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राजद्रोह कानून की वैधता पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का होगा असर: दिल्ली हाईकोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका छह मई तक स्थगित की
राजद्रोह कानून की वैधता पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का होगा असर: दिल्ली हाईकोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका छह मई तक स्थगित की

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को छात्र एक्टिविस्ट उमर खालिद और शरजील इमाम द्वारा दायर अपील पर सुनवाई 6 मई तक के लिए स्थगित कर दी। उक्त अपील में ट्रायल कोर्ट के दिल्ली दंगों के बड़े षड्यंत्र मामले में उन्हें जमानत देने से इनकार करने के आदेश को चुनौती दी गई है।जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और जस्टिस रजनीश भटनागर की खंडपीठ का विचार था कि चूंकि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 124ए के तहत राजद्रोह के अपराध की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाला मामला सुप्रीम कोर्ट के समक्ष विचाराधीन है तो पांच मई को अपीलों...

राजस्थान हाईकोर्ट
पुलिस के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोपों का सामना कर रहे वकील ने कोर्ट के रिश्वतखोरी का आरोप लगाया, स्थगन की मांग की: राजस्थान हाईकोर्ट ने अंतरिम सुरक्षा वापस ली

राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court), जयपुर के जस्टिस नरेंद्र सिंह धड्डा ने बुधवार को एक महिला पुलिस अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार के मामले में एडवोकेट गोवर्धन सिंह को गिरफ्तारी से मिली अंतरिम सुरक्षा को वापस ली, यह देखते हुए कि याचिकाकर्ता द्वारा मांगा गया स्थगन स्पष्ट रूप से वास्तविक नहीं है।सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था जिसमें एक वकील से रिश्वत लेने में जस्टिस धड्डा के अशर की संलिप्तता का आरोप लगाया गया था।व्यक्तिगत रूप से पेश होते हुए सिंह ने कहा कि न्यायमूर्ति धड्डा की पीठ...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
एनडीपीएस अधिनियम | फॉरेंसिक लैब को भेजे सैंपल के वजन में मामूली गड़बड़ी अभियोजन मामले को कमजोर नहीं कर सकती: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नारकोटिक ड्रग एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट (एनडीपीएस एक्ट) के तहत आरोपी द्वारा दायर दो जमानत याचिकाओं को खारिज करते हुए फोरेंसिक प्रयोगशाला को भेजे नमूने के वजन में एक मामूली-सी विसंगति को अभियोजन मामले को कमजोर नहीं कर सकता है।जस्टिस कृष्ण पहल की खंडपीठ ने एनडीपीएस अधिनियम की धारा 8(सी)/18/29 के तहत दर्ज दो आरोपियों [छोटे लाल और कविंदर कुमार] को जमानत देने से इनकार कर दिया। इन्हें कथित तौर पर ट्रेन के सामान्य बोगी में सात किलो अफीम के साथ गिरफ्तार किया गया था।संक्षेप में...

अगर सार्वजनिक तौर पर अपमान नहीं किया गया है तो टेलीफोन पर बातचीत के दौरान जाति-आधारित अपमान एस/एसटी एक्ट की धारा 3 के तहत अपराध नहीं, : आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
अगर सार्वजनिक तौर पर अपमान नहीं किया गया है तो टेलीफोन पर बातचीत के दौरान जाति-आधारित अपमान एस/एसटी एक्ट की धारा 3 के तहत अपराध नहीं, : आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट (Andhra Pradesh High Court) ने दोहराया है कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 (SC/ST Act) की धारा 3(1)(x) के तहत अपराध का गठन करने के लिए, इस बात की पुष्टि करनी होगी कि यह शब्द लोगों (सार्वजनिक तौर पर) को ध्यान में रखते हुए शिकायतकर्ता को अपमानित करने के इरादे से बोला गया है कि वह एक विशेष समुदाय से है।न्यायमूर्ति के श्रीनिवास रेड्डी ने कहा,"मामले में, यह दूसरे प्रतिवादी-वास्तव में शिकायतकर्ता का मामला नहीं है कि जब टेलीफोन पर बातचीत हो रही...

