"एक अपवित्र गठबंधन में प्रवेश किया": पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने अन्य पुरुष के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाली विवाहित महिला की सुरक्षा याचिका खारिज की

  • P&H High Court Dismisses Protection Plea Of Married Woman Residing With Another Man

    Punjab & Haryana High Court

    पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने एक महिला की सुरक्षा याचिका को खारिज कर दिया। न्यायालय ने कहा विवाहित और विवाह से पैदा हुए बच्चे के बावजूद अन्य पुरुष के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रह रही महिला ने पुरुष के साथ अपवित्र गठबंधन में प्रवेश किया है।

    दंपति ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी और महिला के पति और परिजनों से अपने जीवन और स्वतंत्रता की सुरक्षा की मांग की थी। दंपति का आरोप था कि ये सभी उनके लिव इन रिलेशनशिप का विरोध कर रहे थे।

    जस्टिस संत प्रकाश ने याचिका को खारिज करते हुए कहा,

    "इस प्रकार, इस न्यायालय को यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि याचिकाकर्ता संख्या 1 ने याचिकाकर्ता संख्या 2 के साथ एक अपवित्र गठबंधन में प्रवेश किया है। ‌निरे आरोपों को छोड़कर कि निजी प्रतिवादी संख्या 5 से 7 तक ने धमकी दे दी है, याचिकाकर्ताओं ने रिकॉर्ड पर कोई सहायक सामग्री नहीं रखी है।"

    महिला का विवाह उसकी मर्जी के खिलाफ प्रतिवादी संख्या 7 से जुलाई, 2018 में हुआ था। विवाह से उन्होंने एक बच्चे को जन्म दिया। शादी से खुश नहीं होने पर आरोप लगाया गया कि पति ने महिला को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया, जिसके कारण उसने ससुराल छोड़ दिया।

    दंपति ने आरोप लगाया गया कि प्रतिवादी उनके साथ रहने के खिलाफ था और उन्हें खत्म करने की धमकी दी थी। यह मानते हुए कि उन्हें नुकसान पहुंचाया जा सकता है, याचिका में यह भी कहा गया है कि याचिकाकर्ता दंपति ने 13 अगस्त, 2021 को एक अभ्यावेदन प्रस्तुत किया था, लेकिन पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।

    अदालत ने कहा , "याचिकाकर्ताओं के विद्वान अधिवक्ता को सुनने के बाद, इस न्यायालय का विचार है कि वर्तमान रिट याचिका एक से अधिक कारणों से खारिज किए जाने योग्य है । "

    याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील की सुनवाई करते हुए, अदालत ने कहा कि वह अदालत को यह नहीं समझा सके कि महिला ने अपने पति से कानूनी तलाक ले लिया है।

    यह देखते हुए कि अदालत के पास अपने असाधारण रिट क्षेत्राधिकार का प्रयोग करने के लिए रिट याचिका में कोई वैध और ठोस सामग्री नहीं दी गई, याचिका खारिज कर दी गई।

    शीर्षक: सिमरनजीत कौर और अन्य बनाम हरियाणा राज्य और अन्य

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