मुख्य सुर्खियां

COVID-19 के कारण अनाथ हुए बच्चों के पुनर्वास के लिए क्या कार्यवाही की गई?: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा
"COVID-19 के कारण अनाथ हुए बच्चों के पुनर्वास के लिए क्या कार्यवाही की गई?": हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने इस सप्ताह की शुरुआत में राज्य सरकार को उन बच्चों की मदद या पुनर्वास के लिए प्रस्तावित कार्यवाही को रिकॉर्ड में रखने के लिए कहा जो अनाथ हो गए हैं या जिन्होंने COVID-19 के कारण माता-पिता में से किसी एक को खो दिया है।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि मलीमठ और न्यायमूर्ति ज्योत्सना रेवाल दुआ की खंडपीठ ने राज्य सरकार से COVID-19 महामारी से निपटने के लिए और कड़े कदम उठाने को कहा है।अदालत कुछ अन्य याचिकाओं के साथ एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें राज्य में COVID-19 से...

P&H High Court Dismisses Protection Plea Of Married Woman Residing With Another Man
पंजाब एंड हरियाणा उच्च न्यायालय ने हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 15 को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया

पंजाब एंड हरियाणा उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 ( HSA) की धारा 15 के प्रावधानों के खिलाफ दायर एक याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। चीफ जस्टिस आरएस झा और ज‌स्टिस अरुण पल्ली की पीठ ने HSA की धारा 15 पर रोक लगाने की मांग पर भी नोटिस जारी किया।मामल के तथ्य यह हैं कि एक दंपति की निःसंतान मौत हो गई। नतीजतन, मृतक दंपत‌ि की माताओं ने उनकी संपत्ति में हिस्सेदारी का दावा किया।हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम में पुरुषों और महिलाओं के लिए संपत्ति के हस्तांतरण के अलग-अलग...

Allahabad High Court expunges adverse remarks against Judicial Officer
"इस देश के सामाजिक ताने-बाने की कीमत पर लिव-इन रिलेशन की अनुमति नहीं दी जा सकती": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने पार्टनर के साथ रहने वाली विवाहित महिला पर पांच हजार रूपये का जुर्माना लगाया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में अपने पार्टनर के साथ रहने वाली एक विवाहित महिला की सुरक्षा याचिका खारिज किया और याचिकाकर्ता पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने कहा कि इस देश के सामाजिक ताने-बाने की कीमत पर लिव-इन-रिलेशन की अनुमति नहीं दी जा सकती।न्यायमूर्ति डॉ कौशल जयेंद्र ठाकर और न्यायमूर्ति सुभाष चंद की खंडपीठ ने अपने पार्टनर के साथ उसके लिव-इन संबंध को अवैध संबंध बताते हुए कहा कि,"पुलिस को उन्हें सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश देना अप्रत्यक्ष रूप से ऐसे अवैध संबंधों को हमारी...

मातृत्व और करियर में संतुलन बनाना कितना मुश्किल, सिर्फ एक महिला ही जानती है: केरल उच्च न्यायालय ने मातृत्व अवकाश मांगने के कारण नौकरी से हटाई गई महिला को बहाल करने का आदेश दिया
'मातृत्व और करियर में संतुलन बनाना कितना मुश्किल, सिर्फ एक महिला ही जानती है': केरल उच्च न्यायालय ने मातृत्व अवकाश मांगने के कारण नौकरी से हटाई गई महिला को बहाल करने का आदेश दिया

मातृत्व अवकाश से वंचित किए जाने के मामले में दायर एक याचिका पर विचार करते हुए केरल हाईकोर्ट ने महिला एवं बाल विकास विभाग में परामर्शदाता के रूप में कार्यरत एक म‌‌हिला की सेवा को समाप्त करने के राज्य सरकार के फैसले पर असहमति प्रकट की, और बर्खास्तगी के आदेश को रद्द कर दिया।जस्टिस देवन रामचंद्रन ने अपने फैसला में कहा कि "केवल एक महिला ही जानती है कि मातृत्व और अपने करियर को संतुलित करना कितना कठिन है।"वंदना श्रीमेधा ने उक्त याचिका दायर की थी। वह अनुबंध पर एक परामर्शदाता के रूप में कार्यरत थी।...