राज्य सरकार भारत सीरीज वाहनों के रजिस्ट्रेशन के अनुरोधों पर विचार करने के लिए बाध्य: केरल हाईकोर्ट
राज्य सरकार "भारत सीरीज" वाहनों के रजिस्ट्रेशन के अनुरोधों पर विचार करने के लिए बाध्य: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है कि राज्य सरकार 'भारत सीरीज' नंबर के साथ अपने वाहन के रजिस्ट्रेशन के लिए याचिकाकर्ता के आवेदन पर विचार करने के लिए बाध्य है, क्योंकि केंद्र इसे पहले ही लागू कर चुका है।जस्टिस सतीश निनन ने यह भी स्पष्ट किया कि यह तथ्य कि राज्य को इस तरह के रजिस्ट्रेशन के लिए देय कर को अंतिम रूप देना बाकी था, ऐसे आवेदनों पर विचार करने के लिए महत्वहीन है।उन्होंने कहा,"बीएच सीरीज में रजिस्ट्रेशन का तरीका और रूप केंद्र सरकार द्वारा पहले ही लाया जा चुका है, इसलिए राज्य सरकार बीएच सीरीज...

गुजरात हाईकोर्ट
ग्रेच्युटी के भुगतान में देरी पर ब्याज अनिवार्य: गुजरात हाईकोर्ट ने दोहराया

गुजरात हाईकोर्ट ने दोहराया कि ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम की धारा 7 के प्रावधानों के तहत नियोक्ता पर समय के भीतर ग्रेच्युटी का भुगतान करने और ग्रेच्युटी के भुगतान की देरी पर ब्याज का भुगतान करने का स्पष्ट आदेश है।जस्टिस बीरेन वैष्णव की खंडपीठ ने सरदार पटेल यूनिवर्सिटी को याचिकाकर्ता सेवानिवृत्त लेक्चरार की ग्रेच्युटी और 2013 में अपनी सेवानिवृत्ति के बाद से ग्रेच्युटी को गलत तरीके से रोकने के लिए 9% पर ब्याज के साथ दस लाख रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया।संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत दायर...

पुत्र से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह अपने पिता को धोखेबाज़ कहे : बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुज़ुर्ग माता पिता के खुद के बनाए घर से पुत्र की बेदखली का आदेश बरकरार रखा
"पुत्र से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह अपने पिता को धोखेबाज़ कहे" : बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुज़ुर्ग माता पिता के खुद के बनाए घर से पुत्र की बेदखली का आदेश बरकरार रखा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में बेटे को उसके माता पिता के खुद के बनाए घर से बेदखल कर दिया। कोर्ट कहा कि बेटा यह दावा नहीं कर सकता कि उसके माता-पिता ने मानसिक संतुलन खो दिया है।जस्टिस रोहित देव ने कहा,"रूढ़िवादी भारतीय समाज में एक बेटे से यह अपेक्षा नहीं की जाती कि वह अपने वृद्ध पिता को धोखेबाज़ कहेया फिर यह आरोप लगाए कि वृद्ध माता-पिता ने मानसिक संतुलन खो दिया है। आरोप है कि वृद्ध माता-पिता पर शारीरिक हमला किया गया। इसके साथ ही दूसरे बेटे पर भी हमला किया जाता है और आगंतुकों को घर में...

यदि अभियोजन पक्ष हत्या के समय अभियुक्त की उपस्थिति साबित करने में विफल रहता है तो भारतीय साक्ष्य अधिनिय की धारा 114 के तहत कोई प्रतिकूल निष्कर्ष नहीं : कर्नाटक हाईकोर्ट
यदि अभियोजन पक्ष हत्या के समय अभियुक्त की उपस्थिति साबित करने में विफल रहता है तो भारतीय साक्ष्य अधिनिय की धारा 114 के तहत कोई प्रतिकूल निष्कर्ष नहीं : कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि अभियोजन पक्ष अपराध के स्थान पर अभियुक्त की उपस्थिति को साबित करने में विफल रहता है तो भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 114 के अनुसार प्रतिकूल निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है और न्यायालय आरोपी को अपराध के कारणों का खुलासा करने का निर्देश देने के लिए अधिनियम की धारा 106 को लागू नहीं कर सकता है। जस्टिस बी वीरप्पा और जस्टिस एस. रचैया की खंडपीठ ने उस आरोपी की तरफ से दायर अपील को आंशिक तौर पर स्वीकार कर लिया,जिसे अपनी पत्नी की हत्या के आरोप में आजीवन कारावास...

