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Writ Of Habeas Corpus Will Not Lie When Adoptive Mother Seeks Child
डॉक्टर की राय साक्ष्य अधिनियम की धारा 45 के तहत प्रासंगिक, लेकिन यह ठोस साक्ष्य का स्थान नहीं ले सकतीः मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (ग्वालियर बेंच) ने हाल ही में कहा है कि साक्ष्य अधिनियम की धारा 45 के तहत एक डॉक्टर की राय प्रासंगिक साक्ष्य है, लेकिन यह शायद ही कभी ठोस/वास्तविक साक्ष्य की जगह ले सकता है और न ही यह निर्णायक हो सकता है क्योंकि यह केवल एक राय साक्ष्य (opinion evidence) है।जस्टिस राजीव कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने यह कहते हुए एक बल्ली चौधरी की तरफ से दायर उस आपराधिक पुनरीक्षण याचिका (criminal revision plea) को खारिज कर दिया है,जिसमें उसने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 307, 34 और 452...

मोरल पुलिसिंग की अनुमति नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करने और मुस्लिम पुरुष से शादी करने वाली महिला को रिहा करने का आदेश दिया
"मोरल पुलिसिंग की अनुमति नहीं": मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करने और मुस्लिम पुरुष से शादी करने वाली महिला को रिहा करने का आदेश दिया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका (Habeas Corpus) पर निर्णय लेते हुए विवाह या लिव-इन रिलेशनशिप के माध्यम से बालिग व्यक्तियों के एक साथ रहने के संवैधानिक अधिकार को बरकरार रखा।जस्टिस नंदिता दुबे एक पति द्वारा दायर एक याचिका पर विचार कर रही थीं। पति ने याचिका में आरोप लगाया कि उसकी पत्नी के माता-पिता उसे जबरन बनारस ले गए और उसे अवैध रूप से कस्टडी में ले लिया। याचिकाकर्ता ने कहा कि उसने अपनी पत्नी से उसकी सहमति से शादी की और उसने स्वेच्छा से इस्लाम कबूल किया।वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के...

दिल्ली हाईकोर्ट, दिल्ली
'स्कूल अधिकारियों ने वैधानिक प्रक्रिया को दरकिनार किया': दिल्ली हाईकोर्ट ने धोखाधड़ी के मामले में पुराने प्रोबेशनर को सही ठहराया, 15 लाख रुपये मुआवजे का आदेश

दिल्‍ली हाईकोर्ट ने एक बर्खास्त प्रोबेशनर को 15 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। उसके खिलाफ एक निजी सहायता प्राप्त स्कूल ने दीवानी और आपराधिक कार्यवाही की थ‌ी और उसे बर्खास्त कर दी थी।जस्टिस ज्योति सिंह ने स्कूल अधिकारियों के बर्खास्तगी आदेश को रद्द कर दिया। कोर्ट ने माना कि आदेश में वैधानिक आवश्यकताओं का पालन नहीं किया गया था। साथ ही दिल्ली स्कूल ट्रिब्यूनल के आदेश को बरकरार रखा और आंशिक रूप से संशोधित किया।स्कूल गंभीर कदाचार के आरोप पर बर्खास्तगी से पहले जांच करने में विफल रहा था और...

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
'पुलिस स्टेशनों में सीसीटीवी को जानबूझकर बेकार रखा गया': बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से रिपोर्ट मांगी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने पुलिस थानों में 'जानबूझकर' खराब रखे गए सीसीटीवी कैमरों पर कड़ी आपत्ति जताई है। कोर्ट ने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव को ऐसे पुलिस अधिकारियों के खिलाफ "कड़ी कार्रवाई" करने का निर्देश दिया है, जिन पर खराब पड़े कैमरों को रिपेय‌‌रिंग के लिए रिपोर्ट करने की जिम्‍मेदारी है। जस्टिस एसजे कथावाला और जस्टिस एमएन जाधव की खंडपीठ ने एक आदेश में कहा, "सुप्रीम कोर्ट [परमवीर सिंह सैनी बनाम बलजीत सिंह और अन्य ] के निर्देशों के बाद पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है। ऐसा केवल कोर्ट के आदेश...

