मुख्य सुर्खियां

मोटर दुर्घटना दावा: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बीमा कंपनी द्वारा 20 साल तक मुकदमे को जीवित रखने पर पांच लाख का जुर्माना लगाया
मोटर दुर्घटना दावा: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बीमा कंपनी द्वारा 20 साल तक 'मुकदमे को जीवित रखने' पर पांच लाख का जुर्माना लगाया

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने हाल ही में एक बीमा कंपनी पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया। कोर्ट ने नोट किया कि उसने मोटर दुर्घटना दावों के मामले में मुकदमेबाजी को लगभग 20 वर्षों तक जीवित रखा।जस्टिस दिनेश कुमार सिंह की खंडपीठ ने बीमा कंपनी पर अनुकरणीय जुर्माना लगाया क्योंकि कंपनी ने शिकायतकर्ता (जिसके पति की वर्ष 1999 में एक मोटर दुर्घटना में मृत्यु हो गई) और उसके पांच नाबालिग बच्चों को कल्पना से परे पीड़ित किया।क्या है पूरा मामला?पक्षकार संख्या 2/दावेदार ने अपने पांच नाबालिग...

NEET-UG: मेघालय हाईकोर्ट ने स्पैम फ़ोल्डर में ई-मेल आने के कारण काउंसलिंग से चूकने वाले उम्मीदवार को राहत दी
NEET-UG: मेघालय हाईकोर्ट ने स्पैम फ़ोल्डर में ई-मेल आने के कारण काउंसलिंग से चूकने वाले उम्मीदवार को राहत दी

मेघालय हाईकोर्ट (Meghalaya High Court) ने एक दिलचस्प और अजीबोगरीब घटनाक्रम में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) उम्मीदवार को राहत दी, जो उसकी काउंसलिंग से चूक गई थी क्योंकि ई-काउंसलिंग आमंत्रण मेल उसके ई-मेल के स्पैम फ़ोल्डर में आया था।रिट याचिका की अनुमति देते हुए न्यायमूर्ति एच.एस. थांगख्यू ने देखा, "प्रौद्योगिकी के इस युग में और COVID स्थिति में इस तरह की बहुत सी चूकें हुई हैं, खासकर जब यह ऐसे मामलों से संबंधित है जिसमें डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचार शामिल है। यह...

बाल गवाह का योग्यता प्रमाण पत्र अनिवार्य नहीं है यदि वह कोर्ट के प्रश्नों और उत्तरों को तर्कसंगत रूप से समझता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पॉक्सो मामले में कहा
बाल गवाह का योग्यता प्रमाण पत्र अनिवार्य नहीं है यदि वह कोर्ट के प्रश्नों और उत्तरों को तर्कसंगत रूप से समझता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पॉक्सो मामले में कहा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना है कि यदि बच्चा अदालत के सवालों के तर्कसंगत उत्तर देता है और उसकी गवाही अडिग है, जो कोर्ट के विश्वास को प्रेरित करता हो, तो उस बाल गवाह का योग्यता प्रमाण पत्र अनिवार्य नहीं है।न्यायमूर्ति मोहम्मद असलम ने कहा, "कहीं भी यह नहीं कहा गया है कि बाल गवाह की योग्यता के संबंध में प्रमाण पत्र अनिवार्य है। यदि बयान दर्ज किया गया है, तो यह ठीक है। लेकिन, अगर अदालत ने उसकी (बच्चे की) बुद्धिमता को समझने के लिए उससे प्रश्न किया है और यदि उसने तर्कसंगत उत्तर दिया है और उसके बाद प्रमाण...

