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तीन महीने में यूटी में ऑनलाइन आरटीआई पोर्टल की स्थापना पर निर्णय लें: जेकेएल हाईकोर्ट.
तीन महीने में यूटी में ऑनलाइन आरटीआई पोर्टल की स्थापना पर निर्णय लें: जेकेएल हाईकोर्ट.

जम्मू और कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव को 90 दिनों की अवधि के भीतर केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के लिए एक आरटीआई पोर्टल की स्थापना पर निर्णय लेने का निर्देश दिया।चीफ जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस सिंधु शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश मोहम्मद तुय्यब मलिक और मोहम्मद खुर्रम कुरैशी द्वारा दायर एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर जारी किया। इसमें आरटीआई के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल स्थापित करने के लिए सरकार को अदालत का निर्देश देने की मांग की गई।याचिकाकर्ताओं द्वारा...

मोटर दुर्घटना दावा - लापरवाह ड्रायवर का बयान चार्जशीट का हिस्सा नहीं बन सकता : गुजरात हाईकोर्ट
मोटर दुर्घटना दावा - लापरवाह ड्रायवर का बयान चार्जशीट का हिस्सा नहीं बन सकता : गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने माना है कि जब ड्रायवर की लापरवाही के कारण हुई मोटर दुर्घटना लिए एक ड्रायवर के खिलाफ कार्यवाही शुरू की जाती है तो उस ड्रायवर के बयान उसके खिलाफ दायर आरोप पत्र का हिस्सा नहीं हो सकते।जस्टिस उमेश त्रिवेदी ने कहा," जिस वाहन ट्र्क से एक्सिडेंट हुआ, उसके ड्रायवर के खिलाफ दायर आरोप पत्र दायर होने पर उस पर अदालत में मुकदमा चलाया जाता है। यदि ड्रायवर के खिलाफ चार्जशीट दायर की जाती है और उक्त आपराधिक मामले में उसका अपना बयान दर्ज किया जाता है तो ऐसा बयान चार्जशीट का हिस्सा नहीं बन सकता,...

यदि समझौते के बावजूद आपराधिक कार्यवाही जारी रहती है तो पक्षकारों के साथ अन्याय होगा : जेकेएल हाईकोर्ट ने आरपीसी की धारा 498ए के तहत एफआईआर रद्द की
यदि समझौते के बावजूद आपराधिक कार्यवाही जारी रहती है तो पक्षकारों के साथ अन्याय होगा : जेकेएल हाईकोर्ट ने आरपीसी की धारा 498ए के तहत एफआईआर रद्द की

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में रणबीर दंड संहिता (आरपीसी) की धारा 498ए (क्रूरता का अपराध) के तहत दर्ज एक एफआईआर को रद्द करते हुए कहा है कि यदि मामले के पक्षकारों द्वारा समझौता किए जाने के बावजूद, आपराधिक कार्यवाही को जारी रखने की की अनुमति दी जाती है तो यह मामले के पक्षकारों के साथ अत्यधिक अन्याय होगा। जस्टिस संजय धर की खंडपीठ ने आगे कहा कि इस तरह के मामले में एफआईआर रद्द करने से इनकार करना दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते के परिणाम को नष्ट करने के समान होगा। अदालत अब्दुल्ला...

यूएई के कानून मंत्री से मिले सीजेआई रमाना; लंबित प्रत्यर्पण मुद्दों, भारतीय कैदियों को कांसुलर एक्सेस पर चर्चा
यूएई के कानून मंत्री से मिले सीजेआई रमाना; लंबित प्रत्यर्पण मुद्दों, भारतीय कैदियों को कांसुलर एक्सेस पर चर्चा

