मुख्य सुर्खियां
"हम सब यहां जनता की सेवा करने के लिए हैं, अदालत में अपने मतभेद क्यों लाते हैं?" बॉम्बे हाईकोर्ट ने कांजूर डिपो मुद्दे में केंद्र और राज्य से कहा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को केंद्र और महाराष्ट्र सरकार से कांजुरमार्ग स्थिति मुंबई मेट्रो कार शेड निर्माण पर गतिरोध के संबंध में "पिछले केंद्रर्षों को भूलकर नई शुरुआत करने" के लिए कहा। राज्य सरकार ने 11 अक्टूबर, 2020 को आरे मिल्क कॉलोनी में कार शेड को खत्म करने की घोषणा की थी और कहा था कि परियोजना के लिए आरे के बजाय कांजुरमार्ग में बनाई जाएगी।चीफ जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जीएस कुलकर्णी की खंडपीठ केंद्र सरकार के दावे, जिसे डिप्टी साल्ट कमिश्नर (उप नमक आयुक्त ) के माध्यम से पेश किया गया...
"उसके मन में संविधान के लिए कोई सम्मान नहीं": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिला न्यायाधीशों को 'संविधान के हत्यारे' कहने वाले व्यक्ति को अवमानना का दोषी ठहराया
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने एक व्यक्ति को अवमानना का दोषी ठहराया जिसने एक पत्र लिख कर आरोप लगाया गया था कि जिला न्यायालय में सभी न्यायाधीश, अधिकारी और कर्मचारी बेईमान हैं और उन्होंने भारत के संविधान की हत्या की है।जस्टिस सुनीत कुमार और जस्टिस उमेश चंद्र शर्मा की खंडपीठ ने बिना शर्त माफी को स्वीकार करने से इनकार करते हुए अवमानना [विक्रम शर्मा (क्लर्क)] का दोषी ठहराया।उल्लेखनीय है कि शर्मा ने दिसंबर 2016 में 125 करोड़ भारतीयों के प्रतिनिधि के रूप में माननीय प्रधान मंत्री, भारत के...
क्या धार्मिक अल्पसंख्यकों में एक कमजोर पंथ अनुच्छेद 30 के तहत अतिरिक्त सुरक्षा का दावा कर सकता है? सीएसआई बिशप की याचिका पर केरल हाईकोर्ट विचार करेगा
केरल हाईकोर्ट ने बुधवार को ईसाइयों के एक संप्रदाय की याचिका का स्वीकार किया। याचिका में पूछा गया है कि क्या धार्मिक अल्पसंख्यक के भीतर एक कमजोर पंथ स्वयं द्वारा संचालित शैक्षणिक संस्थानों में अपने लिए सीटें आरक्षित कर अनुच्छेद 30 के तहत और सुरक्षा का दावा कर सकता है।रिट याचिका साउथ इंडिया यूनियन ऑफ चर्च (एसआईयूसी) के अध्यक्ष, बिशप डॉ दरमाराज रसालम और चर्च ऑफ साउथ इंडिया के साउथ केरल डायोसीज के मेडिकल मिशन द्वारा दायर की गई थी।याचिका के अनुसार, सीएसआई दक्षिण केरल सूबा ने काराकोणम में डॉ. सोमरवेल...
मद्रास हाईकोर्ट ने मेडिकल में सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए 7.5% आरक्षण प्रदान करने वाले राज्य कानून की वैधता को बरकरार रखा
मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) ने गुरुवार को राज्य के कानून की वैधता को बरकरार रखा, जिसमें सरकारी स्कूल के छात्र के लिए मेडिकल कॉलेजों में सीटों के 7.5 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है।चीफ जस्टिस मुनीश्वर नाथ भंडारी और चीफ जस्टिस डी भरत चक्रवर्ती की पीठ ने सरकारी स्कूल अधिनियम, 2020 (2020 का अधिनियम संख्या 34) के तहत सरकारी छात्रों के लिए तरजीही आधार पर चिकित्सा, दंत चिकित्सा, भारतीय चिकित्सा और होम्योपैथी में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिकाओं के एक बैच...
