मुख्य सुर्खियां
मीडिया को हिजाब पहनी छात्राओं और टीचरों का पीछा करने से रोकें: कर्नाटक हाईकोर्ट में जनहित याचिका
कर्नाटक हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर मीडिया हाउसों को उन छात्राओं और टीचरों का पीछा करने से रोकने की मांग की गई है जो हिजाब / बुर्का पहनकर अपने स्कूलों और कॉलेजों की ओर जा रही हैं। याचिका में कहा गया कि मीडिया स्कूलों के पास छात्राओं और टीचरों की वीडियोग्राफी और फोटो खींच रही है।याचिकाकर्ता अब्दुल मंसूर और अन्य की ओर से पेश अधिवक्ता एस बालकृष्णन ने मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की।याचिका के अनुसार, उसने लगभग 70 मीडिया संगठनों को पार्टी प्रतिवादी बनाया है। याचिका में कहा गया है,"मीडिया...
दिल्ली हाईकोर्ट ने यूनिवर्सल, नेटफ्लिक्स, डिज़्नी के कॉन्टेंट की गैर-कानूनी तरीके से स्ट्रीमिंग करने वाले ऑनलाइन पायरेसी में लिप्त 34 वेबसाइटों को ब्लॉक करने के निर्देश दिए
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने यूनिवर्सल सिटी स्टूडियोज एलएलसी, वार्नर ब्रदर्स एंटरटेनमेंट इंक, कोलंबिया पिक्चर्स इंडस्ट्रीज, इंक, नेटफ्लिक्स स्टूडियोज, एलएलसी, पैरामाउंट पिक्चर्स कॉरपोरेशन और डिज़्नी के कॉन्टेंट की अवैध तरीकों से स्ट्रीमिंग करने वाले ऑनलाइन पायरेसी में लिप्त 34 वेबसाइटों को ब्लॉक करने का आदेश दिया है।न्यायमूर्ति आशा मेनन ने दूरसंचार विभाग और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को 36 घंटे के भीतर इन वेबसाइटों की भारत में पहुंच को अक्षम करने के लिए उनके तहत...
"स्टेटस रिपोर्ट न यहां है और न ही वहां": दिल्ली हाईकोर्ट ने दंगों के दौरान राष्ट्रगान गाने के लिए मजबूर किए गए व्यक्ति की मौत की जांच पर दिल्ली पुलिस से सवाल किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को शहर की पुलिस से 23 वर्षीय फैजान को वर्ष 2020 में भड़के दिल्ली दंगों के दौरान राष्ट्रगान गाने के लिए मजबूर किए जाने की घटना की जांच पर सवाल उठाया।इस घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इस वीडियो में फैजान को कथित तौर पर पुलिस द्वारा राष्ट्रगान गाने के लिए मजबूर करते हुए पीटा जा रहा है।जस्टिस मुक्ता गुप्ता ने एमएलसी में मृतक के शरीर पर चोटों की संख्या में वृद्धि के संबंध में भ्रम और विसंगतियों पर पुलिस से पूछताछ की। उन्होंने कहा कि मृतक की हिरासत से...
हिजाब विवाद: 5 फरवरी का सरकारी आदेश अल्पसंख्यक गैर सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों पर लागू नहीं, कर्नाटक एजी ने हाईकोर्ट को बताया
महाधिवक्ता प्रभुलिंग के नवदगी ने मंगलवार को कर्नाटक हाईकोर्ट (Karnataka High Court) के समक्ष एक बयान दिया कि 5 फरवरी के सरकारी आदेश में निर्देश दिया गया है कि सभी सरकारी स्कूलों को सरकारी और निजी स्कूलों के प्रबंधन द्वारा निर्धारित ड्रेस अनिवार्य रूप से अपने स्कूलों में निर्धारित करनी चाहिए। विश्वविद्यालय के कॉलेजों को कॉलेज विकास समिति द्वारा निर्धारित ड्रेस पहननी चाहिए, लेकिन यह आदेश अल्पसंख्यक गैर सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों पर लागू नहीं है।पूर्ण पीठ ने कर्नाटक राज्य अल्पसंख्यक शैक्षिक...