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमाना ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात के कानून मंत्री के साथ लंबित प्रत्यर्पण आदेशों और संयुक्त अरब अमीरात की जेलों में भारतीयों को कांसुलर एक्सेस के संबंध में चर्चा की। सीजेआई भारतीय सांस्कृतिक और सामाजिक केंद्र, अबू धाबी में भारतीय समुदाय की ओर से आयोजित एक सम्मान समारोह में बोल रहे थे।उन्होंने कहा, "आज हमने संयुक्त अरब अमीरात के कानून मंत्री के साथ कुछ मुद्दों चिंताजनक मुद्दों पर चर्चा की। कुछ 175 लोग हैं, जिनके प्रत्यर्पण आदेश लंबित हैं। जब राजदूत...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
आरोपियों को समन करते समय आरोपों की सत्यता का निर्धारण नहीं किया जा सकता, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोहराया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोहराया कि आरोपों की सत्यता या अन्यथा का निर्धारण आरोपी को तलब करने के स्तर पर नहीं किया जा सकता है। जस्टिस संजय कुमार सिंह की खंडपीठ ने मजिस्ट्रेट के समन आदेश के खिलाफ दायर 482 सीआरपीसी आवेदन को खारिज करते हुए यह टिप्‍पणी की।मामलादरअसल, धारा 156(3) सीआरपीसी के तहत पीड़िता ने सितंबर 2014 में न्यायिक मजिस्ट्रेट-III, मेरठ के समक्ष दायर एक आवेदन में आरोप लगाया था कि 27 अगस्त 2014 को जब वह अपने कमरे में सो रही थी, तब लगभग 11.00 बजे आरोपी ने उसके कमरे में घुसकर उस पर टूट पड़ा था...

केरल हाईकोर्ट
फिल्म निर्माण इकाइयां पॉश एक्ट के तहत आंतरिक शिकायत समिति गठन करें: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने कहा है कि कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013, जिसे आमतौर पर POSH अधिनियम के रूप में जाना जाता है, के अनुसार फिल्म निर्माण इकाइयों की जिम्‍मेदारी है कि वे एक आंतरिक शिकायत समिति बनाएं।कोर्ट ने कहा कि अन्य संबंधित एसोसिएशन जैसे फिल्म एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ केरल (एफईएफकेए), केरल फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स को आंतरिक शिकायत समिति बनाना चा‌हिए। कोर्ट ने वीमेन सिनेमा कलेक्टिव (डब्ल्यूसीसी) की ओर से दायर जनहित याचिका (पीआईएल) में कार्यस्थलों पर...

केरल हाईकोर्ट
माता-पिता के गैर-भारतीय नागरिक होने के एकमात्र आधार पर बच्चे को पासपोर्ट देने से इनकार नहीं किया जा सकता: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने कहा है कि भले ही नाबालिग के माता-पिता में से एक ने सहमति देने से इनकार कर दिया हो लेकिन पासपोर्ट जारीकर्ता प्राधिकारी को नाबालिग को पासपोर्ट जारी करने का अधिकार है, बशर्ते अपेक्षित फॉर्म जमा किया गया हो।मामले में एक नाबालिग लड़की की याचिका को स्वीकार करते हुए जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस ने यह भी कहा कि नाबालिग बच्चे के पासपोर्ट में गैर-नागरिक को कानूनी अभिभावक के रूप में शामिल करने पर कोई कानूनी रोक नहीं है।कोर्ट ने कहा, "चूंकि याचिकाकर्ता का जन्म भारत में हुआ था और उसका मूल निवास...

चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरा करने में विफलता के लिए राजनीतिक दलों को जिम्मेदार नहीं बना सकते: इलाहाबाद हाईकोर्ट
चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरा करने में विफलता के लिए राजनीतिक दलों को जिम्मेदार नहीं बना सकते: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि चुनाव घोषणापत्र में किए गए अपने वादों को पूरा करने में विफल रहने की स्थिति में राजनीतिक दलों को प्रवर्तन अधिकारियों के शिकंजे में लाने के लिए किसी भी क़ानून के तहत कोई दंडात्मक प्रावधान नहीं है।जस्टिस दिनेश पाठक की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि चुनाव के भ्रष्ट आचरण को अपनाने के लिए एक पूरे के रूप में एक राजनीतिक दल को जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत उत्तरदायी नहीं बनाया जा सकता।संक्षेप में मामलाखुर्शीदुरहमान एस. रहमान ने सीआरपीसी की धारा 156 (3) के तहत आवेदन दायर...

दिल्ली हाईकोर्ट
अगर आरोप या सबूत अपराध की स्थापना नहीं करते हैं तो एफआईआर और चार्जशीट रद्द की जा सकती है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने कहा कि अगर एफआईआर या शिकायत में लगाए गए आरोप या एकत्र किए गए साक्ष्य किसी अपराध के किए जाने का खुलासा नहीं करते हैं, तो प्राथमिकी और आरोपपत्र को रद्द किया जा सकता है।न्यायमूर्ति आशा मेनन ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 482 के तहत निहित शक्तियों का प्रयोग करने या न करने का न्यायालय का निर्णय प्रत्येक मामले के तथ्यों पर आधारित होगा। हालांकि, तथ्यों पर विचार करते हुए, अदालत प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की विश्वसनीयता या वास्तविकता या अन्यथा के रूप में जांच शुरू...

