मुख्य सुर्खियां
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने X पोस्ट मामले में मोहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी पर रोक बढ़ाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी पर रोक 16 जनवरी तक बढ़ाई। राहत की अवधि इसलिए बढ़ाई गई, क्योंकि कोर्ट ने जुबैर को 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर यति नरसिंहानंद द्वारा कथित भड़काऊ भाषण के संबंध में उनके पोस्ट को लेकर उनके खिलाफ दर्ज FIR के संबंध में राज्य सरकार द्वारा दायर जवाबी जवाब दाखिल करने के लिए 10 दिन का समय दिया।जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने FIR को चुनौती देने वाली जुबैर की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश...
भोपाल गैस त्रासदी: हाईकोर्ट ने मीडिया से पिथमपुर में यूनियन कार्बाइड कचरे के निपटान पर फर्जी खबरें न प्रकाशित करने को कहा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सोमवार (6 जनवरी) को मीडिया को आदेश दिया कि वह पीथमपुर संयंत्र में यूनियन कार्बाइड अपशिष्ट पदार्थ के निपटान के बारे में कोई भी फर्जी खबर या गलत सूचना प्रकाशित न करे।चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की खंडपीठ ने कहा,"मीडिया को कोई भी फर्जी खबर प्रकाशित नहीं करनी चाहिए, जिससे अपशिष्ट पदार्थ के निपटान के बारे में जनता में भय और भ्रम पैदा हो।"3 दिसंबर, 2024 को दिए गए अपने अंतिम आदेश में न्यायालय ने कहा था कि भोपाल गैस त्रासदी को 40 साल बीत चुके हैं लेकिन अब बंद...
उड़ीसा हाईकोर्ट ने प्रथम अखिल भारतीय न्यायाधीश बैडमिंटन चैम्पियनशिप की मेजबानी की
उड़ीसा हाईकोर्ट ने 4 और 5 जनवरी, 2025 को जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम, कटक में चीफ जस्टिस चक्रधारी शरण सिंह के संरक्षण में प्रथम अखिल भारतीय न्यायाधीश बैडमिंटन चैम्पियनशिप-2025 की मेजबानी की।इस कार्यक्रम का आयोजन विभिन्न हाईकोर्ट के जजों के बीच सौहार्द बढ़ाने तथा न्यायिक पदाधिकारियों के बीच खेल और शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया। यह हाल ही में संपन्न चीफ जस्टिस के सम्मेलन की थीम को आगे बढ़ाने का भी एक प्रयास है।इस चैम्पियनशिप का उद्घाटन 4 जनवरी, 2025 को चीफ जस्टिस सिंह ने...
Sambhal Row | मस्जिद कमेटी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में ट्रायल कोर्ट के सर्वेक्षण आदेश को चुनौती दी
चंदौसी (संभल) स्थित शाही जामा मस्जिद कमेटी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में 19 नवंबर को पारित ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी, जिसमें एडवोकेट कमिश्नर को मस्जिद का सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया गया था। इसमें दावा किया गया कि मस्जिद का निर्माण मंदिर को नष्ट करके किया गया था।यह घटनाक्रम तब सामने आया है, जब एडवोकेट कमिश्नर ने पिछले सप्ताह सीलबंद लिफाफे में ट्रायल कोर्ट को सर्वेक्षण रिपोर्ट सौंपी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार, उक्त रिपोर्ट के आधार पर कोई भी अंतरिम या अंतिम प्रभावी आदेश...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (30 दिसंबर, 2024 से 03 जनवरी, 2024) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।सह-आरोपी आयकर अधिनियम के तहत कंपनी या HUF द्वारा किए गए अपराधों के लिए अलग से आवेदन कर सकते हैं: दिल्ली हाईकोर्ट दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि सह-आरोपी आयकर अधिनियम, 1961 के तहत किसी कंपनी या हिंदू अविभाजित परिवार द्वारा किए गए अपराधों के लिए अलग से आवेदन करने के हकदार हैं। कार्यवाहक चीफ़ जस्टिस विभु...
NALSA ने लॉ स्टूडेंट्स के लिए राष्ट्रीय रील मेकिंग एवं लघु फिल्म प्रतियोगिता शुरू की
NALSA ने लॉ स्टूडेंट्स के लिए राष्ट्रव्यापी प्रतियोगिता शुरू की: टाइटल- “लक्ष्य से जुड़ना”क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) जस्टिस बी.आर. गवई, कार्यकारी अध्यक्ष, NALSA के नेतृत्व में लॉ स्टूडेंट्स के लिए अखिल भारतीय क्षेत्रीय रील मेकिंग एवं लघु फिल्म प्रतियोगिता शुरू करने की घोषणा करते हुए गर्व महसूस कर रहा है, जिसका टाइटल है “लक्ष्य से जुड़ना।”यह पहल सुहास चकमा बनाम भारत संघ एवं अन्य (डब्ल्यू.पी. संख्या 1082/2020) के मामले में सुप्रीम...
