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पीएम की सुरक्षा में चूक: दिल्ली हाईकोर्ट में सिविल और सैन्य अधिकारियों को एसपीजी के अधीन कार्रवाई करने का निर्देश देने की मांग वाली याचिका दायर
पीएम की सुरक्षा में चूक: दिल्ली हाईकोर्ट में सिविल और सैन्य अधिकारियों को एसपीजी के अधीन कार्रवाई करने का निर्देश देने की मांग वाली याचिका दायर

दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष एक जनहित याचिका दायर कर सभी नागरिक और सैन्य अधिकारियों को प्रधानमंत्री और उनके परिवार के सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) के पर्यवेक्षण के तहत कार्रवाई करने का निर्देश देने की मांग की गई है।मुख्य न्यायाधीश पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने मामले को 30 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया है, यह देखते हुए कि याचिका में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा के उल्लंघन के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पहले से लंबित मामले में...

केरल हाईकोर्ट
आरएसएस एक स्‍थापित और प्रसिद्ध निकाय, सदस्यों के पास आईपीसी की धारा 499 के तहत मानहानि शिकायत दर्ज करने का अधिकार: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में आरएसएस के बारे में एक समाचार पत्र में प्रकाशित एक मानहानिकारक लेख के खिलाफ दायर की गई शिकायत को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 499 के तहत सुनवाई योग्य माना। शिकायत आरएसएस के राज्य सचिव ने दायर की थी।जस्टिस सोफी थॉमस ने कहा कि चूंकि आरएसएस एक स्‍थापित और प्रसिद्ध निकाय है, इसलिए आरएसएस के किसी भी सदस्य को संगठन को बदनाम करने वाले लेख के खिलाफ शिकायत करने का अधिकार है।उन्होंने कहा, "... जब आरएसएस की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले आरोपों से युक्त एक...

मां से बच्चे की कस्टडी मांगने के लिए पिता बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर नहीं कर सकताः कर्नाटक हाईकोर्ट ने 50 हजार जुर्माना लगाया
मां से बच्चे की कस्टडी मांगने के लिए पिता बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर नहीं कर सकताः कर्नाटक हाईकोर्ट ने 50 हजार जुर्माना लगाया

यह कहते हुए कि ''वादी और बार के सदस्य बंदी प्रत्यक्षीकरण (हैबियस कार्पस) जैसी असाधारण रिट के महत्व और गंभीरता को नहीं समझ पाए हैं,'' कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में एक पिता द्वारा दायर उस याचिका को खारिज कर दिया है,जिसमें उसने अपनी 2 साल की बच्ची को अदालत के समक्ष पेश करने का निर्देश देने की मांग की थी। जबकि बच्ची इस समय अपनी मां की सुरक्षित कस्टडी में है।जस्टिस बी वीरप्पा और जस्टिस एमजी उमा की खंडपीठ ने गौरव राज जैन द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए उन पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया...

बैलिस्टिक डेटाबेस बनाने की संभावना की जांच करें: दिल्ली हाईकोर्ट
बैलिस्टिक डेटाबेस बनाने की संभावना की जांच करें: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने राज्य पुलिस को एक बैलिस्टिक डेटाबेस बनाने की संभावना की जांच करने के लिए कहा है। इसमें उन सभी आग्नेयास्त्रों की रिपोर्ट रखी जाती है, जिनके लिए लाइसेंस जारी किए जाते हैं। इन्हें जांच के मामले में एक्सेस किया जा सकता है।जस्टिस संजीव सचदेवा ने पुलिस आयुक्त द्वारा नियुक्त समिति को इस संबंध में सीएफएसएल के तकनीकी विशेषज्ञों से भी परामर्श करने को कहा।अदालत ने आदेश दिया,"उपरोक्त संदर्भित पुलिस आयुक्त द्वारा नियुक्त समिति बैलिस्टिक डेटाबेस के निर्माण की संभावना की भी जांच कर सकती है,...

