मुख्य सुर्खियां
कलकत्ता हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को भाजपा विधायक सुवेंदु अधिकारी के आवास के मुख्य प्रवेश द्वार पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को राज्य सरकार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक और विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के आवास के मुख्य द्वार पर दो सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया।अदालत ने यह निर्देश अधिकारी द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। इस याचिका में आरोप लगाया गया कि राज्य सरकार उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपाय प्रदान करने में विफल रही है। सुरक्षा व्यवस्था में खामियों का फायदा उठाकर कुछ अन्य लोग लगातार उनकी निजता का उल्लंघन कर रहे हैं।जस्टिस राजशेखर मंथा ने निर्देश दिया,"इस...
हिजाब विवाद: कर्नाटक हाईकोर्ट ने डिग्री कॉलेज के छात्रों को हेडस्कार्फ पहनने की अनुमति देने से इनकार किया; कोई अंतरिम राहत नहीं दी
कर्नाटक हाईकोर्ट (Karnataka High Court) ने सोमवार को भंडारकर कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंस, उडुपी के दो डिग्री कॉलेज के छात्रों को कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया, जिन्होंने हेडस्कार्फ़ (हिजाब) पहनकर कक्षाओं में बैठने की अनुमति देने के लिए कॉलेज को निर्देश देने की मांग की थी।न्यायमूर्ति कृष्ण एस दीक्षित की एकल पीठ ने भंडारकर कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंस, उडुपी के दो छात्रों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अंतरिम राहत से इनकार कर दिया। पीठ ने कहा कि 10 फरवरी को पूर्ण पीठ द्वारा पारित अंतरिम...
COVID-19: हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के परामर्श से ब्लड सैंपल के संग्रह के लिए मानकों को प्रकाशित करने को कहा
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने हाल ही में दिल्ली सरकार (Delhi Government) से कहा है कि वह एक सप्ताह के भीतर भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के परामर्श से COVID-19 संबंधित टेस्ट करने के लिए ब्लड सैंपल के संग्रह के लिए आवश्यक मानकों को प्रकाशित करें।न्यायमूर्ति नजमी वज़ीरी ने यह भी कहा कि आईसीएमआर अपनी वेबसाइट पर इस बात पर प्रकाश डालेगा कि COVID से संबंधित टेस्ट करने के लिए कितना ब्लड सैंपल एकत्र करने की अनुमति है।अदालत दो मुद्दों को उठाते हुए डॉ रोहित जैन द्वारा दायर अवमानना याचिका...
तलाक की डिक्री को चुनौती देने और हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 25 के तहत स्थायी भरण-पोषण स्वीकार नहीं करने वाली पत्नी सीआरपीसी की धारा 125 के तहत भरण-पोषण की मांग कर सकती है : इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में उस मामले में सीआरपीसी की धारा 125 के तहत पत्नी के भरण-पोषण के दावे को स्वीकार किया है, जिसमें फैमिली कोर्ट ने पति के पक्ष में तलाक का आदेश पारित किया है। हाईकोर्ट ने कहा कि उक्त तलाक की डिक्री के खिलाफ एक अपील न्यायालय के समक्ष लंबित है और उस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। हाईकोर्ट ने माना कि तलाक की डिक्री के बावजूद पत्नी सीआरपीसी की धारा 125 के तहत भरण-पोषण की मांग कर सकती है।जस्टिस सैयद आफताब हुसैन रिजवी ने पति की उस दलील को खारिज कर दिया कि एक तलाकशुदा...
COVID-19 वैक्सीन न लेने वाले लोगों पर लोकल ट्रेन में यात्रा पर लगा प्रतिबंध वापस लिया जाए: बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को अगस्त, 2021 के सर्कुलर को वापस लेने का सुझाव दिया। कोर्ट ने कहा कि COVID-19 की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार को COVID-19 वैक्सीन न लेने वाले लोगों पर लोकल ट्रेन में यात्रा करने पर लगाए प्रतिबंध को वापस लेने के लिए कहा।कोर्ट ने राज्य सरकार को मंगलवार तक अदालत को सूचित करने का निर्देश दिया कि क्या वह प्रतिबंध से संबंधित सर्कुलर को वापस लेने के लिए तैयार है। कोर्ट ने कहा कि संबंधित आदेश पारित करने से पहले प्रथम दृष्टया उचित...
