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हाईकोर्ट ने वक्फ बोर्ड के कामकाज के संबंध में जवाब दाखिल करने के लिए दिल्ली सरकार को दिया गया समय बढ़ाया
हाईकोर्ट ने वक्फ बोर्ड के कामकाज के संबंध में जवाब दाखिल करने के लिए दिल्ली सरकार को दिया गया समय बढ़ाया

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली वक्फ बोर्ड के कामकाज और उसके सहायता अनुदान को जारी करने के संबंध में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए दिल्ली सरकार को दिया गया समय बढ़ा दिया है।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने फरवरी में इस मामले में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए 27 अप्रैल तक का समय दिया था। कोर्ट ने यह समय यह देखते हुए दिया था कि दिल्ली वक्फ बोर्ड अपने कामकाज में विभिन्न बाधाओं का सामना कर रहा है।जबकि मामला अनुपालन के लिए सूचीबद्ध किया गया था, दिल्ली सरकार ने कोर्ट में कहा कि पैनल के वकील में बदलाव किया...

Writ Of Habeas Corpus Will Not Lie When Adoptive Mother Seeks Child
'पत्नी के धैर्य को कमजोरी या झूठी कहानी गढ़ने की कोशिश न समझें': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने के आरोपी पति की जमानत रद्द की

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, ग्वालियर बेंच ने हाल ही में अपनी पत्नी के साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने के आरोपी एक व्यक्ति की जमानत रद्द कर दी। अदालत ने कहा कि निचली अदालत ने आरोपी/पति को अग्रिम जमानत देते समय आवेदक/पत्नी की ओर से भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के तहत अपराध के खुलासे में देरी करने को आधार बनाया था,जो अनुचित है। वहीं आसपास के हालात पर विचार किए बिना ही इस देरी को जमानत देने का आधार बना दिया गया। जमानत रद्द करने की अर्जी पर फैसला सुनाते हुए जस्टिस जीएस अहलूवालिया ने कहा- ''यह अदालत इस...

दिल्ली हाईकोर्ट, दिल्ली
मुवक्किल के लिए पेश होने वाले हर वकील को निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा, अपने मुवक्किल की ओर से पेश होने वाले हर वकील को निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार है, चाहे शिकायतकर्ता कोई भी हो।"जस्टिस तलवंत सिंह सात आरोपी व्यक्तियों द्वारा सीधे हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। याचिका में दावा किया गया कि चूंकि शिकायतकर्ता एक वकील है, इसलिए जिला न्यायालय के समक्ष निष्पक्ष सुनवाई संभव नहीं है, क्योंकि उनके वकीलों को बहस के दौरान परेशान किया जा सकता है।हालांकि, अदालत में मौजूद शिकायतकर्ता ने पीठ को आश्वासन दिया...

हनुमान चालीसा विवाद: सांसद नवनीत राणा और विधायक रवि राणा के खिलाफ गैर-जमानती वारंट के लिए मुंबई पुलिस की याचिका पर विशेष अदालत ने नोटिस जारी किया
हनुमान चालीसा विवाद: सांसद नवनीत राणा और विधायक रवि राणा के खिलाफ गैर-जमानती वारंट के लिए मुंबई पुलिस की याचिका पर विशेष अदालत ने नोटिस जारी किया

विशेष अदालत ने सोमवार को सांसद नवनीत राणा और विधायक रवि राणा को मुंबई पुलिस की उस याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें जमानत की शर्तों के कथित उल्लंघन के लिए उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने की मांग की गई।मुख्यमंत्री के निजी आवास के बाहर जबरदस्ती हनुमान चालीसा पढ़ने की उनकी मांग को लेकर 23 अप्रैल को देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया था। उन्हें चार मई को जमानत मिली थी।अभियोजन पक्ष ने सोमवार को आरोप लगाया कि मीडिया से बात करके और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ आरोप लगाकर दोनों ने...

बच्चे को सीधे बायोलॉजिकल पैरेंट्स से गोद लेना किशोर न्याय अधिनियम की धारा 80 के तहत अपराध नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट
बच्चे को सीधे बायोलॉजिकल पैरेंट्स से गोद लेना किशोर न्याय अधिनियम की धारा 80 के तहत अपराध नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि बच्चे को सीधे बायोलॉजिकल पैरेंट्स से गोद लेना किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 (जेजे एक्ट) की धारा 80 के तहत अपराध नहीं है।जेजे अधिनियम की धारा 80 के तहत प्रदान किए गए प्रावधानों या प्रक्रियाओं का पालन किए बिना किसी भी अनाथ, परित्यक्त या आत्मसमर्पण करने वाले बच्चे को गोद लेने के लिए दंड प्रदान करती है।जस्टिस हेमंत चंदनगौदर की एकल पीठ ने दो जोड़ों द्वारा दायर याचिका को स्वीकार कर लिया और अधिनियम के तहत उनके खिलाफ शुरू की गई कार्यवाही को रद्द कर...

