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Allahabad High Court expunges adverse remarks against Judicial Officer
सरकारी अधिवक्ता के कार्यालय का प्रशासन जवाबदेही के सिद्धांतों पर चलता है, तुष्टिकरण से नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि सरकारी अधिवक्ता के कार्यालय का प्रशासन जवाबदेही के सिद्धांतों पर चलता है, तुष्टिकरण से नहीं। कोर्ट ने देखा कि न्यायालय द्वारा पारित आदेशों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है,न्यायमूर्ति अजय भनोट की पीठ एक ऐसे मामले से निपट रही थी, जिसमें अदालत के निर्देशानुसार राज्य सरकार हलफनामा पेश करने में विफलता रही और अदालत ने कहा कि राज्य के वकीलों द्वारा लापरवाही दिखाई गई है।न्यायालय को यह सूचित किया गया कि राज्य के संबंधित वकीलों ने स्पष्ट रूप से पुलिस अधिकारियों को...

उन्नाव रेप सर्वाइवर ने निजी सुरक्षा अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया; दिल्ली की कोर्ट ने याचिका पर इम्पैक्ट असेसमेंट रिपोर्ट की मांग की
उन्नाव रेप सर्वाइवर ने निजी सुरक्षा अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया; दिल्ली की कोर्ट ने याचिका पर इम्पैक्ट असेसमेंट रिपोर्ट की मांग की

दिल्ली की एक अदालत ने उन्नाव रेप सर्वाइवर की याचिका पर इम्पैक्ट असेसमेंट रिपोर्ट मांगी है। याचिकाकर्ता ने उसे पर्याप्त सुरक्षा देने के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार प्रतिनियुक्त न‌िजी सुरक्षा अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है और इस संबंध में दिल्ली की एक अदालत में गुहार लगाई है।याचिका में बिना किसी कारण याचिकाकर्ता की गतिविधियों या स्वतंत्रता को कथित रूप से कम करके उसे परेशान या अपमानित नहीं करने के लिए संबंधित पुलिस अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की गई। जिला एवं सत्र...

कोर्ट रिपोर्टिंग- साक्ष्य के मूल्य के संबंध में पत्रकार का क्षणिक प्रभाव भी उसके वैध दायरे से पूरी तरह बाहर हैः बॉम्बे हाईकोर्ट
कोर्ट रिपोर्टिंग- साक्ष्य के मूल्य के संबंध में पत्रकार का क्षणिक प्रभाव भी उसके वैध दायरे से पूरी तरह बाहर हैः बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह एक महत्वपूर्ण अवलोकन में इस बात पर जोर दिया है कि एक ओपन कोर्ट सिस्टम (खुली अदालत प्रणाली) में निष्पक्ष रिपोर्टिंग को रोका नहीं जा सकता है। हालांकि कोर्ट ने यह भी माना है कि साक्ष्य के मूल्य के संबंध में पत्रकार का क्षणभंगुर/क्षणिक प्रभाव भी पूरी तरह से उसके वैध दायरे से बाहर है। न्यायमूर्ति जीएस पटेल की खंडपीठ ने विशेष रूप से कहा कि अदालती कार्यवाही की निष्पक्ष रिपोर्टिंग (निर्णय देने से पहले) अदालत के समक्ष पेश साक्ष्य या तर्कों की गुणवत्ता पर टिप्पणियां करने...

COVID-19: यूजीसी दिशानिर्देशों का हवाला देते हुए नर्सिंग छात्रों ने ऑफलाइन एग्जाम रद्द करने की मांग को लेकर केरल हाईकोर्ट का रुख किया
COVID-19: यूजीसी दिशानिर्देशों का हवाला देते हुए नर्सिंग छात्रों ने ऑफलाइन एग्जाम रद्द करने की मांग को लेकर केरल हाईकोर्ट का रुख किया

COVID-19 महामारी के बीच ऑफ़लाइन एग्जाम कराने के केरल यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज के फैसले को चुनौती देने वाले B.Sc नर्सिंग छात्रों द्वारा केरल हाईकोर्ट के समक्ष एक याचिका दायर की गई है।न्यायमूर्ति अनु शिवरामन आज (सोमवार) मामले की सुनवाई करेंगे।इस मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट अरुण सैमुअल और एडवोकेट जितिन बाबू पेश होंगे।उपरोक्त विश्वविद्यालय से संबद्ध दो अलग-अलग कॉलेजों में नामांकित दो छात्रों ने राज्य में मौजूदा स्थिति के बावजूद ऑफ़लाइन एग्जाम आयोजित करने में उत्तरदाताओं द्वारा कथित...

