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बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
"दिल्ली जाओ, अदालत को इस तरह शर्मिंदा मत करो": बॉम्बे हाईकोर्ट ने न्यायिक रिक्तियों को भरने के लिए जनहित याचिका की तत्काल सुनवाई से इनकार किया

चीफ जस्टिस की बेंच ने सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की रिक्तियों को भरने के लिए एक जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। हाईकोर्ट ने इसके साथ ही याचिकाकर्ता को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने और अदालत को शर्मिंदा न करने के लिए कहा।चीफ जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एमएस कार्णिक की पीठ ने जनहित याचिका की सुनवाई पर सवाल उठाया और मामले को गर्मी की छुट्टी के बाद आठ सप्ताह के बाद सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया।बॉम्बे लॉयर्स एसोसिएशन की ओर से एडवोकेट एकनाथ ढोकाले ने मामले का जिक्र करते...

राजस्थान हाईकोर्ट ने लोक अभियोजक से नाबालिग रेप केस में सजा निलंबित करने की मांग वाली आसाराम बापू की तीसरी अर्जी पर दो हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा
राजस्थान हाईकोर्ट ने लोक अभियोजक से नाबालिग रेप केस में सजा निलंबित करने की मांग वाली आसाराम बापू की तीसरी अर्जी पर दो हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा

राजस्थान हाईकोर्ट, जोधपुर की खंडपीठ ने नाबालिग रेप मामले में सजा निलंबित करने की मांग वाली आसाराम की तीसरी अर्जी पर लोक अभियोजक को दो हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है।न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति विनीत कुमार माथुर ने आदेश दिया,"लोक अभियोजक को सजा के निलंबन के लिए इस तीसरे आवेदन पर जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया जाता है।"इससे पहले, 21 मई 2021 को, राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति देवेंद्र कछवाहा की खंडपीठ ने जिला और जेल प्रशासन को यह सुनिश्चित करने का...

एससी कॉलेजियम ने पिछले साल हाईकोर्ट में न्यायाधीशों के रूप में नियुक्ति के लिए 39 महिलाओं के नाम प्रस्तावित किए, अब तक 27 सिफारिशें स्वीकृत: कानून मंत्रालय
एससी कॉलेजियम ने पिछले साल हाईकोर्ट में न्यायाधीशों के रूप में नियुक्ति के लिए 39 महिलाओं के नाम प्रस्तावित किए, अब तक 27 सिफारिशें स्वीकृत: कानून मंत्रालय

कानून और न्याय मंत्रालय ने लोकसभा को सूचित किया कि एक जनवरी, 2021 से 30 मार्च, 2022 तक सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 39 महिलाओं को हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के रूप में नियुक्ति के लिए सिफारिश की है। इनमें से 27 महिलाओं की नियुक्ति की गई और शेष 12 नाम विभिन्न चरणों में विचाराधीन हैं।कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने सांसद वी.के. श्रीकंदन द्वारा हाईकोर्ट बेंचों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व पर पूछे गए सवालों के जवाब में उक्त जानकारी:"(क) क्या हाईकोर्ट कॉलेजियम ने अधिक महिला न्यायाधीशों की नियुक्ति की सिफारिश...

[हाईकोर्ट्स की नई पीठें] किसी भी हाईकोर्ट में नई पीठों की स्थापना के लिए सरकार के पास कोई पूर्ण प्रस्ताव लंबित नहीं: कानून एंव न्याय मंत्री ने लोकसभा को बताया
[हाईकोर्ट्स की नई पीठें] 'किसी भी हाईकोर्ट में नई पीठों की स्थापना के लिए सरकार के पास कोई पूर्ण प्रस्ताव लंबित नहीं': कानून एंव न्याय मंत्री ने लोकसभा को बताया

कानून एंव न्याय मंत्री (Law Ministry) ने लोकसभा (Lok Sabha) को सूचित किया कि वर्तमान में किसी भी हाईकोर्ट में नई पीठों की स्थापना के लिए सरकार के पास कोई पूर्ण प्रस्ताव लंबित नहीं है।कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने जवाब दिया कि हाईकोर्ट की खंडपीठों की स्थापना जसवंत सिंह आयोग द्वारा की गई सिफारिशों और कर्नाटक में बार एसोसिएशनों के संघ में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के अनुसार की जाती है और राज्य सरकार से एक पूर्ण प्रस्ताव पर विचार करने के बाद जिसमें आवश्यक व्यय और आधारभूत सुविधाएं प्रदान करना है और...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
बहुत खेदजनक स्थिति: उत्तर प्रदेश में निष्पादन न्यायालयों में 20 से अधिक वर्षों से मध्यस्थता मामलों में निष्पादन कार्यवाही लंबित होने पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश राज्य में अधीनस्थ न्यायालयों/कार्यकारी अदालतों के समक्ष पंचाट मामलों में अवॉर्ड निष्पादित करने के लिए निष्पादन कार्यवाही की लंबितता पर चिंता व्यक्त की। कोर्ट ने कहा कि अगर आर्बिट्रेशन एक्ट के तहत अवार्ड को जल्द से जल्द निष्पादित नहीं किया जाता है, तो यह आर्बिट्रेशन एक्ट के साथ-साथ कमर्शियल कोर्ट एक्ट के उद्देश्य और लक्ष्य को विफल कर देगा।जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ ने देखा,"यह एक बहुत ही खेदजनक स्थिति है कि मध्यस्थता अधिनियम के तहत...

