मुख्य सुर्खियां

महमूद प्राचा के कार्यालय पर छापा- दिल्ली पुलिस वकीलों के परिसर में घुसने की कोशिश कर रही है, जो अस्वीकार्य और अवैध है पटियाला हाउस बार अध्यक्ष ने दिल्ली कोर्ट में कहा
महमूद प्राचा के कार्यालय पर छापा- "दिल्ली पुलिस वकीलों के परिसर में घुसने की कोशिश कर रही है, जो अस्वीकार्य और अवैध है" पटियाला हाउस बार अध्यक्ष ने दिल्ली कोर्ट में कहा

दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को एडवोकेट महमूद प्राचा की ओर से, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा की गई दूसरी छापेमारी के खिलाफ दायर आवेदन पर आदेश सुरक्षित रख लिया है। नई दिल्ली बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट आरके वाधवा ने बार का प्रतिनिधित्व करते हुए दिल्ली पुलिस के छापों पर कड़ी आपत्ति जताई, जिससे उनकी निजता का उल्लंघन हुआ।मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट पंकज शर्मा ने आदेश सुरक्षित रखा है, जिसे 25 मार्च 2021 को सुनाया जाएगा। प्राचा के समर्थन में वाधवा ने कहा, "आप पूरी प्रणाली क्यों देखना चाहते...

गृहमंत्री अनिल देशमुख और परम बीर सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की स्वतंत्र जांच कराने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका
गृहमंत्री अनिल देशमुख और परम बीर सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की स्वतंत्र जांच कराने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका

बॉम्बे हाईकोर्ट में महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के प्रकाश में सीबीआई, ईडी या किसी अन्य स्वतंत्र एजेंसी द्वारा जांच की मांग वाली याचिका दायर की गई है।याचिका में मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर और वर्तमान में होमगार्ड और सिविल डिफेंस के कमांडेंट जनरल परमबीर सिंह की भूमिका पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की गई है।हाईकोर्ट के अधिवक्ता डॉ. जयश्री लक्ष्मणराव पाटिल ने याचिका दायर की है।पृष्ठभूमिआईपीएस कैडर के अधिकारी परमबीर सिंह ने हाल ही में आरोप लगाया था...

God Does Not Recognize Any Community, Temple Shall Not Be A Place For Perpetuating Communal Separation Leading To Discrimination
समान-लिंगी युगल की संरक्षण याचिकाः मद्रास हाईकोर्ट ने कहा, समान-लिंगी अभिविन्यास के साथ समाज अब भी समायोजित नहीं कर पा रहा, बंद कमरे में सुनवाई के निर्देश

मद्रास हाईकोर्ट ने सोमवार (22 मार्च) को समान-लिंगी युगल की ओर से दायर संरक्षण याचिका को मामले की संवेदनशीलता के मद्देनजर बंद कमरे में ( In-camera) सुनने की इच्छा व्यक्त की और सुनवाई के लिए 29 मार्च की तारीख तय की।जस्टिस एन आनंद वेंकटेश की पीठ ने कहा, " मौजूदा मामले को अधिक संवेदनशीलता और सहानुभूति के साथ निस्तारित किए जाने की आवश्यकता है और यह एक प्र‌तिदर्श है कि कैसे समाज अब भी समान-लिंगी अभिविन्यास के साथ समायोजित नहीं कर पा रही है। इस मुद्दे की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए, यह न्यायालय...

लाखों लोग बिना मास्क के इकट्ठा हुए और कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई, यह अनपेक्षित है : कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा
"लाखों लोग बिना मास्क के इकट्ठा हुए और कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई, यह अनपेक्षित है" : कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा

कर्नाटक हाईकोर्ट ने सोमवार को एक बार फिर राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह इस बात पर अपना रुख स्पष्ट करे कि क्या वह 21 फरवरी को आयोजित आयोजकों के खिलाफ सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनने के मानदंडों के उल्लंघन के लिए एफआईआर दर्ज करेगी।मुख्य न्यायाधीश अभय ओका और न्यायमूर्ति सूरज गोविंदराज की खंडपीठ ने कहा,"अब आपको एफआईआर दर्ज करना चाहिए। कोई बच नहीं सकता। एक अपराध है, जिससे समझौता हो नहीं सकता। आप उससे समझौता होने तक रुक नहीं सकते। अगर ऐसा नहीं हुआ तो सुप्रीम कोर्ट द्वारा ललिता कुमार मामले में दी गई...