असंवैधानिक घोषित प्रावधान कानून की किताब से मिटाया नहीं जाता है; केवल अप्रवर्तनीय हो जाता है; एक बार दोष ठीक हो जाने पर, फिर से प्रवर्तनीय हो सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट
असंवैधानिक घोषित प्रावधान कानून की किताब से मिटाया नहीं जाता है; केवल अप्रवर्तनीय हो जाता है; एक बार दोष ठीक हो जाने पर, फिर से प्रवर्तनीय हो सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने माना है कि जब किसी प्रावधान को असंवैधानिक घोषित किया जाता है, तो वह निरस्त या समाप्त नहीं हो जाता; यदि संशोधन के माध्यम से दोषों को ठीक कर दिया जाता है, तो यह प्रवर्तनीय हो जाएगा। कोर्ट ने कहा कि यदि दोषों को ठीक कर दिया जाता है तो पूरी धारा को ‌फिर से अधिनियमित या प्रवर्तन करने की जरूरत नहीं है।कोर्ट ने धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 45 के संबंध में ये टिप्पणियां कीं, जो जमानत देने पर दोहरी शर्तें लगाती हैं। निकेश ताराचंद शाह बनाम यूनियन ऑफ इंडिया के मामले में 2018 में...

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
पेशेवर कदाचार के आरोपों पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने वकील के खिलाफ जांच का निर्देश दिया

बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच ने गुरुवार को एक वकील के खिलाफ कथित पेशेवर कदाचार के आरोपों में प्रारंभिक जांच का आदेश दिया।न्यायमूर्ति रोहित देव ने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, नागपुर को यह पता लगाने का निर्देश दिया कि क्या आरोपी स्वप्निल रामटेके के वकील ने यह बताए बिना कि पहली जमानत अर्जी पहले ही खारिज हो चुकी है, निचली अदालत के समक्ष अपने मुवक्किल के लिए दूसरी जमानत याचिका दायर की थी।अदालत ने न्यायाधीश से पूछा कि क्या रामटेके ने अपने मुवक्किल के निर्देश पर ऐसा किया है या नहीं।अदालत ने...

बार संघों के बिना शर्त माफीनामे के बाद कर्नाटक हाईकोर्ट ने हड़ताल के आह्वान पर शुरू अवमानना कार्यवाही रद्द की
बार संघों के बिना शर्त माफीनामे के बाद कर्नाटक हाईकोर्ट ने हड़ताल के आह्वान पर शुरू अवमानना कार्यवाही रद्द की

मुख्य न्यायाधीश अभय ओका और न्यायमूर्ति सूरज गोविंदराज की खंडपीठ ने पदाधिकारियों की बिना शर्त माफी को स्वीकार कर लिया।कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में पांच अलग-अलग जिला बार संघों के पदाधिकारियों के खिलाफ शुरू की गई आपराधिक अवमानना कार्यवाही को स्वत: समाप्त कर दिया। स्वत: संज्ञान की कार्यवाही कोर्ट के काम से दूर रहने के लिए एसोसिएशन के सदस्यों के खुले आह्वान पर आधारित थी।मुख्य न्यायाधीश अभय ओका और न्यायमूर्ति सूरज गोविंदराज की खंडपीठ ने मद्दुर, मांड्या, पांडवपुरा, मालवल्ली और कृष्णराजपेटे में बार...