ट्रैक्टर रैली के दौरान किसान की मौत: दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्स-रे में गड़बड़ी का आरोप लगाने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
ट्रैक्टर रैली के दौरान किसान की मौत: दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्स-रे में गड़बड़ी का आरोप लगाने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को 26 वर्षीय नवप्रीत सिंह की एक्स-रे में विसंगति का आरोप लगाते हुए दायर याचिका पर नोटिस जारी किया। नवप्रीत सिंह का पिछले साल गणतंत्र दिवस किसानों की विरोध रैली में ट्रैक्टर के कथित रूप से पलटने के कारण निधन हो गया था।जस्टिस रजनीश भटनागर मृतक के दादा हरदीप सिंह द्वारा इस घटना के बारे में "सच्चाई जानने" की मांग करते हुए घटना की अदालत की निगरानी में जांच की मांग करने वाली याचिका में दायर एक आवेदन पर सुनवाई कर रहे थे।याचिका में आरोप लगाया गया कि पुलिस द्वारा सिर पर गोली...

केरल हाईकोर्ट
परिवार में शांति लाने के लिए मानसिक समस्याओं का इलाज नहीं कराना जीवनसाथी के प्रति क्रूरता: केरल हाईकोर्ट ने तलाक के फैसले को बरकरार रखा

केरल हाईकोर्ट ने तलाक की एक ड‌िक्री को बरकरार रखते हुए, हाल ही में कहा कि कि शांतिपूर्ण और सौहर्द्रपूर्ण पारिवारिक माहौल के लिए मानसिक रूप से बीमार जीवनसाथी का इलाज नहीं कराना, उसके साथ क्रूरता है।चूंकि विचाराधीन युगल ईसाई समुदाय से हैं और न्यायालय के समक्ष यह मुद्दा मानसिक क्रूरता का गठन करने से संबंधित था, जस्टिस ए मोहम्मद मुस्ताक और जस्टिस सोफी थॉमस की खंडपीठ ने कहा, "कानून विभिन्न प्रकार की क्रूरताओं को हिंदू क्रूरता, मुस्लिम क्रूरता, ईसाई क्रूरता या धर्मनिरपेक्ष क्रूरता के रूप में तलाक के...

दिल्ली हाईकोर्ट
सीआरपीसी की धारा 125 के तहत भरणपोषण की कार्यवाही में सिविल कोर्ट के अधिकार क्षेत्र को कोर्ट हड़प नहीं सकता : दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि पक्षकारों की वैवाहिक स्थिति तय करने का कार्य सिविल कोर्ट को सौंपा गया है। कोई अन्य न्यायालय सीआरपीसी की धारा 125 के तहत धारा के तहत भरण पोषण की कार्यवाही की बिनाह पर सिविल कोर्ट के अधिकार क्षेत्र को हड़प नहीं सकता।जस्टिस चंद्रधारी सिंह ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 125 की सामाजिक मंशा को संरक्षित करने के लिए मजिस्ट्रेट प्रथम दृष्टया विवाह के तथ्य के बारे में निष्कर्ष प्रस्तुत कर सकता है, जो भरण पोषण के आदेश के अलावा किसी अन्य उद्देश्य के लिए निर्णायक निष्कर्ष नहीं...

दिल्ली हाईकोर्ट, दिल्ली
आईपीसी की धारा 397 के तहत सजा बरकरार रखने के लिए अभियोजन पक्ष को यह साबित करना होगा कि डकैती के दौरान इस्तेमाल 'हथियार की प्रकृति' घातक थी: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति की दोषसिद्धी और सजा में संशोधन किया। अभियोजन पक्ष घातक हथियार के इस्तेमाल को साबित करने में विफल रहा, जिसके बाद कोर्ट ने उसकी दोषसिद्धी और सजा को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 397 से धारा 392 के तहत कर दिया।जस्टिस मुक्ता गुप्ता का विचार था कि अभियोजन को चाकू या ब्लेड के अपराध में इस्तेमाल हथियार की प्रकृति को साबित करना आवश्यक था।उन्होंने कहा,"अभियोजन द्वारा साबित किए जा रहे एक घातक हथियार के उपयोग की अनुपस्थिति में आईपीसी की धारा 397 के तहत...

दिल्ली दंगे| 758 एफआईआर में से 384 की जांच लंबित: दिल्ली हाईकोर्ट में पुलिस ने बताया
दिल्ली दंगे| 758 एफआईआर में से 384 की जांच लंबित: दिल्ली हाईकोर्ट में पुलिस ने बताया

दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट को सूचित किया कि उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों के मामलों में दर्ज 758 एफआईआर में से कुल 384 मामलों में जांच लंबित है।यह घटनाक्रम दिल्ली पुलिस द्वारा दायर एक हलफनामे में आया। पुलिस दिल्ली के दंगों के कारण हुई हिंसा और राजनीतिक नेताओं द्वारा कथित नफरत भरे भाषणों के संबंध में अजय गौतम द्वारा दायर याचिकाओं के एक समूह में दायर किया गया।पुलिस ने कहा कि 367 मामलों में चार्जशीट दायर की गई। तीन मामलों में एफआईआर रद्द करने की रिपोर्ट दर्ज की गई और कुल चार मामलों को हाईकोर्ट ने खारिज...

