मुख्य सुर्खियां

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
लिखित सबमिशन पर बहस करने में वकील की विफलता पुनर्विचार का आधार नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा कि किसी विवाद में लिखित प्रस्तुतियां तब महत्वहीन हो जाती हैं जब वादी के वकील पहले ही अदालत के समक्ष उन पर भरोसा नहीं करते हैं।बेंच ने आगे कहा कि उन सबमिशन का इस्तेमाल बाद में किसी भी आदेश को चुनौती देने के लिए नहीं किया जा सकता है।कोर्ट ने कहा कि, "लिखित सबमिशन पर बहस करने में वकील की विफलता पुनर्विचार का आधार नहीं है या मैं कहने की हिम्मत करता हूं, यहां तक कि अपील भी करता हूं। यह किसी भी अदालत के किसी भी न्यायाधीश के किसी भी आदेश को चुनौती देने का...

मथुरा कोर्ट ने पत्रकार सिद्दीकी कप्पन के और बयान लेने के लिए यूपी पुलिस की अर्जी खारिज की
मथुरा कोर्ट ने पत्रकार सिद्दीकी कप्पन के और बयान लेने के लिए यूपी पुलिस की अर्जी खारिज की

उत्तर प्रदेश के मथुरा में एक स्थानीय अदालत ने केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन के खिलाफ आगे की जांच करने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस के आवेदन को खारिज कर दिया है।सिद्दीकी कप्पन पर कड़े यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम) के तहत विभिन्न अपराधों के लिए मामला दर्ज किया गया है।एएसजे अनिल कुमार पांडे ने सोमवार को यूपी पुलिस/एसटीएफ की कप्पन के खिलाफ मामले की आगे की जांच करने की मांग को खारिज कर दिया।आरोपी की ओर से पेश हुए वकील ने कहा कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और आरोप पत्र तीन अप्रैल, 2021 को...

भारतीय व्यक्ति अप्रैल 2020 से सऊदी अरब से लापता: दिल्ली हाईकोर्ट ने पत्नी की याचिका पर विदेश मंत्रालय को नोटिस जारी किया
भारतीय व्यक्ति अप्रैल 2020 से सऊदी अरब से लापता: दिल्ली हाईकोर्ट ने पत्नी की याचिका पर विदेश मंत्रालय को नोटिस जारी किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति की पत्नी द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया, जो कथित तौर पर जेद्दा, रियाद में लेबर वीजा पर काम करने गया था और अप्रैल 2020 से लापता है।न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने महिला की उस याचिका पर भारत सरकार से जवाब मांगा है, जिसमें उसके पति के ठिकाने के बारे में सत्यापित जानकारी की मांग की गई है और यदि वह मर गया है तो उसके शव को वापस लाया जाए। सऊदी अरब साम्राज्य के दूतावास को भी इस मामले में प्रतिवादी पक्षकार के रूप में रखा गया है।याचिकाकर्ता का पति लेबर वीजा पर जेद्दा, रियाद...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने न्यायमूर्ति राजीव कुमार दुबे की अदालत के अनिश्चितकालीन बहिष्कार करने का प्रस्ताव पारित किया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने न्यायमूर्ति राजीव कुमार दुबे की अदालत के अनिश्चितकालीन बहिष्कार करने का प्रस्ताव पारित किया

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन ने सोमवार को आयोजित अपनी आम बैठक में न्यायमूर्ति राजीव कुमार दुबे की अदालत के अनिश्चितकालीन बहिष्कार का आह्वान करते हुए एक सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित किया है।तीन बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों, मध्यप्रदेश राज्य बार काउंसिल के सदस्यों और अधिवक्ताओं की उपस्थिति में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया है।न्यायमूर्ति श्री राजीव कुमार दुबे की अदालत का तत्काल प्रभाव से अनिश्चितकालीन बहिष्कार का आह्वान अधिवक्ताओं द्वारा किया गया।यह प्रस्ताव पारित होने के साथ...