धर्म का चुनाव कपल के बीच का मामला: गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से गुजरात धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम को चुनौती देने वाली याचिका पर जवाब मांगा
"धर्म का चुनाव कपल के बीच का मामला": गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से गुजरात धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम को चुनौती देने वाली याचिका पर जवाब मांगा

गुजरात हाईकोर्ट ने गुजरात धार्मिक स्वतंत्रता (संशोधन) अधिनियम, 2021 को चुनौती देने वाली याचिका पर गुजरात राज्य सरकार को नोटिस जारी किया और कोर्ट ने कहा कि अंतर-धार्मिक विवाह के मामले में यह विवाहित जोड़े को तय करना है कि उन्हें किस धर्म का पालन करना है। दरअसल, गुजरात धर्म की स्वतंत्रता अधिनियम, 2003 को संशोधित करके गुजरात धार्मिक स्वतंत्रता (संशोधन) अधिनियम, 2021 बनाया गया है।याचिकाकर्ताओं की प्रस्तुतियांवकील मिहिर जोशी ने गुजरात धार्मिक स्वतंत्रता (संशोधन) अधिनियम, 2021 की धारा 3 का उल्लेख...

वकीलों के खिलाफ कोई दुर्भावना नहीं: राजस्थान उच्च न्यायालय ने जॉली एलएलबी 2 के संबंध में अक्षय कुमार के खिलाफ दायर मानहानि की शिकायत खारिज किया
"वकीलों के खिलाफ कोई दुर्भावना नहीं": राजस्थान उच्च न्यायालय ने 'जॉली एलएलबी 2' के संबंध में अक्षय कुमार के खिलाफ दायर मानहानि की शिकायत खारिज किया

राजस्थान हाईकोर्ट ने बुधवार को बॉलीवुड फिल्म जॉली एलएलबी 2 के संबंध में अभिनेता अक्षय कुमार के खिलाफ वर्ष 2017 में दायर मानहानि की एक आपराधिक शिकायत को खारिज कर दिया।जस्टिस सतीश कुमार शर्मा की खंडपीठ ने फिल्म जॉली एलएलबी 2 के ट्रेलर के आधार पर अक्षय कुमार के खिलाफ आईपीसी की धारा 500 के तहत संज्ञान लेने वाले अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट, जयपुर मेट्रोपॉलिटन सांगानेर के आदेश को भी खारिज कर दिया।कोर्ट ने अपने आदेश में जोर देकर कहा, "याचिकाकर्ता एक कलाकार है, जिसकी किसी व्यक्ति या...

पटना हाईकोर्ट
पटना हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया पर देवी सरस्वती की अश्लील तस्वीरें पोस्ट करने के आरोपियों को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया

पटना हाईकोर्ट ने देवी सरस्वती की मूर्ति के साथ अश्लील तस्वीरें लेने और प्रसारित करने के दो आरोपियों को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है। याचिकाकर्ता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 153 (ए) [धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने और सद्भाव बनाए रखने के लिए प्रतिकूल कार्य करना], 506 [आपराधिक धमकी], और धारा 34 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67 [इलेक्ट्रॉनिक रूप में अश्लील सामग्री को प्रकाशित या प्रसारित करना] के तहत...

एक मजबूत न्याय वितरण प्रणाली के लिए अखिल भारतीय न्यायिक सेवा का गठन आवश्यक: केंद्र सरकार ने राज्यसभा में कहा
एक मजबूत न्याय वितरण प्रणाली के लिए 'अखिल भारतीय न्यायिक सेवा' का गठन आवश्यक: केंद्र सरकार ने राज्यसभा में कहा

केंद्रीय कानून मंत्री ने राज्यसभा में कहा कि सरकार अखिल भारतीय न्यायिक सेवा (All India Judicial Service) के गठन के संबंध में सभी संबंधित हितधारकों के साथ परामर्श प्रक्रिया में लगी हुई है और इसका निर्माण एक मजबूत न्याय वितरण प्रणाली के लिए आवश्यक है।केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू सांसद भास्कर राव नेकांति, प्रशांत नंदा और शांता छेत्री द्वारा अखिल भारतीय न्यायिक सेवाओं के निर्माण की दिशा में हुई प्रगति के बारे में जानकारी मांगने के सवाल का जवाब दे रहे थे।केंद्रीय कानून मंत्री किरेन...

