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24-वर्षीय व्यक्ति की हिरासत में मौत- प्रथम दृष्टया आईपीएस रैंक के अधिकारी हत्या/मौत में शामिल: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए
24-वर्षीय व्यक्ति की हिरासत में मौत- "प्रथम दृष्टया आईपीएस रैंक के अधिकारी हत्या/मौत में शामिल": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को एक 24 वर्षीय व्यक्ति की कथित तौर पर हिरासत में मौत की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को स्थानांतरित कर दी क्योंकि प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि आईपीएस रैंक के अधिकारी हत्या/मौत में शामिल हैं।न्यायमूर्ति सूर्य प्रकाश केसरवानी और न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने यह रेखांकित करते हुए जांच को स्थानांतरित कर दिया कि यदि जांच न तो प्रभावी है और न ही उद्देश्यपूर्ण और न ही निष्पक्ष है, तो अदालतें यदि आवश्यक हो, निष्पक्ष जांच, आगे की जांच या पुन: जांच का आदेश दे...

अंतर-धार्मिक विवाह- बालिग लड़की को अपना जीवन साथी चुनने का अधिकार: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पति के खिलाफ आईपीसी की धारा 366 के तहत दर्ज प्राथमिकी रद्द की
अंतर-धार्मिक विवाह- "बालिग लड़की को अपना जीवन साथी चुनने का अधिकार": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पति के खिलाफ आईपीसी की धारा 366 के तहत दर्ज प्राथमिकी रद्द की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते एक हिंदू लड़की के कथित अपहरण और उससे शादी करने के लिए आईपीसी की धारा 366 (अपहरण या महिला को उससे शादी करने के लिए मजबूर करना आदि) के तहत एक मुस्लिम के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द कर दिया।अदालत महिला (पत्नी/याचिकाकर्ता संख्या 1) और पुरुष (आरोपी/पति/याचिकाकर्ता संख्या 2) द्वारा दायर संयुक्त याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें प्राथमिकी को रद्द करने की मांग की गई थी, जिसमें दावा किया गया था कि महिला ने अपने पैतृक घर को अपनी खुद की इच्छा से छोड़ा था और एक बालिग लड़की...

केरल हाईकोर्ट
केरल उच्च न्यायालय ने महामारी के बीच गुरुवायूर मंदिर को बिना मंजूरी के भव्य रूप से सजाए जाने के लिए व्यवसायी के बेटे की शादी पर स्वत: संज्ञान लिया

केरल उच्च न्यायालय ने बुधवार को गुरुवायुर देवास्वम बोर्ड के प्रशासक को मंदिर में विवाह के आयोजन में COVID -19 प्रोटोकॉल के किसी भी उल्लंघन रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए आगाह किया। यह मामला तब आया है, जब ऑनलाइन मीडिया में प्रमुख व्यवसायी और पद्म श्री सम्‍मानित रवि पिल्लई के बेटे गणेश पिल्लई की शादी के लिए मंदिर को सजाने की एक खबर सामने आई।जस्टिस अनिल के नरेन्द्रन और जस्टिस के बाबू राज्य में COVID -19 प्रोटोकॉल का उल्लंघन की खबर आने के बाद मामले का स्वतः संज्ञान लिया था। शादी आज गुरुवायुर...

Consider The Establishment Of The State Commission For Protection Of Child Rights In The UT Of J&K
शादी का झूठा वादा करके बलात्कार करने का आरोप: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने बलात्कार की प्राथमिकी रद्द की

जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ही महिला द्वारा दो पुरुषों के खिलाफ दर्ज दो प्राथमिकी को खारिज कर दिया, जिसमें शादी का झूठा वादा करने के बहाने बलात्कार करने का आरोप लगाया गया था।न्यायमूर्ति रजनीश ओसवाल ने अदालत के समक्ष पेश किए गए तथ्यों से पाया कि अभियोक्ता ने वर्ष 2018 में शादी का वादे करके दो व्यक्तियों के साथ यौन संबंध बनाए थे।पीठ ने कहा,"इस न्यायालय को यह मानने में कोई संकोच नहीं है कि प्रतिवादी संख्या 2 के आचरण से यह स्पष्ट है कि प्रतिवादी संख्या 2 द्वारा दोनों याचिकाकर्ताओं के...

