मुख्य सुर्खियां

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य में विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए दायर जनहित याचिका पर कई निर्देश जारी किए

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने इंटरनेट कनेक्टिविटी के मामले में राज्य के निवासियों, विशेष रूप से राज्य के ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के निवासियों की दुर्दशा को उजागर करने वाली एक जनहित याचिका (पीआईएल) याचिका से निपटने के लिए राज्य सरकार को कई निर्देश जारी किए।न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति चंद्र भूषण बरोवालिया की खंडपीठ ने निम्नलिखित निर्देश जारी किए:भवन निर्माण पूर्णता प्रमाणपत्र को संरचना उपयुक्तता प्रमाणपत्र से बदलेंकोर्ट ने निर्देश दिया कि चीफ इंजीनियर, हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण...

पीड़िता द्वारा कोई शारीरिक प्रतिरोध न करना, कृत्य के लिए सहमति देना नहीं : मद्रास हाईकोर्ट ने बलात्कार की सजा बरकरार रखी
पीड़िता द्वारा कोई शारीरिक प्रतिरोध न करना, कृत्य के लिए सहमति देना नहीं : मद्रास हाईकोर्ट ने बलात्कार की सजा बरकरार रखी

मद्रास हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट) और निचली अपीलीय अदालत (सत्र न्यायाधीश) द्वारा दी गई बलात्कार की सजा बरकरार रखते हुए अभियुक्त की तरफ से दायर आपराधिक पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी और कहा कि अभियुक्त के खिलाफ शारीरिक और हिंसक प्रतिरोध की कमी इस कृत्य को सहमतिपूर्ण नहीं बनाएगी। अदालत ने कहा कि, '' पीड़िता ने आरोपी का शारीरिक और हिंसक रूप से विरोध नहीं किया, यह तथ्य इस कृत्य को सहमतिपूर्ण नहीं बनाएगा ... किसी को पीड़िता की तकलीफ समझनी होगी और फिर पूरे प्रकरण को उसके...

मनु, कौटिल्य जैसे प्राचीन भारतीय कानूनी दिग्गजों की उपेक्षा और औपनिवेशिक कानूनी व्यवस्था का अनुपालन संवैधानिक लक्ष्यों के लिए हानिकारक: जस्टिस अब्दुल नजीर
मनु, कौटिल्य जैसे प्राचीन भारतीय कानूनी दिग्गजों की उपेक्षा और औपनिवेशिक कानूनी व्यवस्था का अनुपालन संवैधानिक लक्ष्यों के लिए हानिकारक: जस्टिस अब्दुल नजीर

सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस एस अब्दुल नजीर ने लीगल सिस्टम के भारतीयकरण का अह्वान किया है। उन्होंने कहा कि हमें प्राचीन भारतीय कानूनी दर्शन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है, साथ ही "औपनिवेशिक मानसिकता" से छुटकारा पाना आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि सभी भारतीय विश्वविद्यालयों को विधि पाठ्यक्रमों में भारतीय न्यायशास्त्र को अनिवार्य विषय के रूप में शामिल करना चाहिए। जस्टिस नजीर अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद की 16वीं राष्ट्रीय परिषद की बैठक में 'भारतीय कानूनी प्रणाली के उपनिवेशीकरण' विषय पर बोलते हुए...

COVID Management Amid WB Polls
COVID से अनाथ हुए बच्‍चे: कलकत्ता हाईकोर्ट ने मुआवजे, अन्य राहत संबंधी WBCPCR की याचिका पर चुनाव आयोग से जवाब मांगा

कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्च‌िम बंगाल बाल अधिकार संरक्षण आयोग (WBCPCR) की ओर से दायर एक याचिका पर चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। याचिका में COVID महामारी के दरमियान अनाथ हुए बच्‍चों के ल‌िए मुआवजे की मांग की गई है।जस्टिस हरीश टंडन और जस्टिस सौमेन सेन की खंडपीठ ने WBCPCR की याचिका पर जवाब मांगा है, जिसमें चुनाव आयोग को प्रत्येक बच्चे को मुआवजा प्रदान करने का निर्देश देने की मांग की गई थी, जिन्होंने फरवरी 2021 में राज्य चुनावों की घोषणा के कारण COVID-19 महामारी के दौरान अपनी जान गंवाई थी।एडवोकेट ऑन...