विशेषाधिकार प्राप्त संचार को कथित रूप से लीक करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए वकील ने केरल कोर्ट का रुख किया
विशेषाधिकार प्राप्त संचार को कथित रूप से लीक करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए वकील ने केरल कोर्ट का रुख किया

अभिनेता दिलीप से जुड़े मामलों में वकीलों और उनके मुवक्किलों के बीच विशेषाधिकार प्राप्त संचार को कथित रूप से लीक करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग करने वाले वकील ने पहले बार काउंसिल ऑफ केरल से संपर्क किया था और अब अपनी शिकायत के साथ सत्र न्यायालय का रुख किया है।बार काउंसिल ने 24 अप्रैल को सर्वसम्मति से इस मुद्दे को राज्य सरकार के सामने उठाने का फैसला किया था।एडवोकेट वी. सेतुनाथ ने अतिरिक्त विशेष सत्र न्यायालय (एसपीई/सीबीआई) - III, एर्नाकुलम के समक्ष एक याचिका दायर...

कानून और जांच के तरीके सीखने के लिए एसएचओ को छह महीने के लिए ट्रैनिंग पर भेजें: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने डीजीपी को निर्देश दिए
कानून और जांच के तरीके सीखने के लिए एसएचओ को छह महीने के लिए ट्रैनिंग पर भेजें: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने डीजीपी को निर्देश दिए

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (Madhya Pradesh High Court), ग्वालियर खंडपीठ ने हाल ही में राज्य के डीजीपी को कानून और जांच के तरीके को सीखने के लिए कम से कम छह महीने के लिए एक पुलिस अधिकारी को ट्रैनिंग पर भेजने का निर्देश दिया है।अदालत ने नियमित आधार पर अपने अवलोकन के अनुसार उक्त निर्देश पारित किए कि पुलिस आरोपी व्यक्तियों द्वारा दिए गए इकबालिया बयानों के आधार पर उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत एकत्र करने का कोई प्रयास किए बिना ही आरोप पत्र दाखिल कर रही थी।याचिकाकर्ता सीआरपीसी की धारा 439 द्वारा पेश की गई जमानत...

अहंकारी, अस्वीकार्य आचरण: बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीश ने एडवोकेट को किसी भी मामले में अपनी पीठ के सामने पेश होने से मना किया
"अहंकारी, अस्वीकार्य आचरण": बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीश ने एडवोकेट को किसी भी मामले में अपनी पीठ के सामने पेश होने से मना किया

बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस जीएस कुलकर्णी ने वकील को निर्देश दिया कि मध्यस्थता विवाद से संबंधित आवेदनों के समूह में वकील के "अस्वीकार्य" और "अहंकारी" आचरण के बाद उनके सामने किसी भी मामले में पेश न हों।अदालत ने वकील प्रेमल कृष्णन के करियर को देखते हुए उनके खिलाफ अवमानना ​​की कार्यवाही तो नहीं की लेकिन उनके लिखित माफी मांगने पर भविष्य में अपमानजनक आचरण को नहीं दोहराने का अंडरटेकिंग लिया।कोर्ट ने कहा,"इस तरह की माफी स्वीकार की जा रही है। हालांकि इस सावधानी के साथ कि एडवोकेट प्रेमलाल कृष्णन अपने...