विवादित दस्तावेज़ पर लिखावट की तुलना वकालत और लिखित बयान पर हस्ताक्षर से नहीं की जा सकती: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
विवादित दस्तावेज़ पर लिखावट की तुलना वकालत और लिखित बयान पर हस्ताक्षर से नहीं की जा सकती: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट

हाल के एक मामले में आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि हैंड राइटिंग एक्सपर्ट को विवादित राइटिंग्स भेजने के लिए भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 45 के तहत कोई समय सीमा निर्धारित नहीं है और यह ट्रायल के किसी भी चरण में किया जा सकता है। इसके अलावा, किसी विवादित दस्तावेज पर लिखावट की तुलना वकालत और लिखित बयान पर हस्ताक्षर के साथ नहीं की जा सकती क्योंकि ये सुनिश्चित मानक दस्तावेज नहीं हैं।मामले के तथ्ययाचिकाकर्ता वाद में प्रतिवादी था। प्रतिवादी/वादी ने 1,71,600 रुपये राशि की वसूली के लिए उक्त वाद...

अभियुक्तों की आवाज का नमूना लेने का निर्देश संविधान के अनुच्छेद 20(3) के तहत अधिकारों का उल्लंघन नहीं करता: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
अभियुक्तों की आवाज का नमूना लेने का निर्देश संविधान के अनुच्छेद 20(3) के तहत अधिकारों का उल्लंघन नहीं करता: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि आरोपी की आवाज का नमूना लेने का निर्देश संविधान के अनुच्छेद 20 (3) के तहत उसके अधिकारों का उल्लंघन नहीं करता है।जस्टिस अवनीश झिंगन की पीठ ने निचली अदालत के उस आदेश के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी, जिसमें याचिकाकर्ता-आरोपी को अपनी आवाज का नमूना देने का निर्देश दिया गया था। यह कहा गया कि निजता के मौलिक अधिकार के उल्लंघन को जांच को धीमा करने के लिए नहीं उठाया जा सकता है।निजता के मौलिक अधिकार के उल्लंघन को केवल इस बात से इनकार करके जांच को विफल करने के...

कलकत्ता हाईकोर्ट ने एसबीआई को डब्ल्यूबी छात्र क्रेडिट कार्ड योजना के तहत लॉ स्टूडेंट के एजुकेशन लॉन एप्लिकेशन पर दो सप्ताह के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने एसबीआई को 'डब्ल्यूबी छात्र क्रेडिट कार्ड योजना' के तहत लॉ स्टूडेंट के एजुकेशन लॉन एप्लिकेशन पर दो सप्ताह के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया

कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को थर्ड ईयर के लॉ स्टूडेंट की लोन एप्लिकेशन पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इस स्टूडेंट ने 30 जून, 2021 में राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित 'पश्चिम बंगाल छात्र क्रेडिट कार्ड योजना' के तहत एजुकेशन लॉन के लिए आवेदन किया था।उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए छात्रों को क्रेडिट कार्ड प्रदान करने के लिए राज्य उच्च शिक्षा विभाग द्वारा पश्चिम बंगाल छात्र क्रेडिट कार्ड योजना तैयार की गई।जस्टिस मौसमी भट्टाचार्य थर्ड ईयर की लॉ स्टूडेंट इरिना मलिक की...

ये आरोपी अधिक हिंसक कृत्य में शामिल नहीं थे : बॉम्बे हाईकोर्ट ने पालघर मोब लिंचिंग केस में 10 आरोपियों को जमानत दी, आठ अन्य की अर्जी खारिज
"ये आरोपी अधिक हिंसक कृत्य में शामिल नहीं थे" : बॉम्बे हाईकोर्ट ने पालघर मोब लिंचिंग केस में 10 आरोपियों को जमानत दी, आठ अन्य की अर्जी खारिज

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को 2020 के पालघर मॉब लिंचिंग मामले में 10 आदिवासियों को जमानत दे दी। इस मामले में दो साधुओं सहित तीन लोगों की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। इसके साथ ही अदालत ने आठ अन्य को जमानत देने से इनकार कर दिया।इससे पहले जनवरी, 2021 में विशेष अदालत ने मामले के 89 आरोपियों को जमानत दे दी थी।जस्टिस भारती डांगरे ने शुक्रवार के आदेश में घटनास्थल पर मौजूद लोगों और वीडियो फुटेज में मृतक के साथ मारपीट करने वालों से हमलावरों को उकसाने में शामिल लोगों के बीच अंतर किया।उन्होंने देखा कि...