'मां ने मुझसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा': समीर वानखेड़े ने बॉम्बे हाईकोर्ट में बार लाइसेंस रद्द करने के आदेश को चुनौती दी; एफआईआर रद्द करने की मांग की
पूर्व नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दो याचिकाएं दायर की हैं, जिसमें ठाणे कलेक्टर और पुलिस द्वारा 1997 में धोखाधड़ी और व्यक्तिगत विवरण की गलत बयानी के माध्यम से अपने होटल के लिए शराब लाइसेंस प्राप्त करने की कार्रवाई को चुनौती दी गई है।याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि वानखेड़े के खिलाफ राज्य के कैबिनेट मंत्री और राकांपा नेता नवाब मलिक के व्यक्तिगत प्रतिशोध से उत्पन्न निर्देशों और राजनीतिक दबाव के अनुसार कार्रवाई की गई है।इस महीने की...
[NDPS Act] 'स्पॉट' का मतलब वह स्थान है जहां तलाशी ली जाती है और बरामदगी की जाती है, न कि जहां संदिग्ध वाहन या व्यक्ति को रोका जाता है: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (Madhya Pradesh High Court) ने हाल ही में कहा कि एनडीपीएस अधिनियम (NDPS Act) के तहत मामलों में तलाशी और बरामदगी के संबंध में, 'स्पॉट' का मतलब वह स्थान नहीं है जहां संदिग्ध वाहन या व्यक्ति को रोका जाता है, बल्कि वह जगह है जहां तलाशी ली जाती है और वस्तुओं की जब्ती की जाती है।न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी अनिवार्य रूप से एनडीपीएस अधिनियम की धारा 8, धारा 20, 25, 27(A), 28, 29 के तहत आवेदकों द्वारा दायर जमानत आवेदनों पर विचार कर रहे थे।क्या है पूरा मामला?अभियोजन पक्ष के अनुसार आवेदक...
'लैंगिक पूर्वाग्रह का स्पष्ट मामला': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए बहन/विवाहित बेटी पर विचार नहीं करने की नीति को असंवैधानिक माना
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि राष्ट्रीय कोयला मजदूरी समझौते (एनसीडब्ल्यूए) की बहनों/विवाहित बेटियों को अनुकंपा नियुक्ति के लिए विचार नहीं करने की नीति लैंगिक पूर्वाग्रह का एक स्पष्ट मामला है और इस प्रकार असंवैधानिक है।जस्टिस एसए धर्माधिकारी याचिकाकर्ता की ओर से दायर एक रिट याचिका का निस्तारण कर रह थे, जो प्रतिवादी कंपनी द्वारा पारित आदेश से व्यथित थी, जिससे उसने इस आधार पर अनुकंपा नियुक्ति के लिए उसके आवेदन को खारिज कर दिया था कि वह मृतक की एक विवाहित बेटी है।" यह न्यायालय यह समझने...
क्या मोटर दुर्घटना के दावों के लिए मुआवजे पर ब्याज कर योग्य है और क्या बीमा कंपनी को स्रोत पर कर कटौती की आवश्यकता है? राजस्थान हाईकोर्ट ने बड़ी बेंच को संदर्भित किया
यह सवाल कि क्या मोटर दुर्घटना दावे के मुआवजे पर ब्याज कर योग्य है और परिणामस्वरूप, क्या बीमा कंपनी को दावेदारों को इस तरह का भुगतान करते समय स्रोत पर कर कटौती की आवश्यकता होती है, राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने बड़ी पीठ को भेजा दिया है।चीफ जस्टिस अकील कुरैशी और जस्टिस उमा शंकर व्यास ने कहा, "परिस्थितियों के तहत निम्नलिखित प्रश्न को बड़ी पीठ को संदर्भ किया जा सकता है- 'क्या मोटर दुर्घटना दावा मुआवजे पर देय ब्याज कर योग्य है और परिणामस्वरूप बीमा कंपनी को दावेदारों को ऐसा भुगतान करते समय स्रोत पर...