हिजाब को सबरीमाला मामले में निर्धारित संवैधानिक नैतिकता और व्यक्तिगत गरिमा की कसौटी पर खरा उतरना चाहिए : एजी ने कर्नाटक हाईकोर्ट में कहा
कर्नाटक हाईकोर्ट की फुल बेंच ने मुस्लिम छात्राओं द्वारा दायर याचिकाओं में राज्य की ओर से एडवोकेट जनरल (एजी) प्रभुलिंग नवदगी की सुनवाई मंगलवार को जारी रखी। मुस्लिम छात्राओं ने हिजाब (हेडस्कार्फ़) पहनकर सरकारी कॉलेज के प्रवेश से इनकार करने की कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। फुल बेंच के समक्ष सुनवाई का आज 8वां दिन था।मुख्य न्यायाधीश रितु राज अवस्थी, न्यायमूर्ति कृष्णा एस दीक्षित और न्यायमूर्ति जेएम खाजी की खंडपीठ को एजी ने बताया कि याचिकाकर्ताओं ने यह नहीं दिखाया है कि हिजाब पहनना इस्लाम में...
मोटर दुर्घटना में मृत्यु के लिए मुआवजे में साथ की हानि सहित पारंपरिक मदों के तहत मुआवजा शामिल होना चाहिए: तेलंगाना हाईकोर्ट
नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड बनाम प्रणय सेठी और अन्य में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भरोसा करते हुए तेलंगाना हाईकोर्ट ने हाल ही में फैसला सुनाया कि मोटर वाहन दुर्घटना मृत्यु दावों में मुआवजे में पारंपरिक मदों जैसे संपत्ति की हानि, साथ की हानि, और अंतिम संस्कार खर्च आदि के तहत राशि शामिल होनी चाहिए।संक्षिप्त तथ्यदावेदारों, जो मृतक के पति और बच्चे हैं, उन्होंने मोटर वाहन अधिनियम की धारा 166 के तहत एक याचिका दायर कर मोटर दुर्घटना में मरने वाले व्यक्ति की मृत्यु के लिए 4,50,000/- रुपये मुआवजे का...
'एक शक्तिशाली के लिए और दूसरा साधारण, नागरिक के लिए दो कानून नहीं हो सकते': केरल हाईकोर्ट ने राजनीतिक दलों द्वारा अवैध फ्लैग पोस्ट लगाने पर राज्य सरकार को फटकार लगाई
केरल हाईकोर्ट ने फ्लैग मास्ट के अनाधिकृत इस्तेमाल रोकने पर राज्य सरकार को असमर्थता के लिए फटकार लगाई है। उल्लेखनीय है कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में राजनीतिक दलों द्वारा इसके खिलाफ विशिष्ट और लगातार आदेशों के बावजूद फ्लैग मास्ट का प्रयोग किया जा रहा है।जस्टिस देवन रामचंद्रन ने दोहराया कि आवश्यक अनुमति के बिना लगाए गए प्रत्येक फ्लैग पोल अवैध हैं और प्रभावशाली लोगों को ऐसा करने पर बचने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।अदालत ने कहा, "यह ध्यान में रखा जाना चाहिए कि बिना अनुमति के स्थापित किया गया...
उधार लेने वाला 'एकमुश्त निपटान' के बाद बकाया चुकाने के लिए अधिकार के रूप में और समय की मांग नहीं कर सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा हाईकोर्ट के पास वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना के तहत कर्ज़ चुकाने के लिए समय का विस्तार देने की शक्ति है। हालांकि उधार लेने वाला अधिकार के रूप में ऐसी शक्ति का आह्वान नहीं कर सकता।जस्टिस एम एस रामचंद्र राव और जस्टिस जे एस बेदी की पीठ ने यह भी माना कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक या निजी क्षेत्र के बैंक उधारकर्ता द्वारा मांगे गए ओटीएस को अस्वीकार नहीं कर सकते, बशर्ते उधारकर्ता बैंक द्वारा अपनाई जा रही ओटीएस नीति के अंतर्गत आता है।संक्षेप में मामलायाचिकाकर्ता असीम...