सीआरपीसी की धारा 111 के तहत आदेश में कार्यकारी मजिस्ट्रेट की संतुष्टि के कारण होने चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट
सीआरपीसी की धारा 111 के तहत आदेश में कार्यकारी मजिस्ट्रेट की संतुष्टि के कारण होने चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने हाल ही में एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट द्वारा दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 111 के तहत तैयार किए गए आदेश के दायरे और आवश्यक अवयवों को समझाया।यह ध्यान दिया जा सकता है कि जब एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट, ऐसी जानकारी पर विचार करने पर कि किसी व्यक्ति द्वारा शांति भंग होने की संभावना है, संतुष्ट है कि उस व्यक्ति के खिलाफ संबंधित धाराओं (धारा 107 से 110) के तहत कार्रवाई करना आवश्यक है तो कार्यकारी मजिस्ट्रेट को पहले उस व्यक्ति को धारा 111 सीआरपीसी के तहत कारण बताओ...

जब चेक पर किए सिग्नेचर को स्वीकार कर लिया गया है तो हैंडराइटिंग एक्सपर्ट की नियुक्ति का सवाल ही नहीं उठता: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
जब चेक पर किए सिग्नेचर को स्वीकार कर लिया गया है तो हैंडराइटिंग एक्सपर्ट की नियुक्ति का सवाल ही नहीं उठता: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में निचली अदालत के इस विचार को बरकरार रखा कि जब किसी प्रश्न में शामिल चेक पर हस्ताक्षर को विशेष रूप से अस्वीकार नहीं किया गया है तो प्रश्न में चेक पर हैंड राइटिंग की तुलना करने के लिए हस्तलेखन विशेषज्ञ की नियुक्ति को कोई प्रश्न नहीं है।जस्टिस विनोद एस भारद्वाज की खंडपीठ इन्‍हीं टिप्पणियों के साथ सुधीर कुमार द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, सोहना, गुरुग्राम के आदेश को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ता ने निचली चेक पर...

यूक्रेन से लौटे भारतीय मेडिकल छात्रों ने गंवाई सीटें: दिल्ली हाईकोर्ट ने मेडिकल कॉलेज की सीटें बढ़ाने की याचिका को मंजूरी देते हुए कहा
यूक्रेन से लौटे भारतीय मेडिकल छात्रों ने गंवाई सीटें: दिल्ली हाईकोर्ट ने मेडिकल कॉलेज की सीटें बढ़ाने की याचिका को मंजूरी देते हुए कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने संतोष ट्रस्ट द्वारा संचालित और प्रबंधित चिकित्सा शिक्षण संस्थान में विभिन्न स्नातकोत्तर और स्नातक पाठ्यक्रमों में सीटों की संख्या में वृद्धि का निर्देश दिया है। उल्लेखनीय है कि ट्रस्ट को पहले महाराजी एजुकेशनल ट्रस्ट के रूप में जाना जाता था।यूक्रेन और रूस के बीच हालिया संघर्ष के मद्देनजर जस्टिस रेखा पल्ली ने कहा कि कई हजार भारतीय मेडिकल छात्रों को बचाया गया, जो यूक्रेन में चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने गए थे। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों में अपनी सीटें भी खो दी हैं।न्यायालय ने...

मद्रास हाईकोर्ट
क्या फैमिली कोर्ट एक्ट मूल पक्ष पर चाइल्ड कस्टडी मामलों की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र को बाहर करता है ?: मद्रास हाईकोर्ट की तीन जजों की बेंच ने सवाल बड़ी बेंच को संदर्भित किया

