मुख्य सुर्खियां

राष्ट्रीय राजमार्ग विकास से धार्मिक संस्थान प्रभावित हुए तो भगवान हमें क्षमा करेंगे : केरल हाईकोर्ट
राष्ट्रीय राजमार्ग विकास से धार्मिक संस्थान प्रभावित हुए तो भगवान हमें क्षमा करेंगे : केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को राज्य में राष्ट्रीय राजमार्ग 66 को चौड़ा करने के लिए अधिग्रहण की कार्यवाही में विसंगतियों का आरोप लगाते हुए याचिकाओं के एक बैच को इस आधार पर खारिज कर दिया कि इस मामले में न्यायिक समीक्षा की अनुमति नहीं है।न्यायमूर्ति पीवी कुन्हीकृष्णन ने कोल्लम में NH-66 को चौड़ा करने के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के खिलाफ याचिकाओं के एक बैच को खारिज करते हुए कहा,"अगर राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के दौरान धार्मिक संस्थान प्रभावित होते हैं, तो भगवान हमें माफ कर...

COVID-19: दिल्ली हाईकोर्ट ने उचित मूल्य पर सामान बेचने वाले दुकानों के मालिकों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित करने की मांग वाली याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा
COVID-19: दिल्ली हाईकोर्ट ने उचित मूल्य पर सामान बेचने वाले दुकानों के मालिकों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित करने की मांग वाली याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को COVID-19 महामारी के बीच उचित मूल्य पर सामान बेचने वाले दुकानों के मालिकों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित करने की मांग वाली याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। याचिका दिल्ली राशन डीलर्स यूनियन की ओर से दायर की गई है।याचिकाकर्ता, उचित मूल्य पर सामान बेचने वाले 70 दुकानों के मालिकों का एक संघ प्रस्तुत करते हैं कि महामारी के कारण राशन की दुकान के मालिक / उचित मूल्य पर सामान देने वाले दुकान मालिकों को पात्र राशन कार्ड धारकों और अन्य जरूरतमंद...

जब जनता की राय जांच को प्रभावित करती है तो इसकी दिशा परेशान करने वाले परिणामों की तरफ मुड़ जाती है : केरल हाईकोर्ट ने आदिवासी महिला के बलात्कार  और हत्या के आरोपी को बरी किया
''जब जनता की राय जांच को प्रभावित करती है तो इसकी दिशा परेशान करने वाले परिणामों की तरफ मुड़ जाती है'' : केरल हाईकोर्ट ने आदिवासी महिला के बलात्कार और हत्या के आरोपी को बरी किया

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में एक आदिवासी महिला से बलात्कार करने और उसकी हत्या के मामले में दो आरोपी व्यक्ति मणि और राजन को बरी कर दिया है। 30 मई 2005 को आदिवासी महिला की बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी। इस मामले में दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन और न्यायमूर्ति जियाद रहमान एए की एक खंडपीठ ने कहा कि ''जब जनता की राय एक जांच को प्रभावित करती है, तो इसका पूरा रास्ता परेशान करने वाले परिणामों की तरफ मुड़ जाता है।'' पलक्कड़ जिले में एक आदिवासी महिला के...

असम सरकार ने गुवाहाटी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के निवास को लिविंग हेरिटेज बिल्डिंग घोषित किया
असम सरकार ने गुवाहाटी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के निवास को 'लिविंग हेरिटेज बिल्डिंग' घोषित किया

गुवाहाटी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के 120 साल पुराने निवास को असम के राज्यपाल द्वारा 20 जुलाई की अधिसूचना के तहत 'लिविंग हेरिटेज बिल्डिंग' घोषित किया गया है। इस घोषणा के अनुसार, निवास को सुरक्षा प्रदान की जाएगी और असम प्राचीन स्मारक और अभिलेख अधिनियम, 1959, असम प्राचीन स्मारक और अभिलेख नियम, 1964 और असम विरासत (मूर्त) संरक्षण, और रखरखाव अधिनियम, 2020 के प्रावधानों के अनुसार संरक्षण प्रदान किया जाएगा।14 जुलाई, 2021 को मुख्य न्यायाधीश के आवास को 'लिविंग हेरिटेज बिल्डिंग' घोषित करने के लिए एक...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चिकित्सा उपचार के दौरान पत्नी की मृत्यु पर दु:ख व्यक्त करते हुए फेसबुक पर पोस्ट लिखने वाले शख्स के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चिकित्सा उपचार के दौरान पत्नी की मृत्यु पर दु:ख व्यक्त करते हुए फेसबुक पर पोस्ट लिखने वाले शख्स के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगाई

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को एक ऐसे व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगा दी, जिस पर एक सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी पत्नी की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए फेसबुक पर पोस्ट लिखने खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।न्यायमूर्ति योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव की पीठ अशोक गौतम की एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसके खिलाफ एक फेसबुक पोस्ट से संबंधित आरोप के मामले में कार्यवाही शुरू की गई है।याचिकाकर्ता ने अपनी पोस्ट में चिकित्सा उपचार के दौरान अपनी पत्नी की मृत्यु पर दुख व्यक्त किया और इसके...

एनडीपीएस अधिनियम की धारा 67 के तहत बयान को इकबालिया बयान के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने दोहराया
एनडीपीएस अधिनियम की धारा 67 के तहत बयान को इकबालिया बयान के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने दोहराया

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने माना है कि नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 की धारा 67 के तहत एक बयान को इस अधिनियम के तहत किसी अपराध के मुकदमे में इकबालिया बयान के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। हालांकि, न्यायमूर्ति राज मोहन सिंह की पीठ ने 'तूफान सिंह बनाम तमिलनाडु सरकार (2013)' के मामले पर भरोसा जताया, जिसमें यह माना गया था कि जिन अधिकारियों को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 53 के तहत शक्तियां प्रदान की गयी हैं, वे साक्ष्य अधिनियम की धारा 25 के दायरे में पुलिस अधिकारी हैं।...

केरल में दो साल से फर्जी वकील के रूप में प्रैक्टिस की; बार का चुनाव भी जीता; अभी फरार है
केरल में दो साल से फर्जी वकील के रूप में प्रैक्टिस की; बार का चुनाव भी जीता; अभी फरार है

केरल से एक फर्जी वकील का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है।सेसी जेवियर नाम की एक महिला ने एलएलबी की डिग्री हासिल किए बिना और स्टेट बार काउंसिल में नामांकन के बिना भी केरल के अलाप्पुझा (अलेप्पी) में दो साल से अधिक समय तक वकालत की प्रैक्टिस की।बिना किसी का शक के वह एक स्थापित वकील के कार्यालय में कनिष्ठ अधिवक्ता के रूप में शामिल हुईं। जेवियर ने पहले उस वकील के साथ कुछ महीनों के लिए इंटर्नशिप की और खुद को अंतिम वर्ष की कानून की छात्रा के रूप में बताया था। बार काउंसिल में नामांकित होने का दावा...

आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने जमानत आदेशों के त्वरित प्रसार के लिए निर्देश जारी किए
आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने जमानत आदेशों के त्वरित प्रसार के लिए निर्देश जारी किए

आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्‍सटांस एक्ट, 1985 के तहत एक आरोपी को जमानत देने के दौरान आदेशों की प्रमाणित प्रतियों को जारी करने में हुई महत्वपूर्ण देरी पर गंभीरतापूर्वक ध्यान दिया। अदालत ने पाया कि कई लंबित मामलों की सचेत मान्यता के बावजूद, कर्मचारियों की कमी के कारण आदेश प्रतियों को कम अवधि के भीतर जारी करना मुश्किल है।जस्टिस लालिता कान्नेगंती ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र करते हुए अंडरट्रायल कैदियों/आरोपियों की दुर्दशा को समाप्त करने के लिए एक वैकल्पिक...