 अगर कमजोर वर्ग गरीबी, अशिक्षा या कमजोरी के कारण अपने अधिकारों का उपयोग नहीं कर सकते तो समान न्याय की गारंटी का कोई मतलब नहीं है: जस्टिस एनवी रमना
" अगर कमजोर वर्ग गरीबी, अशिक्षा या कमजोरी के कारण अपने अधिकारों का उपयोग नहीं कर सकते तो समान न्याय की गारंटी का कोई मतलब नहीं है": जस्टिस एनवी रमना

न्यायमूर्ति एनवी रमना ने 'कानून का शासन' के आधार के रूप में 'न्याय तक पहुंच' के महत्व को रेखांकित किया।सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश ने दिल्ली में फ्रंट कार्यालयों और कानूनी सहायता रक्षा परामर्श कार्यालय के उद्घाटन के अवसर पर कहा कि,"न्याय तक पहुंच का विचार न्याय की संवैधानिक दृष्टि में गहराई से अंतर्निहित है और हमारे जैसे लोकतांत्रिक देश में न्याय तक पहुंच कानून के शासन का आधार है।"जस्टिस रमना ने कहा कि जब से भारत एक स्वतंत्र राष्ट्र बना है तब से हमारे देश के सामने दो मूल समस्याएं हैं- पहला...

इलाहाबाद हाईकोर्ट में दस अतिरिक्त न्यायाधीशों को स्थायी किया गया
इलाहाबाद हाईकोर्ट में दस अतिरिक्त न्यायाधीशों को स्थायी किया गया

केंद्र सरकार ने मंगलवार (23 मार्च) को इलाहाबाद हाईकोर्ट के 10 अतिरिक्त न्यायाधीशों को हाईकोर्ट का स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया।जिन न्यायाधीशों को स्थायी किया है, उनके नाम इस प्रकार है:जस्टिस अली जामिनजस्टिस विपिन चंद्र दीक्षितजस्टिस शेखर कुमार यादवजस्टिस रवि नाथ तिलहरीजस्टिस दीपक वर्माजस्टिस गौतम चौधरीजस्टिस शमीम अहमदजस्टिस दिनेश पाठकजस्टिस मनीष कुमार, औरजस्टिस समित गोपालइस संबंध में केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचना जारी की गई,"भारत के संविधान के अनुच्छेद 217 के खंड (1) द्वारा प्रदत्त शक्ति के तहत...

जाति के नाम पर धमकी: मद्रास हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय SC/ST आयोग और TNHRC को कर्णन की शिकायत का संज्ञान लेने से रोका
'जाति के नाम पर धमकी': मद्रास हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय SC/ST आयोग और TNHRC को कर्णन की शिकायत का संज्ञान लेने से रोका

मद्रास हाईकोर्ट ने सोमवार को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग और तमिलनाडु राज्य मानवाधिकार आयोग के खिलाफ एक अंतरिम निषेधाज्ञा पारित की, जिसके तहत उन्हें हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश सीएस कर्णन की ओर से अपमानजनक वीडियो मामले की जांच कर रहे अधिकारियों के खिलाफ की गई शिकायतों का संज्ञान लेने से रोक दिया गया।जस्टिस एम सत्यनारायणन और जस्टिस एए नक्कीरन सहित एक डिवीजन बेंच ने एक प्रथम दृष्टया विचार बनाने के बाद अंतरिम आदेश पारित किया कि शिकायत "धमकी", "जाति के नाम पर धमकी" और जांच...

41 साल से अधिक समय जेल में गुजार चुके नेपाली व्यक्ति के लिए मुआवजा: कलकत्ता उच्च न्यायालय ने राज्य की प्रतिक्रिया मांगी
41 साल से अधिक समय जेल में गुजार चुके नेपाली व्यक्ति के लिए मुआवजा: कलकत्ता उच्च न्यायालय ने राज्य की प्रतिक्रिया मांगी

लगभग 41 साल हिरासत में गुजार चुके एक नेपाली व्यक्ति के मामले से निपटते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सोमवार (22 मार्च) को राज्य सरकार से उसे मुआवजा/नुकसान प्रदान करने पर अपनी प्रतिक्रिया देने को कहा। इसके अलावा, मुख्य न्यायाधीश थोथाथिल बी. राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध रॉय की खंडपीठ ने पश्चिम बंगाल पुलिस को पश्चिम बंगाल राज्य के उन सभी सुधार केंद्रों के विवरणों को एकत्र करने का भी निर्देश दिया है, जहां ऐसे विचाराधीन कैदी हैं जो परीक्षण (ट्रायल) के लिए अयोग्य हैं (Cr.PC का अध्याय XXV...