अवध बार एसोसिएशन चुनाव के दौरान वकीलों का अभद्र व्यवहार पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया
अवध बार एसोसिएशन चुनाव के दौरान वकीलों का 'अभद्र व्यवहार' पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 14 अगस्त को हुए अवध बार एसोसिएशन के चुनाव के दौरान वकीलों के अभद्र (अनियंत्रित) व्यवहार पर सोमवार को आज स्वत: संज्ञान लिया।न्यायमूर्ति रितु राज अवस्थी और न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की खंडपीठ ने चुनाव के दौरान हाईकोर्ट परिसर के अंदर हुई सुरक्षा और गैरकानूनी गतिविधियों के संबंध में वरिष्ठ रजिस्ट्रार को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा।कोर्ट ने कहा:"हमें यह जानकर बहुत दुख हुआ कि 14.08.2021 को हाईकोर्ट परिसर में होने वाले अवध बार एसोसिएशन का चुनाव को कुछ वकीलों द्वारा...

हाईकोर्ट ऑफ कर्नाटक
फायरआर्म्स के साथ वर्दी में पुलिस द्वारा एंटी-सीएए स्कूल ड्रामा के बच्चों से पूछताछ प्रथम दृष्टया जुवेनाइल जस्टिस एक्ट, बाल अधिकार का उल्लंघन है: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया अवलोकन किया कि पिछले साल बीदर में शाहीन एजुकेशन सोसाइटी में एक एंटी-सीएए नाटक के मंचन पर देशद्रोह के मामले में बच्चों से पूछताछ करते समय फायरआर्म्स लेकर वर्दी में पुलिसकर्मियों की उपस्थिति जुवेनाइल जस्टिस (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के प्रावधानों का गंभीर उल्लंघन है।मुख्य न्यायाधीश अभय ओका और न्यायमूर्ति एन एस संजय गौड़ा की खंडपीठ ने कहा कि,"हमने 16 मार्च के बसवेश्वर के उपाधीक्षक द्वारा दायर हलफनामे का अध्ययन किया है। हलफनामे में उन्होंने...

दिल्ली हाईकोर्ट में इंटरसेक्स शिशुओं और बच्चों पर मेडिकल रूप से अनावश्यक सेक्स-रीअसाइनमेंट सर्जरी पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर याचिका दायर
दिल्ली हाईकोर्ट में इंटरसेक्स शिशुओं और बच्चों पर मेडिकल रूप से अनावश्यक सेक्स-रीअसाइनमेंट सर्जरी पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर याचिका दायर

दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष जीवन के लिए खतरनाक स्थितियों को छोड़कर इंटरसेक्स शिशुओं और बच्चों पर चिकित्सकीय रूप से अनावश्यक सेक्स-रीअसाइनमेंट सर्जरी पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर एक जनहित याचिका दायर की गई है।याचिका में दिल्ली सरकार और दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) को इस संबंध में विस्तृत दिशानिर्देश तैयार करने का निर्देश देने की भी मांग की गई है।याचिका में में उन शर्तों को निर्दिष्ट किया गया है जब इंटरसेक्स शिशुओं और बच्चों पर चिकित्सा सर्जरी की जा सकती है।यह याचिका सृष्टि मदुरै...

डोमिनोज, बिग बास्केट आदि में डेटा उल्लंघनों की जांच CERT-IN से कराने के लिए दायर याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र के वकील को निर्देश मांगने को कहा
डोमिनोज, बिग बास्केट आदि में डेटा उल्लंघनों की जांच CERT-IN से कराने के लिए दायर याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र के वकील को निर्देश मांगने को कहा

दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें बिगबास्केट, डोमिनोज, मोबिक्विक और एयर इंडिया जैसी कंपनियों के डेटा में बड़े पैमाने पर लगी सेंध की जांच शुरू करने के लिए कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम इंडिया (सीईआरटी-आईएन) को निर्देश देने की मांग की गई है।जस्टिस रेखा पल्ली ने शुक्रवार को केंद्र सरकार के स्थायी वकील अजय दिगपॉल को मामले में निर्देश प्राप्त करने के लिए समय दिया। मामले की सुनवाई 23 सितंबर को होगी।याचिकाकर्ता, वाई किरण चंद्रा , एफएसएमआई (फ्री सॉफ्टवेयर मूवमेंट ऑफ इंडिया) के महासचिव...

