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God Does Not Recognize Any Community, Temple Shall Not Be A Place For Perpetuating Communal Separation Leading To Discrimination
फर्जी मेडिकल रिकॉर्ड के जरिए झूठे मोटर दुर्घटना दावे: मद्रास हाईकोर्ट ने वापस लिए गए 84 दावों की जांच का आदेश दिया

फर्जी मोटर दुर्घटना दावों के आरोपों के मद्देनज़र मद्रास हाईकोर्ट ने ऐसे 84 मामलों की विस्तृत जांच का आदेश दिया है, जिनमें 11.70 करोड़ रुपये का दावा किया गया था। हालांकि बाद में इन मामलों को वापस ले लिया गया।जस्टिस एन आनंद वेंकटेश ने कहा,"यह महज इत्तेफाक नहीं कि कावेरी अस्पताल, होसुर की ओर से दिए गए फर्जी और मनगढ़ंत मेडिकल रिकॉर्ड की सहायता से दावा दायर किया गया। यह स्पष्ट नहीं है कि जजों ने उन 84 दावों को खारिज करने से पहले कोई प्रारंभिक जांच भी की कि इतने सारे दावों पर जोर क्यों नहीं डाला...

एक बार आरोपी के व्यक्तिगत रूप से या वकील के माध्यम से पेश होने के बाद अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकती: कर्नाटक हाईकोर्ट
एक बार आरोपी के व्यक्तिगत रूप से या वकील के माध्यम से पेश होने के बाद अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकती: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि एक बार जब कोई आरोपी व्यक्तिगत रूप से या अपने वकील के माध्यम से अदालत में पेश हो जाता है तो वह आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 438 का इस्तेमाल कर अग्रिम जमानत की मांग नहीं कर सकता।मामले में जस्टिस एचपी संदेश ने रमेश नामक एक व्यक्ति की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। उसे उसके खिलाफ जारी वारंट को वापस लेने के लिए जरूरी आवेदन दाखिल करने के लिए ट्रायल कोर्ट से संपर्क करने का निर्देश दिया।पृष्ठभूमिअभियोजन मामले के अनुसार, डेप्यूटी रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर, गौरीबिदनूर...

दिल्ली दंगों और किसानों के विरोध ने सार्वजनिक व्यवस्था में गड़बड़ी पैदा की, ये राष्ट्रीय महत्व के मामले: केंद्र ने एलजी की ओर से नियुक्त अभियोजकों का बचाव किया
"दिल्ली दंगों और किसानों के विरोध ने सार्वजनिक व्यवस्था में गड़बड़ी पैदा की, ये राष्ट्रीय महत्व के मामले": केंद्र ने एलजी की ओर से नियुक्त अभियोजकों का बचाव किया

किसान विरोध और दिल्ली दंगों संबंधित मामलों पर बहस करने के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल की ओर से नियुक्त विशेष लोक अभियोजकों के बचाव में केंद्र ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा है कि अत्यधिक संवेदनशील प्रकृति के होने के कारण मामले राष्ट्रीय महत्व के हैं।केंद्र और दिल्ली एलजी की ओर से प्रस्तुत कॉमन काउंटर हलफनामे में कहा गया है कि दिल्ली दंगों और किसान आंदोलन, दोनों मामलों ने सार्वजनिक व्यवस्था में गड़बड़ी पैदा की, जिससे देश की कानून और व्यवस्था में भरोसे का दोबारा स्‍थापित करने के लिए एफआईआर के कुशल,...

कलकत्ता हाईकोर्ट ने वर्चुअल सुनवाई में अधिवक्ताओं की सहायता के लिए 7 वीसी कियोस्क स्थापित किए
कलकत्ता हाईकोर्ट ने वर्चुअल सुनवाई में अधिवक्ताओं की सहायता के लिए 7 'वीसी कियोस्क' स्थापित किए

कलकत्ता हाईकोर्ट ने एक उपाय के रूप में वर्चअल सुनवाई में भाग लेने के लिए वकीलों को सक्षम करने के लिए सात वर्चुअल कोर्ट कियोस्क (वीसी कियोस्क) की स्थापना की।चीफ जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव के आदेश पर वीसी कियोस्क स्थापित किए गए।वीसी कियोस्क निम्नलिखित स्थानों पर स्थापित किए गए हैं,3 (तीन) मुख्य भवन के भूतल पर वीसी कियोस्क (गेट बी की सीढ़ी के बगल में)1 (एक) वीसी कियोस्क मुख्य भवन के गेट ई परशताब्दी भवन के भूतल पर 2(दो) वीसी कियोस्क1(एक) वीसी कियोस्क सेसक्विसेंटेनरी बिल्डिंग में (ई-सेवा केंद्र पर)वीसी...