छात्र नेता अनीस खान की कथित हत्या: वकील ने कलकत्ता हाईकोर्ट से स्वत: संज्ञान कार्यवाही शुरू करने का अनुरोध किया
हावड़ा जिले के अमता में छात्र नेता अनीस खान की "रहस्यमय" मौत के मामले में सोमवार को कलकत्ता हाईकोर्ट के समक्ष एक याचिका दायर की गई, जिसमें एक स्वतंत्र एजेंसी द्वारा मामले की जांच की मांग की गई।जस्टिस राजशेखर मंथा के समक्ष संबंधित वकील ने एक मौखिक याचिका दायर कर छात्र नेता अनीस खान की मौत के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों का पता लगाने के लिए स्वत: संज्ञान लेकर अदालत के हस्तक्षेप की प्रार्थना की।जस्टिस मंथा ने बाद में वकील को लिखित प्रार्थना के साथ अदालत में पेश होने का निर्देश दिया।छात्र कार्यकर्ता...
"सरकार इस मामले में संवेदनशील है" : एजी ने हाईकोर्ट को आश्वस्त किया, अधिकारी हिजाब मामले में कोर्ट के अंतरिम आदेश का उल्लंघन नहीं करेंगे
कर्नाटक के एडवोकेट जनरल (महाधिवक्ता) ने सोमवार को कर्नाटक हाईकोर्ट को आश्वासन दिया कि हाईकोर्ट के 10 फरवरी के उस आदेश का उल्लंघन किसी भी सरकारी विभाग द्वारा नहीं किया जाएगा, जिस आदेश में हाईकोर्ट ने स्टूडेंट को निर्धारित यूनिफॉर्म वाले संस्थानों में कक्षाओं में धार्मिक पोशाक पहनने से रोक लगाई थी। एजी का यह आश्वासन एक शिकायत के जवाब में आया कि बिना किसी ड्रेस कोड के कॉलेजों में भी अधिकारियों द्वारा हिजाब प्रतिबंध लागू किया जा रहा है और शिक्षकों सहित हिजाब पहनने वाली मुस्लिम महिलाओं को परेशान...
राज्य ने हिजाब पर प्रतिबंध नहीं लगाया: कर्नाटक एजी, हाईकोर्ट ने पूछा यदि संस्थान हिजाब को अनुमति देते हैं तो क्या आप आपत्ति लेंगे?
कर्नाटक हाईकोर्ट की एक पूर्ण पीठ ने मुस्लिम छात्राओं द्वारा दायर याचिकाओं में राज्य की ओर से महाधिवक्ता (एजी) प्रभुलिंग नवदगी की सुनवाई सोमवार को जारी रखी। मुस्लिम छात्राओं ने हिजाब (हेडस्कार्फ़) पहनकर सरकारी कॉलेज के प्रवेश से इनकार करने की कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। फुल बेंच के समक्ष सुनवाई का आज 7वां दिन था।आज जब सुनवाई शुरू हुई तो मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली पीठ ने हिजाब पर प्रतिबंध लगाने पर अपने रुख के बारे में राज्य से स्पष्टीकरण मांगा। यह एजी के इस अनुरोध के मद्देनजर...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी वकील की गलत रिपोर्टिंग के कारण पुलिस अधिकारी को हुई असुविधा के लिए माफी मांगी
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (Madhya Pradesh High Court) ने हाल ही में सरकारी वकील (पैनल वकील) की गलत रिपोर्टिंग के कारण पुलिस अधिकारी को हुई असुविधा के लिए माफी मांगी है।न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल एक जमानत आवेदन पर विचार कर रहे थे, जिसमें न्यायालय ने दिनांक 18.01.2022 के आदेश के तहत डीएनए रिपोर्ट मांगी थी।हालांकि, सुनवाई की अगली तारीख को रिपोर्ट पेश नहीं की गई। कोर्ट ने पैनल वकील की इस दलील पर गौर किया कि डीएनए टेस्ट के लिए सैंपल 12.05.2021 को भेजा गया था। इस प्रकार न्यायालय ने दिनांक...