मद्रास हाईकोर्ट की 3 जजों की खंडपीठ ने फैमिली कोर्ट एक्ट, 1984 के आगमन के कारण चाइल्ड कस्टडी और गार्डियनशिप मामलों पर निर्णय लेने के लिए मूल पक्ष पर हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र से संबंधित प्रश्न को एक बड़ी पीठ को संदर्भित किया है।जस्टिस वी पार्थिबन ने कहा था कि इस मामले पर एक बड़ी पीठ का गठन करके फैसला सुनाया जाना चाहिए, जिसके बाद चीफ जस्टिस ने जस्टिस एए नक्किरन, जस्टिस पीएन प्रकाश और जस्टिस एम सुंदर की पीठ का गठन किया है।तीन-जजों ने अब इस मुद्दे को एक बड़ी पीठ के पास भेज दिया है क्योंकि मैरी...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
अभियोजन को खुद के सबूतों के आधार पर खड़ा होना चाहिए, घरेलू जांच में भी संदेह को सबूत की जगह नहीं लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि अभियोजन पक्ष को खुद की सबूतों की बिनाह पर खड़ा होना चाहिए। घरेलू जांच में भी संदेह को सबूत की जगह लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा की पीठ ने उक्त टिप्‍पण‌ियों के साथ उत्तर प्रदेश के एक पुलिस अधिकारी के खिलाफ शराब के नशे में अपने रसोइए के साथ दुर्व्यवहार करने के लिए पारित बर्खास्तगी आदेश को रद्द कर दिया।अदालत ने कहा कि भले ही याचिकाकर्ता ने आरोपों का जवाब नहीं दिया था और जांच के दौरान तय की गई तारीखों पर पेश नहीं हुआ था, जांच अधिकारी का यह...

सिर्फ व्हाट्सएप ग्रुप चैट से अवैध काम करने की सहमति का अनुमान कैसे लगाया जा सकता है?: कोर्ट ने दिल्ली दंगों में 12 आरोपियों को साजिश रचने के आरोप से मुक्त किया
'सिर्फ व्हाट्सएप ग्रुप चैट से अवैध काम करने की सहमति का अनुमान कैसे लगाया जा सकता है?': कोर्ट ने दिल्ली दंगों में 12 आरोपियों को साजिश रचने के आरोप से मुक्त किया

दिल्ली की एक अदालत ने यह देखते हुए कि अवैध कार्य के लिए आरोपियों के बीच आपसी सहमति का अनुमान केवल व्हाट्सएप ग्रुप चैट में पोस्ट किए गए संदेशों से कैसे लगाया जा सकता है, 12 लोगों को आपराधिक साजिश के आरोप से मुक्त किया।आरोपियों ने 2020 के उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान मुस्लिम समुदाय के विभिन्न लोगों की कथित तौर पर हत्या कर दी थी। अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज अलग-अलग एफआईआर में अन्य आरोप तय किए, लेकिन उन पर आपराधिक साजिश के आरोप लगाने से इनकार कर दिया।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र भट ने कहा कि...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बलात्कार-हत्या के आरोपी की मौत की सजा रद्द करते हुए उसे बरी किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को 75 वर्षीय महिला के साथ बलात्कार व उसकी हत्या करने के आरोपी व्यक्ति को निचली अदालत द्वारा दी गई मौत की सजा की पुष्टि करने के लिए भेजे गए संदर्भ को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि मामले की जांच सही नहीं थी।जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस समीर जैन की खंडपीठ ने आरोपी को बरी करते हुए कहा कि मौजूदा मामले में सीआरपीसी की धारा 53-ए की आवश्यकता के अनुसार डीएनए प्रोफाइलिंग के लिए आरोपी से रक्त और अन्य जैविक सामग्री एकत्र नहीं की गई थी। संक्षेप में मामला 24 फरवरी, 2017 को...

केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने हत्या की साजिश मामले में दिलीप के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने, जांच पर रोक लगाने से इनकार किया

केरल हाईकोर्ट (Kerala High Court) ने गुरुवार को अभिनेता दिलीप के खिलाफ क्राइम ब्रांच द्वारा 2017 अभिनेता बलात्कार मामले में जांच अधिकारियों की हत्या की साजिश रचने के मामले शुरू की गई जांच पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिसमें दिलीप मुख्य साजिशकर्ता के रूप में मुकदमे का सामना कर रहे हैं।केरल पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा उनके और पांच अन्य के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग करने वाली अभिनेता की याचिका में कोर्ट ने यह आदेश दिया।न्यायमूर्ति के हरिपाल ने मामले की सुनवाई 28 मार्च को स्थगित...