रेलवे ट्रैक क्रॉसिंग में अपनी लापरवाही से होने वाली यात्री की मौत पर मुआवजा देने के लिए रेलवे जिम्मेदार नहीं: तेलंगाना हाईकोर्ट
रेलवे ट्रैक क्रॉसिंग में अपनी लापरवाही से होने वाली यात्री की मौत पर मुआवजा देने के लिए रेलवे जिम्मेदार नहीं: तेलंगाना हाईकोर्ट

तेलंगाना हाईकोर्ट ने माना कि रेलवे अधिनियम की धारा 124 ए के तहत रेलवे ट्रैक पार करने में अपनी लापरवाही से होने वाली यात्री की मृत्यु होने पर रेलवे क्षतिपूर्ति के लिए उत्तरदायी नहीं है।जस्टिस जी. अनुपमा चक्रवर्ती ने कहा कि मुआवजा तभी दिया जाएगा जब "अप्रिय घटना" का मामला बनता है।पीठ ने कहा,"मृतक के बेटे के मौखिक साक्ष्य से पता चलता है कि दुर्घटना मृतक द्वारा ट्रैक पार करने की लापरवाही का परिणाम थी। इसलिए, अपीलकर्ता रेलवे से किसी भी मुआवजे के हकदार नहीं हैं।"मामले के संक्षिप्त तथ्यमामले की सच्चाई...

राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान न्यायिक सेवा: हाईकोर्ट ने अनुसूचित जनजाति वर्ग में क्षैतिज आरक्षण की मांग करने वाली विधवा की याचिका खारिज की

राजस्थान न्यायिक सेवा में सिविल जज (जूनियर डिवीजन) और न्यायिक मजिस्ट्रेट के पद पर भर्ती के लिए प्रारंभिक परीक्षा के बाद तैयार की गई श्रेणीवार मेरिट सूची की वैधता को लेकर एक विधवा की चुनौती को राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) ने खारिज किया है।याचिकाकर्ता एसटी वर्ग में विधवा के रूप में क्षैतिज आरक्षण का लाभ देकर उसे शामिल न करने पर व्यथित थी।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति समीर जैन की खंडपीठ ने खारिज करते हुए कहा,"उम्मीदवार के असफल घोषित होने के बाद...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
प्रेम विवाह का मामला-इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एसपी को यूपी पुलिस में चयनित लड़की के एजुकेशनल डॉक्यूमेंट पिता से प्राप्त करने का निर्देश दिया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को उस विवाहित जोड़े को सुरक्षा देने का आदेश दिया है, जिसने लड़की के परिवार की इच्छा के विरुद्ध प्रेम विवाह किया है। इस तथ्य के मद्देनजर कि लड़की का चयन यूपी पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद के लिए हो गया है, हालांकि, उसके पिता उसे मूल शिक्षा दस्तावेज प्रदान नहीं कर रहे हैं, अदालत ने एसपी मुरादाबाद को निर्देश दिया है कि वह लड़की के पिता की कस्टडी से सभी दस्तावेज प्राप्त करें और उसके बाद उनको लड़की को सौंप दिया जाए। यह आदेश जस्टिस राहुल चतुर्वेदी की पीठ ने जारी किया है। पीठ...

गुजरात हाईकोर्ट
निजी प्रकृति की आपराधिक कार्यवाही को सीआरपीसी की धारा 482 के तहत रद्द किया जा सकता है: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने हाल ही में वैवाहिक विवाद में पारित एफआईआर और दोषसिद्धि के आदेश को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि इसमें शामिल अपराध गैर-गंभीर और निजी प्रकृति के है।जस्टिस इलेश वोरा की खंडपीठ ने दहेज निषेध अधिनियम 1961 की धारा 3 और 7 के साथ पठित भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 498 (ए), 323, 294 (बी), 506 (1) और 114 के तहत दर्ज एफआईआर पर अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट, अहमदाबाद द्वारा पारित दोषसिद्धि का आदेश रद्द कर दिया।कोर्ट ने कहा,"कानून के स्थापित सिद्धांत के आलोक में ऐसा लगता है कि...