राजस्थान हाईकोर्ट ने सौर संयंत्र के खिलाफ दायर जनहित याचिका 50 हजार जुर्माने के साथ खारिज की
राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में रिवाडी में सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना के लिए प्रतिवादी-कंपनी को भूमि आवंटन का विरोध करने वाली जनहित याचिकाएं खारिज कर दी।अदालत ने जलवायु परिवर्तन के पहलुओं और इसके प्रभाव पर वैश्विक नेताओं, वैज्ञानिकों और पर्यावरणविदों के उद्धरणों को नोट किया। उक्त उद्धरण नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग से ग्लोबल वार्मिंग की प्रक्रिया को उलटने में मदद कर सकते हैं। ग्लोबल वार्मिंग का बड़े पैमाने पर दुनिया पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ना शुरू हो गया है।जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिसस विनोद...
[बीरभूम नरसंहार] कलकत्ता हाईकोर्ट ने सीबीआई रिपोर्ट को रिकॉर्ड में लिया, टीएमसी नेता भादु शेख की हत्या में सीबीआई जांच की मांग करने वाली याचिका में आदेश सुरक्षित रखा
कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में हुई हिंसा (Birbhum Massacre) की जांच में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा प्रस्तुत प्रारंभिक रिपोर्ट को रिकॉर्ड में लिया, जिसमें तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के स्थानीय नेता भादु शेख की हत्या के प्रतिशोध में कथित तौर पर 8 लोग मारे गए थे।अदालत ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया कि क्या सीबीआई को टीएमसी नेता भादु शेख की हत्या की भी जांच करनी चाहिए।कोर्ट ने 25 मार्च के आदेश में यह कहते हुए सीबीआई जांच का आदेश दिया था कि...
मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत आपसी सहमति से शादी खत्म करने की इजाजत: बॉम्बे हाई कोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि एक फैमिली कोर्ट मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत आपसी सहमति से एक मुस्लिम जोड़े के विवाह को भंग कर सकता है, ने फैमिली कोर्ट की याचिका में दंपति के सौहार्दपूर्ण समझौते के आधार पर पति के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया।अदालत ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरीयत) अधिनियम 1937 की धारा 2 के तहत मुसलमानों से संबंधित सभी संपत्ति, विवाह, शादी का विघटन, मुबरात, गुजाराभत्ता, दहेज, गॉर्जियनशिप गिफ्ट, ट्रस्ट और ट्रस्ट की संपत्ति अधिनियम द्वारा शासित है।इसके अलावा, फैमिली...
"देश दिवालिया हो जाएगा": दिल्ली हाईकोर्ट ने COVID-19 मौतों के लिए 1 करोड़ रुपए का मुआवजा का आदेश देने से इनकार किया
दिल्ली होईकोर्ट (Delhi High Court) ने मंगलवार को COVID-19 या ठीक होने के एक महीने के भीतर COVID-19 के कारण मरने वालों के परिवार वालों को अनुग्रह मुआवजे के रूप में 1 करोड़ रुपये के भुगतान के आदेश पारित करने से इनकार किया।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति नवीन चावला की खंडपीठ ने शुरुआत में टिप्पणी की,"पूरा देश दिवालिया हो जाएगा।" आगे कहा कि पीड़ितों के परिवारों को मुआवजे के भुगतान के संबंध में पहले से ही एक नीति है और इसे उच्चतम न्यायालय ने डब्ल्यू.पी. (सी) संख्या 539/2021...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपनी जमीन की रक्षा के लिए बुलडोजर के सामने लेटने वाले जज को निलंबित किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अतिरिक्त जिला न्यायाधीश I (ADJ), सुल्तानपुर जिला न्यायालय मनोज शुक्ला को निलंबित कर दिया। मनोज शुक्ला तब सुर्खियों आए जब पिछले महिने बस्ती जिले में अपनी पैतृक भूमि बचाने के प्रयास में एक JCB/बुलडोजर के सामने लेट गए थे। इस जमीन से राज्य सरकार अतिक्रमण हटा रही थी।एडीजे मनोज शुक्ला मूल रूप से बस्ती जिले के छपिया शुक्ला गांव के रहने वाले हैं। वह वर्तमान में सुल्तानपुर जिले में एडीजे के रूप में कार्यरत हैं। पिछले महीने वह कोट, पैंट और टाई पहनकर जेसीबी के सामने लेट गए। इस घटना का...