Install Smart Television Screens & Make Available Recorded Education Courses In Shelter Homes For Ladies/Children
पॉलिसी की शर्तों के उल्लंघन के मामले में बीमाकर्ता तीसरे पक्ष को मुआवजे की क्षतिपूर्ति करने के लिए उत्तरदायी, बीमित व्यक्ति से बाद में वसूली हो सकती है: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी), अलवर के एक फैसले को बरकरार रखा है, जिसने 'वेतन और वसूली के सिद्धांत' पर भरोसा करते हुए बीमा कंपनी को पहले दावेदारों को मुआवजे का भुगतान करने और फिर उसे वाहन मालिक से वसूल करने का निर्देश दिया।जस्टिस सुदेश बंसल ने कहा, "बीमा कंपनी यह साबित करने में बुरी तरह विफल रही कि चालक के ड्राइविंग लाइसेंस को रद्द करने की घोषणा कभी वाहन मालिक के संज्ञान में लाई गई थी और यह साबित नहीं होता है कि मालिक लापरवाही का दोषी था। बीमा पॉलिसी की शर्तों को...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार को जीवीके पावर के खिलाफ 2 सप्ताह के लिए कठोर कदम उठाने से रोका

सुप्रीम कोर्ट ने जीवीके पावर (गोइंदवाल साहिब) को पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के साथ बिजली खरीद समझौते को समाप्त करने के फैसले के खिलाफ पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से संपर्क करने का निर्देश दिया।कोर्ट ने हालांकि पंजाब के अधिकारियों को दो सप्ताह के लिए जीवीके पावर के खिलाफ कोई भी कठोर कार्रवाई करने से रोक दिया। इन निर्देशों के साथ चीफ जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ ने समझौते की समाप्ति के खिलाफ संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत जीवीके पावर की ओर से दायर रिट...

आपसी सहमति से तलाकः गुजरात हाईकोर्ट ने 12 दिनों तक साथ रहे कपल के लिए 6 महीने का कूलिंग पीरियड माफ करने से  इनकार किया
आपसी सहमति से तलाकः गुजरात हाईकोर्ट ने 12 दिनों तक साथ रहे कपल के लिए 6 महीने का कूलिंग पीरियड माफ करने से इनकार किया

गुजरात हाईकोर्ट ने हाल ही में फैमिली कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा है जिसमें केवल 12 दिनों तक एक-दूसरे के साथ रहने वाले कपल के लिए वैधानिक छह महीने की कूलिंग अवधि को माफ करने से इनकार कर दिया था। इस कपल ने आपसी सहमति से तलाक के लिए याचिका दायर की है। जस्टिस ए सी जोशी की पीठ ने कहा कि फैमिली कोर्ट ने कूलिंग पीरियड को माफ करने से इनकार करते हुए सही आदेश पारित किया है, इसलिए फैमिली कोर्ट के आक्षेपित आदेश में हस्तक्षेप करने की कोई आवश्यकता नहीं है। यह ध्यान दिया जा सकता है कि तलाक के मामलों में,...

केरल हाईकोर्ट
'मलयालम फिल्म उद्योग को काफी नुकसान हो रहा है': केरल हाईकोर्ट ने मूवी थिएटरों को फिर से खोलने की याचिका पर विचार किया

केरल हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई। याचिका में राज्य में सिनेमा हॉल को 20% के साथ चलाने और COVID-19 प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने की मंजूरी मांगी गई है।याचिका में कहा गया है कि अन्य क्षेत्र अभी भी बिना किसी रुकावट के काम कर रहे हैं। न्यायमूर्ति एन. नागरेश ने मंगलवार को सरकारी वकील को निर्देश प्राप्त करने का निर्देश दिया और मामले को 27 जनवरी को विचार के लिए पोस्ट कर दिया।राज्य में फिल्म प्रदर्शकों के एक संगठन द्वारा याचिका दायर की गई थी, जिसमें हाल के सरकारी आदेशों को चुनौती दी गई है। 20...

दिल्ली हाईकोर्ट
"ऐसी एफआईआर यौन उत्पीड़न के अपराध को हल्का बनाती है": दिल्ली हाईकोर्ट ने धारा 354ए, 506 आईपीसी के तहत झूठे आरोप लगाने पर पीड़ा व्यक्त की

दिल्ली हाईकोर्ट ने इस बात पर नाराजगी व्यक्त की है कि आईपीसी की धारा 354 ए और 506 का इस्तेमाल कैसे किसी के चरित्र पर अपनी नराजगी जाहिर करने के लिए किया गया है। कोर्ट ने कहा, ऐसा कृत्य केवल यौन उत्पीड़न के अपराध को हल्का करता है।जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा कि उक्त प्रावधानों का गलत इस्तेमाल वास्तव में यौन उत्पीड़न की शिकार हुई महिला की ओर से दायर आरोपों की सत्यता पर संदेह पैदा करता है।अदालत ने मामले में याचिकाकर्ता दिल्ली विश्वविद्यालय के एक सहायक प्रोफेसर के खिलाफ धारा 354 ए (यौन उत्पीड़न) और...