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति शरद कुमार गुप्ता ने राज्य सरकार के नए कार्यभार को लेने के लिए अपना इस्तीफा दिया
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति शरद कुमार गुप्ता ने राज्य सरकार के 'नए कार्यभार' को लेने के लिए अपना इस्तीफा दिया

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति शरद कुमार गुप्ता ने सोमवार (22 मार्च) को भारत के राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा देते हुए कहा कि वह 31 मार्च (बुधवार) को राज्य सरकार का अंतर्गत नया कार्यभार संभालने के लिए अपने कार्यालय को त्यागना चाहते हैं। भारत के राष्ट्रपति को संबोधित पत्र में कहा गया है कि, "मैं 31 मार्च 2021 से अपने कार्यालय को त्यागने के लिए इच्छुक हूं क्योंकि मैंने पहले ही छत्तीसगढ़ राज्य सरकार को नए असाइनमेंट के लिए अपनी सहमति दे दी है। इसलिए, मैं सम्मानपूर्वक प्रार्थना...

दोबारा यह नहीं करूंगा:  जज को धमकी भरे पत्र लिखकर कोर्ट की अवमानना के आरोपी ने कर्नाटक हाईकोर्ट से माफी मांगी
'दोबारा यह नहीं करूंगा': जज को धमकी भरे पत्र लिखकर कोर्ट की अवमानना के आरोपी ने कर्नाटक हाईकोर्ट से माफी मांगी

कर्नाटक हाईकोर्ट ने (सोमवार) एक 72 वर्षीय व्यक्ति के बिना शर्त माफी को स्वीकार करने से इनकार कर दिया, इसमें आरोपी ने रजिस्ट्री को एक पत्र लिखकर न्यायाधीशों को धमकी दी थी इसके बाद कोर्ट ने स्वत: संज्ञान आपराधिक अवमानना कार्यवाही शुरू की है।मुख्य न्यायाधीश अभय ओका और न्यायमूर्ति सूरज गोविंदराज की खंडपीठ ने कहा कि,"माफी को स्वीकार करने का फैसला करने से पहले हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि आरोपी इसी तरह के दूसरे किसी निंदनीय आरोप में लिप्त न हो। उसे कोर्ट के समक्ष अंडरटेकिंग देना होगा कि अब से उस पर...

उच्च न्यायालय के रिकॉर्ड से सुप्रीम कोर्ट का आदेश गायब होने का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को जांच के निर्देश दिए
उच्च न्यायालय के रिकॉर्ड से सुप्रीम कोर्ट का आदेश गायब होने का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को जांच के निर्देश दिए

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की जाँच के मद्देनजर, जिसमे यह निष्कर्ष निकाला गया कि यद्यपि सर्वोच्च न्यायालय का एक आदेश हाईकोर्ट द्वारा प्राप्त किया गया था, हालांकि, उसे संबंधित जज के पास नहीं भेज गया था, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (22 मार्च) को प्रशासनिक निर्देशों के तहत मामले की पूरी तरह से जांच करने के लिए उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को निर्देशित किया। न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एम. आर. शाह की खंडपीठ ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के वरिष्ठ रजिस्ट्रार द्वारा दाखिल...

केंद्र सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में सात अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति की
केंद्र सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में सात अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति की

केंद्र सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में 7 न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति को लेकर अधिसूचना जारी की है।अधिसूचना में शामिल न्यायिक अधिकारियों के नाम इस प्रकार है:मो. असलम,अनिल कुमार ओझा, साधना रानी (ठाकुर), नवीन श्रीवास्तव, सैयद आफ़ताब हुसैन रिज़वी, अजय त्यागी, अजय कुमार श्रीवास्तव- I वे वरिष्ठता के उपरोक्त क्रम में पद धारण करेंगे।फरवरी, 2021 में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा इन नामों की सिफारिश की गई थी।यह निर्दिष्ट किया जाता है कि साधना रानी (ठाकुर), सैयद आफ़ताब...