"शिकायतकर्ता की एनओसी और यह तथ्य कि वह पक्षद्रोही हो गई, कथित अपराध को माफ नहीं करता है": दिल्ली हाईकोर्ट ने रेप के आरोपों के साथ दर्ज एफआईआर रद्द करने से इनकार किया
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने बलात्कार (Rape) के आरोपों के साथ दर्ज एक प्राथमिकी (FIR) को रद्द करने से इनकार किया। कोर्ट ने देखा कि शिकायतकर्ता द्वारा दी गई एनओसी और तथ्य यह है कि वह पक्षद्रोही (Hostile) गई, उसके द्वारा आरोपित अपराध को माफ नहीं करता है।जस्टिस रजनीश भटनागर ने कहा कि केवल एक समझौता करने से आरोपों को कम नहीं कहा जा सकता है या शिकायतकर्ता द्वारा कथित अपराध के बारे में लगाए गए आरोपों ने किसी भी तरह से अपनी गंभीरता खो दी है।अदालत ने कहा,"बलात्कार का कृत्य किसी व्यक्ति के खिलाफ...
नियमित कार्य प्रभारित प्रतिष्ठान में कार्यरत व्यक्ति के परिवार को पेंशन से वंचित नहीं किया जा सकता है: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, ग्वालियर की खंडपीठ ने हाल ही में कहा कि मप्र पेंशन नियम, 1979 के नियम 4ए, 6 (3) और मप्र सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1976 के नियम 47 के सामंजस्यपूर्ण पठन से पता चलता है कि एक नियमित कार्यभारित प्रतिष्ठान में कार्यरत व्यक्ति के परिवार को उस पेंशन से वंचित नहीं किया जा सकता है, जिसके लिए वह नियम, 1979 के नियम 4ए के आधार पर हकदार होगा।जस्टिस रोहित आर्य और जस्टिस एमआर फड़के की खंडपीठ रिट कोर्ट द्वारा पारित आदेश के खिलाफ अपीलकर्ता द्वारा दायर एक रिट अपील का निस्तारण कर रही थी,...
जहां संदेह के लाभ के आधार पर बरी किया गया हो, वहां सरकारी कर्मचारी के निलंबन की अवधि को 'ऑन ड्यूटी' नहीं माना जाएगाः बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि अगर किसी सरकारी कर्मचारी को गंभीर अपराध के आरोप में निलंबित किया जाता है, और अगर बाद में उसे संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया जाता है तो भी उसे ड्यूटी पर मानकर निलंबन की अवधि को नियमित नहीं किया जा सकता है। इस संबंध में विवेकाधिकार सक्षम प्राधिकारी का है। जस्टिस एएस चंदुरकर और जस्टिस जीए सनप की बेंच ने यह निर्णय दिया।ऑर्डनेंस फैक्टरी में कार्यरत याचिकाकर्ता के खिलाफ आईपीसी की धारा 419 और 34 के तहत एफआईआर दर्ज हुई थी, जिसके मद्देनजर उसे केन्द्रीय सिविल सेवा...
समझौते की अस्वीकृति से दुर्भावना पैदा हो सकती है, मुकदमे के लंबित रहने से करियर और खुशी प्रभावित होती है: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में याचिकाकर्ता-आरोपी के खिलाफ शिकायतकर्ता-पीड़ित को खतरनाक हथियारों से कथित रूप से चोट पहुंचाने के मामले में दर्ज एक एफआईआर को रद्द कर दिया, जो कि धारा 324 आईपीसी के तहत दंडनीय नॉन कंपाउंडेबल अपराध है।जस्टिस अनूप चितकारा की पीठ ने कहा कि समझौते को अस्वीकार करने से दुर्भावना हो सकती है। इसके अलावा, मुकदमे के लंबित रहने से करियर और खुशी प्रभावित हो सकती है।जेएमआईसी जालंधर के समक्ष याचिकाकर्ता के अनुरोध के बाद मामला सामने आया, जिसमें कहा गया था कि अगर अदालत इस...