'व्हाई आई किल्ड गांधी' मूवी स्ट्रीमिंग पर रोक लगाने की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर
इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) याचिका दायर कर लघु फिल्म 'व्हाई आई किल्ड गांधी' की स्ट्रीमिंग पर रोक लगाने की मांग की गई। याचिका में कहा गया कि चल रहे विधानसभा चुनावों के बीच फिल्म का प्रदर्शन उत्तर प्रदेश के सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ सकता है।रेहान आलम खान और हिमांशु गुप्ता द्वारा याचिका दायर की गई। याचिका में प्रस्तुत किया गया कि ओटीटी प्लेटफॉर्म लाइमलाइट पर 30 जनवरी [महात्मा गांधी की पुण्यतिथि] पर रिलीज हुई फिल्म राष्ट्रपिता की छवि खराब करती है। साथ ही राष्ट्र और भारतीय समाज...
एमपी हाईकोर्ट ने उस फैसले को बरकरार रखा जिसमें मृतक कर्मचारी के छोटे बेटे की अनुकंपा नियुक्ति के लिए विचार करने को कहा जबकि बड़ा बेटा भारतीय सेना में है
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट इंदौर खंडपीठ ने हाल ही में एकल पीठ के उस फैसले को बरकरार रखा जिसमें रिट कोर्ट ने राज्य को एक मृतक सरकारी कर्मचारी के छोटे बेटे को अनुकंपा नियुक्ति के लिए विचार करने का निर्देश दिया था, जबकि उसका बड़ा बेटा भारतीय सेना में सेवा कर रहा था।जस्टिस विवेक रुसिया और जस्टिस प्रणय वर्मा की खंडपीठ ने कहा कि बड़ा बेटा, हालांकि नियमित रोजगार में था, अलग रहता था, उसने अपने परिवार का गठन किया था और मृतक के परिवार, यानी मृतक की पत्नी और छोटे बेटे को वित्तीय सहायता प्रदान करने की स्थिति में...
धारा 202(1) सीआरपीसी- यदि अभियुक्त मजिस्ट्रेट के अधिकार क्षेत्र से बाहर रहता है तो प्रक्रिया जारी करने से पहले जांच/अन्वेषण अनिवार्य: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सीआरपीसी की धारा 202(1) के तहत, यदि कोई आरोपी मजिस्ट्रेट के अधिकार क्षेत्र से बाहर रहता है तो ऐसे मजिस्ट्रेट के लिए सीआरपीसी की धारा 204 के तहत प्रक्रिया जारी करने से पहले या तो खुद मामले की जांच करना या जांच करने का निर्देश देना अनिवार्य है।जस्टिस मंजू रानी चौहान की खंडपीठ ने आगे कहा कि धारा 202 सीआरपीसी (23.06.2006 से संशोधित) के प्रावधान के अनुसार, आवश्यकता यह है कि उन मामलों में, जहां आरोपी अधिकार क्षेत्र से परे एक ऐसी जगह पर रह रहा हो, जिसमें संबंधित...