कोई स्पष्ट यौन कृत्य नहीं दिखाया गया: राज कुंद्रा ने पोर्न फिल्म मामले में पुलिस हिरासत को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी
'कोई स्पष्ट यौन कृत्य नहीं दिखाया गया': राज कुंद्रा ने पोर्न फिल्म मामले में पुलिस हिरासत को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी

व्यवसायी राज कुंद्रा ने मंगलवार को मुंबई की एक स्थानीय अदालत द्वारा पारित रिमांड आदेश को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। राज कुंद्रा को हाल ही में अश्लील वीडियो (पोर्न) के कथित प्रोडक्शन और वितरण के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर अपनी याचिका में उन्होंने पुलिस हिरासत से फौरन रिहा करने की मांग की है।कुंद्रा पर आईपीसी की धारा 354 (सी), 292, 420 और आईटी अधिनियम की धारा 67, 67 ए और महिलाओं का अश्लील प्रतिनिधित्व (निषेध) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया...

हम भी इंसान हैं: बॉम्बे हाईकोर्ट ने एनआईए की आपत्ति के बाद दिवंगत फादर स्टेन स्वामी की मौखिक प्रशंसा वापस ली
'हम भी इंसान हैं': बॉम्बे हाईकोर्ट ने एनआईए की आपत्ति के बाद दिवंगत फादर स्टेन स्वामी की मौखिक प्रशंसा वापस ली

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को दिवंगत आदिवासी अधिकार कार्यकर्ता फादर स्टेन स्वामी और उनके काम की प्रशंसा में अपने मौखिक बयान वापस ले लिए। हाईकोर्ट ने यह बयान राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा फादर स्टेन की जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान उसी पर आपत्ति जताए जाने के बाद वापस लिया।जस्टिस एसएस शिंदे ने हालांकि कहा कि जज भी इंसान होते हैं और पाँच जुलाई को फादर स्टेन स्वामी की मौत की खबर अचानक आई। इसके अलावा, अदालत ने एक शर्त जोड़ दी कि वह गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत फादर स्वामी की गिरफ्तारी...

हाईकोर्ट ऑफ कर्नाटक
'उत्पीड़न का औजार': कर्नाटक हाईकोर्ट ने गाजियाबाद FIR मामले में ट्विटर इंडिया के एमडी के ‌खिलाफ जारी यूपी पुलिस के नोटिस को रद्द किया

कर्नाटक उच्‍च न्यायालय ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा ट्व‌िटर इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्ट के खिलाफ आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 41ए के तहत जारी नो‌टिस को रद्द कर दिया। कोर्ट ने उक्त नोटिस को "उत्पीड़न का उपकरण" करार दिया। गाजियाबाद में एक मुस्लिम पर हुए हमले के वीडियो को ट्विटर पर पोस्ट करने के मामले में दर्ज एफआईआर में उक्त नोटिस जारी की गई थी।उच्च न्यायालय ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने यह सुनिश्‍चित किए बिना नोटिस जारी किया है कि ट्विटर कम्युनिकेशंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड...

सिंगल मदर्स की निजता के अधिकार का उल्लंघन: जन्म प्रमाण पत्र में पिता के नाम की आवश्यकता के नियम के खिलाफ केरल हाईकोर्ट में याचिका दायर
'सिंगल मदर्स की निजता के अधिकार का उल्लंघन': जन्म प्रमाण पत्र में पिता के नाम की आवश्यकता के नियम के खिलाफ केरल हाईकोर्ट में याचिका दायर

केरल हाईकोर्ट के समक्ष एक याचिका दायर की गई है,जिसमें केरल जन्म और मृत्यु पंजीकरण नियमों को चुनौती दी गई है क्योंकि इन नियमों के तहत बच्चे के जन्म को पंजीकृत करवाने के लिए पिता के नाम का उल्लेख करना अनिवार्य है। संक्षेप में मामला यह है कि इस तरह की शर्त एकल माताओं (सिंगल मदर्स) के लिए भेदभावपूर्ण है। याचिकाकर्ता कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से गर्भवती हुई है, जिसमें एक डोनर से शुक्राणु को स्वीकार करना शामिल है और उसकी पहचान को गोपनीय रखा जाना है। याचिकाकर्ता ने नियमानुसार बच्चे के जन्म/मृत्यु को...