[बिहार में शराबबंदी] पटना हाईकोर्ट ने शराब सिंडिकेट की संपत्ति जब्त नहीं करने पर आयकर विभाग को फटकार लगाई
पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) ने सोमवार को बिहार में शराबबंदी कानून के बावजूद बड़ी मात्रा में शराबी की बरामदगी मामले में आयकर विभाग को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि शराब सिंडिकेट के पास आखिर पैसा कहां से आता है? इसकी जांच कौन करेगा?न्यायमूर्ति संदीप कुमार (Justice Sandeep Kumar) की एकलपीठ ने कहा कि ऊपर-ऊपर जांच कर लेने से काम नहीं चलेगा। आखिर शुरुआती दौर में किसी के पास पैसा कहां से आता है? इसकी जांच की जाए और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। एकल पीठ गंगाराम नाम के एक व्यक्ति की अग्रिम जमानत याचिका...
अनुकंपा नियुक्ति अप्रत्याशित लाभ की स्थिति नहीं, अधिकार के रूप में दावा नहीं कर सकते: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने हाल ही में अनुकंपा नियुक्तियों (Compassionate Appointment) से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विचार करते हुए कहा कि अनुकंपा नियुक्तियों का कोई सामान्य या निहित अधिकार नहीं है और इसे अप्रत्याशित लाभ की स्थिति (Bonanza) के रूप में नहीं माना जा सकता है।यह टिप्पणी न्यायमूर्ति एस पी केसरवानी और न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की पीठ ने एकल न्यायाधीश के फैसले को चुनौती देने वाले इकबाल खान द्वारा दायर एक विशेष अपील को खारिज करते हुए की।क्या है पूरा मामला?याचिकाकर्ता-इकबाल...
गुजरात हाईकोर्ट ने गुजरात विद्यापीठ यूनिवर्सिटी के कुलपति को हटाने पर रोक लगाई
गुजरात हाईकोर्ट ने यूनिवर्सिटी अनुदान आयोग द्वारा नवंबर, 2021 में लिए गए निर्णय के अनुसार गुजरात विद्यापीठ (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) अहमदाबाद के कुलपति को हटाने पर रोक लगा दी। उक्त आदेश में कुलाधिपति को याचिकाकर्ता-कुलपति को हटाने का निर्देश दिया गया है।याचिकाकर्ता ने यूजीसी के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि निष्कासन यूजीसी (विश्वविद्यालयों के लिए संस्थान) विनियम, 2019 के विनियमन 10.12.2.ई का उल्लंघन है।हाईकोर्ट का ध्यान नवंबर 2021 में आयोजित...
जब वादी की दलीलों से पता चलता है कि मुकदमा समय बाधित है, तब बिना मुकदमा चलाए उसे खारिज किया जा सकता हैः दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि जब वादी की दलीलों से पता चलता है कि मुकदमा समय बाधित है, तब ट्रायल कोर्ट पर उसी आधार पर, बिना मुकदमा चलाए, मुकदमे को खारिज करने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। जस्टिस सी हरि शंकर ने अपीलकर्ता (मूल वादी) की इस दलील को खारिज कर दिया कि परिसीमा को, तथ्य और कानून का मिश्रित प्रश्न होने के कारण ट्रायल के बाद ही तय किया जाना चाहिए था। पीठ एक मार्ग संबंधित विवाद का निस्तारण कर रही थी, जो अपीलकर्ता के अनुसार, उसके स्वामित्व वाली संपत्ति के साथ-साथ अन्य आस-पास के भूखंडों में प्रवेश...
