मुख्य सुर्खियां
मां की कार्य प्रतिबद्धता उसे उसके बच्चे की कस्टडी के लिए अनुपयुक्त नहीं बनाती: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि एक नाबालिग का 'कल्याण' केवल इस आधार पर तय नहीं किया जा सकता है कि किस माता-पिता के पास अधिक खाली समय है। कोर्ट ने आगे कहा कि एक व्यस्त अभिनेत्री की कार्य प्रतिबद्धताएं उसे उसके बच्चे की कस्टडी के लिए अनुपयुक्त नहीं बनाती हैं।जस्टिस एसएस शिंदे और जस्टिस एनजे जमादार की खंडपीठ ने अपने नाबालिग बेटे की कस्टडी के लिए अनुच्छेद 226 के तहत पति की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को खारिज कर दिया। हालांकि, अदालत ने उन्हें मुलाक़ात के अधिकार की अनुमति दी।व्यक्ति ने दावा किया कि उसकी अलग...
जूनियर वकीलों की पीड़ा को अनदेखा नहीं कर सकते: केरल हाईकोर्ट ने बार काउंसिल को अनिवार्य स्टाइपेंड लागू करने में देरी के लिए फटकार लगाई
केरल हाईकोर्ट ने गुरुवार को राज्य बार काउंसिल को 2018 में जारी सरकार के आदेश को लागू नहीं करने पर फटकार लगाई। इस आदेश में जूनियर वकीलों को प्रत्येक को 5,000 रुपये का वजीफा देने का निर्देश दिया गया है।न्यायमूर्ति पीवी कुन्हीकृष्णन ने कहा:"कोर्ट यह दिखावा नहीं कर सकता कि उसे जूनियर वकीलों की पीड़ा दिखाई नहीं दे रही है।"बार काउंसिल ने स्पष्ट किया कि सरकारी आदेश को लागू करने में देरी चल रही महामारी के कारण हुई।हालांकि, बेंच ने कहा कि बार काउंसिल का स्पष्टीकरण असंतोषजनक है और यह जूनियर वकील हैं जो...
'उत्तेजना लोगों के मानसिक रवैये पर निर्भर करती है': दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म 'द कन्वर्जन' की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को फिल्म 'द कन्वर्जन' की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार किया। दरअसल, कथित तौर पर सांप्रदायिक रूप से आरोपित सामग्री प्रदर्शित करने और धार्मिक समुदायों के बीच नफरत फैलाने का आरोप लगाते हुए चुनौती दी गई थी।मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल ने शुरुआत में टिप्पणी की,"उत्तेजना लोगों के मानसिक रवैये पर निर्भर करती है।" न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने भी कहा, "किसी को किसी भी बात से उकसाया जा सकता है, यहां तक कि बिना किसी के एक भी शब्द कहे। जबकि कुछ लोग कभी उत्तेजित नहीं हो सकते, वे...
'हमारे देश में मुकदमों को पूरा होने में समय लगता है': केरल हाईकोर्ट ने आपराधिक मामलों में अभियुक्तों को पासपोर्ट जारी करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए
केरल हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में गुरुवार को आपराधिक कार्यवाही में शामिल व्यक्तियों को पासपोर्ट जारी करने की अनुमति देते समय आपराधिक अदालतों द्वारा विचार किए जाने वाले दिशानिर्देशों जारी किए।न्यायमूर्ति बेचू कुरियन थॉमस ने पिछले पांच वर्षों से नए पासपोर्ट जारी करने की प्रतीक्षा कर रहे एक व्यक्ति द्वारा दायर याचिका का निपटारा करते हुए कहा:"मजिस्ट्रेट द्वारा किसी आरोपी को विदेश यात्रा करने की अनुमति देना बहुत महत्वपूर्ण होगा। खासकर जब यह विदेश यात्रा करने के लिए एक नागरिक के मौलिक अधिकार और...
"इसमें सालों लगेंगे":कोर्ट ने दिल्ली दंगों के मामले में सुनवाई में देरी पर चिंता व्यक्त की
दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को यूएपीए और आईपीसी के तहत आरोपों से जुड़े दिल्ली दंगों के बड़े षड्यंत्र के मामले में सुनवाई में देरी पर चिंता व्यक्त की और अभियोजन पक्ष से केवल उन दस्तावेजों के संबंध में जवाब दाखिल करने को कहा जो सीआरपीसी की धारा 207 के तहत आरोपी व्यक्तियों द्वारा पेश किए गए आवेदनों में नहीं दिए जा सकते।यह टिप्पणी अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत की ओर से आई जिन्होंने कहा कि यदि सभी आरोपी व्यक्ति अलग-अलग तारीखों पर सीआरपीसी की धारा 207 के तहत आवेदन दाखिल कर रहे हैं और अभियोजन...