छात्रों की व्यक्तिगत जानकारी पर डेटा ईआरपी सॉफ्टवेयर में अच्छी तरह से संरक्षित: हाईकोर्ट में दिल्ली यूनिवर्सिटी ने कहा
छात्रों की व्यक्तिगत जानकारी पर डेटा ईआरपी सॉफ्टवेयर में अच्छी तरह से संरक्षित: हाईकोर्ट में दिल्ली यूनिवर्सिटी ने कहा

दिल्ली दिल्ली हाईकोर्ट में दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) ने बताया कि छात्रों की व्यक्तिगत जानकारी से संबंधित संपूर्ण डेटा को अच्छी तरह से संरक्षित किया गया है। उक्त डेटा यूनिवर्सिटी के उद्यम संसाधन योजना (ईआरपी) सॉफ्टवेयर के साथ रखा गया है। डेटा के संबंध में यूनिवर्सिटी की निजता नीति है।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह जुलाई, 2020 में यूनिवर्सिटी के लास्ट ईयर के छात्रों द्वारा यूनिवर्सिटी द्वारा ऑनलाइन ओपन बुक एग्जाम के संचालन से व्यथित होने वाली याचिका पर विचार कर रही थीं।याचिकाकर्ताओं ने स्कूल ऑफ ओपन...

दिल्ली दंगे| शाहरुख पठान का आपराधिक मामलों का इतिहास, अवैध कृत्यों के लिए कोई पछतावा नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट में अभियोजन पक्ष ने जमानत याचिका का विरोध किया
दिल्ली दंगे| "शाहरुख पठान का आपराधिक मामलों का इतिहास, अवैध कृत्यों के लिए कोई पछतावा नहीं": दिल्ली हाईकोर्ट में अभियोजन पक्ष ने जमानत याचिका का विरोध किया

दिल्ली हाईकोर्ट में उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान एक पुलिसकर्मी पर बंदूक तानने वाले शाहरुख पठान द्वारा दायर जमानत याचिका का विरोध करते हुए अभियोजन पक्ष ने कहा कि पठान का आपराधिक मामलों का इतिहास रहा है और उसे अपने अवैध कार्यों पर कोई पछतावा नहीं है।यह मामला दंगा करने, पुलिस कर्मियों को घायल करने और एक सशस्त्र भीड़ द्वारा रोहित शुक्ला को गोली मारने से संबंधित है। (एफआईआर 49/2020 जाफराबाद पुलिस स्टेशन में दर्ज)जमानत याचिका में दायर स्टेटस रिपोर्ट में कहा गया कि पठान गवाहों को सक्रिय और...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
प्राइवेट स्कूलों में फीस बढ़ोत्तरी पर पुनर्विचार करें: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से कहा

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने उत्तर प्रदेश सरकार से निजी स्कूलों में फीस बढ़ोत्तरी पर उसके द्वारा लगाए गए प्रतिबंध पर पुनर्विचार करने को कहा है।जस्टिस अताउ रहमान मसूदी और जस्टिस नरेंद्र कुमार जौहरी की बेंच ने एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट स्कूल ऑफ यूपी की याचिका पर यह आदेश दिया। अनिवार्य रूप से, राज्य सरकार द्वारा 7 जनवरी, 2022 को COVID स्थिति के मद्देनजर प्रतिबंध लगाया गया था, इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि स्कूल बंद थे और आम तौर पर लोगों को वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा...

दिल्ली हाईकोर्ट ने शब-ए-बरात पर निजामुद्दीन मरकज की मस्जिद की चार मंजिलों को फिर से खोलने की अनुमति दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने शब-ए-बरात पर निजामुद्दीन मरकज की मस्जिद की चार मंजिलों को फिर से खोलने की अनुमति दी

