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जेल में आवेदक को राज्य/अभियोजक की दया पर नहीं छोड़ा जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने काउंटर एफिडेविट/रिपोर्ट समय पर न दाखिल करने पर नाराजगी व्यक्त की
"जेल में आवेदक को राज्य/अभियोजक की दया पर नहीं छोड़ा जा सकता": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने काउंटर एफिडेविट/रिपोर्ट समय पर न दाखिल करने पर नाराजगी व्यक्त की

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि पर्याप्त समय मिलने के बावजूद, लगभग हर मामले में, AGA समय पर काउंटर एफिडेविट और मृतक के विसरा रिपोर्ट देने में विफल रहते हैं। न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी की खंडपीठ ने सख्त तौर पर टिप्पणी करते हुए कहा कि, "राज्य के पक्ष से न्यायालय को पर्याप्त सहयोग नहीं मिल रहा है। यह दयनीय स्थिति है और न्यायालय राज्य के इस तरह के रवैये पर अपनी आपत्ति दर्ज करता है।" इसके अलावा, यह देखते हुए कि लगभग हर मामले में, ...

डिक्री पर रोक लगाने के लिए अचल संपत्ति को सुरक्षा के रूप में स्वीकार करने पर CPC या मध्यस्थता अधिनियम के तहत कोई रोक नहींःकलकत्ता उच्च न्यायालय
डिक्री पर रोक लगाने के लिए अचल संपत्ति को सुरक्षा के रूप में स्वीकार करने पर CPC या मध्यस्थता अधिनियम के तहत कोई रोक नहींःकलकत्ता उच्च न्यायालय

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने माना है कि डिक्री पर रोक लगाने के लिए अचल संपत्ति को सुरक्षा के रूप में स्वीकार करने पर नागरिक प्रक्रिया संहिता या मध्यस्थता अधिनियम, 1996 के तहत कोई रोक नहीं है।इस बात पर जोर देते हुए कि सुरक्षा की मांग का इरादा मात्र यह है कि ड‌िक्री धारक के लिए एक गुंजाइश रखी जाए, यदि ‌डिक्री को दी गई उसकी चुनौती फेल हो जाए, न्यायमूर्ति मौसमी भट्टाचार्य की एकल पीठ ने कहा कि नकद सुरक्षा कानून के तहत अपरिहार्य नहीं है।खंडपीठ ने उल्लेख किया कि मध्यस्थता अधिनियम की धारा 36 (3), जो एक...

कथित नक्सली महिला की हिरासत में मौत: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा; पुलिस से माता-पिता को पोस्टमार्टम रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए कहा
कथित नक्सली महिला की हिरासत में मौत: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा; पुलिस से माता-पिता को पोस्टमार्टम रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए कहा

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 27 वर्षीय एक संदिग्ध नक्सली महिला की पुलिस हिरासत में मौत की स्वतंत्र जांच की मांग करने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया है। इस कथित नक्सली महिला ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था।न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल की एकल पीठ ने एडवोकेट किशोर नारायण की सुनवाई के बाद राज्य सरकार को नोटिस जारी किया, जिसमें महिला के शोक संतप्त माता-पिता की ओर से अपील की गई थी। पीठ ने संबंधित पुलिस अधीक्षक से कहा कि वह अपने माता-पिता को महिला की पोस्टमार्टम रिपोर्ट उपलब्ध कराए।आदेश में कहा गया...

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने प्रयागराज और लखनऊ की पीठों के बीच प्रादेशिक क्षेत्राधिकार के पुन: आवंटन की याचिका पर नोटिस जारी किया
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने प्रयागराज और लखनऊ की पीठों के बीच प्रादेशिक क्षेत्राधिकार के पुन: आवंटन की याचिका पर नोटिस जारी किया

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने प्रयागराज और लखनऊ की उच्च न्यायालय की दो पीठों के बीच क्षेत्रीय क्षेत्राधिकार को दोबारा आवंटित करने संबंधी एक जनहित याचिका पर अवध बार एसोसिएशन को नोटिस जारी किया है।जस्टिस रितु राज अवस्थी और जस्टिस मनीष माथुर की डिवीजन बेंच ने कहा कि एसोसिएशन इस सबंध में अपने विचार से कोर्ट को अवगत कराए।यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब राज्य में ट्रिब्यूनलों की स्थापना के मुद्दे पर दोनों पीठों के बार एसोसिएशन पहले से ही एक दूसरे खिलाफ हैं। मौजूदा जनहित याचिका इस बात पर...