[जयेशभाई जोरदार] फिल्म यह प्रदर्शित नहीं कर सकती है कि जन्म पूर्व लिंग-निर्धारण तकनीक बिना किसी रूकावट के उपलब्ध हैं: दिल्ली हाईकोर्ट
[जयेशभाई जोरदार] फिल्म यह प्रदर्शित नहीं कर सकती है कि जन्म पूर्व लिंग-निर्धारण तकनीक बिना किसी रूकावट के उपलब्ध हैं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने कहा कि रणवीर सिंह अभिनीत यशराज फिल्म "जयेशभाई जोरदार" कन्या भ्रूण हत्या पर आधारित है। इसका उद्देश्य समाज को एक अच्छा संदेश देना है। लेकिन इसके ट्रेलर में जन्म पूर्व लिंग-निर्धारण तकनीक (जो निषिद्ध हैं) बिना किसी रूकावट के उपलब्ध हैं।यूथ अगेंस्ट क्राइम नामक एक गैर सरकारी संगठन द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति नवीन चावला की पीठ ने कहा,"ट्रेलर में यह दिखाने के लिए कुछ भी नहीं है कि महिला को गुपचुप...

गुजरात हाईकोर्ट
मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम की धारा 9 के तहत अंतरिम राहत किसी तीसरे पक्ष के खिलाफ तब तक नहीं दी जा सकती जब तक कि मध्यस्थता समझौते के लिए एक पक्ष के तहत दावा नहीं किया जाता: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट (Gujarat High Court) ने कहा कि किसी तीसरे पक्ष को मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम की धारा 9 के तहत अंतरिम राहत के लिए एक पक्ष के रूप में शामिल नहीं किया जा सकता है, जब तक कि यह एक पक्ष के तहत मध्यस्थता समझौते के लिए दावा नहीं कर रहा है।जस्टिस एन.वी.अंजारिया और जस्टिस समीर जे.दवे की खंडपीठ ने कहा कि मध्यस्थता अधिनियम के तहत उपाय मध्यस्थता समझौते के पक्षों के बीच है, इसलिए, तीसरे पक्ष को धारा 9 की कार्यवाही से कोई सरोकार नहीं है और न ही तीसरे पक्ष को शामिल करने का उक्त प्रावधान मान्यता...

मद्रास हाईकोर्ट
कानून किसी व्यक्ति को स्वीकार और अस्वीकार, दोनों की अनुमति नहीं देता, पार्टी एक ही साधन को स्वीकार और अस्वीकार नहीं सकती: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में अनुमोदन (Approbate) और अस्वीकार (Reprobate) के कानूनी सिद्धांत की व्याख्या किया और कहा कि चुनाव के कानून की नींव यह है कि कोई व्यक्ति एक ही साधन को स्वीकार और अस्वीकार नहीं कर सकता है।जस्टिस आनंद वेंकटेश ने कहा कि किसी व्यक्ति को एक अनुकूल आदेश प्राप्त करने के लिए एक दस्तावेज पर कार्रवाई करने, उसके बाद दस्तावेज को अस्वीकार करने, और संपत्ति का सौदा जारी रखने के लिए न्यायिक या अर्ध-न्यायिक फोरम बनाने की अनुमति नहीं दी जा सकती है । एक सक्षम सिविल कोर्ट ऐसे बेईमान आचरण...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मथुरा के डीएम के खिलाफ उनके द्वारा दायर अनुपालन हलफनामे के मद्देनजर जारी गैर-जमानती वारंट आदेश वापस लिए
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मथुरा के डीएम के खिलाफ उनके द्वारा दायर अनुपालन हलफनामे के मद्देनजर जारी गैर-जमानती वारंट आदेश वापस लिए

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने कोर्ट के आदेश का पालन न करने पर दायर अवमानना याचिका के मामले में मथुरा के जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने के अपने आदेश को वापस ले लिया है।आदेश को वापस लेने के बाद डीएम ने एक हलफनामा दायर किया जिसमें कहा गया था कि उन्होंने अदालत के आदेश का पालन किया है।जस्टिस सरल श्रीवास्तव की खंडपीठ ने 26 अप्रैल को वारंट जारी किया था और अदालत के सितंबर 2021 के आदेश का 'अनादर' करने के लिए पुलिस को 12 मई को चहल को अदालत के समक्ष पेश करने का...