मंदिर का मुकदमा निराधार हो जाएगा: अजमेर शरीफ दरगाह पर पीएम मोदी की चादर चढ़ाने के खिलाफ अजमेर कोर्ट में याचिका
अजमेर की एक अदालत में एक आवेदन दायर किया गया, जिसमें 13वीं सदी के सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के उर्स के अवसर पर कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से अजमेर शरीफ दरगाह पर चादर चढ़ाने पर रोक लगाने के लिए अस्थायी निषेधाज्ञा की मांग की गई।यह आवेदन अजमेर कोर्ट में पहले से लंबित मुकदमे में दायर किया गया, जिसमें दावा किया गया कि अजमेर शरीफ दरगाह का निर्माण शिव मंदिर के अवशेषों पर किया गया था।हिंदू सेना के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने यह मुकदमा और यह आवेदन दायर किया है।आवेदन में तर्क दिया गया कि...
बच्चों के सोशल मीडिया, गेमिंग प्लेटफॉर्म से जुड़ने के लिए माता-पिता की सहमति ज़रूरी: मसौदा Digital Personal Protection Rules में प्रस्ताव
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने शुक्रवार (3 जनवरी) को डिजिटल व्यक्तिगत डेटा सुरक्षा अधिनियम 2023 के तहत मसौदा नियमों को सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए अधिसूचित किया।मसौदे में अन्य बातों के अलावा, बच्चों के व्यक्तिगत डेटा को संसाधित करने के लिए डेटा-फ़िड्यूशियरी के लिए माता-पिता की सहमति अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। डेटा-फ़िड्युसरी में सोशल मीडिया मध्यस्थ, ई-कॉमर्स कंपनियाँ, गेमिंग प्लेटफ़ॉर्म आदि शामिल हैं।नियमों में कहा गया:"डेटा फ़िड्युसरी यह सुनिश्चित करने के लिए उचित तकनीकी और...
एक्ट्रेस श्वेता तिवारी के खिलाफ जालसाजी का मामला बंद, हाईकोर्ट ने FIR रद्द करने की मांग वाली याचिका वापस लेने की अनुमति दी
मुंबई पुलिस ने पिछले महीने बॉम्बे हाईकोर्ट को सूचित किया कि उसने टीवी एक्ट्रेस श्वेता तिवारी के खिलाफ 'जालसाजी' का मामला बंद कर दिया है, जो उनके अलग हुए पति अभिनव कोहली द्वारा 2021 में दर्ज कराया गया था।जस्टिस सारंग कोतवाल और जस्टिस डॉ नीला गोखले की खंडपीठ ने तिवारी को हाईकोर्ट के समक्ष अपनी रिट याचिका वापस लेने की अनुमति दी, जिसके आधार पर सिल्वर स्क्रीन एक्ट्रेस ने कोहली द्वारा उनके खिलाफ दर्ज की गई FIR रद्द करने की मांग की थी।18 दिसंबर को, जब मामला सामने आया तो अतिरिक्त लोक अभियोजक मनीषा...
पत्नी के शरीर पर पति स्वामित्व का दावा नहीं कर सकता, निजता और उसकी सहमति सर्वोपरि; अंतरंग कृत्यों का वीडियो साझा करना विश्वासघात: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में एक मामले में कहा कि पतियों के लिए विक्टोरियन युग की पुरानी मानसिकता को त्यागने और यह समझने का समय आ गया है कि पत्नी का शरीर, निजता और अधिकार उसके अपने हैं और पति के नियंत्रण या स्वामित्व के अधीन नहीं हैं। न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि पति से अपेक्षा की जाती है कि वह अपनी पत्नी के भरोसे, विश्वास और निष्ठा का सम्मान करे। कोर्ट ने कहा पति और पत्नी के अंतरंग संबंधों के वीडियो साझा करना दोनों के बंधनों के लिए महत्वपूर्ण अंतर्निहित निजता का उल्लंघन है।जस्टिस विनोद...