दिल्ली हाईकोर्ट
सेवानिवृत्त कर्मचारियों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों से निपटने में दिल्ली सरकार से थोड़ी अधिक संवेदनशीलता की उम्मीद: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि दिल्ली सरकार से अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों से निपटने में थोड़ी अधिक संवेदनशीलता की उम्मीद करता है।न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने याचिकाकर्ता के अपनी पत्नी के इलाज के लिए उसके द्वारा खर्च की गई राशि के लिए 4,27,276 रुपये की राशि के दावे की प्रतिपूर्ति को एनसीटी दिल्ली सरकार के (1 मार्च, 2021) खारिज करने के आदेश को रद्द कर दिया।याचिकाकर्ता दिल्ली न्यायिक सेवा के एक सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारी और दिल्ली सरकार कर्मचारी स्वास्थ्य योजना...

गुवाहाटी हाईकोर्ट
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम सरकार को गुवाहाटी के झोपड़पट्टी क्षेत्रों में राशन कार्ड लाभार्थियों की पहचान करने और जरूरतमंदों की मदद करने का निर्देश दिया

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को गुवाहाटी के झोपड़पट्टी क्षेत्रों में राशन कार्ड लाभार्थियों की पहचान करने का निर्देश दिया।जस्टिस एन कोटेश्वर सिंह और जस्टिस मालाश्री नंदी की खंडपीठ ने यह भी निर्देश दिया कि जिन परिवारों को COVID-19 महामारी में मदद की जरूरत है उन्हें भोजन और अन्य दैनिक सहायता के रूप में तुरंत मदद दी जाए।यह आदेश गुवाहाटी के सैयदा मेहजेबिन रहमान द्वारा गुवाहाटी जिले के झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों (उज़ानबाजार, भारलुमुख, शांतिपुर और भुतनाथ के स्लम क्षेत्रों में) के परिवारों के लिए राशन...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
वकीलों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही से निपटना 'दर्दनाक', उनका अनुचित आचरण न्यायिक व्यवस्था में जनता का विश्वास कम करता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने जिला न्यायाधीश, गोंडा द्वारा जारी एक पत्र के आधार पर 12 अधिवक्ताओं के खिलाफ शुरू किए गए एक अवमानना मामले से निपटते हुए कहा कि अदालत के लिए वकील के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही से निपटना दर्दनाक है, जो न्यायालय के अधिकारी माने जाते हैं।न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार जौहरी की खंडपीठ ने यह भी कहा कि वकीलों का अनुचित आचरण / व्यवहार न्यायिक प्रणाली में जनता के विश्वास को कम करता है।संक्षेप में मामलाकोर्ट अनिवार्य रूप से वर्ष 2001 में...

हाईकोर्ट ऑफ कर्नाटक
COVID-19: कर्नाटक हाईकोर्ट ने ईसाई महिला को शर्तों के अधीन अपने घर में प्रार्थना करने की अनुमति दी; पुलिस को वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए कहा

कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक अंतरिम आदेश के माध्यम से कर्नाटक के उडुपी जिले में रहने वाली एक 70 वर्षीय ईसाई महिला को अपने घर में प्रार्थना करने की अनुमति दी है।न्यायमूर्ति कृष्ण एस दीक्षित की एकल पीठ ने कहा कि एजीए से प्रतिवादी संख्या 1 से 4 के लिए नोटिस स्वीकार करने का अनुरोध किया जाता है, याचिकाकर्ता द्वारा दिए गए निम्नलिखित अंडरटेकिंग के अधीन प्रार्थना के अनुसार अंतरिम आदेश जारी किया जाता है।याचिकाकर्ता ने कहा है, "प्रार्थना करने वाले व्यक्तियों की अधिक मण्डली नहीं होनी चाहिए, ताकि COVID-19 या...

प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद स्मारकों की दयनीय स्थिति पर जनहित याचिका: पटना हाईकोर्ट ने निरीक्षण का निर्देश देते हुए केंद्र और बिहार सरकार से जवाब मांगा
प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद स्मारकों की 'दयनीय स्थिति' पर जनहित याचिका: पटना हाईकोर्ट ने निरीक्षण का निर्देश देते हुए केंद्र और बिहार सरकार से जवाब मांगा

पटना हाईकोर्ट ने बिहार के तीन अलग-अलग स्थानों पर स्थित भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के स्मारकों की दयनीय स्थिति को उजागर करने वाली एक जनहित याचिका (पीआईएल) याचिका पर सुनवाई की। याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने गुरुवार को केंद्र और राज्य सरकार से जवाब मांगा।चीफ जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एस कुमार की खंडपीठ ने स्मारकों का दौरा करने, बुनियादी ढांचे और मामलों की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए स्थानीय आयुक्तों की एक टीम नियुक्त की। साथ ही सुझाव दिया कि तीनों स्थानों पर स्मारक...