नैतिकता और धार्मिक बेडियों के साथ रूढ़िवादी समाज से व्यक्तिगत जीवन को महत्व देने वाले समाज में जाने का समय: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने लिव-इन कपल को सुरक्षा दी
नैतिकता और धार्मिक बेडियों के साथ रूढ़िवादी समाज से व्यक्तिगत जीवन को महत्व देने वाले समाज में जाने का समय: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने लिव-इन कपल को सुरक्षा दी

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में लिव-इन कपल द्वारा दायर सुरक्षा याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा,हमेशा विकसित होते समाज में इसके लिए कानून बनाने की जरूरत है। साथ ही यह समय रूढ़िवादी समाज से इस परिप्रेक्ष्य को स्थानांतरित करने का है कि व्यक्ति का जीवन सबसे ऊपर है, जो धर्मों द्वारा समर्थित नैतिकता के मजबूत धागों से बंधे हैं।"अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि समय तेजी से बदल रहा है। यहां तक ​​कि वे देश भी हमसे आगे निकल गए हैं, जो हमसे पीछे छूट गए थे और पुराने लोकाचार और रूढ़िवादी सामाजिक परिवेश से...

क्या ताजमहल तेजो महालय है? इलाहाबाद हाईकोर्ट में यह सुनिश्चित करने के लिए फेक्ट-फाइंडिंग कमेटी के गठन की मांग वाली याचिका दायर
क्या ताजमहल 'तेजो महालय' है? इलाहाबाद हाईकोर्ट में यह सुनिश्चित करने के लिए फेक्ट-फाइंडिंग कमेटी के गठन की मांग वाली याचिका दायर

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) की लखनऊ पीठ के समक्ष एक याचिका दायर कर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को ताजमहल परिसर के अंदर 20 से अधिक कमरों के सीलबंद दरवाजों को खोलने का निर्देश देने की मांग की गई है ताकि ताजमहल के इतिहास से संबंधित कथित विवाद" को हल किया जा सके।रजनीश सिंह नाम के व्यक्ति द्वारा दायर याचिका में सरकार को 'ताजमहल के वास्तविक इतिहास' के अध्ययन और प्रकाशन के लिए एक फेक्ट-फाइंडिग कमेटी का गठन करने और इसके आसपास के विवाद को खत्म करने का निर्देश देने की मांग की गई...

दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को छह सप्ताह के भीतर दिल्ली और मुंबई में सेंट्रल एक्साइज एंड सर्विस टैक्स सेटलमेंट कमिशन में रिक्त पदों को भरने का निर्देश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को छह सप्ताह के भीतर दिल्ली और मुंबई में सेंट्रल एक्साइज एंड सर्विस टैक्स सेटलमेंट कमिशन में रिक्त पदों को भरने का निर्देश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को सेंट्रल एक्साइज एंड सर्विस टैक्स सेटलमेंट कमिशन, दिल्ली में प्रिंसिपल बेंच के अध्यक्ष और सदस्य को नियुक्त करने और छह सप्ताह की अवधि के भीतर मुंबई में अतिरिक्त पीठ के लिए वाइस प्रेसिडेंट और सदस्य की नियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।चीफ जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस नवीन चावला की खंडपीठ ने केंद्र को चेन्नई और कोलकाता की बेंच के लिए वाइस प्रेसिडेंट और अन्य सदस्यों की नियुक्ति के पहलू की जांच करने का भी निर्देश दिया।कोर्ट ने कहा,"हम आशा और उम्मीद करते हैं...

दिल्ली हाईकोर्ट, दिल्ली
दिल्ली हाईकोर्ट ने पिता को मुलाकात का अधिकार देने के आदेश पर पुनर्विचार की मांग वाली याचिका को खारिज किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में एक पुनर्विचार याचिका को खारिज किया, जिसमें पिता को मुलाकात के अधिकार देने, अगर वह एक ही इमारत में रहता है, के आदेश को चुनौती देने की मांग की गई थी।जस्टिस कामेश्वर राव ने कहा,"किसी भी स्थिति में इस न्यायालय ने 28 अक्टूबर, 2021 के ट्रायल कोर्ट के आक्षेपित आदेश को संशोधित करते हुए, इस तथ्य को नोट किया था कि नाबालिग बच्चे की उम्र तीन साल से कम है और इस तथ्य से इनकार नहीं है कि अंततः मुलाकात का अधिकार देते समय, बच्चे का हित है, जो सर्वोपरि है। मुझे याचिका पर विचार करने...

राष्ट्रपति ने जज नोंगमीकापम कोटेश्वर सिंह को गुवाहाटी हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस के रूप में नियुक्त किया
राष्ट्रपति ने जज नोंगमीकापम कोटेश्वर सिंह को गुवाहाटी हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस के रूप में नियुक्त किया

राष्ट्रपति ने गुवाहाटी हाईकोर्ट के सीनियर जस्टिस, जज नोंगमीकापम कोतिस्वर सिंह को हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस के रूप में नियुक्त किया है। जस्टिस सिंह गुवाहाटी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस जज सुधांशु धूलिया की सेवानिवृत्ति की तारीख से पदभार संभालेंगे।केंद्र सरकार ने गुवाहाटी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुधांशु धूलिया को सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में नियुक्ति करने की अधिसूचना जारी की है।इस संबंध में जारी अधिसूचना में कहा गया:"भारत के संविधान के अनुच्छेद 223 द्वारा प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए...

