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मद्रास हाईकोर्ट के आदेश के बाद एनएमसी ने मेडिकल कॉलेजों को LGBTQIA+ समुदाय के बारे में अवैज्ञानिक और अपमानजनक जानकारी देने वाली पुस्तकों को मंजूरी नहीं देने का निर्देश दिया
मद्रास हाईकोर्ट के आदेश के बाद एनएमसी ने मेडिकल कॉलेजों को LGBTQIA+ समुदाय के बारे में 'अवैज्ञानिक' और 'अपमानजनक' जानकारी देने वाली पुस्तकों को मंजूरी नहीं देने का निर्देश दिया

मद्रास हाईकोर्ट के हाल ही में भारत में मेडिकल कोर्स को संशोधित करने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया और इसी क्रम में हाईकोर्ट ने नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने पिछले सप्ताह एक एडवाइज़री जारी की, जिसमें सभी मेडिकल संस्थानों को LGBTQIA+ समुदाय के बारे में 'अवैज्ञानिक, अपमानजनक और भेदभावपूर्ण जानकारी' वाली पाठ्यपुस्तकों को मंजूरी देने से परहेज करने का निर्देश दिया गया।एनएमसी की एडवाइजरी में कहा गया,"यह देखा गया कि मुख्य रूप से फोरेंसिक मेडिसिन एंड टॉक्सिकोलॉजी विषय और मनोचिकित्सा विषय की मेडिकल...

रणजीत सिंह हत्याकांड: डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम और चार अन्य को सीबीआई कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई
रणजीत सिंह हत्याकांड: डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम और चार अन्य को सीबीआई कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई

पंचकूला स्थित सीबीआई कोर्ट ने सोमवार को डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह और चार अन्य को रणजीत सिंह हत्याकांड में उम्रकैद की सजा सुनाई।विशेष सीबीआई जज सुशील गर्ग ने 8 अक्टूबर को उन्हें आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत दोषी ठहराया था। मामले में जिन अन्य दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई, उनमें अवतार सिंह, कृष्ण लाल, जसबीर सिंह और सबदिल सिंह शामिल हैं। एक आरोपी इंदर सेन की 2020 में मौत हो गई थी।उल्‍लेखनीय है कि रणजीत सिंह डेर प्रबंधक थे और गुरमीत राम रहीम के...

सीआरपीसी 200 के तहत एक निजी शिकायत का संज्ञान: कर्नाटक हाईकोर्ट ने मजिस्ट्रेटों के पालन के लिए प्रक्रिया निर्धारित की
सीआरपीसी 200 के तहत एक निजी शिकायत का संज्ञान: कर्नाटक हाईकोर्ट ने मजिस्ट्रेटों के पालन के लिए प्रक्रिया निर्धारित की

कर्नाटक हाईकोर्ट ने दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 200 के तहत मजिस्ट्रेट से की गई निजी शिकायत का संज्ञान लेने के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया निर्धारित की है। जस्टिस श्रीनिवास हरीश कुमार की सिंगल जज बेंच ने 22 जुलाई को दिए अपने आदेश में कहा संज्ञान लेने की प्रक्रिया का पालन निम्नानुसार किया जा सकता है: -(i) मजिस्ट्रेट को प्रस्तुति के बाद शिकायत को पढ़ना चाहिए और यदि वह जाहिरा तौर पर पाता है कि अपराध या अपराधों का खुलासा नहीं हो रहा है तो वह शिकायत को अस्वीकार या खारिज कर सकता है।...

Consider The Establishment Of The State Commission For Protection Of Child Rights In The UT Of J&K
ट्रायल कोर्ट ने महिला की शिक्षा पर पड़ने वाले कथित अपराध के प्रभाव पर ध्यान केंद्रित किया, न्यायिक विवेक का प्रयोग नहीं किया: जम्मू और कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने पोक्सो के आरोपी को जमानत दी

जम्मू और कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय ने हाल ही में नाबा‌लिग पर यौन हमले के एक आरोपी को जमानत दे दी। कोर्ट ने कहा कि पीड़िता और उसके पिता ने आरोपी के खिलाफ धारा 164 सीआरपीसी (बयान और स्वीकारोक्‍ति की रिकॉर्डिंग) में ‌‌दिए बयान में कुछ भी नहीं कहा है।अदालत ने यह भी कहा कि मौजूदा मामले में मूलभूत तथ्य, जो याचिकाकर्ता के खिलाफ पोक्सो अधिनियम की धारा 29 (कुछ अपराधों के रूप में अनुमान) के तहत अनुमान को जन्म देते हैं, स्थापित नहीं किए गए।आरोपी इशफाक अहमद खान को सत्र न्यायाधीश ने उसे इस आधार पर जमानत...