यूपी विधानसभा चुनाव: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने COVID-19 मामलों में वृद्धि के बीच पीठासीन अधिकारियों के ऑनलाइन ट्रेनिंग की मांग वाली याचिका खारिज की
यूपी विधानसभा चुनाव: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने COVID-19 मामलों में वृद्धि के बीच पीठासीन अधिकारियों के ऑनलाइन ट्रेनिंग की मांग वाली याचिका खारिज की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पीठासीन अधिकारियों (जो COVID-19 ​​​​के लिए अतिसंवेदनशील हैं) की ऑनलाइन ट्रेनिंग के लिए भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) को निर्देश देने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी।जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस शेखर कुमार यादव की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। खंडपीठ ने ने ईसीआई से जवाब मांगा था कि क्या ऑनलाइन मोड के माध्यम से ऐसे व्यक्तियों को ट्रेनिंग दी जा सकती है जो प्रतिरक्षात्मक है और जिनके परिवार के सदस्यों को COVID-19 से खतरा...

मद्रास हाईकोर्ट
तंजावुर आत्महत्या: मद्रास हाईकोर्ट ने कथित धर्मांतरण का वीडियो बनाने वाले व्यक्ति को जांच के लिए बुलाया, वीडियो की फोरेंसिक जांच के आदेश दिए

मद्रास हाईकोर्ट (Madras high Court) की मदुरै पीठ ने 17 वर्षीय लड़की की आत्महत्या (Thanjavur Suicide) से संबंधित जांच को सीबी-सीआईडी को ट्रांसफर करने के लिए दायर एक याचिका में वायरल वीडियो के फोरेंसिक जांच का आदेश दिया है।वीडियो में मृतक ने यह बात कही है कि स्कूल के अधिकारियों ने उसे जबरन ईसाई धर्म में परिवर्तित करने का प्रयास किया। अदालत ने कहा कि जांच अधिकारी द्वारा केवल मृतक की आवाज की पुष्टि पर्याप्त नहीं है।इसलिए, अदालत ने वीडियो बनाने वाले व्यक्ति को 25 जनवरी को जांच अधिकारी के समक्ष...

राज्य शिक्षा विभाग के अधिकारी अपने कर्तव्यों को लापरवाही बरत रहे हैं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
राज्य शिक्षा विभाग के अधिकारी अपने कर्तव्यों को लापरवाही बरत रहे हैं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में टिप्पणी की कि राज्य शिक्षा विभाग और उसके अधिकारी इसके खिलाफ उठाई गई शिकायतों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। वे बहुत ही लापरवाही से अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे हैं।जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की खंडपीठ ने प्रमुख सचिव, बेसिक शिक्षा, उत्तर प्रदेश सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अपने कर्तव्यों का पालन करना शुरू कर दें। आने वाले सभी मामलों पर जल्द से जल्द अंतिम निर्णय लें।ऐसा न करने पर कोर्ट ने चेतावनी दी कि वह इन चूक करने वाले...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
हमारे समाज में जाति व्यवस्था गहरी जड़ें जमा चुकी है; आजादी के 75 साल बाद भी हम इस सामाजिक खतरे से बाहर नहीं निकल पाए: इलाहाबाद हाईकोर्ट

"हमारे समाज में जाति व्यवस्था गहरी जड़ें जमा चुकी है। हम खुद को एक शिक्षित समाज के रूप में गर्व करते हैं, लेकिन हम अपने जीवन को दोहरे मानकों के साथ जीते हैं। आजादी के 75 साल बाद भी हम इस सामाजिक खतरे से बाहर नहीं निकल पाए।"इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने हाल ही में एक कथित ऑनर किलिंग मामले में हत्या के आरोपी को जमानत देते हुए यह टिप्पणी की। न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी की खंडपीठ ने यह भी कहा कि यह उन समझदार लोगों का नैतिक कर्तव्य है, जो वंचितों और दलितों की रक्षा करते हैं ताकि...