फर्जी सर्टिफिकेट हासिल करने में उसकी किसने मदद की? केरल हाईकोर्ट ने फर्जी वकील मामले में जमानत आदेश सुरक्षित रखा
फर्जी सर्टिफिकेट हासिल करने में उसकी किसने मदद की? केरल हाईकोर्ट ने फर्जी वकील मामले में जमानत आदेश सुरक्षित रखा

केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक 'फर्जी वकील' सेसी जेवियर नाम की महिला द्वारा दायर एक अग्रिम जमानत याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया।इस महिला ने आवश्यक योग्यता के बिना एक वकील के रूप में प्रैक्टिस की थी।न्यायमूर्ति शिरसी वी ने गुरुवार की सुनवाई में पक्षकारों को विस्तार से सुना।प्रारंभ में जेवियर के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में आईपीसी की धारा 417 और 419 के तहत आरोप लगाया गया है, जो दोनों जमानती अपराध हैं।इसके बाद, 420 के तहत दंडनीय अपराधों को जोड़ा गया, जो एक गैर-जमानती अपराध है।उक्त फर्जी वकील का...

केरल हाईकोर्ट ने मोटर वाहन विभाग के अधिकारियों को नीले रंग की टोपी, अशोक चिन्ह वाले बैज पहनने से रोका
केरल हाईकोर्ट ने मोटर वाहन विभाग के अधिकारियों को नीले रंग की टोपी, अशोक चिन्ह वाले बैज पहनने से रोका

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में मोटर वाहन विभाग के अधिकारियों को अशोक चिन्ह या किसी अन्य वर्दी के साथ 'नीली टोपी' और बैज पहनने से रोक दिया।यह वर्दी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के लिए निर्धारित वर्दी के समान है।मुख्य न्यायाधीश एस मणिकुमार और न्यायमूर्ति शाजी पी शैली की खंडपीठ ने केरल मोटर वाहन नियमों के नियम 406 को मजबूत किया और मोटर वाहन विभाग के अधिकारियों को उसमें निर्धारित वर्दी का पालन करने का निर्देश दिया।यह निर्देश एक जनहित याचिका में जारी किया गया।याचिका में मोटर वाहन विभाग के अधिकारियों को केरल...

काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी मस्जिद जमीन विवाद: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी कोर्ट के एएसआई सर्वेक्षण आदेश और अन्य कार्यवाही पर रोक लगाई
काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी मस्जिद जमीन विवाद: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी कोर्ट के एएसआई सर्वेक्षण आदेश और अन्य कार्यवाही पर रोक लगाई

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आज (गुरूवार) काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी मस्जिद जमीन विवाद मामले में वाराणसी की निचली अदालत के आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को मस्जिद परिसर का सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया गया था।न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की खंडपीठ ने कहा कि वाराणसी कोर्ट को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा सर्वेक्षण के लिए दायर आवेदन का फैसले पर आगे नहीं बढ़ना चाहिए क्योंकि दायर याचिकाएं उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित है।यूपी के वाराणसी जिले में एक सिविल कोर्ट ने 8 अप्रैल 2021 के...

केरल हाईकोर्ट
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग माध्यम से विवाह पंजीकरण- क्या डिजिटल सेवाओं को मौलिक अधिकार के रूप में मांगा जा सकता है? केरल उच्च न्यायालय जांच करेगा

केरल उच्च न्यायालय जल्द ही यह जांच करेगा कि नागरिकों को सरकार से डिजिटल सेवाओं की मांग करने का मौलिक अधिकार है। यह सवाल वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए विशेष विवाह अधिनियम के तहत विवाहों के पंजीकरण की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान उठा।जस्टिस ए मुहम्‍मद मुस्ताक और जस्टिस कौसर एडप्पागाथ की खंडपीठ ने भी याचिकाकर्ता-जोड़ों को शारीरिक रूप से पेश हुए बिना ऑनलाइन विवाह करने और रजिस्टर करने की अनुमति देते हुए एक अंतरिम आदेश पारित किया।पीठ ने कहा, "शुरुआत में हम बड़े सवाल का जवाब देने के आदेश जारी करने...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
कोर्ट में मृतक वकील के नाम पर याचिकाएं दायर: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रजिस्ट्रार जनरल को प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रजिस्ट्रार जनरल को एक मामले में एक प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने पाया कि अदालत के समक्ष एक वकील के नाम पर 3 याचिकाएं दायर की गई थीं, जिनकी पहले ही मृत्यु हो चुकी है।न्यायमूर्ति समित गोपाल की खंडपीठ मृतक वकील के नाम पर दायर एक जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। पीठ ने पाया कि उसी वकील के नाम पर 3 अन्य याचिकाएं भी दायर की गई हैं, जिनकी कथित तौर पर वर्ष 2014 में मृत्यु हो चुकी है।कोर्ट ने टिप्पणी की,"उपरोक्त तीनों याचिकाओं में सामान्य विशेषता...