दिल्ली दंगा मामले की जांच का विवरण मीडिया में कैसे लीक हुआ, यह पता नहीं चल सका : दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट में बताया
दिल्ली दंगा मामले की जांच का विवरण मीडिया में कैसे लीक हुआ, यह पता नहीं चल सका : दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट में बताया

दिल्ली दंगों के मामले में मीडिया में अपने कथित इकबालिया बयान के लीक होने के संबंध में स्टूडेंट एक्टिविस्ट आसिफ इकबाल तन्हा की याचिका के संबंध में दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट को सूचित किया कि जांच अधिकारी यह पता नहीं लगा सके कि जांच के दौरान कहां से कथित तौर पर जांच का विवरण मीडिया में साझा किया गया।यह भी बताया गया है कि जांच अधिकारी ने विभिन्न मीडिया कर्मियों से पूछताछ की जिन्होंने अपने उन स्रोतों का विवरण साझा करने से इनकार कर दिया, जहां से उन्होंने जांच संबंधी दस्तावेज प्राप्त किए थे।इसके अलावा,...

लोग या तो मानसिक बीमारी को नज़रअंदाज़ करते हैं या धार्मिक रूप से उसका उपचार करते हैं : एचपी हाईकोर्ट ने मानसिक बीमारी के आधार पर बलात्कार के आरोपी को ज़मानत दी
"लोग या तो मानसिक बीमारी को नज़रअंदाज़ करते हैं या धार्मिक रूप से उसका उपचार करते हैं" : एचपी हाईकोर्ट ने मानसिक बीमारी के आधार पर बलात्कार के आरोपी को ज़मानत दी

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट (एचपी हाईकोर्ट) ने हाल ही में गंभीर मानसिक बीमारी से पीड़ित बलात्कार के एक आरोपी को यह कहते हुए ज़मानत दी कि उसे इस अवस्था में जेल में नहीं छोड़ा जा सकता।न्यायमूर्ति अनूप चितकारा की खंडपीठ एक नाबालिग लड़की को लुभाने और उसके साथ बलात्कार करने के आरोप में एक व्यक्ति की गिरफ्तारी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी।न्यायालय ने महत्वपूर्ण रूप से देखा कि,"... लोगों और समाज में एक प्रवृत्ति है कि मानसिक समस्याओं को बीमारी के रूप में नहीं मानते और इस प्रकार या तो इसे अनदेखा कर देते हैं...

COVID-19 की दूसरी लहर के दौरान मेडिकल ऑक्सीजन के मुफ्त वितरण में शामिल लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं: दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट में बताया
COVID-19 की दूसरी लहर के दौरान मेडिकल ऑक्सीजन के मुफ्त वितरण में शामिल लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं: दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट में बताया

दिल्ली सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट को सूचित किया कि उसने उन लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने या मुकदमा न चलाने का फैसला नहीं किया है, जो इस साल मई और अप्रैल के महीनों में राष्ट्रीय राजधानी में आई दूसरी COVID-19 लहर के दौरान COVID रोगियों को मेडिकल ऑक्सीजन के मुफ्त वितरण में शामिल थे।न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की खंडपीठ को यह भी सूचित किया गया कि दिल्ली सरकार ऐसे व्यक्तियों या संगठनों के खिलाफ शुरू किए गए अभियोजन को वापस लेना चाहती है, जो बिना किसी गलत इरादे के COVID...

पीड़ित मुआवजा योजना के तहत महिला का दावा इसलिए खारिज किया गया क्योंकि उससे संपर्क नहीं हो सका, दिल्ली हाईकोर्ट ने डीएलएसए को समग्र दृष्टिकोण से निर्णय पर पुनर्विचार करने के लिए कहा
पीड़ित मुआवजा योजना के तहत महिला का दावा इसलिए खारिज किया गया क्योंकि उससे संपर्क नहीं हो सका, दिल्ली हाईकोर्ट ने डीएलएसए को समग्र दृष्टिकोण से निर्णय पर पुनर्विचार करने के लिए कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली कानूनी सेवा प्राधिकरण को पीड़ित मुआवजा योजना के तहत अंतरिम मुआवजे के लिए एक महिला के आवेदन पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया है, जिसे पहले इस कारण से खारिज कर दिया गया था कि उससे न तो संपर्क हो पा रहा था और न ही उसके द्वारा अपने दावे का समर्थन करने के लिए कोई दस्तावेज दिए गए थे। अपने आवेदन में महिला ने यौन अपराधों का शिकार होने का दावा किया था।जस्टिस रेखा पल्ली ने डीएलएसए को मामले का समग्र दृष्टिकोण लेने के लिए कहा, और उसे एक सप्ताह की अवधि के भीतर याचिकाकर्ता के दावे...

