसा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से राज्य के जेलों की वर्तमान स्थिति के बारे में जवाब मांगा है और राज्य के प्रत्येक जिले के जिला मजिस्ट्रेट को अपने अधिकार क्षेत्र के जेलों का दौरा करने और निरीक्षण करके जेलों की वर्तमान स्थिति पर एक रिपोर्ट तैयार करके कोर्ट में सौंपने का आदेश दिया है।मुख्य न्यायाधीश एस मुरलीधर और न्यायमूर्ति बी. पी. राउत की खंडपीठ ने इस मामले में एमिकस क्यूरी द्वारा प्रस्तुत हालिया रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद एक 15 साल पुरानी याचिका और 7 साल पुरानी जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई...
फ्लाइट में मास्क पहनने से मना करने वाले व्यक्ति को 'अनियंत्रित यात्री' माना जाएगा: डीजीसीए ने सर्कुलर जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा की गई एक स्वतः संज्ञान कार्यवाही के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने शनिवार को हवाई यात्रा के दौरान यात्रियों द्वारा COVID-19 मानदंडों के कड़ाई से अनुपालन के लिए एक सर्कुलर जारी किया।हवाई यात्रा नियंत्रक ने कहा है कि कोई भी यात्री जो फेस मास्क पहनने से इनकार करता है या उड़ानों में COVID-19 प्रोटोकॉल का पालन करने से इनकार करता है, उसे "अनियंत्रित यात्री" के रूप में माना जा सकता है जैसा कि नागरिक उड्डयन आवश्यकताओं (सीएआर) के पैरा 3.1 में परिभाषित किया गया है और उसके...
मुस्लिम महिला ने हिंदू पुरुष से शादी करने से पहले हिंदू धर्म में परिवर्तन नहीं किया, विवाह मान्य नहीं, हालांकि युगल लिव-इन-रिलेशन में रहने के लिए स्वतंत्र हैं: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
एक अंतर-धार्मिक दंपति द्वारा दायर एक संरक्षण याचिका पर विचार करते हुए, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने हाल ही में देखा कि एक मुस्लिम महिला और एक हिंदू पुरुष के बीच विवाह इसलिए मान्य नहीं होगा क्योंकि महिला, हिंदू संस्कार के अनुसार विवाह से पहले, हिंदू धर्म में परिवर्तित नहीं हुई थी। न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी की पीठ ने हालांकि यह भी फैसला सुनाया कि दम्पत्ति, विवाह की प्रकृति में लिव-इन-रिलेशनशिप में रहने के और साथ ही अपने जीवन और स्वतंत्रता की सुरक्षा के लिए भी हकदार होंगे। ...
'अगर रिटर्निंग आफिसर के त्रुटिपूर्ण आदेश से चुनाव में बाधा उत्पन्न नहीं होती है तो कोर्ट को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए': कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने कहा कि अगर रिटर्निंग ऑफिसर के त्रुटिपूर्ण कार्यवाही से संचलित चुनाव प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न होती है तो अदालतें रिट क्षेत्राधिकार के तहत जांच करने के लिए उत्तरदायी हैं। मुख्य न्यायाधीश थोथाथिल बी. राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध रॉय की खंडपीठ ने कहा कि,"रिटर्निंग ऑफिसर की संभावित त्रुटिपूर्ण कार्यवाही, जिन्हें रिट क्षेत्राधिकार के तहत केवल ऐसी त्रुटियों को सुधार के लिए उत्तरदायी माना जा सकता है, जिस त्रुटि का संचलित चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने...
40 साल से हिरासत में बंद नेपाली व्यक्ति का मामला : स्वतः संज्ञान लेकर क्या अभियोजन समाप्त किया जा सकता है? कलकत्ता हाईकोर्ट करेगा जांच
कलकत्ता हाईकोर्ट इस बात की जांच करेगा कि 40 साल से जेल में बंद एक नेपाली मूल के व्यक्ति के मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए उसके खिलाफ अभियोजन को समाप्त किया जा सकता है।मुख्य न्यायाधीश थोथाथिल बी. राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध रॉय की पीठ नेपाली मूल के आरोपी दीपक जोशी के मामले की सुनवाई कर रही थी। दीपक को 12 मई 1980 को गिरफ्तार किया गया था और इस प्रकार वह पहले ही 40 से अधिक वर्षों की हिरासत में बंद रह चुका है।पृष्ठभूमिअदालत ने नेपाल के काउंलेट जनरल ने कहा कि वह लगभग 40 साल से हिरासत में बंद...



