केरल हाईकोर्ट ने 26 सप्ताह की प्रेग्नेंसी टर्मिनेंस के लिए नाबालिग बलात्कार पीड़िता की याचिका पर अस्पताल को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया
केरल हाईकोर्ट ने 26 सप्ताह की प्रेग्नेंसी टर्मिनेंस के लिए नाबालिग बलात्कार पीड़िता की याचिका पर अस्पताल को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया

केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को यौन शोषण की शिकार एक नाबालिग लड़की द्वारा दायर एक अन्य याचिका पर सुनवाई की। इस याचिका में 26 सप्ताह से अधिक की प्रेग्नेंसी की मेडिकल टर्मिनेंस की अनुमति देने की मांग की गई।जस्टिस पी.वी. कुन्हीकृष्णन ने लड़की की मां की ओर से दायर याचिका का निपटारा किया।कोर्ट ने कहा कि अफसोस की बात है कि 25 दिनों से भी कम समय में यह दूसरी घटना है जिसमें नाबालिग बच्चों पर लोगों के बढ़ते मामलों की भयावह प्रवृत्ति को दर्शाया गया है। उक्त जज ने इससे पहले मामले में भी ऐसा ही आदेश पारित किया...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी उच्च न्यायिक सेवा परीक्षा 2020 में 10% ईडब्ल्यूएस आरक्षण की मांग वाली याचिका खारिज की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते उत्तर प्रदेश उच्च न्यायिक सेवा, 2020 के लिए सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों को ईडब्ल्यूएस के रूप में 10% आरक्षण का लाभ प्रदान करने के लिए हाईकोर्ट प्रशासन को निर्देश देने की मांग वाली दो याचिकाओं को खारिज कर दिया।कोर्ट ने यह कहते हुए कि एक बार विज्ञापन निकल जाने के बाद, अधिकारियों के लिए कोई नया खंड शामिल करना उचित नहीं होगा, जस्टिस डॉ कौशल जयेंद्र ठाकर और जस्टिस अजय त्यागी की पीठ ने याचिकाओं को खारिज कर दिया।उल्‍लेखनीय है कि भारत के संविधान के 103 वें संशोधन के...

अविवाहित बेटी हिंदू दत्तक और भरण-पोषण अधिनियम के तहत माता-पिता से शादी के खर्च का दावा कर सकती है: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
अविवाहित बेटी 'हिंदू दत्तक और भरण-पोषण अधिनियम' के तहत माता-पिता से शादी के खर्च का दावा कर सकती है: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा था कि एक अविवाहित बेटी हिंदू दत्तक और भरण-पोषण अधिनियम, 1956 के प्रावधानों के तहत अपने माता-पिता से विवाह के खर्च का दावा कर सकती है। जस्टिस गौतम भादुड़ी और जस्टिस संजय एस अग्रवाल की खंडपीठ ने 35 वर्षीय महिला राजेश्वरी द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई और अनुमति देते हुए यह फैसला सुनाया।संक्षेप में मामलाअपीलकर्ता/राजेश्वरी ने प्रधान न्यायाधीश, फैमिली कोर्ट, दुर्ग के समक्ष एक आवेदन दिया, जिसमें उसने अपने पिता से शादी के लिए 25 लाख रुपये की राशि का दावा किया...

कलकत्ता हाईकोर्ट
'सरकारी एजेंसी एक विशेषाधिकार प्राप्त वादी नहीं': कलकत्ता हाईकोर्ट ने सीबीआई की ओर से अपील दायर करने में हुई 302 दिनों की देरी को माफ करने से इनकार किया

कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाल ही में अपील दायर करने में लगभग 302 दिनों की देरी के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को परिसीमा अधिनियम की धारा 5 के तहत राहत देने से इनकार कर दिया है।जस्टिस विवेक चौधरी ने टिप्पणी की कि सरकारी एजेंसी एक विशेषाधिकार प्राप्त वादी नहीं है और कोई स्पष्टीकरण सामने नहीं आ रहा है कि सीबीआई के विभिन्न कार्यालयों के प्रमुखों ने अपील दायर करने के उद्देश्य से मामले का रिकॉर्ड जारी करने में इतना असामान्य समय क्यों लिया।कोर्ट ने कहा, "..सरकार या एक सरकारी एजेंसी एक विशेषाधिकार...