दिल्ली हाईकोर्ट, दिल्ली
पीठासीन न्यायाधीशों में संवेदनशीलता और परिपक्वता का पूर्ण अभाव: दिल्ली हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के आदेश पर नाखुशी जताई

दिल्ली हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट द्वारा पारित आदेशों पर यह टिप्पणी करते हुए अपनी नाखुशी व्यक्त की है कि पीठासीन न्यायाधीशों में संवेदनशीलता और परिपक्वता का पूर्ण अभाव है।जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस जसमीत सिंह ने कहा,"हम बार-बार फैमिली कोर्ट द्वारा पारित आदेशों के सामने आ रहे हैं जो पीठासीन न्यायाधीशों द्वारा संवेदनशीलता और परिपक्वता का पूर्ण अभाव प्रदर्शित करते हैं। हम बार-बार कह रहे हैं कि अदालतें वादियों की सहायता करने के लिए हैं और हर अवसर पर उनके बचाव में आती हैं। अदालतें न्याय देने और आम...

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
असहायों के लिए वास्तविक न्याय की आवश्यकताः बॉम्बे हाईकोर्ट ने रेलवे क्लेम और अपीलों की अधिक संख्या को देखते हुए लोक अदालतों की मांग की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने रेलवे क्लेम ट्रिब्यूनल (आरसीटी) के विभिन्न क्षेत्रों में लोक अदालतों के गठन की मांग की ताकि ट्रिब्यूनल के समक्ष बड़ी संख्या में लंबित मामलों में "जरूरतमंद और असहाय वादियों को न्याय प्रदान किया जा सके।"जस्टिस पृथ्वीराज चव्हाण ने 23 दिसंबर को आदेश पारित करते हुए कहा,"यह सामान्य बात है कि रेलवे दुर्घटना में अधिकांश पीड़ित/मृत्यु मुख्य रूप से आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि वाले समाज के सामाजिक रूप से वंचित तबके से हैं।"अदालत ने यह भी कहा कि न्याय हासिल करने के उद्देश्य को प्राप्त...

व्हाट्सएप ग्रुप एडमिनिस्ट्रेटर सदस्यों द्वारा आपत्तिजनक पोस्ट के लिए जिम्मेदार नहीं: मद्रास हाईकोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले पर भरोसा जताया
व्हाट्सएप ग्रुप एडमिनिस्ट्रेटर सदस्यों द्वारा आपत्तिजनक पोस्ट के लिए जिम्मेदार नहीं: मद्रास हाईकोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले पर भरोसा जताया

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में एक व्हाट्सएप ग्रुप एडमिनिस्ट्रेटर को एक सदस्य द्वारा ग्रुप में आपत्तिजनक पोस्ट भेजने पर दर्ज प्राथमिकी में राहत दी। कोर्ट ने निर्देश दिया कि अगर जांच से पता चलता है कि उसने केवल एक एडमिनिस्ट्रेटर की भूमिका निभाई है और इससे ज्यादा कुछ नहीं तो ग्रुप एडमिनिस्ट्रेटर को आरोप पत्र से एक आरोपी के रूप में हटा दिया जाना चाहिए। मदुरै बेंच करूर लॉयर्स नामक एक व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिनिस्ट्रेटर द्वारा दायर एक याचिका पर विचार कर रही थी, जिसमें उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द...

17 साल की मुस्लिम लड़की अपनी पसंद के व्यक्ति के साथ शादी करने में सक्षम: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
17 साल की मुस्लिम लड़की अपनी पसंद के व्यक्ति के साथ शादी करने में सक्षम: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार को एक मुस्लिम लड़की (17 वर्ष की उम्र) को सुरक्षा प्रदान की। उक्त लड़की ने एक हिंदू व्यक्ति (33 वर्ष) से ​​शादी की। हाईकोर्ट ने कहा कि लड़की मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत विवाह योग्य उम्र की है।जस्टिस हरनरेश सिंह गिल की पीठ दंपति (एक हिंदू पुरुष और एक मुस्लिम महिला) द्वारा दायर एक सुरक्षा याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इन्होंने एक हिंदू मंदिर में अपनी शादी की और उसके बाद अपने जीवन और स्वतंत्रता की सुरक्षा की मांग की।संक्षेप में मामलानरगिस (17 वर्षीय) और उसके पति (33...