माता-पिता के बीच मनमुटाव से उनके बच्चे की शिक्षा प्रभावित नहीं होनी चाहिए: कर्नाटक हाईकोर्ट
माता-पिता के बीच मनमुटाव से उनके बच्चे की शिक्षा प्रभावित नहीं होनी चाहिए: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट (Karnataka High Court) ने कहा है कि माता-पिता के बीच मनमुटाव से उनके बच्चे की शिक्षा प्रभावित नहीं होनी चाहिए।न्यायमूर्ति कृष्णा एस दीक्षित ने मां और उसकी 8 वर्षीय बेटी द्वारा दायर याचिका को स्वीकार किया। याचिका में बेंगलुरु के एक स्कूल को उसका ट्रांसफर सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश देने की मांग की गई थी।सोरसफोर्ट इंटरनेशनल स्कूल ने इस आधार पर याचिका का विरोध किया कि पिता की सहमति के बिना टीसी जारी नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा, जब तक स्कूल की बकाया फीस का भुगतान नहीं...

COVID-19 पीड़ितों के परिवारों को मुआवजे से केवल इसलिए वंचित नहीं किया जा सकता कि आवेदन फिजिकल रूप से दायर किए गए: बॉम्बे हाईकोर्ट
COVID-19 पीड़ितों के परिवारों को मुआवजे से केवल इसलिए वंचित नहीं किया जा सकता कि आवेदन फिजिकल रूप से दायर किए गए: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को यह सूचित किए जाने के बाद नाराजगी व्यक्त की कि कई COVID-19 पीड़ितों के परिजनों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि से इसलिए वंचित किया जा रहा है, क्योंकि इन लोगों ने अपने दावा फॉर्म ऑनलाइन पोर्टल के बजाय फिजिकल प्रारूप में जमा किए गए थे।जस्टिस एमएस कार्णिक ने कहा,"वेब पोर्टल आपकी सुविधा के लिए है। मुआवजा प्राप्त करना उनका अधिकार है। उन्हें सिर्फ इसलिए वंचित नहीं किया जा सकता क्योंकि उन्होंने [आवेदन] दर्ज किया है।"चीफ जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एमएस कार्णिक की खंडपीठ...

God Does Not Recognize Any Community, Temple Shall Not Be A Place For Perpetuating Communal Separation Leading To Discrimination
लड़की की आत्महत्या की परिस्थितियों पर ध्यान दें, धर्म परिवर्तन के आरोपों की वीडियोग्राफी करने वाले को परेशान न करेंः मद्रास हाईकोर्ट ने पुलिस से कहा

मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने एक 17 वर्षीय लड़की की मौत से संबंधित जांच को सीबी-सीआईडी या अन्य स्वतंत्र जांच एजेंसियों को स्थानांतरित करने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए पुलिस अधिकारियों से कहा है कि वह उन परिस्थितियों पर ध्यान केंद्रित करें, जिनके कारण इस लड़की ने आत्महत्या की है। अदालत के समक्ष बताया गया था कि पुलिस उस व्यक्ति को परेशान कर रही है जिसने कथित तौर पर लड़की की वीडियोग्राफी की थी। यह वीडियोग्राफी उस समय की गई थी,जब वह धर्म परिवर्तन के लिए उस पर दबाव डालने के आरोप लगा...

नकली कजरिया टाइल डीलरशिप: दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रेडमार्क और कॉपीराइट उल्लंघन मामले में अंतरिम राहत दी
नकली 'कजरिया टाइल' डीलरशिप: दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रेडमार्क और कॉपीराइट उल्लंघन मामले में अंतरिम राहत दी

दिल्ली हाईकोर्ट ने कजारिया सेरामिक्स के पक्ष में प्रथम दृष्टया मामला पाते हुए सीपीसी के आदेश 39 के तहत एक अस्थायी निषेधाज्ञा जारी की। इसमें प्रतिवादी को टाइल निर्माता के पंजीकृत ट्रेडमार्क, कॉपीराइट, डोमेन नाम आदि का उल्लंघन करने से रोका गया है।जस्टिस अमित बंसल ने अंतरिम राहत देते हुए कहा,"प्रतिवादी नंबर पांच जनता को यह विश्वास दिलाकर धोखा दे रहा है कि वे वादी से जुड़े हुए हैं और वादी की ओर से डीलरशिप देने के लिए अधिकृत हैं। इस संबंध में प्रतिवादी नंबर पांच भी डीलरशिप के इच्छुकों से आधार कार्ड,...