'बलात्कार पीड़िता की गरिमा को बरकरार रखा जाना चाहिए, जिरह में निंदनीय प्रश्नों को रोकना जज का कर्तव्य': बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने निचली अदालतों को चेतावनी दी है कि वे यह सुनिश्चित करें कि बलात्कार पीड़िता की गरिमा की रक्षा की जाए और जिरह के दरमियान पूछताछ का मकसद पीड़िता का अपमान करना या उसे परेशान करना न हो। जस्टिस साधना जाधव और जस्टिस सारंग कोतवाल की पीठ ने निचली अदालतों को भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 148, 151 और 152 का इस्तेमाल करने की ताकीद की है। साथ ही कहा है कि अदालतें जिरह की ऐसी दिशा को रोक दें। पीठ ने पीड़िता को भी याद दिलाया है कि उसे बचाव पक्ष के वकीलों के प्रश्नों के जवाब देने के...
COVID-19: दिल्ली हाईकोर्ट और जिला न्यायालयों में 30 अक्टूबर तक रिस्ट्रिक्टेड फिजिकल हियरिंग जारी रहेगी
दिल्ली हाईकोर्ट और जिला अदालतें 30 अक्टूबर तक रिस्ट्रिक्टेड फिजिकल हियरिंग के साथ काम करती रहेंगी।हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार द्वारा जारी कार्यालय आदेश के अनुसार:"माननीय फुल कोर्ट द्वारा यह आदेश जारी किया गया कि इस न्यायालय में मामलों की सुनवाई का मौजूदा तंत्र 30.10.2021 तक जारी रहेगा। इसके अलावा, वर्ष 2019 में स्थापित मामलों को भी इस न्यायालय द्वारा 04.10.2021 से लिया जाएगा। "आदेश में आगे कहा गया कि 04.10.2021 से 30.10.2021 तक न्यायालय के समक्ष सूचीबद्ध अन्य सभी लंबित मामले सामूहिक रूप से स्थगित...
कोर्ट ने दिल्ली दंगों से संबंधित तीन अलग-अलग मामलों में सात के खिलाफ आरोप तय किए
दिल्ली की एक अदालत ने पिछले साल राष्ट्रीय राजधानी के उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों से संबंधित तीन अलग-अलग मामलों में दंगा, गैरकानूनी एसेंबली और आईपीसी के अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के अपराधों के लिए कुल सात लोगों के खिलाफ आरोप तय किए हैं।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव ने आरोपी व्यक्तियों जैसे कि इमराम @ मॉडल, इमरान, दिनेश यादव @ मिशेल, बाबू @ साहिल, संदीप @ मोगली टिंकू और संदीप भाटी के खिलाफ आरोप तय किए।कोर्ट ने संदीप भाटी के खिलाफ एफआईआर 98/2020 के आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 427, 436, 380,...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को ट्रांसजेंडरों को कोलकाता पुलिस की भर्ती परीक्षा में बैठने की अनुमति देने का निर्देश दिया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने बुधवार को एक ट्रांसजेंडर आवेदक को राहत देते हुए राज्य सरकार को ट्रांसजेंडरों को कोलकाता पुलिस भर्ती परीक्षा में बैठने की अनुमति देने का निर्देश दिया।हाईकोर्ट ने एक ट्रांसजेंडर द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए उक्त निर्देश दिया।याचिका में आरोप लगाया गया था कि वर्ष 2021 के लिए कोलकाता पुलिस में सब-इंस्पेक्टर और सार्जेंट के पद पर भर्ती के लिए एक ट्रांसजेंडर व्यक्ति को एप्लाई करने की अनुमति देने के लिए ऑनलाइन एप्लिकेशन फॉर्म में आवश्यक ट्रांसजेंडर कॉलम नहीं दिया...
'सभी गवाहों के परीक्षण के बाद ही आरोपी का अपराध स्थापित किया जा सकता है': कर्नाटक हाईकोर्ट ने बलात्कार मामले की फिर से सुनवाई के निर्देश दिए
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में एक निचली अदालत द्वारा एक नाबालिग से बलात्कार के आरोपी व्यक्ति को बरी करने के आदेश को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि आरोपी द्वारा वांछित सभी गवाहों के परीक्षण के बाद ही आरोपी का अपराध स्थापित किया जा सकता है।न्यायमूर्ति जी नरेंद्र और न्यायमूर्ति एम आई अरुण की खंडपीठ ने राज्य सरकार द्वारा दायर अपील की अनुमति देते हुए कहा,"मामला फिर से निचली अदालत के पास भेजा जा रहा है ताकि अभियोजन पक्ष को आवश्यक सबूत पेश करने की स्वतंत्रता दी जा सके।" आरोपी संतोष को भारतीय दंड संहिता...