God Does Not Recognize Any Community, Temple Shall Not Be A Place For Perpetuating Communal Separation Leading To Discrimination
'नाबालिग बच्चों के हितों से समझौता नहीं किया जा सकता': मद्रास हाईकोर्ट ने राज्य को बाल गृहों का समय-समय पर निरीक्षण करने के निर्देश दिए

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में संबंधित राज्य के अधिकारियों को बाल गृहों में रहने की स्थिति, सुविधाओं और प्रशासन को विनियमित करने के लिए समय-समय पर निरीक्षण करने का निर्देश दिया है।न्यायमूर्ति एसएम सुब्रमण्यम ने आगे आदेश दिया कि यदि उपरोक्त निर्देशों का पालन करने में विफलता होती है तो विभाग के प्रमुख और संबंधित सरकारी प्राधिकरण ऐसे अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई शुरू करने के लिए स्वतंत्र होंगे।कोर्ट ने कहा, "बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और भारत के संविधान के तहत राज्य का कर्तव्य है। नाबालिग...

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
बच्चों को 'मानक' नैतिक मूल्य सिखा रहे स्कूलों को आसपास लिकर रेस्टोरेंट होने से चिंता करने की जरूरत नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल में कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सपनों के मुताबिक स्टूडेंट्स को नैत‌िम मूल्य सिखा रहे स्कूलों को यह चिंता नहीं करनी चाहिए कि उनके आसपास के क्षेत्र में ल‌िकर रेस्टोरेंट होने के कारण किसी छात्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। जस्टिस जीएस कुलकर्णी की खंडपीठ ने यह टिप्‍पणी एक स्कूल के पास एक रेस्टोरेंट को शराब लाइसेंस देने के आबकारी विभाग के आदेश के खिलाफ दायर याचिका को खारिज करते हुए की।मामलादेवराम मुंडे ने दो अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ याचिकाकर्ता स्कूल के आसपास के...

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में जिला न्यायालय परिसर के अंदर वकील की गोली मारकर हत्या
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में जिला न्यायालय परिसर के अंदर वकील की गोली मारकर हत्या

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के जिला अदालत परिसर में आज (सोमवार) सुबह करीब साढ़े 11 बजे एक वकील की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वकील की पहचान भूपेंद्र सिंह के रूप में हुई है। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, वकील कथित तौर पर किसी से बात कर रहा था, जब उसे एक अज्ञात व्यक्ति ने गोली मार दी।घटना के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है और घटना की जांच की जा रही है।पुलिस अधीक्षक एस आनंद ने कहा,"शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, ऐसा प्रतीत होता है कि वह व्यक्ति अकेला था। घटना के समय उसके आसपास कोई अन्य व्यक्ति...

दिल्ली हाईकोर्ट ने वरिष्ठ अधिकारियों को अनावश्यक रूप से समन पर श्रम न्यायालयों को आगाह किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने वरिष्ठ अधिकारियों को अनावश्यक रूप से समन पर श्रम न्यायालयों को आगाह किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि श्रम न्यायालयों को वरिष्ठ अधिकारियों की व्यक्तिगत उपस्थिति का आदेश देते समय सतर्क रहना चाहिए, खासकर उन मामलों में जहां इसका निर्धारण किया जाना बाकी है।न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने दक्षिण दिल्ली नगर निगम के आयुक्त को बिना किसी उचित औचित्य के तलब करने वाले एक श्रम न्यायालय की कार्रवाई पर नाराजगी व्यक्त की।अदालत ने कहा,"श्रम न्यायालय को वरिष्ठ अधिकारियों की व्यक्तिगत उपस्थिति का आदेश देते समय सतर्क रहना चाहिए। विशेष रूप से व्यक्तिगत मामलों में जहां श्रम न्यायालय द्वारा...

Gujarat High Court
अधिवक्ताओं की ओर से हमें प्रतिदिन बहुत सारी बीमारी की पर्ची भेजी जा रही है, इसके लिए एक मैकेनिज्म विकसित करने की आवश्यकता है: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व वाली पीठ ने आज कहा कि न्यायालय को अधिवक्ताओं की ओर से प्रतिदिन बहुत सारी बीमारी की पर्ची भेजी जा रही है और इसके लिए एक मैकेनिज्म विकसित करने की आवश्यकता है।मुख्य न्यायाधीश अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति मौना एम भट्ट की खंडपीठ ने इस प्रकार देखा जब यह बताया गया कि एक वकील ने दूसरे पक्ष की सहमति से एक बीमारी की पर्ची भेजी गई और इसलिए यह प्रार्थना की गई कि मामले को किसी और दिन सूचीबद्ध किया जाए।इस पर मुख्य न्यायाधीश अरविंद कुमार ने मौखिक रूप से कहा,"हर दिन...