अर्नब गोस्वामी और बीएआरसी के पूर्व सीईओ के बीच हुई व्हाट्सएप चैट फ्रेंडली बैंटर हैं, उसका टीआरपी घोटाले से कोई लेना-देना नहींः रिपब्लिक टीवी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में कहा
अर्नब गोस्वामी और बीएआरसी के पूर्व सीईओ के बीच हुई व्हाट्सएप चैट फ्रेंडली बैंटर हैं, उसका टीआरपी घोटाले से कोई लेना-देना नहींः रिपब्लिक टीवी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में कहा

रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी ने सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट के समक्ष कहा कि उनके व प्रसारण और अनुसंधान परिषद (बीएआरसी) के पूर्व सीईओ पार्थो दासगुप्ता के बीच हुई व्हाट्सएप चैट सिर्फ दो करीबी दोस्तों के बीच दोस्ताना हंसी-मजाक (फ्रेंडली बैंटरी)थी। इन चैट को टीआरपी घोटाले में मुंबई पुलिस ने अपनी चार्जशीट में शामिल किया है। जस्टिस एसएस शिंदे और जस्टिस मनीष पितले की खंडपीठ, गोस्वामी और एआरजी आउटलेयर मीडिया प्राइवेट लिमिटेड की एक याचिका पर सुनवाई कर रही हैै। एआरजी कंपनी रिपब्लिक टीवी की...

केंद्र सरकार ने कर्नाटक हाईकोर्ट में दो अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति की
केंद्र सरकार ने कर्नाटक हाईकोर्ट में दो अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति की

केंद्र सरकार ने न्यायिक अधिकारियों राजेंद्र बादामीकर और खाज़ी जयबुन्निसा मोहिउद्दीन को कर्नाटक हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया है।वे वरिष्ठता के उपरोक्त क्रम में दो साल की अवधि के लिए पद धारण करेंगे।इस साल फरवरी में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा उनकी पदोन्नति के लिए सिफारिश की गई थी।उक्त प्रस्ताव के माध्यम से कॉलेजियम ने वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य सोंधी को भी नियुक्त करने सिफारिश की थी। हालांकि, सरकारी अधिसूचना में उनका नाम नहीं है। अधिसूचना डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक...

केरल हाईकोर्ट ने एनडीए उम्मीदवारों की चुनाव नामांकन की अस्वीकृति को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज किया
केरल हाईकोर्ट ने एनडीए उम्मीदवारों की चुनाव नामांकन की अस्वीकृति को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज किया

केरल हाईकोर्ट ने सोमवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के तीन उम्मीदवारों द्वारा दायर की गई याचिकाओं को खारिज किया, जिसमें केरल राज्य के आगामी विधानसभा चुनावों के लिए उनके चुनाव नामांकन की अस्वीकृति को चुनौती दी गई थी।न्यायमूर्ति एन नागरश की एक एकल पीठ ने भाजपा उम्मीदवारों एन हरिदास और निवेदिदा सुब्रमण्यम और एआईएडीएमके के उम्मीदवार आरएम धनलक्ष्मी द्वारा दायर याचिकाओं को खारिज किया, जिनका चुनाव नामांकन क्रमशः थलासेरी, गुरवयूर और देवीकुलम निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ने के लिए उनके...

कोर्ट किसी रुढ़िवादी स्कूल का मास्टर नहीं हैः बॉम्बे हाईकोर्ट ने हॉस्पिटल टेंडर में सिविक-बॉडी की नो ब्लैकलिस्ट का विरोध करने वाली BVG की याचिका को खारिज किया
"कोर्ट किसी रुढ़िवादी स्कूल का मास्टर नहीं हैः" बॉम्बे हाईकोर्ट ने हॉस्पिटल टेंडर में सिविक-बॉडी की नो ब्लैकलिस्ट का विरोध करने वाली BVG की याचिका को खारिज किया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मैकेनाइज्ड हाउसकीपिंग भारत विकास ग्रुप (BVG India LTD.) की एक ठेकेदार का काम पहले ही टर्मिनेट हो जाने पर उसको फिर से निविदा प्रक्रिया में भाग लेने से रोकने के लिए दायर की गई याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह निविदा शर्त कि उसका काम पहले समाप्त हो गया है, यह उसे ब्लैक लिस्ट करने की वजह नहीं हो सकती।मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जीएस कुलकर्णी की खंडपीठ ने आदेश दिया कि नवी मुंबई नगर निगम (एनएमएमसी) ऐसी शर्त लगाने का हकदार है, क्योंकि "निविदा के लिए निमंत्रण...