इसकी अनुमति नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने कार चलाते हुए वर्चुअल सुनवाई में भाग लेने वाले वकील से कहा
'इसकी अनुमति नहीं': दिल्ली हाईकोर्ट ने कार चलाते हुए वर्चुअल सुनवाई में भाग लेने वाले वकील से कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक वकील के कार चलाते हुए वर्चुअल सुनवाई में भाग लेने पर आपत्ति व्यक्त की।जस्टिस मुक्ता गुप्ता आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन द्वारा दिल्ली दंगों के बड़े षड्यंत्र के मामले में उनके खिलाफ लगाए गए यूएपीए आरोपों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की।हुसैन के वकील गाड़ी चलाते समय अदालत के सामने पेश हुए बेंच मौखिक रूप से टिप्पणी की:"अगर वकील मोबाइल फोन से या कार में बैठकर सुनवाई में भाग लेते तो अदालत कोई आपत्ति नहीं करती। लेकिन आप मामले...

COVID-19: राजस्थान हाईकोर्ट और उसके अधीनस्थ न्यायालय, विशेष न्यायालय और न्यायाधिकरण पांच फरवरी तक वर्चुअल मोड से करेंगे
COVID-19: राजस्थान हाईकोर्ट और उसके अधीनस्थ न्यायालय, विशेष न्यायालय और न्यायाधिकरण पांच फरवरी तक वर्चुअल मोड से करेंगे

राजस्थान हाईकोर्ट ने COVID-19 की तीसरी लहर के बढ़ते खतरे के बीच अपनी प्रिंसिपल बेंच और जयपुर बेंच के वर्चुअल मोड से कार्य करने के अपने फैसले को पांच फरवरी तक बढ़ा दिया दिया।राजस्थान हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने भी एक परिपत्र जारी कर अधीनस्थ न्यायालयों, विशेष न्यायालयों और न्यायाधिकरणों में वर्चुअल सुनवाई को पांच फरवरी 2022 तक बढ़ाने की अधिसूचना जारी की।अधिसूचना में कहा गया,"मौजूदा स्थिति और संबंधित एआईआई की सुरक्षा के लिए COVID-19 के संक्रमण को ध्यान में रखते हुए यह अधिसूचित किया जाता है कि...

राजस्थान हाईकोर्ट
तलाक की डिक्री की उम्मीद करने वाली उम्मीदवार 'तलाकशुदा महिला' श्रेणी के तहत आरक्षण की मांग नहीं कर सकतीः राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा है कि कानून में ऐसा कोई भी प्रावधान नहीं है जो एक उम्मीदवार को 'तलाकशुदा महिला' श्रेणी के तहत इस उम्मीद में आवेदन करने की अनुमति देता हो कि अदालत द्वारा उसे तलाक की डिक्री दी जाएगी।जस्टिस विनोद कुमार भरवानी और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने कहा,''उक्त श्रेणी में आवेदन करने वाले व्यक्ति के लिए, तलाकशुदा होने का स्टे्टस अनिवार्य है। कानून में ऐसा कुछ भी नहीं है जो एक उम्मीदवार को उक्त श्रेणी के तहत इस उम्मीद में आवेदन करने की अनुमति देता हो कि उसे एक...

दिल्ली हाईकोर्ट, दिल्ली
मध्यस्थता शुरू होने के बाद आपराधिक कार्यवाही पर कोई रोक नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि आर्ब‌िट्रेशन की शुरुआत किसी पक्ष को आपराधिक कार्यवाही करने से नहीं रोकता है, पुलिस को निर्देश दिया कि वह एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी द्वारा अपने एक ‌डिफाल्टर उधारकर्ता के खिलाफ दर्ज शिकायत की जांच करे।जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा, "एक बार मध्यस्थता शुरू हो जाने के बाद आपराधिक कार्यवाही करने पर कोई रोक नहीं है।"बेंच ने कहा कि मौजूदा मामले में तथ्य प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध के होने का खुलासा करते हैं। " धारा 154 सीआरपीसी संज्ञेय अपराधों के संबंध में एफआईआर...