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
मोटर दुर्घटना मुआवजा- दावेदार भविष्य की आय के नुकसान के ‌लिए, विकलांगता की सीमा के अनुपात में दावे का हकदार; भले ही पूरी आय का नुकसान न हुआ होः बॉम्‍बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना कि भविष्य की कमाई के नुकसान के कारण आवेदक जिस मुआवजे का हकदार होगा, भले ही स्थायी विकलांगता के कारण उसकी आय का पूरा नुकसान न हुआ हो, मुआवजे का निर्धारण करते समय आवेदक अपनी विकलांगता की सीमा के अनुरूप आनुपातिक काल्पनिक आय का हकदार होगा। तदनुसार, अदालत ने अपीलकर्ता-दावेदार को दिए गए मुआवजे को 50,000 रुपये से बढ़ाकर 2,70,000 रुपये कर दिया।बॉम्‍बे हाईकोर्ट, मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण, पालघर के एक आक्षेपित निर्णय के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें अपीलकर्ता-मूल...

आप चीन से प्यार या नफरत कर सकते हैं, पर उसे नज़रअंदाज नहीं कर सकते: गुजरात हाईकोर्ट
"आप चीन से प्यार या नफरत कर सकते हैं, पर उसे नज़रअंदाज नहीं कर सकते": गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने चीन से "पीवीसी फ्लेक्स फिल्म्स" के आयात पर डंपिंग रोधी शुल्क वापस लेने को चुनौती देने वाले एक मामले की सुनवाई करते हुए मंगलवार को कहा कि चाहे आप चीन से प्यार करें, चाहे आप चीन से नफरत करें, लेकिन हम चीन की उपेक्षा नहीं कर सकते।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस निशा ठाकोर की पीठ क्यूरेक्स फ्लेक्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जो पीवीसी फ्लेक्स फिल्म्स पर डंपिंग रोधी शुल्क वापस लेने के केंद्र सरकार के फैसले से दुखी है।संक्षेप में मामलायाचिकाकर्ता...

केरल हाईकोर्ट
[UAPA] कोझीकोड ब्लास्ट: केरल हाईकोर्ट ने मुख्य आरोपी नज़ीर को बरी किया, अन्य आरोपियों को बरी करने के खिलाफ एनआईए की अपील खारिज की

केरल हाईकोर्ट (High Court) ने गुरुवार को 2006 के कोझीकोड विस्फोट मामले के मुख्य आरोपी लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के सदस्य थदियानेविदा नज़ीर और शफ़ाज़ को बरी किया।न्यायमूर्ति विनोद के चंद्रन और न्यायमूर्ति सी. जयचंद्रन की खंडपीठ ने मामले में दो अन्य आरोपियों को बरी करने के निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसी (एनआईए) द्वारा दायर अपील को भी खारिज कर दिया।3 मार्च, 2006 में कोझीकोड मुफस्सिल बस स्टैंड और केएसआरटीसी स्टैंड पर विस्फोट हुआ था। आरोपियों ने शहर के कलेक्ट्रेट और...

जनता को समझना चाहिए कि फुटपाथ ट्रैक का उपयोग अन्य उद्देश्यों के लिए न करें: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
जनता को समझना चाहिए कि फुटपाथ ट्रैक का उपयोग अन्य उद्देश्यों के लिए न करें: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कुछ स्थानों पर आम जनता फुटपाथ का उपयोग पार्किंग के लिए साइनिंग बोर्ड लगाने या व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए करने पर कहा कि जनता को शिक्षित करने की आवश्यकता है कि फुटपाथ के लिए समर्पित ट्रैक का उपयोग अन्य उद्देश्य के लिए न करें।जस्टिस विवेक रूस और जस्टिस राजेंद्र कुमार वर्मा की खंडपीठ एक जनहित याचिका (पीआईएल) याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसमें इंदौर नगर निगम और अन्य को पैदल चलने वालों, साइकिल चालकों और शारीरिक रूप से शारीरिक रूप से विकलांगों को समर्पित मार्ग प्रदान करने का...