देश में धार्मिक कट्टरता, लालच और भय के लिए कोई जगह नहींः इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महिला को गैर कानूनी रूप से इस्लाम में परिवर्तित करने के आरोपी को जमानत देने से इनकार किया
देश में धार्मिक कट्टरता, लालच और भय के लिए कोई जगह नहींः इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महिला को गैर कानूनी रूप से इस्लाम में परिवर्तित करने के आरोपी को जमानत देने से इनकार किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस बात पर जोर देते हुए कि हमारे देश में धार्मिक कट्टरता, लालच और भय के लिए कोई जगह नहीं है, कहा कि यदि बहुसंख्यक समुदाय का कोई व्यक्ति अपमानित होने के बाद अपने धर्म को परिवर्तित करता है, तो इससे देश कमजोर बन जाता है और विनाशकारी शक्तियों का स्रोत इससे लाभान्वित होता है। न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव की खंडपीठ एक जावेद की जमानत याचिका पर विचार कर रही थी, जिस पर आरोप लगाया गया है कि उसने एक हिंदू लड़की को गैर कानूनी रूप से इस्लाम में धर्मांतरित करवा दिया,ताकि आरोपी उसके...

P&H High Court Dismisses Protection Plea Of Married Woman Residing With Another Man
"कोर्ट कमसिन उम्र की लड़कियों का संरक्षक है जो परिणामों को जाने बिना संरक्षण याचिका दायर करती हैं": हाईकोर्ट ने मजिस्ट्रेट को यह पता करने का निर्देश दिया कि लड़की निर्णय लेने में सक्षम है या नहीं

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि न्यायालय नाबालिग लड़कियों या कमसिन उम्र की लड़कियों का अभिभावक भी है, जिन्हें कम उम्र के कारण प्रेमासक्ति के वश में तथा लिव-इन-रिलेशनशिप के आधार पर याचिका दायर करने के परिणामों के न जानने के कारण एक पुरुष द्वारा बहकाया भी जा सकता है।न्यायमूर्ति अरविंद सिंह सांगवान की खंडपीठ ने आगे कहा कि जहां लड़की या तो नाबालिग है या उसकी उम्र 18 साल के आसपास है, लिव-इन-रिलेशनशिप के आधार पर किसी भी याचिका का निपटारा करने से पहले, कोर्ट को लड़की के माता-पिता को नोटिस देना...

समन जारी करने से पहले या कैविएट दायर किये बिना उपस्थित बचाव पक्ष को वाद के निरस्त होने पर सुना जा सकता है : दिल्ली हाईकोर्ट
समन जारी करने से पहले या कैविएट दायर किये बिना उपस्थित बचाव पक्ष को वाद के निरस्त होने पर सुना जा सकता है : दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने माना है कि नागरिक प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) के ऑर्डर-VII नियम 11 के तहत वाद को निरस्त करने के लिए समन से पहले के चरण में उस प्रतिवादी को सुनने में कोई रोक नहीं है, जिसे न तो समन जारी किया गया है और न ही वह कैविएट पर पेश हुआ है।चूंकि न्यायालय को समन पूर्व चरण में ऑर्डर VII नियम 11 के तहत वादपत्र की अस्वीकृति के आधारों की जांच करने का अधिकार है, इसलिए वह एक प्रतिवादी को सुन सकता है जो अदालत में शारीरिक रूप से उपस्थित है, भले ही उसे कोई समन जारी नहीं किया गया हो या उसने सीपीसी की...

केरल हाईकोर्ट
छोड़ी गई भैंसों के बचाव में आया केरल हाईकोर्ट: तहसीलदार को उन्हें पीएफए ​​को सौंपने का निर्देश दिया

केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पलक्कड़ तहसीलदार को नगर पालिका की हिरासत में रखी भैंसों को पीपल फॉर एनिमल्स (पीएफए) के अधिकृत प्रतिनिधि को सौंपने का निर्देश दिया।न्यायमूर्ति टीआर रवि ने निजी संपत्ति में छोड़ी गई भैंसों और अहिंसा फार्म पशु अभयारण्य के कल्याण में रुचि रखने वाली संस्था पीएफए ​​द्वारा दायर याचिका पर यह आदेश जारी किया।याचिकाकर्ता संगठन ने अदालत से इन भैंसों की कस्टडी सौंपने का निर्देश मांगा था। अपनी याचिका में उन्होंने शिकायत की थी कि जानवर संकट में हैं। उन्हें उचित देखभाल नहीं दी जा रही...

हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : हाईकोर्ट में कैसा रहा पिछला सप्ताह, चुनिंदा ऑर्डर/जजमेंट
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : हाईकोर्ट में कैसा रहा पिछला सप्ताह, चुनिंदा ऑर्डर/जजमेंट

आइए नज़र डालते हैं देशभर के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछला सप्ताह कैसा रहा। 26 जुलाई 2021 से 30 जुलाई 2021 तक हाईकोर्ट के चुनिंदा ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र....।पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अपनी बूढ़ी मां को गैर-कानूनी तरीके से घर से बेदखल करने का प्रयास करने वाले व्यक्ति पर एक लाख रूपये का जुर्माना लगायापंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक ऐसे व्यक्ति की याचिका खारिज कर दी, जिसने अपनी बूढ़ी मां को अवैध रूप से बेदखल करने का प्रयास किया था। इसके साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया...

P&H High Court Dismisses Protection Plea Of Married Woman Residing With Another Man
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अपनी बूढ़ी मां को गैर-कानूनी तरीके से घर से बेदखल करने का प्रयास करने वाले व्यक्ति पर एक लाख रूपये का जुर्माना लगाया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक ऐसे व्यक्ति की याचिका खारिज कर दी, जिसने अपनी बूढ़ी मां को अवैध रूप से बेदखल करने का प्रयास किया था। इसके साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।न्यायमूर्ति अरविंद सिंह सांगवान ने दायर याचिका को 'दुर्भाग्यपूर्ण याचिका' बताते हुए कहा कि,"प्रतिवेदन के अवलोकन से यह भी पता चलता है कि यह अपनी ही मां को परेशान करने के परोक्ष उद्देश्य से दायर किया गया है ताकि उसके द्वारा दिए गए जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर, याचिकाकर्ता घर को हड़प सके और...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्टेट बोर्ड से कक्षा 10 और 12 की परीक्षा फीस वापस करने पर विचार करने को कहा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्टेट बोर्ड से कक्षा 10 और 12 की परीक्षा फीस वापस करने पर विचार करने को कहा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को महाराष्ट्र स्टेट बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एंड हायर सेकेंडरी एजुकेशन के अध्यक्ष को COVID19 महामारी के कारण इस साल की कक्षा दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षा रद्द करने के मद्देनजर परीक्षा फीस वापस करने की मांग वाली याचिका पर विचार करने के लिए कहा है।मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायाधीश जीएस कुलकर्णी की खंडपीठ ने सांगली के एक 80 वर्षीय सेवानिवृत्त स्कूल प्रिंसिपल प्रतापसिंह चोपदार की जनहित याचिका का निपटारा किया। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि असंख्य परिवारों ने कक्षा...

मुझे संबोधित करते समय यौर लॉर्डशिप, माय लॉर्ड का इस्तेमाल न करें: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस अरुण कुमार त्यागी ने वकीलों से आग्रह किया
"मुझे संबोधित करते समय 'यौर लॉर्डशिप', 'माय लॉर्ड' का इस्तेमाल न करें": पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस अरुण कुमार त्यागी ने वकीलों से आग्रह किया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी ने बार एसोसिएशन के सदस्यों से संबोधन को लेकर अनुरोध करते हुए नोट जारी किया है, जिसमें बार के सदस्यों से न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी को 'यौर लॉर्डशिप' या 'माय लॉर्ड' के रूप में संबोधित करने से बचने का अनुरोध किया गया है। ।नोट में कहा गया है कि,"यह बार के सम्मानित सदस्यों की जानकारी के लिए है कि न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी ने अनुरोध किया है कि बार के सम्मानित सदस्य उन्हें 'यौर लॉर्डशिप' या 'माय लॉर्ड' के रूप में संबोधित करने से...