जब किराया नियंत्रक और न्यायाधिकरण के आदेशों को चुनौती दी जाती है तो अनुच्छेद 227 के तहत क्षेत्राधिकार का संयम से प्रयोग किया जाना चाहिए: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि रेंट कंट्रोलर और रेंट कंट्रोल ट्रिब्यूनल के आदेशों को चुनौती दिए जाने के मामलो में भारत के संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत अधिकार क्षेत्र को हाईकोर्ट द्वारा कम से कम प्रयोग किया जाना चाहिए।जस्टिस प्रतीक जालान ने कहा कि जहां रेंट कंट्रोलर और ट्रिब्यूनल के समक्ष रखी गई सामग्री पर विचार करने के आदेश पारित किए गए हैं, वहां हाईकोर्ट द्वारा अनुच्छेद 227 के तहत अपने अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करना उचित नहीं होगा।कोर्ट रोहिणी न्यायालयों के किराया नियंत्रण न्यायाधिकरण के प्रधान...
"पूरे इलाके को वैश्यवृत्ति के केंद्र के रूप में दिखाया गया है", कमाठीपुरा के निवासियों ने फिल्म गंगूबाई काठियावाड़ी के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की
बॉलीवुड फिल्म गंगूबाई काठियावाड़ी के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में दो याचिकाएं दायर की गई हैं, जिसमें आरोप लगाया गया है कि फिल्म कमाठीपुरा नामक पूरे इलाके, और पूरे काठियावाड़ी समुदाय को कलंकित करती है। फिल्म का निर्माण संजय लीला भंसाली ने किया। आलिया भट्ट मुख्य भूमिका में हैं।फिल्म के खिलाफ एक जनहित याचिका विधानसभा सदस्य अमीन पटेल ने दायर की है। उन्हीं के विधानसभा क्षेत्र में कमाठीपुरा इलाका आता है, जबकि दूसरी याचिका कमाठीपुरा निवासी श्रद्धा सुर्वे ने दायर की है। वह इलाके में 10 सालों से रह रही...
वाणिज्यिक न्यायालय का व्यापार/वाणिज्य के लिए उपयोग की जाने वाली सूट संपत्ति पर अधिकार क्षेत्र है: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट (Andhra Pradesh High Court) ने हाल ही में सिविल कोर्ट (Civil Court) से वाणिज्यिक न्यायालय (Commercial Court) में एक मुकदमा स्थानांतरित किया क्योंकि सूट में विषय संपत्ति का उपयोग इसके विघटन से पहले विशेष रूप से एक साझेदारी फर्म द्वारा व्यापार या वाणिज्य के लिए किया गया था।पूरा मामलायाचिकाकर्ता द्वारा सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 24 के तहत वरिष्ठ सिविल जज की अदालत से मुकदमा वापस लेने और ट्रायल और निपटान के लिए वाणिज्यिक न्यायालय में स्थानांतरित करने के लिए आवेदन दायर किया...
मानवरहित पुलिस बैरिकेड्स: दिल्ली हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान याचिका पर पुलिस आयुक्त, केंद्र और राज्य सरकार, एसडीएमसी से जवाब मांगा
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को शहर के कालकाजी और सीआर पार्क पुलिस थाना क्षेत्रों में मानवरहित पुलिस बैरिकेड्स लगाने के मुद्दे पर स्वतः संज्ञान जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया।जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस जसमीत सिंह की खंडपीठ ने अपने आयुक्त के माध्यम से गृह मंत्रालय, दिल्ली सरकार, पुलिस आयुक्त और दक्षिणी दिल्ली नगर निगम से जवाब मांगा।दिल्ली प्रदेश अग्रवाल सम्मेलन का अध्यक्ष होने का दावा करने वाले ओम प्रकाश गोयल ने पिछले साल दिसंबर में इस मुद्दे पर एक पत्र लिखा था, जिस पर संज्ञान लेते हुए मामला एक...