बिना ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट हासिल किए फ्लैट खरीददारों से मेंटेनेंस चार्ज नहीं ले सकता बिल्डर: एनसीडीआरसी
बिना ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट हासिल किए फ्लैट खरीददारों से मेंटेनेंस चार्ज नहीं ले सकता बिल्डर: एनसीडीआरसी

राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) ने हाल ही में कहा कि ऑक्यूपेंसी सर्ट‌िफिकेट प्राप्त न कर पाने की स्थिति परियोजना पर रखरखाव का खर्च खरीदारों से नहीं लिया जा सकता है।पीठासीन सदस्य एसएम कांतिकर और सदस्य बिनॉय कुमार ने बिल्डरों को छह महीने के ग्रेस पीरियड समेत, पज़ेशन की प्रस्तावित तिथि से 9% प्रति वर्ष की दर से विलंब मुआवजे का भुगतान करने का निर्देश दिया।पृष्ठभूमिउपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 की धारा 21(ए)(i) सहपठित धारा 12(1)(सी), और धारा 13(6) सहपठित नागरिक प्रक्रिया संहिता...

हिंदू युवा वाहिनी कार्यक्रम में सुरेश चव्हाणके का कथित हेट स्पीच: दिल्ली कोर्ट ने पुलिस से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी
'हिंदू युवा वाहिनी' कार्यक्रम में सुरेश चव्हाणके का कथित हेट स्पीच: दिल्ली कोर्ट ने पुलिस से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी

दिल्ली कोर्ट (Delhi Court) ने एक कार्यक्रम में कथित रूप से हेट स्पीच देने और धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने के लिए सुदर्शन टीवी के प्रधान संपादक सुरेश चव्हाणके के खिलाफ दायर याचिका पर पुलिस से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी।हिंदू युवा वाहिनी द्वारा पिछले साल दिसंबर में कार्यक्रम आयोजित किया गया था। साकेत कोर्ट के मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट जितेंद्र प्रताप सिंह ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 15 मार्च की तारीख तय की है।याचिका में वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष सैयद कासिम...

पूर्व यौन कृत्यों के दौरान दी गई सहमति भविष्य तक विस्तारित नहीं होगी: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पूर्व यौन कृत्यों के दौरान दी गई सहमति भविष्य तक विस्तारित नहीं होगी: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट (High Court) ने हाल ही में कहा है कि पूर्व यौन कृत्यों (Sexual Act) के दौरान दी गई सहमति भविष्य तक विस्तारित नहीं होगी।आगे कहा कि कानून महिला के यौन संबंध रखने के अधिकार को स्वीकार करता है। न्यायमूर्ति विवेक पुरी की खंडपीठ ने आगे टिप्पणी की कि यौन कृत्य के लिए सहमति को वापस लेना पहले की सहमति को प्रभावी ढंग से समाप्त कर देता है और इसलिए जबरन संभोग गैर-सहमति बन जाता है जो आईपीसी की धारा 376 के दंड प्रावधानों को आकर्षित करता है।पूरा मामलाशिकायतकर्ता/अभियोजन पक्ष ने एक...

मद्रास हाईकोर्ट
सामान्य ढर्रे के रूप में कैदी को वैवाहिक संबंधों का मौलिक अधिकार नहीं, बांझपन उपचार जैसे 'विशिष्ट उद्देश्य' के लिए यह संभवः मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने एक फैसले में दो प्रश्नों का उत्तर दिया है, कि i) क्या एक दोषी कैदी को वैवाहिक अधिकारों से वंचित करना अनुच्छेद 21 का उल्लंघन होगा और, ii) क्या राज्य को दोषी की ओर से उक्त उद्देश्य के लिए आपातकालीन छुट्टी या सामान्य छुट्टी के लिए गए अनुरोध पर विचार करने का निर्देश दिया जा सकता है।चूंकि इस प्रकार के इनकार से दोषी कैदी की पत्नी या पति के दाम्पत्य अधिकारों का भी अप्रत्यक्ष रूप से हनन होता ‌है, मद्रास हाईकोर्ट ने जांच की कि दोषी/कैदी के दाम्पत्य अधिकारों को मौलिक अधिकार मानने की...

मद्रास हाईकोर्ट
वैकल्पिक उपाय उपलब्ध होने पर भी रजिस्ट्री आपत्ति नहीं उठा सकती, अनुच्छेद 227 के तहत रिट जारी करने की शक्ति कोर्ट के विवेक के अधीन: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) ने कोयंबटूर के प्रधान जिला मुंसिफ द्वारा पारित एक आदेश को चुनौती देने वाली सिविल रिवीजन (Civil Revision) याचिकाओं में कहा है कि अनुच्छेद 226 या अनुच्छेद 227 के तहत रिट जारी करने की शक्ति वैकल्पिक उपाय उपलब्ध होने पर भी अदालत के विवेक के अधीन है।आगे कहा कि वैकल्पिक उपाय अपने आप में हाईकोर्ट के लिए अनुच्छेद 227 के तहत अपनी पुनरीक्षण शक्तियों का प्रयोग करने के लिए एक बार का गठन नहीं करेगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि रजिस्ट्री को मुंसिफ द्वारा अंतरिम आवेदन...