कर्नाटक हाईकोर्ट ने किसानों के प्रदर्शन पर किए गए ट्वीट को लेकर दर्ज एफआईआर को रद्द करने की अभिनेत्री कंगना रनौत की याचिका पर नोटिस जारी किया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने किसानों के प्रदर्शन पर किए गए ट्वीट को लेकर दर्ज एफआईआर को रद्द करने की अभिनेत्री कंगना रनौत की याचिका पर नोटिस जारी किया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने शुक्रवार को तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किए गए ट्वीट को लेकर दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग वाली अभिनेत्री कंगना रनौत की याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया। अपने इस ट्वीट में कंगना रनौत ने कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों की तुलना आतंकवादियों से की थी।सुनवाई के दौरान मामले में प्रतिवादी नंबर 2 शिकायतकर्ता एडवोकेट रमेश नाइक एल ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अदालत में पेश होते हुए प्रस्तुत किया कि उन्हें याचिका की प्रति नहीं दी गई है। उन्होंने अदालत से यह...

भीड़ से बचने के लिए जहां कहीं संभव हो, ज़िला न्यायालय हाइब्रिड सुनवाई करें : दिल्ली हाईकोर्ट ने ऑफिस ऑर्डर जारी किया
भीड़ से बचने के लिए जहां कहीं संभव हो, ज़िला न्यायालय हाइब्रिड सुनवाई करें : दिल्ली हाईकोर्ट ने ऑफिस ऑर्डर जारी किया

दिल्ली हाईकोर्ट की प्रशासनिक और सामान्य पर्यवेक्षण समिति ने शनिवार को एक कार्यालय आदेश जारी करते हुए निर्देश दिया कि जहाँ कहीं भी संभव हो, जिला न्यायालय में हाइब्रिड मोड से मामले की सुनवाई की जाए।गौरतलब है कि यह निर्देश दिल्ली हाईकोर्ट की प्रशासनिक और सामान्य पर्यवेक्षण समिति द्वारा शनिवार को उन मामलों में हाइब्रिड सुनवाई की अनुमति देने के समाधान के बाद जारी किया गया है जहां पार्टियों के वकील द्वारा इस आशय का अनुरोध किया जाता है।कार्यालय आदेश के अनुसार, जिला न्यायालयों में भीड़ से बचने के लिए...

बार काउंसिल ऑफ दिल्ली ने कॉलेजियम से जिला न्यायाधीशों को हाईकोर्ट में नियुक्त करने की सिफारिश करने का आग्रह किया
बार काउंसिल ऑफ दिल्ली ने कॉलेजियम से जिला न्यायाधीशों को हाईकोर्ट में नियुक्त करने की सिफारिश करने का आग्रह किया

बार काउंसिल ऑफ दिल्ली ने पिछले हफ्ते अपनी बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम से आग्रह किया गया कि वे कुछ जिला न्यायालय के न्यायाधीशों के नामों पर विचार करें, जिन्हें कथित तौर पर दिल्ली हाईकोर्ट में पदोन्नति के निर्णय पर रोक दिया गया था।प्रस्ताव में कहा गया है,"वास्तव में, जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति वरिष्ठता और बेदाग रिकॉर्ड के आधार पर की जाती है। इन न्यायाधीशों की नियुक्ति की सिफारिश न किए जाने पर जजों के बीच असंतोष हो सकता है ..."इस बारे में कहा...

फिज़िकल रूप में सुनवाई को नियम और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई को अपवाद बनाना आर्टिकल 21 का उल्लंघन : दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका
'फिज़िकल रूप में सुनवाई को नियम और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई को अपवाद बनाना आर्टिकल 21 का उल्लंघन' : दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका

दिल्ली हाईकोर्ट में 9 मार्च, 2021 के आदेश के अनुसार सुनवाई के फिजिकल मोड को बहाल करने के लिए दायर पीआईएल में एक हस्तक्षेप आवेदन दायर किया गया है, ताकि राष्ट्रीय राजधानी की सार्वजनिक, यातायात भीड़, कठिन पार्किंग और वायु वातावरण को देखते हुए सभी अदालतों, ट्रिब्यूनलों और अन्य सहायक अदालतों में फिज़िकल रूप में सुनवाई का समर्थन किया जा सके।दिल्ली हाईकोर्ट ने 9 मार्च, 2021 को आदेश दिया कि सभी दिल्ली की अदालतें 15 मार्च से पूर्ण रूप से फिजिकल रूप से कामकाज शुरू कर देंगी। हालांकि वर्चुअल सुनवाई की सुविधा...