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
आखिरी बार एक साथ देखे जाने का सबूत अपने आप में निर्णायक नहीं है कि मौत आरोपी के हाथों हुई है: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने हाल ही में कहा था कि 'आखिरी बार साथ में देखे गए' के सबूत से यह निष्कर्ष नहीं निकलेगा कि मौत आरोपी के हाथों हुई है।न्यायमूर्ति एसजी डिगे और न्यायमूर्ति साधना एस जाधव ने कहा कि यह दिखाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं कि आरोपी गणेश ने घटना के बाद मृतक संजय को छोड़ दिया था और यह तथ्य कि वे एक साथ थे, इस आरोप में यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि मौत आरोपी के हाथों हुई है।अदालत एक फैसले के खिलाफ अपील पर सुनवाई कर रही थी, जहां आरोपी, अपीलकर्ता को आईपीसी की धारा 302...

यदि दुर्घटना के समय मोटर वाहन पॉलिसी के अनुसार उपयोग के उद्देश्य के उल्लंघन में था तो बीमा कंपनी उत्तरदायी नहीं: तेलंगाना हाईकोर्ट
यदि दुर्घटना के समय मोटर वाहन पॉलिसी के अनुसार 'उपयोग के उद्देश्य' के उल्लंघन में था तो बीमा कंपनी उत्तरदायी नहीं: तेलंगाना हाईकोर्ट

तेलंगाना हाईकोर्ट ने हाल ही में फैसला सुनाया कि बीमा कंपनी मोटर वाहन अधिनियम के तहत मुआवजे का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी नहीं है यदि दुर्घटना के समय वाहन बीमा पॉलिसी के नियमों और उद्देश्य के उल्लंघन में था।मामले के संक्षिप्त तथ्यमृतक पद्म ट्रैक्टर-ट्रॉली मालिक के यहां मजदूरी का काम करता था। एक दिन मृतक अन्य मजदूरों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली में एक गांव से दूसरे गांव जा रहा था कि ट्रैक्टर सड़क किनारे खाई में गिर गया जिससे मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई।बीमा कंपनी ने बयान दिया कि विचाराधीन वाहन एक...

एनडीपीएस मामलों में काल्पनिक गवाह: दिल्ली हाईकोर्ट ने एनसीबी, सीमा शुल्क विभाग और डीआरआई से रिकॉर्ड मांगा
एनडीपीएस मामलों में "काल्पनिक गवाह": दिल्ली हाईकोर्ट ने एनसीबी, सीमा शुल्क विभाग और डीआरआई से रिकॉर्ड मांगा

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने मंगलवार को राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई), नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) और सीमा शुल्क विभाग को एनडीपीएस अधिनियम और सीमा शुल्क अधिनियम के तहत मामलों का एक बयान अपने रिकॉर्ड में रखने का निर्देश दिया, जिसमें पिछले 5 वर्षों के दौरान शहर के विभिन्न न्यायालयों में संबंधित विभाग द्वारा मुकदमा चलाया गया।यह आदेश कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति नवीन चावला की खंडपीठ ने एनडीपीएस मामलों में अभियोजन पक्ष द्वारा "काल्पनिक गवाहों" का हवाला देने...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
"बार एसोसिएशनों द्वारा अवांछित हड़ताल के संबंध में उचित उपाय करेंगे": इलाहाबाद हाईकोर्ट को यूपी बार काउंसिल ने आश्वासन दिया

इलाहाबाद हाईकोर्ट को बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश ने आश्वासन दिया कि यह सुनिश्चित करने के लिए उचित उपाय करेगा कि बार-बार हड़ताल बुलाना, बहिष्कार के आह्वान और अदालत में सक्रिय कार्य से परहेज के प्रस्तावों पर रोक लगाई जाए।जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की पीठ के समक्ष राजस्व न्यायालयों में पीठासीन अधिकारियों की अनुपलब्धता या कमी के संबंध में स्वत: संज्ञान मामले में अदालत की सहायता के लिए उत्तर प्रदेश की बार काउंसिल का प्रतिनिधित्व किया जा रहा था।बार काउंसिल ऑफ उत्तर...