राजस्थान उच्‍च न्यायालय ने उच्‍च न्यायालय, अधीनस्थ न्यायालयों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियम अधिसूचित किए
राजस्थान उच्‍च न्यायालय ने उच्‍च न्यायालय, अधीनस्थ न्यायालयों के लिए 'वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियम' अधिसूचित किए

राजस्थान उच्च न्यायालय ने 'राजस्‍थान हाईकोर्ट्स रूल्स फॉर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग फॉर कोर्ट्स 2020' को नोटिफाई किया है। ये ‌नियम राजस्थान उच्च न्यायालय और सभी अधीनस्थ न्यायालयों में तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।नियमों में कहा गया है कि न्यायिक कार्यवाही के सभी चरणों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधाओं का उपयोग किया जा सकता है। नियम यह भी स्पष्ट करते हैं कि "एक न्यायालय द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जाने वाली सभी कार्यवाही न्यायिक कार्यवाही होगी और भौतिक अदालत पर लागू सभी शिष्टाचार और...

God Does Not Recognize Any Community, Temple Shall Not Be A Place For Perpetuating Communal Separation Leading To Discrimination
'रमी और पोकर कौशल पर आधारित खेल' : मद्रास हाईकोर्ट ने ऑनलाइन गेमिंग पर प्रतिबंध लगाने वाले तमिलनाडु राज्य के कानून को रद्द किया

मद्रास हाईकोर्ट ने मंगलवार को तमिलनाडु गेमिंग और पुलिस कानून (संशोधन) अधिनियम, 2021 को रद्द कर दिया। इस संशोधन के तहत दांव लगाए जाने वाले ऑनलाइन गेमिंग रमी और पोकर पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।तमिलनाडु गेमिंग अधिनियम, 1930 में संशोधन करके तमिलनाडु गेमिंग और पुलिस कानून (संशोधन) अधिनियम, 2021 के भाग II को शमिल किया गया था।मुख्य न्यायाधीश संजीब बनर्जी और न्यायमूर्ति सेंथीकुमार राममूर्ति की पीठ गेमिंग कंपनियों द्वारा दायर याचिकाओं के एक बैच पर फैसला सुनाई, जो वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर रमी और पोकर जैसे...

दिल्ली हाईकोर्ट ने राज्य में शरणार्थी शिविरों के लिए बुनियादी आवश्यकताओं की मांग करने वाली याचिका पर GNCTD को प्रतिनिधित्व पर विचार करने का निर्देश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने राज्य में शरणार्थी शिविरों के लिए बुनियादी आवश्यकताओं की मांग करने वाली याचिका पर GNCTD को प्रतिनिधित्व पर विचार करने का निर्देश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली सरकार को राष्ट्रीय राजधानी में शरणार्थी शिविरों में रहने वाले पड़ोसी देशों के उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों के लिए भोजन, पानी, स्वच्छता और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग वाली जनहित याचिका पर विचार करने का निर्देश दिया।मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने संबंधित अधिकारियों को तथ्यों पर लागू कानून और नीति के अनुसार प्रतिनिधित्व तय करने का निर्देश दिया।याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश अधिवक्ता गौतम झा ने पीठ के समक्ष कहा,"यह बहुत ही...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अनिल देशमुख मामले में महाराष्ट्र सरकार द्वारा असहयोग का आरोप लगाने वाली सीबीआई की याचिका पर नोटिस जारी किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने अनिल देशमुख मामले में महाराष्ट्र सरकार द्वारा असहयोग का आरोप लगाने वाली सीबीआई की याचिका पर नोटिस जारी किया

बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आरोप लगाया गया है कि महाराष्ट्र सरकार राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले की जांच के लिए दस्तावेज साझा नहीं कर रही है।जस्टिस एसएस शिंदे और जस्टिस एनजे जमादार की खंडपीठ ने गुरुवार को राज्य को नोटिस जारी किया।इसके साथ ही मामले को 11 अगस्त को सुनवाई के लिए पोस्ट किया।सीबीआई के लिए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार से स्थानांतरण और पोस्टिंग पर दस्तावेजों की मांग नहीं करने...