बेटी के पास पिता की दूसरी शादी की वैधता के खिलाफ सवाल उठाने का प्रत्येक आधारः बॉम्बे हाईकोर्ट
बेटी के पास पिता की दूसरी शादी की वैधता के खिलाफ सवाल उठाने का प्रत्येक आधारः बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को आधिकारिक रूप से कहा कि एक बेटी अपने माता-पिता की दूसरी शादी की वैधता के खिलाफ याचिका पेश कर सकती है। जस्टिस वीजी बिष्ट और ज‌स्ट‌िस आरडी धानुका की खंडपीठ ने धारा 7 से संलग्न व्याख्या के खंड (b) की व्याख्या की और कहा कि एक बेटी के पास अपने पिता की शादी की वैधता पर सवाल उठाने का प्रत्येक आधार है।पीठ ने कहा, "अधिनियम की उद्देश्यों और तर्कों के संबंध में, स्पष्टीकरण के तहत क्लॉज (b) के शाब्दिक निर्माण के समक्ष, हमारे विचार में, अपीलकर्ता के पास प्रतिवादी के साथ अपने पिता...

पीड़िता और याचिकाकर्ता एक दूसरे से प्यार करते थे, 4 सालों से साथ रह रहे थे, इससे पोक्सो अधिनियम के तहत किया गया अपराध क्षमायोग्य नहीं हो जाताः मद्रास हाईकोर्ट
पीड़िता और याचिकाकर्ता एक दूसरे से प्यार करते थे, 4 सालों से साथ रह रहे थे, इससे पोक्सो अधिनियम के तहत किया गया अपराध क्षमायोग्य नहीं हो जाताः मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में मंगलवार (16 मार्च) को कहा कि पीड़िता एक बार पोक्सो अधिनियम के तहत अपराध की शिकायत करती है और मामला दर्ज हो जाता है तो यह राज्य के खिलाफ अपराध बन जाता है और बाद में किए गए समझौता से अपराध समाप्त नहीं होता है। यह मानते हुए कि पोक्सो अधिनियम के तहत किया गया कोई भी अपराध क्षमायोग्य अपराध नहीं है, जस्टिस पी वेलमुरुगन की पीठ ने कहा, "पोक्सो अधिनियम का दायरा बहुत स्पष्ट है, प्यार में पड़ना कोई अपराध नहीं है, लेकिन एक व्यक्ति जो 18 साल से अध‌िक उम्र का का है और...

तेलंगाना के वकील दंपत्ति की हत्या का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने जांच की मांग करने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार किया कहा, मामला हाईकोर्ट में लंबित
तेलंगाना के वकील दंपत्ति की हत्या का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने जांच की मांग करने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार किया कहा, मामला हाईकोर्ट में लंबित

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इस साल तेलंगाना में एक वकील दंपति की हत्या में एक स्वतंत्र जांच एजेंसी द्वारा जांच की मांग करने वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया।सीजेआई बोबडे, जस्टिस बोपन्ना और जस्टिस रामासुब्रमण्यन की तीन जजों वाली बेंच ने याचिकाकर्ता से याचिका वापस लेने और अपनी इस याचिका को लेकर हाईकोर्ट जाने के लिए कहा।सुनवाई के दौरान, सीजेआई बोबडे की अगुवाई वाली तीन जजों की बेंच ने माना कि यह मामला अभी भी तेलंगाना हाईकोर्ट के समक्ष लंबित है।याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने न्यायालय के...

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने नौ वकीलों और चार न्यायिक अधिकारियों को बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने नौ वकीलों और चार न्यायिक अधिकारियों को बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 19 मार्च, 2021 को हुई अपनी बैठक में निम्नलिखित व्यक्तियों को बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दी है:वकील:1. श्रीमती. अरुणा एस. पई,2. श्री शैलेश पी. ब्रह्मे,3. श्री कमल आर. खाटा,4. सुश्री शर्मिला यू देशमुख,5. सुश्री अमीरा अब्दुल रज़ाक,6. श्री संदीप वी. मार्ने,7. श्री संदीप एच. पारिख,8. श्री सोमशेखर सुंदरसेन,9. श्री महेंद्र एम. नेरलीकर,न्यायिक अधिकारी:10. श्री राजेश एन. लड्ढा,11. श्री संजय जी. मेहर,12. श्री जी.ए. सनप, और13. श्री एस जी...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विवाह के पंजीकरण की अनुमति दी; एकल पीठ के निर्णय को पलटा
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विवाह के पंजीकरण की अनुमति दी; एकल पीठ के निर्णय को पलटा