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को शब-ए-बारात के त्योहार पर नमाज अदा करने के लिए निजामुद्दीन मरकज में मस्जिद परिसर के ग्राउंड फ्लोर के साथ-साथ तीन मंजिलों सहित चार मंजिलों को फिर से खोलने की अनुमति दी।जस्टिस मनोज कुमार ओहरी ने दिल्ली पुलिस के मस्जिद के अंदर केवल 100 लोगों को नमाज अदा करने की अनुमति देने के प्रतिबंध को हटा दिया। आदेश कहा गया कि मैनेजमेंट यह सुनिश्चित करेगा कि नमाज़ियों द्वारा विशेष मंजिल पर अनुमति देते समय COVID-19 प्रोटोकॉल और सोशल डिस्टेंसिंग मानदंडों का पालन किया जाएगा।2020 में...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
इच्छुक गवाह की गवाही की अतिरिक्त सावधानी और सतर्कता के साथ जांच की जानी चाहिएः इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जोर देकर कहा है कि मामले की सुनवाई के दौरान इच्छुक गवाहों की गवाही की अतिरिक्त सावधानी और सतर्कता से जांच की जानी चाहिए। हत्या के प्रयास के मामले में निचली अदालत के बरी करने के आदेश के खिलाफ शिकायतकर्ता द्वारा दायर एक अपील को कोर्ट ने खारिज कर दिया।मामले में रुचि रखने वाले गवाहों के बयानों में गंभीर विसंगतियां पाते हुए, जस्टिस विवेक कुमार बिड़ला और जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की खंडपीठ ने अक्टूबर 2014 के एएसजे, महोबा द्वारा पारित आदेश को बरकरार रखा, जिसके तहत धारा 387,...

आईपीएल 2022: दिल्ली हाईकोर्ट ने अवैध रूप से क्रिकेट मैचों की स्ट्रीमिंग करने वाली वेबसाइटों को ब्लॉक करने का आदेश दिया
आईपीएल 2022: दिल्ली हाईकोर्ट ने अवैध रूप से क्रिकेट मैचों की स्ट्रीमिंग करने वाली वेबसाइटों को ब्लॉक करने का आदेश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने टाटा इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2022 के क्रिकेट मैचों को अवैध रूप से स्ट्रीमिंग करने के आरोप में 8 वेबसाइटों को ब्लॉक करने का आदेश दिया है।इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि मैच 26 मार्च, 2022 से शुरू हो रहा है, जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने माना कि वादी स्टार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के निवेश की रक्षा करने की तुरंत आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि ऐसी दुष्ट वेबसाइटें उक्त क्रिकेट मैचों को अवैध रूप से स्ट्रीम न करें।कोर्ट ने कहा, "वादी के साथ-साथ...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
[एनडीपीएस एक्ट] अभियुक्तों का दावा एक क्विंटल से अधिक गांजा जब्त करने में स्थायी आदेश का पालन नहीं किया गया, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत दी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 (एनडीपीएस एक्ट) के तहत बुक किए गए एक व्यक्ति को जमानत दे दी, जिसके पास से कथित तौर पर एक क्विंटल से अधिक गांजा बरामद किया गया था।जस्टिस कृष्ण पहल की खंडपीठ ने ओम प्रकाश वर्मा नामक व्यक्ति को जमानत दे दी, जिसने अदालत के समक्ष दावा किया था कि मौजूदा मामले में मादक पदार्थ की जब्ती करते समय पालन किए जाने वाले स्थायी आदेश में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था।वर्मा को एक अन्य व्यक्ति के साथ एक क्विंटल 3...

धारा 8(1) के तहत 10 दिनों के भीतर मांग नोटिस का जवाब देने में विफलता कॉरपोरेट देनदार को AS 9 आवेदन में विवाद की मौजूदगी को लाने से रोकता नहीं है: एनसीएलएटी, नई दिल्ली
धारा 8(1) के तहत 10 दिनों के भीतर मांग नोटिस का जवाब देने में विफलता कॉरपोरेट देनदार को AS 9 आवेदन में विवाद की मौजूदगी को लाने से रोकता नहीं है: एनसीएलएटी, नई दिल्ली

एनसीएलएटी (NCLAT) की प्रिंसिपल बेंच, जिसमें चेयरपर्सन जस्टिस अशोक भूषण, तकनीकी सदस्य डॉ आलोक श्रीवास्तव शामिल थे, उन्होंने मैसर्स ब्रांड रियल्टी सर्विसेज लिमिटेड बनाम मेसर्स सर जॉन बेकरी इंडिया प्रा लिमिटेड के मामले में कहा कि केवल यह तथ्य कि कॉरपोरेट देनदार (डेटर) ने धारा 8 (1) के तहत 10 दिनों के भीतर ऑपरेशनल लेनदार (क्रेडिटर) ने डिमांड नोटिस का जवाब नहीं दिया या कॉरपोरेट देनदार ने डिमांड नोटिस का जवाब दाखिल नहीं किया, कॉरपोरेट देनदार को पहले से मौजूद विवाद को स्थापित करने के लिए रिकॉर्ड पर...