जहांगीरपुरी हिंसा | स्थानीय पुलिस बिना अनुमति के निकाले गए जुलूस को रोकने में विफल: दिल्ली कोर्ट ने आठ लोगों को जमानत देने से इनकार किया
जहांगीरपुरी हिंसा | "स्थानीय पुलिस बिना अनुमति के निकाले गए जुलूस को रोकने में विफल": दिल्ली कोर्ट ने आठ लोगों को जमानत देने से इनकार किया

दिल्ली की एक अदालत ने पिछले महीने शहर के जहांगीरपुरी इलाके में हनुमान जयंती जुलूस के दौरान हुई झड़पों के सिलसिले में आठ आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया।रोहिणी कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गगनदीप सिंह ने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला यह दर्शाता है कि बिना अनुमति के निकाले गए उक्त जुलूस को रोकने में स्थानीय पुलिस की ओर से पूरी तरह से विफलता थी।न्यायाधीश ने कहा,"ऐसा लगता है कि इस मुद्दे को वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा आसानी से दरकिनार कर दिया गया। संबंधित अधिकारियों की ओर से दायित्व तय करने की...

अनुचित व्यापार व्यवहार: कंज्यूमर फोरम ने हैंडबैग निर्माता को कंपनी ब्रांडिंग के साथ कैरी बैग के लिए 20 रुपए चार्ज करने के पर 38 हजार रुपए भुगतान करने के निर्देश दिए
'अनुचित व्यापार व्यवहार': कंज्यूमर फोरम ने हैंडबैग निर्माता को कंपनी ब्रांडिंग के साथ कैरी बैग के लिए 20 रुपए चार्ज करने के पर 38 हजार रुपए भुगतान करने के निर्देश दिए

बांद्रा में एक जिला उपभोक्ता मंच ने हैंडबैग निर्माता ESBEDA को कंपनी ब्रांडिंग के साथ कैरी बैग के लिए 20 रुपए चार्ज करने के पर 38 हजार रुपए भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।ESBEDA (इनटच लेदर हाउस प्राइवेट लिमिटेड) को शिकायतकर्ता रीमा चावला को राशि का 13,000 रुपये, कैरी बैग के लिए चार्ज किए गए 20 रुपये वापस करने और उपभोक्ता कल्याण कोष को 25,000 रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया गया है।अध्यक्ष आरजी वानखाड़े और सदस्य एसवी कलाल के पैनल ने मामले का एकतरफा फैसला किया।इस प्रैक्टिस को ग्राहकों का शोषण...

Writ Of Habeas Corpus Will Not Lie When Adoptive Mother Seeks Child
'कठोर परिणाम हो सकते हैं': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एमपीपीएससी परीक्षा में राज्य सरकार पर केंद्र के डेटा को महत्व देते हुए एकल पीठ के आदेश पर रोक लगाई

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (Madhya Pradesh High Court) ने हाल ही में एक रिट कोर्ट द्वारा पारित आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें उसने राज्य सरकार के डेटा को प्राथमिकता दी थी, जिसमें मध्य प्रदेश लोक सेवा परीक्षा में वन कवर के प्रतिशत के संबंध में पूछे गए प्रश्न का सही उत्तर तय करने के लिए था।एकल पीठ का निर्णय इस तर्क पर आधारित था कि चूंकि प्रश्न वन से संबंधित था, जो समवर्ती सूची का विषय है, वन पर भारत सरकार के डेटा को राज्य सरकार की तुलना में अधिक महत्व दिया जाएगा।अपीलकर्ता / राज्य द्वारा उठाए गए तर्कों के...

दिल्ली हाईकोर्ट, दिल्ली
यदि अनुबंध नियोक्ता द्वारा बढ़ाया जाता है तो इसे पूर्वव्यापी रूप से विस्तार की अवधि को कम करने की अनुमति नहीं दी जा सकती: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने व्यवस्था दी है कि जब नियोक्ता ने ठेकेदार को एक निर्दिष्ट अवधि के लिए समय का विस्तार दिया है, तो वह यह तर्क नहीं दे सकता कि विस्तार केवल अस्थायी था और इसे उन दिनों की संख्या को फिर से निर्धारित करने या कम करने की अनुमति है जिसका करार किया गया था।न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा की एकल पीठ ने माना है कि एक बार नियोक्ता द्वारा अनुबंध की अवधि बढ़ा दी गई है, तो इसे विस्तार की अवधि को पूर्वव्यापी रूप से कम करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।तथ्यपार्टियों ने जेएलएन मार्ग, मिंटो रोड, नई दिल्ली...