गोविंद पानसरे हत्याकांड मामले में ट्रायल की निगरानी नहीं करेंगे: बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा, मामले में रोजाना सुनवाई का आदेश दिया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार (2 जनवरी) को कहा कि वह भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के नेता गोविंद पानसरे की हत्या मामले में ट्रायल की निगरानी जारी नहीं रखेगा, जिनकी अगस्त 2013 में कथित तौर पर दक्षिणपंथी चरमपंथियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।जस्टिस अजय गडकरी और कमल खता की खंडपीठ ने मुख्य आरोपी वीरेंद्र तावड़े द्वारा दायर एक आवेदन का निपटारा करते हुए कहा कि आज की तारीख में जिस एकमात्र पहलू की जांच की जा रही है, उसमे फरार आरोपियों का ठिकाना है।पीठ ने अपना आदेश सुनाते हुए कहा,“इसके लिए इस अदालत...
जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का स्थायी जज नियुक्त किया गया
राष्ट्रपति ने जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का स्थायी जज नियुक्त किया।जस्टिस बराड़ ने 10 अप्रैल, 2023 को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडिशनल जज के रूप में शपथ ली।श्री मुक्तसर साहिब जिले के फुलेवाला गांव से ताल्लुक रखने वाले जस्टिस बराड़ ने 2009 से 2014 तक पंजाब के एडिशनल एडवोकेट के रूप में कार्य किया।उन्होंने पंजाब शहरी नियोजन एवं विकास प्राधिकरण ग्रेटर मोहाली क्षेत्र विकास प्राधिकरण पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पंजाब राज्य नागरिक आपूर्ति निगम सहित विभिन्न राज्य...
ओडिशा सरकार ने राज्य विधि आयोग का पुनर्गठन किया, जस्टिस विश्वनाथ रथ को अध्यक्ष नियुक्त किया
राज्य सरकार ने मार्च, 2016 में राज्य राजपत्र में प्रकाशित लॉ विभाग में ओडिशा सरकार के संकल्प के अनुसरण में ओडिशा राज्य विधि आयोग (OSLC) का पुनर्गठन किया।ओडिशा हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस विश्वनाथ रथ को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। सीनियर एडवोकेट सूर्य प्रसाद मिश्रा और सौर चंद्र महापात्रा को भी सदस्य के रूप में पैनल में शामिल किया गया है। एडवोकेट जनरल पीतांबर आचार्य और सरकार के प्रधान सचिव (लॉ विभाग) मानस रंजन बारिक पदेन सदस्य के रूप में कार्य करेंगे।आयोग का मुख्यालय राजधानी भुवनेश्वर में...
डिलीवरी बॉय से सिविल जज तक - यासीन शाह मुहम्मद की प्रेरणादायक कहानी
केरल न्यायिक सेवा परीक्षा 2024 में दूसरे स्थान पर आने वाले और सिविल जज बनने के लिए योग्य वकील यासीन शान मुहम्मद का जीवन वास्तव में प्रेरणादायक है। यासीन के अनुसार, उनकी सफलता की कुंजी दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत है। यासीन की जीवन की किताब के पन्नों को पलटना उन कई लोगों को उम्मीद देगा, जो महसूस करते हैं कि उनका भविष्य अंधकारमय, निराश और उदास है।लाइव लॉ ने यासीन से बातचीत की और हमें अपने पाठकों के साथ उनकी कहानी साझा करने पर गर्व है।यासीन केरल के पलक्कड़ जिले से हैं। उनकी माँ ने छठी कक्षा में ही...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (23 दिसंबर, 2024 से 27 दिसंबर, 2024) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।विकलांगता पेंशन | जब नियुक्त होने के चरण में बीमारी का कोई रिकॉर्ड न हो तो सैनिक को स्वस्थ माना जाता है: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्टपंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सशस्त्र बल न्यायाधिकरण के आदेश को निरस्त करते हुए विकलांग सशस्त्र बल अधिकारी की विकलांगता पेंशन को प्रोसेस करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने...
BREAKING | अन्ना यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट के कथित यौन उत्पीड़न की जांच के लिए SIT का गठन
मद्रास हाईकोर्ट ने शनिवार (28 दिसंबर) को चेन्नई में अन्ना यूनिवर्सिटी कैंपस परिसर के अंदर सेकेंड ईयर की इंजीनियरिंग स्टूडेंट के कथित यौन उत्पीड़न की जांच के लिए महिला आईपीएस अधिकारियों वाली विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया।जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम और जस्टिस वी लक्ष्मीनारायणन की खंडपीठ ने शनिवार को विशेष बैठक की और घटना की CBI जांच की मांग करने वाली याचिकाओं पर आदेश पारित किए। अदालत ने कहा कि पुलिस और यूनिवर्सिटी की ओर से चूक हुई। इसलिए वह SIT बनाने के लिए इच्छुक है।अदालत ने आदेश दिया,"हमने पुलिस...