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
बॉम्बे हाईकोर्ट ने नक्सल विस्फोट मामले में गंभीर रूप से बीमार विचाराधीन महिला कैदी को उपशामक देखभाल के लिए धर्मशाला में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को कैंसर से गंभीर रूप से पीड़ित एक बीमार कैदी को मुंबई की एक धर्मशाला में उपशामक देखभाल या दर्द प्रबंधन की अनुमति दी।जस्टिस एसएस शिंदे और जस्टिस एनजे जमादार की खंडपीठ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 2019 गढ़चिरौली आईईडी धमाकों की आरोपी निर्मला कुमारी उप्पनगंती (59) को भायखला महिला जेल से बांद्रा के शांति अवेदना सदन धर्मशाला में 15 सितंबर तक स्थानांतरित कर दिया जाए।ऐसे रोगियों, जिनका कोई इलाज नहीं है, के लिए बनी संस्था ने बीमार की देखभाल के लिए सहमति दे दी है। संस्‍था...

राजस्थान हाईकोर्ट
"ऐसे रिश्ते पूरी तरह से अवैध, असामाजिक हैं": राजस्थान हाईकोर्ट ने एक विवाहित व्यक्ति के साथ रहने वाली विधवा महिला को सुरक्षा देने से इनकार किया

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक विवाहित व्यक्ति के साथ रहने वाली विधवा महिला को सुरक्षा देने से इनकार करते हुए कहा कि याचिकाकर्ताओं के बीच इस तरह के संबंध कानूनी लिव-इन संबंध के दायरे में नहीं आते हैं, बल्कि ऐसे रिश्ते विशुद्ध रूप से अवैध और असामाजिक हैं।न्यायमूर्ति सतीश कुमार शर्मा की खंडपीठ विधवा महिला और उसके साथी (एक विवाहित पुरुष) की सुरक्षा याचिका पर सुनवाई कर रही थी।पीठ ने कहा, "उन्हें पुलिस सुरक्षा देना उनके अवैध संबंधों को मान्यता देना और ऐसे अवैध संबंधों के लिए परोक्ष रूप से सहमति देना होगा,...

दिल्ली दंगों के मामलों पर संवेदनशीलता से विचार करना चाहिए, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कॉमन सेंस का इस्तेमाल नहीं किया जाए: दिल्ली कोर्ट
दिल्ली दंगों के मामलों पर संवेदनशीलता से विचार करना चाहिए, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कॉमन सेंस का इस्तेमाल नहीं किया जाए: दिल्ली कोर्ट

दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को कहा कि वह इस तथ्य से अवगत है कि सांप्रदायिक दंगों के मामलों पर अत्यधिक संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाना चाहिए, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सामान्य ज्ञान को पूरी तरह से छोड़ दिया जाना चाहिए। कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में यह भी कहा कि रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री के संबंध में आरोप तय करने के दौरान में दिमाग लगाया जाना चाहिए।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव ने यह टिप्पणी तब की जब उन्होंने 22 वर्षीय जावेद को आईपीसी की धारा 436 के तहत आरोपमुक्त कर दिया।कोर्ट ने यह...