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
PMC बैंक धोखाधड़ी मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने राकेश वाधवान की मेडिकल आधार पर जमानत की मांग वाली याचिका खारिज की; कहा- उन्हें सरकारी अस्पताल में सर्वोत्तम संभव उपचार मिल रहा है

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को हाउसिंग डेवलपमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (HDIL) के प्रमोटर राकेश वाधवान की मेडिकल जमानत याचिका खारिज कर दी। उन पर पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक लिमिटेड धोखाधड़ी मामले में करोड़ों रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है।वाधवान ने दावा किया कि उन्हें आगे के इलाज के लिए छोड़ दिया जाना चाहिए क्योंकि सरकारी अस्पताल में उचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं ।न्यायमूर्ति नितिन साम्ब्रे ने कहा कि वाधवान एक प्रसिद्ध सरकारी / निगम अस्पताल में सर्वोत्तम संभव...

दिल्ली हाईकोर्ट
'प्रक्रिया चल रही है': दिल्ली हाईकोर्ट ने और न्यायाधीशों की नियुक्ति की मांग को लेकर दायर याचिका का निपटारा किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में कोर्ट में अधिक संख्या में न्यायाधीशों की नियुक्ति की मांग वाली याचिका का निपटारा किया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोर्ट की सभी पीठें पूरी क्षमता के साथ काम करें।मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने कहा कि सीधी नियुक्ति और पदोन्नति दोनों की प्रक्रिया पहले से ही चल रही है।खंडपीठ ने कहा:"दिल्ली हाईकोर्ट में नियुक्तियां दिल्ली उच्च न्यायिक सेवाओं के साथ-साथ सीधे बार से भी होती हैं। चूंकि सीधी नियुक्तियों के लिए नामों की सिफारिश करने की...

दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म 'फराज' की रिलीज को लेकर फिल्म निर्माता हंसल मेहता और अन्य को समन जारी किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने बॉलीवुड फिल्म निर्माता हंसल मेहता और अन्य के खिलाफ उनकी फिल्म 'फराज' की रिलीज पर रोक लगाने के लिए दायर एक मुकदमा में समन जारी किया।यह फिल्म एक जुलाई, 2016 को बांग्लादेश के ढाका के होली आर्टिसन में हुए आतंकवादी हमले पर आधारित है।यह मुकदमा उस परिवार ने दायर किया है जिसने हमले में अपनी बेटियों को खो दिया था। उन्हें डर है कि फिल्म में उनकी बेटियों को गलत तरीके से दिखाया जा सकता है, इसलिए उनके पक्ष में एक स्थायी और अनिवार्य निषेधाज्ञा जारी करने के लिए प्रार्थना की है। इसके साथ ही...

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
SC/ST Act- "कोई अपराध तब तक नहीं माना जाएगा जब तक यह नहीं दिखाया जाता कि मृतक शरीर को केवल जाति के कारण कस्टडी में रखा गया": बॉम्बे हाईकोर्ट ने अस्पताल के कर्मचारियों को अग्रिम जमानत दी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में एक अस्पताल के कर्मचारियों को अग्रिम जमानत दी, जिन पर कथित तौर पर शिकायतकर्ता, अन्य लोगों (जो अनुसूचित जाति समुदाय के सदस्य हैं) के रिश्तेदार का शव कस्टडी में रखने का आरोप लगाया गया है। इसके साथ ही अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति अधिनियम (SC/ST Act) के तहत मामला दर्ज किया गया है।यह देखते हुए कि अस्पताल के बिल को पूरा नहीं भरने के कारण शव को कस्टडी में रखा गया था, न्यायमूर्ति संदीप के शिंदे की खंडपीठ ने कहा कि मृत शरीर को कस्टडी में रखना एससी / एसटी अधिनियम 1989 के...

गुजरात एंटी-लव जिहाद कानून: हाईकोर्ट ने आरोपी-पति और उसके रिश्तेदारों को उसकी और शिकायतकर्ता-पत्नी की संयुक्त समझौता याचिका पर अंतरिम जमानत दी
गुजरात 'एंटी-लव जिहाद' कानून: हाईकोर्ट ने आरोपी-पति और उसके रिश्तेदारों को उसकी और शिकायतकर्ता-पत्नी की संयुक्त समझौता याचिका पर अंतरिम जमानत दी

गुजरात हाईकोर्ट ने बुधवार को एक आरोपी/पति, उसके रिश्तेदारों को उसकी और उसकी शिकायतकर्ता-पत्नी द्वारा दायर एक संयुक्त समझौता याचिका पर अंतरिम जमानत दी, जिसमें गुजरात धार्मिक स्वतंत्रता (संशोधन) अधिनियम, 2021 [एंटी लव जिहाद कानून] के तहत प्राथमिकी को रद्द करने की मांग की गई थी।न्यायमूर्ति इलेश जे. वोरा की खंडपीठ अंतरधार्मिक जोड़े की संयुक्त याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें कहा गया था कि मुद्दों को सुलझा लिया गया है और वे अपने वैवाहिक संबंधों को जारी रखना चाहते हैं।पहले तीन आरोपियों को जमानत मिल...