लीक की जिम्मेदारी कौन लेगा?: मीडिया लीक मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में दिशा रवि के वकील ने कहा
लीक की जिम्मेदारी कौन लेगा?: मीडिया लीक मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में दिशा रवि के वकील ने कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को क्लाइमेट एक्टिविस्ट दिशा रवि की याचिका पर सुनवाई जारी रखी। दिशा ने याचिका में किसान विरोध प्रदर्शनों से संबंधित 'टूलकिट' मामले में दिल्ली पुलिस को किसी भी जांच सामग्री को मीडिया में लीक करने से रोकने की मांग की है।उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस ने इस साल फरवरी में एक हलफनामा दाखिल कर आरोपों से इनकार किया था।दिल्ली पुलिस का दावा है कि "प्रेस ब्रीफिंग या प्रसारण के माध्यम से आधिकारिक रूप से संप्रेषित जानकारी, जो रिकॉर्ड पर मौजूद है, को छोड़कर सब्जैक्ट चैट सहित केस फाइल...

अंतरराष्ट्रीय विवाह से पैदा हुए बच्चों के हितों की रक्षा के लिए गार्डियन एंड वार्ड एक्ट के तहत फैमिली कोर्ट के क्षेत्राधिकार को फिर से परिभाषित करेंः मद्रास हाईकोर्ट
अंतरराष्ट्रीय विवाह से पैदा हुए बच्चों के हितों की रक्षा के लिए गार्डियन एंड वार्ड एक्ट के तहत फैमिली कोर्ट के क्षेत्राधिकार को फिर से परिभाषित करेंः मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा है कि गार्डियन एंड वार्ड एक्ट (संरक्षक और प्रतिपाल्य अधिनियम) 1890 के तहत निर्धारित फैमिली कोर्ट के अधिकार क्षेत्र को फिर से परिभाषित किया जाना चाहिए ताकि उन बच्चों के अधिकारों और हितों की पर्याप्त रूप से रक्षा की जा सके जिनके माता-पिता ने अंतरराष्ट्रीय विवाह किया है।एक संशोधित कानून बनाने की आवश्यकता पर विचार करते हुए, न्यायमूर्ति जे. निशा बानो ने कहा, ''गार्डियन एंड वार्ड एक्ट 1890, वर्ष 1890 का है,उस समय अंतर्देशीय विवाह या विदेशी विवाह पर...

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाथ से मैला ढोने के कानून के सख्त अनुपालन की मांग वाली याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाथ से मैला ढोने के कानून के सख्त अनुपालन की मांग वाली याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका में केंद्र को नोटिस जारी किया है। इस याचिका में सेप्टिक टैंक और सीवर की हाथ से सफाई के कारण होने वाली मौतों को रोकने के लिए मैनुअल स्कैवेंजर्स और उनके पुनर्वास अधिनियम, 2013 के रूप में रोजगार निषेध का कड़ाई से अनुपालन करने की मांग की गई है।मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता द्वारा दायर आवेदन को एक पक्ष के रूप में भारत के संघ के पक्ष में रखने की अनुमति दी और केंद्र को एक जवाबी हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया।अब इस...

पेगासस जासूसी मामला: पश्चिम बंगाल जांच आयोग ने लोगों से और संबंधित हितधारकों से जानकारी मांगी
पेगासस जासूसी मामला: पश्चिम बंगाल जांच आयोग ने लोगों से और संबंधित हितधारकों से जानकारी मांगी

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति ज्योतिर्मय भट्टाचार्य की जांच आयोग ने गुरुवार को सभी प्रमुख समाचार पत्रों में एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया, जिसमें लोगों से और संबंधित हितधारकों से पेगासस स्पाइवेयर जासूसी मामले से संबंधित आरोपों के बारे में जानकारी मांगी।आयोग का गठन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा 26 जुलाई को आयोग अधिनियम, 1952 की धारा 3 उप-धारा (1) और (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अनुसार किया गया था।न्यूज पोर्टल...