सेक्शन 406 सीआरपीसी | दूसरे राज्य में स्थानांतरित मामले में अपील स्थानांतरी राज्य के हाईकोर्ट के समक्ष होगी न कि स्थानांतरणकर्ता राज्य के हाईकोर्ट के समक्ष: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना है कि एक बार धारा 406 सीआरपीसी के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए सुप्रीम कोर्ट एक मामले को एक राज्य की अधीनस्थ आपराधिक अदालत से दूसरे राज्य की अधीनस्थ आपराधिक अदालत में स्थानांतरित करता है, उक्त मामले में किसी आदेश के खिलाफ कोई अपील स्थानांतरी (transferee) हाईकोर्ट में होगी।जस्टिस सुनीत कुमार और जस्टिस ओम प्रकाश त्रिपाठी की पीठ ने एक आपराधिक अपील का निस्तारण करते हुए यह टिप्पणी की, जिसमें सीबीआई ने प्रारंभिक आपत्ति उठाई थी कि अपील इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष विचार...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को भाजपा विधायक सुवेंदु अधिकारी के आवास के मुख्य प्रवेश द्वार पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को राज्य सरकार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक और विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के आवास के मुख्य द्वार पर दो सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया।अदालत ने यह निर्देश अधिकारी द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। इस याचिका में आरोप लगाया गया कि राज्य सरकार उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपाय प्रदान करने में विफल रही है। सुरक्षा व्यवस्था में खामियों का फायदा उठाकर कुछ अन्य लोग लगातार उनकी निजता का उल्लंघन कर रहे हैं।जस्टिस राजशेखर मंथा ने निर्देश दिया,"इस...
हिजाब विवाद: कर्नाटक हाईकोर्ट ने डिग्री कॉलेज के छात्रों को हेडस्कार्फ पहनने की अनुमति देने से इनकार किया; कोई अंतरिम राहत नहीं दी
कर्नाटक हाईकोर्ट (Karnataka High Court) ने सोमवार को भंडारकर कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंस, उडुपी के दो डिग्री कॉलेज के छात्रों को कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया, जिन्होंने हेडस्कार्फ़ (हिजाब) पहनकर कक्षाओं में बैठने की अनुमति देने के लिए कॉलेज को निर्देश देने की मांग की थी।न्यायमूर्ति कृष्ण एस दीक्षित की एकल पीठ ने भंडारकर कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंस, उडुपी के दो छात्रों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अंतरिम राहत से इनकार कर दिया। पीठ ने कहा कि 10 फरवरी को पूर्ण पीठ द्वारा पारित अंतरिम...
COVID-19: हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के परामर्श से ब्लड सैंपल के संग्रह के लिए मानकों को प्रकाशित करने को कहा
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने हाल ही में दिल्ली सरकार (Delhi Government) से कहा है कि वह एक सप्ताह के भीतर भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के परामर्श से COVID-19 संबंधित टेस्ट करने के लिए ब्लड सैंपल के संग्रह के लिए आवश्यक मानकों को प्रकाशित करें।न्यायमूर्ति नजमी वज़ीरी ने यह भी कहा कि आईसीएमआर अपनी वेबसाइट पर इस बात पर प्रकाश डालेगा कि COVID से संबंधित टेस्ट करने के लिए कितना ब्लड सैंपल एकत्र करने की अनुमति है।अदालत दो मुद्दों को उठाते हुए डॉ रोहित जैन द्वारा दायर अवमानना याचिका...