Writ Of Habeas Corpus Will Not Lie When Adoptive Mother Seeks Child
घर से भागे कपल- 'कोर्ट के सुरक्षा के आदेश को वैध विवाह के अनुष्ठान के रूप में नहीं माना जाना चाहिए': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि यह सच है कि दो बालिग कपल अपनी इच्छा के अनुसार अपना जीवन जीने के हकदार हैं, लेकिन सुरक्षा के आदेश को वैध विवाह के अनुष्ठान के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।न्यायमूर्ति गुरपाल सिंह अहलूवालिया की खंडपीठ एक भागे हुए जोड़े की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिन्होंने लड़की के परिवार के सदस्यों के खिलाफ सुरक्षा की मांग की थी, जो उनकी शादी का विरोध कर रहे थे। हालांकि उन्होंने कथित धमकी के बारे में कोई विवरण नहीं दिया है।याचिकाकर्ता का मामलायाचिकाकर्ताओं ने प्रस्तुत...

पीड़िता के शरीर को कुचला गया, व्यक्तित्व को कुचला गया; अमानवीय और घृणित अपराध: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सामूहिक बलात्कार के आरोपी को जमानत देने से इनकार किया
"पीड़िता के शरीर को कुचला गया, व्यक्तित्व को कुचला गया; अमानवीय और घृणित अपराध": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सामूहिक बलात्कार के आरोपी को जमानत देने से इनकार किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में 2019 के झूंसी सामूहिक बलात्कार मामले में एक आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने देखा कि आरोपी ने अपनी मर्दानगी का फायदा उठाते हुए गरीब पीड़िता के साथ जबरदस्ती की और यौन उत्पीड़न किया।न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी की पीठ ने इसे सबसे अमानवीय और घृणित अपराध करार दिया, जहां पीड़िता के पूरे व्यक्तित्व को किसी और ने नहीं बल्कि आरोपी ने कुचल दिया। न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी ने कहा कि आरोपी कोई सहानुभूति का पात्र नहीं है।संक्षेप में मामलाअभियोजन पक्ष के मामले के...

केवल न्यायालयों का निर्माण पर्याप्त नहीं: इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने न्यायिक अवसंरचना पर ‌‌‌दिए निर्देशों का उत्तर प्रदेश सरकार को पालन करने के लिए कहा
"केवल न्यायालयों का निर्माण पर्याप्त नहीं": इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने न्यायिक अवसंरचना पर ‌‌‌दिए निर्देशों का उत्तर प्रदेश सरकार को पालन करने के लिए कहा

इलाहाबाद हाईकोर्ट की सात जजों की खंडपीठ ने न्यायालयों के बुनियादी ढांचे और अन्य सुविधाओं की उपलब्धता पर 2019 में जारी स्वयं के निर्देशों के अनुपालन में राज्य सरकार की ओर से की गई कार्रवाई पर असंतोष व्यक्त किया है।पिछले हफ्ते मामले की फिर से सुनवाई हुई तो कोर्ट ने कहा, "मामले को लगभग दो साल बाद सूचीबद्ध किया गया है। न्यायालय उम्मीद कर रहा था कि 10 मई, 2019 को दिए गए सभी निर्देशों का पालन किया जाएगा और समय-समय पर उसकी रिपोर्ट भी जमा की जाएगी। हालांकि निर्देशों के अनुसार, राज्य सरकार समय-समय पर...

नारदा मामला: कलकत्ता हाईकोर्ट ने मौखिक दलीलों के लिए सुनवाई 13 सितंबर तक स्थगित की
नारदा मामला: कलकत्ता हाईकोर्ट ने मौखिक दलीलों के लिए सुनवाई 13 सितंबर तक स्थगित की

कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को नारदा घोटाला मामले से संबंधित केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दायर हलफनामे के जवाब में महाधिवक्ता किशोर दत्ता द्वारा दायर प्रत्युत्तर को रिकॉर्ड में लिया।हलफनामे में कथित तौर पर 17 मई को राज्य में (सीबीआई कार्यालय के बाहर) टीएमसी के चार नेताओं की गिरफ्तार के बाद की कानून और व्यवस्था की स्थिति का विवरण दिया गया है।यह घटनाक्रम सुप्रीम कोर्ट द्वारा कलकत्ता हाईकोर्ट के 9 जून के आदेश को पलटने के बाद आया है, जहां बेंच ने उनके हलफनामों को रिकॉर्ड में लेने से इनकार...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने वकीलों और परिवार के सदस्यों के साथ कैदियों को ई-मुलाकत सुविधा देने पर राज्य सरकार को गाइडलाइन तैयार करने का निर्देश दिया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने वकीलों और परिवार के सदस्यों के साथ कैदियों को ई-मुलाकत सुविधा देने पर राज्य सरकार को गाइडलाइन तैयार करने का निर्देश दिया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य की जेलों में कैदियों को ई-मुलाकत सुविधा देने पर राज्य सरकार को एसओपी या गाइडलाइन तैयार करने का निर्देश दिया।हाईकोर्ट ने यह निर्देश इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए दिया है ताकि कैदी इन मुलाकातों में निजता सुनिश्चित करके अपने वकीलों और परिवार के सदस्यों से मिल सकें।मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक और न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला की खंडपीठ एक वकील द्वारा दायर याचिका पर विचार कर रही थी।इस याचिका में कि पॉक्सो अधिनियम, आईपीसी और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम से जुड़े अपराधों के...

राजस्थान हाईकोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के सामाजिक ताने-बाने आदेश पर भरोसा करके लिव-इन रिलेशन में रह रही विवाहिता को पुलिस सुरक्षा देने से इनकार किया
राजस्थान हाईकोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के 'सामाजिक ताने-बाने' आदेश पर भरोसा करके लिव-इन रिलेशन में रह रही विवाहिता को पुलिस सुरक्षा देने से इनकार किया

राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में एक विवाहिता को पुलिस सुरक्षा देने से मना कर दिया। लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही महिला ने कहा था कि कुछ लोग उसके रिश्ते से खुश नहीं हैं, इसलिए उसे पुलिस सुरक्षा की आवश्यकता है।जस्टिस सतीश कुमार शर्मा की खंडपीठ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के हालिया आदेश पर भरोसा किया, जिसमें कोर्ट ने साथी के साथ रही रही एक विवाहिता की सुरक्षा याचिका को 5,000 रुपए के जुर्माने के साथ खारिज कर दिया था।कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था- "... कानून का पालन नहीं करने वाला कोई भी नागरिक, जो पहले से ही...

रेमडेसिविर की अवैध खरीद और वितरण मामलों में PASA को लागू करने के लिए एक समान नीति की आवश्यकता: गुजरात हाईकोर्ट ने सरकार से कहा
रेमडेसिविर की अवैध खरीद और वितरण मामलों में PASA को लागू करने के लिए एक समान नीति की आवश्यकता: गुजरात हाईकोर्ट ने सरकार से कहा

गुजरात हाईकोर्ट ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की अनधिकृत खरीद और वितरण के मामलों में असामाजिक गतिविधियों की रोकथाम अधिनियम (PASA) के लागू होने पर राज्य सरकार पर सवाल उठाते हुए ऐसे मामलों में सख्त कानून लागू करने के लिए पिछले सप्ताह राज्य सरकार को एक समान नीति के साथ आने के लिए कहा था।न्यायमूर्ति परेश उपाध्याय की खंडपीठ ने ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज करने और PASA लागू करने पर भी संदेह जताया।उन्होंने इसे उस समय लोगों ध्यान भटाने की एक युक्ति करार दिया, जब वे उस स्थिति से नाराज थे, जिसमें उन्हें दवा नहीं...