सीआरपीसी की धारा 125 अनुच्छेद 15 (3) के संवैधानिक दायरे में आता है; यह महिलाओं, बच्चों और कमजोर माता-पिता की रक्षा के लिए अधिनियमित किया गया है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
सीआरपीसी की धारा 125 अनुच्छेद 15 (3) के संवैधानिक दायरे में आता है; यह महिलाओं, बच्चों और कमजोर माता-पिता की रक्षा के लिए अधिनियमित किया गया है: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 125 सामाजिक न्याय के लिए और विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों और बूढ़े और कमजोर माता-पिता की रक्षा के लिए अधिनियमित किया गया है और यह प्रावधान अनुच्छेद 15 (3) के संवैधानिक दायरे में आता है, जिसे भारत के संविधान के अनुच्छेद 39 द्वारा फिर से लागू किया गया है।न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव की खंडपीठ ने जोर देकर कहा कि यह प्रावधान एक व्यक्ति के अपनी पत्नी, बच्चों और माता-पिता के भरण-पोषण के प्राकृतिक और मौलिक कर्तव्य को तब तक प्रभावी...

सेशन कोर्ट ने दिशा सालियान मौत मामले में केंद्रीय मंत्री नारायण राणे और उनके बेटे नितेश को अग्रिम जमानत दी
सेशन कोर्ट ने दिशा सालियान मौत मामले में केंद्रीय मंत्री नारायण राणे और उनके बेटे नितेश को अग्रिम जमानत दी

दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व प्रबंधक दिशा सालियान की मौत के बारे में कथित रूप से गलत सूचना फैलाने के मामले में एक सत्र अदालत ने शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री नारायण राणे और उनके बेटे नितेश राणे को अग्रिम जमानत दे दी।यह कथित टिप्पणी राणे ने 19 फरवरी को एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान की थी। इस सम्मेलन में नितेश भी मौजूद थे।मालवणी पुलिस ने पिता-पुत्र की जोड़ी को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 211 , 500, 504, 509, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67 सपठित आईपीसी की धारा 506 II...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूज्ड कुकिंग ऑयल के उचित निपटान की मांग वाली जनहित याचिका में राज्य खाद्य सुरक्षा आयुक्त को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 'यूज्ड कुकिंग ऑयल' के उचित निपटान की मांग वाली जनहित याचिका में राज्य खाद्य सुरक्षा आयुक्त को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए

इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ खंडपीठ) ने आयुक्त, खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन (यूपी राज्य) को एक जनहित याचिका (पीआईएल) में अपना व्यक्तिगत हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है, जिसमें यूज्ड कुकिंग ऑयल (यूसीओ) के संग्रह और उपयोग के लिए संचालन प्रक्रिया के लिए एक मानक तैयार करने के लिए एक राज्य स्तरीय निगरानी समिति की स्थापना की प्रार्थना की गई है।यह ध्यान दिया जा सकता है कि यूज्ड कुकिंग ऑयल (यूसीओ), तेल और वसा हैं जो पहले से ही खाना पकाने या तलने के लिए उपयोग किए जा चुके हैं और चूंकि इसकी रासायनिक...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वकील के बिना गाउन पहने पेश होने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वकील के बिना गाउन पहने पेश होने को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में बिना गाउन के कोर्ट में पेश हुए वकील की खिंचाई की और इसे 'दुर्भाग्यपूर्ण' करार दिया।जस्टिस प्रिंकर दिवाकर और जस्टिस आशुतोष श्रीवास्तव की खंडपीठ ने हालांकि इस मामले को स्टेट बार काउंसिल को नहीं भेजा। कोर्ट ने कहा कि वह एक 'युवा' वकील है।कोर्ट ने टिप्पणी की,"अधिवक्ता संदीप बिना गाउन के कोर्ट में पेश हुए, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। हालांकि, इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि संदीप एक युवा वकील हैं, हम मामले को बार काउंसिल को भी भेज सकते हैं, लेकिन हम इस मामले को इस मंच पर...