केरल हाईकोर्ट
मोटर दुर्घटना दावा- गुणक को पूर्ण आयु के आधार पर निर्धारित किया जाए, न कि वर्तमान आयु के आधार पर: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में कहा कि मोटर दुर्घटना दावों में मुआवजे की गणना के लिए उपयोग किए जाने वाले गुणक को मृतक/घायल की प्राप्त उम्र (attained age) के आधार पर निर्धारित किया जाना चाहिए, न कि मौजूदा उम्र (running age) के आधार पर।जस्टिस सीएस डायस ने कहा कि जब 50 वर्ष और 7 महीने की आयु के व्यक्ति की मोटर दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है, तो 46-50 आयु वर्ग पर लागू गुणक लागू होगा, न कि 51-55 के आयु वर्ग पर लागू होने वाला गुणक। कोर्ट ने कहा, "गुणक के चयन के लिए आवश्यक शर्त तालिका में दी...

हाईकोर्ट ऑफ कर्नाटक
सरकारी कर्मचारी होना बलात्कार मामले में जमानत का आधार नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि सिर्फ सरकारी कर्मचारी होने के आधार पर बलात्कार के आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकती।जस्टिस एचपी संदेश ने श्रीनिवास मूर्ति एच.एन. द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए कहा,"तथ्य यह है कि याचिकाकर्ता एक सरकारी कर्मचारी है, उसे जमानत पर बरी करने का आधार नहीं है, जब याचिकाकर्ता के खिलाफ बलात्कार के गंभीर अपराध का आरोप लगाया गया है।"अभियोजन पक्ष के अनुसार, याचिकाकर्ता ने 14.09.2021 को पीड़ित लड़की को अपने होम स्टे में ले लिया और उसकी इच्छा के विरुद्ध यौन संबंध बनाए। जबकि उसकी...

Writ Of Habeas Corpus Will Not Lie When Adoptive Mother Seeks Child
एनडीपीएस अधिनियम के तहत अपराध के लिए जब्त वाहन की अंतरिम कस्टडी देने पर कोई रोक नहीं: एमपी हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि केवल इस आधार पर कि वाहन एनडीपीएस अधिनियम की धारा 60 के तहत जब्त हुआ है, यह नहीं माना जा सकता कि एक बार वाहन को एनडीपीएस अधिनियम के तहत अपराध के लिए जब्त कर लिया जाता है तो उसे अंतरिम कस्टडी में नहीं दिया जा सकता।जस्टिस दीपक कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने आगे कहा कि एनडीपीएस अधिनियम में भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 52सी में निहित अंतरिम कस्टडी देने के संबंध में कोई रोक नहीं है।संक्षेप में मामलाअदालत के समक्ष याचिकाकर्ता कार का पंजीकृत मालिक है, जिसे एनडीपीएस अधिनियम...

अंतर-धार्मिक विवाह: गुजरात हाईकोर्ट ने युगल को राहत देते हुए लड़की के माता-पिता से दुर्व्यवहार नहीं करने को कहा
अंतर-धार्मिक विवाह: गुजरात हाईकोर्ट ने युगल को राहत देते हुए लड़की के माता-पिता से दुर्व्यवहार नहीं करने को कहा

गुजरात हाईकोर्ट ने हाल ही में एक अंतर-धार्मिक विवाहित जोड़े को राहत देते हुए अंतर-धार्मिक विवाह और उनके रिश्ते का विरोध करने वाले लड़की के माता-पिता से दुर्व्यवहार नहीं करने को कहा।जस्टिस सोनिया गोकानी और जस्टिस मौना एम. भट्ट की खंडपीठ हमीम हबीभाई खंभाती की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई कर रही थी। खंभाती ने अपनी पत्नी को पेश करने के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण रिट दायर की थी। खंभाती ने लड़की के साथ उसने विशेष विवाह अधिनियम के तहत शादी की थी।अपनी याचिका में खंबाती ने अदालत को बताया कि वह और उसकी...

फिर मॉल अपनी लिफ्ट सर्विस के लिए भी फीस लेंगे: केरल हाईकोर्ट ने लुलु मॉल के पार्किंग फीस वसूल करने पर कहा
'फिर मॉल अपनी लिफ्ट सर्विस के लिए भी फीस लेंगे': केरल हाईकोर्ट ने लुलु मॉल के पार्किंग फीस वसूल करने पर कहा

केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को दोहराया कि लुलु इंटरनेशनल शॉपिंग मॉल द्वारा पार्किंग फीस वसूलना उचित नहीं है। हाईकोर्ट उन दो याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था जिनमें आरोप लगाया गया कि मॉल अपने ग्राहकों से पार्किंग फीस वसूल कर रहा है।जस्टिस पी.वी. कुन्हीकृष्णन ने मामले को अगले महीने के लिए स्थगित करते हुए अपना प्रथम दृष्टया रुख दोहराया और प्रतिवादियों को मामले में जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।उन्होंने कहा,"मेरा अब भी मानना ​​है कि मॉल द्वारा पार्किंग फीस वसूलना प्रथम दृष्टया अवैध...