बैंक गारंटी के लिए एक साल की अनिवार्य अवधि पर जोर नहीं दे सकते बैंक : दिल्ली हाईकोर्ट ने अनुबंध अधिनियम की धारा 28 के अपवाद तीन की व्याख्या की
बैंक गारंटी के लिए एक साल की अनिवार्य अवधि पर जोर नहीं दे सकते बैंक : दिल्ली हाईकोर्ट ने अनुबंध अधिनियम की धारा 28 के अपवाद तीन की व्याख्या की

एक महत्वपूर्ण फैसले में, दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय अनुबंध अधिनियम 1872 की धारा 28 के अपवाद 3 की व्याख्या करते हुए कहा है कि यह बैंक गारंटी के तहत 'दावा अवधि' से संबंधित नहीं है। कोर्ट ने माना कि यह प्रावधान बैंक गारंटी के तहत अधिकारों को लागू करने के लिए लेनदार के लिए अदालत या न्यायाधिकरण से संपर्क करने की अवधि को कम करने से संबंधित है।न्यायमूर्ति जयंत नाथ द्वारा लिखे गए निर्णय में कहा गया है,"यह स्पष्ट है कि अनुबंध अधिनियम की धारा 28 के अपवाद 3 में लेनदार के लिए अपने अधिकारों को लागू करने...

मुस्लिम विवाह को विशेष विवाह अधिनियम के तहत पंजीकरण के लिए मजबूर करने का आरोप: दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा
मुस्लिम विवाह को विशेष विवाह अधिनियम के तहत पंजीकरण के लिए मजबूर करने का आरोप: दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली सरकार से उस याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने को कहा, जिसमें आरोप लगाया गया है कि इस्लामिक कानून के तहत शादी करने वाले व्यक्तियों को विशेष विवाह अधिनियम, 1954 के तहत अपनी शादी का पंजीकरण कराने के लिए मजबूर किया जा रहा है।याचिकाकर्ता एनजीओ- धनक फॉर ह्यूमैनिटी की ओर से पेश हुए अधिवक्ता उत्कर्ष सिंह ने कहा कि इस्लामिक कानून के तहत होने वाली शादियों को 2014 के अनिवार्य पंजीकरण विवाह आदेश के तहत पंजीकृत नहीं किया जा रहा है। परिणामस्वरूप, पक्षकारों को अपनी शादी को...

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने उचित पहचान दस्तावेज नहीं रखने वाले व्यक्तियों के वैक्सीनेशन पर राज्य सरकार से जवाब मांगा
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने उचित पहचान दस्तावेज नहीं रखने वाले व्यक्तियों के वैक्सीनेशन पर राज्य सरकार से जवाब मांगा

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने उन व्यक्तियों के वैक्सीनेशन की स्थिति के संबंध में असम राज्य के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग से जवाब मांगा है, जिनके पास उचित पहचान दस्तावेज नहीं हैं।मुख्य न्यायाधीश सुधांशु धूलिया और न्यायमूर्ति मनश रंजन पाठक की खंडपीठ ने असम सरकार को दो सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।कोर्ट ने यह भी जवाब मांगा कि राज्य द्वारा ऐसे व्यक्तियों को COVID-19 वैक्सीन की दूसरी खुराक किस तरीके से दी जाएगी।कोर्ट ने आदेश दिया,"स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के सरकारी वकील दो...

अस्पतालों में लगे सीसीटीवी कैमरों को नजदीकी पुलिस थानों से जोड़ने की आवश्यकता: गुवाहाटी हाईकोर्ट
अस्पतालों में लगे सीसीटीवी कैमरों को नजदीकी पुलिस थानों से जोड़ने की आवश्यकता: गुवाहाटी हाईकोर्ट

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने वर्तमान महामारी में डॉक्टरों की सुरक्षा की मांग करने वाली एक जनहित याचिका (PIL) याचिका पर सुनवाई करते हुए शुक्रवार को कहा कि अस्पतालों में केवल सीसीटीवी कैमरे लगाना पर्याप्त नहीं है। इसके सथा ही सीसीटीवी कैमरों को निकटतम पुलिस स्टेशन से कनेक्ट करना आवश्यक है।मुख्य न्यायाधीश सुधांशु धूलिया और न्यायमूर्ति मनश रंजन पाठक की खंडपीठ ने इस संबंध राज्य सरकार को इस बारे में दस दिनों के भीतर अदालत को अवगत कराने का निर्देश दिया।पिछली सुनवाई के दौरान, पीठ को महाधिवक्ता, असम द्वारा सूचित...