God Does Not Recognize Any Community, Temple Shall Not Be A Place For Perpetuating Communal Separation Leading To Discrimination
'POCSO कोर्ट के जजों को तमिलनाडु स्टेट ज्यूडिशियल एकेडमी से ट्रेनिंग लेनी चाहिए': मद्रास हाईकोर्ट ने कहा, ट्रायल कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट को त्रुटिपूर्ण तरीके से लागू किया

मद्रास हाईकोर्ट ने 7 जुलाई के अपने हालिया फैसले में कहा है कि यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम, 2012 (पॉक्सो एक्ट) के तहत मामलों से निपटने वाली विशेष अदालतों की अध्यक्षता करने वाले न्यायाधीशों को अनिवार्य प्रशिक्षण लेना होगा और ऐसे संवेदनशील मामलों का न्यायिक निर्णय कैसे किया जाए,इस पर उन्हें संवेदीकरण बनाना होगा।न्यायमूर्ति पी वेलमुरुगन ने यह टिप्पणी उस समय की,जब अदालत के संज्ञान में लाया गया कि सत्र न्यायालय अपराध की तारीख यानी घटना के समय पीड़िता की 8 साल की उम्र पर विचार करने में...

उन्हें पूछताछ का सामना करने में संकोच नहीं करना चाहिए: कर्नाटक हाईकोर्ट ने सीसीआई जांच के खिलाफ अमेजॉन और फ्लिपकार्ट की याचिका खारिज की
'उन्हें पूछताछ का सामना करने में संकोच नहीं करना चाहिए': कर्नाटक हाईकोर्ट ने सीसीआई जांच के खिलाफ अमेजॉन और फ्लिपकार्ट की याचिका खारिज की

कर्नाटक हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने शुक्रवार को ई-कॉमर्स दिग्गज अमेज़ॅन और फ्लिपकार्ट द्वारा दायर अपील को खारिज कर दिया। इस अपील में हाईकोर्ट की एकल पीठ के आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) को उनकी प्रारंभिक जांच करने की अनुमति दी थी।न्यायमूर्ति सतीशचंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति नटराज रंगास्वामी की खंडपीठ ने कहा,"...इस अदालत की संबंधित राय में इस स्तर पर जांच को किसी भी हद तक कुचला नहीं जा सकता है। यदि अपीलकर्ता 2002 के अधिनियम के किसी भी प्रावधान के उल्लंघन में शामिल...

सीएससी उपलब्ध होने पर वकीलों का अलग पैनल बनाने का उद्देश्य बताएं: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेसिक एजुकेशन के डीजी को तलब किया
सीएससी उपलब्ध होने पर वकीलों का अलग पैनल बनाने का उद्देश्य बताएं: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेसिक एजुकेशन के डीजी को तलब किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह वकीलों का एक अलग पैनल बनाने के फैसले को "अजीब" बताते हुए महानिदेशक, बेसिक एजुकेशन, यूपी, लखनऊ से इस पर जवाब मांगा। यह पैनल ऐसे समय में बनाया गया है जब विभाग का प्रतिनिधित्व मुख्य सरकारी वकील (सीएससी) द्वारा किया जा रहा है।न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव की खंडपीठ संजय सिंह द्वारा दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थीइस याचिका में सचिव बोर्ड ऑफ बेसिक एजुकेशन के पद से निलंबन को चुनौती दी गई है।महानिदेशक, बेसिक एजुकेशन, यूपी, लखनऊ को यह बताने के लिए कि उन्होंने किस...