नागरिकों के आपराधिक इतिहास की जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराने वाली वेबसाइट, प्लेटफॉर्म का विवरण दें : इलाहाबाद हाईकोर्ट
नागरिकों के आपराधिक इतिहास की जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराने वाली वेबसाइट, प्लेटफॉर्म का विवरण दें : इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश पुलिस को आरोपी व्यक्तियों के आपराधिक इतिहास के बारे में जानकारी बड़े पैमाने पर जनता तक पहुंचाने के लिए वेबसाइट/प्लेटफॉर्म के विवरण का खुलासा करने को कहा।जस्टिस मनोज कुमार गुप्ता और जस्टिस ओम प्रकाश त्रिपाठी की खंडपीठ ने यह भी सवाल किया कि किसी नागरिक के आपराधिक इतिहास से संबंधित जानकारी पब्ल्लिक डोमेन में क्यों नहीं है और यह पासवर्ड से सुरक्षित क्यों है?बेंच शमशेर द्वारा दायर एक आपराधिक अपील पर सुनवाई कर रही थी। शमशेर की जमानत याचिका पर सुनवाई...

सिख फॉर जस्टिस रेफरेंडम के बारे में एफबी पोस्‍टः पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने यूएपीए आरोपी महिला को जमानत दी
'सिख फॉर जस्टिस रेफरेंडम' के बारे में एफबी पोस्‍टः पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने यूएपीए आरोपी महिला को जमानत दी

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने मंगलवार को यूएपीए के एक आरोपी को जमानत दी। उस पर कथित रूप से अपने फेसबुक अकाउंट पर 'सिख फॉर जस्टिस 2020 रेफरेंडम' के बारे में पोस्ट करने का मामला दर्ज किया गया था। वह दो साल, तीन महीने से अधिक समय से हिरासत में था।जस्टिस अनुपिंदर सिंह ग्रेवाल की खंडपीठ ने यूनियन ऑफ इंडिया बनाम केए नजीब के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि यूएपीए के तहत जमानत देते समय लंबी हिरासत एक आवश्यक कारक होगी।कोर्ट ने कहा, "भारत के संविधान का अनुच्छेद 21 त्वरित परीक्षण...

दिल्ली कोर्ट ने पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी को बिस्तर पर लेटकर वर्चुअल सुनवाई में शामिल होने पर चेतावनी दी
दिल्ली कोर्ट ने पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी को बिस्तर पर लेटकर वर्चुअल सुनवाई में शामिल होने पर चेतावनी दी

दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी को अपने बिस्तर पर लेटे हुए वर्चुअल सुनवाई में शामिल होने के बाद भविष्य में सावधान रहने की चेतावनी दी।विशेष न्यायाधीश, सीबीआई, संजीव अग्रवाल 1994 के अपहरण मामले की सुनवाई कर रहे थे। इसमें सुमेध कुमार सैनी एक आरोपी हैं। इसलिए वह वीसी (सिस्को वीबेक्स ऐप) के माध्यम से कार्यवाही में शामिल थे।हालांकि, मामले की कार्यवाही के दौरान कोर्ट ने पाया कि वह बिस्तर पर लेटते हुए वीसी की कार्यवाही/अदालत में शामिल हुए थे। पूछने पर उन्होंने...

लुधियाना कोर्ट ब्लास्ट: हाईकोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के जिला कोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था का विवरण मांगा
लुधियाना कोर्ट ब्लास्ट: हाईकोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के जिला कोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था का विवरण मांगा

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में जगह-जगह कोर्ट कॉम्प्लेक्स सुरक्षा उपायों का विवरण मांगा है।हाईकोर्ट ने इस संबंध में रजिस्ट्रार जनरल संजीव बेरी ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के सभी जिला और सत्र न्यायाधीशों को निम्नलिखित चार बिंदुओं पर एक पत्र लिखा है। यह पत्र लुधियाना कोर्ट परिसर में हुए विस्फोट के कुछ घंटों के भीतर भेजा गया।पत्र में उल्लेखित बिंदु इस प्रकार हैं-1. क्या न्यायिक न्यायालय परिसरों, अनुमंडल न्यायालय परिसरों, आवासों आदि में सुरक्षा...

गुवाहाटी हाईकोर्ट
असम पुलिस के कथित फर्जी मुठभेड़ों की स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर गुवाहाटी हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर

गुवाहाटी हाईकोर्ट के समक्ष एक जनहित याचिका (PIL) याचिका दायर की गई। इस याचिका में असम पुलिस के कथित फर्जी मुठभेड़ों की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।दिल्ली के एक वकील आरिफ जवादर ने उक्त याचिका दायर की है। याचिका में वकील ने हाईकोर्ट की निगरानी में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), विशेष जांच दल (एसआईटी) या किसी अन्य राज्य की किसी अन्य पुलिस टीम की निगरानी में एक स्वतंत्र एजेंसी द्वारा जांच की मांग की है।उनके द्वारा दायर याचिका में पुलिस कर्मियों द्वारा कथित आरोपियों की फर्जी मुठभेड़ में हत्याओं को...