Allahabad High Court expunges adverse remarks against Judicial Officer
माफी स्वीकार्य- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति को काले झंडे दिखाने के लिए लोगों को मैसेज फॉरवर्ड के आरोपी आदमी को जमानत दी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में फ्रांसीसी राष्ट्रपति के बारे में लोगों से उनके घरों, दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों पर विरोध के निशान के रूप में काले झंडे दिखाने के बारे में एक आपत्तिजनक मैसेज फॉरवर्ड के आरोपी (मोहम्मद नईम) को जमानत दे दी।न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की खंडपीठ ने एफआईआर 548/2020 में दर्ज आई.टी. की धारा 67 और आईपीसी की धारा 109, 153-ए, 505 (1) (बी), 505 (2) के तहत दर्ज एफआईआर पर आवेदक द्वारा दायर याचिका पर विचार कर रही थी।आरोपी ने माफी मांगीअभियुक्त-आवेदक की ओर से पेश वकील ने...

फ्यूचर-अमेज़ॅन केस: दिल्ली हाईकोर्ट ने एकल पीठ के इमरजेंसी अवॉर्ड को बरकरार रखने के आदेश पर रोक लगाई
फ्यूचर-अमेज़ॅन केस: दिल्ली हाईकोर्ट ने एकल पीठ के इमरजेंसी अवॉर्ड को बरकरार रखने के आदेश पर रोक लगाई

दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की खंडपीठ ने एकल-न्यायाधीश पीठ के आदेश पर रोक लगाई, जिसने अपने आदेश में रिलायंस-फ्यूचर रिटेल लिमिटेड की 25,000 करोड़ की रिटेल हिस्सेदारी बिक्री के सौदा के खिलाफ सिंगापुर ट्रिब्यूनल के इमरजेंसी अवॉर्ड के आदेश को बरकरार रखा था।सीनियर एडवोकेट हरीश साल्वे फ्यूचर रिटेल लिमिटेड की ओर से पेश हुए और एकल बेंच के उस आदेश पर रोक लगाने की मांग की, जिसमें फ्यूचर ग्रुप और किशोर बियानी सहित इसके प्रमोटरों पर 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया...

यह रेलवे प्रशासन को निर्धारित करना है कि कौन-कौन सी मौजूदा सेवाओं को फिर से शुरू किया जाना चाहिए: मद्रास हाईकोर्ट
यह रेलवे प्रशासन को निर्धारित करना है कि कौन-कौन सी मौजूदा सेवाओं को फिर से शुरू किया जाना चाहिए: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह उपनगरीय रेलवे और यात्री ट्रेनों को फिर से शुरू करने की मांग करने वाली याचिका का यह रेखांकित करते हुए निपटारा किया कि उपनगरीय रेलवे और यात्री ट्रेनों को फिर से शुरू करने के बाद डिस्टेंसिंग प्रोटोकॉल को बनाए रखना संभव नहीं हो सकता है।मुख्य न्यायाधीश संजीब बनर्जी और न्यायमूर्ति सेंथिलकुमार राममूर्ति की खंडपीठ ने यह देखते हुए "नियमित रूप से नियमित रेल सेवाओं को निर्देशित करने" से परहेज किया।कोर्ट के सामने दलीलयाचिकाकर्ता ने नियमित यात्री ट्रेनों और उपनगरीय सेवाओं के...

एक न्यायिक अधिकारी जो कानून का अच्छा ज्ञान रखता पर यदि उसकि निष्ठा में कमी हो तो यह न्यायपालिका के लिए एक बड़ा खतरा है: उड़ीसा उच्च न्यायालय
एक न्यायिक अधिकारी जो कानून का अच्छा ज्ञान रखता पर यदि उसकि निष्ठा में कमी हो तो यह न्यायपालिका के लिए एक बड़ा खतरा है: उड़ीसा उच्च न्यायालय

इस बात को रेखांकित करते हुए कि एक न्यायिक अधिकारी को भले ही कानून का सही ज्ञान हो, लेकिन यदि उसकी निष्ठा में कमी है या वह एक संदिग्ध चरित्र का है, तो वह न्यायपालिका के सुचारू कामकाज के लिए एक बड़ा खतरा है, उड़ीसा उच्च न्यायालय ने पिछले हफ्ते न्यायिक अधिकारी के संबंध में पारित अनिवार्य सेवानिवृत्ति के आदेश को बरकरार रखा। मुख्य न्यायाधीश डॉ. एस. मुरलीधर और न्यायमूर्ति बी. पी. राउत की खंडपीठ एक न्यायिक अधिकारी, एक रामचंद्र मोहंती के मामले की सुनवाई कर रही थी, जिन्होंने अनिवार्य...