UAPA- अगर आरोपी धारा 439 या 437 CrPC के तहत जमानत अर्जी दाखिल करता है तो इससे क्या फर्क पड़ेगा? दिल्ली कोर्ट के सामने जामिया एलम्नाई अध्यक्ष की दलील
UAPA- अगर आरोपी धारा 439 या 437 CrPC के तहत जमानत अर्जी दाखिल करता है तो इससे क्या फर्क पड़ेगा? दिल्ली कोर्ट के सामने जामिया एलम्नाई अध्यक्ष की दलील

दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को जामिया मिलिया इस्लामिया एलम्नाई एसोसिएशन के अध्यक्ष शिफा-उर-रहमान के मामले की सुनवाई की, जिन्होंने दिल्ली दंगों की साजिश के मामले (एफआईआर 59/2020) में यूएपीए के प्रावधानों के तहत जमानत याचिका पर दलीलें पेश की।रहमान की ओर से पेश एडवोकेट अभिषेक सिंह ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत के समक्ष प्रस्तुत किया कि यूएपीए नियमित जमानत आवेदन के निस्तारण के एक विशेष न्यायालय की शक्ति के स्रोत का प्रावधान करता है और यूएपीए की धारा 43(डी) 5 जमानत देने की शक्ति का स्रोत...

दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाई कोर्ट ने आरोपी अफगान नागरिक को अपने देश लौटने की अनुमति नहीं दी; कहा-मौजूदा परिस्थितियों में वापसी की संभावना कम

तालिबान के अधिग्रहण के बाद अफगानिस्तान में मौजूदा परिस्थितियों के मद्देनज़र दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अफगान नागरिक को अपने परिवार की देखभाल के लिए अपने देश लौटने की अनुमति देने से मना कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अगर अनुमति दी जाती है तो उसके वापस लौटने की संभावना बहुत कम है।जस्टिस मुक्ता गुप्ता की अदालत के समक्ष अफगान नागरिक ने दलील दी थी कि उसकी पहली पत्नी की आतंकवादियों ने हत्या कर दी है और उसे 11 बच्चों सहित अपने परिवार की देखभाल करनी है।उसे दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उस समय रोका गया था, जब...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने जावेद अख्तर की मानहानि मामले की कार्यवाही को रद्द करने की मांग करने वाली कंगना रनौत की याचिका खारिज की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने जावेद अख्तर की मानहानि मामले की कार्यवाही को रद्द करने की मांग करने वाली कंगना रनौत की याचिका खारिज की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को गीतकार जावेद अख्तर की शिकायत पर अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ शुरू की गई मानहानि की कार्यवाही को रद्द करने से इनकार कर दिया।कोर्ट ने रनौत की याचिका पर एक सितंबर को आदेश सुरक्षित रख लिया था।अख्तर ने 19 जुलाई, 2020 को रिपब्लिक टीवी के एंकर अर्नब गोस्वामी के साथ अपने साक्षात्कार में अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत में उनका नाम खींचने पर कंगना रनौत पर उनकी "बेदाग प्रतिष्ठा" को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है।रनौत ने सीआरपीसी की धारा 482 के तहत अपनी याचिका में...

यूपी पुलिस ने एंटी-लव जिहाद कानून के तहत मामले की जांच कर्नाटक पुलिस को ट्रांसफर की: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आदेश पर रोक लगाई, राज्य से जवाब मांगा
यूपी पुलिस ने 'एंटी-लव जिहाद कानून' के तहत मामले की जांच कर्नाटक पुलिस को ट्रांसफर की: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आदेश पर रोक लगाई, राज्य से जवाब मांगा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा 'एंटी-लव जिहाद कानून' [यू.पी. गैरकानूनी धर्मांतरण निषेध अध्यादेश, 2020] मामले की जांच को कर्नाटक पुलिस को स्थानांतरित करने के आदेश पर रोक लगा दी और राज्य सरकार से जवाब मांगा।न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति सरोज यादव की खंडपीठ एक महिला उम्मे कुलसुम की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में यूपी के पुलिस आयुक्त, लखनऊ द्वारा पारित आदेश को रद्द करने की मांग की गई थी, जिसमें यूपी लव जिहाद कानून के तहत दर्ज एक मामले की जांच पुलिस...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
अदालतों को सावधान रहना चाहिए कि शादी की आड़ में आरोपी द्वारा अपराधों से बचने के लिए पीड़िता का इस्तेमाल ढाल के रूप में न किया जाएः इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में अदालतों को यह देखने के लिए आगाह किया है कि विवाह की आड़ में आरोपी द्वारा अपराधों से बचने के लिए पीड़िता/लड़की को ढाल के रूप में इस्तेमाल न किया जाए।हाईकोर्ट ने कहा कि,''अदालतों को यह देखने के लिए पर्याप्त सतर्क रहने की आवश्यकता है कि किसी की व्यक्तिगत स्वतंत्रता की आड़ में, पीड़ित की व्यक्तिगत स्वतंत्रता आहत न हो या उसके साथ विवाह की आड़ में, उसे अपराध से बचने के लिए ढाल के रूप में इस्तेमाल न किया जा सके।'' न्यायमूर्ति सूर्य प्रकाश केसरवानी और न्यायमूर्ति पीयूष...