'जेजे एक्ट का उद्देश्य पूरा विफल हुआ': कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंत्री के कहने पर राज्य चयन समिति में नियुक्त अयोग्य व्यक्तियों को हटाया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में कर्नाटक राज्य चयन समिति के दो सदस्यों की नियुक्ति को इस आधार पर रद्द कर दिया कि उनके पास किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 और उसके तहत बनाए गए नियमों के तहत निर्धारित आवश्यक योग्यता नहीं है।उक्त समिति का गठन किशोर न्याय चयन समिति के सदस्यों के चयन के लिए किया गया है।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सचिन शंकर मगदुम की खंडपीठ ने सुधा कटवा की याचिका को स्वीकार करते हुए कहा,"किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण)...
"यह एक गंभीर मामला, इस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता", दिल्ली हाईकोर्ट ने रोहिणी कोर्ट हॉल के अंदर हुई गोलीबारी की घटना का स्वत: संज्ञान लिया
दिल्ली हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली पीठ ने रोहिणी कोर्ट हॉल के अंदर हुई गोलीबारी की घटना का स्वत: संज्ञान लिया है। चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस ज्योति सिंह की खंडपीठ ने शुरुआत में कहा, "यह एक गंभीर मामला है और इस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।"कोर्ट ने दिल्ली पुलिस आयुक्त, गृह मंत्रालय और केंद्रीय कानून मंत्रालय को प्रतिवादी पक्षों के रूप में शामिल किया। कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन सहित दिल्ली के सभी बार एसोसिएशन को भी प्रतिवादी के रूप में जोड़ा है।उपरोक्त सभी...
'प्रक्रिया का पूर्ण दुरुपयोग': मद्रास हाईकोर्ट ने 'बेकार' अपील पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया, मध्यस्थों पर वाद चलाने के खिलाफ चेतावनी
मद्रास हाईकोर्ट ने बुधवार को एक याचिका रद्द करते हुए याचिकाकर्ता पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया। याचिकाकर्ता ने मध्यस्थता संबधी एक फैसले को चुनौती दी थी और उसे कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग कहा था। कोर्ट ने एक महीने के भीतर प्रतिवादी को 50,000 रुपये और तमिलनाडु कानूनी सेवा प्राधिकरण (टीएनएसएलए) को 50,000 रुपये का भुगतान करने का अपीलकर्ता को निर्देश दिया।चीफ जस्टिस संजीब बनर्जी और जस्टिस पीडी ऑदिकेसवालु की पीठ 23 फरवरी, 2021 को मध्यस्थता न्यायालय द्वारा पारित आदेश के खिलाफ अपील पर फैसला...
वकील को अपने मुवक्किल की शिकायत पर बहस करनी चाहिए, न कि अपनी: मुंबई कोर्ट
एक सत्र अदालत ने COVID-19 वायरस के खिलाफ जबरदस्ती टीकाकरण के बारे में एक दोषी की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि एक वकील को अपने मुवक्किल की शिकायत पर बहस करनी चाहिए, न कि अपनी।विशेष न्यायाधीश संजाश्री घरात ने कहा कि जब पुलिस उसे अस्पताल ले गई तो दोषी ने जबाव देने से इनकार नहीं किया था। हालांकि, उनके वकील नीलेश ओझा टीकाकरण के खिलाफ थे और उन्होंने उच्च न्यायालय में अनिवार्य टीकाकरण को चुनौती देने वाली याचिका दायर की थी।न्यायाधीश ने कहा,"यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि पक्षकार का प्रतिनिधित्व करने...
दिल्ली हाईकोर्ट ने डीआरटी में रिकवरी ऑफिसर की शीघ्र नियुक्ति करने को कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र को बिना किसी देरी के पूरे भारत में लोन रिकवरी न्यायाधिकरणों में रिकवरी ऑफिसरों की नियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने इस संबंध में सुनवाई की अगली तारीख 17 नवंबर को स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने की मांग की।इसमें अब तक की प्रगति पर प्रकाश डाला गया।पीठ लोन रिकवरी न्यायाधिकरण के समक्ष लंबित उच्च मूल्य की वसूली के मामलों के निपटान में देरी के मुद्दे को उठाने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी।मामले में पहले की एक...