एनडीपीएस अधिनियम के तहत फोरेंसिक रिपोर्ट मामले की नींव रखती है; इसकी अनुपस्थिति में अभियोजन के मामले का आधार खत्म हो जाता है: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
एनडीपीएस अधिनियम के तहत फोरेंसिक रिपोर्ट मामले की नींव रखती है; इसकी अनुपस्थिति में अभियोजन के मामले का आधार खत्म हो जाता है: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण अवलोकन में कहा कि एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) अधिनियम के तहत फॉरेंसिक रिपोर्ट मामले की नींव रखती है और इसकी अनुपस्थिति में अभियोजन के मामले का आधार खत्म हो जाता है।न्यायमूर्ति गुरविंदर सिंह गिल की खंडपीठ ने यह बात विनय कुमार को जमानत देते हुए कही। दरअसल, आरोपी के पास से 'क्लोविडोल -10 एसआर' (ट्रामाडोल हाइड्रोक्लोराइड) की 7000 गोलियां कथित तौर पर बरामद की गई थीं।महत्वपूर्ण बात यह है कि वर्तमान मामले में प्रस्तुत अंतिम रिपोर्ट...

केंद्र सरकार ने गुजरात हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के रूप में सात अधिवक्ताओं की नियुक्ति अधिसूचित की
केंद्र सरकार ने गुजरात हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के रूप में सात अधिवक्ताओं की नियुक्ति अधिसूचित की

केंद्र सरकार ने गुजरात हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के रूप में सात अधिवक्ताओं की नियुक्ति अधिसूचित की है। नियुक्ति पाने वाले अधिवक्ता इस प्रकार हैं।1. श्रीमती मौना मनीष भट्ट2. समीर ज्योतिंद्रप्रसाद दवे3. हेमंत महेशचंद्र प्राचचक4. संदीप नवरतलाल भट्ट5. अनिरुद्ध प्रद्युम्न माई6. निरल रश्मीकांत मेहता7. सुश्री निशा महेंद्रभाई ठाकोरइनके नामों की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 29 सितंबर को की थी। गुजरात उच्च न्यायालय में वर्तमान में 52 न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या में से 27 पद रिक्ति हैं।

कर्नाटक हाईकोर्ट ने एसजेएमसी डॉक्टरों को अनिवार्य ग्रामीण सेवा से छूट देने का अंतरिम आदेश पारित किया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने एसजेएमसी डॉक्टरों को अनिवार्य ग्रामीण सेवा से छूट देने का अंतरिम आदेश पारित किया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत के माध्यम से निर्देश देते हुए कहा कि अनिवार्य एक वर्षीय ग्रामीण सेवा के संबंध में राज्य सरकार की अधिसूचना दिनांक 04.10.2021 सेंट जॉन्स मेडिकल कॉलेज के 38 एमबीबीएस स्नातकों पर लागू नहीं होगी।न्यायमूर्ति आर देवदास की एकल पीठ ने डॉ गली सम्राट और अन्य द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा,"चूंकि याचिकाकर्ताओं ने ग्रामीण सेवाओं से छूट के लिए प्रथम दृष्टया मामला बनाया है, इसलिए याचिकाकर्ता अंतरिम राहत के हकदार हैं। नतीजतन यह निर्देश दिया जाता है कि राज्य सरकार...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हिंदू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी की हत्या के आरोपी को NSA के तहत निरोध के रखने का आदेश बरकरार रखा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हिंदू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी की हत्या के आरोपी को NSA के तहत निरोध के रखने का आदेश बरकरार रखा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की निर्मम हत्या की साजिश रचने के आरोपी व्यक्ति के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत पारित निरोध (Detention) का आदेश बरकरार रखा।न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति सरोज यादव की खंडपीठ ने कहा कि भले ही डिटेंशन की अवधि पहले ही खत्म हो चुकी हो फिर भी हिरासत में लिए गए व्यक्ति/याचिकाकर्ता मोहसीन सलीम शेख के खिलाफ पारित निरोध आदेश में औचित्य पाया गया।आदेश बरकरार रखते हुए खंडपीठ ने कहा:"इस मामले के तथ्यों पर यह नहीं...