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फिजिकल सुनवाई फिर से शुरू नहींं करने पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया

LiveLaw News Network
1 Feb 2021 2:30 PM GMT
फिजिकल सुनवाई फिर से शुरू नहींं करने पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट  बार एसोसिएशन ने मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया
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पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट बार एसोसिएशन, चंडीगढ़ ने चीफ जस्टिस रवि शंकर झा के ट्रांसफर के लिए एक प्रस्ताव पारित किया है।

यह प्रस्ताव न्यायालय में फिजिकल सुनवाई को फिर से शुरू न करने के चलते पास किया गया है।

बार एसोसिएशन ने आज प्रस्ताव पारित करते हुए कहा कि,

''माननीय पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का लगातार बंद होना, जो कि संविधान का संरक्षक और मौलिक अधिकारों का रक्षक है, समाज में एक गलत संकेत भेज रहा है। इसके अलावा कानूनी क्षेत्र से जुड़े वकीलों,स्टेनो, क्लर्कों और अन्य लोगों की आजीविका भी छीनी जा रही है और न्याय से वंचित करने का एक निरंतर साधन बन गया है।''

सदस्य-अधिवक्ताओं ने फिजिकल कोर्ट को पूर्ण रूप से शुरू करने या उनका ट्रांसफर करने तक मुख्य न्यायाधीश की कोर्ट का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।

यह भी कहा गया है कि बार के ऐसे सभी सदस्य, जो एचसीबीए की कार्यकारी समिति के आह्वान के बावजूद भी आज मुख्य न्यायाधीश के न्यायालय में उपस्थित हुए थे,उनका नाम बार एसोसिएशन की सदस्यता से हटा दिया जाएगा।

प्रस्ताव में कहा गया है कि,

''एचसीबीए की कार्यकारी समिति केवल माननीय न्यायाधीशों, बार एंड बेंच को-ऑर्डिनेशन कमेटी और मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात करेगी और उस बैठक में भाग नहीं लेगी, जहां राज्य के प्रतिनिधि यानी एडवोकेट जनरल, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल, यू.टी के स्थायी वकील मौजूद होंगे।''

यह निर्णय सोमवार को बार एसोसिएशन की एक सामान्य सभा की बैठक में लिया गया, अर्थात् 1 फरवरी, 2021 को।

बार ने इस तथ्य पर नाराजगी व्यक्त की है कि अदालतें लगातार बंद हैं और वकीलों, वादियों और अन्य कर्मचारियों जैसे क्लर्क, स्टेनो, आदि के जीवन को प्रभावित कर रही हैं, जबकि अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों जैसे मूवी थियेटर, प्राथमिक विद्यालय, विश्वविद्यालय, प्री-नर्सरी स्कूल,जिम, धार्मिक स्थल, राजनीतिक सभाएं, मॉल आदि अपनी पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं।

प्रस्ताव के अनुसार, बैठक में उपस्थित सभी वक्ताओं ने अदालतों को तुरंत फिजिकल तौर पर खोलने के पक्ष में बात की और किसी भी विपरीत विचार के लिए बार-बार अनुरोध करने के बावजूद भी इस प्रस्ताव के खिलाफ एक भी सदस्य ने कुछ नहीं बोला।

प्रस्ताव डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें



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