यदि मामला मूल न्यायालय में वापस भेजा जाता है तो अपीलीय न्यायालय को कोर्ट फीस वापस करना होगा: इलाहाबाद हाईकोर्ट
कोर्ट फीस एक्ट की धारा 13 पर चर्चा करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि एक बार किसी अपील को किसी भी कारण से मूल न्यायालय में वापस भेज दिया जाता है तो अपीलीय न्यायालय को अपीलकर्ता को अपील ज्ञापन के साथ भुगतान की गई पूरी कोर्ट फीस वापस प्राप्त करने के लिए प्राधिकरण का प्रमाण पत्र प्रदान करना चाहिए।जस्टिस क्षितिज शैलेंद्र ने कहा,“धारा 13 अपीलीय न्यायालय पर यह दायित्व डालती है कि वह अपीलकर्ता को एक प्रमाण पत्र प्रदान करे, जिसमें उसे अपील ज्ञापन पर भुगतान की गई फीस की पूरी राशि कलेक्टर से वापस...
पेरियार और कनिमोझी के खिलाफ टिप्पणी मामले में BJP नेता की सजा निलंबित
मद्रास हाईकोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एच राजा को पेरियार और कनिमोझी करुणानिधि के खिलाफ अपमानजनक भाषण देने के लिए दी गई सजा निलंबित की। स्पेशल कोर्ट ने 2 दिसंबर को सजा सुनाई।जस्टिस एल विक्टोरिया गौरी ने चेन्नई में विधायकों/सांसदों के खिलाफ मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालत द्वारा उन पर लगाई गई 6 महीने की सजा निलंबित की।स्पेशल कोर्ट ने राजा को 2018 में उनके द्वारा की गई टिप्पणियों के लिए सजा सुनाई थी।हाईकोर्ट द्वारा उनके खिलाफ मामला रद्द करने से इनकार करने और विशेष अदालत को...
POCSO Act की धारा 29 के तहत दोष का अनुमान साक्ष्य के अभाव में नहीं लगाया जा सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बलात्कार के मामले में दोषसिद्धि खारिज की
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) के तहत यौन उत्पीड़न के एक मामले में दो व्यक्तियों को बरी किया। कोर्ट ने उक्त आदेश यह देखते हुए दिया कि एक्ट के तहत कुछ अपराधों को करने के लिए उकसाने या प्रयास करने के लिए धारा 29 के तहत अनुमान साक्ष्य के अभाव के कारण नहीं लगाया जा सकता।POCSO Act की धारा 29 के अनुसार, जहां किसी व्यक्ति पर इस अधिनियम की धारा 3, 5, 7 और धारा 9 के तहत कोई अपराध करने या करने के लिए उकसाने या प्रयास करने के लिए मुकदमा चलाया जाता है तो...
[UAPA] आतंकवादी कृत्य पर वर्षों तक विचार करना, भले ही उसे अंजाम न दिया गया हो, आतंकवादी कृत्य माना जाता है: दिल्ली हाईकोर्ट
गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा (QIS) के सदस्य की दोषसिद्धि के खिलाफ अपील पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि आतंकवादी कृत्य पर वर्षों तक विचार करना, भले ही उसे कई वर्षों के बाद अंजाम दिया गया हो, आतंकवादी कृत्य माना जाता है।जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस अमित शर्मा की खंडपीठ ने कहा,"UAPA की धारा 15 के तहत 'आतंकवादी कृत्य' की परिभाषा में स्पष्ट रूप से "आतंकवाद फैलाने के इरादे से" अभिव्यक्ति शामिल है, चाहे वह किसी भी तरह का हो या होने की...




















![[UAPA] आतंकवादी कृत्य पर वर्षों तक विचार करना, भले ही उसे अंजाम न दिया गया हो, आतंकवादी कृत्य माना जाता है: दिल्ली हाईकोर्ट [UAPA] आतंकवादी कृत्य पर वर्षों तक विचार करना, भले ही उसे अंजाम न दिया गया हो, आतंकवादी कृत्य माना जाता है: दिल्ली हाईकोर्ट](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2023/04/02/500x300_466552-363493-uapa.jpg)