यूनिफॉर्म के रंग और निर्देशों पर कोई स्पष्टता नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने यूनिफॉर्म नियमों के अनुपालन में ड्राइवरों के चालान काटने को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
"यूनिफॉर्म के रंग और निर्देशों पर कोई स्पष्टता नहीं": दिल्ली हाईकोर्ट ने यूनिफॉर्म नियमों के अनुपालन में ड्राइवरों के चालान काटने को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली मोटर वाहन नियम, 1993 के नियम सात को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया है। इस याचिका में ऑटो रिक्शा और टैक्सियों के चालकों पर यूनिफॉर्म नियमों का पालन न करने के कारण 20,000 रुपये तक भारी चालान काटने के आधार को चुनौती गई है।ट्रेड यूनियन ऑफ ड्राइवर्स और व्यक्तिगत ऑटोरिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि यूनिफॉर्म के एक समान रंग या विशिष्टताओं पर कोई स्पष्टता नहीं है।याचिका के अनुसार, यह माना गया है कि आक्षेपित नियम में यूनिफॉर्म का रंग...

अधिवक्ताओं को मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल के समक्ष प्रैक्टिस करने का अधिकारः दिल्ली हाईकोर्ट  ने वरिष्ठ नागरिक अधिनियम की धारा 17 को एडवोकेट एक्ट की धारा 30 के समक्ष अधिकारातीत घोषित किया
अधिवक्ताओं को मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल के समक्ष प्रैक्टिस करने का अधिकारः दिल्ली हाईकोर्ट ने वरिष्ठ नागरिक अधिनियम की धारा 17 को एडवोकेट एक्ट की धारा 30 के समक्ष अधिकारातीत घोषित किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने मेंटेनेंस एंड वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स एंड सीनियर सिटीजन एक्ट, 2007 की धारा 17 को अधिकारातीत (Ultra vires) घोषित किया है, क्योंकि यह धारा वकीलों को मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल के समक्ष चल रहे मामलों में पक्षकारों का प्रतिनिधित्व करने से रोकती है।यह आदेश इस साल अप्रैल में केरल हाईकोर्ट की एक दो सदस्यीय खंडपीठ द्वारा दिए गए फैसले के अनुरूप है, जिसमें कहा गया था कि यह प्रावधान अधिवक्ता अधिनियम, 1961 की धारा 30 के अल्ट्रा-वायर्स हैं। केरल हाईकोर्ट के उक्त निर्णय पर भरोसा करते हुए...

पूरी तरह से वैक्सीनेशन करवा चुके व्यक्ति को केवल पहली डोज का वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र दिया गया?: दिल्ली हाईकोर्ट ने प्राधिकरण से मांगा जवाब
पूरी तरह से वैक्सीनेशन करवा चुके व्यक्ति को केवल पहली डोज का वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र दिया गया?: दिल्ली हाईकोर्ट ने प्राधिकरण से मांगा जवाब

दिल्ली हाईकोर्ट ने पूरी तरह से टीकाकृत महिला को जारी किए गए COVID-19 टीकाकरण प्रमाणपत्र में कथित विसंगति के संबंध में संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने मामले में जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। याचिकाकर्ता- जे मंगलम नाम की दिल्ली की एक महिला का दावा है कि उसे कलावती सरन चिल्ड्रन हॉस्पिटल (केएससीएच) में वैक्सीन की दूसरी डोज लगाने के बावजूद उसे सिर्फ टीकाकरण की पहली डोज के लिए एक प्रमाण पत्र जारी किया गया। इस प्रकार याचिकाकर्ता का मामला यह...

दिल्ली हाईकोर्ट 13 अगस्त तक वीसी मोड के माध्यम से केवल अति-आवश्यक मामलों पर सुनवाई करेगा
दिल्ली हाईकोर्ट 13 अगस्त तक वीसी मोड के माध्यम से केवल अति-आवश्यक मामलों पर सुनवाई करेगा

दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने पूर्व के आदेश दिनांक 28 जून के क्रम में 13 अगस्त तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से केवल अति-आवश्यक मामलों की सुनवाई करने का प्रस्ताव पास किया है। 22 जुलाई को रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, यह कहा गया है कि फुल कोर्ट ने इस तंत्र को जारी रखने के लिए यह प्रस्ताव पास किया है।28 जून के अपने पहले के आदेश में कोर्ट ने कहा था कि उसने न्यायिक अधिकारियों, अदालत के कर्मचारियों और अधिवक्ताओं के जीवन के नुकसान को देखते हुए प्रतीक्षा और निगरानी नीति अपनाने का...