लाइसेंस को अनुबंध माना जाता है; लाइसेंस का विस्तार विशुद्ध रूप से विवेक का मामला, न्यायालय हस्तक्षेप नहीं कर सकते: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
लाइसेंस को अनुबंध माना जाता है; लाइसेंस का विस्तार विशुद्ध रूप से विवेक का मामला, न्यायालय हस्तक्षेप नहीं कर सकते: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट

हाल के एक मामले में ज‌स्टिस आर रघुनंदन राव ने कहा कि अदालतें लाइसेंस के विस्तार के मामलों में हस्तक्षेप नहीं कर सकतीं क्योंकि लाइसेंस को एक अनुबंध माना जाता है।याचिकाकर्ता ने एचओडी बिल्डिंग कॉम्प्लेक्स, विजयवाड़ा के परिसर में एक मोबाइल कैंटीन चलाने के लिए लाइसेंस प्राप्त किया था। COVID महामारी की दूसरी और तीसरी लहर, लॉकडाउन, बेमौसम बारिश और चक्रवातों के कारण याचिकाकर्ता को भारी नुकसान हुआ था। उक्त नुकसान के कारण, याचिकाकर्ता ने प्रतिवादी को लाइसेंस अवधि को 6 महीने और बढ़ने के लिए अभ्यावेदन...

भारत के बाहर निष्पादित पावर ऑफ अटॉर्नी, यदि भारत में प्रा‌प्ति के तीन महीने के भीतर विधिवत मुहर नहीं लगी है तो जब्त कर ली जाएगी और जुर्माना लगाया जाएगा: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
भारत के बाहर निष्पादित पावर ऑफ अटॉर्नी, यदि भारत में प्रा‌प्ति के तीन महीने के भीतर विधिवत मुहर नहीं लगी है तो जब्त कर ली जाएगी और जुर्माना लगाया जाएगा: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (जीपीए) को जब्त करने का आदेश दिया था, जिसे भारत के बाहर निष्पादित किया गया था। भारतीय स्टांप अधिनियम, 1899 की धारा 18 के अनुसार भारत में पहली बार प्राप्त होने के तीन महीने के भीतर जीपीए पर मुहर नहीं लगाई गई थी।"हालांकि उपकरण भारत के बाहर निष्पादित किया गया था और इस पर विधिवत मुहर नहीं लगाया गया था और तीन महीने की अवधि के भीतर तीसरे प्रतिवादी के सामने प्रस्तुत किया गया था, उक्त प्राधिकरण इसे जब्त कर सकता है और आवश्यक स्टांप शुल्क और...

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
कानूनी सहायता या न्यायालय द्वारा नियुक्त अधिवक्ताओं को अपील में निर्णय की प्रमाणित प्रतियां दाखिल करने से छूट: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना कि हाईकोर्ट कार्यालय को कानूनी सहायता सेवा प्राधिकरण या अदालत द्वारा नियुक्त अधिवक्ताओं द्वारा दायर अपीलों को स्वीकार करना चाहिए। भले ही अधिवक्ता उन निर्णयों की प्रमाणित प्रतियां संलग्न करने में विफल रहे जिन्हें वे चुनौती दे रहे हैं।जस्टिस एसएस जाधव और जस्टिस एमएन जाधव की बेंच ने एडवोकेट पवन माली के उल्लेख पर आदेश पारित किया। उन्हें अलीबाग सत्र न्यायालय द्वारा हत्या के लिए दोषी ठहराए गए व्यक्ति का प्रतिनिधित्व करने के लिए अदालत ने नियुक्त किया है।पीठ ने कहा कि कानूनी...

दिल्ली हाईकोर्ट
हाईकोर्ट ने दिल्ली में थर्मल पावर प्लांट द्वारा उत्पन्न बिजली को हरियाणा को फिर से आवंटित करने के केंद्र के आदेश पर 29 अप्रैल तक रोक लगाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र सरकार द्वारा पारित एक आदेश पर 29 अप्रैल तक रोक लगा दी। इस आदेश में शहर के दादरी-द्वितीय थर्मल पावर स्टेशन द्वारा उत्पन्न बिजली को राष्ट्रीय राजधानी से हरियाणा राज्य में पुन: आवंटित करने को कहा गया था।केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा द्वारा मामले में जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा जाने के बाद यह घटनाक्रम सामने आया है।जस्टिस यशवंत वर्मा ने मामले को 29 अप्रैल को आगे की सुनवाई के लिए पोस्ट करते हुए भारत संघ सहित प्रतिवादियों...