तलाक की डिक्री को चुनौती देने और हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 25 के तहत स्थायी भरण-पोषण स्वीकार नहीं करने वाली पत्नी सीआरपीसी की धारा 125 के तहत भरण-पोषण की मांग कर सकती है : इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में उस मामले में सीआरपीसी की धारा 125 के तहत पत्नी के भरण-पोषण के दावे को स्वीकार किया है, जिसमें फैमिली कोर्ट ने पति के पक्ष में तलाक का आदेश पारित किया है। हाईकोर्ट ने कहा कि उक्त तलाक की डिक्री के खिलाफ एक अपील न्यायालय के समक्ष लंबित है और उस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। हाईकोर्ट ने माना कि तलाक की डिक्री के बावजूद पत्नी सीआरपीसी की धारा 125 के तहत भरण-पोषण की मांग कर सकती है।जस्टिस सैयद आफताब हुसैन रिजवी ने पति की उस दलील को खारिज कर दिया कि एक तलाकशुदा...
COVID-19 वैक्सीन न लेने वाले लोगों पर लोकल ट्रेन में यात्रा पर लगा प्रतिबंध वापस लिया जाए: बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को अगस्त, 2021 के सर्कुलर को वापस लेने का सुझाव दिया। कोर्ट ने कहा कि COVID-19 की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार को COVID-19 वैक्सीन न लेने वाले लोगों पर लोकल ट्रेन में यात्रा करने पर लगाए प्रतिबंध को वापस लेने के लिए कहा।कोर्ट ने राज्य सरकार को मंगलवार तक अदालत को सूचित करने का निर्देश दिया कि क्या वह प्रतिबंध से संबंधित सर्कुलर को वापस लेने के लिए तैयार है। कोर्ट ने कहा कि संबंधित आदेश पारित करने से पहले प्रथम दृष्टया उचित...
'मां ने मुझसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा': समीर वानखेड़े ने बॉम्बे हाईकोर्ट में बार लाइसेंस रद्द करने के आदेश को चुनौती दी; एफआईआर रद्द करने की मांग की
पूर्व नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दो याचिकाएं दायर की हैं, जिसमें ठाणे कलेक्टर और पुलिस द्वारा 1997 में धोखाधड़ी और व्यक्तिगत विवरण की गलत बयानी के माध्यम से अपने होटल के लिए शराब लाइसेंस प्राप्त करने की कार्रवाई को चुनौती दी गई है।याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि वानखेड़े के खिलाफ राज्य के कैबिनेट मंत्री और राकांपा नेता नवाब मलिक के व्यक्तिगत प्रतिशोध से उत्पन्न निर्देशों और राजनीतिक दबाव के अनुसार कार्रवाई की गई है।इस महीने की...
[NDPS Act] 'स्पॉट' का मतलब वह स्थान है जहां तलाशी ली जाती है और बरामदगी की जाती है, न कि जहां संदिग्ध वाहन या व्यक्ति को रोका जाता है: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (Madhya Pradesh High Court) ने हाल ही में कहा कि एनडीपीएस अधिनियम (NDPS Act) के तहत मामलों में तलाशी और बरामदगी के संबंध में, 'स्पॉट' का मतलब वह स्थान नहीं है जहां संदिग्ध वाहन या व्यक्ति को रोका जाता है, बल्कि वह जगह है जहां तलाशी ली जाती है और वस्तुओं की जब्ती की जाती है।न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी अनिवार्य रूप से एनडीपीएस अधिनियम की धारा 8, धारा 20, 25, 27(A), 28, 29 के तहत आवेदकों द्वारा दायर जमानत आवेदनों पर विचार कर रहे थे।क्या है पूरा मामला?अभियोजन पक्ष के अनुसार आवेदक...



















![[NDPS Act] स्पॉट का मतलब वह स्थान है जहां तलाशी ली जाती है और बरामदगी की जाती है, न कि जहां संदिग्ध वाहन या व्यक्ति को रोका जाता है: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट [NDPS Act] स्पॉट का मतलब वह स्थान है जहां तलाशी ली जाती है और बरामदगी की जाती है, न कि जहां संदिग्ध वाहन या व्यक्ति को रोका जाता है: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2020/07/04/500x300_377719-377642-ndps-act.jpg)