निवास स्थान/अधिवास के आधार पर सार्वजनिक रोजगार से इनकार नहीं कर सकते: केरल हाईकोर्ट ने दोहराया
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि किसी उम्मीदवार को केवल इस आधार पर सार्वजनिक रोज़गार (नौकरी) से वंचित नहीं किया जा सकता कि वह किसी विशेष स्थान की निवासी या अधिवास नहीं है।जस्टिस वी.जी. अरुण ने ऐसा निर्णय देते हुए एक प्रस्ताव को रद्द कर दिया और घोषणा की कि पंचायत सबसे मेधावी उम्मीदवार को इस कारण से नियुक्ति से इनकार नहीं कर सकती कि वह पंचायत की निवासी नहीं है।उन्होंने कहा,"कानूनी स्थिति कि किसी उम्मीदवार के निवास स्थान या अधिवास के आधार पर सार्वजनिक रोजगारी (नौकरी) में भेदभाव नहीं हो सकता है, अब...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बलात्कार के आरोपी को पत्नी की देखभाल करने और घर की मरम्मत के लिए अस्थाई जमानत दी
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (Madhya Pradesh High Court), ग्वालियर खंडपीठ ने मंगलवार को एक बलात्कार के आरोपी को अपनी घायल पत्नी की देखभाल करने और अपने घर की मरम्मत के लिए 45 दिनों के लिए अस्थायी जमानत दी।जस्टिस जीएस अहलूवालिया आईपीसी की धारा 376 (डी) और 304/34 के तहत दंडनीय अपराधों के लिए आवेदक आरोपी द्वारा दायर की गई चौथी जमानत याचिका पर विचार कर रहे थे।आवेदक ने प्रस्तुत किया कि डीएनए टेस्ट रिपोर्ट में, उसका डीएनए प्रोफाइल अभियोजन पक्ष के आपत्तिजनक लेखों में पाया गया। डीएनए टेस्ट रिपोर्ट संदिग्ध...
दिल्ली हाईकोर्ट ने निजी विदेशी यात्राओं के लिए सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जजों को राजनीतिक मंजूरी लेने के विदेश मंत्रालय के फैसले को खारिज किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने विदेश मंत्रालय की ओर से 13 जुलाई, 2021 को जारी एक ऑफिस मेमोरेंडम को उस सीमा तक रद्द कर दिया, जिसके तहत सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्टों के जजों को निजी विदेश यात्राओं के लिए राजनीतिक मंजूरी लेने की जरूरत थी।जस्टिस राजीव शकधर और जस्टिस जसमीत सिंह की खंडपीठ ने कहा, "जहां तक 13.07.2021 के ऑफिस मेमोरेंडम में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्टों के जजों को निजी विदेशी यात्राओं के लिए राजनीतिक मंजूरी लेने की आवश्यकता है, यह अनावश्यक है, क्योंकि वे उच्च पदों पर हैं, विशेष रूप से इस तथ्य को देखते...






![[बीरभूम नरसंहार] कलकत्ता हाईकोर्ट ने सीबीआई रिपोर्ट को रिकॉर्ड में लिया, टीएमसी नेता भादु शेख की हत्या में सीबीआई जांच की मांग करने वाली याचिका में आदेश सुरक्षित रखा [बीरभूम नरसंहार] कलकत्ता हाईकोर्ट ने सीबीआई रिपोर्ट को रिकॉर्ड में लिया, टीएमसी नेता भादु शेख की हत्या में सीबीआई जांच की मांग करने वाली याचिका में आदेश सुरक्षित रखा](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2022/04/07/500x300_414196-413054-birbhum-massacre-calcutta-high-court-cbi.jpg)





![[बिहार में शराबबंदी] पटना हाईकोर्ट ने शराब सिंडिकेट की संपत्ति जब्त नहीं करने पर आयकर विभाग को फटकार लगाई [बिहार में शराबबंदी] पटना हाईकोर्ट ने शराब सिंडिकेट की संपत्ति जब्त नहीं करने पर आयकर विभाग को फटकार लगाई](https://hindi.livelaw.in/h-upload/uid/500x300_20808up1Na5yyDw2xayVNHtc0EPX4YB9wZDPW4036582.jpg)