मां द्वारा अपने बच्चे को स्तनपान कराना अनुच्छेद 21 के तहत गारंटीकृत मौलिक अधिकारों रूप में संरक्षित अधिकार; शिशु को स्तनपान कराने का अधिकार भी मां के अधिकार के साथ आत्मसात: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि एक बच्चे को स्तनपान कराना मातृत्व का एक महत्वपूर्ण गुण है और भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत गारंटीकृत मौलिक अधिकारों के रूप में संरक्षित है।न्यायमूर्ति कृष्णा एस दीक्षित ने अपने आदेश में कहा,"घरेलू कानून और अंतरराष्ट्रीय कानून के आलोक में स्तनपान कराने वाली मां के एक अपरिहार्य अधिकार के रूप में मान्यता देने की आवश्यकता है। इसी तरह, स्तनपान कराने वाले शिशु के भी स्तनपान के अधिकार को मां के अधिकार के साथ आत्मसात किया जाना चाहिए। यकीनन, यह समवर्ती अधिकारों का...
'प्रचार के लिए याचिका': मद्रास हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया, जनहित याचिका दायर करने पर 2 साल का प्रतिबंध
मद्रास हाईकोर्ट ने बुधवार को एक याचिकाकर्ता पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया। याचिकाकर्ता ने राज्य सरकार की ओर से फरवरी 2021 को सरकारी अधिकारियों की सेवानिवृत्ति की आयु को 59 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष करने के फैसले को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ता को कोर्ट से पिछली अनुमति प्राप्त किए बिना दो साल के लिए कोई जनहित याचिका याचिका दायर करने से भी रोक दिया गया । चीफ जस्टिस संजीब बनर्जी और जस्टिस पीडी ऑदिकेसवालु की पीठ ने शुरू में कहा, "याचिका पूरी तरह से गलत है और केवल प्रचार के उद्देश्य से दायर...
यह COVID-19 के एक सुपर-स्प्रेडर की ओर ले जा सकता है: केरल हाईकोर्ट के समक्ष राज्य सरकार ने अपने बयान में ऑर्थोडॉक्स-जैकोबाइट चर्च विवाद में एक्शन न लेने को सही ठहराया
केरल हाईकोर्ट के समक्ष अपने बयान में राज्य सरकार ने ऑर्थोडॉक्स-जैकोबाइट विवाद में केएस वर्गीस और अन्य बनाम सेंट पीटर और सेंट पॉल सीरियाई ऑर्थोडॉक्स और अन्य मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रस्तावित तंत्र और प्रणाली को लागू नहीं करने के कारण के रूप में चल रही महामारी का हवाला दिया।अतिरिक्त महाधिवक्ता अशोक एम चेरियन के माध्यम से दायर बयान में कहा गया:"इन मुश्किल समय के दौरान, जब COVID-9 मामलों की रिपोर्टिंग अपने चरम पर है, अगर आदेश को अभी लागू करना है, तो दोनों गुट बड़े समूहों में आएंगे, जबकि...
12वीं क्लास में फेल छात्र को दिया गया बीडीएस एडमिशन एक साल बाद रद्द; राजस्थान हाईकोर्ट ने नीट काउंसलिंग बोर्ड, कॉलेज को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने को कहा
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में एनईईटी काउंसलिंग बोर्ड और एक डेंटल कॉलेज को प्रोविज़नल अलॉटमेंट और एडमिशन के समय कैंडिडेट की ओर से पेश स्कूल सर्टिफिकेट की पूरी तरह से जांच करने में गंभीर चूक का दोषी ठहराया है। जस्टिस अशोक कुमार गौर की सिंगल-जज बेंच एक बीडीएस छात्र की रिट याचिका पर विचार कर रही थी, जिसे उसके एडमिशन के लगभग एक साल बाद राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज़ ने नामांकन से वंचित कर दिया था, जब यह पता चला कि वह सीनियर स्कूल एग्जाम में केमस्ट्री में फेल हो गया...
आरटीआई एक्टिविस्ट अमित जेठवा मर्डर केस- गुजरात हाईकोर्ट ने पूर्व सांसद दीनू सोलंकी की उम्रकैद की सजा पर रोक लगाई
गुजरात हाईकोर्ट ने गुरुवार को पूर्व भाजपा सांसद दीनू बोघा सोलंकी की आजीवन कारावास की सजा को निलंबित कर दिया।सोलंकी को 2019 में आरटीआई कार्यकर्ता अमित जेठवा की हत्या के लिए 2019 में एक विशेष सीबीआई अदालत द्वारा दोषी ठहराया गया था, जब कार्यकर्ता ने गिर वन क्षेत्र में अवैध खनन गतिविधियों को उजागर करने की कोशिश की थी।न्यायमूर्ति परेश उपाध्याय और न्यायमूर्ति एसी जोशी की पीठ ने उनकी सजा को निलंबित करते हुए और उन्हें सशर्त जमानत देते हुए कहा कि सीबीआई अदालत का फैसला 'धारणाओं और अनुमानों' पर आधारित था...


