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एकल पीठ के फैसले को पलटते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक जोड़े के विवाह के पंजीकरण की अनुमति दी।न्यायमूर्ति रितु बहरी और न्यायमूर्ति अर्चना पुरी की खंडपीठ एकल पीठ के उस फैसले के खिलाफ की गई अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दंपति (विवाहित जोड़े) को अपनी शादी के ई-पंजीकरण करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया था।सिंगल जज बेंच ने कहा था कि,"विशेष विवाह अधिनियम, 1954 के तहत विवाह के पंजीकरण के लिए सक्षम अधिकारी के समक्ष पक्षकारों (विवाहित जोड़े) को...

Consider The Establishment Of The State Commission For Protection Of Child Rights In The UT Of J&K
ज़मानत आवेदन पर विचार करते हुए अदालत आरोपी के खिलाफ सबूतों की सराहना नहीं कर सकती : जम्मू और कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू और कश्मीर हाईकोर्ट ने कहा कि एक अदालत जमानत के लिए आवेदन पर सुनवाई करते हुए उन साक्ष्यों की सराहना नहीं कर सकती है, जो अभियुक्त के खिलाफ अभियोजन द्वारा एकत्र किए गए हैं।न्यायमूर्ति पुनीत गुप्ता की एकल पीठ ने देखा,"अदालत ने अलग-अलग दृष्टिकोण से अभियोजन द्वारा आरोपी के खिलाफ एकत्रित किए गए साक्ष्यों की सराहना करने पर विचार किया, जबकि बचाव पक्ष के वकील ने उक्त सवाल उठाया। यह अदालत इस तरह की कोई सामग्री को रिकॉर्ड पर नहीं ले रही है, जो बचाव के वकील के द्वारा उठाया गया है।"एजीए असीम साहनी की...

दिल्ली कोर्ट ने एडवोकेट महमूद प्राचा के ऑफिस पर दिल्ली पुलिस की रेड के खिलाफ दायर याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा
दिल्ली कोर्ट ने एडवोकेट महमूद प्राचा के ऑफिस पर दिल्ली पुलिस की रेड के खिलाफ दायर याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा

दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने शुक्रवार को एडवोकेट महमूद प्राचा द्वारा दिल्ली पुलिस द्वारा अपने कार्यालय से की गई छापेमारी और डेटा की जब्ती को चुनौती देने के लिए दायर आवेदन पर आदेश सुरक्षित रख लिया।पटियाला हाउस कोर्ट के मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट पंकज शर्मा ने कहा कि सोमवार (22 मार्च) को आदेश सुनाया जाएगा।विशेष लोक अभियोजक अमित प्रसाद ने अदालत को बताया कि प्राचा द्वारा दायर किया गया आवेदन जांच के दायरे को सीमित कर रहा है। इसके अलावा, एसपीपी ने यह भी कहा कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम...

एनआईसीयू में इंजेक्शन प्रक्रिया के समय बिना इरादे या ज्ञान के डॉक्टर की अनुपस्थिति सदोष मानव वध का मामला नहीं है: बॉम्बे हाईकोर्ट
"एनआईसीयू में इंजेक्शन प्रक्रिया के समय बिना इरादे या ज्ञान के डॉक्टर की अनुपस्थिति 'सदोष मानव वध' का मामला नहीं है": बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने उस जूनियर डॉक्टर के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को रद्द किया, जिस पर कथित तौर पर लापरवाही बरतने के चलते हत्या की कोटि में न आने वाले सदोष मानव वध (Culpable Homicide) का आरोप था, क्योंकि इस डॉक्टर की लापरवाही के कारण एक अस्पताल में चार शिशुओं की मौत हो गई थी।शिशुओं के लिए निर्धारित इंजेक्शन "कैल्शियम ग्लूकोनेट" के बजाय लापरवाही के चलते "पोटेशियम क्लोराइड" दिया गया था।न्यायमूर्ति अविनाश जी. गरोठ और सुनील बी. शुक्रे की खंडपीठ ने पाया कि तथ्यों के आधार पर जूनियर डॉक्टर...