चारा घोटाला: सीबीआई कोर्ट ने डोरंडा कोषागार मामले में लालू प्रसाद यादव को पांच साल कैद की सजा सुनाई
रांची में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक विशेष अदालत ने सोमवार को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को पांच साल की कैद की सजा सुनाई। साथ ही अदालत ने लालू पर 139.5 करोड़ रुपये की अवैध निकासी के मामले में उन पर 60 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।विशेष सीबीआई न्यायाधीश सीके शशि ने 15 फरवरी को लालू प्रसाद यादव के खिलाफ इस पांचवें चारा घोटाला मामले में उन्हें दोषी ठहराया। इस मामले में साल 1996 में रांची के डोरंडा थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। बाद में सीबीआई ने इस मामले को अपने हाथ...
प्रयागराज एयरपोर्ट कॉरिडोर- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रविवार को हुई विशेष सुनवाई में 100 साल पुराने क्लीनिक, रेस्टोरेंट को तोड़ने के प्रस्ताव पर रोक लगाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने रविवार की हुई विशेष सुनवाई में प्रयागराज एयरपोर्ट कॉरिडोर निर्माण के लिए सौ साल पुराने होम्योपैथिक क्लीनिक और रेस्टोरेंट को तोड़ने के प्रस्ताव पर रोक लगा दी है।न्यायमूर्ति प्रिंकर दिवाकर, न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव की खंडपीठ ने राकेश गुप्ता एंड दो अन्य की याचिका पर यह आदेश पारित किया और अब मामले को 24 फरवरी को आगे की सुनवाई के लिए पोस्ट किया है।याचिकाकर्ता का क्या कहना है?याचिकाकर्ताओं ने याचिकाकर्ताओं के कब्जे में हस्तक्षेप नहीं करने के लिए...
हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के तहत न्यायिक पृथक्करण और तलाक कैसे एक दूसरे से अलग हैं, दिल्ली हाईकोर्ट ने समझाया
दिल्ली हाईकोर्ट ने हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के तहत न्यायिक पृथक्करण और तलाक के दायरे की व्याख्या की है। जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस जसमीत सिंह की खंडपीठ ने कहा कि दोनों अवधारणाओं का दायरा गुणात्मक रूप से भिन्न है। न्यायिक पृथक्करण बिल्कुल अलग किस्म की राहत है, जिसे पीड़ित पति या पत्नी दूसरे के खिलाफ अधिनियम की धारा 10 के तहत मांग सकती हैं।कोर्ट ने कहा, "इस प्रकार, पीड़ित पति या पत्नी तलाक की राहत मांगने के बजाय, उन्हीं आधार पर, जिन पर वह तलाक मांग रहा है या रही है, न्यायिक पृथक्करण की डिक्री...
[सात साल की बच्ची का रेप] पीड़िता के शरीर पर चोट के निशान न होने के कारण रेप के अपराध को असंभव नहीं बनाया जा सकता: कलकत्ता हाईकोर्ट ने दोषी की सजा बरकरार रखी
कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) ने हाल ही में सात साल की बच्ची के साथ बलात्कार (Rape Case) सजा को बरकरार रखा है, यह देखते हुए कि बलात्कार के अपराध को साबित करने के लिए केवल प्रवेश पर्याप्त है और पीड़ित के शरीर पर चोटों की उपस्थिति आवश्यक नहीं है।जस्टिस बिवास पटनायक और जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा,"यह भी जोरदार तर्क दिया गया है कि सात साल की नाबालिग पर बलात्कार का आरोप असंभव है क्योंकि पीड़िता के शरीर पर उसके निजी अंगों सहित कोई चोट नहीं पाई गई थी। उसका हाइमन पाया गया था। बलात्कार के...







![[NDPS Act] स्पॉट का मतलब वह स्थान है जहां तलाशी ली जाती है और बरामदगी की जाती है, न कि जहां संदिग्ध वाहन या व्यक्ति को रोका जाता है: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट [NDPS Act] स्पॉट का मतलब वह स्थान है जहां तलाशी ली जाती है और बरामदगी की जाती है, न कि जहां संदिग्ध वाहन या व्यक्ति को रोका जाता है: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2020/07/04/500x300_377719-377642-ndps-act.jpg)