विश्वविद्यालय के अंदर COVID-19 केयर सेंटर चालू कर दिया गया है: दिल्ली हाईकोर्ट में जेएनयू, दिल्ली सरकार ने दावा किया; याचिकाकर्ताओं को जवाब दाखिल करने का समय दिया गया
'विश्वविद्यालय के अंदर COVID-19 केयर सेंटर चालू कर दिया गया है': दिल्ली हाईकोर्ट में जेएनयू, दिल्ली सरकार ने दावा किया; याचिकाकर्ताओं को जवाब दाखिल करने का समय दिया गया

दिल्ली हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय और दिल्ली सरकार के इस दावे का जवाब दाखिल करने के लिए जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय शिक्षक संघ और अन्य को 17 सितंबर तक का समय दिया है कि विश्वविद्यालय परिसर के अंदर COVID-19 केयर सेंटर चालू कर दिया गया है।याचिकाकर्ताओं ने इस दावे का खंडन किया है और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली के समक्ष प्रस्तुत किया कि जमीनी स्तर पर स्थिति आश्चर्यजनक रूप से भिन्न है।कोर्ट ने देखा कि विश्वविद्यालय और दिल्ली सरकार की ओर से दायर की गई स्थिति रिपोर्ट रिकॉर्ड में नहीं थी, अदालत ने...

पति का पत्नी के साथ उसकी मर्जी के खिलाफ सेक्स करना अवैध नहीं: मुंबई कोर्ट ने जमानत याचिका में कहा
पति का पत्नी के साथ उसकी मर्जी के खिलाफ सेक्स करना अवैध नहीं: मुंबई कोर्ट ने जमानत याचिका में कहा

एक पत्नी ने अपने पति के ‌खिलाफ जबरन संभोग की शिकायत की ‌थी और क्रूरता का आरोप लगाया था, जिस पर मुंबई की एक सेशन कोर्ट ने कहा है कि व्यक्ति के कृत्यों को अवैध नहीं माना जा सकता क्योंकि वह उसका पति है।अदालत ने कहा कि यह "दुर्भाग्यपूर्ण" है कि युवति को लकवा हो गया था, लेकिन उसके लिए पति और उसके पूरे परिवार को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता था।इसे देखते हुए, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजाश्री घरत ने व्यक्ति और उसके परिवार को घरेलू हिंसा के मामले में आईपीसी की धारा 498-ए, 323, 504, 506 (द्वितीय)...

अचानक लॉकडाउन लगाया गया, प्रवासी मजदूरों के पास पैसे और रहने-खाने के लिए कुछ नहीं था, लेकिन उन्हें जेलों में डाल दिया गया: गुजरात हाईकोर्ट
अचानक लॉकडाउन लगाया गया, प्रवासी मजदूरों के पास पैसे और रहने-खाने के लिए कुछ नहीं था, लेकिन उन्हें जेलों में डाल दिया गया: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि COVID-19 की पहली लहर के दौरान अचानक लॉकडाउन लागू होने के बाद बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरों को नुकसान उठाना पड़ा, क्योंकि उन्हें लॉकडाउन उल्लंघन के लिए जेलों में डाल दिया गया था, क्योंकि वे अपने घर जाना चाहते थे, यहां तक कि उनके पास रहने-खाने के लिए कुछ नहीं था।न्यायमूर्ति परेश उपाध्याय की खंडपीठ ने कहा कि,"अचानक लॉकडाउन लगा दिया गया। उस समय की स्थिति को देखते हुए हम उस पर टिप्पणी करने वाले कोई नहीं हैं। प्रवासी मजदूरों के पास राशन नहीं था, भोजन नहीं था,...

देश के जजों ने जस्टिस एस. मुरलीधर को भारतीय न्यायपालिका के स्टीव जॉब्स के रूप में देखा: जस्टिस वी. रामसुब्रमण्यम
देश के जजों ने जस्टिस एस. मुरलीधर को भारतीय न्यायपालिका के स्टीव जॉब्स के रूप में देखा: जस्टिस वी. रामसुब्रमण्यम

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश, न्यायमूर्ति वी. रामसुब्रमण्यम ने न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर (उड़ीसा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश) के अपने कोर्ट रूम में ई-फाइलिंग की प्रक्रिया शुरू करने में दिए गए योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि देश के जजों ने न्यायाधीश न्यायमूर्ति मुरलीधर के ई-जस्टिस में उनके योगदान के लिए भारतीय न्यायपालिका के स्टीव जॉब्स के रूप में देखा है।न्यायमूर्ति रामसुब्रमण्यम ने कैन फाउंडेशन द्वारा राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, जोधपुर और गुजरात राष्ट्रीय...