दिल्ली की कोर्ट ने एएमयू, जामिया में दिए गए सीएए विरोधी भाषणों के मामले में शरजील इमाम के खिलाफ राजद्रोह के आरोप तय किए
दिल्ली की कोर्ट ने एएमयू, जामिया में दिए गए सीएए विरोधी भाषणों के मामले में शरजील इमाम के खिलाफ राजद्रोह के आरोप तय किए

दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और जामिया इलाके में दिए गए कथित भड़काऊ भाषणों से संबंधित मामले में शरजील इमाम के खिलाफ आरोप तय किए।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने आईपीसी की धारा 124ए (राजद्रोह), 153ए (धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना), 153बी (आरोप, राष्ट्रीय-एकता के खिलाफ अभिकथन), 505 (सार्वजनिक दुर्भावना के लिए बयान) के साथ यूएपीए की धारा 13 (गैरकानूनी गतिविधियों के लिए सजा) के तहत आरोप तय किए।इमाम...

पटना हाईकोर्ट
बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से लीक हो रहे ग्राहकों के डिटेल्स, जिससे हो रहे साइबर अपराध, पटना हाईकोर्ट ने पूरी जांच का निर्देश दिया

पटना हाईकोर्ट ने हाल ही में एक साइबर अपराध मामले की उचित जांच का निर्देश दिया है। मामले में आईपीसी की धारा 419 सहपठित 420 और आईटी एक्ट की धारा 66 (बी) के तहत आरोप लगाए गए थे।जस्टिस संदीप कुमार ने कहा, "यह न्यायालय समझता है कि स्थानीय पुलिस साइबर धोखाधड़ी की जांच में अक्षम है और इसके लिए उसे जिले के अन्य पुलिस अधिकारियों की मदद लेनी पड़ती है। इस न्यायालय की राय में, साइबर अपराधियों द्वारा कोई भी साइबर धोखाधड़ी बैंक खाता विवरण, खाताधारकों के फोन नंबर आदि बैंक कर्मचारियों द्वारा लीक किए जाने...

साइबर क्राइम मामले में डिटेल्स लीक करने में बैंक अधिकारियों की संलिप्तता: पटना हाईकोर्ट ने अन्वेषण के निर्देश दिए
साइबर क्राइम मामले में डिटेल्स लीक करने में बैंक अधिकारियों की संलिप्तता: पटना हाईकोर्ट ने अन्वेषण के निर्देश दिए

पटना हाईकोर्ट (High Court) ने साइबर अपराध (Cyber Crime) मामले में अन्वेषण के निर्देश दिए। मामले में आईपीसी की धारा 419 के साथ पठित 420 और आईटी की धारा 66 (बी) के तहत आरोप लगाए गए हैं।न्यायमूर्ति संदीप कुमार ने कहा,"यह कोर्ट समझता है कि स्थानीय पुलिस साइबर धोखाधड़ी की जांच में अक्षम है और इसके लिए उसे जिले के अन्य पुलिस अधिकारियों की मदद लेनी पड़ती है। इस न्यायालय की राय में, साइबर अपराधियों द्वारा कोई भी साइबर धोखाधड़ी बैंक अकाउंट डिटेल्स, खाताधारकों के फोन नंबर बैंक कर्मचारियों द्वारा लीक किए...

दिल्ली हाईकोर्ट
सार्वजनिक कंपनी के कर्मचारी नियुक्ति प्राधिकारी के अलावा अन्य अधिकारियों के समक्ष भी अनुशासनात्मक कार्यवाही के अधीन हो सकते हैं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने माना कि डिस‌ि‌प्ल‌िनरी आथॉरिटी, हालांकि अनिवार्य सेवानिवृत्ति, बर्खास्तगी और हटाने जैसे बड़े दंड लगाने के लिए सक्षम नहीं है, इसे लागू करने के लिए अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू कर सकता है। यह नोट किया गया कि यह सुझाव देने के लिए कुछ भी नहीं है कि अनुशासनात्मक/बड़ी दंड कार्यवाही शुरू करने के लिए केवल नियुक्ति प्राधिकारी ही सक्षम प्राधिकारी होगा।कोर्ट ने यह अवलोकन सीसीएस (सीसीए) नियम, 1965 के संबंध में किया।ज‌स्टिस वी कामेश्वर राव ने कहा,"भले ही निदेशक (तकनीकी) डीओपी के संदर्भ में...