क्या वैक्सीन न लगाए गए व्यक्तियों को वैक्सीन लगाए गए लोगों की तुलना में COVID-19 वायरस से संक्रमित होने की अधिक संभावना है? केरल हाईकोर्ट ने राज्य से पूछा
क्या वैक्सीन न लगाए गए व्यक्तियों को वैक्सीन लगाए गए लोगों की तुलना में COVID-19 वायरस से संक्रमित होने की अधिक संभावना है? केरल हाईकोर्ट ने राज्य से पूछा

केरल हाईकोर्ट ने बुधवार को राज्य से पूछा कि क्या एक वैक्सीन न लेने वाले व्यक्ति के COVID-19 वायरस को प्रसारित करने की संभावना एक वैक्सीनेट व्यक्ति की तुलना में अधिक है।न्यायमूर्ति पी.बी. सुरेश कुमार ने राज्य सरकार से निम्नलिखित प्रश्न पूछे:"मेरा एक सवाल है कि याचिकाकर्ता की शिकायत यह है कि ऐसा कोई वैज्ञानिक या अनुभवजन्य डेटा नहीं है जो यह इंगित करता हो कि एक वैक्सीन न लेने वाले व्यक्ति के दूसरों के लिए संक्रमित होने की अधिक संभावना है। ऐसी परिस्थितियों को देखते हुए उसका तर्क है कि वह एक...

आधारहीन आरोप: दिल्ली हाईकोर्ट ने सशस्त्र बलों को शौर्य पदक देने की प्रणाली को मनमाना कहकर चुनौती देने वाली याचिका पर कहा
'आधारहीन आरोप': दिल्ली हाईकोर्ट ने सशस्त्र बलों को शौर्य पदक देने की प्रणाली को मनमाना कहकर चुनौती देने वाली याचिका पर कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को सेवानिवृत्त रक्षाकर्मियों द्वारा दायर एक याचिका को वापस लेने के अनुरोध के बाद उसे खारिज करते हुए याचिका का निपटान किया।याचिका में आरोप लगाया गया था कि सशस्त्र बलों के कर्मियों को वीरता पदक देने की मौजूदा प्रणाली मनमानी है और योग्यता का पालन नहीं करती है।मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने कहा कि याचिका बिना किसी आधार के दायर की गई है और भारी जुर्माना के साथ खारिज किए जाने योग्य है।हालांकि इसके बाद याचिका वापस ले ली गई।मुख्य न्यायाधीश ने...

COVID-19: तेलंगाना उच्च न्यायालय ने मेडिकल काउंसिल को NEET 2021 में उपस्थित होने से छूट की मांग करने वाले उम्मीदवारों की याचिकाओं पर विचार करने का निर्देश दिया
COVID-19: तेलंगाना उच्च न्यायालय ने मेडिकल काउंसिल को NEET 2021 में उपस्थित होने से छूट की मांग करने वाले उम्मीदवारों की याचिकाओं पर विचार करने का निर्देश दिया

तेलंगाना उच्च न्यायालय ने सोमवार को भारतीय चिकित्सा परिषद को कुछ ओवरसीज़ भारतीय नागरिकों की ओर से पेश याचिकाओं को प्रतिनिधित्व के रूप में स्वीकर करने पर विचार करने का निर्देश दिया है। याचिकाओं में 12 सितंबर को आयोजित , NEET परीक्षा में शामिल होने से छूट की मांग की गई है।जस्टिस अभिनंद कुमार शाविली ने सुलेमान जावेद नामक एक व्यक्ति की रिट याचिका पर आदेश जारी किया, जिसमें NEET से एक साल की छूट देने या उसे ऑनलाइन उपस्थित होने की अनुमति देने की मांग की गई थी।विनियमों के अनुसार, किसी को विदेशी चिकित्सा...