हाईकोर्ट ऑफ कर्नाटक
पवित्र कुरान में हिजाब पहनना अनिवार्य नहीं, हिजाब ना पहनने पर इस्लाम का अस्तित्व समाप्त नहीं होता: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार को दिए फैसले में माना कि हिजाब इस्लाम की एक 'आवश्यक धार्मिक प्रथा' नहीं है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा, "पवित्र कुरान में मुस्लिम महिलाओं के लिए हिजाब या सिर का पहनावा अनिवार्य नहीं किया गया है"।कोर्ट ने यह भी कहा कि हिजाब के संबंध में सुरा में दिए निर्देश अनिवार्य नहीं हैं।कोर्ट ने कहा,"पवित्र कुरान में मुस्लिम महिलाओं के लिए हिजाब या सिर के पहनावे के संबंध में आदेश नहीं दिया गया है। हमारा मानना हैं कि सुराओं में जो कुछ भी कहा गया है, वे केवल निर्देश हैं, क्योंकि...

लोक सेवकों को व्यक्तिगत उपयोग के लिए कार्यालय समय के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करना चाहिए: मद्रास हाईकोर्ट ने सरकार को नियम बनाने का आदेश दिया
लोक सेवकों को व्यक्तिगत उपयोग के लिए कार्यालय समय के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करना चाहिए: मद्रास हाईकोर्ट ने सरकार को नियम बनाने का आदेश दिया

मद्रास हाईकोर्ट ने कार्यालय समय के दौरान अनावश्यक रूप से मोबाइल फोन और कैमरों का उपयोग करने वाले लोक सेवकों की आलोचना की और सरकारी अधिकारियों को तमिलनाडु सरकार के कर्मचारी आचरण नियमावली, 1973 के अनुरूप नियम बनाने का निर्देश दिया।मदुरै पीठ के न्यायमूर्ति एसएम सुब्रमण्यम तिरुचिरापल्ली क्षेत्रीय कार्यशाला (स्वास्थ्य) के एक महिला अधीक्षक द्वारा दायर की गई याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें उनके निलंबन को रद्द करने और तमिलनाडु राज्य स्वास्थ्य परिवहन विभाग के निदेशक द्वारा पारित आदेश को रद्द करने के...

अंडरपैंट पहनी महिला की वजाइना या यूरेथ्रा के ऊपर पुरुष अंग रगड़ना रेप माना जाएगा: मेघालय हाईकोर्ट
अंडरपैंट पहनी महिला की वजाइना या यूरेथ्रा के ऊपर पुरुष अंग रगड़ना रेप माना जाएगा: मेघालय हाईकोर्ट

मेघालय हाईकोर्ट (Meghalaya High Court) ने कहा कि अंडरपैंट पहनी महिला की वजाइना या यूरेथ्रा के ऊपर पुरुष अंग रगड़ना आईपीसी की धारा 375 (बी) के तहत पेनिट्रेशन के समान माना जाएगा।हाईकोर्ट के खंडपीठ में मुख्य न्यायाधीश संजीब बनर्जी और डब्ल्यू डिएंगदोह शामिल थे। बेंच ने कहा, "दंड संहिता की धारा 375 के उद्देश्य के लिए पेनिट्रेशन पूरा होना जरूरी नहीं है। प्रासंगिक प्रावधान के उद्देश्य के लिए पेनिट्रेशन का कोई भी तत्व पर्याप्त होगा। इसके अलावा, दंड संहिता की धारा 375 (बी) उस प्रविष्टि को मान्यता...